>>: स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे कामों में लगाया, बच्चों को पढ़ाएगा कौन!

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अलवर. राज्य सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन दो माह से तमाम स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित चल रही है। अभिभावकों से लेकर तमाम लोगों ने कहा है कि शिक्षकों को दूसरे कार्यों में लगाया गया है जबकि उनका काम पढ़ाने का है।

आंकड़ों को देखें तो बीते दो माह में शिक्षकों को 67 गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया गया है। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सबसे अधिक पढ़ाई प्रभावित हो रही है। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी कुछ शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्य में लगाए गए हैं। बीएलओ का कार्य तो शिक्षक लगातार कर रहे हैं। योजनाओं को भी गति देने में इन्हें लगाया गया है।

दूसरे कामों से मुक्ति के लिए उठाई गई कई बार मांग, असर नहीं :शिक्षक संगठनों की ओर से कई बार मांग की गई कि उनसे दूसरे कार्य न लिए जाएं लेकिन इसका असर नहीं हुआ। दर्जनों काम शिक्षकों से लिए जा रहे हैं। इससे शिक्षकों में भी आक्रोश है।

इन कार्यों में लगाए गए शिक्षक
हाउस होल्ड सर्वे, महंगाई राहत शिविर, प्रशासन गांवों के संग, युवा महोत्सव, ग्रामीण-शहरी ओलंपिक, प्रतिभागी खिलाड़ी शपथ, टी-शर्ट वितरण, टीम गठन, ओलंपिक ब्लॉक, एफएलएन ट्रेनिंग, प्रधानाचार्य ट्रेनिंग, एपीएआर, आईपीआर अचल संपत्ति, टीएएफ, एसीआर व्याख्याता, एसीआर वरिष्ठ अध्यापक, अध्यापक अस्थायी वरीयता सूची आपत्ति आदि में शिक्षकों को लगाया गया है।

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