>>: Rajasthan Politics : राजस्थान में कांग्रेस को तलाश... सवाल ये कि कौन-कौन बनेंगे ​खिवैया

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Rajasthan Assembly Election 2023 : कांग्रेस पार्टी में पाली जिले की छहों विधानसभा सीटों के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हर सीट पर दावेदारों की लंबी कतार है। आवेदकों की सूची पीसीसी और स्क्रीनिंग कमेटी के पास पहुंच गई है। मजे की बात यह है कि कांग्रेस सभी सीटों पर लंबे समय से हार रही है, लेकिन टिकट की रेस में नेताओं की संख्या कम नहीं है।

जिले की छहों सीटों पर 238 दावेदारों ने आवेदन किया है। इनमें पाली विधानसभा में सर्वाधिक है। इसके बावजूद पार्टी को ऐसे चेहरों की तलाश है जो इस बार खिवैया बन सके। सालों से पाली जिला भाजपा का अभेद्य गढ़ बना हुआ है। कांग्रेस इसे भेद ही नहीं पा रही। इस बार पार्टी ऐसे समीकरणों और चेहरों को तलाश रही है जिनके सहारे भाजपा के गढ़ में सेंध मार सके। पार्टी इसके लिए गहराई से मंथन कर रही है।

दावेदारों में नेता, प्रोफेसर, छात्रनेता और उद्यमी
कांग्रेस से दावेदारी करने वालों में पार्टी नेताओं के साथ-साथ कॉलेज प्रोफेसर, छात्र नेता, प्रवासी राजस्थानी और कई उद्यमी भी शामिल है। टिकट की दौड़ में उम्रदराज पार्टी नेताओं को युवा पूरी टक्कर दे रहे हैं। पूर्व सांसद और पूर्व विधायक भी पीछे नहीं है।

जीत का फार्मूला बताओ : स्क्रीनिंग कमेटी
पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे कांग्रेस नेताओं से स्क्रीनिंग कमेटी ने बुधवार को जयपुर में फीडबैक लिया। कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, सदस्य गणेश गोडियाल, अभिषेक दत्त ने कांग्रेस नेताओं से वन टू वन बातचीत की। एक-एक को करीब 20 मिनट का समय दिया गया। इसमें पूछा कि पिछला चुनाव कैसे हारे और अब कैसे जीत सकते हैं। स्क्रीनिंग कमेटी का पूरा फोकस चुनावी जीत के समीकरणों और ऐसे चेहरों पर रहा, जिनसे पाली में कांग्रेस का अकाल मिट सके। कुछ कांग्रेस नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी नेताओं की आपसी खींचतान पर अंकुश नहीं लगने के कारण पार्टी को नुकसान झेलना पड़ रहा है तो कुछ ने यह भी कहा कि खिलाफत करने वालों पर सख्ती नहीं हो रही। गुटबाजी का मुद्दा सभी ने उठाया।

इधर, भाजपा परिवर्तन यात्रा की तैयारी में 11 सितम्बर को सुमेरपुर में प्रवेश करेगी
विधानसभा चुनावों से पूर्व भारतीय जनता पार्टी की जोधपुर संभाग में परिवर्तन यात्रा का आगाज 4 सितम्बर से रामदेवरा से किया जा रहा है। यात्रा कार्यक्रम को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। पाली संभाग में इसका प्रवेश 8 सितम्बर को प्रस्तावित है। सिवाणा से जालोर जिले के भाद्राजून में यात्रा का प्रवेश होगा। पहली आमसभा भाद्राजून में 8 सितम्बर को प्रस्तावित है। इसके बाद जालोर, सांचौर, सिरोही होते हुए यात्रा 11 सितम्बर को पाली जिले में प्रवेश करेगी। पाली में यात्रा का पड़ाव दो दिन रहेगा और पांच आमसभाएं होंगी।

...इसलिए है कठिन डगर
● पाली विधानसभा सीट से 1980 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी माणकमल मेहता अंतिम बार जीते। यानी पिछले आठ चुनावों से कांग्रेस लगतार हार रही।

● बाली सीट से 1985 में रघुनाथ कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अंतिम बार जीते।

● जैतारण सीट पर अंतिम बार 1985 में कांग्रेस के प्रतापसिंह विजयी रहे थे। (दिलीप चौधरी 2008 में निर्दलीय जीते थे)

● सोजत सीट पर माधवसिंह दीवान 1998 में अंतिम बार जीते। इसके बाद से ही कांग्रेस लगातार हार रही।

● सुमेरपुर सीट पर 2008 में कांग्रेस की बीना काक विजयी रही। पिछले दो चुनावों से कांग्रेस को यहां निराशा हाथ लग रही।

● मारवाड़ जंक्शन सीट 2008 में बनीं। इसके बाद तीन चुनाव हुए। तीनों में कांग्रेस हारी। निर्दलीय के रूप में खुशवीरसिंह जीते।

फैक्ट फाइल
यात्रा कुल किलोमीटर - 2574
यात्रा कुल दिन - 18
कुल विधानसभा - 51

कहां कितने आवेदन
पाली- 53
सुमेरपुर- 48
बाली - 38
जैतारण - 35
सोजत - 35
मारवाड़ जं - 29

यात्रा कार्यक्रम प्रस्तावित
11 सितम्बर सुमेरपुर आमसभा
11 सितम्बर बाली आमसभा
11 सितम्बर रानी आमसभा व रात्रि विश्राम
12 सितम्बर पाली आमसभा
12 सितम्बर सोजत आमसभा
12 सितम्बर बर चौराहा आमसभा

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