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नागौर/लाडनूं. तहसील के गांव लाछड़ी की एक ऐसी शख्सियत है, जिन्होंने देशसेवा करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाकर सम्पूर्ण क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। यह शख्सियत है आशुसिंह राठौड़। वे वर्तमान में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में उप महानिदेशक पद पर सेवारत हैं। लाछड़ी गांव में 15 जनवरी 1964 को हुआ।

स्कूल तीन किमी पैदल चलकर जाते
जसवंतसिंह-छगन कंवर के घर इनका जन्म हुआ। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा लाछड़ी में पूरी की। इसके बाद ग्राम पंचायत मीठड़ी के राजकीय विद्यालय में पढ़ने लगे। स्कूल तीन किमी पैदल चलकर जाते थे तथा गांव में बिजली नहीं होने से लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते थे। मीठड़ी विद्यालय में केवल कला संकाय था, इसलिए विज्ञान संकाय (गणित) से पढ़ाई करने के लिए इन्होंने मौलासर के सोमानी स्कूल में दाखिला लिया। यहां से डिस्टेक्शन से परीक्षा उत्तीर्ण की। आशुसिंह प्राथमिक स्तर से ही मेधावी छात्र रहे। 1988 में पॉलिटेक्निकल कॉलेज अजमेर से इंजीनियरिंग की । इसमे टॉपर रहे। इसके बाद यूपीएससी परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण की। 1990 में बीआरओ में नियुक्ति मिली तो देशसेवा की भावना से बेहिचक शामिल हो गए।


इन पुरस्कारों से हो चुके सम्मानित
आशुसिंह राठौड़ को 2017 में गणतंत्र दिवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया, वहीं 2019 में थल सेनाध्यक्ष ने सम्मानित किया। 2020 में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अतिविशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया । इसके अलावा उन्हें इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग, उत्तराखण्ड सरकार, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित कई सभा-संस्थाओं की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में उन्हें ह्युमन प्राइड ग्रुप की ओर से ग्लोबल प्राइड अवार्ड से नवाजा गया है। सेना में उन्हें तीन बार जम्मू-कश्मीर पदक, 10, 20 व 30 साल का सर्विस मेडल, उत्तर पूर्व पदक, ऑपरेशन पराक्रम पदक, विदेश सेवा पदक आदि भी मिले।

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गांव के पहले इंजीनियर
अपने गांव के पहले इंजीनियर बनने वाले आशुसिंह युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत हैं। उनकी पुत्री महक राठौड़ चिकित्सक हैं तथा गोल्ड मेडलिस्ट हैं।आशुसिंह ने 2021 में उत्तराखण्ड में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान निस्वार्थ सेवाएं देकर लोगों की मदद की। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क तथा लद्दाख में 18 हजार फीट पर दौलत बेग ओल्डी सड़क निर्माण राठौड़ के नेतृत्व में पूर्ण हुआ।

राजस्थान की गर्मी में रहने वाले आशुसिंह को बीआरओ में उत्तर-पूर्वी राज्यों के पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने की चुनौती मिली, लेकिन उन्होंने अपने हौंसलें से हर कठिनाई को पार किया। लद्दाख की 12 हजार फीट ऊंचाई तथा उत्तराखण्ड की बर्फिली चोटियों पर लैंड लाइन सीमा पर सेवाएं दी। इन्हें पड़ौसी देश भूटान में रहकर सेवाएं देने का भी अवसर मिला। राठौड़ 5 साल तक लगातार दो सड़क निर्माण कम्पनियों की कमान संभालने वाले एकमात्र अधिकारी हैं। उप महानिदेशक के उनके दो कार्यकाल में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर एक कीर्तिमान स्थापित किया गया। अपनी अदम्य कार्यक्षमता और मृदुल व्यवहार के लिए सेना में उनकी अलग पहचान है। आशुसिंह अब तक दो बार राष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं। देशसेवा के साथ वे अपने गांव से भी पूरा लगाव रखते हैं तथा क्षेत्र के विकास में सहभागिता निभा रहे हैं।

