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Table of Contents

जयपुर। विश्वकर्मा थाना पुलिस ने मंदिर में चोरी करने वाले तीन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चुराया हुआ माल बरामद कर लिया। पुलिस पकड़े हुए आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
डीसीपी (पश्चिम) संजीव नैन ने बताया कि 24 दिसंबर को परिवादी आकेडा डूंगर विश्वकर्मा निवासी रामबाबू प्रजापत ने मामला दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि उनके गांव आकेड़ा डूंगर में वीर तेजाजी महाराज के मंदिर के दानपात्र में रात को चोर ताला तोड़ककर रुपए चुरा ले गए।
पुलिस ने मंदिर में चोरी की वारदात को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल डीसीपी (पश्चिम) रामसिंह और थानाप्रभारी राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद महज चार घंटे में ही चोरी करने वाले आरोपी रोड नम्बर 17 विश्वकर्मा निवासी पुष्पराज कुमार उर्फ राज सिंह, आकेडा डूंगर विश्वकर्मा निवासी विजय और राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चुराया हुआ सामान बरामद कर लिया।

जयपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शनिवार रात हुए फेरबदल का असर अब राजस्थान कांग्रेस में भी देखने को मिल सकता है। राजस्थान कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ की नियुक्ति में इसकी झलक दिखने को मिल सकती है।

नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल रहे पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया है। ऐसे में अब चर्चा यही है कि वे फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की दौड़ से बाहर हो गए हैं।इसके अलावा पंजाब के प्रभारी रहे हरीश चौधरी को पंजाब के प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। माना जा रहा है कि चौधरी को राजस्थान में ही कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हरीश चौधरी लंबे समय तक पंजाब के सह प्रभारी और प्रभारी रह चुके हैं। चौधरी का नाम नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में भी शामिल है।

पीसीसी अध्यक्ष पद की दौड़ से भी बाहर हुए कई नेता
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश को भी बिहार की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा था कि अगर पार्टी नेतृत्व जाट वर्ग से नेता प्रतिपक्ष बनाता है तो पीसीसी अध्यक्ष पद पर किसी ब्राह्मण चेहरे को बैठाया जा सकता है। इसके लिए मोहन प्रकाश का नाम भी चर्चा था लेकिन अब बिहार का प्रभारी बनाए जाने के बाद वे भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ से फिलहाल बाहर हो गए हैं। ऐसे में अब उनकी जगह पार्टी किसी अन्य ब्राह्मण चेहरे पर विचार कर सकती है।

जितेंद्र सिंह का कद बढ़ा
इधर अलवर के पूर्व सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह का कद एक बार फिर बढ़ाया गया है। जितेंद्र सिंह को असम के साथ-साथ मध्य प्रदेश की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें गांधी परिवार का नजदीकी माना जाता है।

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भरतपुर की सेवर जेल से एक बंदी ने जयपुर और भरतपुर के दो आभूषण व्यापारियों को मोबाइल कर एक-एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने व्यापारियों को धमकाया कि वह लॉरेंस गैंग से है और अभी भरतपुर जेल में बंद है। रुपए नहीं दिए तो गोगामेड़ी जैसा हाल कर देंगे।
व्यापारियों से मिली सूचना पर जयपुर-भरतपुर पुलिस ने मोबाइल नंबर की तस्दीक कर लोकेशन की जानकारी जुटाई। मोबाइल सेवर जेल से संचालित होना मिला। मामला 19 दिसम्बर को दर्ज कर लिया गया, लेकिन गैंगस्टर्स जुड़ा होने के कारण गोपनीय रखा गया। भरतपुर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाना व जयपुर पुलिस ने विद्याधर नगर थाने में व्यापारियों को धमकी देने के अलग-अलग दो प्रकरण दर्ज किए। एसपी कच्छावा ने बताया कि मूलत: उत्तर-प्रदेश के मथुरा हाल भरतपुर के उद्योगनगर निवासी देवराज उर्फ देवेन्द्र जाट (43) को सेवर जेल से प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर जेल से मोबाइल बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी के पास जेल में मोबाइल किसने पहुंचाया, इस संबंध में जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। डकैती की साजिश रचने के मामले में आरोपी जेल में बंद है।

