>>: जेडीए ने पार्क की बाउंड्री कराई, अब मिलीभगत से हो रहे अवैध निर्माण

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खिरणी फाटक स्थित तारा नगर-सी में पार्क की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा हो रहा है। जबकि, इस जमीन पर कोर्ट स्टे है। जेडीए के अधिकारियों को सब कुछ पता है। लेकिन, मिलीभगत ऐसी है कि कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों का कहना है कि पार्क की जमीन पर निर्माण कार्य न हो, इसके लिए गार्ड तैनात किए हैं। लेकिन, जब पत्रिका की टीम मौके पर पहुंची तो कहीं भी गार्ड नहीं मिला। मौके पर निर्माण कार्य चल रहा था।


ये है मामला
म्युचअल गृह निर्माण सहकारी समिति ने तारानगर-सी योजना सृजित की है। तारा नगर से सटी 12-ई आवासीय कॉलोनी है। इसे मोती नगर गृह निर्माण सहकारी समिति ने सृजित किया है। जेडीए ने नोटशीट में लिखा है कि तारा नगर-सी और स्कीम 12-ई योजनाएं गैर अनुमोदित हैं और ओवरलेपिंग का विवाद है।


खास-खास
-वर्ष 1993 से लगातार पार्क की जमीन पर हो रहा है कब्जे के प्रयास
-जेडीए ने पार्क की 11 हजार वर्ग गज जमीन मानी और वर्ष 1898 में बाउंड्री करवाई
-05 लाख रुपए जेडीए ने बाउंड्री बनाने में खर्च किए।


हर बार माना, लेकिन कार्रवाई नहीं
-वर्ष 2019 में प्रवर्तन शाखा ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर रिपोर्ट बनाई। उसमें माना कि पार्क की भूमि पर निर्माण किया जा रहा है।
-हाल ही जोन छह के उपायुक्त ने पत्रावली में लिखा कि योजना गैर अनुमोदित है। उच्च न्यायालय के मौका स्थिति यथावत रखने के आदेश हैं। ऐसे में जो भी निर्माण हैं, वो अवमानना में आते हैं। अत: तत्काल निर्माण रोकते हुए स्टे में किए गए निर्माण को ध्वस्त करें।
-पांच अक्टूबर, 2023 से फाइल सतर्कता शाखा में हैं। प्रवर्तन अधिकारी का दावा है कि वहां गार्ड लगाए हैं। जबकि, मौके पर निर्माण कार्य चल रहा है।

उच्च स्तर करेगा फैसला
टीम के साथ मौका निरीक्षण किया है। दो कॉलोनियों के बीच का विवाद है। पार्क की जमीन पर एक सोसाइटी ने पट्टे जारी कर दिए हैं। कुछ जगह निर्माण चल रहा था। वहां गार्ड लगवाए हैं। उच्च स्तर पर इस प्रकरण का फैसला होगा।
-बनवारी लाल मीणा, प्रवर्तन अधिकारी, जेडीए जोन-06

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