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Table of Contents


टोंक जिले में तूफान ने मचाई तबाही, हादसों में 12 जनों की मौत
टोंक। जिले में गुरुवार रात साढ़े दस बजे बाद आए तूफान ने तबाही मचाई। अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में 12 जनों की मौत हो गई। दर्जनों मकान गिर गए और सैकड़ो पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। दर्जनों मवेशी और पक्षियों की मौत हुई है।जिले में गुरुवार रात आए तूफान से जिले में बिजली पानी की आपूर्ति ठप हो गई। वहीं जिले में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए अधिकारी सुबह से फील्ड में दौड़ पड़े। बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ।

कहां कहां हुई मौतें
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टोंक. टोंक के धन्ना तलाई क्षेत्र में तूफान से टीन शेड पर दीवार गिरने पर पोता-पोती व दादा की मौत हो गई। तीन जनों की मौत से इलाके में दुख की लहर दौड़ गई।
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दो वृद्ध तथा एक 14 वर्षीय बच्चे की मृत्यु
निवाई. उपखंड क्षेत्र में बीती रात आए तेज अंधड में दो वृद्ध तथा एक 14 वर्षीय बच्चे की मृत्यु हो गई। पांच जने घायल हो गए। कई मवेशियों के जख्मी हो गए।
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प्राकृतिक आपदा ने छीनी दो किसानों की जिंदगी
दूनी. तहसील क्षेत्र में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी व आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया। हुई प्राकृतिक आपदा में खेत पर रखवाली कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने व दूसरे की टीन शेड निर्मित मकान के गिरने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस ने दूनी अस्पताल में दोनो मृतक किसानों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए।
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चार वर्षीय बालिका की मौत
टोडारायसिंह के गेदिया गांव चार वर्षीय बालिका अनुष्का भांड तूफान की चपेट में आने से मौत हुई। इसके अलावा आधा दर्जन घायल हो गए। जिन्हे टोंक सआदत हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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बाड़े में सो रहा था, आई मौत
पचेवर थाना क्षेत्र के गांव अरनिया में बाड़े में सो रहे भागीरथ पुत्र श्रीलाल जाति जाट पर नीम का पेड़ उखड़कर कच्ची दीवार व टीनशेड पर गिरने व उसके नीचे दबने से उसकी मृत्यु हो गई। जिस की लाश को सीएचसी डिग्गी की मोर्चरी में रखवायी गई है।अब पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जावेगी। साथ ही दीवार के नीचे करीब 10-12 बकरियां दब गई। जिससे उनकी मृत्यु हो गई है।
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मकान ढहने से किसान की मौत
दूनी. टोकरावास गांव स्थित कुएं पर बने कच्चे मकान के ढहने से किसान की मौत।
खेत की रखवाली को गया था, रात को आए तेज अंधड़ में हादसा हुआ।

बिजली गिरने से युवक मरा
आवां. गांव में बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई।

तूफान ने मचाई तबाही: मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई...जिला मुख्यालय सहित गांवों में 12 घंटों से बिजली-पानी ठप

मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई...
टोंक। जिले में गुरुवार रात साढ़े दस बजे बाद आए तूफान ने तबाही मचाई। इससे शहर ही नहीं गांवों में बिजली व पानी का तंत्र तहस नहस हो गया। इससे बिजली पानी का संकट खड़ा हो गया। जिला मुख्यालय पर पिछले करीब बारह घंटों से बिजली ठप है। इसके चलते शुक्रवार सुबह जलापूर्ति भी नहीं मिल पाई। घरों में लोग पानी की तरस गए। बिजली के कारण लोगों का कामकाज भी ठप हो गया। सरकारी कार्यालयों एवं निजी जगहों पर कम्प्यूटर व बिजली उपकरण शो पीस बने रहे। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में जुट रहे।

मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई...
उधर, तूफान में अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। दर्जनों मकान गिर गए और सैकड़ो पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। दर्जनों मवेशी और पक्षियों की मौत हुई है।जिले में गुरुवार रात आए तूफान से जिले में बिजली पानी की आपूर्ति ठप हो गई। वहीं जिले में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए अधिकारी सुबह से फील्ड में दौड़ पड़े। बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ।

