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क्लेम से बचने के लिए बीमा कम्पनी ने बदल दिया फसल खराबे का सर्वे फॉर्म, पढि़ए पूरे फर्जीवाड़े की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट Saturday 06 May 2023 06:38 AM UTC+00 नागौर. फसलों का बीमा करने वाली रिलायंस इंश्योरेंस कम्पनी किसानों को क्लेम देने से बचने के लिए अब दस्तावेजों में हेराफेरी करने लगी है। हालांकि फसल खराबे की सूचना देने व सर्वे के बावजूद किसानों को नाम मात्र का क्लेम देने के कई मामले पहले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब एक ऐसी हेराफेरी सामने आई है, जिसमें कम्पनी के साथ कृषि विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर भी मिलीभगत का संदेह है। इस हेराफेरी का भंडाफोड़ भी जाने-अनजाने खुद कम्पनी के अधिकारी से हुआ है। दरअसल, नागौर जिले की खींवसर तहसील क्षेत्र के डेहरू गांव निवासी बीमित किसान परसाराम ने फसल खराबा होने पर कम्पनी को सूचना दी, जिस पर कम्पनी के सर्वेयर देवेन्द्र ने 25 सितम्बर 2021 को खेत पर पहुंचकर तत्कालीन कृषि पर्यवेक्षक गोविन्द्रराम व किसान की मौजूदगी में सर्वे किया और 4 हैक्टेयर जमीन में बोई गई मूंग की फसल में 87 प्रतिशत नुकसान मानते हुए सर्वे फॉर्म में दर्ज किया। सर्वे फॉर्म पर तीनों के हस्ताक्षर भी हैं, जिसकी कॉपी किसान के पास है। वर्ष 2022 में जब खरीफ-2021 का क्लेम जारी किया गया तो परसाराम का नाम नहीं था। परसाराम ने कई बार कृषि विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन उचित जवाब नहीं मिला। इस पर किसान ने आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी तो कंपनी ने 39 हजार रुपए का क्लेम डालकर एक फर्जी सर्वे फॉर्म भरकर आरटीआई का जवाब देते हुए बताया कि नुकसान के अनुसार क्लेम जारी कर दिया है। जानिए, क्या किया फर्जीवाड़ा ![]() ![]() पहले कहा - नो क्लेम, फिर 39 हजार डाले मेरे हस्ताक्षर नहीं है कम्पनी की सरासर बेईमानी |
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