>>: Video : ठेकेदार कम्पनियां नहीं लगाती पूरे आदमी, इसलिए ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पूरा पानी

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नागौर. जिला परिषद साधारण सभा की बैठक मंगलवार को जिला प्रमुख भागीरथराम चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। करीब साढ़े चार घंटे तक चली बैठक में बिजली, पानी, चिकित्सा सहित जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही महात्मा गांधी नरेगा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मुख्यमंत्री रोजगार गारंटी योजना आदि की वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया गया।
जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार ने गत वर्ष 30 अगस्त को हुई बैठक की अनुपालना रिपोर्ट पढऩी शुरू की तो पानी से जुड़े मुद्दों पर काफी हंगामा हुआ। सदस्यों ने कहा कि वे पिछले दो साल से जो मुद्दे उठा रहे हैं, उनका समाधान नहीं हो रहा है। सदस्य दिनेश चौधरी ने आकला, टांकला सहित अन्य गांव-ढाणियों में पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। डॉ. सहदेव चौधरी ने कमेडिय़ा सहित अन्य गांवों में पानी के लिए ग्रामीणों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। इस पर जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने पीएचईडी व नहरी प्रोजेक्ट के अधिकारियों से पूछा कि क्या जिले को डिमांड के अनुरूप पानी मिल रहा है, अधिकारियों ने जवाब दिया कि डिमांड का 60 प्रतिशत ही मिल रहा है। इस पर डॉ. चौधरी ने कहा कि हर बार अलग योजना लेकर आ जाते हैं, लेकिन ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा।

200 की जगह 59 आदमी, कैसे पहुंचेगा पानी
इस दौरान खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल ने कहा कि पानी की जितनी कमी नहीं है, उससे ज्यादा अव्यवस्था हावी है। उन्होंने कहा कि खींवसर क्षेत्र में पानी सप्लाई का काम रामकी कम्पनी ने ले रखा है, जिसके साथ हुए एमओयू के अनुसार कम्पनी को मैनेजमेंट व ऑपरेटिंग के लिए क्षेत्र में 200 आदमी लगाने हैं, लेकिन आधे भी नहीं लगाए हैं। कलक्टर ने एक्सईएन से पूछा कि कितने आदमी लगा रखे हैं, तो एक्सईएन ने जवाब दिया कि 200 की जगह उसे मात्र 59 ही लगा रखे हैं। इस पर कलक्टर ने कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखने के निर्देश दिए। सदस्य ओमप्रकाश सेन ने कहा कि नागौर ब्लॉक में जल जीवन मिशन के टेंडर अटके पड़े हैं। कलक्टर ने अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद सदन के हवाले से उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए।

नरेगा में हिडन एजेंडा को बंद करें, प्रस्तावों की जानकारी दें
बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने पिछले दो साल में उनकी ओर से दिए गए प्रस्तावों पर स्वीकृति नहीं निकालने को लेकर पूर्व सीईओ की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। सदस्य डॉ. सहदेव चौधरी, संजीवसिंह चौधरी, मनीष चौधरी, सुनील चौधरी आदि ने कहा कि बैठक से पूर्व न तो उन्हें कार्य योजना की कॉपी दी जाती है और न ही उनके प्रस्तावों पर स्वीकृतियां जारी की जाती है।
डॉ. चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा की वार्षिक कार्य योजना का प्रस्ताव तैयार करते समय जिला परिषद सदस्यों से चर्चा करनी चाहिए, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी जाती। हमारी मांग है कि अधिकारी इस हिडन एजेंडा को बंद करें और प्रस्तावों की जानकारी सदस्यों को दें। सदस्य दिनेश चौधरी ने वीर तेजाजी पैनोरमा को खुलवाने का मुद्दा उठाया। जिस पर सक्रिय लोगों की कमेटी बनाकर काम करने का आश्वासन दिया। बैठक में सदस्य मुश्ताक खान, जयराम सहित अन्य ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा।

 

 

अनुपालना रिपोर्ट नहीं भेजने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
बैठक में एजेंडे के साथ जिला परिषद अधिकारियों ने 30 अगस्त 2022 व 21 अक्टूबर 2022 की बैठक की अनुपालना रिपोर्ट पेश की, लेकिन दोनों ही रिपोर्ट में कई बिन्दुओं के आगे अनुपालना रिपोर्अ अप्राप्त लिखा हुआ था। इस पर सदस्यों व विधायक ने कहा कि एक साल बाद भी यदि कोई अधिकारी अनुपालना रिपोर्ट नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कुम्हारी में कलक्टर से किसको मिलवाया
बैठक में विधायक बेनीवाल ने कहा कि कुम्हारी ग्राम पंचायत में ग्रामीण इंदिरा रसोई का उद्घाटन जिला कलक्टर ने किया और भी कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम भी जिला स्तरीय था, लेकिन सरपंच को बुलाया ही नहीं। एक तरफ हम पंचायतीराज को मजबूत करने की बात करते हैं और दूसरी ओर ग्राम पंचायत के मुखिया को भी नहीं बुलाया। इस पर कलक्टर ने बीडीओ से पूछा कि उनसे जिस व्यक्ति को सरपंच कहकर मिलवाया, वो कौन था। बीडीओ गोलमाल जवाब दे गए।

सदस्य उठकर चले गए, अधिकारी प्रस्ताव पढ़ते रहे
अंत में हंगामा होने लगा तो जिला प्रमुख चौधरी व ज्यादातर सदस्य उठकर चले गए। इसके बावजूद एसीईओ वार्षिक कार्य योजना का प्रस्ताव पढ़ते रहे। इस पर एक सदस्य ने उन्हें टोकते हुए कहा कि सामने कोई नहीं है, किसको सुना रहे हो।

नहीं आए 9 विधायक
बैठक में जिले के दस में से 9 विधायक अनुपस्थित रहे। अकेले खींवसर विधायक बेनीवाल ही बैठक में पहुंचे। बेनीवाल ने बैठक में यह बात भी उठाई कि विधायकों को जिम्मेदारी निभाते हुए बैठकों में आना चाहिए।

कलक्टरों ने दिए निर्देश
बैठक में डेढ़ घंटे के लिए आए नागौर कलक्टर डॉ. अमित यादव व डीडवाना-कुचामन कलक्टर सीताराम जाट ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की बातों व शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। डॉ. यादव ने कहा कि बैठक की अनुपालना रिपोर्ट समय पर भिजवाएं और रिपोर्ट तैयार होते ही सदस्यों को भिजवाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी जवाब गोलमाल देने की बजाए स्पष्ट शब्दों में दें। जिला परिषद एसीईओ दलीप कुमार से कहा कि जिला परिषद व दिशा की बैठक की बैठक तीन महीने में बुलाएं और हर महीने बैठक के प्रस्तावों का रिव्यु करें। कलक्टर जाट ने अधिकारियों से कहा कि हम केवल यहां बोलने के लिए नहीं बोले, हर जवाब के पीछे ठोस आधार होना चाहिए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों ने सदस्यों की ओर से उठाए गए मुद्दों के जवाब दिए।

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