देवगढ़/अजमेर. प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की कुछ स्थानों पर की जाने वाली ट्रेन जर्नी यादगार होगी। आने वाले समय में पर्यटक कांच लगे ट्रेन कोच में गोरमघाट और कमली घाट की मनोहर वादियों को देख सकेंगे। रेलवे इस क्षेत्र में विरासत को सहेजने की तैयारी कर रहा है। रेलवे की ओर से देवगढ़ से मारवाड़ के बीच 52.08 किलोमीटर के ट्रेक को संरक्षित किया जाएगा। इसके सिग्नल सहित अन्य प्रणाली को भी संजो कर रखा जाएगा। रेलवे के स्तर पर अगले चार माह में इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने की तैयारी की जा रही है।
वादियों का दिखेगा मनोहारी नजारा
मीटर गेज ट्रैक पर कमली घाट, गोरमघाट तक मनोहारी छटा है। बारिश के समय यहां झरने बहते हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। इसलिए रेलवे की ओर से इसे संरक्षित रखा जाएगा। सीनियर डीसीएम विवेक रावत ने बताया कि यहां रेलबस चलाई जाएगी। डीजल इंजन को स्टीम इंजन का आकार देकर यहां पांच डिब्बों की ट्रेन चलाई जाएगी। स्कूलों के ग्रुप और सैलानियों की आवश्यकता अनुसार उन्हें रेलबस में सफर कराया जाएगा। लोग रेलबस को बुक भी करा सकेंगे।
पारंपरिक सिग्नल रहेंगे
एडीआरएम संजीव कुमार ने बताया कि यहां सिग्नल सहित रेलवे के सभी सिस्टम को संरक्षित रखा जाएगा। ताकि लोग सुंदर वादियों के साथ-साथ रेलवे की विरासत भी देख सकें।
मावली से देवगढ़ का बदलेगा ट्रैक
रेलवे द्वारा मावली-मारवाड़ के 108.5 किलोमीटर के मीटरगेज ट्रैक का आमान परिवर्तन किया जाना है। इसके तहत मावली से देवगढ़ तक आमान परिवर्तन किया जाएगा। मावली से प्रारंभ होकर यह लाइन थामाला मोगाना, नाथद्वारा, कांकरोली, कुनारिया, चारभुजा रोड होते हुए देवगढ़ तक जाएगी। देवगढ़ से मारवाड़ तक की लाइन को मीटरगेज ही रखा जाएगा। इस ट्रैक पर विस्टाडोम कोच और रेल बस से सैर कराई जाएगी।
ऐसा होगा कोच
विस्टाडोम कोच विशेष प्रकार के टूरिस्ट कोच होते हैं। जिनकी ग्लास की बड़ी खिड़कियां होती हैं। छत भी पारदर्शी होती है। विस्टाडोम पहाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेन में लगाए जाते हैं। जिनका किराया सामान्य दर से अपेक्षाकृत अधिक होता है। इनमें एक छोर पर बड़ी खिड़की के साथ ऑब्जर्वेट्री लाउंज भी होता है। जहां से सैलानी ट्रेन जर्नी के दौरान चारों ओर का नजारा देख सकते हैं।
विरासत को सहेजने के साथ विकास भी कर रहे हैं। गोरमघाट में लाइन मीटरगेज की ही रखी जाएगी। विस्टाडोम कोच और रेल बस में लोगों को मनोहारी वादियों का सफर कराएंगे।
राजीव धनखड़, डीआरएम अजमेर