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जयपुर। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनाव प्रचार भी तेज हो गया है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों का पूरा फोकस जातिगत समीकरणों को साधने पर है।

इसी को ध्यान में रखकर दोनों दलों के प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी पार्टी के थिंक टैंक से सजातीय स्टार प्रचारकों की डिमांड की है और ज्यादा से ज्यादा स्टार प्रचारकों के दौरे कराने को कहा है। ऐसा ही नजारा जयपुर शहर की सीटों पर भी देखने को मिल रहा है। इन सीटों पर भाजपा, कांग्रेस के स्टार प्रचारकों के दौर अब तेज हो गए हैं।


कांग्रेस डिमांड में ये स्टार प्रचारक
पार्टी नेताओं की माने तो शहर की हवामहल, किशनपोल और आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र अल्पसंख्यक बहुल सीटें हैं यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, तारीक अनवर, शकील अहमद खान, इमरान प्रतापगढ़ी, काजी निजामुद्दीन, कन्हैया कुमार जैसे नेताओं की डिमांड ज्यादा है।

इसके अलावा सिविल लाइंस, विद्याधर नगर, मालवीय नगर, झोटवाड़ा, बगरू और आमेर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रत्याशियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राज बब्बर जैसे स्टार प्रचारकों की डिमांड की है।

भाजपा इन प्रचारकों की सभाओं पर जोर
आदर्श नगर, हवामहल और किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा या रोड शो कराई जाने की डिमांड की है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि सबसे ज्यादा मांग इन्हीं तीन नेताओं की आ रही है। इसके अलावा सिविल लाइंस, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, आमेर और मालवीय नगर में भी प्रधानमंत्री मोदी, जेपी नड्डा के दौरे ज्यादा कराए जाने की मांग पार्टी नेतृत्व से की गई है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जैसे स्टार प्रचारकों की भी डिमांड ज्यादा है।

जयपुर। चुनाव प्रचार के बीच शुक्रवार को जयपुर दौरे पर आए कांग्रेस के स्टार के प्रचारक कन्हैया कुमार ने शुक्रवार रात किशनपोल से कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर राजस्थान में फिर से सरकार रिपीट होने का दावा किया।

किशनपोल के जालूपुरा क्षेत्र में जनसभा के दौरान कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात करते हुए कहा की उनकी गारंटी कभी पूरी नहीं होती।

अब राजस्थान में 450 रूपए में गैस सिलेंडर दे रहे है,तो क्यों न पहले इसे गुजरात या उत्तर प्रदेश से शुरू नहीं कर देते। इस बार कांग्रेस मिजोरम,छतीसगढ, मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में सरकार बना रही है।


कन्हैया ने कहा की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इन योजनाओं के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे या किसी भाजपा कार्यकर्ता से भी चर्चा करेंगे तो वे भी इसकी सराहना करेंगे। तभी तो मोदी ने कहा कि हम गहलोत सरकार की इन योजनाओं को बंद नहीं करेंगे,यानि स्वयं मोदी मानते है कि यह योजनाएं आमजन के लिए ही है। लेकिन कही 15 लाख की तरहे वे झांसा तो नहीं दे रहे।


मुस्लिम-दलित विरोधी है भाजपा
जनसभा में आरसीए के उपाध्यक्ष अमीन पठान ने कहा कि प्रदेश में आबादी के अनुसार 11 फिसदी मुस्लिम जनसंख्या होने के बावजूद भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा। यह इनकी मुस्लिम और दलित विरोधी रणनीति को साफ दर्शाता है। जनसभा को कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी ने भी संबोधित किया। अमीन कागजी ने कहा कि बरसों पुरानी दरबार स्कूल में 45 छात्र ही बच गए थे,तब सरकार ने 150 करोड़ में स्कूल का जिर्णोद्वार किया तो अब 750 छात्र पढ रहे।

मुंबई. क्रेसंडा सॉल्यूशंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024 के दूसरी तिमाही में परिचालन से 19.49 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया है, जो वित्त वर्ष 2024 के पहली तिमाही में 14.13 करोड़ के राजस्व की तुलना में तिमाही-दर-तिमाही 38% की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2024 के दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 के पहली तिमाही में 12 लाख की तुलना में कई गुना बढ़कर 5.1 करोड़ हो गया है।10 नवंबर, 2023 को हुई बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की बैठक में निदेशक मंडल ने कंपनी का नाम क्रेसंडा सॉल्यूशंस लिमिटेड से बदलकर क्रेसंडा रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने हाल ही में ईएमयू ट्रेनों में विज्ञापन के प्रावधान और जिसका प्राथमिक रखरखाव पूर्वी रेलवे द्वारा किया जाता है वह रेक के साथ संचालित मेल/एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों में विज्ञापन के साथ-साथ कंसीयज सेवाओं के प्रावधान के लिए पूर्वी रेलवे, रेल मंत्रालय द्वारा मंगाई गई बोली हासिल की है। क्रेसंडा सॉल्यूशंस लिमिटेड 1985 में स्थापित और बीएसई पर सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध एक प्रमुख कंपनी है।

अहमदाबाद. देश में सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की एपेक्स बॉडी, सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राईवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (कैप्सी) की 18वीं वार्षिक सिक्योरिटी लीडरशिप समिट 24-25 नवंबर, 2023 को गांधीनगर, गुजरात में आयोजित होने जा रही है, जिसकी मेजबानी सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ गुजरात (सैग) द्वारा की जाएगी। यह कॉन्फ्रेंस प्राईवेट सिक्योरिटी के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कार्यक्रम होगी, जिसमें पूरी दुनिया के सिक्योरिटी विशेषज्ञ, प्रोफेशनल्स, और वैचारिक नेतृत्वकर्ता हिस्सा लेंगे। सिक्योरिटी लीडरशिप समिट 2023 में लगभग 500 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें यूके की क्लियरस्पीड इंक. और नीदरलैंड्स की काउंसिल ऑफ इंटरनेशनल इन्वेस्टिगेटर्स के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि भी मौजूद होंगे। कॉन्फ्रेंस में जनरल (डॉ.) वी. के. सिंह, माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा हर्ष संघवी, माननीय गृहमंत्री, गुजरात मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। कैप्सी के चेयरमैन, कुंवर विक्रम सिंह ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने के लिए हम एक सहयोगपूर्ण वातावरण का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि इस क्षेत्र में वृद्धि संभव हो। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले नागरिक अपना अनुभव साझा करेंगे। इनमें लेफ्टिनेंट जनरल एबी शिवाने, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), पूर्व डायरेक्टर-जनरल, मैकेनाइज़्ड फोर्सेज़ शामिल हैं।

 

 

विधानसभा चुनाव में पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में कूदे नेताओं को मैदान से हटने के लिए कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को दिए गए प्रलोभन अब सामने आने लगे हैं। बागी और असंतुष्ट नेताओं को संगठनात्मक नियुक्तियों में एडजस्ट कर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। हैरत की बात तो ये है कि बागी और असंतुष्ट नेताओं को सीधे ही प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव नियुक्त करने के नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं।

प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के लेटरहैड पर चुनाव मैदान में हटे नेताओं को ये नियुक्तियां दी गई हैं जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी है। चर्चा इस बात है कि जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रहे प्रताप सिंह खाचरियावास भी इसी तरह के नियुक्तियों के लिए जाने जाते थे। इधर, अकेले जयपुर जिले में करीब एक दर्जन बागी और असंतुष्ट नेताओं को संगठनात्मक नियुक्तियों में एडजस्ट किया गया है। वहीं, जिन बागियों का संगठनात्मक नियुक्तियों में दिलचस्पी नहीं हैं उन्हें सरकार बनने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट करने का वादा किया गया है। पार्टी नेताओं की माने तो प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियां एआईसीसी के संगठन महामंत्री ही करते हैं। ऐसे में इन नियुक्तियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।


बागी नहीं बने नेताओं की पीड़ा
इधर, बागियों को प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियां दिए जाने से उन नेताओं की पीड़ा बाहर आने लगी जिन्होंने टिकट नहीं मिलने के बावजूद भी पार्टी के साथ रहे और बगावत नहीं की। इन नेताओं का कहना है कि अगर हम भी बगावत कर लेते तो शायद उन्हें भी प्रदेश कांग्रेस में नियुक्ति मिल जाती।

 


इन बागी और असंतुष्ट नेताओं को मिली नियुक्ति


-संदीप चौधरी
शाहपुरा से टिकट मांग रहे संदीप चौधरी को प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया है। टिकट नहीं मिलने पर उनकी नाराजगी बाहर आई थी।


संगीता गर्ग-

मालवीय नगर से टिकट के लिए दावेदारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर अंदरखाने नाराजगी थी अब उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

 

-दीपक डंडोरिया
बगरू से टिकट मांग रहे थे, टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। अब इन्हें भी प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री मनाया गया है।

 

गिरीश पारीक
हवामहल से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा। मुख्यमंत्री गहलोत की समझाइश पर चुनाव मैदान से हटे थे। अब पारीक को भी प्रदेश कांग्रेस का महामंत्री नियुक्त किया गया है।


राकेश मीणा

आमेर से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, पार्टी नेताओं के समझाने पर चुनाव मैदान से हटे। अब प्रदेश कांग्रेस का सचिव बनाया गया।

 

राजीव त्रेहन
लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय, उपेक्षा को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। अब सचिव नियुक्त किया गया।


मिनाक्षी सेठी जैदी
आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता थीं, आदर्श नगर से आप की टिकट पर चुनाव लड़ने की तैय़ारी चल रही थी। क्षेत्रीय विधायक रफीक खान ने पारिवारिक रिश्तों का हवाला देकर चुनाव नहीं लड़ने के लिए समझाया। कांग्रेस में सदस्य भी नहीं फिर प्रदेश कांग्रेस की सचिव नियुक्त की गईं।

राजस्थान में चुनाव नजदीक आते ही मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। दिवाली के बाद से उत्तरी हवाओं के कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। अधिकतर जिलों में रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, जिनमें से 10 जगहों पर तो तापमान 12 डिग्री से भी कम दर्ज किया गया है।

राजस्थान के सबसे ठंडे स्थान माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रहा है। इसके बाद फतेहपुर और सीकर का स्थान आता है, जहां तापमान क्रमशः 7 और 8 डिग्री दर्ज किया गया है। जयपुर में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में रात के तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

हल्की बारिश की संभावना

आपको बता दे कि राजस्थान में शनिवार को भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है। लेकिन इस मौसम में भी प्रदेश में कई दिग्गज नेताओं की रैलियों का आयोजन होने वाला है।

गृहमंत्री अमित शाह नागौर और भरतपुर में जनसभाएं करेंगे। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा बीकानेर और जोधपुर में सभाओं को संबोधित करेंगे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जयपुर और उदयपुर में जनसभाएं करेंगी।

इन रैलियों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।

राजस्थान में सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। हालांकि, रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री

राजस्थान के सबसे ठंडे स्थान माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा है। इसके बाद फतेहपुर और सीकर का स्थान आता है, जहां तापमान क्रमशः 6 और 7 डिग्री दर्ज किया गया है। जयपुर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में रात के तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई है।

सर्दी से बचने के लिए अब लोग गर्म कपड़ों में दिखाई देने लगे हैं।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम बदलने की संभावना

राजस्थान में मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। रात के तापमान में कोई खासा बदलाव नहीं होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम बदलने की संभावना है। कमजोर तंत्र के चलते कई जिलों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

बीकानेर में सर्दी और कोहरे का कहर
बीकानेर में सर्दी और कोहरे ने एक बार फिर कहर बरपाया है। आज सुबह से ही शहर में घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया है।

कोहरे की वजह से सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। लोग अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जला कर चलने को मजबूर हैं। कोहरे के कारण कई सड़क हादसे भी हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, बीकानेर में आज न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह सामान्य से 3 डिग्री कम है। अगले कुछ दिनों तक बीकानेर में सर्दी और कोहरे का कहर जारी रहने की संभावना है।

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Rajasthan Assembly Election 2023 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जयपुर में रोड शो 21 नवम्बर को कराने की तैयारी है। प्रदेश भाजपा ने इसका प्रस्तावित प्लान तय कर दिल्ली भेज दिया है। इसके तहत मोदी शाम छह बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचेंगे। यहां दर्शन कर सीधे गोविन्ददेवजी मंदिर जाएंगे। यहां ठाकुरजी के दर्शन कर जलेब चौक से शाम करीब 7.15 बजे रोड शो शुरू करेंगे। हवामहल के सामने, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार होते हुए अजमेर गेट आएंगे। यहां से किशनपाेल बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए चांदपोल हनुमान मंदिर पर रात 9 बजे रोड शो समाप्त होगा। यह रूट करीब 5 किलोमीटर लम्बा रहेगा। इस दौरान बड़ी चौपड़ पर ध्वजाधीश मंदिर, सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर, चांदपोल बाजार में रामचन्द्रजी और हनुमान मंदिर के दर्शन करते हुए गुजरेंगे। रोड शो के दौरान वाहन से केवल समापन स्थल पर ही उतरेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम पर संभवतः शनिवार को मुहर लग सकती है। पहले 23 नवम्बर काे शो कराने का विचार चल रहा था।

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19 विधानसभा के कार्यकर्ताओं को बुलाएंगे
रोड शो के दौरान जयपुर जिले की सभी 19 विधानसभा के कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा। हालांकि, यहां रहने के दौरान मोदी मालवीय नगर, आदर्श नगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा सीट से गुजरेंगे।

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राहुल गांधी 23 को कर सकते रोड शो
राहुल गांधी 23 नवम्बर को जयपुर में रोड शो कर सकते हैं। पार्टी उनका रोड शो गोविन्ददेवजी मंदिर से शुरू कराकर चारदीवारी से होते हुए एमआई रोड से पांच बत्ती तक लाना चाह रही है। इससे हवामहल, किशनपोल, आदर्श नगर, मालवीय नगर के साथ सिविल लाइन्स सीट के शुरुआती छोर को छूना चाह रहे हैं।

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जयपुर में रोड शो 21 नवम्बर को कराने की तैयारी है। प्रदेश भाजपा ने इसका प्रस्तावित प्लान तय कर दिल्ली भेज दिया है। इसके तहत मोदी शाम को छह बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचेंगे। यहां दर्शन कर सीधे गोविन्ददेवजी मंदिर जाएंगे। यहां ठाकुरजी के दर्शन कर जलेब चौक से शाम करीब 7.15 बजे रोड शो शुरू करेंगे। हवामहल के सामने, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार होते हुए अजमेर गेट आएंगे। यहां से किशनपाेल बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए चांदपोल हनुमान मंदिर पर रात 9 बजे रोड शो समाप्त होगा। यह रूट करीब 5 किलोमीटर लम्बा रहेगा। इस दौरान बड़ी चौपड़ पर ध्वजाधीश मंदिर, सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर, चांदपोल बाजार में रामचन्द्रजी और हनुमान मंदिर के दर्शन करते हुए गुजरेंगे। हालांकि, रोड शो के दौरान वाहन से केवल समापन स्थल पर ही उतरेंगे। पहले 23 नवम्बर काे शो कराने का विचार चल रहा था।

19 विधानसभा के कार्यकर्ताओं को बुलाएंगे
रोड शो के दौरान जयपुर जिले की सभी 19 विधानसभा के कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा। हालांकि, मोदी यहां रहने के दौरान मोदी मालवीय नगर, आदर्श नगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा सीट से गुजरेंगे।

राहुल गांधी 23 को कर सकते हैं रोड शो
राहुल गांधी 23 नवम्बर को जयपुर में रोड शो कर सकते हैं। पार्टी उनका रोड शो गोविन्द देवजी मंदिर से शुरू कराकर चारदीवारी से होते हुए एमआई रोड से पांच बत्ती तक लाना चाह रही है। इससे हवामहल, किशनपोल, आदर्श नगर, मालवीय नगर के साथ सिविल लाइन्स सीट के शुरुआत छोर को छूना चाह रहे हैं।

जयपुर। हरमाड़ा थाना इलाके में मिनी बस चालक ने गुरुवार को एक महिला का अपहरण कर उसे बस में जबरन बैठा लिया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को शराब पिलाकर उसके साथ बलात्कार किया। रात 12 बजे आरोपी महिला को उसके घर के पास छोड़कर भाग गया।

उधर, पति का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने 24 घंटे के बाद आने की कहकर उसे टरका दिया। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इके बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बस को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाया।


एसीपी चौमूं सुजीत शंकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेन्द्र कुमार उदयपुरिया का रहने वाला है। इस संबंध में 42 वर्षीय पीड़िता के पति ने थाने में मामला दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि गुरुवार को उसकी पत्नी और मां सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। इस दौरान बस चालक ने उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया। इस पर उनकी मां ने शोर मचाकर लोगों की मदद मांगी, लेकिन जब तक चालक बस भगा ले गया।

पुलिस बोली 24 घंटे बाद लौट आएगी पत्नी
पीड़िता के पति ने बताया कि मामले की शिकायत करने पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि 24 घंटे में पत्नी लौट आएगी। नहीं आई तो रिपोर्ट लिख ली जाएगी। इस पर पति ने परिचितों के साथ पत्नी की तलाश शुरू कर दी। रात 12 बजे के करीब आरोपी राजेन्द्र उसे घर के पास छोड़कर भाग गया।

भाजपा प्रत्याशी दिया कुमारी भी पहुंची थाने

उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्याधर नगर से भाजपा प्रत्याशी दिया कुमारी हरमाड़ा थाने पहुंची और जल्द कार्रवाई की मांग की।

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पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल करवा लिया है। आरोपी को भी डिटेन किया है। आरोपी ने बस में महिला से बलात्कार करना स्वीकारा है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है।
- सुजीत शंकर, एसीपी चौमूं

rajasthan election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव में युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के वास्ते जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने मतदाता जागरूकता अभियान के तहत सेल्फी कॉन्टेस्ट के रूप में एक अनूठा नवाचार किया है।


जिला स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. शिल्पा सिंह ने बताया कि यूथ को बूथ तक लाने के लिए 25 नवंबर को सेल्फी कॉन्टेस्ट आयोजित किया जाएगा। कॉन्टेस्ट में भाग लेने के लिए प्रतिभागी को मतदान केन्द्र पर वोट डालने के बाद सेल्फी पॉइन्ट पर जाकर सेल्फी लेनी होगी।


इसके बाद सेल्फी को विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी के फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम सोशल मीडिया हैंडल पर टैग करना होगा। उन्होंने बताया कि सेल्फी कॉन्टेस्ट में सर्वाधिक लाइक्स प्राप्त करने वाली सेल्फी को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 हजार, द्वितीय को 5 हजार और तृतीय को 3 हजार रुपए दिए जाएंगे।

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SMS Hospital: सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर व इमरजेंसी में इन दिनों मुर्दों को कफन ही नसीब नहीं हो रहा है। मृतक के परिजन खुद ही कफन खरीदने को मजबूर है। जबकि अस्पताल प्रशासन इसे नि:शुल्क उपलब्ध करवाने का दावा करता आ रहा है। उसके बावजूद भी ऐसा हाल है।

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दरअसल अस्पताल की इमरजेंसी में बीमार, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज गंभीर हालत में पहुंचते हैं, जबकि ट्रोमा सेंटर में दुर्घटना, मारपीट या विवाद में घायल-चोटिल लोगों को इलाज के लिए लाया जाता है। अस्पताल में जयपुर के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों व समीप के राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश से भी रैफर होकर इलाज के लिए मरीज भर्ती करवाए जाते हैं। यहां आने वाले कुल मरीजों में रोजाना औसतन 8-10 की मौत हो जाती है। कई बार घायल अवस्था या बीमारी की वजह से रास्ते में ही मौत हो जाती है। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर देते हैं। इनमें से कइयों के शवों के पोस्टमार्टम की जरूरत पड़ती है तो कईयों के शव बिना पोस्टमार्टम के ही परिजन को सौंप दिए जाते हैं।

