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भीलवाड़ा टेक्सटाइल सिटी के साथ मेडिकल हब भी बनना चाहिए। आजादनगर क्षेत्र में एक भी ऐसा अस्पताल नहीं है जहां सभी सुविधा मिलती हो। नगर विकास न्यास ने मेडिसिटी की योजना बनाई थी। वह भी खटाई में पड़ी है।

 

शहर का अच्छा विकास कर सके। ईमानदार और स्वच्छ छवि का हो उन्हें ही जिताने के लिए अपना मत देंगे। शहर को एक ऐसा विधायक मिले जो शहर की समस्या को समझ सके और उनके समाधान में तत्परता दिखाएं। हर दिन जाम से छुटकारा दिलाने के लिए शहर में एक और ओवरब्रिज की आवश्यकता है। यह निष्कर्ष था भीलवाड़ा के कुंभा सर्कल के पास चाय की थड़ी पर चर्चा का। राजस्थान पत्रिका को लोगों ने बताया कि वे ईमानदार व शहर का विकास करने वाले को वोट देंगे।

 

यह हैं शहर की समस्या
* आजादनगर क्षेत्र में मेडिसिटी योजना को लाना चाहिए
* यातायात को सुचारू बनाने के लिए योजना बननी चाहिए
* चम्बल परियोजना साकार होने के बाद भी घरों में प्रेशर के साथ पानी नहीं आ रहा
* रेलवे फाटक बंद होने पर ओवरब्रिज के अभाव में हर दिन जाम से लोग जूझ रहे
* भीलवाड़ा को टेक्सटाइल पार्क हाथों से निकल गया
* शहर के बाजार में महिला शौचालय की आवश्यकता
* शहर का विकास बड़े शहरों की तर्ज पर हो। इसके लिए जनप्रतिनिधि विजन के साथ काम करें

ये थे मौजूद
दौलतराम अग्रवाल, गिरीराज गहलोत, कुलदीप शर्मा, संदीप पायक, अनिल खंडेलवाल, विष्णुसिंह चुंडावत, हिमांशु शर्मा, अनिलसिंह जादोन उपस्थित थे।

भीलवाड़ा के आजादनगर क्षेत्र में स्थित मल्टी स्टोरी स्वास्तिक हाइट्स के सदस्यों ने शुक्रवार को मतदान करने व सभी साथियों से मतदान करवाने की शपथ ली। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे जागो जनमत अभियान के तहत सदस्यों ने शपथ ली। इस दौरान लोगों का कहना था कि मतदान करना हमारा अधिकार है। सबको एक वोट की कीमत पहुंचानी होगा। सबसे पहले मतदान करेंगे। उसके बाद अपने काम-धंधे पर जाएंगे।

 

निजी कॉलोनी में रहने वाले लोगों से जब समस्या जाननी चाहिए तो वे नगर परिषद गुबार फूटा। लोगों का कहना था कि यहां का पार्षद व नगर परिषद अधिकारी स्वास्तिक हाइट्स को एक निजी कॉलोनी मानते है। यहां से कचरा तक नहीं उठाते। चंबल का पीने का पानी भी नहीं मिलता जबकि चुनाव के समय हर कोई वोट मांगने आते है। पार्षद के चुनाव में तो यहीं पर एक प्रत्याशी ने अपना कार्यालय खोला था, लेकिन चुनाव जितने के बाद किसी भी समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं है। क्षेत्र की सफाई व्यवस्था चौपट है। सीवरेज के कारण शहर की सड़कें खराब है। लेवल तक सहीं नहीं होने से दुर्घटनाएं हो रही। शहर की यातायात व्यवस्था भी बदहाल है। कोई ध्यान देने वाला नहीं।

इन्होंने ली शपथ
केआर मानसिंहका, कमलेश खंडेलवाल, जुगलकिशोर राठी, मनीष कुमार सोनी, विकास सिंघल, अर्पित मानसिंहका, कुलदीप कोठारी, एमके मेहता, गिर्राज मानसिंह, प्रदीप बंसल, गौतम लोढ़ा, जयंतीलाल गोटी, निर्मल अग्रवाल, कपिल भराडिया, मोहित जैन, बादल लोहिया तथा हर्षदसिंह उपस्थित थे।

