>>: Digest for August 29, 2023

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

Table of Contents

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर। Raksha Bandhan 2023 : हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की स्वीकृति सीएम अशोक गहलोत ने दे दी है। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन 30 अगस्त बुधवार को महिलाओं के लिए प्रदेश की सीमा में सभी रोडवेज बसों में यात्रा निशुल्क रहेगी। लेकिन, इस बार निशुल्क यात्रा का पूरा लाभ महिलाओं को मिलने की संभावना नहीं है। वजह है कि इस बार मुहूर्त से रोडवेज की मुफ्त यात्रा का समय मेल नहीं खा रहा है।

दो दिन बाद श्रावण मास पूर्णिमा पर रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार रक्षा सूत्र बांधने का ज्यादातर समय रात्रिकालीन है, जो कुल 10 घंटे 3 मिनट का रहेगा। भद्रा का साया होने के कारण दिन में रक्षा सूत्र नहीं बांधे जा सकेंगे। रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा का समय राखी से पहले वाली रात 12 बजे से राखी की रात 12 बजे तक रहता है। अमूमन रात के समय में महिलाएं यात्रा करने से बचती है। ऐसे में महिलाओं को आने और जाने, दोनों तरफ से योजना का लाभ मिलना मुश्किल है। राखी बांधने के मुहूर्त से 3 घंटे बाद ही निशुल्क सुविधा का समय खत्म हो जाएगा। इस बात को लेकर रोडवेज कर्मचारियों के साथ ही सुविधा का लाभ लेने वाली महिलाओं में भी चर्चा है।

यह भी पढ़ें : सावन में सोने के आभूषणों से लालेश्वर महादेव का किया विशेष शृंगार

दस घंटे तीन मिनट रहेगा रक्षा सूत्र बांधने का समय: नक्षत्र ज्योतिष शोध संस्थान के पंडित डॉ. भगवतीशंकर व्यास ने बताया कि 30 अगस्त बुधवार को चतुर्दशी सुबह 10.58 तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी। मृत्युलोक की भद्रा रहने के कारण दिन में रक्षा सूत्र नहीं बांधे जा सकेंगे। रात 9.02 बजे भद्रा समाप्त होने के बाद राखी बांधी जा सकेगी। पूर्णिमा 31 अगस्त गुरुवार सुबह 7.05 बजे तक रहेगी। ऐसे में बुधवार रात को राखी बांधने से वंचित रहने पर सुबह भी राखी बांधी जा सकेगी।

रक्षाबंधन और श्रावणी उपाकर्म का समय
● बुधवार रात 9.02 बजे के बाद और गुरुवार को सुबह 6 से 7.05 बजे तक राखी बांधने का मुहूर्त है। इसके बाद भी शुभ होरा काल में राखी बांध सकते हैं।
● शास्त्र परंपरानुसार श्रावणी उपाकर्म गुरुवार सुबह 6 से आरंभ कर सकते हैं। श्रावणी नित्यनैमितिक कर्म के बाद भद्रा रहित समय में करना श्रेष्ठ माना गया है।

यह भी पढ़ें : चंबल रिवर फ्रंट में अभी और हो सकता है इंतजार, अटक सकता है उद्घाटन... जानिए क्या है वजह

इनका कहना...सरकार की मंजूरी के अनुसार हर साल राखी पर महिलाओं के लिए बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा रहती है। सुविधा 24 घंटे के लिए होती है, जो राखी से पहले की रात 12 बजे से राखी के दिन रात 12 बजे तक मिलती है। हालांकि अभी मुख्यालय से ऑर्डर नहीं निकला है। सोमवार को आदेश मिलने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।- हेमंत शर्मा, मुख्य प्रबंधक, उदयपुर आगार

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं को यूपीएससी सहित विभिन्न कॉचिंग की निशुल्क सुविधा प्रदान कर रही है। लेकिन इस कोचिंग में विद्यार्थियों का रुझान यूपीएससी की तैयारी में कम और अन्य परीक्षाओं में अधिक है। ये बात हम नहीं कहते बल्कि मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना के तहत विद्यार्थियों की कट ऑफ बयां कर रही है।

यह भी पढ़ें : चंबल रिवर फ्रंट में अभी और हो सकता है इंतजार, अटक सकता है उद्घाटन... जानिए क्या है वजह