कई दिनों से कफन का टोटा: पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि शव को ढकने के लिए कफन (सफेद कपड़े) का का कई दिनों से टोटा है। इस स्थिति में परिजन को दुख-दर्द के बीच कफन के लिए दौड़ाया जा रहा है। वे अस्पताल के बाहर से औने-पौने दाम में कपड़ा खरीदकर लाते हैं।

मोर्चरी में सफेद चादर ओढ़ाकर शव भेजने को मजबूर: सबसे ज्यादा परेशानी लावारिस या अज्ञात का शव ट्रोमा सेंटर की इमरजेंसी से मोर्चरी में रखवाने में हो रही है। कफन नहीं होने पर सफेद चादर ओढ़ाकर शव को भेजा जा रहा है। कई दिनों से ऐसा ही हो रही है।

केस 1
गुरुवार शाम को भाई का भांकरोटा के पास एक्सीडेंट हो गया था। ट्रोमा सेंटर में ही उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने कहा कि कफन का कपड़ा खत्म हो गया। बाहर से खरीद लाओ। जिससे 120 रूपए में कपड़ा खरीदकर लाना पड़ा।-जितेंद्र गहलोत (मृतक का भाई), बगरू

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केस 2
छोटे भाई की पत्नी को हार्ट अटैक आ गया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों उसे अस्पताल की इमरजेंसी में लाने के बाद मृत घोषित कर दिया। शव घर ले जाने के लिए बाहर एक दुकान से कपड़ा खरीदकर लाना पड़ा।- मदन लाल (मृतक के परिजन), हीरापुरा

वर्जन: कुछ दिनों से कफन की दिक्कत चल रही है। स्टोर में डिमांड भेजी गई है। जल्दी समाधान हो जाएगा।-डॉ. बी.पी. मीणा, इंचार्ज, इमरजेंसी एसएमएस अस्पताल

ICC Cricket World Cup 2023 final: वर्ल्ड कप मैच देखने अहमदाबाद जाने वाले क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें लंबी वेटिंग से राहत मिलेगी। कारण कि रेलवे ने नई दिल्ली -साबरमती (अहमदाबाद)–नई दिल्ली के बीच स्पेशल ट्रेन संचालित करने का निर्णय लिया है।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली-साबरमती (अहमदाबाद) स्पेशल ट्रेन नई दिल्ली से शाम 5 बजे रवाना होकर शाम 7.20 बजे अलवर, रात 9.20 बजे जयपुर, रात 1123.बजे अजमेर, रात 2.12 बजे फालना, तडके 3.40 बजे आबू रोड व सुबह 4.45 बजे पालनपुर होते हुए रविवार सुबह 7.15 बजे साबरमती (अहमदाबाद) पहुंचेगी।

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वापसी में यह ट्रेन साबरमती (अहमदाबाद) सोमवार को रात 2.30 बजे रवाना होकर सुबह 5.00 बजे पालनपुर, सुबह 5.45 बजे आबू रोड, सुबह 7.04 बजे फालना, सुबह 10.05 बजे अजमेर, दोपहर 1 बजे जयपुर व दोपहर 3.40 बजे अलवर होते हुए शाम 7.05 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। जिसमें 3 फर्स्ट एसी, 3 सैकंड एसी, 2 थर्ड एसी, 5 थर्ड एसी इकोनॉमी, 7 द्वितीय शयनयान व 2 पावर कार होंगे।


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Rajasthan Assembly Election 2023 : चुनाव प्रचार के बीच शुक्रवार को जयपुर दौरे पर आए कांग्रेस के स्टार के प्रचारक कन्हैया कुमार ने शुक्रवार रात किशनपोल से कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर राजस्थान में फिर से सरकार रिपीट होने का दावा किया। जालूपुरा क्षेत्र में जनसभा के दौरान कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी गारंटी कभी पूरी नहीं होती। अब राजस्थान में 450 रुपए में गैस सिलेंडर दे रहे हैं तो क्यों न पहले इसे गुजरात या उत्तर प्रदेश से शुरू नहीं कर देते। इस बार कांग्रेस मिजोरम,छतीसगढ, मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में सरकार बना रही है।

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कन्हैया ने कहा कि गहलोत की इन योजनाओं के लिए किसी भाजपा कार्यकर्ता से भी चर्चा करेंगे तो वे भी इसकी सराहना करेंगे। तभी तो मोदी ने कहा कि हम गहलोत सरकार की इन योजनाओं को बंद नहीं करेंगे यानी स्वयं मोदी मानते हैं कि ये योजनाएं आमजन के लिए ही हैं। लेकिन कहीं 15 लाख की तरह वे झांसा तो नहीं दे रहे।

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मुस्लिम-दलित विरोधी है भाजपा: जनसभा में आरसीए के उपाध्यक्ष अमीन पठान ने कहा कि प्रदेश में आबादी के अनुसार 11 फीसदी मुस्लिम जनसंख्या होने के बावजूद भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा। यह उनकी मुस्लिम और दलित विरोधी रणनीति को साफ दर्शाता है। जनसभा को कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी ने भी संबोधित किया।

आज का सुविचार
''अच्छा स्वभाव वो खूबी है, जो व्यक्ति को सदा के लिये सभी का प्रिय बना देता है, कितना भी किसी से दूर हों पर अच्छे स्वभाव के कारण हम किसी न किसी पल यादों में ज़रूर आ ही जाते हैं''

 

आज क्या ख़ास?

- राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आज उमड़ेंगे 'स्टार प्रचारक', प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागौर और भरतपुर में करेंगे जनसभा, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बूंदी में मांगेंगे भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट

- कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे अलवर-भरतपुर में करेंगे चुनावी सभाएं, तो बसपा सुप्रीमो मायावती आज बानसूर और बांदीकुई में मांगेंगी पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट

- केंद्रीय गृह मंत्री आज तेलंगाना के चुनावी दौरे पर भी रहेंगे, भाजपा का घोषणापत्र करेंगे जारी

- दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल का पंजाब दौरा आज, होशियारपुर में रखेंगे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला

- आज बंद हो जाएंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, विशेष पूजा होगी संपन्न

- महापर्व डाला छठ का दूसरा दिन आज, व्रत रखने वाले महिलाएं और पुरुष दिन भर के उपवास के बाद शाम को भगवान सूर्य की करेंगे उपासना, इसके साथ शुरू होगा करीब 36 घंटे का निर्जल उपवास

 

काम की खबरें

- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न, मध्य प्रदेश में 74 प्रतिशत तो छत्तीसगढ़ में 70.60 प्रतिशत रहा वोटिंग प्रतिशत, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर दिखाई भागीदारी, अब 3 दिसंबर को आएंगे चुनाव नतीजे

- आरएएस 2021 भर्ती के अंतिम साक्षात्कार के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग ने जारी किए नतीजे, 2155 अभ्यर्थी वरीयता सूची में शामिल, श्रीगंगानगर के विक्रांत शर्मा ने किया टॉप


- राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की अक्टूबर-नवंबर 2023 परीक्षा की समय सारणी जारी, 4 दिसंबर से 12 जनवरी तक चलेंगी परीक्षाएं

 

- टोल वसूली पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आया बड़ा बयान, कहा 'टोल सिस्टम लाना हमारी मजबूरी, बंद नहीं हो सकता टोल वसूलना'


- अब पति ने पत्नी को भरण पोषण राशि देने में की देरी, तो 6% ब्याज के साथ करना पड़ सकता है भुगतान, जयपुर के पारिवारिक न्यायालय ने भरण पोषण राशि के भुगतान में देरी होने पर ब्याज देने का दिया आदेश

 

- यात्री सुविधाओं के मद्देनज़र रेलवे ने उदयपुर-कामाख्या-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का कन्नौज स्टेशन पर ठहराव का लिया निर्णय, यह साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन 20 नवंबर को उदयपुर से और 23 नवंबर को कामाख्या से होगी रवाना


- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर में 21 नवंबर को कर सकते हैं चुनावी रोड शो, गोविंद देव जी मंदिर से रोड शो निकालने का प्रदेश भाजपा ने आलाकमान को भेजा प्रस्ताव, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी 23 नवंबर को जयपुर में कर सकते हैं रोड शो


- उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों को सकुशल निकालने के प्रयास आज छठे दिन भी जारी, चट्टान आने से अटका पाइप डालने का काम

- आइसीसी वनडे विश्वकप फाइनल 2023 का खिताबी मुकाबला कल अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर खेला जाएगा, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच दोपहर 2 बजे से शुरू होगा मैच


- आइसीसी वनडे विश्वकप फाइनल का जुनून, अहमदाबाद में होटलों का किराया पहुंचा एक लाख के पार, उड़ानें 300 फीसदी तक महंगी

दुनिया का पहला ऐसा बॉडी डिवाइस बन गया है, जो शरीर की निगरानी रख सकता है और उसके अंदर होने वाली असामान्य प्रक्रियाओं को ट्रेक कर सकता है। यह उपकरण शरीर के लगभग किसी भी हिस्‍से पर एक वायरलेस तरीके से फेफड़ों के अंदर और बाहर आने वाली हवा, दिल की धड़कन और यहां तक कि लंबे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जीआई ट्रैक्ट) के माध्यम से पचने वाले भोजन की प्रगति को ट्रैक कर सकता है।

अभी हुई है पायलट स्टडी
पायलट स्टडी में अमरीका में नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने श्वसन और आंतों की गतिशीलता संबंधी विकारों वाले 15, समय से पहले जन्में बच्चे और 55 वयस्क, जिनमें 20 पुरानी फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ितों को शामिल किया था। नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि उपकरणों ने न केवल क्लिनिकल-ग्रेड सटीकता के साथ प्रदर्शन किया, बल्कि उन्होंने नई कार्यक्षमताएं भी पेश की, जिन्हें विकसित नहीं किया गया है और न ही अनुसंधान या क्लिनिकल देखभाल में पेश किया गया है।

अच्छी तरह हो सकेगा मूल्यांकन
नॉर्थ वेस्टर्न मेडिसिन के थोरेसिक सर्जन अंकित भरत ने बताया कि इन उपकरणों के पीछे का विचार रोगी के स्वास्थ्य का अत्यधिक सटीक निरंतर मूल्यांकन प्रदान करना है। सिलिकॉन से बने उपकरण की लंबाई 40 मिलीमीटर, चौड़ाई 20 मिलीमीटर और मोटाई 8 मिलीमीटर है। डिवाइस में एक फ्लैश मेमोरी ड्राइव, छोटी बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ क्षमताएं और दो छोटे माइक्रोफोन हैं, जिनमें से एक का मुख शरीर के अंदर की ओर है और दूसरे का मुख बाहर की ओर है।

पुरानी फेफड़ों की बीमारी में मिलेगा आराम
पुरानी फेफड़ों की बीमारियों और स्वस्थ नियंत्रण वाले वयस्कों में उपकरण ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर फेफड़ों की आवाज और शरीर की गति के वितरण को कैप्चर किया, जिससे शोधकर्ताओं को फेफड़ों के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही सांस का विश्लेषण करने में मदद मिली।

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Weather forecast Rajasthan: राजस्थान में मौसम में फिर बदलाव हुआ है। हवाओं की रफ्तार कम होने के बाद छंटे बादलों ने तापमान बढ़ा दिया है। सर्द हवाएं थमने के बावजूद तापमान औसत से कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार तेज सर्दी से कुछ राहत मिली। शनिवार सुबह जयपुर में मौसम साफ रहा। आगामी दिनों में दिन के तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव के आसार नहीं है। अगले तीन-चार दिन तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। बारिश होने की संभावना नहीं है।


सीकर में शुक्रवार सुबह आंशिक धुंध छाई। नमी की मात्रा कम होने से न्यूनतम तापमान दो डिग्री बढ़ गया। दोपहर में धूप के कारण अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। फतेहपुर में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री और सीकर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े बाहर निकालना शुरू कर दिया है। दुकानदारों ने गर्म कपड़ों का स्टॉक मंगवा लिए हैं। वहीं लोग काजू, बादाम, पिस्ते, अखरोट आदि खरीदने में रुचि दिखा रहे है।


पारे के रथ पर लगे ब्रेक, आसमान रहा साफ
इधर चूरू में दीपावली के बाद से ही लगातार लुढ़क रहे पारे की रफ्तार पर शुक्रवार को ब्रेक लग गए। दिन व रात के पारे में मामूली बढ़ोतरी हुई है। हालांकि शुक्रवार को सुबह हल्की धुंध छाई रही। जिससे दृश्यता 200 मीटर से भी कम रही। मगर, मौसम शुष्क व आसमान साफ रहने से बीते दो दिनों के मुकाबले लोगों को थोडी़ राहत मिली।


उत्तरी हवाओं के बहाव की रफ्तार भी कम होने से सर्दी का एहसास नहीं हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र पर दिन का अधिकतम 27.01 व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 1.09 व आद्रता 48 फीसदी रही। जबकि शहर की आबोहवा में प्रदूषण का स्तर 396 रहा।

माउंट आबू में न्यूनतम तापमान सात डिग्री पहुंचा
पर्यटन स्थल माउंट आबू के सौंदर्य का दीदार करने आए सैलानी शुक्रवार सवेरे सर्द मौसम का लुफ्त उठाने को सड़क़ों, बाजारों में चहलकदमी करते देखे गए। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री व अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा होने से तापमापी का पारा क्रमश: 7 व 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

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सवेरे गर्म कपड़ों का सहारा लेने के बाद ही लोगों ने दैनिक गतिविधियां आरंभ की। कई स्थानों पर लोगों ने अलाव तापने का आनंद लिया। पहाडि़य़ों में हल्का कोहरा छाया रहा जो दिन चढ़ऩे के बाद छंट गया। नक्की झील परिक्रमा पथ, अनादरा प्वाइंट, टॉड रॉक, दादी प्रकाशमणि मार्ग, अधरदेवी, शांति शिखर, वैलेज वॉक समेत वन्यक्षेत्र की पगडंडियों पर भ्रमण करते हुए भ्रमणकारियों ने प्राकृतिक सौंदर्य के दृश्य कैमरे में कैद कर यात्रा को यादगार बनाया।

सोशल मीडिया से लेकर ट्रैक्टर-ऊंट पर इन दिनों नेताजी सवार हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए नए-नए तरीके इजाद किए जा रहे हैं। पश्चिम राजस्थान में जाएंगे तो यहां नेताजी ऊंट पर सवार मिलेंगे। इधर, पूर्वी राजस्थान में आएंगे तो यहां खेतों व सडक़ों पर महिला नेत्री ट्रैक्टर दौड़ाती मिल जाएंगी। एक महिला नेत्री ने तो जोश-जोश में एक ऐसे वाहन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो राजस्थान में प्रतिबंधित हैं। उन्होंने प्रचार के जुगाड़ के लिए एक जुगाड़ (एक वाहन) ही तलाश लिया। इधर पंजा वाली पार्टी से जुड़ी महिला नेत्री इन दिनों राजस्थान दौरे पर हैं। "हिन्दु कार्ड" खेलने के लिए ये हवन-यज्ञ कर रही हैं। वोटर भी अब कहने लगा है कि भला हो इन चुनावों का। ये नेताजी भी अब कम से कम कुछ दिन ही सही जमीं पर तो नजर आने लगे हैं।

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...तो आप ही बता दो ना

एक बात तो है। यह राजनीति भी बड़ी निराली है। और इससे ज्यादा निराले हैं इन नेताओं के बोल। पंजे वाली पार्टी की एक महिला नेत्री ने कल जनसभा में बोली,"देश के मुखियाजी" की पार्टी बिखरी हुई है। इन्हें तो कोई सीएम फेस ही नहीं मिल रहा है। खुद ही मैदान में उतरे हुए हैं। एक वोटर हमसे बोला...ये दूसरों की चिंता क्यों कर रही हैं। ये अपनी ही पार्टी की गिरबां में क्यों नहीं झांकती हैं। आप ही बता दो कि आपकी पार्टी में सीएम का चेहरा कौन होगा। आपकी पार्टी में तो एक ही फोटो "पांच साल में पांच बार" रिपीट करनी पड़ रही है। चिंता दूसरों की नहीं अपनी करो बहना।

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...लो जी मजा आ गया

बगावत का भी क्या वाकई फायदा मिलता है। यह सुनने में भले ही अजीब लगे। लेकिन राजनीति में तो मिलता ही है। फायदा भी वे ही देते हैं तो छह साल के लिए "घर का रास्ता" दिखाते हैं। इसकी शुरुआत पंजे वालों ने तो शुरू कर दी है। कल कई बागियों को संगठन में अच्छे पदों से नवाजा गया था। अभी तो चुनाव चल रहे हैं। चुनाव परिणाम के बाद देखना। अपनी पार्टी की सरकार बन गई तो जो बागी बैठ गए, उन्हें पद दिए जाएंगे जो बागी जीत जाएंगे उन्हें भी लालबत्ती मिल जाएगी। यानी पद लेना है तो आप भी बागी बन जाओ। यह बात हम नहीं कर रहे हैं, बल्कि पाटियों की रीति-नीति कह रही है। यदि विश्वास नहीं हो तो पिछले चुनावों के बाद का हाल देख लीजिए।

-शहरवासी

जयपुर। राजस्थान में आगामी दिनों में सर्दी के तेवर और तीखे होने वाले हैं। मौसम में बड़े बदलाव से मौसम विभाग ने फिलहाल इनकार किया है लेकिन उत्तर से आ रही सर्द के असर से रात के अलावा दिन में भी सर्दी अब लोगों को महसूस होने लगी है। सर्द हवा ने धूप की तपिश को भी अब कम कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात में पारा अब 20 डिग्री से कम दर्ज हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में रात में पारा औसत से कम दर्ज हो रहा है और आगामी दिनों में रात के तापमान में और गिरावट होने की आशंका है।

शेखावाटी अंचल में सर्दी छुड़ा रही धूजणी

राजस्थान में बीते सप्ताहभर से शेखावाटी अंचल में सर्दी का सर्वाधिक जोर रहा है। सीकर समेत कई इलाकों में रात में पारा औसत से कम दर्ज हो रहा है। बीती रात भी सीकर में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर ठहरा रहा। हालांकि फतेहपुर कस्बे में बीती रात आंशिक बढ़ोतरी के साथ पारा 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंचल के कई इलाकों में सुबह शाम में सर्दी अब कंपकंपी छुड़ाने लगी है।

पिंकसिटी में रात में पारा स्थिर

जयपुर में बीती रात भी पारा 13.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। हालांकि दिन में सर्द हवाएं चलने पर मौसम में ठंडक महसूस हुई वहीं सूर्यास्त के बाद सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तरी हवा के असर से रात में पारा स्थिर रहने पर भी सर्दी के तेवर अब तीखे महसूस होने लगे हैं।

इन जिलों यह रहा पारे का हाल

मैदानी इलाकों में बीती रात पारे में उतार चढ़ाव जारी रहा। भीलवाड़ा 11.0, सिरोही और डबोक 11.4, चूरू 11.8, संगरिया 9.5, पिलानी 12.5 धौलपुर 12.2, करौली 10.4, वनस्थली 12.1, अलवर 12.8, जयपुर 13.5, डूंगरपुर 13.9, श्रीगंगानगर और बीकानेर 14.0, और जालोर में बीती रात पारा 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पारे में गिरावट का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन में कोटा ओर अजमेर में पारा सामान्य से कम रहने, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में पारा सामान्य रहने की संभावना जताई है। बीकानेर में दिन और रात में तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है।

जयपुर के परकोटा की तीन मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर अभी तक भाजपा का प्रचार परवान नहीं चढ़ पाया है। मगर भाजपा ने अब अपने 'सुपर स्टार' प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परकोटा के रण में उतारने का प्लान बनाया है। पार्टी ने 21 नवंबर को पीएम मोदी का परकोटा में रोड शो निकालने का प्लान तैयार किया है। यह प्लान दिल्ली भेज दिया गया है और इसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अगर मोदी इस क्षेत्र में रोड शो निकालेंगे तो हवामहल, किशनपोल और आदर्श नगर सीट पर भाजपा को फायदा मिलेगा।

