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वीडियो : नागौर की बेटी कैसे बनी आईएएस, पढ़िए पूरी रिपोर्ट Tuesday 30 May 2023 06:45 AM UTC+00 नागौर. संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2022 में 381वीं रैंक प्राप्त करने वाली नागौर के मेड़ता सिटी की बेटी मुदिता शर्मा ने डॉक्टर बनने के बाद आईएएस की तैयारी शुरू की और सफल हुई। सोमवार को नागौर आई मुदिता से राजस्थान पत्रिका ने विशेष बातचीत की, जिसमें उन्होंने खुलकर सवालों के जवाब दिए और बताया कि आज के जमाने में लड़कियों को मौका मिले तो बेटियां, बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। नवीं से कॉलेज तक सरकारी स्कूल में पढ़ी मुदिता कहती हैं कि परिवारजनों का सपोर्ट मिले तो सफलता कहीं से भी पढकऱ प्राप्त की जा सकती है। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश - पत्रिका : आपने आईएएस बनने का सफर कैसे तय किया? पत्रिका : आपने किन परिस्थितियों का सामना करके तैयारी की? पत्रिका : आज भी हमारे समाज में बेटियों को पढऩे के लिए बाहर भेजने में अभिभावक हिचकिचाते हैं, जिसकी वजह से बेटियां चाहते हुए भी अपनी पढ़ाई नहीं कर पाती हैं, आपका क्या कहना है? पत्रिका : आपकी स्कूली शिक्षा सरकारी विद्यालय से ही हुई। आजकल सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों की धारणा बदल गई है, क्या कहना चाहेंगी? पत्रिका : प्रशासनिक सेवा में आने के बाद ऐसे काम हैं, जो आप करना चाहती है? पत्रिका : प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को क्या कहना चाहेंगी? मुदिता : अपनी क्षमताओं को पहचानें और किसी के दबाव में आकर कोई निर्णय न लें। आपका परिवार नहीं समझ रहा है तो पहले उन्हें समझाने का प्रयास करें। एक बार आपने केरियर को लेकर कोई निर्णय ले लिया है तो फिर उससे पीछे नहीं हटें। क्योंकि कोई भी सफलता मेहनत और संघर्ष मांगती है। मैं हमेशा कवि हरिवंशराय बच्चन की कविता की ये पक्तियां बोलती हूं कि - जब नाव जल में छोड़ दी, तूफ़ान में ही मोड़ दी पत्रिका : पत्रिका के पाठकों के लिए कोई संदेश देना चाहती हैं। |
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