 

अन्य लोगों को भी किया था फोन
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी फोन किए, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन विज्ञापन में व्यापारियों के नंबर देखे थे। नंबरों को दीवार पर लिख लिया था। पुलिस तस्दीक में सामने आया कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई के साथ जेल में रह चुका है और भरतपुर की ही दो गैंग से जुड़ा हुआ है। एडिशनल डीसीपी रामसिंह ने बताया कि भरतपुर पुलिस की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा।

 

जेल नहीं बदली तो किया फोन
पुलिस ने बताया कि आरोपी देवराज का सेवर जेल में बंद दूसरी गैंग के गुर्गों से झगड़ा हो गया था। धमकी मिलने पर आरोपी जेल बदलना चाहता था। जेल नहीं बदली तो उसने व्यापारियों को फोन कर धमकी दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी जेल में कब से मोबाइल फोन उपयोग में ले रहा था।

टोरंटो. कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक ऐसे जीन्स का पता लगाया है, जो इंसानों जैसे जीवों (प्राइमेट) में कॉमन तो हैं, लेकिन इनमें इंसान के मस्तिष्क में ही विकासवादी अंतर नजर मिला। वैज्ञानिकों के अनुसार यही हमारी संज्ञानात्मक क्षमता का स्रोत हो सकता है।
डोनेली सेंटर फॉर सेल्युलर एंड बायोमोलेक्यूलर रिसर्च के प्रोफेसर जेसी गिलिस के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पाया कि इंसान के चार पूर्वजों चिंपैंजी, गोरिल्ला, मकाक और मार्मोसेट में इंसान का मस्तिष्क ही अलग से चीजों को व्यक्त करता है। नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में प्रकाशित शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि कम चयनात्मक दबाव या कार्य क्षमता उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) के प्रति सहनशीलता के चलते जीन को उच्च स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमता मिली होगी। यह अध्ययन मानव की संज्ञा कोशिका का हिस्सा हैे, जो स्वास्थ्य और रोगों को बेहतर मैप करने की पहल का हिस्सा है।

प्राइमेट के मस्तिष्क का तुलनात्मक अध्ययन
गिलिस ने बताया, यह शोध प्राइमेट्स और इंसानों के मस्तिष्क के अंतर को समझने में योगदान देता है। साथ ही इस शोध में तैयार डेटाबेस से दोनों के बीच आनुवांशिक समानताएं और अंतर को चिह्नित किया जा सकता है।

कैसे किया अध्ययन
वैज्ञानिकों की टीम ने नई तकनीकों के जरिए एकल कोशिका विश्लेषण के आधार पर प्राइमेट की हर प्रजाति के लिए एक ब्रेन मैप बनाया। इसके लिए मस्तिष्क के मध्य टेंपोरल गाइरस के लिए गए नमूनों से बनाए गए ब्रेन इनिशिएटिव सेल सेंसस नेटवर्क (बीआइसीसीएन) डेटाबेस का प्रयोग किया गया। टेंपोरल गाइरस के क्रॉस प्राइमेट सिंगल सेल एटलस में लगभग पांच लाख, 70 हजार कोशिकाएं होती हैं। इनसे प्राइमेट के मस्तिष्क विकास, विचलन, जीवन और बीमारी से जुड़ी बातों के बारे में पता चलता है।

संज्ञानात्मक विकास में भिन्नता
शोधकर्ताओं ने प्राइमेट समूहों में 139 जीन खोजे, लेकिन इनमें मानव मस्तिष्क में अभिव्यक्ति की भिन्नता सबसे अधिक नजर आई। इन जीनों ने उत्परिवर्तनों का मुकाबला करने के लिए मजबूती हासिल की होगी। इससे लगता है कि ये जीन चयनात्मक दबाव में विकसित हुए हैं। अध्ययन के मुख्य लेखक और शोध सहयोगी हम्सिनी सुरेश ने कहा, मनुष्यों में जीन्स को परिवर्तन के प्रति सहनशील होना चाहिए। यही परिवर्तन मानव मस्तिष्क में तेजी से विकासवादी परिवर्तन की ओर संकेत करता है।

