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सरिस्का की खुशहाली पर कौन लगा रहा ब्रेक Saturday 01 July 2023 06:21 PM UTC+00
इको सेंसेटिव जोन में देरी का यह पड़ रहा प्रभाव सरिस्का के इको सेंसेटिव जोन के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने में हो रही देरी का रोजगार, राजस्व एवं पर्यटकों की सुविधाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण सरिस्का के आसपास करीब 70 मार्बल की खानें बंद हैं। यदि इको सेंसेटिव जोन का निर्धारण हो तो ये खानें शुरू हो सके और इनमें आसपास के हजारों लोगों को रोजगार मिल सके। वहीं सरिस्का की सीमा तय नहीं होने का बड़ा असर पर्यटकों की सुविधा पर भी पड़ा है। इको सेंसेटिव जोन का निर्धारण होने पर सरिस्का के आसपास अच्छे होटल का निर्माण हो सकेगा। इससे पर्यटकों में सरिस्का के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। क्या है इको सेंसेटिव जोन शहरीकरण और अन्य विकासात्मक गतिविधियों के प्रभाव को कम करने के लिये संरक्षित क्षेत्रों से सटे क्षेत्रों को इको-सेंसिटिव ज़ोन घोषित किया जाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रेल 2023 में अपने 2022 के शासनादेश को संशोधित किया, जिसके तहत राष्ट्रीय उद्यानों या वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास कम से कम 1 किलोमीटर के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र की स्थापना की आवश्यकता जताई गई थी। फैक्ट फाइल सरिस्का को बाघ परियोजना योजना रिजर्व का दर्जा दिया- 1978 सरिस्का का कोर एरिया- 881 वर्ग किलोमीटर सरिस्का में भालू- 3 सरिस्का की सीमा में गतिविधियाें पर रोक- एक किलोमीटर खुल सकेंगी बंद खानें इको सेंसेटिव जोन के निर्धारण के अभाव में सरिस्का के आसपास कई खानें बंद हैं। इसका निर्धारण होने पर बंद खानें खुलने की उम्मीद है। खनि अभियंता अलवर |
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