पांच किमी रहेगा रूट, प्रथम पूज्य के भी करेंगे दर्शन

पार्टी की ओर से मोदी के रोड शो को जो प्लान तैयार किया गया है, उसका रूट करीब 5 किमी रखा गया है। खास बात यह है कि परकोटा की तीन सीटों के साथ मोदी मालवीय नगर सीट को भी कवर करेंगे। रोड शो शुरू होने से पहले मोदी प्रथम पूज्य मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में भी दर्शन के लिए जाएंगे।

 

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अराध्य देव के दर्शन और फिर शुरू होगा रोड शो

प्लान के तहत मोदी शाम को छह बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से सीधे मोती डूंगरी गणेश मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे। यहां दर्शन करने के बाद वो सीधे गोविन्ददेवजी मंदिर जाएंगे। यहां दर्शन के बाद वो जलेब चौक से शाम करीब 7.15 बजे रोड शो शुरू करेंगे।

यहां से गुजरेगा रोड शो

रोड शो हवामहल के सामने, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार होते हुए अजमेर गेट तक जएगा। इसके बाद किशनपाेल बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए चांदपोल हनुमान मंदिर पर रात 9 बजे रोड शो समाप्त होगा। यह रूट करीब 5 किलोमीटर लम्बा रहेगा। इस दौरान बड़ी चौपड़ पर ध्वजाधीश मंदिर, सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर, चांदपोल बाजार में रामचन्द्रजी और हनुमान मंदिर के दर्शन करते हुए गुजरेंगे। रोड शो के दौरान जयपुर जिले की सभी 19 विधानसभा के कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा।

Rajasthan Elections 2023 : राजस्थान भाजपा का घोषणा (संकल्प) पत्र मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के घोषणा पत्र का रिमिक्स है। बड़ी घोषणाओं में से ज्यादातर का कलेवर दूसरे राज्यों के घोषणा पत्र से लिया गया है। मध्य प्रदेश की तर्ज पर सात वादे किए गए और उत्तर प्रदेश की तरह इकोनॉमी को सुदृढ़ बनाने का खाका बुना गया। रोमियो स्क्वायड भी वहीं से निकलकर आया। हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह ही स्कूटी, मेडिकल कालेज खोलने और सस्ता सिलेंडर देने का वादा किया गया है।

यह है मध्यप्रदेश की कॉपी

- आईआईटी की तर्ज पर आरआईटी।
- एमपी लाडली लक्ष्मी योजना की तर्ज पर लाडो प्रोत्साहन योजना।
- एम्स की तर्ज पर रिम्स (राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस)।
- गेहूं की फसल 2700 रुपए प्रति कुंतल खरीदी जाएगी।
- सस्ता गैस सिलेंडर।
- गरीब छात्राओं को मुफ्त शिक्षा।

इन पर भी गौर फरमाइए

- यूपी मे एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का वादा तो राजस्थान में 350 बिलियन डॉलर।
- छत्तीसगढ़ में एक लाख नौकरी देने का वाद किया गया तो राजस्थान में ढाई लाख।
- छत्तीसगढ़ में ही 500 रुपए में सिलेंडर तो राजस्थान में 450 रुपए में।
- हिमाचल प्रदेश में 500 नए जन औषधि केंद्र तो राजस्थान में 350 केंद्र खोलने का वादा।

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जयपुर. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर 60 किलोमीटर के भीतर कोई टोल प्लाजा नहीं होगा। इसका मतलब है कि दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत होगी जो थोड़ी-थोड़ी दूरी पर मिलने वाले टोल प्लाजा से परेशान होते थे।

60 किमी के भीतर टोल नाके बंद होंगे

गडकरी ने कहा कि यह फैसला उन लोगों की शिकायतों को देखते हुए लिया गया है जो 60 किलोमीटर से कम दूरी पर दो टोल प्लाजा के बीच यात्रा करते थे। इससे उन्हें दो बार टोल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अगले तीन महीनों में लागू कर दी जाएगी।

गडकरी के इस फैसले का सड़क पर चलने वाले लोगों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे उनकी जेब पर थोड़ी राहत मिलेगी।

अच्छी सर्विस चाहिए तो इसके लिए पैसा चुकाना ही होगा

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने टोल वसूली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि टोल सिस्टम लाना हमारी मजबूरी थी। सरकार के पास रिसोर्सेज की कमी है, लेकिन विदेशों में यही सिस्टम चल रहा है। अगर आपको अच्छी सर्विस चाहिए तो इसके लिए पैसा चुकाना ही होगा। टोल वसूली बंद नहीं हो सकती। कम या ज्यादा हो सकती है।

टोल वसूलने के लिए नया सिस्टम

गडकरी ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि टोल वसूलने के लिए नया सिस्टम ला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट के जरिए ही आपके अकाउंट से पैसा कटेगा। खास बात यह है कि हाइवे पर जितने किलोमीटर आपकी गाड़ी चलेगी, उतना ही पैसा आपको चुकाना पड़ेगा। सड़क सुरक्षा को लेकर गडकरी ने कहा कि हमने बहुत काम किए, मगर सफलता नहीं मिली, यह सच्चाई है। हमने कानून बनाया, जुर्माना लगाया, लेकिन लोगों में कानून के प्रति डर नहीं है। जनता को ही जागरूक होना पड़ेगा।

सड़कों पर दो लाख करोड़ के काम

गडकरी ने कहा कि राजस्थान में 41 हजार करोड़ की लागत से तीन ग्रीन फील्ड हाईवे बना रहे हैं। दिल्ली जयपुर हाईवे का काम दिसंबर जनवरी तक पूरा हो जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में दो लाख करोड़ के काम चल रहे हैं और भविष्य में करीब एक लाख करोड़ के काम और होंगे।

हमारी गर्दन हर समय एक्टिव रहती हैं, काम करते समय या सोते समय वह काम करती है। इसका आपके पूरे जीवन पर असर पड़ता है। लेकिन तनाव और बदलती लाइफस्टाइल के कारण गर्दन में दर्द की समस्या बेहद आम हो जाती है। इसके प्रति गंभीरता दिखाना बहुत जरूरी है, नहीं तो समस्या और भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्दन में दर्द किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि इसके कई कारण होते हैं।

असामान्य तरीके से सोना
यदि आपकी गर्दन में कोई अकड़न है, तो आपको जागने पर ही इसका पता चल जाता है। हो सकता है कि आप कुर्सी या सोफे पर सो गए हों या आपने अलग तकिया इस्तेमाल किया हो। यह स्थिति गलत तरीके से सोने के कारण होती है, जिससे आपकी गर्दन पर तनाव पड़ता है। यह बहुत सामान्य है और गंभीर नहीं है।

'टेक्स्ट नेक' सिंड्रोम
यह गर्दन में खिंचाव का एक अन्य रूप है, जो इस समय सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। स्मार्टफोन पर बहुत अधिक घंटे तक बैठे रहने से आपकी मांसपेशियों और टेंडन पर दबाव पड़ सकता है। किसी भी चीज़ पर बहुत अधिक समय बिताना गर्दन पर जोर डालता है।

कंधे या गर्दन पर चोट
कई बार चोट की वजह से भी गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। खेल खेलते समय या फिर कंधे व हाथ पर अचानक से कुछ गिरने की वजह से यह समस्या होती है। इससे गर्दन में दर्द कुछ मिनटों के लिए भी हो सकता है, या फिर कुछ दिनों के लिए भी।

मोच
कई बार गर्दन में मोच के कारण भी दर्द शुरू हो जाता है। अक्सर ऐसा किसी व्हीकल के ब्रेक लगने पर होता है। बच्चों में अक्सर खेलने के दौरान मोच जैसी उत्पन्न हो जाती है। गर्दन के दर्द के अलावा इससे सिरदर्द भी हो सकता है और पीठ के ऊपरी हिस्से या बाहों में झुनझुनी, सुन्नता या दर्द शुरू होता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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राजस्थान के रण में शनिवार को भाजपा के कई रणबांकुरे हुंकार भरेंगे। पार्टी के सुपर स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी दो सभाएं होंगी। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहि कई केंद्रीय मंत्री भी सभा और प्रचार के जरिए भाजपा को जिताने की अपील करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली सभा सुबह 11 बजे भरतपुर के कॉलेज मैदान में होगी। भाजपा के लिए यह संभाग बहुत महत्वपूर्ण है। 2018 के चुनाव में पार्टी को इस संभाग में बहुत बुरी हार मिली थी। इसके बाद पीएम की नागौर में सभा होगी। पीएम मोदी दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर बीकानेर से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर 3.05 बजे लोक देवता वीर तेजाजी की जन्म स्थली खरनाल पहुंचेंगे। हेलीपेड से कार में सवा 3 बजे वीर तेजाजी मंदिर पहुंचकर तेजाजी महाराज के दर्शन व पूजा करेंगे। इसके बाद 3.45 बजे खरनाल से रवाना होकर 4.05 बजे नागौर के मिर्धा कॉलेज में बनाए गए हेलीपेड पर उतरेंगे। वहां से कार में स्टेडियम में आयोजित होने वाली चुनावी सभा में पहुंचेंगे। पीएम यहां करीब 5 बजे तक रहेंगे और दस विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से वापस बीकानेर के लिए रवाना होंगे।

मोदी चौथी बार आ रहे नागौर

प्रधानमंत्री मोदी चौथी बार नागौर आ रहे हैं। इससे पहले वे 28 नवम्बर 2018 को नागौर आए थे और स्टेडियम में चुनावी सभा को संबोधित किया था। उससे पहले अप्रेल 2014 में जायल में चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। उससे पहले जब वे गुजरात के सीएम थे, 28 नवम्बर 2013 को खींवसर विधानसभा क्षेत्र के कुचेरा में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सभा को संबोधित किया था। गत 28 जुलाई को पीएम मोदी का खरनाल आने का कार्यक्रम बना था, लेकिन बाद में स्थगित हो गया।

 

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नड्डा की दो सभा, एक बैठक

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सुबह 11.10 बजे जैन वाटिका, पीपाड़ सिटी में जनसभा होगी। दोपहर 12.40 बजे खेल मैदान औसियां, दोपहर 2.50 बजे जोधपुर के आईटीआई सर्किल के पास एक होटल में बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होगी। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी दोपहर 2.30 बजे झोटवाड़ा में जनसंपर्क करेंगे। दोपहर 3 बजे राजापार्क गुरुद्वारा में अरदास, दोपहर 3.45 बजे आदर्श नगर चुनाव कार्यालय में सामाजिक संवाद करेंगे। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह की दोपहर 12 बजे फतेहपुर के डाबड़ी में जनसंकल्प सभा होगी।

सबसे महत्त्वपूर्ण मैच

Saturday 18 November 2023 05:35 AM UTC+00 | Tags: opinion

इन दिनों देश में दो ही बातों की धूम मची हुई है। क्रिकेट वर्ल्ड कप और पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव। क्रिकेट के सेमीफाइनल में जब भारत की टीम जीती तो देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमी खुशी से झूम उठे। लाखों लोग उत्साह से सड़कों पर निकल आए। इनमें ज्यादा संख्या युवाओं की थी। आधी रात को सड़कों पर जश्न का माहौल हो गया।

देश की हर सफलता पर खुशियां मनाना अच्छी बात है। देश का हर नागरिक दिल से चाहता है कि भारतीय टीम फाइनल भी जीते और वर्ल्ड कप पर कब्जा करे। लेकिन जागरूक नागरिकों का यह भी कर्त्तव्य है कि खेल से होने वाले मनोरंजन में वे इतना न डूब जाएं कि देश और विशेष तौर से नई पीढ़ी से जुड़े महत्त्वपूर्ण विषयों से उसका ध्यान ही हट जाए।


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इन दिनों पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों को मिनी आम चुनाव भी कहा जा रहा है। ये चुनाव प्रदेशों ही नहीं, पूरे देश के भविष्य से जुड़े हुए हैं। आजादी के 76 साल हो चुके हैं। देश का लोकतंत्र तो धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है लेकिन राजनीति में बहुत सी बुराइयां ऐसी हैं, जो घटने के बजाय बढ़ रही हैं। इनमें अपराधीकरण, जातिवाद, चुनाव में धन-बल का दुरुपयोग, जनप्रतिनिधियों का भ्रष्ट आचरण जैसी बुराइयां शामिल हैं। देश में शिक्षा का स्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए युवा पीढ़ी से उम्मीद की जा रही है कि राजनीति पर चढ़ी कालिख की इन परतों की धुलाई का काम वह अब अपने हाथों में लेगी। लोकतंत्र का उत्सव कहे जाने वाले चुनावों की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी। लेकिन चुनावों के प्रति उसकी उदासीनता निराशाजनक स्थितियां पैदा कर रही है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव पांच साल में एक बार होते हैं। यही मौका होता है जब देश-प्रदेश के हित-अहित से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चाएं होती हैं। प्रत्याशियों का चयन होता है। पार्टियों पर लोकतंत्र की स्वस्थ परम्पराएं अपनाने के लिए दबाव बनाया जा सकता है। भविष्य के लिए अच्छी कार्य योजनाओं को घोषणा-पत्रों में शामिल करवाया जा सकता है। आपराधिक प्रवृत्ति और जाति-धन-बल के आधार पर चुनाव लड़ने वालों पर अंकुश लगाया जा सकता है। कुल मिलाकर भविष्य की धारा मोड़ी जा सकती है। और इस कार्य का बीड़ा देश की युवा शक्ति से बेहतर कोई नहीं उठा सकता।


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पिछले दिनों वर्ल्ड कप को देखने वालों की संख्या ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। लाखों लोगों ने स्टेडियमों में मैच देखे तो करोड़ों ने टीवी स्क्रीनों और मोबाइल फोन के माध्यम से। मनोरंजन में कोई बुराई नहीं है और देश की टीम की सफलता पर खुशियां मनाने में भी। युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए तो चुनाव ज्यादा अहम हैं। लगता है यह पीढ़ी मनोरंजन और अपने भविष्य के बीच किसे चुनना है, यह प्राथमिकता तय करने के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं से शिकायत यही है कि जितना समय वे क्रिकेट मैच, सिनेमा या मनोरंजन के अन्य साधनों पर खर्च करते हैं, उसका एक-दहाई भी यदि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में खर्च करें तो न सिर्फ उनका भविष्य संवरेगा बल्कि देश के विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है। साथ ही राजनीति को आपराधिक तत्वों से मुक्त भी किया जा सकता है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। लोकतंत्र के यज्ञ में आहूति देने का मौका हममें से बहुत से लोग चूक चुके हैं। राजस्थान में चुनाव अभी बाकी है। वर्ल्ड कप भी दो दिन में सम्पन्न हो जाएगा। उसके बाद मतदान तक भले ही थोड़े से दिन बचे हैं, लेकिन युवा पीढ़ी ठान ले तो इतने से दिनों में भी चमत्कार कर सकती है। कम से कम एक यही संकल्प ले लें कि हम वोट देने के लिए समय जरूर निकालेंगे और गलत व्यक्ति का चुनाव नहीं होने देंगे।

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जयपुर. प्रदेश में आगामी दिनों में सर्दी के तेवर और तीखे होने वाले हैं। मौसम में बड़े बदलाव से मौसम विभाग ने फिलहाल इनकार किया है, लेकिन उत्तर से आ रही सर्द के असर से रात के अलावा दिन में भी सर्दी अब लोगों को महसूस होने लगी है। सर्द हवा ने धूप की तपिश को भी अब कम कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात में पारा अब 20 डिग्री से कम दर्ज हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में रात में पारा औसत से कम दर्ज हो रहा है और आगामी दिनों में रात के तापमान में और गिरावट होने की आशंका है।

शेखावाटी अंचल में सर्दी छुड़ा रही धूजणी
प्रदेश में बीते सप्ताहभर से शेखावाटी अंचल में सर्दी का सर्वाधिक जोर रहा है। सीकर समेत कई इलाकों में रात में पारा औसत से कम दर्ज हो रहा है। बीती रात भी सीकर में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री पर ठहरा रहा। हालांकि फतेहपुर कस्बे में बीती रात आंशिक बढ़ोतरी के साथ पारा 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंचल के कई इलाकों में सुबह शाम में सर्दी अब कंपकंपी छुड़ाने लगी है।

पिंकसिटी में रात में पारा स्थिर
जयपुर में बीती रात भी पारा 13.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। हालांकि दिन में सर्द हवाएं चलने पर मौसम में ठंडक महसूस हुई वहीं सूर्यास्त के बाद सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तरी हवा के असर से रात में पारा स्थिर रहने पर भी सर्दी के तेवर अब तीखे महसूस होने लगे हैं।

इन जिलों यह रहा पारे का हाल
मैदानी इलाकों में बीती रात पारे में उतार चढ़ाव जारी रहा। भीलवाड़ा 11.0, सिरोही और डबोक 11.4, चूरू 11.8, संगरिया 9.5, पिलानी 12.5 धौलपुर 12.2, करौली 10.4, वनस्थली 12.1, अलवर 12.8, जयपुर 13.5, डूंगरपुर 13.9, श्रीगंगानगर और बीकानेर 14.0, और जालोर में बीती रात पारा 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पारे में गिरावट का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन में कोटा ओर अजमेर में पारा सामान्य से कम रहने, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में पारा सामान्य रहने की संभावना जताई है। बीकानेर में दिन और रात में तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है।

Rajasthan Elections 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए चुनाव प्रचार अपने पूरे शबाब पर है। आज राजस्थान में स्टार प्रचारकों का मेला लगा हुआ है। भाजपा से पीएम नरेंद्र मोदी भरतपुर-नागौर तो कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी भरतपुर-अलवर में जनसभा करेंगे। इनके साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती भी आज शनिवार को राजस्थान दौरे पर हैं। अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का उत्साह बढ़ाने के लिए मायावती अलवर जिले के बानसूर में और दौसा जिले के बांदीकुई में चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। बानसूर में मुकेश यादव तो बांदीकुई से उमेश शर्मा बसपा के उम्मीदवार हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव में बसपा सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वर्ष 2018 चुनाव में बसपा के छह प्रत्याशियों ने विजय प्राप्त की थी। पर बाद में इन सभी ने सीएम अशोक गहलोत का दामन थाम लिया।

कल करौली और गंगानगर में रहेंगी

बसपा मायावती की कल 19 नवम्बर को करौली और गंगानगर 20 नवंबर को झुंझुनूं के खेतड़ी और नागौर के लाडनू में जनसभाएं करेंगी। इससे पहले मायावती ने शुक्रवार को भरतपुर और धौलपुर में चुनावी शंखनाद किया था।

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बसपा के बिना सरकार नहीं

शुक्रवार को उम्मीदवार भवानी सिंह माल के समर्थन में मायावती ने धौलपुर में मोदी सरकार और प्रदेश की गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा किसी भी राज्य में बहुजन समाज पार्टी के समर्थन के बिना सरकार नहीं बना सकती हैं।

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव में जयपुर की परकोटे की तीन सीटों को लेकर भाजपा विशेष रणनीति पर काम कर रही है। इनमें शहर की किशनपोल, आदर्शनगर और हवामहल सीटें शामिल हैं जो मुस्लिम बहुल हैं और यह कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है जिसके सहारे कांग्रेस ने तीनों सीटें जीतने में कामयाबी पाई थी। इसके तोड़ के लिए भाजपा हिन्दू इलाकों में मतदान कराने की रणनीति बना रही है ताकि उसे चुनाव में इसका फायदा मिल सके।

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पार्टी के पास नहीं कोई मुस्लिम चेहरा
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर मुस्लिम नेता को टिकट नहीं दिया है। पार्टी के पास प्रचार के लिए भी कोई बड़ा मुस्लिम चेहरा नहीं है जो मुस्लिम वोट लेने में पार्टी की मदद कर सके। ऐेसे में पार्टी अपने हिन्दू वोट बैंक पर फोकस करते हुए यह कोशिश कर रही है कि वो इनके क्षेत्रों में ज्यादा मतदान कराएं। इसके लिए सभी प्रत्याशियों को पार्टी ने यह निर्देश दे दिए हैं और अब परकोटे में इन सभी विधानसभा सीटों पर बूथवार जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