दरअसल मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की कोचिंग फीस सरकार वहन करती है। इस साल की बात करें तो यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रदेश के केवल 137 विद्यार्थियों ने योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के द्वितीय चरण में कुल 1163 की अस्थायी कट ऑफ जारी की जा चुकी है। अब इनका वरीयता के हिसाब से चयन किया जाना है। जिसमें जिले के एससी, एसटी, ओबीसी, एसबीसी, ईबीसी, दिव्यांग वर्ग के चयनित विद्यार्थी शामिल हैं।

खाते में आती है सीधी राशि: इस योजना के तहत जो विद्यार्थी तैयारी करते हैं, उनकी कोचिंग फीस के साथ-साथ रहने-खाने के लिए भी तीन हजार 333 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से विद्यार्थियों के खाते में रुपए भेजे जाते हैं। इस वर्ष इस योजना के तहत उदयपुर जिले में सबसे अधिक आवेदन आए हैं। यहां वर्ष 2021-22 में 200 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। इसी प्रकार 2022-23 में 331 का चयन हुआ। दो साल में कुल कुल 531 विद्यार्थियों ने योजना का लाभ उठाया। जबकि इस वर्ष 2023-24 में 1163 विद्यार्थियों की कट ऑफ जारी की गई है।

इंजीनियिरंग, मेडिकल, रीट, आरपीएससी में ज्यादा आवेदन: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से द्वितीय चरण में जारी की गई कट ऑफ में जयपुर, चूरू, अलवर, अजमेर सहित अन्य जिलों में इंजीनियरिंग, मेडिकल, रीट और आरपीएससी के अन्तर्गत पटवारी, जूनियर असिस्टेंट की तैयारी में विद्यार्थियों का ज्यादा रुझान है। प्रदेश में बीकानेर एकमात्र ऐसा जिला हैं। जहां यूपीएससी की तैयारी के लिए एक भी विद्यार्थी ने आवेदन नहीं किया। जबकि पटवारी, मेडिकल सहित अन्य सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया है।

यूपीएससी तैयारी के लिए आवेदन करने वालों की जिलेवार संख्या
● जयपुर 06
● अलवर 07
● कोटा 04
● दोसा 01
● जोधपुर 06
● सीकर 01
● पाली 08
● बाड़मेर 06
● झुंझुनू 03
● करौली 03
● अजमेर 03
● जैसलमेर 03
● भीलवाड़ा 01
● बीकानेर 0
● बारा 03
● बूंदी 03
● भीलवाड़ा 01
● नागौर 05
● झालावाड़ 01
● गंगानगर 08
● सिरोही 03
● सवाई माधोपुर 01
● चूरू 06
● उदयपुर 07
● बांसवाड़ा 09
● जालौर 08
● प्रतापगढ़ 04
● डूंगरपुर 06
● चित्तौड़गढ़ 05
● हनुमानगढ़ 02
● धौलपुर 01
● भरतपुर 02
● टोंक 02
● कुल 137

यह भी पढ़ें : मुहूर्त से मेल नहीं खा रही गहलोत सरकार की रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा

इनका कहना...मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विद्यार्थी सिविल सर्विसेज में कम आवेदन कर रहे हैं। सर्वाधिक आवेदन रीट, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आरएएस, पटवारी, कनिष्ठ सहायक आदि की तैयारी कर रहे हैं। कुछ जिलों से क्लेट के लिए भी आवेदन किए गए हैं। योजना को लेकर कट ऑफ जारी कर दी गई है।-मंधाता सिंह, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग, उदयपुर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर। Rajasthan Famous Shiva Temple: मेवाड़ के महाराणाओं के आराध्य देव एकलिंगनाथ मेवाड़ के अधिपति और महाराणा उनके दीवान कहलाते रहे हैं। इसी कारण मेवाड़ के सभी ताम्रपत्र, शिलालेख, पट्टे, परवानों में दीवानजी आदेशात लिखा गया है। भगवान शिव एकलिंगनाथ महादेव रूप में मेवाड़ के महाराणाओं तथा अन्य के प्रमुख आराध्य देव रहे हैं।

मान्यता है कि यहां राजा तो उनके प्रतिनिधि के रूप से शासन किया करते थे। जौहर स्मृति संस्थान चितौडग़ढ़ के पूर्व संयुक्त मंत्री और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ प्रदेशाध्यक्ष कानसिंह सुवावा ने बताया कि परंपराओं के चलते उदयपुर के महाराणा को दीवाणजी कहा जाता था। ये राजा किसी भी युद्ध पर जाने से पहले एकलिंगनाथजी की पूजा-अर्चना कर आशीष अवश्य लिया करते थे। बड़े-बड़े तान्त्रिक और वेद ज्ञाताओं ने यहां की पूजा पद्धति को माना है।