भीलवाड़ा. जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में 1460 पोलिंग स्टेशन बनाए गए है। इन पोलिंग स्टेशनों पर कुल 1899 बूतों पर मतदाता वोट डाल सकेंगे। इसमें ऐसे चार पोलिंग स्टेशन भी होंगे, जहां पांच-पांच बूथ एक ही स्थान पर होंगे। इसके अलावा एक से लेकर चार पोलिंग बूथ वाले भी कई पोलिंग स्टेशन होंगे।

 

शहर से ज्यादा गांवों में पोलिंग स्टेशन
जिले में इस बार शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में अधिक पोलिंग स्टेशन होंगे। जिले के शहरी क्षेत्र में कुल 179 पोलिंग स्टेशन होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में इनकी संख्या 1281 होगी। उधर, शहरी क्षेत्र में जहां पोलिंग बूथ 179 है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में पोलिंग बूथों की संख्या 1281 है।


आसींद में सबसे ज्यादा, भीलवाड़ा में सबसे कम
जिले में सबसे अधिक मतदान केन्द्र आसींद में हैं। यहां 308 केन्द्र बनाए हैं जबकि भीलवाड़ा में सबसे कम 232 केन्द्र होंगे। इसी तरह मांडल में 278, सहाड़ा 270, शाहपुरा 277, जहाजपुर 257 तथा मांडलगढ़ में 276 मतदान केन्द्र होंगे। भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां चार पोलिंग स्टेशनों पर पांच-पांच मतदान केन्द्र होंगे।


यहां एक भवन में पांच बूथ भी
जिले में एक पोलिंग स्टेशन पर एक बूथ वाले 1070 भवन जबकि एक पोलिंग स्टेशन पर दो बूथ वाले 355 भवन, एक पोलिंग स्टेशन पर 3 बूथ वाले 25 भवन, एक पोलिंग स्टेशन पर चार बूथ वाले 6 भवन, एक पोलिंग स्टेशन पांच बूथ वाले 4 भवन होंगे। जिले में कुल 1892 मतदान केन्द्र बनाए जबकि 7 सहायक केन्द्र बनाए गए है। इनमें 6 केन्द्र भीलवाड़ा तथा एक सहायक केन्द्र जहाजपुर में बनाया गया है। इन सभी केन्द्रों पर लाइट, पानी, रेम्प, छाया समेत अन्य सभी तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

भीलवाड़ा विधानसभा चुनाव में महज एक सप्ताह का समय शेष हैं। इसी के साथ चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया। 24 नवंबर को पोलिंग पार्टियां तिलकनगर में पॉलिटेक्निक कॉलेज से बूथों के लिए रवाना होंगी। पोलिंग पार्टियों के रहने से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एक बूथ पर चार से पांच लोगों की टीम लगाई है। सातों विधानसभा में लगभग 10 हजार कर्मचारी चुनाव कराएंगी।

 

25 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। इसके लिए 1899 बूथ बनाए हैं। एक बूथ पर चार से पांच लोगों की ड्यूटी लगाई है। इनके अलावा 7 रिटर्निंग ऑफिसर, 14 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट से लेकर कई लोगों की अलग से ड्यूटी लगाई है। सुरक्षा बल भी बड़ी संख्या में लगाया गया है। संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त होंगे। 7 विधानसभा में 126 बूथ महिलाओं, दिव्यांगों, युवाओं व आदर्श मतदान केन्द्र होंगे। इनके रहने से लेकर ठहरने की सुविधा बेहतर होंगी। चुनाव के लिए निगरानी दल भी पहरा देंगे।