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Lok Sabha Election: भाजपा ने इस लोकसभा चुनाव में 10 प्रतिशत वोटिंग बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद प्रदेश भाजपा ने काम शुरू कर दिया है। जल्द संगठन पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के दिल्ली में चले दो दिन के मंथन के बाद सभी प्रदेशाध्यक्ष और संगठन पदाधिकारियों को लोकसभा की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि मोदी सरकार की योजनाओं को जनता के बीच लेकर जाएं।

जनता को रामलला के दर्शन करने की योजना
अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होगा। पार्टी ने कहा है कि उद्घाटन के बाद जनता को रामलला के दर्शन भी कराएं। सांसद, विधायक या विधयाक प्रत्याशी और संगठन पदाधिकारी, सभी जनता को बताएंगे कि राम मंदिर का जो सपना देखा गया था, वह अब पूरा हो गया है। कुछ विधायकों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। 25 जनवरी को अयोध्या चलने की प्लानिंग की जा रही है।

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बनेंगे कॉल सेंटर
लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए भाजपा कॉल सेंटर भी स्थापित करेगी। भाजपा के संगठनात्मक जिलों की संख्या 44 है। ऐसे में हर जिले में सेंटर शुरू होंगे। इसके जरिए पार्टी की ओर से चलाए जा रहे अभियानों की मॉनिटरिंग होगी और कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।

pm modi in Jaipur : झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 5 से 7 जनवरी तक महानिदेशक-महानिरीक्षक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत देश भर से पुलिस अधिकारी आएंगे। इस दौरान तीन दिन तक शहर के कुछ मार्गों पर वीवीआईपी मूवमेंट की अधिकता रहेगी। इन मार्गों से आमजन के वाहनों को कौनसे वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाए, इसकी तैयारियों में प्रशासन अभी से जुट गया है। प्रधानमंत्री मोदी का सम्मेलन के दौरान दो दिन और गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिन जयपुर में रुकने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी राजभवन स्थित गेस्ट हाउस तो गृहमंत्री भी सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरेंगे। इसके अलावा सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के डीजीपी व अन्य पुलिस अफसर सम्मेलन के लिए जयपुर आएंगे।

अफसर विधायक फ्लैट में ठहरेंगे
सम्मेलन में आने वाले पुलिस अफसर विधानसभा के पास स्थित विधायकों के नए बने फ्लैट में ठहरेंगे। विधायक आवास के 35 फ्लैट बुक करवाए गए हैं। वीवीआईपी व वीआईपी के ठहरने वाले स्थान से सम्मेलन में आने व जाने के दौरान सिविल लाइंस, भवानी सिंह रोड, सचिवालय के आस-पास, रामबाग, जेडीए, जेएलएन मार्ग सहित आस-पास के अन्य मार्गों पर आम ट्रैफिक की आवाजाही बंद रहेगी। यहां से निकलने वाले आम ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।

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कार्यक्रम के नॉडल अधिकारी एडीजी संजय अग्रवाल हैं। वहीं सुरक्षा में पुलिस कमिश्नरेट के आला अधिकारियों के साथ पुलिस मुख्यालय व कुछ अन्य जिलों के अधिकारियों को भी लगाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

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New Chief Secretary: राजस्थान में सरकार बदलने के बाद अब 7 दिन के भीतर नौकरशाही को भी नया मुखिया मिल जाएगा। मौजूदा मुख्य सचिव उषा शर्मा 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो रही हैं। ऐसे में उनकी जगह नए मुख्य सचिव की तलाश जोरों पर है। मुख्य सचिव की रेस में करीब 10 आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। हालांकि मुख्य सचिव की नियुक्ति में वरिष्ठता का कोई ज्यादा महत्व नहीं है, ऐसे में इस बार चौंकाने वाला नाम भी सामने आ सकता है।