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कुचेरा . नागौर जिले के बुटाटी धाम स्थित संत चतुरदास महाराज मन्दिर में रविवार को दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी । सुबह से ही वाहनों के साथ पैदल संघों के रूप में जातरुओं के आने का क्रम शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। भारी भीड़ के कारण जातरुओं को मन्दिर में दर्शन व परिक्रमा के लिए कतारों में कई घंटो खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

मन्दिर में जातरुओं की भारी भीड़ के चलते क्षेत्र से निकल रहे अजमेर बीकानेर, बुटाटी जोधपुर, बुटाटी सीकर, बुटाटी जयपुर सहित विभिन्न रुटों पर चलने वाली रोडवेज, निजी बसों व अन्य वाहनों में भारी भीड़ रही। रोडवेज व वाहन मालिकों को अच्छी राजस्व प्राप्ति हुई।रोडवेज व निजी बसों में भारी भीड़ के कारण छोटे व ग्रामीण स्टेण्डों पर रोडवेज बसें नहीं रुकने से इन स्टेण्डों के यात्रियों को बस के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ा।


वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन
तरनाऊ. भारतीय रिजर्व बैंक व क्रीसिल फाउंडेशन की ओर से रविवार को डेहरोली गांव में वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को बैंकिंग से संबंधित जानकारी दी गई। फिल्ड अधिकारी सुरेश सोलंकी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति योजना,अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र की ऑनलाइन सुविधाओं तथा ठगी के बारे में बताया । इस मौके पर एसबीआई बैंक व आरएमजीबी बैंक के कर्मचारियों सहित बीसी विक्रम तिवाड़ी व राजवीर सिंह मौजूद रहे।

नागौर. नागौर के सर्किट हाउस में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी करने आए कांग्रेसी आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत से धक्का-धूम करते हुए मारपीट का प्रयास भी किया गया। यह घटनाक्रम जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग, आयोजना (जनशक्ति), भाषा एवं पुस्तकालय विभाग, स्टेट मोटर गैराज विभाग (स्वतंत्र प्रभार) गृह और न्याय विभाग राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह यादव के सामने हुआ, जिसे देखकर वे कार में सवार होकर रवाना हो गाए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री यादव व राज्यसभा सांसद नीरज डांगी का सोमवार को नागौर दौरा प्रस्तावित था। दोनों को दाेपहर करीब ढाई बजे नागौर पहुंचकर सर्किट हाउस में जिले की दस विधानसभा सीटों से टिकट की दावेदारी करने वाले 104 प्रत्याशियों से वन-टू-वन बात करनी थी, लेकिन मंत्री करीब ढाई घंटे देरी से पांच बजे सर्किट हाउस पहुंचे ।

उन्होंने आते ही दावेदारों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधानसभा चुनाव में एकजुटता दिखाते हुए जीतने का संदेश दिया। बाद में जैसे ही सर्किट हाउस में उन्होंने दावेदारों से चर्चा शुरू की, मकराना से आए जिलाध्यक्ष के विरोधी गुट ने विरोध करना शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख मंत्री बाहर आ गए। इसी बीच मकराना के एक गुट ने जिलाध्यक्ष गैसावत के पुत्र व समर्थकों से धक्का-मुक्की करने लगे। बात बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए। इसीबच मंत्री यादव कार में बैठकर रवाना हो गए। हालांकि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेनी थी तथा रात को नागौर में रुकना था, लेकिन वे चूरू के लिए रवाना हो गए।

नागौर. अमरपुरा गांव में करीब बीस दिन पहले हुए तुलसीराम हत्याकाण्ड के आरोपियों तक पहुुंचने के लिए