केंद्रीय व राज्य चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक लगातार मॉनिटरिंग कर रहे है। जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने बताया कि विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। ईवीएम से लेकर अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह तैयार हैं। पोलिंग पार्टियां 24 नवंबर को चुनाव कराने के लिए रवाना होंगी। जो शाम तक अपने बूथों पर पहुंचकर रिपोर्ट करेंगे। बूथों पर छाया, पानी, रोशनी, रेम्प समेत सभी सुविधा के पुख्ता प्रबंध किए है। हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श मतदान केन्द्र, एक दिव्यांग मतदान केन्द्र, 8-8 महिला व युवा मतदान केन्द्र बनाए गए है।

आकाश माथुर

कुछ माह पहले गैंगरेप के बाद किशोरी को भट्टी में फूंक देने एवं स्टाम्प पर बेटियों को बेच देने जैसी घटनाएं जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए बुरे सपने से कम नहीं थी। घटनाओं का जिक्र आते ही लोग उद्वेलित हो रहे हैं। अनगिनत अभावों व समस्याओं को झेलने के बावजूद क्षेत्र के लोग विधानसभा चुनाव को लेकर चुप्पी साधे हैं। लोग राजनीतिक प्रपंच से दूर रहना चाहते हैं। लेकिन इतना जरूर है कि जहाजपुर की जनता के मन में कुछ न कुछ तो मंथन चल रहा है।

पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी जहाजपुर में पुराने खिलाड़ी ही जंग में उतरे हैं। कांग्रेस ने धीरज गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है तो भाजपा से विधायक गोपीचंद मीणा पुन: मैदान में उतरे हैं। मुकाबला आमने-सामने का है। लेकिन खेमेबंदी के बावजूद अधिकतर मतदाता खामोश नजर आ रहे हैं। इस बार भी जहाजपुर उसी राह पर खड़ा है, जहां पर जनता को यह निर्णय करना है कि क्षेत्र की उम्मीदों के जहाज को किस दिशा में मोडऩा है। हवा के रूख को देख-परख रहे हैं। क्योंकि यहां की जनता को हवा के विपरित व हवा के संग जहाज चलाने का अनुभव भी पहले से हैैं।पत्रिका संवाददाता ने जहाजपुर, पंडेर, कोटड़ी, पींपलूंद सहित अन्य गांवोंं में लोगों से चुनाव पर चर्चा की तो उन्होंने अपनी राय खुलकर नहीं रखी। लेकिन कुछ मतदाताओं ने साफ कहा कि जहाजपुर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और बजरी व अवैध खनन माफियाओं से भय मुक्त माहौल चाहिए। जहाजपुर में सबसे बड़ी समस्या बस स्टैंड की है। आबादी के बीच बस स्टैंड होने से यहां दिनभर जाम से लोग परेशान है। इसे आबादी से दूर बनाने, कन्या महाविद्यालय खोलने, बड़े उद्योग धंधे लगाने, सिंचाई के लिए बड़ा बांध बनवाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों में सुधार की उम्मीद क्षेत्र के मतदाताओं को है।

इसी तरह से कोटड़ी में बड़ी समस्या भारी वाहनों के कस्बे से होकर गुजरने की है। जयपुर-जहाजपुर की ओर से आ रहे भारी वाहन कोटड़ी के मध्य से होकर गुजरते हैं। इससे यहां दिनभर जाम रहता है। लोग बाइपास निर्माण महत्ती आवश्यकता बता रहे हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर टॉयलेट तक नहीं है। इससे महिलाएं शर्मसार होती है।

बोले वोटर-

यहां बजरी माफिया हावी है। यहां रोजगार के साधन स्थापित करने की जरूरत है। खनिज सम्पदा से भरपूर क्षेत्र है। यहां विकास की जरूरत है। जनप्रतिनिधि तालमेल के साथ काम करें तो यह औद्योगिक नगरी बन सकती है। इसके अलावा यहां मंडी निर्माण की आवश्यकता है। बदहाल बस स्टैंड की सुधार की जरूरत है।