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दरअसल मुख्य सचिव का उषा शर्मा का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो गया था, लेकिन केन्द्र सरकार से 6 माह का एक्सटेंशन मिलने से गहलोत सरकार ने उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ा दिया।

इन आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में
नौकरशाही के बीच चर्चा में मुख्य सचिव की दौड़ में वरिष्ठता के आधार पर 1988 बैच के आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल, 1989 बैच के वी. श्रीनिवास, शुभ्रा सिंह, राजेश्वर सिंह, रोहित कुमार सिंह है। 1990 बैच के संजय मल्होत्रा, 1991 बैच के सुधांशु पंत और 1992 बैच के अभय कुमार और रजत कुमार शर्मा के नाम चर्चा में हैं। हालांकि वरिष्ठता के आधार पर देखें तो मौजूदा मुख्य सचिव उषा शर्मा के बाद सुबोध अग्रवाल का नंबर आता है, लेकिन चर्चा है कि सरकार उनके नाम पर शायद ही सहमत हो। उनके बाद वी. श्रीनिवास और शुभ्रा सिंह का नाम है। श्रीनिवास केंद्र में प्रतिनयुक्ति पर हैं। शुभ्रा सिंह भी लंबे समय तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रह चुकी हैं और इसी साल दिल्ली से जयपुर लौटी थीं। रोहित कुमार सिंह भी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं लेकिन उनकी सेवानिवृति 3 माह बाद ही है। रोहित कुमार सिंह मार्च 2024 में सेवानिवृत होने वाले हैं।

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आईएएस अधिकारी नाम कार्यकाल
रोहित कुमार सिंह 16-3-2024
राजेश्वर सिंह 12-7-2024
सुबोध अग्रवाल 17-12-2025
वी.श्रीनिवास 1-9-2026
शुभ्रा सिंह 1-2-2026

वरिष्ठता सीएस की नियुक्ति का पैमाना नहीं
मुख्य सचिव नियुक्ति में पहले वरिष्ठता का बड़ा महत्व होता था, लेकिन पिछले कुछ समय से यह पैमाना कमजोर पड़ गया है। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता की अनदेखी कर निरंजन आर्य को मुख्य सचिव बनाया था। दरअसल मुख्य सचिव का फैसला मुख्यमंत्री का विवेकाधिकार है।

Weather Forecast: प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। अब सर्दी के साथ घना कोहरा भी सता रहा है। राज्य में आगामी दिनों में अत्यधिक घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में इसका असर दिखाई देगा। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार तीन दिन तक प्रदेश कोहरे की चपेट में रहेगा। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक गिरेगा। इसके अलावा 31 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे पहले सात दिन सर्द हवाओं के साथ तापमान में गिरावट होगी। रविवार को पूर्वी राजस्थान में घना कोहरा छाया। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। दिन में वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। अधिकतर जिलों में विजिबिलिटी 200 से 400 मीटर के बीच रही।

सबसे कम माउंट आबू में एक डिग्री तापमान
प्रदेश में रविवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में एक डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 4.2 और अलवर में 5.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश में 15 जगह रात का पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया।

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कहां कितना रहा तापमान
माउंट आबू : 1
भीलवाड़ा : 9
अलवर : 5.9
पिलानी : 6.5
सीकर : 7.5
चित्तौडगढ़ : 9.4
डबोक : 8.6
एरिन रोड : 8.6
चूरू : 7.3
श्रीगंगानगर : 9.3
बारां : 7.7
संगरिया : 7.8
सिरोही : 7.1
फतेहपुर : 4.2
करौली : 7.9

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट में पिछले दो साल से साल में दो बार मुख्य न्यायाधीश बदल रहे हैं और बीच में कुछ समय पद खाली भी रहा। केन्द्र में विधि मंत्रालय का जिम्मा फिर राजस्थानी सांसद के पास है, ऐसे में उनसे अपेक्षा बढ़ रही है कि मुख्य न्यायाधीश कम से कम सालभर रुककर जाए ताकि स्थानीय माहौल व जरूरतों को समझ सके।

