>>: सिंह ही होगा करणपुर का किंग, क्योंकि यहां सरदार ही है असरदार

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प्रदेश में भले ही नई सरकार का गठन हो गया हो लेकिन श्रीगंगानगर जिले की करणपपुर विधानसभा सीट के स्थगित चुनाव के लिए मतदान पांच जनवरी तथा मतगणना आठ जनवरी को होगी। इस मुकाबले का परिणाम चाहे कुछ भी लेकिन करणपुर का किंग इस बार भी किसी सिंह का ही बनना तय है।

खास बात यह है कि करणपुर विधानसभा सीट पर लगभग हर बार सरदार ही असरदार रहे हैं। एक उपचुनाव के कारण करणपुर विधानसभा सीट के लिए अब तक 16 बार चुनाव हुए हैं। इनमें 15 बार जीत का सेहरा सरदार प्रत्याशी के सिर पर ही बंधा है। सिर्फ एक बार गैर सिख चेहरा कुंदनलाल मिगलानी 1990 में यहां से जीते थे, बाकी आजादी से लेकर अब तक इस सीट पर सरदारों का ही दबदबा रहा है।

खास बात यह है कि करणपुर के सोलह विधायकों में दो बार महिलाएं भी जीती हैं लेकिन वह भी सिख समुदाय से ही थीं। विदित रहे कि करणपुर विधानसभा का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीतसिंह कुन्नर के निधन के कारण स्थगित हो गया था। कांग्रेस ने अब उनके पुत्र रुपीन्द्रपालसिंह उर्फ रुबी को टिकट दी है जबकि बाकी प्रत्याशी यथावत ही रहे।

यहां प्रमुख मुकाबला कांग्रेस के रुबी, भाजपा के सुरेन्द्रपालसिंह टीटी एवं आम आदमी के पार्टी के पृथीपाल सिंह संधू के बीच माना जा रहा है। यहां कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। सन 2018 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के गुरमीतसिंह कुन्नर जीते थे जबकि पृथीपाल संधू दूसरे जबकि भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्रपालसिंह टीटी तीसरे स्थान पर रहे थे।

मंत्रिमंडल में भी रहा है करणपुर का दखल
-गुरदीप सिंह 1967-72 (कांग्रेस सिंचाई, उपमंत्री)
-जगतारसिंह कंग 1980-85 (कांग्रेस सिंचाई व उद्योग राज्यमंत्री)
-कुंदनलाल मिगलानी 1990-93 (भाजपा, समाज कल्याण राज्यमंत्री)
-सुरेन्द्रपालसिंह टीटी 2003-08 (भाजपा, कृषि राज्यमंत्री)
-गुरमीतसिंह कुन्नर 2008-13 (निर्दलीय जीते, कांग्रेस को समर्थन और कृषि विपणन राज्यमंत्री बने)
-सुरेन्द्रपालसिंह टीटी 2013-18 भाजपा (श्रम विभाग राज्यमंत्री/ खान राज्यमंत्री)

तितरसिंह भी डटे हैं 32वीं बार मैदान में
लोक सभा से लेकर सरंपच तक के चुनाव में 31 हार के बावजूद निर्दलीय तितरसिंह ने 32वीं बार करणपुर विधानसभा सीट से मैदान में हैं। तितरसिंह की हर बार जमानत जब्त हुई है। गांव गुलाबेवाला निवासी तितर सिंह मजहबी सिख दिहाड़ी मजदूरी से जुड़े हैं। पहली बार 1985 में विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल किया था। इसके बाद तितरसिंह ने हर विधानसभा व लोकसभा चुनाव के साथ सरपंच व पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन-पत्र दाखिल किया।


श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पार्टी
क्र. प्रत्याशी का नाम पार्टी वर्ष
1. गुरदयालसिंह संधू कांग्रेस 1952
2. सतवंत कौर कांग्रेस 1957
3. जवंद सिंह सपा 1962
4. गुरदीपसिंह संधू कांग्रेस 1967
5. गुरदयालसिंह संधू निर्दलीय 1972
6. जगतारसिंह कंग कांग्रेस 1977
7. जगतारसिंह कंग कांग्रेस 1980
8. गुरदीपसिंह संधू निर्दलीय 1985
9. इकबाल कौर कांग्रेस 1985
10. कुंदनलाल मिगलानी भाजपा 1990
11. जगतारसिंह कंग कांग्रेस 1993
12. गुरमीतसिंह कुन्नर कांग्रेस 1998
13. सुरेन्द्रपालसिंह टीटी भाजपा 2003
14. गुरमीतसिंह कुन्नर निर्दलीय 2008
15 सुरेन्द्रपालसिंह टीटी भाजपा 2013
16. गुरमीतसिंह कुन्नर कांग्रेस 2018
नोट - 1985 के चुनाव जीतने के बाद निर्दलीय विधायक गुरदीपसिंह संधू की मृत्यु हो गई। इसके बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस की इकबाल कौर विजयी रही थीं।

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