>>: जैसलमेर-बाड़मेर तो भूल जाएंगे जब राजस्थान के इस जिले में पानी की कीमत जानेंगे...50 रुपए में एक ड्रम!

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-महंगा पानी खरीदने को मजबूर भरतपुरवासी
-भडक़े लोग, जाम-प्रदर्शन कर निकाली भड़ास


भरतपुर. मरूप्रदेश राजस्थान (Rajasthan) में पिछले दशको में आए अकाल पर कई किताबें लिखी गईं और फिल्में तैयार हुईं। प्रदेश में अब अकाल तो नहीं हैं लेकिन वर्तमान के हाल काबिलेगौर जरूर हैं। जैसलमेर और बाड़मेर में पानी का कमी तो बार-बार सुनने में आती है लेकिन प्रदेश के पूर्वी द्वार भरतपुर में पेयजल किल्लत के हाल इतने विकट हैं कि लोगों को पचास-पचास रुपए में एक-एक ड्रम पानी की खरीदनेे को विवश होना पड़ रहा है।


भरतपुर के पहाड़ी इलाके में 8 दिनों में भी मात्र 10 मिनट पानी की सरकारी सप्लाई से गहराए पेयजल संकट ने लोगों को मुखर कर दिया। बढ़ती गर्मी के साथ कस्बे में बिगड़ती पेयजल व्यवस्था को लेकर कस्बे में लोगों का गुस्सा फूटने लगा। सैकड़ों महिलाओं व युवाओं ने पहाड़ी- फिरोजपुर झिरका मार्ग के जलदाय कार्यालय के सामने जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। घंटों तक यहां यातायात जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने अच्छा खासा ध्यान खींचा।


पेयजल सप्लाई न मिलने के चलते कस्वेवासियों में गुस्सा है। जिन मोहल्लों में सप्लाई मिलती है उनको भी 7 से 8 दिनों में 10 से 15 मिनट पेयजल सप्लाई मिल पाती है। वहीं जाटव, प्रजापत, हरिजन मोहल्लों में तो सप्लाई महीनों से नहीं मिल रही है। लोग टैंकरों से 50 रुपए में मात्र 1 ड्रम पानी खरीद अपनी प्यास बुझा रहे हैं।


लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी में करोड़ों रुपए पेयजल के नाम से मंजूर किया जाते हैं जो कि कागजों में सप्लाई कर खानापूर्ति कर हजम कर लिया जाते हैं। सैकड़ों महिला व युवा उपखंड कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन कर तहसीलदार अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपकर समस्या के बारे में विस्तार से अवगत कराया।


आरोप है कि उधर गर्मी के मौसम में जहां जनता के लिए पेयजल नही मिल रहा है वहीं सीएचसी की पुरानी बिल्डिंग के सामने मेन लाइन में लगे वाल से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।

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