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अक्टूबर 2021 में न्यायाधीश अकील कुरैशी यहां मुख्य न्यायाधीश के रूप में आए, जिनका कार्यकाल करीब पांच माह रहा। उनके बाद जून 22 में करीब सवा माह के लिए नए मुख्य न्यायाधीश आए, जून में अवकाश का समय भी उनके कार्यकाल में शामिल है। दो माह बाद आए नए मुख्य न्यायाधीश करीब चार माह यहां रहकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। फिर करीब पौने चार माह बाद आए मुख्य न्यायाधीश सवा पांच माह बाद सुप्रीम कोर्ट चले गए। उनके कार्यकाल में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि भी शामिल है। अब यह बात चल निकली है कि यहां का मुख्य न्यायाधीश बनने का मतलब जल्दी सुप्रीम कोर्ट जाने की गारंटी। इस बीच स्थिति यह है कि करीब डेढ़ माह हो गए और अभी तक नया मुख्य न्यायाधीश नहीं लगाया गया। ऐसे में राजस्थान के वकीेलों में इस बात को लेकर नाराजगी जन्म ले रही है कि यहां जो भी मुख्य न्यायाधीश लगाया जा रहा है, माहौल समझने और स्थिति सुधारने का प्रयास करने से पहले ही उनका कार्यकाल पूरा हो जाता है। केन्द्र में विधि मंत्रालय का जिम्मा अर्जुनराम मेघवाल के पास है, ऐसे में नाराजगी और बढ़ रही है।

मुख्य न्यायाधीश कार्यकाल
न्यायाधीश अकील कुरैशी 12 अक्टूबर 21 से 6 मार्च 22
न्यायाधीश एस एस शिंदे 21 जून 22 से 1 अगस्त 22
न्यायाधीश पंकज मित्तल 14 अक्टूबर 22 से 5 फरवरी 23
न्यायाधीश ए जी मसीह 30 मई से 9 नवम्बर 23

 

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मुख्य न्यायाधीश लंबे समय के लिए आए, तो प्रशासनिक कार्य और अच्छे तरीके से होंगे। हालांकि न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट यहां कुछ माह के लिए ही मुख्य न्यायाधीश रहे, लेकिन उन्होंने हर जगह जाकर समस्याओं को समझा और सुधार किया। लंबे समय के लिए सीजे आए तो कोर्ट, न्यायिक अधिकारी व सिस्टम को ज्यादा फायदा होगा। विधि मंत्री सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कर सकते, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से बातकर देशभर के लिए पॉलिसी तय करा सकते हैं कि एक न्यूनतम कार्यकाल तय होना चाहिए, ताकि स्थानीय माहौल व जरूरतों को समझ सके। सचिन आचार्य, वरिष्ठ अधिवक्ता व को-चेयरमैन, राजस्थान विधिज्ञ परिषद

एक नए अध्ययन में पता चला है कि महिलाओं के आंसू सूंघने से पुरुषों के दिमाग में गुस्से से जुड़े क्षेत्र कम सक्रिय हो जाते हैं, जिससे उनका गुस्सैल व्यवहार कम हो जाता है। इज़राइल के वीज़मैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं के आंसू में एक रासायनिक संकेत होता है, जो पुरुषों के दिमाग के दो हिस्सों में गतिविधि को कम करता है, जो गुस्से से जुड़े होते हैं। यह अध्ययन PLOS Biology जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

इस अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने के लिए कई प्रयोग किए कि क्या आंसूओं का लोगों पर भी वही आक्रामकता-रोधी प्रभाव होता है जैसा कि वे कृन्तकों पर करते हैं।

कुछ प्रयोगों में, पुरुषों को महिलाओं के आंसू या खारे पानी की गंध सुंघाई गई, उन्हें यह पता नहीं था कि वे क्या सूंघ रहे हैं या वे दोनों में अंतर नहीं बता सकते थे।