वर्ष 2013 में जीती थी तीनों सीटें
भाजपा ने 2013 में परकोटे की ये तीनों और 2008 में दो सीटें जीतने में सफलता हासिल की थी लेकिन भाजपा की जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। ऐसे में पार्टी चिंता में है और इसी का तोड़ निकाला जा रहा है। अभी तक के चुनावों में मतदान का जो ट्रेंड सामने आता रहा है उसमें प्राय: यह देखा जाता है कि मुस्लिम इलाकों में ज्यादा मतदान होता है और इसी के जवाब में पार्टी की ओर से अब अपने वोटबैंक के लिए इस रणनीति को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

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कांग्रेस ने दो मुस्लिम चेहरे फिर उतारे
कांग्रेस ने पिछली बार विधायक बने किशनपोल से अमीन कागजी और आदर्शनगर से रफीक खान को फिर से उतारा है जबकि हवामहल से महेश जोशी का टिकट काटकर आर आर तिवाड़ी को दिया है। जबकि भाजपा ने तीनों ही सीट पर नए चेहरों को मौका दिया है।

कनाडाई गायिका सलीन पिछले 12 महीनों से स्टिफ पर्सन सिंड्रोम से जूझ रही है। यह एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें तेज दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन होती है। नई रिपोर्ट के मुताबिक अब सलीन पहले से बेहतर महसूस कर रही है। डियोन ने अब सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दिया है। सलीन साढ़े तीन साल में पहली बार पब्लिक में देखी गई।

क्या होता है स्टिफ पर्सन सिंड्रोम?
स्टिफ पर्सन सिंड्रोम फाउंडेशन के अनुसार यह विकार केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी शामिल होती है। यह बीमारी मरीज़ को अक्षम बना सकती है। कभी—कभी रोगी का चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस न्यूरोलॉजिकल बीमारी में ऑटोइम्यून संकेत दिखते हैं, जिसमें अधिक अकड़न, दर्द, बेचैनी और ऐंठन शामिल है। कई मामलों में जोड़ भी डिसलोकेट हो जाते हैं।

यह है बड़ी वजह
इस बीमारी को ह्यूमन स्टेच्यू डिजीज भी कहते हैं। इस डिजीज में कई बार ऐंठन अचानक आ जाती है और शरीर जम जाता है। यह अधिकांश तब होता है, जब व्यक्ति के किसी करीबी की मृत्यु हो जाती है।

ये होते हैं लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक धड़ और पेट की मांसपेशियां आमतौर पर सबसे पहले प्रभावित होती हैं। शुरुआत में, मांसपेशियों में अकड़न आती-जाती रहती है, लेकिन फिर यह अकड़न बरकरार रहने लगती है। समय के साथ पैरों की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, जिसके बाद हाथ और चेहरे की मांसपेशियां भी अकड़ना शुरू हो जाती हैं। इस समय पर ईलाज जरूरी होता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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जयपुर, राजस्थान की राजधानी और भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इस शहर को महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 में बसाया था। जयपुर की स्थापना के पीछे एक रोचक कहानी है। कहा जाता है कि महाराजा सवाई जयसिंह ने अपने पिता महाराजा माधो सिंह प्रथम से जयपुर शहर की स्थापना की अनुमति मांगी थी। महाराजा माधो सिंह प्रथम ने कहा कि वह जयपुर शहर की स्थापना की अनुमति दे देंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें एक शर्त पूरी करनी होगी। शर्त यह थी कि महाराजा सवाई जयसिंह एक दिन में 100 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। महाराजा सवाई जयसिंह ने इस शर्त को पूरा किया और जयपुर शहर की स्थापना की।

जयपुर को "पिंक सिटी" के नाम से भी जाना जाता है

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जयपुर शहर अपनी खूबसूरती, संस्कृति और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर को "पिंक सिटी" के नाम से भी जाना जाता है। जयपुर शहर के सभी सरकारी भवन गुलाबी रंग के हैं। जयपुर शहर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं, जिनमें हवामहल, जंतर मंतर, नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला, सिटी पैलेस, मोती डूंगरी मंदिर, गढ़ गणेश मंदिर, आदि शामिल हैं। जयपुर शहर में कई बाजार भी हैं, जिनमें एमआई रोड, चौड़ा रास्ता, हल्दियों का रास्ता, आदि शामिल हैं। इन बाजारों में आपको राजस्थानी हस्तशिल्प, कपड़े, गहने, आदि खरीदने को मिलेंगे।

एक बहुसांस्कृतिक शहर

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जयपुर शहर एक बहुसांस्कृतिक शहर है। यहां हिंदू, मुस्लिम, जैन, सिख, आदि सभी धर्मों के लोग रहते हैं। जयपुर शहर में सभी त्योहारों को धूमधाम से मनाया जाता है। जयपुर शहर अपनी पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां आपको राजस्थानी संगीत, नृत्य, कला, आदि देखने को मिलेंगे।

एक सुंदर और व्यवस्थित शहर जयपुर

मेरा शहर एक सुंदर और व्यवस्थित शहर है। यहां की चारदीवारी के बाजारों में एक रूपता है। बाजारों के बरामदे, समूचे बाजार और घर गुलाबी रंग में रंगे हुए हैं। यहां के सभी प्रमुख दर्शनीय स्थल भी गुलाबी रंग में हैं। मेरे शहर की अपनी एक अलग पहचान है। यहां की चाय, कचौरी, गजक, घेवर, टिपोरे, मूंगथाल आदि विश्व प्रसिद्ध हैं। यहां का खानपान भी बहुत स्वादिष्ट है।

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जयपुर शहर एक जीवंत और समृद्ध शहर है। यह शहर अपने इतिहास, संस्कृति और सौंदर्य के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। जयपुर शहर हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

जयपुर। विधानसभा चुनाव के लिए होम वोटिंग का आखिरी दिन रविवार को है। अब तक प्रदेश भर में 54,215 मतदाताओं ने होम वोटिंग की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाता तथा दिव्यांग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा का विकल्प दिया गया है। अब तक 709 मतदाताओं की मृत्यु होने के कारण वोट नहीं डाला जा सका।

प्रदेश में मंगलवार को होम वोटिंग के पहले दिन 9,687 बुजुर्ग तथा 2,655 दिव्यांग, बुधवार को 10,354 बुजुर्ग एवं 2701 दिव्यांग, गुरूवार को 14,311 बुजुर्ग एवं 3123 दिव्याग एवं शुक्रवार को 10,807 मतदाताओं ने घर से मतदान करने की सुविधा का लाभ लिया।

उन्होंने बताया कि पात्र 62,927 मतदाताओं ने विकल्प के तौर पर होम वोटिंग सुविधा के लिए आवेदन किया है। विशेष मतदान दल ऐसे मतदाताओं के घर जाकर पूरी गोपनीयता के साथ डाक मतपत्र के माध्यम से उनका मतदान करवा रहे हैं। पोस्टल बैलेट के माध्यम से 19 नवम्बर तक घर पर ही मतदान करवाया जाएगा। अब तक 1000 मतदाता होम वोटिंग के पहले चरण के दौरान घर पर अनुपस्थित रहें हैं। उनके लिए 20 और 21 नवम्बर को विशेष मतदान दल दूसरी बार विजिट करेंगे। अनिवार्य सेवाओं से जुड़े मतदाताओं के लिए मतदान की तारीखें 19 नवम्बर से 21 नवम्बर तक तय की गई हैं। अब प्रथम चरण में 7003 मतदाताओं का वोट डालना शेष है ।

जेडीए की प्रवर्तन शाखा में अधिकारियों की फौज है। इसके बाद भी अवैध निर्माण करने वालों से लेकर अवैध रूप से कॉलोनी बसाने वालों की मौज है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रवर्तन शाखा ने जोन 10 और 13 के दो-दो हिस्से कर दिए। इसके बाद भी हालातों में कोई सुधार नहीं है। स्थिति यह है कि एक फोन पर जेडीए का दस्ता उल्टे पांव लौट आता है। सिरसी रोड पर शुक्रवार को ऐसा ही वाकया हुआ। मुख्य नियंत्रक का कहना है कि फाइल पर आदेश नहीं हुए और प्रवर्तन अधिकारी (ईओ) ने कहा कि पूरा जाप्ता नहीं आया था।

सर्वाधिक दस्ता, फिर भी फेल
प्रवर्तन शाखा में मुख्य नियंत्रक के अलावा पांच उप नियंत्रक के अलावा 17 ईओ जेडीए में तैनात हैं। पिछले चार वर्ष को देखें तो इतनी संख्या कभी नहीं रही। पिछले डेढ़ वर्ष की बात करें तो सात से आठ ईओ ही प्रवर्तन शाखा में थे। उप नियंत्रक भी दो-तीन ही रहे।

रातों रात बन गईं आठ अवैध दुकानें
जोन-12 के सिरसी रोड पर कोर्ट स्टे होने के बाद भी बीते दिनों रातों रात अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर लिया। शिकायतकर्ता ने जेडीसी जोगाराम और मुख्य नियंत्रक धर्मेंद्र यादव से शिकायत की। जबकि, प्रवर्तन शाखा की ओर से 20 अक्टूबर को निर्माणकर्ता को नोटिस भी जारी किया था।

शुक्रवार को प्रवर्तन दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा तो एक फोन की वजह से न सिर्फ कार्रवाई रुकी, बल्कि दस्ता भी वापस लौट आया। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव लड़ रहे एक कांग्रेस उम्मीदवार के फोन की वजह से कार्रवाई टल गई।

 

 

ईओ आरपी सिंह से सवाल-जवाब
सवाल:
सिरसी रोड पर अवैध दुकानों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जवाब: पूरा जाप्ता न आने की वजह से कार्रवाई नहीं हो पाई। बीच से ही टीम लौट आई थी।

सवाल: अब कार्रवाई कब होगी?
-बिना जवाब दिए ही फोन काट दिया और फिर फोन नहीं उठाया।


आदेश नहीं हुए
अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जेडीसी के फाइल पर आदेश होते हैं। वो नहीं हुए थे। दस्ता तो कार्रवाई के लिए गया था, लेकिन जब उनको जानकारी हुई तो वापस आ गया।
-धर्मेंद्र यादव, मुख्य नियंत्रक, प्रवर्तन शाखा

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र मतदान दिन 25 नवंबर से महज़ चार दिन पहले 20 नवंबर को जारी होने की संभावना है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस वॉर रूम से पार्टी का घोषणा पत्र जारी करेंगे। कांग्रेस पार्टी का इस बार का घोषणा पत्र 80 प्रतिशत किसानों के लिए घोषणाओं पर समर्पित रहेगा। इनमें किसानों के ऋण माफ़ी से जुड़ी नई घोषणाएं शामिल रहेंगी।

 

जानकारी के अनुसार राजस्थान के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी होने के मौके पर प्रदेश कांग्रेस के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जिनमें सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अलावा एआईसीसी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

 

एमएसपी पर क़ानून
कांग्रेस के किसानों को समर्पित घोषणा पत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी भी दी जाएगी। इसके लिए बाकायदा एक क़ानून बनाकर पूरे देश में एक नज़ीर पेश करने का मकसद रहेगा।

 

ईआरसीपी
कांग्रेस के घोषणा पत्र में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर भी घोषणाएं होना निश्चित है। दरअसल, कांग्रेस ने ईआरसीपी को चुनावी मुद्दा बनाया है। इसके लिए पार्टी इस परियोजना के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में जनजागरण यात्राएं भी कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में इस वृहद परियोजना को केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं होकर, खुद के स्तर पर पूरा करने की घोषणा करेगी।

 

गीग वर्कर्स
कांग्रेस के घोषणा पत्र में गीग वर्कर्स के उत्थान के सिलसिले में भी घोषणाएं संभावित हैं। जानकारी के अनुसार गीग वर्कर्स के लिए 'क्रेडिट कार्ड स्कीम' लागू करने की घोषणा हो सकती है। गौरतलब है कि गहलोत सरकार ने गीग वर्कर्स एक्ट लागू कर के भी एक नज़ीर पेश की है।

 

ओपीएस
भाजपा के घोषणा पत्र से गायब ओपीएस से जुड़ी घोषणा कांग्रेस के घोषणा पत्र पर दिखना तय है। कांग्रेस ओपीएस क़ानून बनाने की घोषणा करेगी। दरअसल, प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करने का पक्ष सीएम अशोक गहलोत भी कई बार ले चुके हैं।

 

एमबीसी
कांग्रेस के घोषणा पत्र में एमबीसी वर्ग के उत्थान के लिए भी कुछ नई घोषणाएं हो सकती हैं। इसके लिए देवनारायण योजना को और सशक्त करने और अतिरिक्त बजट प्रावधान करने को लेकर घोषणा हो सकती है। भाजपा के संकल्प पत्र में इस विषय को लेकर कोई ज़िक्र नहीं है।

 

7 गारंटी
कांग्रेस घोषणा पत्र में पार्टी की पूर्व घोषित सभी गारंटियों को शामिल किया जाएगा। इनमें महिला मुखिया को हर साल 10 हजार रुपए दिए जाने, 500 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर, 15 लाख रुपए का आपदा राहत बीमा, सभी बच्चों के लिए इंग्लिश मीडियम स्कूल, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को फ्री लैपटॉप, सरकारी कर्मचारियों के लिए OPS कानून और 2 रुपए प्रति किलो गोबर खरीद जैसे वादे शामिल रहेंगे।

 

करीब 60 पेज का घोषणा पत्र
जानकारी के अनुसार कांग्रेस के घोषणा पत्र में हर क्षेत्र और हर वर्ग से जुड़ी घोषणाएं शामिल रहेंगी। घोषणा पत्र करीब 60 पन्नों का बताया जा रहा है।

 

इन्होंने तैयार किया है घोषणा पत्र
एआइसीसी की ओर से गठित घोषणा पत्र 21 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी हैं। जबकि इस समिति के अन्य सदस्यों में सांसद नीरज डांगी, प्रोफेसर गौरव वल्लभ, टीकाराम मीणा, पुखराज पाराशर, निरंजन आर्य, डॉ विजेंद्र सिंह सिद्धू, प्रोफेसर परेश व्यास, जाकिर हुसैन, एडवोकेट कुलदीप सिंह पूनिया, शेर सिंह सूपा, गिरिराज गर्ग, जीएस बापना, रूप सिंह बारहट, पीएस वर्मा, जगदीश चंद्र जांगिड़, सीताराम लांबा, डॉ आइवी त्रिवेदी, हिम्मत सिंह गुर्जर, सुनील परिहार और वंदना मीणा शामिल हैं।

 

जनता का विज़न है कांग्रेस का घोषणा पत्र
राजस्थान में 5 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने अभूतपूर्व काम किए हैं, पूर्व के जन-घोषणा पत्र के 98% वादों को धरातल पर उतारा है। जनता में हमारी योजनाओं का प्रभाव है और सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी जीरो है। हमारी सरकार का विजन-2030 हमारे आगामी जन-घोषणा पत्र का आधार रहा है। कांग्रेस का घोषणा पत्र जनता का विजन है, जिसमें जनता के सुझाव लेकर तैयार किया गया है। -- गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अमरीकी रोग नियंत्रण व रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की रिपोर्ट 'वैश्विक स्तर पर खसरा उन्मूलन की दिशा में प्रगति 2000-2022' के अनुसार पिछले साल दुनियाभर में खसरे के मामलों में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। गत वर्ष विश्व में 2.2 करोड़ बच्चे अपनी पहली और 1.1 करोड़ बच्चे दूसरी खुराक लेने से चूक गए। वहीं भारत 10 प्रमुख देशों मे शामिल है, जहां उन बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है जिन्हें इस संक्रामक बीमारी से बचाव का पहला टीका नहीं लगा। पिछले साल भारत में 11 लाख बच्चे इस महत्त्वपूर्ण खुराक से वंचित रह गए।

लाखों बच्चे इस रोग के प्रति हुए असुरक्षित:

खसरा खासतौर पर छोटे बच्चों को प्रभावित करता है और कभी-कभी उनके लिए जानलेवा भी साबित होता है। इसके कारण 2021 से 2022 तक होने वाली मौतों में वैश्विक स्तर पर 43 फीसदी की वृद्धि हुई। हालांकि कोरोना महामारी की असफलताओं के बाद पिछले साल खसरा टीकाकरण कवरेज में कुछ सुधार हुआ। लेकिन निम्न आय वाले देशों में कवरेज में गिरावट आई और वैश्विक स्तर पर लाखों बच्चे इस रोग के प्रति असुरक्षित हो गए। वहीं दुनिया का कोई भी क्षेत्र खसरा उन्मूलन के लिए दोनों डोज के 95 फीसदी के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया।

कम आय वाले देशों में मृत्यु का जोखिम ज्यादा:

पिछले साल 37 देशों में व्यापक स्तर पर खसरे का प्रकोप फैला, जिनमें से अधिकांश अफ्रीका में थे। कम आय वाले देशों में जहां खसरे से मृत्यु का जोखिम सर्वाधिक है, यहां टीकाकरण दर केवल 66 फीसदी के साथ सबसे कम बनी हुई है। 2022 में खसरे के टीके की पहली खुराक लेने से वंचित रह गए बच्चों में से आधे से अधिक सिर्फ 10 देशों अंगोला, ब्राजील, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, नाइजीरिया, पाकिस्तान और फिलीपींस में रहते हैं।

एक्सपर्ट व्यू:
खसरे के प्रकोप और मौतों में वृद्धि चौंकाने वाली है, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ वर्षों में टीकाकरण दरों में गिरावट को देखते हुए यह अप्रत्याशित नहीं है। ये मामले उन सभी देशों और समुदायों के लिए खतरा पैदा करते हैं, जहां टीकाकरण कम होता है। खसरे की बीमारी और मौतों को रोकने के लिए तत्काल लक्षित प्रयास जरूरी हैं।
जॉन वर्टेफ्यूइल, वैश्विक टीकाकरण प्रभाग के निदेशक, सीडीसी

प्रमुख देश जहां नहीं मिली पहली खुराक
नाइजीरिया- 30 लाख बच्चे
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य- 18 लाख बच्चे
इथियोपिया- 17 लाख बच्चे
भारत- 11 लाख बच्चे
पाकिस्तान- 11 लाख बच्चे

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इस बीमारी से अब तक 5 में से दो मरीज़ों की मौत भी हो चुकी है। इस बीमारी का नाम है क्रीमिया-कांगो रक्तस्रावी बुखार (Crimean-Congo Haemorrhagic Fever) इस बीमारी में मरीज़ों को बुखार आने के साथ नाक से खून आना शुरू हो जाता है। संक्रमण के दूसरे हफ्ते में मरीज़ की स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे चिंता बढ़ रही है।

CCHF के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 2 से 14 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। प्रारंभिक लक्षण हल्के होते हैं और आमतौर पर अन्य बीमारियों के लक्षणों से मिलते-जुलते होते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं।

CCHF के कुछ विशिष्ट लक्षण निम्नलिखित हैं:

बुखार (100.4°F या उससे अधिक)
ठंड लगना
मांसपेशियों में दर्द
सिरदर्द
मतली और उल्टी
नाक से खून बहना
रक्तस्राव
खून के थक्के जमने में समस्या
अंगों की विफलता

CCHF का निदान आमतौर पर रक्त परीक्षण के माध्यम से किया जाता है।

CCHF का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। उपचार का उद्देश्य लक्षणों को नियंत्रित करना और जटिलताओं को रोकना है। उपचार में आमतौर पर तरल पदार्थ, दर्द निवारक और एंटीबायोटिक्स शामिल होते हैं।

CCHF से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

- टिक्स के काटने से बचें।
- टिक्स के काटने के बाद खुद को अच्छी तरह से चेक करें।
- यदि आपको टिक काटता है, तो उसे जल्द से जल्द हटा दें।
- यदि आपको क्रीमिया-कांगो रक्तस्रावी बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
CCHF एक गंभीर बीमारी है, लेकिन यदि समय पर उपचार किया जाए तो इससे बचने की संभावना बढ़ जाती है।