पुलिस चार-पांच संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग/नार्को टेस्ट कराने के लिए अदालत में प्रार्थना-पत्र दाखिल करने जा रही है। अब तक की पड़ताल में हत्या की वजह जमीन विवाद को माना जा रहा है। इन संदिग्धों में तुलसीराम के साथ घायल हुए सुरेश मेघवाल के निकटतम शामिल हैं। नागौर जिले का संभवतया यह दूसरा मामला है। जनवरी में श्रीबालाजी थाना इलाके में हुई गुड्डी हत्या के आरोपी अनोपाराम की ब्रेन मैपिंग/नार्को टेस्ट पहला मामला था, जिसकी रिपोर्ट भी एक-दो दिन में अदालत में पेश की जाएगी।सूत्रों के अनुसार सदर थाना पुलिस अमरपुरा में हुए तुलसीराम हत्या के मामले में चार-पांच संदिग्धों के ब्रेन मैपिंग/नार्को जांच के लिए अदालत की स्वीकृति के लिए प्रार्थना-पत्र दाखिल करेगी। अब तक की पड़ताल में हत्याकाण्ड का कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। जमीन विवाद की बात जरूर सामने आई है, इसीलिए पुलिस कुछ संदिग्धों के ब्रेन मैपिंग/नार्को टेस्ट कराने की अनुमति लेने जा रही है। कई दिनों तक इस जांच पर भी गतिरोध सा बना हुआ था, लेकिन शुक्रवार को माली समाज ने इस बात को हरी झण्डी दे दी कि हत्या के आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस संदिग्धों की शीघ्र ब्रेन मैपिंग/नार्को जांच कराए। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई और संभवतया सोमवार को इसके लिए वो अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करेगी।

तुलसीराम हत्याकाण्ड मामले में पुलिस पड़ताल जमीन विवाद के इर्दगिर्द घूम रही है। अमरापुरा में जिस जमीन पर बने कमरे की छत पर तुलसीराम व सुरेश मेघवाल पर हमला किया गया था, वो जमीन विवाद में बताई गई है। करीब एक सौ दो बीघा जमीन तुलसीराम के पुरखों में बंटी थी, इसमें दस-ग्यारह बीघा जमीन तुलसीराम व उसके भाइयों के पास आई थी। बताया जाता है कि कुछ समय पहले इस जमीन का कुछ हिस्सा बिका, किसी म्यूटेशन अथवा कागजों की पड़ताल को लेकर भी तुलसीराम को इन दिनों झांसा दिया जा रहा था। हालांकि अभी साफ तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि हत्या की वजह यही है, इस जमीन विवाद से जुड़े चार-पांच लोगों का ही पुलिस ब्रेन मैङ्क्षपग और नार्को टेस्ट कराने जा रही है।

स्वीकृति के बाद होगी जांच, टाइम भी खूब लगेगा

सूत्रों का कहना है कि पहले नार्को टेस्ट के लिए संबंधित व्यक्ति की स्वीकृति जरूरी थी और ब्रेन मैपिंग आईओ स्तर पर तय कर दिया जाता था। सुप्रीम कोर्ट के नए संशोधन में ब्रेन मैपिंग के लिए भी संबंधित व्यक्ति की स्वीकृति जरूरी है। गुड्डी हत्याकाण्ड में जब आरोपी अनोपाराम विश्नोई को लेकर पुलिस गुजरात के गांधी नगर तक पहुंच गई थी तब यही पेंच फंस गया था।

तत्कालीन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पालावत ने वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट एलिजा गुप्ता के समक्ष पेश कर आरोपी अनोपाराम की स्वीकृति का रास्ता साफ किया। बताया जाता है कि अदालत में संदिग्धों की स्वीकृति के बाद गुजरात के गांधी नगर स्थित प्रयोगशाला से तय तिथि पर इन संदिग्धों को ले जाया जाएगा, इन सबकी जांच में करीब पंद्रह दिन का समय लगेगा और रिपोर्ट आने में भी महीना भर लग सकता है। हालांकि पुलिस को लगता है कि इसके बाद असल आरोपी तक पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे। एसपी राममूर्ति जोशी के निर्देश पर एएसपी सुमित कुमार, नागौर सीओ ओमप्रकाश गोदारा, सदर सीआई सुखराम चोटिया, एसआई जगदीश प्रसाद, एएसआई महावीर सिंह सहित अन्य अफसरों की आधा दर्जन टीम इस हत्याकाण्ड को खोलने में जुटी हुई है।