साक्षी मानकर लिए ऐतिहासिक प्रण: इतिहास के अनुसार एकलिंगनाथ को ही साक्षी मानकर मेवाड़ के राणाओं ने अनेक बार ऐतिहासिक प्रण लिए थे। महाराणा प्रताप के जीवन में अनेक विपत्तियां आईं, किन्तु उन्होंने डटकर सामना किया। एक बार उनका साहस टूटने लगा था, तब अकबर के दरबार में उपस्थित रहकर भी अपने गौरव की रक्षा करने वाले बीकानेर के राजा पृथ्वी राज को, उद्बोधन और वीरोचित प्रेरणा से सराबोर पत्र का उत्तर दिया। उत्तर में कुछ विशेष वाक्यांश के शब्द आज भी याद किए जाते हैं... 'तुरुक कहासी मुखपतौ, इणतण सूं इकलिंग, ऊगै जांही ऊगसी प्राची बीच पतंग।'

दो प्राचीन तालाब: यहां पर दो प्राचीन तालाब हैं, एक इन्द्र सरोवर और उदयपुर जाते समय बाघेला तालाब है। महाराणा मोकल ने अपने भाई भागसिंह के नाम पर इसका निर्माण कराया। इंद्र सरोवर के बारे में एक किवदंती है कि इंद्र को वृत्रासुर के मारने की ब्रह्म से ज्वर आने लगा तब उससे किसी प्रकार मुक्ति न देखकर बृहस्पति ने प्रश्न किया। कथा अनुसार ब्रह्म हत्या के प्रायश्चित की निवृत्ति के लिए एकलिंगजी की आराधना के लिए इंद्र ने पर्णकुटी बनाकर पास में एक तालाब खोजा। उसी को इंद्र सरोवर कहा गया है। इतना ही नहीं प्रसन्न होने पर इंद्र ने तालाब को फलदाता करने की प्रार्थना की तत्पश्चात उस तालाब का नाम इंद्र सरोवर नाम रख संपूर्ण फल देने वाले का गौरव एकलिंगजी ने प्रदान किया।

यह भी पढ़ें : सावन में सोने के आभूषणों से लालेश्वर महादेव का किया विशेष शृंगार

चतुर्मुखी शिवलिंग की स्थापना: मन्दिर परिसर के बाहर मन्दिर न्यास द्वारा स्थापित एक लेख के अनुसार डूंगरपुर राज्य की ओर से मूल बाणलिंग के इंद्रसागर में प्रवाहित किए जाने पर वर्तमान चतुर्मुखी शिवलिंग की स्थापना की गई थी। एकलिंगनाथ का मंदिर उदयपुर से 22 किलोमीटर दूर कैलाशपुरी में स्थित है। प्राचीन परंपरा अनुसार महाराणा मंदिर में प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही सोने की छड़ी ले लेते। सावन में और ग्रीष्म ऋतु में बावड़ी से चांदी के घड़े में जल लाकर एकलिंगनाथ की जलेरी में जल अर्पित करते।

भोग के लिए एक लाख रुपए वार्षिक तय: भगवान के भोग के लिए महाराणा भूपालसिंह के काल तक एक लाख रुपए वार्षिक तय किया हुआ था। कभी खास मौकों पर महाराणा विशेष प्रबंध करते थे। बिना कोताही के भोग-पूजन आदि के लिए कुलगुरु के साथ एक नायब हाकिम प्रतिदिन निरीक्षण करते। एकलिंगजी की पूजा के लिए चार ब्रह्मचारी और एक गोस्वामी हैं। यहां महाराणा के कुल गुरु वैदिक तथा तान्त्रिक पद्धति से पूजा करते हैं। ऐसी पूजा भारत में कम स्थानों पर होती है।

यह भी पढ़ें : राजस्थान का अनोखा मंदिर, जहां नदी से प्रकट हुआ शिवलिंग, इस सावन आप भी करें दर्शन