इसके अतिरिक्त कई बार शरीर के अंदर कई अंगों से खून का रिसाव शुरू हो जाता है। जब शरीर में रिसाव होता है तब नाक से खून आने लगता है।

क्रीमिया-कांगो रक्तस्रावी बुखार संक्रमण फैलने की वजह
ये बीमारी जानवरों के जरिए ही मनुष्य में आती है। एनिमल बग यानि पशुओं के शरीर में पाए जाने वाले कीड़ो से भी यह रोग फैल सकता है। पशुओं से इंसान और दूसरे इंसान में ये बीमारी फैल रही है। हालांकि, इस बात का पता नहीं चल सका है कि अचानक से इस बीमारी के बढ़ने की वजह क्या है। यदि किसी में बुखार के साथ नोज से ब्लीडिंग हो रही हो तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और स्वस्थ लोगों को उनसे दूरी बना कर रखनी चाहिए।

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अशोक गहलोत के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर जयपुर शहर में शुरू किए गए मेट्रो प्रोजेक्ट का भाजपा विस्तार करेगी। भाजपा की ओर से जारी किए गए चुनाव घोषणा पत्र में इस बिंदू को शामिल करते हुए राज्य के प्रमुख शहरों में मेट्रो लाइन का विकास करने के लिए मेट्रो मास्टर प्लान बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रदेश में आत्महत्या की लगातार बढ़ती दर को कम करने के लिए जयपुर शहर सहित प्रमुख शहरो में युवा साथी केन्द्र बनाने की घोषणा भी भाजपा ने की है।

घोषणा पत्र के मुताबिक केन्द्र सरकार के साथ मिलकर जयपुर और जोधपुर के बीच यात्रा की दूरी घटाने के प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन के राजमार्ग में अपग्रेड किया जाएगा। गौरतलब है कि जयपुर मेट्रो प्रोजेक्ट का मानसरोवर से परकोटे तक विस्तार किया जा चुका है। अब इसका ट्रांसपोर्ट नगर तक विस्तार करने की स्वीकृति जारी हो चुकी है।

जयपुर के लिए ये वादे भी

- केन्द्र सरकार के साथ मिलकर जयपुर में एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर के निर्माण को तेजी से पूरा किया जाएगा
- प्रदेश के प्रमुख हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष देश के प्रमुख शहरो में हथकरघा और हस्त शिल्प मेलों का आयोजन किया जाएगा। इस सूची में जयपुर के सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट को भी शामिल किया गया है
- प्रदेश में 8 क्षेत्रीय विरासत अकादमियां बनाने की घोषणा भी की गई है, इसमें जयपुर सवाई जयसिंह ढूंढाढ़ अकादमी भी शामिल है
- जयपुर आईटी पार्क को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ साइबर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा

जयपुर। विधानसभा चुनाव में पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में कूदे नेताओं को मैदान से हटने के लिए कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की ओरसे दिए गए प्रलोभन अब सामने आने लगे हैं। बागी और असंतुष्ट नेताओं को संगठनात्मक नियुक्तियों में एडजस्ट कर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है।

हैरत की बात तो ये है कि बागी और असंतुष्ट नेताओं को सीधे ही प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव नियुक्त करने के नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के लेटरहैड पर चुनाव मैदान हटे नेताओं को ये नियुक्तियां दी गई हैं जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

चर्चा इस बात है कि जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रहे प्रताप सिंह खाचरियावास भी इसी तरह के नियुक्तियों के लिए जाने जाते थे। इधर अकेले जयपुर जिले में करीब एक दर्जन बागी और असंतुष्ट नेताओं को संगठनात्मक नियुक्तियों में एडजस्ट किया गया है। वहीं जिन बागियों का संगठनात्मक नियुक्तियों में दिलचस्पी नहीं हैं उन्हें सरकार बनने के बाद राजनीतिक नियुक्तिय़ों में एडजस्ट करने का वादा किया गया है।

बागी नहीं बने नेताओं की पीड़ा
इधर चुनाव मैदान से हटे बागी और असंतुष्ट नेताओं को प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियां दिए जाने से उन नेताओं की पीड़ा बाहर आने लगी जिन्होंने टिकट नहीं मिलने के बावजूद भी पार्टी के साथ रहे और बगावत नहीं की।

इन बागी और असंतुष्ट नेताओं को मिली नियुक्ति

-संदीप चौधरी
शाहपुरा से टिकट मांग रहे संदीप चौधरी को प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया है। टिकट नहीं मिलने पर उनकी नाराजगी बाहर आई थी।

संगीता गर्ग-
मालवीय नगर से टिकट के लिए दावेदारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर अंदरखाने नाराजगी थी अब उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

-दीपक डंडोरिया
बगरू से टिकट मांग रहे थे, टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। तब प्रभारी रंधावा ने मनाया था अब इन्हें भी प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री मनाया गया है।

गिरीश पारीक
हवामहल से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्य़ाशी के तौर पर नामांकन भरा। मुख्यमंत्री गहलोत की समझाइश पर चुनाव मैदान से हटे थे अब पारीक को भी प्रदेश कांग्रेस का महामंत्री नियुक्त किया गया है।

राकेश मीणा
आमेर से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, पार्टी नेताओं के समझाने पर चुनाव मैदान से हटे अब प्रदेश कांग्रेस का सचिव बनाया गया।

राजीव त्रेहन
लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय, उपेक्षा को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी अब सचिव नियुक्त किया गया।

मिनाक्षी सेठी जैदी
आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता थीं, आदर्श नगर से आप की टिकट पर चुनाव लड़ने की तैय़ारी चल रही थी। क्षेत्रीय विधायक रफीक खान ने पारिवारिक मामलों को हवाला देकर चुनाव नहीं लड़ने के लिए समझाया। कांग्रेस में सदस्य भी नहीं फिर प्रदेश कांग्रेस की सचिव नियुक्त की गईं।

वीडियो देखेंः- Rajasthan Election 2023 : Congress महासचिव Priyanka Gandhi का Rajasthan दौरा

किसी जमाने में सूरजपोल से जब भोर की पहली किरण खिलती थी, तो शहर में बनारस की छटा बिखर जाती थी। ऐसा लगता था मानो बनारस के घाट की चमक शहर में छा गई हो। गुलाबी रंग की दिवारों पर जब सूर्य की किरणे पड़ती थी एक अलग ही आभा छाने लगती थी। फिर दोपहर का तो €या ही कहना...सूरजपोल से जैसे ही सूरज आगे बढ़ता था, तो रामगंज चौपड़ से लेकर बड़ी चौपड़ पर करीब 11 से दो बजे का नजारा देखते ही बनता था। यहां की दोपहरी प्रयाग सी चमकती थी। जिस तरह प्रयाग में दोपहर में एक शांत और सुकून भरा माहौल होता था, उसी तरह रामगंज चौपड़ में भी सुकून भरी दोपहरी होती थी। यहां 11 से दो बजे तक बरामदों के बाहर बंधे हुए घोडे़ आराम करते थे। फिर जैसे ही दोपहर ढलने लगती, तो छोटी चौपड़ से लेकर चांदपोल की रौनक अवध की शाम जैसी हो जाया करती थी। लोग बरामदों में ताश ,चंगा पो और शतरंज खेला करते थे।

अवध की तरह नवाबी शाम
यहां की शाम अवध की तरह सजती थी, जहां नाच-गाने के कार्यक्रम होते थे और फिर जब चांद पूरी रंगत बिखेरता था, तब पुरानी बस्ती और ब्रह्मपुरी इलाके में तमाशे और गायन के कार्यक्रम होते थे। ये रात बिल्कुल बुंदेलखंडी अंदाज में सजती थी, जहां मंदिरों में पूजा होती थी। साथ ही देर रात तक गालीबाजी का दौर चलता था।

जयपुर में था चार जगहों का आनन्द
ढूंढाड़ी इतिहास के जानकारों के अनुसार भोर बनारस, प्रयाग की दोपहरी, अवध की शाम और बुंदेलखंड की रात के लिए कहा जाता था कि जब कोई व्यक्ति जीवन से निराश और हार गया हो तो इन चारों जगहों पर एक बार जरूर जाए। उसकी जिन्दगी में सकारात्मक उर्जा भर जाएगी और इतिहास के जानकार मानते हैं कि इन चारों जगहों का आनन्द जयपुर में लिया जाता था। सालों पहले यहां सुबह से रात तक अलग ही माहौल हुआ करता था।

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जयपुर। विधानसभा चुनाव में अपनी योजनाओं के दम पर सरकार रिपीट होने का दावा कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब प्रचार अभियान के बीच ही प्रत्याशिय़ों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया। इसी के मद्देनजर गहलोत ने गुरूवार रात कांग्रेस वॉर रूम में जयपुर जिले की 19 सीटों के प्रत्याशियों की बैठक लेकर जमीनी फीडबैक लिय़ा।

बताया जाता है कि गहलोत ने प्रत्याशियों से अब तक उनके चुनाव प्रचार और क्षेत्र में आ रही समस्याओं को लेकर बात की। गहलोत ने प्रत्य़ाशियों को दो टूक शब्दों में कहा कि चुनाव प्रचार या क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आ रही है तो उसे बिना झिझक बताया जाए, उन समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन में मुझे हर हालत में रिजल्ट चाहिए। चुनाव परिणाम के बाद कोई बहाना नहीं चलेगा इन समस्याओं के चलते सीट हार गए।

सूत्रों की मानें तो गहलोत ने ये भी कहा कि अगर क्षेत्र में किस स्टार प्रचारक भेजा जाए, उसकी भी तुरंत सूचना कांग्रेस वॉर रुम में तैनात नेताओं को दी जाए।

प्रत्याशियों ने बागी नेताओं को मनाने की लगाई गुहार
सूत्रों की माने तो कई प्रत्य़ाशियों के पार्टी के बागी नेताओं और असंतुष्ट का नाम लेकर उन्हें मनाने की गुहार गहलोत से लगाई। आदर्श नगर से कांग्रेस प्रत्याशी रफीक खान ने पार्टी के बागी और आप पार्टी के उम्मीदवार को लेकर मुख्यमंत्री से बात की। इसके अलावा झोटवाड़ा, शाहपुरा, विराट नगर के कांग्रेस प्रत्याशियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

19 सीटों पर गहलोत खुद करेंगे प्रचार
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर जिले की 19 सीटों पर प्रचार का जिम्मा भी अपने हाथ में ले लिया है। गहलोत सभी सीटों पर जनसभा और रोडशो भी करेंगे। इसकी शुरुआत भी मुख्यमंत्री ने कर दी है। गुरूवार को गहलोत ने हवामहल विधानसभा क्षेत्र भट्टा बस्ती और शुक्रवार को किशनपोल क्षेत्र के जालूपुरा में जनसभा को संबोधित किया।

भवनेश गुप्ता
Rajasthan Assembly Election 2023 : बागियों के कारण कई सीटों पर समीकरण बिगड़ने की आशंका से चिंतित भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों को भितरघात का भी डर सता रहा है। इनमें ऐसे नेता, कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने सीधे तौर पर तो बगावत नहीं की, लेकिन अंदरखाने बागी या दूसरी पार्टी के प्रत्याशी की नैया पार लगाने में जुटे हैं। ऐसी कई सीटें हैं, जहां पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों से कार्यकर्ता और दूसरे दावेदारों में नाराजगी है।

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ऐसे दावेदार अपने चहेते कार्यकर्ताओं के जरिए नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इनमें जयपुर के आदर्श नगर, सिविल लाइंस, हवामहल, सांगानेर के अलावा अजमेर उत्तर, बूंदी, उनियारा देवली, सवाईमाधोपुर, चौहटन, किशनगढ़, अलवर शहर, बानसूर, भीलवाड़ा, उदयपुर सहित अन्य कई सीटें शामिल हैं। दोनों ही दल ऐसे सभी सीट पर निगाह बनाए हुए हैं।

पार्टियों ने सिपहसालारों को सौंपा जिम्मा
पदाधिकारियों का कहना है, बागियों से आमने-सामने की टक्कर है, लेकिन भितरघात करने वालों से ज्यादा दिक्कत है। इनका पता लगाने के लिए भाजपा ने जहां मंडल टीम को सक्रिय किया है, वहीं कांग्रेस ने विधानसभवार सिपहसालार कार्यकर्ताओं को जिम्मा सौंपा है। ऐसे भितरघातियों पर पार्टी एक्शन लेगी। हालांकि कोई भी पार्टी चुनाव से पहले रिस्क नहीं लेना चाहती। इससे दूसरे कार्यकर्ताओं के नाराज होने का खतरा बना रहेगा।

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सूचियां तैयार, भेजी जा रही प्रदेश नेतृत्व को
जानकारी के अनुसार भाजपा और कांग्रेस विधानसभावार ऐसी सूचियां तैयार कर रही हैं, जहां कार्यकर्ता भितरघात कर सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल भितरघात करने वालों के नाम लिख उनकी मॉनिटरिंग करवा रही है। इसके अलावा प्रत्याशियों से भी इस तरह का फीडबैक लिया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि कौनसा बड़ा नेता भितरघात में ज्यादा नुकसान कर सकता है। ऐसे नेताओं से बातचीत भी शुरू कर दी गई है।

अभी तक थैलेसीमिया का एक मात्र स्थाई इलाज बोनमेरो ट्रांसप्लांट था। जो किसी करीबी से ही संभव था। लेकिन अब यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी ने 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सिकल सेल रोग और ट्रांसफ्यूजन-निर्भर बीटा-थैलेसीमिया वाले रोगियों के लिए कैसगेवी नामक नए उपचार को अधिकृत किया है।सिकल सेल रोग और बीटा-थैलेसीमिया दोनों आनुवंशिक स्थितियां हैं जो हीमोग्लोबिन के जीन में त्रुटियों के कारण होती हैं।

ऐसे किया है तैयार
कैसगेवी को मरीज की बोनमेरो स्टेम कोशिकाओं में दोषपूर्ण जीन को हटाने के काम के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि शरीर कार्यशील हीमोग्लोबिन का उत्पादन कर सके। ऐसा करने के लिए, स्टेम कोशिकाओं को बोनमेरो से बाहर निकाला जाता है, एक प्रयोगशाला में संपादित किया जाता है और फिर रोगी में वापस डाला जाता है जिसके बाद परिणाम जीवन भर रहने की संभावना होती है।

घातक हैं दोनों बीमारियां
सिकल सेल रोग वाले लोगों में आनुवंशिक त्रुटि के कारण बहुत गंभीर दर्द, गंभीर और जीवन-घातक संक्रमण और एनीमिया हो सकता है। वहीं बीटा-थैलेसीमिया रोगियों में यह गंभीर एनीमिया का कारण बन सकता है। कैसगेवी दोनों ही रोगों में हीमोग्लोबिन उत्पादन को बहाल करने के लिए पाया गया है। इसके अध्ययन में काफी हद पॉजिटिव रिजल्ट नजर आए है और इन रोगियों को जीवन जीने की राह मिली है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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जयपुर। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने टोल वसूली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि टोल सिस्टम लाना हमारी मजबूरी थी। सरकार के पास रिसोर्सेज की कमी है, लेकिन विदेशों में यही सिस्टम चल रहा है। अगर आपको अच्छी सर्विस चाहिए तो इसके लिए पैसा चुकाना ही होगा। टोल वसूली बंद नहीं हो सकती। कम या ज्यादा हो सकती है।

गडकरी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि टोल वसूलने के लिए नया सिस्टम ला रहे हैं। इसके तहत सैटेलाइट के जरिए ही आपके अकाउंट से पैसा कटेगा। खास बात यह है कि हाइवे पर जितने किलोमीटर आपकी गाड़ी चलेगी, उतना ही पैसा आपको चुकाना पड़ेगा। सड़क सुरक्षा को लेकर गडकरी ने कहा कि हमने बहुत काम किए, मगर सफलता नहीं मिली, यह सच्चाई है। हमने कानून बनाया, जुर्माना लगाया, लेकिन दुर्भाग्यवश लोगों में कानून के प्रति डर नहीं है। जनता को ही जागरूक होना पड़ेगा। तभी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है।
नितिन गडकरी दो दिनों से राजस्थान में चुनावी दौरे पर हैं। उनकी झोटवाडा और विद्याधर नगर में सभाएं भी हुई और रोड शो भी हुए। गडकरी ने इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलने की जगह अपने कामों पर फोकस किया। गडकरी ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार और नरेन्द्र मोदी सरकार में किए गए अपने कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी।

सड़कों पर दो लाख करोड़ के काम, एक लाख करोड़ और खर्च करेंगे

नितिन गडकरी ने कहा कि राजस्थान में 41 हजार करोड़ की लागत से तीन ग्रीन फील्ड हाईवे बना रहे हैं। दिल्ली जयपुर हाईवे पर भी काम चल रहा है जो कि दिसंबर जनवरी तक पूरा हो जाएगा। अमृतसर जामनगर एक्सप्रेस-वे का काम भी चल रहा है, जो देश की तीन रिफाइनरी को जोड़ रहा है। प्रदेश में वर्तमान में दो लाख करोड़ के काम चल रहे हैं और भविष्य में करीब एक लाख करोड़ के काम और होंगे।

केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राजस्थान में पानी की बहुत बड़ी समस्या है। इससे निजात दिलाने के लिए उनके जल संसाधन मंत्री के रहते कई काम हुए और राजस्थान को कई योजनाएं दी, लेकिन जब ईआरसीपी पर उनसे सवाल किया तो वे इसे टाल गए।

गडकरी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या पानी की है। लंबे समय से राजस्थान में पीने के पानी की उपलब्धता काफी कम थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने पलायन भी किया है। जब मैं जल संसाधन मंत्री था तब करीब पांच योजनाएं ऐसी थी, जिसका बड़े पैमाने पर राजस्थान को फायदा हुआ। मेरे कार्यकाल के समय लखवाड बहु उद्देश्य परियोजना जो 5747 करोड़ की थी और 40 साल से लटकी पड़ी थी। उसको हमने शुरू किया। इसमें छह राज्यों को पानी मिलना था जिसमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में समझौता कराना था। कई सालों से इस तरह के 26 झगड़े चल रहे थे, जिसमें से हमने 19 झगड़ों को समाप्त करवाया। जिन राज्यों के बीच पानी को लेकर झगड़ा चल रहा था इस परियोजना को शुरू करने के बाद 79 प्रतिशत शुद्ध पानी मिलेगा और राजस्थान की 34000 हैक्टेयर जमीन इससे सिंचिंत होगी। दूसरी रेणुका बांध परियोजना यह राजस्थान सहित अन्य राज्यों से जुड़ी परियोजना है जिसमें समझौता करवाया। राजस्थान में इस योजना से करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके बाद किसाऊ बांध परियोजना को चालू करवाया। ताजेवाला बांध परियोजना से राजस्थान को 570 एमसीएम पानी देने की सहमति बनी। राजस्थान में साबरमती परियोजना, पार्वती चंबल संपर्क परियोजना, काली सिंध परियोजना के लिए काम किया। उम्मीद जताई कि जनता के सहयोग से राजस्थान में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनेगी, जिससे विकास की गति और बढ़ेगी।

Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को सिरोही जिले की तीनों विधानसभा सीटों सिरोही के जावाल, रेवदर और पिण्डवाड़ा आबू के सरुपगंज में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित किया। पूर्व सीएम राजे ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने झूठे वादे कर हर वर्ग को धोखा दिया है। कांग्रेस ने वादे तो खूब किए, लेकिन एक भी वादा समय पर पूरा नहीं किया। इस सरकार ने किसानों के ऋण माफ करने का वादा किया, उसे पूरा नहीं किया। बेरोजगारों को भत्ता नहीं दिया। युवाओं को नौकरियां नहीं दी। प्रदेश में पेपर लीक माफिया पनप गए, 4 साल में 19 बार पेपर लीक हुए, जिससे युवाओं में निराशा है। प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं है।