-शंकरलाल धाकड़, जहाजपुर

पिछले तीन दशक में कोटड़ी के विकास की अनदेखी हुई है। कोटड़ी में बाइपास निर्माण की जरूरत है। इसके अलावा कोटड़ी बस स्टैंड अतिक्रमण की चपेट में है। यहां मूलभूत सुविधा की जरूरत है। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते। इससे जनता में रोष है। बड़े उद्योग-धंधे लगने चाहिए। इससे रोजगार के साथ यहीं पर उपलब्ध हो सकें।

-देवकरण माली, कोटड़ी

क्षेत्र के तीन बड़े मुद्दे-

-बनास नदी से बजरी के अत्यधिक दोहन व अवैध खनन को रोका जाएं। नदी के संरक्षण की दरकार है।

-महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कानून की सख्ती से पालना हो। अपराधिक गविविधियों पर अंकुश लगे

-क्षेत्र में भय मुक्त वातावरण बने और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के जरिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराएं।

प्रत्याशियों के वादे

-स्थानीय स्तर पर रोजगार के विकल्प स्थापित किए जाएंगे।

-शिक्षा को सुदृढ के लिए जहाजपुर में कन्या महाविद्यालय खोला जाएगा।

-क्षेत्र में सडक, शिक्षा, स्वच्छ जल, खेल मैदान व चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का वादा।

अब तक कांग्रेस का पलड़ा भारी

आजादी से लेकर अब तक हुए 15 बार के विधानसभा चुनाव में जहाजपुर में कांग्रेस का वर्चस्व ज्यादा रहा। यहां 10 बार कांग्रेस और 3 बार भाजपा ने जीत दर्ज कराई। एक-एक बार जनता पार्टी व जनता दल जीत का परचम फहराया।

वर्ष 2018 चुनाव परिणाम-

गोपीचंद मीणा

94970

धीरज गुर्जर

81717

जीत का अंतर- 13253

जहाजपुर विस : फैक्ट

कुल बूथ- 257

कुल मतदाता- 247270

पुरुष- 121119

महिला- 126151

चुनाव मैदान में प्रत्याशी- 7

भीलवाड़ा @ पत्रिका. भीलवाड़ा कृषि मंडी में शनिवार को फसलों के भाव इस प्रकार रहे। गेहूं 2550 से 2850, मक्का 1900 से 2060, देशी मक्का 2000 से 2450, चना 5700 से 6150, जौ 1700 से 1800, उड़द 8600 से 9700, ग्वार 5000 से 5500, ज्वार 2000 से 2400, मूंगफली 5000 से 5700 रुपए प्रति क्विंटल बोले गए।

 

भीलवाड़ा सर्राफा : शनिवार को चांदी व सोने के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। चांदी प्रति किलो -74750, टंच -75950 सोना 10 ग्राम- 63150, जेवराती-59360 रवा- 63900 कलदार- 890 रुपए प्रति नग। शादी समारोह को लेकर चांदी व सोने की खरीदारी जारी है।

 

भीलवाड़ा किराणा- चीनी 44 मूंग मोगर 125, उड़द मोगर 130, तुअर दाल 150 से 170, मूंग दाल 110, उड़द दाल 115, चना दाल 78 से 80, मसूर दाल 80, मैदा 40, सूजी 45, चावल टुकड़ी बासमती 50 से 65, चावल बासमती 100 से 130, देसी घी 500 से 560 (प्रति लीटर), तेल मूंगफली 195 से 200 रुपए (प्रति लीटर), तेल सोयाबीन 120, तेल सरसों 140 से 150, सौंफ 380 से 400, जीरा 740 से 800, मैथी 90 से 100, धनिया साबुत 130 से 150, राई 100 से 110, अजवाइन 180 से 300, चायपत्ती 340 से 500, गोला 160 से 200, काबूली चना 170 से 180, काला चना 80, पोहा 50 से 55, गेहूं का आटा 32 से 35, बेसन 90, हल्दी पिसी 260 से 280, मिर्च 350 से 400 रुपए प्रति किलो के भाव रहे।

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