अनोपाराम की रिपोर्ट अदालत में होगी पेश

सूत्र बताते हैं कि श्रीबालाजी थाना इलाके में जनवरी में हुई गुड्डी हत्याकाण्ड के आरोपी अनोपाराम को पकडऩे में पुलिस को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी पर उसके लापता शव को लेकर उसका भी ब्रेन मैपिंग/नार्को टेस्ट तक कराना पड़ा। जून में जाकर ब्रेनमैपिंग/नार्को पूरा हुआ और अब रिपोर्ट आई है। यह रिपोर्ट कानूनी लाभ पुलिस को देगी। इस जांच रिपोर्ट में अनोपाराम के गुड्डी को काटने के साथ वहीं पटकने की बात कबूल हुई है। उसने नृशंसता से हत्या करने का भी संकेत दिया है। हालांकि हत्या के कुछ दिन बाद गुड्डी की खोपड़ी, एक हड्डी-जबड़ा मिल चुके थे। शव को कहां छिपाया, इसी रहस्य को जानने के लिए अनोपाराम की नार्को टेस्ट के साथ ब्रेन मैपिंग करवाई गई थी।

तुलसीराम हत्याकाण्डसदर थाना इलाके में अमरपुरा गांव स्थित एक खेत पर बने कमरे की छत पर नौ अगस्त की रात सो रहे खेत मालिक तुलसी राम भाटी (50) और सुरेश मेघवाल (25) पर अज्ञात बदमाशों ने धारधार हथियार से हमला बोला। तुलसीराम की मौत हो गई जबकि सुरेश घायल हुआ और उपचार के बाद स्वस्थ हो गया। तब से पुलिस दिन-रात हमलावरों का सुराग लगाने में जुटी है। अब पुलिस कुछ संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग व नार्को जांच कराने जा रही है।

गुड्डी का मामला

गुड्डी से अनोपाराम के दो-ढाई साल रिश्ते रहे। अनोपाराम का विवाह हुआ पर गुड्डी ने पीछा नहीं छोड़ा। अनोपाराम 22 जनवरी को बाइक से उसे नागौर लाया। बस स्टैण्ड पर बाइक खड़ी कर बस से बुटाटी भी गया। शादी करने की जिद पर उसने अनोपाराम से झगड़ा किया। चलती बाइक से कूदने की धमकी दी। कहासुनी हुई तो गुड्डी ने अनोपाराम का अंगूठा चबा दिया, यहीं अनोपाराम ने कटार से उसके गले पर वार कर दिया। असल में अनोपाराम कटार लाया ही इसलिए था कि राजी से मानकर घर लौट जाएगी तो ठीक, वरना उसका काम तमाम कर देगा। उसके बाद जब गुड्डी का शव नहीं मिला तब जाकर उसकी ब्रेन मैपिंग/नार्को जांच कराई गई।

