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Suicide Case in Rohat of Pali Rajasthan : पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से छेड़छाड कर उसे घर से उठाकर ले जाने की धमकी से आहत एक पिता ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पुत्री की रिपोर्ट पर पुलिस ने छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट, जान से मारने की धमकी देकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक का शव मेडिकल बोर्ड से पाेस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा।

पुलिस ने बताया कि मृतक की नाबालिग पुत्री ने रिपोर्ट दी कि गांव में उसके माता-पिता चाय की केबिन चलाते हैं। कई बार वह भी सहयोग करती है। गांव के विक्रम सिंह पुत्र शम्भूसिंह एवं नेनाराम पुत्र समाराम सरगरा दोनों चाय की केबिन पर आते-जाते रहते हैं। करीब तीन माह पहले विक्रम सिंह व नेनाराम सरगरा दोनों ने उस पर दोस्ती करने का दबाव बनाया। ऐसा नहीं करने पर उठाकर ले जाने तथा चाय के केबिन को चलने नहीं देने की धमकी देते हुए उससे छेड़छाड़ करने लगे। दोनों आरोपी आए दिन उससे अश्लील हरकत करते और धमकी देते कि किसी को बताया तो उसे व उसके पिता को जान से मार देंगे। बाद में उसने अपने पिता को पूरी बात बताई तो उन्होंने विक्रम सिंह व नेनाराम के घर जाकर उसके परिजनों को उलाहना दिया। इससे नाराज दोनों आरोपी पिछले तीन सप्ताह से उसके पिता को परेशान कर रहे थे।

28 जून को घर आकर धमकी दी और दबाब डाला कि उसकी बेटी का संबंध उससे कराओ नहीं तो उसे व उसकी बेटी को उठाकर ले जाएंगे। इससे तनाव में आकर 29 जून को उसके पिता ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक की पुत्री की रिपोर्ट पर पोक्सो एक्ट, छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी एवं आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया।

चिकित्सक जब किसी गंभीर रोगी की जान बचाते हैं तो लोग उन्हें भगवान का दर्जा देेते हैं। वे मरीज व उनके परिजनों के सामने होते है। लेकिन ऐसे चिकित्सक भी हैं, जो नजर तो नहीं आते, लेकिन पर्दे के पीछे से जीवन रक्षक का कार्य करते हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही मरीज की बीमारी और िस्थति का पता लगता है। जिसके आधार पर "मसीहा" यानी चिकित्सक दवा का चयन करते हैं और ऑपरेशन करते हैं। ऐसे ही कुछ चिकित्सकों से आज हम आपको रूबरू करवाते हैं, जो निश्चेतना विभाग, पैथोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विभागों में पर्दे के पीछे रहकर बीमारियों के साथ वायरस व बैक्टिरिया आदि की जांच करते हैं।
वायरस व बैक्टिरिया की करते जांच
माइक्रोबायोलॉजी लैब, जिसमें वायरस और बैक्टिरिया आदि की जांच की जाती है। टाइफाइड, मलेरिया या डेंगू जैसे रोगों का पता भी इसी लैब के चिकित्सक जांच कर बताते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. अरुणा सोलंकी बताती है कि कोविड के समय इसी लैब में 18-20 घंटे तक जांच कर रोगी के पॉजिटिव व नेगेटिव होने की जानकारी दी थी। वायरस जांच होने के कारण इसमें काफी सावधानी की जरूरत रहती है।
बीमारी की गंभीरता का चलता पता
बायोकेमेस्ट्री लैब में गुर्दे, लीवर, इलेक्ट्रोड, मधुमेह, कॉलेस्ट्रोल, थाइराइड सहित कई जांच की जाती है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गरिमा कहती है कि लैब में जांच करने के बाद मरीज की सही बीमारी का पता लगता है और उसी के आधार पर बेहतर उपचार होता है। हमारा ध्येय रोग व उसकी गंभीरता की बेहतर जांच करना है, जिससे मरीज को बेहतर डोज देकर जल्द ठीक किया जा सके।
रक्त की सभी जांच
पैथोलॉजी लैब, जिसमें रक्त की सभी तरह की जांच की जाती है। विभागाध्यक्ष डॉ. एचपी तोषनीवाल बताते है कि एनिमिया व युकिलिया (कैंसर) तक की जांच करते हैं। कई बार रोगी को कैंसर का अंदेशा होता है, लेकिन जांच में सामान्य गांठ निकलती है। ऐसा कई बार हुआ। जांच के बाद ही मरीज को कौनसी दवा देने पर अधिक राहत मिलेगी यह तय होता है। ऐसा ही सीनियर डेमोस्ट्रेटर डॉ. खेतमल का भी कहना है।
ऑपरेशन टेबल पर सबसे पहले
किसी का ऑपरेशन करना हो तो सर्जन या अन्य चिकित्सक करते हैं, लेकिन सबसे पहले काम होता है निश्चेतक का। जो मरीज की जांच कर उसे निश्चेतना की दवा देते हैं, उसके बाद ऑपरेशन प्रक्रिया शुरू होती है। प्रोफेसर डॉ. ओपी सुथार बताते हैं कि मरीज को सीपीआर देने व गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखने का कार्य भी निश्चेतक ही करते हैं।

तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक आचार्य भिक्षु को उनके जन्म दिवस आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को ही बौद्ध प्राप्त हुआ था। इस तरह आचार्य का जन्म व बौदि्ध दिवस एक ही दिन हुआ। इस बार आचार्य भिक्षु का 298वां जन्म व 266वां बौदि्ध दिवस है।
तेरापंथ भवन में चातुर्मास कर रही साध्वी प्रमोद ने बताया कि 1815 में राजनगर के श्रावकों ने संतों को वंदन करना बंद कर दिया। इस पर गुरु आज्ञा से मुनि भीखण ने राजनगर के लिए विहार किया। वहां जाकर मुनि भीखण ने बुदि्ध कौशल से श्रावकों को समझाया। उनसे वंदन व्यवहार करवा दिया, लेकिन स्वयं को संतोष नहीं हुआ। उसी दिन रात में मुनि भीखण को सर्दी लगकर बुखार आया। मुनि भीखण ने चिंतन किया, इस समय मेरा आयुष्य पूरा हो जाए तो मेरी क्या गति होगी। मैंने श्रावकों को झूठ ही समझाया। उन्होंने वापस श्रावकों से अगले दिन फिर बात करने का निर्णय किया और उनका बुखार ठीक हो गया। वह दिन आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी का था। इसके बाद आचार्य ने ग्रंथों व आगमों पर मंथन कर सार तत्व निकाले। उन सार तत्वों पर तेरापंथ की नींव रखी गई। जिन पर आज तेरापंथ धर्म संघ खड़ा है।
यह है सार तत्व
-धर्म त्याग में है, भोग में नहीं
-धर्म हृदय परिवर्तन में है, बल प्रयोग में नहीं
-लौकिक व लोकोत्तर दान-दया अलग-अलग है
आचार्य ने पाली में किया था चातुर्मास
पाली की धरा धन्य है कि उस पर आचार्य भिक्षु ने चातुर्मास किया था। उन्होंने उदयपुरिया बाजार की एक दुकान में चातुर्मास किया था। आचार्य ने बताया कि संसार व मोक्ष का मार्ग अलग-अलग है। इन दोनों को मिलाने से दोनों का महत्व समाप्त हो जाता है।

Umbrellas Sold in The Market in Pali : पाली में बारिश के मौसम ने दस्तक दे दी है। झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस जाने वाले बड़ों तक सभी को छतरी और प्लास्टिक के रेनकोट की जरूरत पड़ने लगी है। ये ही कारण है कि बाजार रंग-बिरंगे छातों से सज गया है। बाजार के साथ ही फुटपाथ पर भी अस्थायी दुकानें सज गई हैं, जिसमें एक से बढ़कर एक सुंदर डिजाइनर छाते लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। ये सभी इतने आकर्षक हैं कि लोग इन्हें खरीदे बिना रह नहीं पा रहे।

खरीदार देख रहे क्वालिटी
दुकानों में 14 इंच से लेकर 28 इंच तक के छाते मिल रहे हैं। इन्हें छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन्हें इस्तेमाल और क्वालिटी के हिसाब से खरीदा जा रहा है।

लुभा रहा अनोखी छतरियां
मार्केट में बच्चों को लुभाने के लिए कार्टून की डिजाइन वाले छाते मिल रहे हैं। इनमें स्पाइडर मैन, यूनिकॉर्न, बार्बी, डोरेमोन छाते भी हैं। इसके साथ ही मिनी छाते भी मिल रहे हैं। बाजार में हर रंग जैसे गोल्डन, सिल्वर और रेनबो छतरियां लोगों को खासी लुभा रही है। अनोखे लुक वाले छातों पर एक से एक नई और स्टाइलिश डिजाइन भी बच्चों का ध्यान खींच रही है।

Monsoon Update : राजस्थान में जुलाई के दौरान बारिश का आंकड़ा भले ही औसत से कम रहने की संभावना है। लेकिन अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 12 जिलों में किसी भी समय बारिश शुरू हो सकती है। चार जिलों में भारी और 8 जिलों में मध्यम दर्ज की बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, आगामी दिनों में बारिश का दौर धीमा होगा, लेकिन 8 जुलाई से फिर झूम के बरसेंगे बदरा।

इन जिलों में दिखाई देगा असर
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो दौसा, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर में अगले तीन घंटे के भीतर भारी बारिश की चेतावनी है। इस दौरान दो-तीन स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। उधर, कोटा, बूंदी, बारां, चूरू, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और भीलवाड़ा में आकाशीय बिजली गिरने और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो 2 व 5 जुलाई को भी कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

औसत से कम होगी बारिश
जयपुर मौसम केन्द्र की माने तो जुलाई के दौरान राजस्थान में औसत से कम बारिश होगी। इस बड़ा कारण बिपरजाॅय रहा है। कहा जा रहा है कि जून के दौरान देश में 6 से 19 जून तक बिपरजाॅय की उपस्थिति के चलते राजस्थान में तूफानी बारिश ने कहर ढाया और मेहर भी बरसाई। जिससे मानसून की बारिश का 25 प्रतिशत आंकड़ा तो पूरा हो गया। अब मानसून के दौरान अच्छी बारिश का इंतजार है।

देश में यहां सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विज्ञान विभाग की माने तो मध्य भारत और आसपास के दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वी भारत के अधिकांश क्षेत्रों व उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य और सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

सामान्य से अधिक रहेगा तापमान
मौसम विज्ञान विभाग की माने तो जुलाई के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य और सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो राजस्थान में भी अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। उधर, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है।

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