सबसे पहले एकलिंगनाथ के दर्शन: मेवाड़ के महाराणा प्रात:काल सबसे पहले एकलिंगनाथ चित्रपट के दर्शन करते थे। राजकीय कामकाज में एकलिंगजी लिखते थे। हाथी की सवारी में पहले एकलिंगनाथ का चित्रपट हाथी पर सोने के नाग के नीचे रहता था। कुछ घोड़े भी होते थे, जिन पर सवारी नहीं की जाती थी। ये एकलिंगनाथ के मान के लिए रहते थे।

बंबोरा.गींगला. उदयपुर जिले की बम्बोरा लेम्पस पर पहले चरण के तहत सोमवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होना था। इस पर पूर्व में प्रस्तावित मतदाता सूची में नामों को लेकर कई किसान सुबह ही कार्यालय पहुंच गए और चुनाव अधिकारी को आपत्तियां दर्ज करवाई। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद निस्तारण करते हुए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। अब ४ सितम्बर को संचालक मंडल सदस्यों का नामाकंन होगा और १३ सितम्बर को मतदान के बाद मतगणना होगी। किसानों ने बताया कि बम्बोरा लेम्पस के ११ ऋणी व एक १अऋणी सदस्यों के वार्ड निर्धारित कर २३ अगस्त को प्रस्तावित मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था। इस सूची पर आपत्ति जताते हुए किसानों ने चुनाव अधिकारी वैभव सिंह चौहान को बताया कि प्रस्तावित मतदाता सूची में अऋणी सदस्यों को ऋणी वाली सूची में नाम थे। जबकि कई सदस्यों के ऋणी के बावजूद सूची में नाम नहीं थे और वार्डो का भी सदस्यता क्रमांक से गठन नहीं होना बताया। इस पर चुनाव अधिकारी ने सभी की आपत्तियां लेकर सुनवाई करते हुए निस्तारण किया।इस दौरान व्यवस्थापक मांगीलाल व्यास, पूर्व उपप्रधान जोगेन्द्र पटेल, प्रधान प्रतिनिधि देवीलाल मीणा, शंकर लाल सुथार, जगजीत सिंह चौहान,देवीलाल पटेल, हीरालाल पटेल, अमित जारोली, रूपलाल, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुबेर सिंह चौहान, बंबोरा मंडल अध्यक्ष मावाराम पटेल, जिला सचिव सुखलाल पटेल, वीराराम सहित कई मौजूद रहे।

इनका कहना हैप्रस्तावित मतदाता सूची के बाद ४ दिन का समय दिया। सोमवार को जो भी आपत्तियां आई। सभी का निस्तारण करते हुए अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है।

वैभव सिंह चौहान, निर्वाचन अधिकारी, बम्बोरा लेम्पस

उदयपुर. नाट्यांश नाटकीय एवं प्रदर्शनीय कला संस्थान की ओर से रविवार को एक दिवसीय नाट्य संध्या का आयोजन हुआ। इस उपलक्ष्य में बोधायन द्वारा लिखित प्रसिद्ध प्रहसन भगवदज्जुकम् का मंचन किया गया। मूलत: संस्कृत में लिखित यह प्रहसन शास्त्रीय नाट्य परम्परा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

नाट्यशास्त्र के प्रणेता आचार्य भरतमुनि ने नाट्य के 10 रूपक बतलाए है। जिसमें बोधायन कृत भगवदज्जुकम् सातवीं शताब्दी का एक अत्यंत रोचक और सुगठित शुद्ध संस्कृत प्रहसन है। कार्यक्रम संयोजक मोहम्मद रिजवान मंसुरी ने बताया कि नाटक प्रस्तुति का मंचन हिंदी भाषा में किया गया। जिसका निर्देशन रेखा सिसोदिया ने किया। इस प्रस्तुति में भरतमुनि के अनुसार पूर्वरंग और भरतवाक्य की अभिकल्पना, शास्त्रीय रंगमंच के अनुरूप की गई है। जिसमें संस्कृत भाषा के श्लोक गायन का प्रयोग किया गया है। नाटक का अनुकूलन, परिकल्पना और निर्देशन व संगीत रेखा सिसोदिया ने किया गया। मंच पार्श्व में नृत्य संयोजन कृष्णेन्दु साहा, अन्जना कुंवर राव व उवर्शी कंवरानी ने किया।

सलूम्बर. जिला बनने के बाद सोमवार को अस्थाई भवन में रिजर्व पुलिस लाइन का शुभारंभ जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने किया।