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राजे ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने घरेलू बिजली मुफ्त देने का वादा कर सरचार्ज के नाम पर लूट मचाई है। गांवों में बिजली आती ही नहीं है तो फ्री कहने में कहां हर्ज है। कांग्रेस की सारी घोषणाएं जनता के साथ छलावा है। जबकि हमने जो वादे किए थे, वो पूरे भी किए हैं। इसलिए अब राजस्थान की जनता कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है। सिरोही से भाजपा प्रत्याशी ओटाराम देवासी ने कहा कि सिरोही में विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेश कोठारी ने सिरोही की प्रसिद्ध तलवार भेंटकर व भाजपा प्रत्याशी ओटाराम ने चुनरी ओढ़ा कर स्वागत किया। इसके बाद राजे ने रेवदर में जनसभा में कहा कि मैं कांग्रेस शासनकाल का हुलिया दिखाने आई हूं। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को निठल्ली सरकार बताते हुए जमकर कोसा और जनता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। इस मौके भाजपा प्रत्याशी जगसीराम कोली, बनासकांठा विधायक अनिकेत ठाकेर, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, जिला महामंत्री जयसिंह राव, जिला मंत्री प्रकाश मेघवाल आदि ने भी सम्बोधित किया। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरविन्द वैष्णव व नरेश दवे ने मंच पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उसके बाद देर शाम पूर्व सीएम राजे ने सरुपगंज में भाजपा प्रत्याशी समाराम गरासिया के समर्थन में सभा की। यहां राजे ने कहा कि भाजपा की सरकार बनना तय है। सरकार बनते ही हमारी सरकार के वे काम शीघ्र पूरे किए जाएंगे, जो मौजूदा कांग्रेस सरकार ने रोक दिए थे। जिला प्रभारी सतीष उपाध्याय, प्रधान नितिन बंसल, सिरोही प्रधान हसमुख मेघवाल, विधानसभा संयोजक नरपतसिंह राणावत, प्रभारी दुर्गाराम गरासिया, महाराष्ट्र के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राज के पुरोहित, जिला उपाध्यक्ष किरण पुरोहित आदि ने भी संबोधित किया।

ब्लड शुगर जब भी शरीर में बढ़ता है तो उसके संकेत शरीर में नजर आने लगते हैं। ब्लड शुगर के संकेत वैसे तो शरीर कई तरह से देता है, लेकिन यहां आज आपको दो ऐसे संकेत के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मुंह में नजर आते हैं।

इंसुलिन के कम निकलना एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है। ब्लड में जब शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है और इंसुलिन इनएक्टिव हो जाता है तब डायबिटीज होती है। डायबिटीज टाइप वन अनुवांशिक या जन्मजात होता है, जबकि टाइप टू की वजह बिगड़ी लाइफस्टाइल और खानपान की आदत होती है।


तो चलिए जानें कि डायबिटीज या ब्लड शुगर बढ़ने पर मुंह में कौन से तीन लक्षण नजर आते हैं।
1. मुंह अगर अचानक बहुत सूखने लगा हो और सलाइवा (लार) कम बन रहा हो।
2. मुंह से फलों की महक आए या बदबू आने लगे।
3. दांत में कैविटी और खून की समस्या नजर आए।

डायबिटीज के अन्य लक्षण भी पहचानें
- रात में तीन से चार बार यूरिन का आना
- बहुत अधिक प्यास लगना
- थकावट और कमजोरी महसूस होना
- वजन का कम होना
- नजर कमजोर होना या धुंधला दिखना
- प्राइवेट पार्ट में खुजली और जख्म का देरी से ठीक होना।

नॉर्मल ब्लड शुगर का लेवल कितना होता है
खाने से पहले स्वस्थ व्यक्ति का टार्गेट ब्‍लड शुगर लेवल 100 mg/dl से कम होना चाहिए। वहीं, डायबिटिक का ब्लड शुगर लेवल 80-130 mg/dl तक होना चाहिए। जबकि खाना खाने के बाद स्वस्थ व्यक्ति का ब्‍लड शुगर लेवल 140 mg/dl से कम, तो वहीं डायबिटिक का 180 mg/dl से कम होना चाहिए।

डायबिटीज के कारण
- गलत खान-पान
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- परिवार में पहले से किसी को डायबिटीज होने से
- हार्मोंन्स का असंतुलन
- बढ़ती उम्र
- कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ना

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर भाजपा के संकल्प पत्र में किसी तरह की आश्वासन नहीं दिया है, वहीं कांग्रेस इसे गारंटी के रूप में भुना रही है। अब केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में एक बयान में शनिवार को स्पष्ट किया कि केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने पेंशन स्कीम्स को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है, जो पूरे भारत के परिप्रेक्ष्य में विचार कर रही है। मैं केन्द्र सरकार की तरफ से विश्वास के साथ कह सकता हूं कि किसी भी कर्मचारी के हितों पर एनपीएस के चलते कुठाराघात नहीं होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी.पी.जोशी के साथ पत्रकारों से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर हुए सवालों पर कहा कि ओपीएस पर यदि अशोक गहलोत को उनको कानून बनाना होता तो मेरा प्रश्न यह है कि जिस ओपीएस को उन्होंने 4 साल पहले घोषित किया था। गाजे-बाजे के साथ में घोषितकर चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में लेकर के आए थे। दोनों जगह देने से मुकर चुके हैं। यहां 4 साल बाद अब उनको कानून बनाएंगे, ऐसा स्मरण आया है। मुझे लगता है कि प्रश्न उनसे पूछा जाना चाहिए कि अब तक कानून बना क्यों नहीं पाए थे?

भाजपा के ओपीएस पर स्टैंड के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का स्टैंड एकदम साफ है। ओपीएस को लेकर जिस तरह की चर्चा और चिंता लोगों के बीच में आई है। कहीं कोई विसंगतियां कैसे हो सकती हैं, क्योंकि जो लोग वर्ष 2014 में नौकरी में आए थे। अभी तक उसमें से लोग रिटायर होना शुरू नहीं हुए हैं। उनकी पेंशनेबल उम्र अभी नहीं हुई है। राजस्थान में वर्ष 2014 के बाद में एक सरकारी योजना में प्राइवेट स्कूल में काम आने वाले टीचर्स समायोजित हुए थे। अब उनके समायोजन के कारण से उनकी पेंशनेबल उम्र नहीं थी। उनके समायोजन के समय ही लिखा गया था कि वो किसी तरह के पेंशन लाभ के हकदार नहीं होंगे। उनका केवल रिटायरमेंट हुआ। उनके केवल ग्रेच्युटी पेपर्स को दिखाकर ऐसा वायुमंडल बनाया गया कि कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। अभी तक पेंशनेबल उम्र किसी की नहीं हुई। 20 साल की नौकरी तो वर्ष 2034 में होगी, उसके बाद ही पेंशन मिलेगी, लेकिन ऐसी संभावित कोई भी विपरीत परिस्थिति किसी कर्मचारी के साथ में कभी हो सकती है, इसको कवरअप करने के लिए केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है, जो इस पर पूरे भारत के परिपेक्ष्य में विचार कर रही हैं। किसी भी कर्मचारी के हितों पर एनपीएस के चलते विपरीत कुठाराघात नहीं होगा। इसको भारत सरकार आश्वस्त करती है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज जयपुर पहुंचते ही सबसे पहले एसएमएस अस्पताल पहुंचे। उनके साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी साथ रहे। इन दोनों नेताओं ने यहां कॉटेज वार्ड में लम्बे समय से भर्ती जयपुर डिस्कॉम के एईएन हर्षाधिपति से मुलाक़ात की। इस दौरान खरगे-गहलोत ने ना सिर्फ घायल हर्षाधिपति के हाल ही जाने बल्कि डॉक्टर्स और परिजनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर ताज़ा अपडेट भी ली।


गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी से ही विधायक रहे गिर्राज मलिंगा और उनके सहयोगियों पर एईएन हर्षाधिपति से ऑन ड्यूटी बुरी तरह से मारपीट करने के आरोप हैं। इस सिलसिले में मलिंगा और अन्य पर पुलिस एफआईआर भी दर्ज हुई। इधर मारपीट से घायल हर्षाधिपति की शरीर की कई हड्डियां टूटने के बाद उन्हें एसएमएस अस्पताल भर्ती करवाया गया था। घटना को कई महीने बीतने के बाद भी हर्षाधिपति आज भी अस्पताल में भी भर्ती है। उधर आरोपी विधायक गिरिराज मलिंगा पिछले दिनों कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए और उन्हें हाथों-हाथ बाड़ी विधानसभा सीट से प्रत्याशी भी बना दिया गया।


जिसे हमने निकाला, भाजपा ने उसे टिकट दिया: खरगे
घायल एईएन से मिलने के बाद खरगे और सीएम गहलोत मीडिया से रु-ब-रु हुए। खरगे ने हर्षाधिपति से हुई मारपीट को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि हर्षाधिपति के शरीर की हर हड्डी के टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। इस आरोप में जिस व्यक्ति को हमने निकाला, भाजपा ने उसी को टिकट दे दिया। हमने हमला करने वाले को टिकट नहीं देने का फैसला पहले ही कर लिया था। हमारे मुख्यमंत्री ने घायल हर्षाधिपति का पूरा ख्याल रखा और उनके परिजनों से मिलकर उनको ढांढस बंधाया और मदद की। भाजपा एक तरफ कहती है कि हम गरीबों के साथ हैं, लेकिन ऐसे लोगों को भाजपा द्वारा टिकट दिया जाना बेहद शर्मनाक है।


घटना की जितनी निंदा हो कम है: गहलोत
सीएम गहलोत ने भी कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए वो कम है। ऐसा करने वालों को हमने टिकट नहीं देने का निर्णय लिया था जबकि भाजपा ने टिकट देकर उनको गले लगा लिया। इससे घिनौना क्या काम हो सकता है? आज परिवार करीब डेढ़ साल से भुगत रहा है, सोचिये क्या बीत रही होगी उनपर?


सीएम गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने घायल हर्षाधिपति से मिलने की इच्छा जताई थी, इसलिए सीधे यहां पहुंचे। सीएम ने कहा कि ये सुखद बात रही कि हमले में हर्षाधिपति बच गया, लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा ने आरोपी को टिकट देकर गले लगाया और काला अध्याय लिखा।

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'हम न्याय दिलाकर रहेंगे'
सीएम अशोक गहलोत ने एक ट्वीट प्रतिक्रिया में भी कहा कि आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अस्पताल में मिलकर हर्षाधिपति वाल्मीकि के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इंजीनियर हर्षाधिपति वाल्मीकि को हम न्याय दिलाकर रहेंगे।

 

भाजपा गए मलिंगा, तो आगे खिसकी फ़ाइल
विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के खिलाफ एईएन हर्षाधिपति पर हमले के मामले में सीआईडी लगभग दो महीने पहले ही जांच पूरी कर चुकी थी। आरोप साबित मानते हुए सितम्बर मेे ही चालान के आदेश भी दे दिए थे, लेकिन फाइल कोर्ट नहीं पहुंची। पर जैसे ही मलिंगा ने 5 नवंबर को भाजपा का दामन थामा, पुलिस ने दो दिन बाद ही 8 नवंबर को उनके खिलाफ चालान पेश कर दिया। सामने आया है कि चालान की यह कार्रवाई मलिंगा के गिरफ्तार होने के बाद करीब 18 माह से लंबित थी। अभी पांच छह और आरोपियों के खिलाफ जांच होना बाकी है।


पिछले साल की है घटना
हमले में घायल हर्षाधिपति आज भी अस्पताल में भर्ती हैं। उनपर हमला पिछले साल 29 मार्च 2022 को हुआ था। हर्षाधिपति ने मलिंगा व उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को मई 2022 में गिरफ्तार किया था। मामले की जांच उसी समय से सीआईडी में चल रही थी। समय पर चालान पेश नहीं हुआ तो घायल एईएन ने हाईकोर्ट में याचिका पेश की। मलिंगा के खिलाफ चालान पेश करने में देरी पर सितम्बर माह में हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और राज्य सरकार से नतीजा पेश करने को कहा था। मामला हाईकोर्ट पहुंचते ही सीआईडी ने आरोप प्रमाणित मानते हुए चालान के लिए सितम्बर में ही फाइल धौलपुर पुलिस को भेज दी थी।


हाईकोर्ट में सरकार ने कहा था, तैयार है चार्जशीट
इस बीच 4 नवम्बर को मामले में फिर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायालय में हर्षाधिपति की ओर से मलिंगा की जमानत रद्द करने का आग्रह किया गया। उसकी ओर से कहा गया कि हमला इतना गम्भीर था कि वह आज भी खड़ा होने में असमर्थ है। सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि मलिंगा के मामले में चार्जशीट तैयार है, इसे परीक्षण के बाद जल्द ही कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। राजकीय अधिवक्ता ने कहा कि मलिंगा के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार हो चुकी है, इसे मंजूरी मिलते ही पेश कर दिया जाएगा। जबकि फाइल पर चालान आदेश सितम्बर माह में ही हो चुके थे।

World Cup Final Match in Ahmedabad : राजस्थान के इन जिलों के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक खुशखबर। रेलवे ने क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दिनी स्‍पेशल ट्रेन चलाई है। अगर मैच देखना है तो इस ट्रेन में सवार होकर अहमदाबाद पहुंच सकते हैं। यह स्पेशल ट्रेन (02265) आज शाम 5 बजे नई दिल्‍ली स्‍टेशन से साबरमती के लिए रवाना होगी। यह स्पेशल ट्रेन सिर्फ एक ट्रिप लगाएगी। मतलब आज साबरमती जाएगी और कल वहां से दिल्ली के लिए रवाना होगी। इस स्पेशल ट्रेन में स्‍लीपर क्‍लास से लेकर फर्स्‍ट एसी कोच है। सभी श्रेणी में क्रिकेट प्रेमी सफर कर सकते हैं। इस ट्रेन में न्यूनतम किराया में क्रिकेट प्रेमी सफर कर सकते हैं।

भारत ऑस्ट्रेलिया खेलेंगे फाइनल

World Cup Final Match : आईसीसी वनडे विश्व कप 2023 का फाइनल रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा है तो आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस होंगे। राजस्थान को लेकर पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों में विश्व कप फाइनल को लेकर बड़ा उत्साह है।

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राजस्थान के पांच जिलों के क्रिकेट प्रेमी हुए खुश

अहमदाबाद में भारत आस्ट्रेलिया के बीच रविवार को खेले जाने वाले फाइनल मैच के लिए रेलवे ने क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई है। इस स्पेशल ट्रेन से राजस्थान के पांच जिलों के साथ दिल्ली व गुजरात के एक जिले के क्रिकेट प्रेमी लाभंंवित होंगे। राजस्थान के ये पांच जिले हैं, जहां पर यह स्पेशल ट्रेन रुकेगी, उनमें अलवर, जयपुर, अजमेर, फालना व आबू रोड शामिल हैं। तो देर न करें शाम पांच यह स्पेशन ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से रवाना हो जाएगी।

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साबरमती तक कुल 929 किमी. की दूरी करेगी तय

भारतीय रेलवे के अनुसार यह स्‍पेशल ट्रेन सिर्फ विश्व कप फाइनल मैच के लिए चलाई गई है। यह केवल एक ट्रिप लगाएगी। इसमें स्‍लीपर क्‍लास, एसी इकोनॉमी क्‍लास, एसी थर्ड क्‍लास और एसी फर्स्‍ट क्‍लास हैं। नई दिल्ली से लेकर साबरमती स्टेशन तक यह कुल 929 किमी. की दूरी तय करेगी।

स्पेशल ट्रेन का पूरा ब्यौरा

इस स्पेशल ट्रेन का नाम नई दिल्ली साबरमती नई दिल्ली है। इस ट्रेन का नम्बर 02265 व 02266 है। ट्रेन का स्टेशन व नाम जानें।

नई दिल्ली - शाम 5 बजे
अलवर - 19.20
जयपुर - 21.20
अजमेर - 23.35
फालना - 02.12
आबू रोड - 03.40
पालनपुर - 04.45
साबरमती - 07.15।

विश्व कप फाइनल मैच खत्‍म होने के बाद यह स्पेशल ट्रेन (02266) रविवार-सोमवार मध्‍य रात्रि 2.30 बजे साबरमती से रवाना होगी और सोमवार सुबह 9.05 बजे नई दिल्‍ली पहुंचेगी।

किराए पर डाले नजर

नई दिल्ली से साबरमती तक का किराया कुछ इस प्रकार है। स्‍लीपर क्‍लास का किराया 620 रुपए, एसी इकोनॉमी क्‍लास का किराया 1525 रुपए, एसी थर्ड क्‍लास का किराया 1665 रुपए, एसी फर्स्‍ट क्‍लास का किराया 3490 रुपए है। राजस्थान के जिलों सफर करने वालों का स्‍लीपर क्‍लास का किराया और कम होगा।

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Rajasthan Assembly Election 2023 : मतदान प्रतिशत बढ़ाने और सोच-समझकर मतदान करने का संकल्प दिलाने के लिए जयपुर से रवाना हुई पत्रिका की जनादेश यात्रा तीन दिन में 1040 किमी का सफर तय कर 25 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच चुकी है। इस दौरान पत्रिका प्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों से संवाद कर आमजन से सड़क, पानी व स्वास्थ्य, महिला, रोजगार से जुड़ी समस्याओं के बारे में जाना।

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तारानगर
गढ़ चौक में लोगों ने गत पांच सालों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से करवाए गए विकास कार्यों व बाकी रहे विकास कार्यों के बारे में बात की। लोगों ने नहर कार्य को बजट देकर आगे बढ़ाने, बिजली, पानी, सड़क आदि समस्याओं को दूर करने की मांग उठाई। इस मौके पर पुष्करदत्त इंदौरिया, वासुदेव शर्मा सहित अनेक लोगों ने चर्चा में भाग लिया।

उदयपुरवाटी
उपखंड तोड़ने का लोगों ने विरोध किया। अमित अली कच्छावा ने कहा कि बीते पांच साल में नपा क्षेत्र में काफी काम हुए हैं। वहीं पार्षद घनश्याम स्वामी ने इसे झूठी वाही-वाही लूटना बताया। लोगों ने कहा कि चिकित्सा सेवा के मामले आज भी अस्पताल 30 बैड का ही है। एडवोकेट मोतीलाल सैनी ने जागो जनमत अभियान को सराहा।

पाली
सूरजपोल चौराहे पर लाइव-शो हुआ। रामसिंह ने कहा कि यहां विश्वविद्यालय खुलना चाहिए। भूपेन्द्रसिंह खेड़ा बोले- दिल्ली व अन्य जगहों के लिए ट्रेनों की जरूरत है। दर्शन तलवार व भंवर चौधरी ने पेयजल की समस्या बताई। इस दौरान पत्रिका के जागो जनमत अभियान के तहत लोगों ने मतदान की शपथ भी ली।

उदयपुर
हिरण मगरी में लोगों ने कहा कि सरकार कोई बने, लेकिन महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दे। पत्रिका प्रतिनिधि शैलेन्द्र शर्मा ने फर्स्ट टाइम वोटर्स को मतदान का महत्व समझाया। इसके बाद युवाओं ने मतदान की शपथ ली।

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राजसमंद
लाइव-शो में सामाजिक कार्यकर्ता, ऑटो चालक, व्यापारियों और मार्बल व्यवसाइयों ने एक स्वर में कहा कि राजसमंद को जिले बने 30 वर्ष से अधिक हो गया है, लेकिन यह अभी भी विकास से काफी दूर है।

यहां से भी निकली यात्रा :- दूदू, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, पाली, राजसमंद, उदयपुर, सीकर, धोद, उदयपुरवाटी, नीमकाथाना, खेतड़ी, झुंझुनूं , मंडावा, बिसाऊ, चूरू, तारानगर

