>>: Digest for May 07, 2023

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IMD alert : राजस्थान के अधिकतर जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है, ऐसे में अगले 48 घंटों के भीतर तापमान उछाल मारेगा। मौसम विभाग की माते तो 7 मई से राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा, ऐसे में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। संभावना है कि सप्ताहभर में दिन का तापमान 45 डिग्री को पार कर जाएगा और लू चलेगी। वैसे भी इस बार नौ तपा में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।

40 के पार पहुंचा तापमान
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो राजस्थान के अधिकतर स्थानों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। बाड़मेर 40.1 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो फलौदी 29.2 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे आगे रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि दो दिन के भीतर रात का तापमान भी 33 डिग्री के पार पहुंच सकता है। ऐसे में रात को भी गर्मी का अहसास होने लगेगा।

यहां किसी भी समय बारिश
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार आंधी-बारिश की गतिविधियों में आगामी 24 घंटों बाद कमी होगी और 7 मई से राज्य के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। इससे पहले 6 मई को चूरू, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में किसी भी समय हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आगामी 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं 8 व 9 मई के दौरान कुछ भागों में अधिकतम तापमान 40-43 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने की संभावना है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ इलाकों में रेकाॅर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी।

पिछले साल भी ऐसा ही था मौसम का मिजाज
मौसम में बदलाव की बात करें तो पिछले साल भी इन दिनों पश्चिमी विक्षोभ का जोर रहा था और 7 मई के बाद गर्मी ने रंग दिखाया था। पिछले साल मई के पहले पखवाड़े में ही लू का आरेंज अलर्ट जारी हो गया था. जिसके बाद भीषण गर्मी का दौर चला। इस बार भी यदि आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ नहीं आएगा तो लू के साथ रेकाॅर्ड तोड़ गर्मी की संभावना जताई जा रही है।

पाली शहर के सुमेरपुर रोड स्थित केशव नगर के सेंचुरी गार्डन के मैरिज हॉल के सीवरेज हौद की सफाई के दौरान बीती रात तीन युवकों की मौत हो गई। एक युवक को बचा लिया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। शवों को सुबह 4 बजे बाहर निकलवाकर बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 10 बजे पांच सफाईकर्मी मैरिज गार्डन के सीवरेज हौद की सफाई करने पहुंचे थे। होद की शादी समारोह के वेस्ट (खाने) से भरा हुआ था। इनमें से 4 युवक हौद में उतरे हुए थे और एक युवक रस्सा लेकर बाहर खड़ा था। जैसे ही वे हौद की गहराई में पहुंचे, जहरीली गैस से उनका दम घुटने लगा। वे बेहोश होकर होद में ही गिर गए। अंदर फंसे युवकों को बचाने के लिए बाहर खड़ा लड़का भी रस्से के सहारे अंदर उतरा, लेकिन गैस से उसका भी दम घुटने लगा और वह बाहर आ गया। शनिवार सुबह घटना के जानकारी मिलते ही मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

यहां जहरीली गैस से तीन युवकों की मौत, सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

इनकी गई जान
हादसे में पाली के पुराना बस स्टैंड वाल्मीकि बस्ती निवासी विशाल पुत्र चैनाराम वाल्मीकि उम्र 28 साल, करण पुत्र मुकेश वाल्मीकि उम्र 22 साल और बापूनगर वाल्मीकि बस्ती निवासी भरत पुत्र अनिल वाल्मीकि उम्र 20 साल की मौत हो गई। इनके शवों को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं, मंडिया रोड कालूजी बगेची निवासी रितिक वाल्मीकि उम्र 22 साल घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर नगर परिषद टीम और कोतवाली, औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। नगर परिषद के मडपंप से सीवरेज होदी से कचरा बाहर निकला गया।

सुबह चार बजे निकाले तीनों के शव
बचाव टीम ने शनिवार सुबह करीब 4 बजे तीनों के शव बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि सीवरेज हौद की सफाई करने उतरे सफाईकर्मियों के पास जहरीली गैस से बचने के लिए किसी तरह के सुरक्षा उपकरण नहीं थे। इसलिए जैसे ही हौदी में उतरे, गैस से उनका दम घुटने लगा।

यहां जहरीली गैस से तीन युवकों की मौत, सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

सड़क पर बना दी होदी
सेंचुरी गार्डन का सीवरेज होद भी सड़क पर बना हुआ था, जबकि विवाह स्थल बॉयलाज के अनुसार मैरिज हॉल के मालिक को अपने अधिकारी क्षेत्र की जमीन में ही शादी विवाह में होने वाले वेस्ट के निस्तारण के लिए हौद बनाना होता है।

पाली शहर की सड़कें आमजन को दर्द दे रही हैं। शहर के किसी भी इलाके से गुजर जाओ, सड़कें तो खस्ताहाल ही नजर आएगी। सड़कों पर हिचकोले भरे सफर से आमजन को कमर व गर्दन की पीड़ा अलग से भोगनी पड़ रही है।

शहर के रामदेव रोड से खेतारामजी की प्याऊ, राम रहीम कॉलोनी, शेखावत नगर, मोहन नगर, पुनायता रोड, बीपीएल कॉलोनी, गांधी नगर मार्ग की रोड के हाल भी बुरे है। यहां सड़क तो न के बराबर है, सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं। सबसे ज्यादा बुरे हाल मोहन नगर, शेखावत नगर की रोड के हैं। इस रोड पर 100 से अधिक गड्ढे हैं, बारिश के दिनों में तो हालात और ज्यादा विकट हो जाते है।

गड्ढों से गिर रहे वाहन चालक
शहर के गांधी नगर से शेखावत नगर वाया होते हुए रामदेव रोड व हाउसिंग बोर्ड को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क है। यहां रोड पर गड्ढे होने के कारण आए दिन हादसे होते है। यहां के लोगों को कहना है कि रोजाना वाहन चालक इन गड्ढों की वजह से नीचे गिरते है। नगर परिषद इस सड़क पर ध्यान नहीं दे रही हैं। मोहल्लेवासियों ने कई बार शिकायतें भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

आपके क्षेत्र में सड़क खस्ताहाल है तो हमें भेजें फोटो
आपके मोहल्ले व रास्ते की सड़क टूटी हुई है या आपके क्षेत्र में सड़क पर गड्ढे हैं, जिनसे आमजन परेशान हैं और जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर रहे हैं तो ऐसे फोटो आप हमें pali.editors@epatrika.com पर भेजें। पत्रिका आपकी आवाज बनेगा।

पाली। पश्चिमी राजस्थान के मरुसागर जवाई बांध के पुनर्भरण के लिए तेजी से कदम बढ़ रहे है। 2554.23 करोड़ की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब सभी कार्य समय पर हुए तो वर्ष 2027 में उदयपुर जिले के कोटड़ा में सेई नदी पर बुझा व साबरमति नदी पर चक साण्डमारिया बांध बनकर तैयार हो जाएंगे और पानी जवाई बांध में पहुंच जाएगा।

जवाई बांध पुनर्भरण के लिए 1110 करोड़ रुपए से दो बांध व दो टनल बनाने के लिए कम्पनियों से आवेदन मांगे गए थे। ये बांध व टनल बनाने के लिए 14 कम्पनियां आगे आई थी, लेकिन निर्माण करने पांच कम्पनियों ने ही आवेदन किया है। उनके आवेदनों को आठ मई को खोला जाना प्रस्तावित है। इनमें से एक निर्माण कम्पनी का चयन होने के दो माह बाद कार्यादेश जारी कर दिए जाएंगे। कम्पनी को बांध व टनल निर्माण के लिए 42 माह का समय दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि यदि निर्माण कार्य अगस्त में शुरू होता है तो वर्ष 2027 में बांध व टनल बनकर तैयार हो जाएंगे। इसमें एक टनल व एक पाइप लाइन के आवेदन अलग से लेकर कार्य करवाया जाएगा।
कोटड़ा के 18 गांवों को भी मिलेगा पानी

इन बांधों से जवाई पुनर्भरण कर पाली जिले के नौ कस्बों (पाली, रोहट, जैतारण, सुमेरपुर, बाली, देसूरी, सोजत, रायपुर व मारवाड़ जंक्शन) के साथ 560 गांवों, सिरोही जिले के शिवगंज शहर के साथ 178 गांवों को पानी दिया जाएगा। उदयपुर जिले के कोटड़ा तहसील के 18 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है।
तीन तरीकों से पहुंचेगा पानी

बुझा व चक साण्डमारिया बांधों से जवाई बांध तक पानी पहुंचाने के लिए तीन तरीके अपनाए जाएंगे। इसमें प्रेशराइज्ड पाइप लाइन, ग्रेविटी पाइप लाइन व टनल होगी। इसमें चक साण्डमारिया बांध से बुझा बांध में 5.82 किमी की टनल से पानी लाया जाएगा। बुझा बांध से जवाई में पानी लाने के लिए 7.4 किमी की टनल बनाई जाएगी। इसके आगे 15.12 किमी की प्रेशराइज्ड पाइप लाइन से पानी आएगा, फिर 34.27 किमी की ग्रेविटी पाइप लाइन व 7.4 किमी की एक अन्य टनल से पानी जवाई बांध तक पहुंचेगा।
कार्य जल्द शुरू कराने का प्रयास

जवाई बांध पुनर्भरण के लिए टेंडर 8 मई को खोले जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पांच कम्पनियों ने आवेदन किया है। इसके बाद दो माह में कार्यादेश जारी कराने का प्रयास रहेगा। जिससे निर्माण कार्य जल्द हो सके।
नानूराम रोत, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग, पाली

पाली @ पत्रिका. किन्नर घरों में खुशी के मौकों पर पहुंचते हैं। वहां गायन के साथ नृत्य कर खुशियों को दोगुना कर देते हैं। वहीं किन्नर पाली में बेटियों के हाथ पीले करवाने के साथ सामाजिक सरोकारों में सहभागिता निभाकर मिसाल पेश कर रहे हैं।

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शहर के हिंजडों की हवेली की गादीपति आशा कुंवर ने मां बनकर शुक्रवार को एक बेटी का कन्यादान किया। विवाह में मां की तरह सभी रस्मों की अदायगी की। दूल्हा-दुल्हन को सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। उनके साथ हवेली के सभी किन्नरों ने भी बेटी लक्षितासिंह पुत्री पुष्पेंद्रसिंह का नरेंद्रसिंह पुत्र देवीसिंह भाटी के साथ विवाह करवाकर उनको आशीर्वाद दिया। बेटी की विदाई के समय परिजनों के साथ लक्षिता को बेटी मानने वाली आशा कुंवर के साथ सभी किन्नरों की आंखें नम हो गई।

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दूल्हे के भाल पर लगाया तिलक
विवाहोत्सव में बैण्ड बाजों की मधुर धुन के साथ दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारातियों के साथ विवाह स्थल पर पहुंचा। वहां आशा कुंवर ने उसके भाल पर तिलक लगाकर स्वागत किया। दूल्हे के तोरण की रस्म अदा करने के बाद बेटी के पास बैठकर गादीपति आशा ने फेरे करवाए। किन्नरों ने दूल्हे का मुंह मीठा करवाकर आरती की और कन्यादान किया। गादीपति आशा कुंवर की ओर से वाल्मीकि समाज की एक अन्य कन्या का विवाह 13 मई को करवाया जाएगा।

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