जिला मुख्यालय के ड़ाल चौराहा क्षेत्र में हाडा रानी महाविद्यालय के बालिका छात्रावास भवन में सोमवार को अस्थाई तौर पर पुलिस लाइन का शुभारंभ क्वार्टर गार्ड के साथ पुलिस ध्वज का मुख्यालय पर ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान राष्ट्रगान हुआ। जिला कलक्टर प्रताप सिंह एवं जिला पुलिस अधीक्षक अरशद अली ने क्वार्टर गार्ड की सलामी के बाद भवन का फीता काट कर उद्घाटन किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने भवन का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। बाद में पुलिस के जवानों को संबोधित किया। इस मौके पर एसपी ने कहा कि नवगठित जिलों में प्रदेश की सबसे सुंदर एवं सुव्यवस्थित पुलिस लाइन का निर्माण सलूंबर का होगा, इसके लिए हम सबको प्रयास करना होगा। जिला कलक्टर ने कहा कि जिला निर्माण को लेकर उत्कृष्ट कार्य की जब भी चर्चा होगी तब हम सब मजबूत एवं सुव्यवस्थित नींव निर्माण के साक्षी होंगे। इससे पूर्व दोनों अधिकारियों का साफा बांधकर कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र शर्मा ने कया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेंद्र बी पाटीदार, डिप्टी एसपी डूंगर सिंह चुंडावत, सलूंबर थाना अधिकारी प्रदीप बिठु एवं सराड़ा ,लसाडिया ,झल्लारा,परसाद ,गींगला ,जावर माइंस, सेमारी थाना सहित सभी थानाधिकारी व लाइन का जाप्ता मौजूद था ।

.................................

क्षेत्रीय वन अधिकार ने पदभार संभाला
लसाड़िया. लसाड़िया रेंज में रामलाल भील ने क्षेत्रीय वन अधिकारी का पदभार ग्रहण किया। अब तक रेंज लसाड़िया का चार्ज धरियावद क्षेत्रीय वन अधिकारी तेजपाल मीणा के पास होने से ग्रामीणों को आने- जाने में दिक्कत हो रही थी। नए अधिकारी का तिलक लगाकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। लसाड़िया में रेंज कार्यालय खुलने व क्षेत्रीय वन अधिकारी के पद भार ग्रहण करने के बाद ग्रामीणों के सभी कार्य वहीं होंगे। इस अवसर पर रिटायर क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलाल मेघवाल, कूण वनपाल सोनम मीणा, सहायक वनपाल बाबूलाल शर्मा, धनंजय सिंह शक्तावत, वन सुरक्षा प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष व सदस्य उपस्थित थे।

नियम कायदे ताक पर

Monday 28 August 2023 08:11 PM UTC+00

उदयपुर. भींडर. कानोड़ .राज्य सरकार द्वारा भींडर व कानोड़ नगर में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत कर कार्य भी शुरू कर दिया गया है लेकिन जिस ठेकेदार को यह कार्य सौंपा गया है वह स्वयं तो मौके पर एक बार भी नहीं दिखा, तीसरा ठेकेदार मौके पर काम करवा रहा है, जो किसी की सुनने को तैयार नहीं है। उपभोक्ताओं ने ठेकेदार द्वारा फोन रिसीव नहीं करने की शिकायत भी की है ।बताया गया कि मूल ठेकेदार ने दूसरे को व दूसरे ने तीसरे व्यक्ति को ठेका देकर नियमों की अवहेलना की है। संभवत: आज तक इतनी शिकायतें किसी अन्य कार्य की नहीं हुई होगी जितनी शिकायतें लगातार जलदाय विभाग द्वारा डाली जा रही सप्लाई लाइन में आ रही है ,लेकिन विभाग के अधिकारी भी मूकदर्शक बने हैं । अव्यवस्थाओं की शिकायत भींडर व कानोड़ दोनों नगरों में लगातार मिल रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र भी अछूते नहीं हैं। निकटवर्ती सालेड़ा , बांसड़ा , राजपुरा जहां यह कार्य चल रहा है वहां भी शिकायतों की भरमार है । रविवार को बस स्टैंड पर बीते 10 दिन पूर्व डाली गई सप्लाई लाइन का लेवल सही नहीं मिलने के कारण फिर से लाइन को खोदा गया तो स्थानीय पार्षद गोपाल खटीक , स्थानीय रज्जाक मोहम्मद सहित लोगों ने विरोध जताया और ठेकेदार के कार्यों को नियमों में नहीं होने की विभाग अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कार्य दिखवाने की बात कह कर पल्ला झाड़ दिया ।