-11 हजार किलो की बर्फ से 151 शिलाओं से तैयार किया गया था अमरनाथ गुफा की तर्ज पर बाबा अमरनाथ को
-महाआरती में आस्था का उमड़ा ज्वार
-बर्फानी बाबा के साथ चंद्रयान-3 की झांकी भी रही विशेष आकर्षण का केन्द्र
नागौर. शहर के प्रतापसागर की पाल स्थित बड़लेश्वर महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को हर-हर महादेव का नाद गूंजता नजर आया। अमरनाथ की गुफा की तर्ज पर विराजित हुए एकलिंग महादेव के दर्शनों के लिए श्रद्धा का ज्वार उमड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव का दर्शन करने के साथ अर्चन किया। सावन मास के अंतिम सोमवार को 151 बर्फ की शिलाओं से बाबा बर्फानी की झांकी सजी। इसका वजन 11 हजार किलो था जबकि ऊंचाई सात से आठ फीट थी। चंद्रयान-3 की लैंडिंग का असर बाबा बर्फानी पर भी दिखा। बाबा के पास ही चंद्रयान-3 झांकी भी सजाई गई। शाम को साढ़े सात बजे बाबा बर्फानी की आरती की गई। आरती लक्ष्मीनारायणदास महाराज ने की। महाअरती में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बाबा बर्फानी े के साथ ही शेषनाग, शिव-पार्वती, अर्धनारीश्वर एवं गजानंद की झाकियां आकर्षण का केन्द्र बनी रही। विशेषकर चंद्रयान-3 पर भी श्रद्धालुओं की नजरें लगी रही। बाबा बर्फानी का आकार बिलकुल अमरनाथ गुफा की में निर्मित होने वाले शिवलिंग की तर्ज पर होने की वजह से श्रद्धालुओं में इसकी झलक पाने की होड़ लगी रही। इसके साथ ही इस बार के विशेष आकर्षण में चंद्रयान-3 की झांकी भी श्रद्धालु फोटो खीचने के साथ ही वीडियो आदि बनाते नजर आए। चंद्रयान-3 की झांकी में आठ फिट लंबा राकेट, लेंडर विक्रम के साथ ही विक्रम रोवर भी तैयार कियाग गया था। इसके पूर्व बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए शाम को छह बजे से ही भीड़ उमडऩी शुरू हो गई। प्रतपसागर की पाल पर नया दरवाजा एवं अहिंसा सर्किल की ओर से आने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनातगी रही। ताकि कहीं, कोई अप्रिय स्थिति बन पैदा हो सके। इस दौरान बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में हरिराम धारणियां, रामेश्वर सारस्वत भोजराज सारस्वत, आनंद अग्रवाल लोकेश टांक, बद्री नारायण छंगाणी, सुनील बोरा हेमू आचार्य, अशोक, सुनील कुमार, अशोक कांगसिया, दौलत भाटी, नारायण पुजारी, शरद जोशी आदि मौजूद थे।
सफल बनाने में 17 लोगों की टीम लगी
पूरे कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए नृत्यगोपाल मित्तल व भोजराज सारस्वत के साथ 17 सदस्यों की टीम लगी हुई थी। ताकि कहीं पर कोई कमी न रह जाए। बड़लेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह 4 बजे से अभिषेक शाम को 4 बजे तक चला। इस दौरान निज मंदिर के बड़लेश्वर महादेव का भी शृंगार किया गयाा।
मंदिरों में उमड़ी भीड़
सावन के मास के अंतिम सोमवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में भी महादेव के अभिषेक आदि के कार्यक्रम हुए। इसमें नया दरवाजा, शिवबाड़ी, हाउसिंग बोर्ड, काठडिय़ा का चौक, मानासर, बंशीवाला स्थित पातालेश्वर महादेव, बाठडिय़ा का चौक, गणेश बावड़ी, बालवा गांव में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भूतनाथ आदि मंदिरों में श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ ही शिव ताण्डव स्तोत्र, शिव चालीसा के साथ रूद्रास्टाध्यायी संहिता आदि का पाठ किया गया। अलसुबह से ही मंदिरों में महादेव के अर्चन के लिए भीड़ लगनी शुरू हो गई। सुबह करीब 11 बजे तक बंशीवाला में पातालेश्वर महादेव मंदिर, जबरेश्वर महादेव मंदिर एवं शिवबाड़ी स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं में एकलिंग महादेव का अभिषेक करने की होड़ लगी रहीं।

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