कहां कहां हुई मौतें
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टोंक. टोंक के धन्ना तलाई क्षेत्र में तूफान से टीन शेड पर दीवार गिरने पर पोता-पोती व दादा की मौत हो गई। तीन जनों की मौत से इलाके में दुख की लहर दौड़ गई।
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दो वृद्ध तथा एक 14 वर्षीय बच्चे की मृत्यु
निवाई. बीती रात क्षेत्र में आए तूफान से गांव ललवाडी, लोदेडा और प्रतापपुरा में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। दत्तवास थानाधिकारी हरिराम ने बताया कि तूफान आने की वजह से गुरुवार की रात को करीब 12 बजे कमाल की ढाणी ललवाड़ी में सरफुद्दीन पुत्र कमाल खान बंजारा के मकान पर लगे टीनशेड उड़ जाने से कमरे की दीवार गिर गई। कमरे में सो रहे मोहिद पुत्र वहीद उम्र 14 साल जाति बंजारा निवासी ललवाड़ी की मृत्यु हो गई। मुफिदा पत्नी वहीद उम्र 40 वर्ष, रोहित पुत्र वहीद 12 वर्ष, बल्लू पुत्र वहीद उम्र 5 वर्ष, राजित पुत्र साजिद उम्र 12वर्ष निवासी श्योपुरा, ईरियान पुत्र इरफान उम्र 3 वर्ष घायल हो गए। इसी प्रकार गांव लोदेडा में टीनशेड के नीचे सो रहे सुवालाल पुत्र रामू गुर्जर उम्र 65 वर्ष पर टीनशेड गिरने से मृत्यु हो गई। गांव प्रतापपुरा में बल्लाराम पुत्र भूरालाल मीणा उम्र 60 वर्ष पर कच्ची दीवार गिरने से मृत्यु हो गई। निवाई में जमात स्थित एक मकान का कांच दरवाजा गिरने से सुशील जैन पुत्र सुरेश जैन उम्र 42 घायल हो गए।

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प्राकृतिक आपदा ने छीनी दो किसानों की जिंदगी
दूनी. तहसील क्षेत्र में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी व आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया। हुई प्राकृतिक आपदा में खेत पर रखवाली कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने व दूसरे की टीन शेड निर्मित मकान के गिरने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस ने दूनी अस्पताल में दोनो मृतक किसानों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए।
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चार वर्षीय बालिका की मौत
टोडारायसिंह के गेदिया गांव चार वर्षीय बालिका अनुष्का भांड तूफान की चपेट में आने से मौत हुई। इसके अलावा आधा दर्जन घायल हो गए। जिन्हे टोंक सआदत हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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बाड़े में सो रहा था, आई मौत
पचेवर थाना क्षेत्र के गांव अरनिया में बाड़े में सो रहे भागीरथ पुत्र श्रीलाल जाति जाट पर नीम का पेड़ उखड़कर कच्ची दीवार व टीनशेड पर गिरने व उसके नीचे दबने से उसकी मृत्यु हो गई। जिस की लाश को सीएचसी डिग्गी की मोर्चरी में रखवायी गई है।अब पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जावेगी। साथ ही दीवार के नीचे करीब 10-12 बकरियां दब गई। जिससे उनकी मृत्यु हो गई है।
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मकान ढहने से किसान की मौत
दूनी. टोकरावास गांव स्थित कुएं पर बने कच्चे मकान के ढहने से किसान की मौत।
खेत की रखवाली को गया था, रात को आए तेज अंधड़ में हादसा हुआ।

बिजली गिरने से युवक मरा
आवां. गांव में बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई।

मालपुरा. उपखंड के डिग्गी कस्बे में मकान की दीवार गिरने से बसंत गुर्जर पुत्र हीरा गुर्जर 43 वर्ष की मौत हो गई वही बाबू पुत्र हीरा गंभीर रूप से घायल हो गया

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समय बिताता सभी को पसंद है। वहीं आज के समय में रील्स ने लोगों के बीच काफी अहम जगह बनाई है। खासकर युवा रील्स देखना पसंद करते हैं। ज्यादा इस्तेमाल से इसके गलत परिणाम देखने को भी मिल रहे हैं। ऐसी ही एक घटना राजस्थान के टोंक जिले की है। जहां एक युवती के रील्स का गलत उपयोग करके बदनाम करने की धमकी मिली है।

सोशल मीडिया पर राजस्थानी गाने की रील्स बनाने वाली युवती का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने मामले में वीडियो वायरल करने की और धमकी देकर बदनाम करने पर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।


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थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिसमें बताया कि वह शहर में रहकर कंपीटिशन की तैयारी करने के साथ राजस्थानी गाने पर रील्स बनाती है। गत 20 मई को भाई के व्हाट्सएप पर परिचित सीताराम छाबडिया ने अश्लील वीडियो और फोटो भेजकर वायरल होने की जानकारी दी। उसे यह भरतराज मीणा ने भेजा है। उसके भाई ने मोबाइल नम्बर पर कॉल किया, परन्तु उसे रिसीव नहीं किया।