Weather Update : मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। इस वक्त राजस्थान के कई जिलों में ठंड बढ़ गई है। साथ ही कुछ जिलो में घना कोहरा छा रहा है। वहीं कुछ जिलों में सुबह व देर रात कोहरे की छटा दिखाई देती है। IMD के नए अपडेट के अनुसार आगामी 2-3 दिन राजस्थान में मौसम बदलेगा। राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा तथा तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं। आगामी 2-3 दिन राजस्थान के कुछ भागों में कुहासा (Smog) की परिस्थितियां जारी रहने की संभावना है। वहीं नवंबर के आखिरी सप्ताह में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि राजस्थान में सर्दी की दस्तक हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि नवंबर के आखिरी में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। तेज हवा के साथ ठिठुरन बढ़ रही है। सूबे के अधिकांश शहरों में दिन-रात का तापमान सामान्य से नीचे आ गया है।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार नवंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश का मौसम बदलेगा। राजस्थान के कुछ ज़िलों में पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक प्रभाव पड़ेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश होती है। तो ऐसी संभावना है कि राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश हो जाए। तेज हवाएं भी चलेंगी।

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जयपुर का आज का मौसम है खुशगवार

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, जयपुर का आज का मौसम खुशगवार है। जयपुर में सुबह से बादल और सूरज की आंख मिचौली चल रही है। सुबह से धूप बादलों से छनकर आ रही है। जयपुर का आज का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शाम 4 बजे जयपुर का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस था।

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दुनिया में कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने पालतू जानवरों से प्यार होता है। ऐसे लोग अपने पालतू जानवरों को छोड़कर जाना पसंद नहीं करते। ऐसे में अक्सर ही लोग अपने व्हीकल्स में अपने पालतू जानवरों को साथ लेकर जाते हैं। आपने भी लोगों को उनकी कार में या मोटरसाइकिल पर कुत्ते-बिल्लियों को घुमाते देखा होगा। लोग अपने दूसरे छोटे पालतू जानवरों को भी व्हीकल्स पर अपने साथ घुमाते हैं। यहाँ तक कि पक्षियों को भी कई लोग अपने साथ कार में या मोटरसाइकिल पर घुमाते हैं और अक्सर ही हम ऐसा होते हुए देखते भी हैं। पर क्या आपने कभी किसी को एक बैल को अपने व्हीकल पर घुमाते देखा है? शायद ही देखा होगा। पढ़कर आपको यकीन भी नहीं हो रहा होगा, पर यह पूरी तरह सच है।


मोटरसाइकिल पर बैल

अगर आपको भी कोई कहे कि एक शख्स ने अपने बैल को व्हीकल पर घुमाया तो शायद आपको यकीन नहीं होगा। और आपको बताया जाए कि वो व्हीकल मोटरसाइकिल है तब तो बिल्कुल भी यकीन नहीं होगा। पर यह बात पूरी तरह से सच है। एक शख्स अपनी मोटरसाइकिल पर अपने बैल को बिठाकर घुमाता है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे।

मोटरसाइकिल पर बिठाकर बैल को घुमाया

सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक शख्स अपने पालतू बैल को अपने साथ मोटरसाइकिल पर बिठाकर घुमाता है। इस वीडियो में शख्स तो पीछे बैठा है और अपने पालतू बैल को मोटरसाइकिल पर आगे बिठाकर घुमाता है। वीडियो को देखकर लग रहा है कि बैल को भी इस मोटरसाइकिल राइड में मज़ा आ रहा है। वीडियो को पास से जा रही एक कार में बैठे व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया है।


वीडियो देखकर लोग हुए हैरान

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान हो रहा है। लोगों को इस बात से हैरानी तो हो ही रही है कि शख्स ने बैल को मोटरसाइकिल पर बिठाकर कैसे घुमाया, पर इस बात से भी हैरानी और उत्सुकता हो रही है कि उसने बैल को मोटरसाइकिल पर बिठाया कैसे। हैरान होने के साथ ही लोग इस वीडियो को पसंद भी कर रहे हैं।

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश मीडिया कार्यालय पर पुरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सीएम के इल्जाम झूठे हैं। दाम बढ़ने की वजह से केंद्र सरकार नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से लगाया जा रहा है वैट है। उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को बंटी बबली बताया और कहा कि दोनों को यह भी नहीं पता कि पेट्रोल-डीजल पर वेट नहीं लगता। कांग्रेस के पास रिसर्च की कोई टीम नहीं है। ये नींद में उठकर बयान देते हैं। उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाए और कहा कि वहां के मुख्यमंत्री को हम पेट्रोल-डीजल में मिलाने के लिए ऐथेनॉल देते है ओर वो उसकी जगह दारू बना लेते हैं। इसमें हम क्या कर सकते है।

18 राज्यों से ज्यादा वैट वसूल कर रहा है राजस्थान

उन्होंने कहा कि कच्चा तेल हम इंपोर्ट करते हैं और रिफाइनरी में रिफाइंड करके सप्लाई किया जाता है। इस पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार वैट लगाती है या सेल्स टैक्स लगाती है। राजस्थान सरकार ने 2021 से 22 और 22 से 23 के वित्तीय वर्ष में पेट्रोल—डीजल पर वैट से 35 हजार 975 करोड़ टैक्स कलेक्ट किया है जो देश के 18 राज्यों द्वारा वसूले गए 32 हज़ार करोड़ रुपए के टैक्स से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल—डीजल 10 से 11 रुपए प्रति लीटर महंगा है। क्योंकि यहां पेट्रोल पर 31.04% और डीजल पर 19.3 प्रतिशत वैट है जो बहुत ज्यादा है।पेट्रोल—डीजल पर केंद्र सरकार ने दो बार टैक्स कम किए हैं। इसके बावजूद राजस्थान में झूठ फैलाया जा रहा है।

 

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केंद्र दे रही सब्सिडी, फायदा उठा रहे गहलोत

पुरी ने कहा कि गैस की बात करें तो कांग्रेस के राजस्थान में उज्जवला योजना में 500 रुपए का सिलेंडर दे रहे हैं। जब यह सिलेंडर 1100 बिकता था तब केंद्र सरकार ने 200 रुपए की सब्सिडी दी। अगस्त में हमने एडिशनल 300 रुपए की सब्सिडी दी। तो इसें राजस्थान का सहयोग क्या है ? 600 रुपए तो केंद्र सरकार से ले रहे हो। उन्होंने कहा कि मोदी ने जब कार्यभार संभाला तब देशभर में 14 करोड़ गैस कलेक्शन थे। आज देश में यह कनेक्शन 32 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। केंद्र सरकार ने 9 करोड़ 60 लाख से ज्यादा उज्जवला कनेक्शन दिए हैं। महामारी में तीन सिलेंडर मुफ्त दिए और अब 75 लाख उज्जवला कनेक्शन और दिए जाएंगे।

ऑयल बॉण्ड खरीदकर जेब खाली करवा दी

पुरी ने कहा कि 2004 और 2014 में जब इनकी सरकार थी, तब क्रूड ऑयल के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए थे। तब सरकार नहीं चाहती थी कि जनता पर बोझ डाला जाए। इसलिए इन्होंने 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड्स सर्कुलेट। इन बॉन्ड्स की वजह से हमें आज 3 लाख करोड रुपए से ज्यादा का भुगतान करना पड़ा है।

Rajasthan Vidhan Sabha Election 2023 : कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में उनकी पार्टी की चुनावी गारंटी को कॉपी-पेस्ट करने का असफल प्रयास किया है। एक्स पर एक पोस्ट में, खरगे ने कहा, भाजपा के पास नियत और नीति नहीं है। कांग्रेस ने राजस्थान और अन्य राज्यों में गारंटी के रूप में दिया है। प्रधानमंत्री और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मोदी और बीजेपी ने कई कोशिशों के बाद हमारी असली गारंटी की नकल करना बेहतर समझा।

उन्होंने चुनाव से पहले जल्दबाजी और असफल तरीके से झूठा एजेंडा परोसने की कोशिश की। जनता जानती है कि कांग्रेस ने काम किया है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी सात गारंटी जमीनी स्तर तक पहुंचे। 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा के लिए मतदान 25 नवंबर को पुनर्निर्धारित किया गया है और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।

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शुक्रवार को, प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी रेगिस्तानी राज्य में दो सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया था, जबकि उनके भाई और पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी ने एक दिन पहले तीन सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया था। कांग्रेस राजस्थान में लगातार दूसरा कार्यकाल चाह रही है, जहां हर पांच साल के बाद वैकल्पिक पार्टी सरकार की परंपरा है। सत्ता बरकरार रखने के लिए कांग्रेस अपनी जन-समर्थक योजनाओं और लोगों के लिए घोषित सात गारंटियों पर भरोसा कर रही है।

-आईएएनएस

जयपुर। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा अधिक टैक्स लगाने वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में पेट्रोल का प्रति लीटर औसत रेट 96 रुपए 72 पैसे है, जबकि राजस्थान के श्रीगंगानगर में यह सबसे ज्यादा 113 रुपए 34 पैसे पर पहुंच गया है। पिछले दो साल में राजस्थान सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 35975 करोड़ रुपए टैक्स वसूला है। यह अन्य 18 राज्यों से लिए गए कुल टैक्स (32597 करोड़ रुपए) से भी ज्यादा है। इसके बावजूद राज्य सरकार वैट कम नहीं कर रही।

भाजपा के मीडिया सेंटर पर शनिवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन बंटी-बबली बताते हुए जमकर तंज कसा और कहा कि दोनों को यह भी नहीं पता कि पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी नहीं लगता। कांग्रेस के पास रिसर्च की कोई टीम नहीं है। ये नींद में उठकर बयान देते हैं। जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी दायरे में लाने की की बात आई तो किसी ने इसका समर्थन नहीं किया। पुरी ने पंजाब सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया और कहा कि हम उन्हें एथेनॉल दे रहे हैं और वे इसकी शराब बना रहे हैं। इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को भी कठघरे में खड़ा करते रहे।

राजस्थान में झूठ फैलाया जा रहा..

भाजपा शासित राज्यों के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल-डीजल 10 से 11 रुपए प्रति लीटर महंगा है। क्योंकि यहां पेट्रोल पर 31.04 प्रतिशत और डीजल पर 19.3 प्रतिशत वैट है, जो बहुत ज्यादा है। इस कारण जयपुर में पेट्रोल की रेट प्रति लीटर 108 रुपए 48 पैसे है, जबकि गुजरात के गांधीनगर में 96 रुपए 63 पैसे प्रति लीटर व लखनऊ में 96 रुपए 53 पैसे प्रति लीटर है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने दो बार टैक्स कम किए हैं। इसके बावजूद राजस्थान में झूठ फैलाया जा रहा है।

ऑयल बॉण्ड खरीदकर जेब खाली करवा दी

पुरी ने कहा कि 2004 और 2014 में जब इनकी सरकार थी, तब क्रूड आॅयल के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए थे। तब सरकार नहीं चाहती थी कि जनता पर बोझ डाला जाए। इसलिए इन्होंने 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड्स सर्कुलेट। इन बॉन्ड्स की वजह से हमें आज 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान करना पड़ा है।

Rajasthan election 2023 : गंगापुरसिटी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के घोषणा-पत्र को लेकर आरोप लगाया कि उन्होंने ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) तथा दूध पर सब्सिडी का उल्लेख नहीं किया है। भाजपा ने हमारी सरकार की योजनाओं को ही घुमा फिराकर शामिल कर लिया है। लगता है भाजपा ने घोषणा-पत्र को लेकर कोई होमवर्क नहीं किया है। गहलोत शनिवार शाम को गंगापुरसिटी में कांग्रेस प्रत्याशी रामकेश मीना के समर्थन में सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने ईआरसीपी को लेकर केन्द्र पर हमला बोला। कहा कि हम पीएम नरेन्द्र मोदी से लगातार योजना को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन वसुंधरा राजे की बनाई योजना को भी लागू नहीं कर रहे हैं।

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वहीं उन्होंने गुर्जरों को लेकर बड़ी बात कही। कहा कि भाजपा गुर्जरों को हमारे खिलाफ भडक़ा रही है। जबकि उनके शासन में ही गुर्जर गोली से मारे गए थे। हमने फायरिंग तो दूर, लाठीचार्ज तक नहीं किया और पांच प्रतिशत आरक्षण दिया। देवनारायण बोर्ड में बजट बढ़ाया। भाजपा को हमारे कार्यों की आलोचना करनी चाहिए, लेकिन वे जनता को भड़काने में जुटे हैं। हम चाहते हैं सभी समाज भाइचारे से रहे। इसके अलावा उन्होंंने कांग्रेस की सात गारंटियों को गिनाया और सरकार आने पर पूरी करने का वादा किया। इसके बाद वे कार से लालसोट रवाना हो गए।

चुनाव आचार-संहिता के बीच शनिवार को जयपुर का स्थापना दिवस सादगी के साथ मनाया गया। दोनों नगर निगम की ओर से शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। जयपुर स्मार्ट सिटी लि. की ओर से 'साइकलिस्थान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लालकोठी स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय से साइकिल पर लोग जयपुर भ्रमण को निकले। मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेन्द्र सिंह शेखावत ने राइडर्स को झण्डी दिखाकर रवाना किया। लगभग 200 राइडर्स साइकिल सवारों ने मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक किया। सीईओ की ओर से लिखे स्लोगन की तख्तियां लिए राइडर्स ने अजमेरी गेट, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़ से होते हुए तालकटोरा झील तक भ्रमण दिया और मतदान करने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने नारे भी लगाए। साथ ही स्वस्थ रहने के लिए साइकिल चलाने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने आकर्षक टी-शर्ट पहन रखी थी।

 

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महापौर ने की पूजा-अर्चना

जयपुर स्थापन दिवस पर दोनों नगर निगम की ओर से पूजा-अर्चना का कार्यक्रम रखा गया। महापौर सौम्या गुर्जर ने पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। गंगापोल गेट पर विधिवत पूजन किया गया। अराध्य देव गोविंददेवजी में पूजा के बाद महापौर व कई अधिकारियों व पार्षदों ने महाराजा सवाई जयसिंह की प्रतिमा पर होगा पुष्पांजलि अर्पित की। महापौर ने जयपुरवासियों से अपील की कि जयपुर शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है, इसलिए जयपुर शहर को साफ-सुथरा बनाने तथा इसकी सुंदरता और विरासत को संरक्षित करने का संकल्प लें इसके साथ ही महापौर ने 25 नवंबर (मतदान दिवस) के अवसर पर आमजन को लोकतंत्र के पर्व पर ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभाने तथा शत प्रतिशत मतदान करने की भी अपील की। विद्याधर नगर से भाजपा प्रत्याशी दीया कुमारी ने भी स्टेच्यू सर्किल पर सवाई जयसिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

कमल कुमार जांगिड़
Rajasthan Assembly Election 2023 : बगरू। बगरू विधानसभा क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है। वर्ष 2008 के परिसीमन में नया विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद पहले चुनाव में यहां जो मुद्दे थे, कमोबेश वही मुद्दे इस बार भी हैं। न तो पूरे बगरू क्षेत्र को बीसलपुर का पानी मिल पाया और न ही विकास के कोई बड़े काम हो सके। दो भागों में बंटे इस विधानसभा क्षेत्र में जयपुर शहर का कुछ हिस्सा भी शामिल है। इस बार भी यहां कांग्रेस-भाजपा ने 2018 के चेहरों पर ही दांव खेला है। कांग्रेस से विधायक गंगा देवी और भाजपा से पूर्व विधायक कैलाश वर्मा इस बार भी मैदान में हैं।

बगरू राजधानी से महज 30 किलोमीटर दूर होते हुए भी विकास के नाम पर अब भी पिछड़ा क्षेत्र है। यहां जनता आज भी फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर है। बगरू के परकोटे इलाके में तो इस साल कुछ जगह बीसलपुर का पानी पहुंचा है लेकिन अधिकतर लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में सड़कों व पेयजल की समस्या बरकरार है। यहां दो बार कांग्रेस व एक बार भाजपा की जीत हो चुकी है लेकिन विकास की रफ्तार को कभी पंख नहीं लग पाए। पिछले चुनाव में यहां 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे इस बार 12 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। इस बार भी भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है

सेहत, बिजली-पानी ही मुद्दे
बगरू निवासी रामदत्त, मोहन गुर्जर, मंगलराम, रमेश मेहता, गोपाल चलावरिया, अविनाश बागड़ा, लालचंद पण्डा, शुभम खंडेलवाल, राजेश बडेरा, श्योचन्द व दिनेश यादव ने बताया कि बगरू विधानसभा क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। इस साल बीसलपुर का पानी तो आया लेकिन सिर्फ बगरू के आधे परकोटे में ही पहुंच पाया। आधे बगरू सहित आसपास की सभी पंचायतों में अब भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं सीएचसी को कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर शिफ्ट किए जाने से लोग परेशान हैं।

जिस पार्टी की जीत, सरकार उसी की
जयपुर की बगरू विधानसभा सीट एससी आरक्षित सीट है। यहां इस बार भी जातिगत समीकरण हावी हैं। परिसीमन के बाद 2008 में सांगानेर से अलग होकर बगरू विधानसभा क्षेत्र बना था। वर्ष 2008 में यह सीट कांग्रेस की झोली में गई थी। इसके बाद 2013 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। फिर इस सीट पर 2018 में दूसरी बार कांग्रेस काबिज हुई। संयोग है कि यहां जिस पार्टी का विधायक चुनकर जाता है उसी की राजस्थान में सरकार बनती है। इस विधानसभा क्षेत्र में बगरू नगर पालिका के 35 वार्ड, जयपुर शहर के 21 वार्ड तथा सांगानेर पंचायत समिति की 30 ग्राम पंचायतें आती हैं। जातिगत समीकरणों के बीच हार-जीत में शहर के मतदाता निर्णायक की भूमिका निभाएंगे। शहर में अधिक मतदाता हैं। हमेशा की तरह जीत का समीकरण शहर के वार्डों से तय होगा।

ये हैं आमजन की पीड़ा
-जिला अस्पताल नहीं

-उपखंड अधिकारी कार्यालय नहीं

-स्वतंत्र तहसील नहीं

-बस स्टैंड का अभाव

-सीवरेज लाइन का इतंजार

-सार्वजनिक पार्क व स्टेडियम का अभाव

-सड़कों का जाल भी बदहाल

कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमेन पवन खेड़ा ने कहा हैं कि भाजपा के जो केन्द्रीय नेता राजस्थान में आ रहे हैं उनके पास राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की जनता को दी गई गारंटियों के विरूद्ध बोलने के लिये कुछ नहीं है, इसलिये केवल हिन्दू-मुस्लिम पर बोलकर भाजपा नेता चले जाते हैं। राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने 5 वर्ष में जो जनकल्याणकारी कार्य किए, उनकी काट भाजपा के पास नहीं है, उसका जवाब देने की हिम्मत व हैसियत भाजपा नेताओं के पास नहीं है।

खेड़ा ने कहा कि राजस्थान एक शांत राज्य है, यहां पड़ौसी राज्य का एक मुख्यमंत्री आकर राजस्थान को भी अशांत राज्य बनाना चाहता है, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पड़ौसी भाजपा शासित राज्य में पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं है जबकि राजस्थान में दलितों, महिलाओं अथवा किसी भी प्रकार का अपराध होने पर 24 से 48 घण्टे में अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्रीय कृषि मंत्री के बेटे पर गांजे की खेती करने का आरोप है लेकिन ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स कार्यवाही करने की बजाय नदारद है। उन्होंने कहा कि क्यों केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर के घर पर ईडी, सीबीआई दस्तक नहीं देती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानना चाहती है केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर के विरूद्ध कब कार्रवाई होगी और कब उनका बेटा गिरफ्तार होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के हाथरस में आधी रात को लडक़ी की लाश को जला देते हैं और यहॉं आकर कानून-व्यवस्था पर ज्ञान देते हैं। उन्होंने कहा कि लाल डायरी की चर्चा करते हैं लेकिन क्या गांजे की खेती केन्द्रीय मंत्री का बेटा कर रहा है ऐसा जिक्र होगा, क्या संजीवनी घोटाले का उसमें जिक्र होगा।