मुख्य बातें:

- महिलाओं के आंसू सूंघने से पुरुषों में आक्रामकता कम हो सकती है।
- आंसू में एक रासायनिक संकेत होता है जो मस्तिष्क के आक्रामकता-संबंधी क्षेत्रों में गतिविधि को कम करता है।
- यह प्रभाव कृन्तकों और मनुष्यों दोनों में देखा गया है।

इसके बाद, उन्होंने एक दो-खिलाड़ी खेल खेला, जिसे एक खिलाड़ी में दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसे धोखेबाज के रूप में चित्रित किया गया था।

जब पुरुषों को महिलाओं के आंसू सूंघने का मौका दिया गया, तो पूरे खेल में उनके बदले की आक्रामक व्यवहार में 44% की कमी आई, यानी लगभग आधे में कमी आई।

शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया कि यह परिणाम कृन्तकों में देखे गए प्रभाव के समान लगता है, लेकिन कृन्तकों की नाक में एक संरचना होती है जिसे वोमेरोनासल अंग कहा जाता है जो सामाजिक रासायनिक संकेतों को उठाता है।

ब्रेन साइंसेज विभाग के प्रमुख प्रोफेसर नोम सोबेल ने कहा, "ये निष्कर्ष बताते हैं कि आंसू आक्रामकता के खिलाफ एक रासायनिक कंबल हैं - और यह प्रभाव कृन्तकों और मनुष्यों और शायद अन्य स्तनधारियों के लिए भी सामान्य है।"

अग्रोन ने कहा, "हमें पता था कि आंसू सूंघने से टेस्टोस्टेरोन कम होता है, और टेस्टोस्टेरोन को कम करने से पुरुषों में महिलाओं की तुलना में आक्रामकता पर अधिक प्रभाव पड़ता है, इसलिए हमने पुरुषों पर आंसू के प्रभाव का अध्ययन करके शुरू किया क्योंकि इससे हमें प्रभाव देखने की अधिक संभावना थी।"
(IANS)

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आज का सुविचार

इन्सान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है, ये जानते हुए भी कि भाग्य से ऊँचा उसका कर्म है जो कि स्वयं उसके हाथों में है

 

आज क्या खास

- राजस्थान में इंतजार के बीच मध्यप्रदेश में आज नई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार आज, 18 से 20 मंत्री शामिल होंगे मोहन यादव सरकार में, राज्यपाल मंगूभाई पटेल दिलाएंगे मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ सुबह साढे़ नौ बजे

- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जंयती आज, केंद्र सरकार मना रही इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में

- तीसरा अटल गौरव सम्मान समारोह नई दिल्ली में होगा आयोजित, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल 35 विभूतियों को अटल गौरव सम्मान और 11 अन्य लोगों को अंतरराष्ट्रीय अवार्ड करेंगे प्रदान

- मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल कलराज मिश्र की उपस्थिति में ब्राह्मण समाज स्नेह मिलन समारोह आज 3 बजे से मुहाना रोड स्थित एक गार्डन में

- जयपुर स्थित मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमएनआईटी) का एनुअल डे और एलुमिनाई मीट आज

- प्रभु यीशु के जन्म का पर्व क्रिसमस आज, गिरजाघरों में होगी विशेष आराधना, सांता बांटेंगे उपहार

- स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में बीकानेर के कऱणी स्टेडियम में आज से नेशनल लेवल स्कूल अंडर- 19 वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता आज से, 25 टीमों के 375 खिलाड़ी दिखाएंगे अपना दमखम

- यूपी के गौतमबुद्ध नगर में आज से शुरू हो रहा 'संस्कृति उत्सव 2023', राज्य सरकार का संस्कृति विभाग दे रहा प्रदेश के लोक कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का मंच

- राजस्थान में सर्दी का दौर जारी, आज पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में घने से अति घना कोहरा संभावित, आगामी दिनों में मौसम रहेगा शुष्क, फिर 31 दिसंबर से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय

 

