एप से नहीं लगेगी शिक्षकों व विद्यार्थियों की हाजिरी, आगामी आदेश तक स्थगित
- शिक्षक संगठनों के विरोध, अधिक समय लगने, नेटवर्क समस्या आदि के चलते निर्णय
हनुमानगढ़. जिले व प्रदेश के उच्च माध्यमिक स्तर के सरकारी विद्यालयों में शाला दर्पण शिक्षक एप से ऑनलाइन हाजिरी आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है। एप से हाजिरी का आगाज दो अक्टूबर से किया गया था। मगर पहले ही दिन कई तरह की तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विद्यालयों में शिक्षक स्वयं की तथा विद्यार्थियों की एप से हाजिरी लगाने के लिए माथापच्ची करते रहे। प्रदेश भर में सैकड़ों विद्यालयों में हाजिरी लग भी नहीं सकी थी।
ऐसे में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने मंगलवार को आदेश जारी किया कि आगामी आदेश तक शाला दर्पण शिक्षक एप से ऑनलाइन हाजिरी स्थगित की जाती है। आदेश में बताया गया कि एनआईसी जयपुर से प्राप्त सूचना के अनुसार तकनीकी कारणों के चलते एप पर उपस्थिति की कार्यवाही स्थगित की जाती है।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने तीन अक्टूबर के अंक में 'एप से गुरुजी के बाद शिष्यों की हाजिरी, पहला पीरियड हाजिरी में बीता, नेटवर्क बना समस्या' शीर्षक समाचार के जरिए एप से हाजिरी की प्रक्रिया की विद्यालयों में जाकर जानकारी लेकर जो समस्याएं आई, उनको उठाया। साथ ही बताया कि नेटवर्क की दिक्कत तथा एप की प्रक्रिया दुष्कर व समय लगने वाली होने के कारण पहले पीरियड का अधिकांश समय एप से हाजिरी लगाने में ही निकल जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान होगा। जबकि पहले पीरियड के समय शिक्षक व विद्यार्थी तरोताजा होते हैं, उस समय पढ़ाई ही होनी चाहिए।
शिक्षक संगठन भी विरोध में
एप से हाजिरी की प्रक्रिया का शिक्षक संगठन भी विरोध कर रहे हैं। कई संगठनों ने आंदोलन शुरू करने की भी चेतावनी दे रखी थी। शिक्षक संगठन इस प्रक्रिया का उलझाने वाली और अध्यापन कार्य प्रभावित करने वाली बताकर प्रारंभ से ही विरोध कर रहे थे। एक बार प्रक्रिया स्थगित करने का यह भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
यह भी आपत्तियां
शिक्षक संगठनों के अनुसार कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर, शाला दर्पण पोर्टल पर उपस्थिति और अब शाला दर्पण शिक्षक एप पर उपस्थिति, एक ही कार्य को तीन जगह करना अव्यवहारिक और औचित्यहीन है। शिक्षकों व विद्यालयों को अनावश्यक प्रयोगशाला बनाना उचित नहीं है। यह प्रयोग बन्द कर विद्यालयों में इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट नेटवर्क बड़ी परेशानी है। प्रदेश के कई गांवों में इंटरनेट नेटवर्क नहीं होने से एप पर हाजिरी दर्ज करने में शिक्षकों को परेशानी होगी। ऑनलाइन हाजरी के फेर में पहले पीरियड का समय यूं ही बर्बाद होने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी।