>>: रात में मोबाइल की लाइट से पढ़ 10वीं में लाई 95.83%, फिर बिजली विभाग ने दिया ऐसा तोहफा कि रो पड़े पिता, जानें पूरा मामला

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बयाना। पैसे नहीं होने के कारण एक गरीब परिवार वर्षों से परिवार के अंधेरे में रह रहा था। बेटी ने भी रातों में दिए की रोशनी पर पढ़ाई कर अच्छे अंक प्राप्त किए। साथ ही परिवार में खुशियों की रोशनी जला दी। बता दें कि बयाना पंचायत समिति की विड्यारी ग्राम पंचायत के नगला धन्नीबाई निवासी दशरथ सिंह ने बिजली के कनेक्शन के लिए तीन बार आवेदन किया, लेकिन पैसे न होने के कारण डिमांड नोटिस न भर पाने के चलते उसे बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। लेकिन दशरथ की आंखें उस समय भर आई, जब बिजली विभाग के अधिकारी उसके घर पर बिजली के कनेक्शन के साथ ही मीटर लगाने पहुंचे।

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दशरथ ने जब डिमांड नोटिस भरने का कारण पूछा तो बिजली कर्मियों ने कहा कि आपकी बेटी महिमा सिंह ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 95.83 अंक लाकर पूरे कस्बे का नाम रोशन किया है। ऐसे में अब मेधावी छात्रा का हौसलाअफजाई करने के लिए कई कर्मियों ने मिलकर डिमांड नोटिस को भर दिया है और घर पर अब मीटर लगाया जा रहा है, ताकि बेटी अब रोशनी में पढ़ाई करके १२वीं परीक्षा में अच्छे अंक लाकर पूरे प्रदेश में कस्बे का नाम रोशन कर सके। बिजली विभाग के कर्मियों की यह पहल को देख कस्बे भर में खुशी का माहौल बन गया।

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एक्सईएन विवेक व सहायक अभियंता पंकज सिंह ने बताया कि मेधावी छात्रा के घर पर विद्युत कनेक्शन संबंधी औपचारिकताएं तुरंत प्रभाव से पूरी करते हुए अपने वेतन की राशि में से ही डिमांड नोटिस की राशि जमा करवाकर बिजली का मीटर लगवाते हुए विद्युत कनेक्शन करवाया और हाथों हाथ उसके घर में लाइट जलवाई।

पड़ोसी बोले- मेधावी ने कीपेड मोबाइल को चार्ज कर उसकी लाइट से की थी पढ़ाई

मेधावी महिमा सिंह ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में 95.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कस्बे का नाम रोशन किया है। यह छात्रा एक ऐसे गरीब परिवार से है। जिसे अभी तक किसी भी सरकारी योजना का कोई लाभ नहीं मिल सका है। पड़ोसियों ने बताया कि इस छात्रा ने अपने कीपैड मोबाइल को अपने एक पड़ोसी की मदद से रोजाना चार्ज कर इस मोबाइल की फ्लैश लाइट की रोशनी में अपनी पढ़ाई पूरी की और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में उल्लेखनीय अंक प्राप्त किए।

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