जयपुर। सिंधी समाज की नेता साध्वी अनादि सरस्वती ने शनिवार को सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेन्द्र भारद्वाज के समर्थन में रोड शो किया। इस दौरान सिंधी समाज सहित विधानसभा के हजारों लोग शामिल हुए। रोड शो एसएफएस चौराहा स्थित शनि मंदिर से शुरू हुआ, जो वार्ड 82 स्थित झूलेलाल मंदिर पर समाप्त हुआ। करीब तीन घंटे से ज्यादा चले रोड शो का जगह-जगह व्यापारियों, सिंधी समाज और अन्य ने स्वागत किया।

इस दौरान साध्वी अनादि सरस्वती ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म की पहचान गाय, गीता, गायत्री और गोविंद से है। कुछ लोग सिर्फ इनके लिए काम करने के बड़े-बड़े वादे ही करते हैं, लेकिन करते कुछ भी नहीं है। इन लोगों की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। ये चुनाव आते ही धर्म के नाम पर लोगों के नाम पर ठगकर सत्ता हासिल करने का प्रयास करते हैं।

राजस्थान की गहलोत सरकार ने कहने में नहीं करने में विश्वास किया। वहीं सांगानेर में पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने हारकर भी जनहित के कार्य किए। रोड शो में सिंधी समाज के वरिष्ठ नेता नाथूराम गुनवानी भी सैकड़ों समर्थकों के साथ शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान इन चुनावों में पुष्पेन्द्र भारद्वाज को समर्थन का ऐलान किया।

विधानसभा चुनाव 2023 में आदर्श आचार संहिता में जिला स्पेशल टीम और प्रताप नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाईन अवैध शराब बेचने वाले 6 जनों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से विभिन्न ब्राण्ड की 28 पेटी बीयर और विभिन्न ब्राण्ड की 5 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की है। आरोपी ऑनलाइन डिमांड होने पर डिमाडं के स्थान पर डिलेवरी करते थे। पुलिस ने परिवहन के लिए काम में ली गई दो स्कूटी भी जब्त की हैं।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव 2023 को देखते हुए जयपुर शहर में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश मिले थे। इसी पर डीसीपी (पूर्व) ज्ञानचंद यादव के दिशा निर्देशन में डीएसटी प्रभारी लक्ष्मीनारायण और थानाधिकारी प्रताप नगर जहीर अब्बास के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए नवलगढ़ झुंझुंनु निवासी योगेन्द्र सिंह, नवीन, हनुमानगढ़ निवासी मोहित, उज्जैन मध्यप्रदेश निवासी नरेन्द्र और दादिया सीकर निवासी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने 28 पेटी बीयर और अलग अलग ब्राण्ड की 5 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की हैं।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के चुनाव 25 नंवबर को है। विद्याधर नगर विधानसभा में शनिवार को कई कांग्रेस कार्यकताओं ने भाजपा का दामन थामा। भाजपा प्रत्याशी दीया कुमारी ने लोहा मंडी रोड पर आयोजित एक जनसभा में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई ।

भाजपा की सदस्यता हासिल करने वालों में महावीर सिंह राठौड पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विद्याधर नगर, सुशील शर्मा एडवोकेट पूर्व उपाध्यक्ष, महासचिव आमेर विधानसभा, राधेश्याम सैनी पूर्व महासचिव बीसीसी, रामनिवास यादव महासचिव बीसीसी सहित कई कार्यकर्ता है।

दीया कुमारी के जयपुर स्थापना दिवस के अवसर पर मीडिया से बात की और कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे पूर्वजों ने उस समय की सबसे सुनियोजित शहर की स्थापना की। उन्होंने कहा कि जयपुर की एक पारम्परिक पहचान है जिसको बरक़रार रखना अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिकरण और तकनीकीकरण अति महत्वपूर्ण है परन्तु हमको यह ध्यान रखना है कि इन सबके बीच जयपुर की पहचान को कोई खतरा नहीं होना चाहिए।

दीया कुमारी ने आज नांगल मण्डल में के वार्ड 13 और वार्ड 19 में रोड शो किया। इसके बाद भगवान झूलेलाल लाल मंदिर महासभा में भाग लिया। शेखावाटी अभिनंदन समारोह में सम्मिलित होकर आमजन से भाजपा को समर्थन देने की अपील की।

दीया कुमारी ने मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के शीर्ष को खूब खरी खोटी सुनाई और कहा कि राजस्थान में आए दिन महिलाओं के ऊपर 25–30 रिपोर्टेड घटनाएं होती रही हैं। इनके नेता चुनावी सभाओं के लिए राजस्थान आ सकते हैं परन्तु पीड़ितों से मिलने के लिए नहीं जाते। दीया कुमारी ने आगे कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि कांग्रेस, सत्ता की खातिर महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचार को भी स्वीकार करने के लिए तैयार है।

भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने नगर निगम हैरिटेज के पार्षद, विजिलेंस के एसआई और सिपाही को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया हैं। आरोपी पीड़ित के मकान बनाने में कोई अड़चन उत्पन्न ना करने की एवज में रिश्वत मांग रहे थे। एसीबी टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो के कार्यवाहक डीजी हेमन्त प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी को परिवादी ने शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसके निर्माणाधीन मकान का काम चल रहा है। मकान के काम को लगातार चलने देने की एवज में वार्ड नम्बर 33 के पार्षद उमेश शर्मा, प्रवर्तन शाखा नगर निगम हैरिटेज जयपुर के उपनिरीक्षक अनिल सिंह और कांस्टेबल भवानी सिंह की ओर से काम रुकवाने की धमकी देकर लगातार परेशान किया जा रहा है। यह लोग काम को सुचारू रुप से चलाने के लिए एक लाख रुपए मांग रहे है। इस पर पीड़ित ने एसीबी दफ्तर में जाकर इसकी शिकायत की।

इस तरह पकड़ा आरोपी
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ रवि के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने शिकायत का सत्यापन किया तो वह सही पाया गया। इस पर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए मण्डावर दौसा हाल रघुनाथ विहार पांच्यावाला निवासी कांस्टेबल भवानी सिंह को अस्सी हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सुभाष कॉलोनी शास्त्री नगर निवासी पार्षद उमेश शर्मा और नांगल जैसा बोहरा निवारू रोड हाल उपनिरीक्षक प्रवर्तन शाखा नगर निगम हैरिटेज जयपुर के अनिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

जयपुर। गुलाबी नगरी के स्थापना दिवस के साथ एयू जयपुर मैराथन के महोत्सव की शुरुआत हो गई है। शनिवार को जेएलएन मार्ग स्थित वर्ल्ड ट्रेड पार्क में संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क द्वारा आयोजित होने वाली टीम एयू जयपुर मैराथन की ओर से जयपुर का स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान ट्रीट्रैप ग्रुप ने बीट बॉक्सिंग की परफॉर्मेंस भी दी।

एयू जयपुर मैराथन के सीईओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि जयपुर के 296वें स्थापना दिवस के साथ ही एयू जयपुर मैराथन के इवेंट्स की शुरुआत हो गई है। इस दौरान जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा, संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा, वर्ल्ड ट्रेड पार्क के चेयरमैन अनूप बरतरिया, पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल व अन्य मौजूद रहें।

इस दौरान सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि जयपुर से जुड़ी याद देश के सभी शहरों में मिल जाएगी। आमेर, हवामहल के साथ ही वर्ल्ड ट्रेड पार्क से भी जयपुर को पहचाना जाता है। पं. सुरेश मिश्रा और अनूप बरतरिया ने कहा कि जयपुर मैराथन के रूप में जयपुर को एक फेस्टिवल मिला है। जिसमे देश दुनिया हिस्सा बनने आती है, वहीं ज्योति खंडेलवाल ने कहा कि जब जयपुर मैराथन शुरू हुआ था तभी यह बता दिया गया था यहां मिलने वाली धड़कनों की गूंज पूरी दुनिया में सुनने को मिलेगी।

जयपुर। पिछले डेढ़ साल से एसएमएस अस्पताल में भर्ती बिजली विभाग के एईएन हर्षिदापति वाल्मीकि से शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अस्पताल जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी। खरगे और गहलोत करीब आधे घंटे तक अस्पताल में रहे और हर्षिदापति के परिवार वालों से भी मुलाकात की।


इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए खरगे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर्षिदापति वाल्मीकि के शरीर की हड्डियों के टुकड़े-टुकड़े करने वाले गिरिराज सिंह मलिंगा को टिकट देकर पूरे दलित समाज का अपमान किया है।

एक तरफ तो बीजेपी खुद को गरीबों की हितैषी बताती है और दूसरी तरफ ऐसे लोगों को टिकट देती है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी घटनाएं दलित समाज और गरीबों के साथ हो रही है जहां एक वर्ग को घृणा की दृष्टि से देखा जाता है यह अच्छी बात नहीं है।

कांग्रेस ने मलिंगा से बनाई थी दूरी
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हर्षिदापति के साथ मारपीट के आरोपी मलिंगा को टिकट नहीं देने का फैसला खरगे जी और राहुल गांधी ने लिया था। भाजपा ने उस समय इस घटना की जमकर आलोचना की थी लेकिन आज उस व्यक्ति को गले लगा लिया। इस तरह का कृत्य करने वाले व्यक्तियों को सजा दिलाने के लिए अगर कानून भी बनाना पड़े तो बनाएंगे।

गहलोत ने कहा कि मलिंगा को टिकट देखकर बीजेपी ने राजस्थान के राजनीति में काला अध्याय लिख दिया है। यही बीजेपी की दलित विरोधी सोच है। गौरतलब है दलित मतदाताओं की नाराजगी की आशंका को देखते हुए गिरिराज सिंह मलिंगा को इस बार कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं बनाया है। जिसके बाद वे भाजपा में चले गए।

जयपुर। "उन्होंने मां की लोरी सुनी हैं और उस लोरी ने उनको संगीत का उपहार जन्म के साथ दे दिया। मां जब गुनगुनाती हैं तो बच्चे सुनते हैं और आज जब बच्चों ने गुनगुनाया, तब मां सुनने बैठ गई। ऐसा मौक़ा आया जवाहर कला केंद्र में शनिवार को आयोजित क्रीआर हेरिटेज शो में। भारतीय संस्कृति को बचाए रखने की ज़िम्मेदारी के तहत नन्हे बच्चों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रतिभागी बच्चों के साथ क्रीआर फाउंडेशन (Creare Foundation) के संस्थापक कुलदीप धाब, जवाहर कला केंद्र की एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्रियंका जोधावत, सेलिब्रिटी गेस्ट शनाया शर्मा, बाल लेखक अनय सक्सेना, 11 वर्षीय वीणा वादक तुरुप्त मंच पर मौजूद रहे।

फाउंडेशन के संस्थापक कुलदीप ने बताया कि क्रीआर हेरिटेज शो (Creare haritage show) में आज की शाम स्लम के बच्चों के नाम की गई। उन्होंने बताया कि क्रीआर ने प्रयास किया कि वो एक मंच उपलब्ध कराएं, जिसमें अमीर-ग़रीब का भेद न हो। क्रीआर फाउंडेशन की ओर से आयोजित संगीत संध्या में करीब 150 बच्चों ने शास्त्रीय संगीत के साथ कथक नृत्य, विभिन्न राग काफ़ी, ठुमरी, भूपाली, मालकौंस राग, मल्हार जैसी प्रस्तुतियों ने सभी को चमत्कृत कर दिया।

बच्चों की प्रस्तुति से मोहित हुए लोग

छोटे बच्चों की ओर से स्वर साधना व साज साधना का अनूठा संसार रच दिया गया। बांसुरी वादक, तबला वादक, हारमोनियम वादक, रुद्र वीणा वादक शो में मौजूद थे और उन्होंने प्रस्तुतियां दी। यह क्रीआर हेरिटेज शो तीन दिवसीय है, जिसके अंतर्गत हेरिटेज थीम पर फ़ैशन शो 19 नवंबर को होगा। लगभग दो सौ बच्चे मंच पर उतरेंगे। उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय प्रदर्शनी भी है, जो जवाहर कला केंद्र के पारिजात-2 में लगी हुई है।

भारतीय संस्कृति को बचाए रखने की पहल, बच्चों ने दी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति

जयपुर। दुनियाभर में 18 नवंबर को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। वर्तमान समय में प्राकृतिक चिकित्सा से गंभीर बीमारियों का उपचार सुलभ तरीके से हो रहा हैं। इसी दिन महात्मा गांधी ने 1945 में प्राकृतिक चिकित्सालय की स्थापना की जो वर्तमान में पुणे में राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के रूप में संचालित हैं। प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान जयपुर के डॉ दिलीप सारण ने बताया कि कोरोनाकाल के बाद युवाओं में प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर रूझान बढ़ा है। अब सबसे ज्यादा युवा प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर जागरूक हो रहे है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में आहार चिकित्सा, उपवास चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, जल चिकित्सा, सूर्य किरण चिकित्सा, वायु चिकित्सा, क्षेत्रीय वनौषधियां का बिना दुष्प्रभाव प्रयोग होता हैं। जिसमें मुख्य उपचार मिट्टी की पट्टी, मिट्टी का स्नान, सूर्य स्नान, गर्म और ठंडा सेक, कटी स्नान, मेहन स्नान, पैर-हाथ का गर्म सेंक, वाष्प स्नान, पूर्ण टब स्नान, रीढ़ स्नान सर्वांग गीली चादर लपेट, छाती व घुटने की पट्टी, एनिमा, जलनेती, वमन, माथे की पट्टी, पेट पर पट्टी रोगानुसार मालिश की क्रियाएं की जाती हैं। इस चिकित्सा से पेट कि खराबी, दाद खाज ,त्वचा रोग, वात रोग, पुराने दर्द ,गठिया, कब्ज, अपच आदि रोगों का उपचार हो रहा हैं।

जयपुर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा-कांग्रेस के स्टार प्रचारकों ने एक-दूसरे पर जुबानी हमले तेज कर दिए हैं। शनिवार को जयपुर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मोदी सरकार और भाजपा पर जुबानी हमले किए।


इधर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से लाल डायरी का जिक्र करने करने के सवाल पर पवन खेड़ा ने कहा कि मेरी भाजपा नेताओं को चुनौती है कि लाल डायरी को सामने लेकर आइए अगर उस लाल डायरी में संजीवनी घोटाले का जिक्र होगा।

भाजपा के नेता केवल लाल डायरी की बात कर रहे हैं, डायरी सामने नहीं ला रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि लाल डायरी में उनके काले चिट्ठे हैं। खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि कौनसा बटन दबाने से ईडी और सीबीआई नरेंद्र तोमर के घर जाएगी।


पवन खेड़ा ने कहा कि राजस्थान में आधा दर्जन से ज्यादा केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री प्रचार कर रहे हैं लेकिन किसी के पास भी गहलोत सरकार के गुड गवर्नेंस का तोड़ नहीं है।

पिछले चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में जो वादे हमने किए थे उनमें से 97 फ़ीसदी वादे पूरे किए हैं और इसीलिए प्रदेश की जनता का भरोसा कांग्रेस सरकार पर है। खेड़ा ने कहा कि राजस्थान में वो केंद्रीय मंत्री भी भाषण दे रहे हैं जो अपने बेटे से गांजे की खेती करवाते हैं।


भाजपा के पास गिनाने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए केंद्रीय मंत्रियों से लेकर भाजपा के तमाम नेता हिंदू मुसलमान कर ध्रुवीकरण की राजनीति पर उतर आए हैं। खेड़ा ने कहा कि भाजपा के दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री जहां पर आकर कानून व्यवस्था की बात करते हैं लेकिन उनके खुद के राज्यों में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है।

महेश नगर के 80 फीट रोड पर कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना शर्मा के समर्थन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार रात जनसभा कर शर्मा को जिताने की अपील की।

Rajasthan Vidhan Sabha Chunav 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। 9 अक्टूबर को चुनावी तिथि की घोषणा के बाद कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित विभिन्न दल भी चुनावी मैदान में ताथ ठोक रहे हैं। परिणाम घोषित होने के बाद यह साफ हो जाएगा कि प्रदेश में 2023 के रण में सरकार किस पार्टी की बनेगी। चुनावी मैदान में कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न दलों के कई दिग्गज मैदान में मौजूद हैं। सभी जीत के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं।

इनमें कई नेता ऐसे हैं जिनके नाम कम या कई हजार मतों से हार या जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। लेकिन, एक नेता ऐसा भी है जिनके नाम के साथ एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज होने वाला है। हम बात कर रहे हैं रणमल सिंह की। सीकर जिले के ग्राम कटराथल में एक किसान परिवार में जन्में रणमल सिंह 19 नवंबर को 100 साल के हो जाएंगे। वह भारत की आजादी से पहले शेखावाटी में जयपुर प्रजामंडल आंदोलन से जुड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गए।

उन्होंने किसानों के हित में शेखावाटी क्षेत्र में जागीरदारों और जमींदारों के खिलाफ शेखावाटी किसान आंदोलन का नेतृत्व किया। बाद में लगभग 4 दशकों तक कटराथल गांव के सरपंच रहे। 15 वर्षों तक वे पंचायत समिति पिपराली के प्रधान रहे और 1977 में सीकर से विधायक बने। वर्ष 1977 में आपातकाल के चलते कांग्रेस विरोधी लहर में वह प्रदेश में आयोजित विधानसभा चुनाव में जीते सभी कांग्रेस विधायकों के मुकाबले सबसे अधिक अंतर से जीत हासिल की थी। उस वक्त केवल सिंह सहित केवल कांग्रेस के 41 विधायक ही जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

रणमल सिंह सीकर जिले में सीकर सहकारी बैंक, क्रय विक्रय सोसायटी, भूमि विकास बैंक, कृषि उपज मंडी सहित सभी सहकारी संस्थानों के अध्यक्ष रहे हैं। 2011 में सिंह को सहकार रत्न से सम्मनित किया गया था। वह स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं और आज भी गरीब, वंचित वर्ग और बालिका शिक्षा के उत्थान में सक्रिय हैं। वह शेखावाटी क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता और लोकप्रिय राजनीतिक नेता रहे हैं। वह आर्य समाज के सच्चे आस्तिक और अनुयायी रहे हैं और उन्होंने समुदाय को विभिन्न सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लडऩे में मदद की है। वह बाल-विवाह, दहेज, अस्पृश्यता, मृत्यु भोज और पर्दा प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने में अग्रणी रहे थे। वह भारतीय किसान संघ सहित कई किसान, सहकारी और राजनीतिक संगठनों के अध्यक्ष रहे हैं।

Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नागौर से भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा के लिए वोट मांगने के लिए प्रदेश के दौरे पर आए थे।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए उनके साथ दुव्र्यव्यहार करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार खरगे एक कदम आगे बढ़ गए और उनके पिता को बीच में ले आए जिनकी 40 साल पहले मृत्यु हो गई थी। पीएम ने आगे कहा, मैं वही कर रहा हूं जो आपको पसंद है और कांग्रेस के लोग मुझसे नाराज हैं कि मोदी ऐसा क्यों कर रहे हैं? वे दिन-रात मुझे मौखिक रूप से गाली दे रहे हैं। कल (शुक्र वार) कांग्रेस अध्यक्ष ने मेरे पिता पर हमला किया। उनका निधन हुए 40 साल हो गए लेकिन उन्होंने (खरगे) ने मेरे पिता को गाली दी। कांग्रेस को क्या हो गया है... खरगे जी, आप ऐसे नहीं थे, आपको क्या हो गया है...।''

खरगे ने कही थी यह बात
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के कुथबुल्लापुर गांव में एक सार्वजनिक रैली में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को लेकर कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झूठे हैं, लेकिन यहां (तेलंगाना में) उनका बाप बैठा है जो उनसे भी बड़ा झूठा है और उसके पास अपने वादों को पूरा करने के लिए पैसे नहीं हैं। इस बयान से खरगे का इशारा तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की ओर था।

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