नियम ताक में-उपभोक्ताओं को हो रहा आर्थिक नुकसान

विभाग के नियमानुसार नगर में पाइपलाइन डालने के साथ ही उपभोक्ता को इसी लाइन से कनेक्शन देना है, लेकिन ठेकेदार कनेक्शन जोड़कर पाइप को वहीं छोड़ रहा है, जिससे उपभोक्ता को अलग से मजदूर लगाकर अपने घर तक लाइन पहुंचानी पड़ रही है ।

विभाग नहीं दे रहा ध्यानविभाग ठेकेदार की आंखों के सामने विभाग द्वारा लगाया गया फेरोल लाइन में अधिक पानी लेने की दौड़ में उपभोक्ता चेंज कर रहे हैं जिनको रोकने टोकने वाला भी कोई नहीं है।

पर्याप्त गहराई में नहीं डाली जा रही पाइप लाइन

जलदाय विभाग पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। विभाग के नियमानुसार सप्लाई लाइन को 1 मीटर नीचे जमीन में डाला जाएगा लेकिन मौके के हालात को देखा जाए तो कहीं जगह ऐसे हैं कि एक फीट गहराई में भी लाइन को नहीं डाला गया है । ऐसी कॉलोनियां भी है जहां पर पाइपलाइन कुछ गहराई पर डाली गई है । फिल्टर प्लांट से जुड़ी बस्तियां तक पेयजल आपूर्ति के लिए डाली गई प्लास्टिक की पाइपलाइन लगभग एक फीट जमीन में डाली गई है जबकि उस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है ऐसे में कभी भी वह लाइन टूट कर सप्लाई बाधित कर सकती है । क्षेत्र में डाली गई पाइपलाइन जमीन के ऊपर दिख रही है जिसको भी नहीं सुधर गया है ।

सड़क के मलबे से नालियां हो रही चौक, गंदा पानी फेर रहा सड़क पर

विभाग ठेकेदार की लापरवाही की वजह से लाइन खोदकर धीमी गति से कार्य करने के कारण नगर पालिका की नालियां बंद हो गई है जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने के कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है । जबकि लाइन खोदने के साथ ही उसे सुव्यवस्थित करने और मलबा सड़क से हटाने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की है ,लेकिन ऐसा समय पर नहीं किया जा रहा है ।

इनका कहना है.....

कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, विभाग अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं , नगर में बिछाई जा रही सप्लाई लाइन को गहरा नहीं डालने से क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है, मूल ठेकेदार मौके पर नहीं है तीसरा व्यक्ति काम करवा रहा है, ठेकेदार फोन तक रिसीव नहीं करता । उच्चाधिकारियों को शिकायत की जाएगी ।

गोपाल खींची, पार्षद नगरपालिका कानोड़

काम सही चल रहा है कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो सुधार किया जाएगा, फेरौल चेंज करने वाले खिलाफ कार्रवाई होगी, फिल्टर प्लांट के पास पत्थर आने की वजह से लाइन को गहरा नहीं डाला जा सका है फिर भी दिखवाकर सुधार किया जाएगा।

परसाराम, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग भींडर

उदयपुर .सलूम्बर. सलूम्बर जिले के लसाडि़या एवं उदयपुर जिले के झाड़ोल ,बड़गांव , गोगुंदा एवं गिर्वा पंचायत समिति की कुछ ग्राम पंचायतों में कनिष्ठ सहायक को ग्राम विकास अधिकारी का कार्य भार देने का मामला सामने आया है। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी उदयपुर जिला संघ ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पांचों विकास अधिकारियों को पत्र लिखकर पंचायत समिति क्षेत्र में ग्राम विकास अधिकारी उपलब्ध होने के पश्चात कनिष्ठ सहायक को पदभार देने के राज्य सरकार के आदेश की अवहेलना करने पर विरोध जताते हुए तीन दिन में कनिष्ठ सहायक को हटाने तथा नहीं हटने पर विकास अधिकारी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

