>>: शाहपुरा नया जिला तो बन गया, लेकिन पॉर्टल आईडी नहीं बनी

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भीलवाड़ा. सरकार ने 19 नए जिले बनाकर इनकी संख्या 50 तो कर दी, लेकिन घोषणा के 2 माह होने आए हैं, लेकिन अभी तक पॉर्टल आईडी नहीं बन पाई है। इसके कारण जिला कलक्टर को काम करने में भी परेशानी हो रही है।

 

भीलवाड़ा जिला प्रशासन ने करीब 1500 से अधिक पाइलें शाहपुरा जिले में तो भेज दी, लेकिन पार्टल शुरू नहीं होने से ऑनलाइन काम नहीं हो पा रहे हैं। यहां तक की कलक्टर की आईडी तक नहीं बन पाई है। प्रशासन ने ऑफ लाइन फाइलें तो भेज दी है, लेकिन ऑनलाइन होने वाले नहीं हो रहे है। भूमि रूपांतरण के काम अटक गए हैं।
हथियारों से जुड़ी फाइलें भेजी
नए जिले शाहपुरा में विरासती हथियारों की संख्या ज्यादा नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से यहां से इसका रेकॉर्ड नए जिलों को भेज दिया गया है। करीब 45 फाइलें शाहपुरा तथा बदनोर से जुड़ी फाइलें भेजी गई हैं। ये वे फाइलें हैं जिनके उत्तराधिकारियों ने लाइसेंस ट्रांसफर के लिए यहां आवेदन किए थे। पिछले कई समय से ये फाइलें ऐसे ही पड़ी रही। अब नए जिलों के कलक्टर इन फाइलों पर मुहर लगाएंगे। अब भीलवाड़ा के पास 40 और फाइलें बची है जो एक-दो दिन में भेजी जाएगी। लोगों को उम्मीद जगी है कि अब लाइसेंस उनके नाम हो सकते हैं।
इस तरह भेजी गई हैं शस्त्र फाइलें
नए जिलों में धीरे-धीरे रेकॉर्ड भेजा जा रहा है। उसी में न्याय शाखा का भी रेकॉर्ड शामिल है। ये रेकॉर्ड महत्वपूर्ण है जो अब भेजा गया है। बताते हैं कि जिले में हथियारों की संख्या काफी कम है। इसमें विरासती हथियार भी है। कई फाइलें है, जिसके कारण लोग भीलवाड़ा जिला कलक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे थे। इन हथियारों में एक नाली, दो नाली, 12 बोर बंदूक, टोपीदार बंदूक, पिस्टल, रिवाल्वर आदि शामिल बताई जा रही हैं।
कई लाइसेंस धारकों की हो चुकी है मौत
न्याय शाखा के कर्मचारियों का कहना है कि दर्जनों लाइसेंस धारक ऐसे हैं जिनकी मौत हो चुकी है। उनके परिजनों ने न लाइसेंस ट्रांसफर के लिए आवेदन किए हैं और न कोई सूचना भेजी। ऐसे में कई हथियार संबंधित थानों में जमा करवाए गए थे। कई लोगों के लाइसेंस की मियाद खत्म हो गई लेकिन उनका रिनुअल नहीं हुआ। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि हथियार सिंगल और डबल बैरल बंदूकों के हैं, जिनका क्रेज कम होे गया है। अब लोग पिस्टल और राइफल लेना चाहते हैं।

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