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इसी प्रकार सिंगर मुकेश भाडोती नामक व्यक्ति ने भी सोशल मीडिया पर मेरी फोटो लगाकर अश्लील गाना बनाकर वायरल किया। इसी तरह मनजीत मीणा नगरवाड़ ने भी इसी तरह की हरकतें की। वहीं 15 दिन पहले भी एक व्यक्ति ने मेरे भाई के मोबाइल नम्बर पर फोन कर मेरा अश्लील वीडियो डालने की धमकी देते हुए कहा कि मैं तेरी ***** का अश्लील वीडियो डाल रहा हूं। जिस पर मेरे भाई ने उक्त व्यक्ति का नाम पता पूछने पर अपना नाम सुरेश पंवार निवासी महाराष्ट्र होना बताया। सुरेश पंवार ने मेरे भाई को बार बार फोन कर परेशान करने पर उसके ब्लॉक कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है।

निवाई. उपखंड क्षेत्र के गांव बस्सी में इन दिनों बघेरे के लगातार मूमेंट से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। बघेरा पहाडियों से निकलकर आवारा मवेशियों, गांव में घूमने वाले श्वानों, बाडों में बंधे पशुओं का शिकार कर रहा है, जिससे रात में घर से बाहर निकलने में ग्रामीण कतरा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि बघेरे ने बुधवार को बस्सी में पहाड़ी के समीप एक सूनी गाय का शिकार कर मार दिया।

इसी प्रकार लादूराम व नाथू के बाड़े में बंधी हुई दो बकरियों का शिकार कर दिया। बघेरे को देखकर बाडे में अन्य बकरियां तेज आवाज में ममियाने लगी। बकरियों के ममियाने की आवाज सुनकर पास में ही सो रहे ग्रामीण उठ गए। और बघेरे की आशंका पर जोर हल्ला करने लगे। जिससे बघेरा बाडे से छलांग लगाकर पलक झपकते ही बस्सी की पहाडियों की ओर चला गया।जिससे ग्रामीण राहत की सांस ली।

नोहटा व बस्सी की पहाडियों पर विचरण:
सरपंच सांवलमल मीणा, किशनलाल, मुरारीलाल, लादूराम, हीरालाल, हंसराज, बनवारीलाल, लेखराज, राजू, नाथूलाल, बाबूलाल ने बताया कि करीब चार वर्षों से बस्सी और आसपास के क्षेत्र में बघेरों का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। बघेरों ने अब तक 300 से अधिक पशुओं, श्वानों तथा जंगली जानवरों, नील गायों का शिकार कर चुके है। बघेरे नोहटा व बस्सी की पहाडियों पर बनी गुफाओं में रहते है। रात के अंधेरे में गुफाओं से शिकार के लिए बाहर निकलते है। बघेरे बाहर निकलने के बाद उन्हें जो भी पहले शिकार जैसे जंगली जानवर, आवारा पशु, नील गाय मिल जाता है। तो उसका शिकार वापस गुफा में लौट जाते हैं। लेकिन बघेरों को शिकार नहीं मिलने पर वह गांव बस्सी, बारेडा, बहड, नोहटा , करीरिया, मंडालिया, रामनगर, धतूरी सहित आसपास के गांवों की ओर मूवमेंट कर लेते है।

घर के बाहर
रखते है रोशनी
बस्सी, नोहटा सहित आसपास के गांवों के लोग बघेरों के डर से रात के समय घरों के बाहर तथा बाडों में लाइट जलाकर रखते हैं, जिससे बघेरा दिख सके। बघेरे के मूमेंट क्षेत्र के गांवों के किसान अपने खेत पर रात के समय फसल की रखवाली और ङ्क्षसचाई कार्य करते समय चौकस और चौकन्ना रहना पड़ता है।

बस्सी में एक बार रखा है ङ्क्षपजरा
पिछले चार वर्षों में बघेरों का बस्सी में लगातार मूवमेंट है। बघेरे पशुओं और अन्य जानवरों का शिकार कर रहे है। लेकिन वन विभाग के चार वर्षों में एक बार बिना शिकार के ङ्क्षपजरा रखकर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली है। जिससे ग्रामीणों के समक्ष बघेरे का भय व्याप्त है।

ये बोले वनअधिकारी

क्षेत्रीय वनप्रसार अधिकारी गौरव राठी का कहना है कि बस्सी में बघेरे की सूचना पर सिरस नाका इंचार्ज रामराज मीणा गुरुवार को मौके पर पहुंचकर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम करवाकर एक रिपोर्ट तैयार की है। बघेरों के मूवमेंट की जानकारी के लिए उच्चाधिकारियों को लिखित सूचना दी जा रही है। राठी ने यह भी बताया कि बघेरे वन क्षेत्र में रहते समूह के रूप रहते है। तथा वन क्षेत्र में पानी नहीं होने की वजह से बाहर पानी पीने आते है। इस बीच शिकार भी कर लेते है। (ए.सं.)

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