यह है मामला

पंचायती राज विभाग के आदेश अनुसार एक पंचायत समिति में कुल पंचायत के अनुरूप ग्राम विकास अधिकारी के पद रिक्त हैं तो एक ग्राम विकास अधिकारी को दो पंचायत का चार्ज दिया जाए, उसके उपरांत अगर कोई पंचायत शेष रह जाती है तो कनिष्ठ सहायक को ग्राम विकास अधिकारी का कार्य भार दिया जा सकता है लेकिन लसाडिया , झाड़ोल ,गिर्वा ,गोगुन्दा तथा बड़गांव पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारी मौजूद होने के बाद कनिष्ठ सहायक को चार्ज दे दिया गया है। इसे लेकर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष शंकर लाल कुम्हार , प्रदेश प्रतिनिधि कमलेश सेन एवं जिला मंत्री हरीश सुथार के हस्ताक्षर युक्त पांचों विकास अधिकारियों को पत्र भेजा। पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि तीन दिन में राज्य सरकार के निर्देश की पालना करते हुए कनिष्ठ सहायक की एसएसओ आईडी बंद करके ग्राम विकास अधिकारी को पदभार दिया जाए। आदेश की अवहेलना करने पर आंदोलन किया जाएगा।

पंचायती राज विभाग का प्रथम आदेश

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से 5 अक्टूबर 2018 को शासन सचिव एवं आयुक्त कुंजीलाल मीणा ने सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी को आदेशित किया कि ग्राम विकास अधिकारी का पद रिक्त होने की स्थिति में उक्त पद का अतिरिक्त प्रभार समीप ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को दिया जाए एवं किसी भी स्थिति में अन्य अधिकारी या कर्मचारी को नहीं दिया जाए। उक्त निर्देशों की कठोरता से पालना सुनिश्चित की जाए। निर्देश की अवहेलना की स्थिति में मुख्य कार्यकारी जिला परिषद एवं विकास अधिकारी पंचायत समिति का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

द्वितीय आदेश

पंचायती राज विभाग द्वारा 6 मई 2022 को शासन सचिव नवीन जैन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी का पद रिक्त होने पर समीप के ग्राम विकास अधिकारी को पदभार दिया जाए तथा ग्राम पंचायत में पद रिक्त होने पर पंचायत समिति द्वारा एक ग्राम विकास अधिकारी को दो ग्राम पंचायत का पदभार दिया जाए तथा पंचायत समिति में 1 ग्राम विकास अधिकारी को दो पंचायत का पद भार देने के बाद उस पंचायत समिति में अगर कोई पंचायत ग्राम विकास अधिकारी से रिक्त रहती है तो ऐसी स्थिति में अन्य कर्मचारियों को कार्यभार दिया जाए ।

पांचो पंचायत समिति की स्थिति

पंचायत समिति लसाडिया में कुल ग्राम पंचायत 26 है और कुल ग्राम विकास अधिकारी 24 है फिर भी 3 कनिष्ठ सहायकों तीन पंचायतों का पदभार दिया गया है। इसी तरह पंचायत समिति झाडोल मे कुल ग्राम पंचायत 40 ,ग्राम विकास अधिकारी 38 और 4 कनिष्ठ सहायक के पास 4 पंचायत , गोगुन्दा पंचायत समिति में कुल ग्राम पंचायत 32 तथा कुल ग्राम विकास अधिकारी 23 तथा 16 कनिष्ठ सहायक को ग्राम विकास अधिकारी का कार्यभार, जिसमें 6 कनिष्ठ सहायक के पास दो-दो ग्राम पंचायत के कार्य भार है । गिर्वा पंचायत समिति में कुल ग्राम पंचायत 45 तथा ग्राम विकास अधिकारी 45 फिर भी एक कनिष्ठ सहायक को एक पंचायत दी गई हैं तथा बडगांव पंचायत समिति में कुल ग्राम पंचायत 29 और ग्राम विकास अधिकारी 30 उसके बाद भी 4 कनिष्ठ सहायक को चार पंचायत का कार्यभार दिया गया है।

इनका कहना -

नियमानुसार गलत है। पंचायत समिति में नये वीडिओ लग चुके हैं ,उनको चार्ज देने के लिए सभी विकास अधिकारियों को निर्देशित किया हुआ है, फिर भी अगर ऐसा कहीं हो रहा है तो जिम्मेदार के खिलाफ जांच कर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

विनय पाठक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद उदयपुर

सलूम्बर जिले के लसाडिया पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी पंचायत में नियम अनुसार वीडिओ के पद पर अन्य को चार्ज दिया गया है तो,उसकी जांच करके नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-प्रताप सिंह मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद सलूम्बर

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.