खबरें आपके काम की

राजस्थान की खबरें

- राजस्थान में 11 और कोरोना संक्रमित मिले, एक की मौत, मौत की वजह हालांकि सड़क दुर्घटना बताई जा रही है, 24 घंटे में 722 सैंपल की जांच में जयपुर में सबसे ज्यादा 7 रोगी मिले, 6 केस अकेले एसएमएस में, एक कांवटिया अस्पताल में मिला

- जयपुर में 5 से 7 जनवरी तक होने वाली पुलिस महानिदेशक-महानिरीक्षक कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजभवन में ठहरेंगे, तीन दिन तक वीवीआईपी मूवमेंट के कारण राजधानी में ट्रैफिक रहेगा प्रभावित

- कांग्रेस के 138 वें स्थापना दिवस पर नागपुर में 28 दिसंबर को होने वाली महारैली में राजस्थान से 2000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को ले जाने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

- अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए रेलवे 15 जनवरी से जयपुर ,जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा से चलाएगा स्पेशल ट्रेनें, तीस फीसदी ज्यादा देना होगा किराया श्रद्धालुओं को

- फुलेरा-गोविंदी मारवाड़ के बीच तकनीकी कार्य के चलते फुलेरा-जयपुर ट्रेन बुधवार तक और जयपुर-नारनौल-जयपुर ट्रेन मंगलवार तक प्रारंभिक स्टेशन से रद्द रहेगी

- भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में नवनिर्वाचित भाजपा विधायक लालराम बैरवा के एसडीएम नेहा छीपा को सार्वजनिक समारोह में धमकाने के मामले में राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिख कर कहा ऐसे तो फील्ड में काम करना कठिन होगा

- भीलवाड़ा जिले के मांडल के भाजपा विधायक उदयलाल भडाणा ने एक कार्यक्रम में कहा कि अब हम राजस्थान में गुंडों का एनकाउंटर करेंगे, सरकार ने पुलिस से कह दिया है ज्यादा करे तो गुंडों का एनकाउंटर कर दो

- भरतपुर की सेवर जेल में बंद एक गैंगस्टर देवराज उर्फ देवेंद्र जाट ने फोन कर दो ज्वैलर्स को धमकाया, एक-एक करोड़ रुपए दो वरना गोगामेड़ी जैसा हाल कर देंगे

- चूरू के सरदारशहर उपखंड के रातूसर गांव में तार चोरी के संदेह में दो दलितों के साथ 7-8 लोगों ने की मारपीट, पिटाई से एक दलित की मौत

- बालोतरा जिले के समदड़ी रेलवे स्टेशन पर जोधपुर से पालनपुर जा रही यात्री रेलगाड़ी के दो कोच के पहिये पटरी से उतरे, सभी यात्री सुरक्षित

- राजस्थान उच्च न्यायालय प्रशासन ने न्यायिक सेवा के अधिकारी केशव कौशिक को भरतपुर जिला न्यायाधीश और उनके स्थान पर भंवर लाल बुगालिया को वक्फ न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी लगाया

- जमवारामगढ़ से 1993 से 1998 तक दसवीं विधानसभा में विधायक रहे डॉ. रामराय शर्मा (81)का रहे जयपुर के मेट्रो मास अस्पताल में निधन

 

देश-दुनिया की खबरें

- वित्तीय वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न में करदाता को बताना होगा कहां से कितना आया कैश, आयकर विभाग ने जारी किए फार्म 1 और 4

- जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के हौसले बुलंद, नमाज पढ़ रहे पूर्व पुलिस अफसर को मोहम्मद शफी की गोली मार कर हत्या

- असम में 42 साल बाद नजर आई उड़न गिलहरी, यह निशाचर गिलहरी आखिरी बार 1981 में देखी गई थी

- अंडर वर्ल्ड डॉन और मुंबई बम धमाकों के आरोपी दाऊद इब्राहिम की मुंबई और रत्नागिरी स्थित चार संपत्तियों की नीलामी 5 जनवरी को होगी

- मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने 20 जनवरी से फिर से आमरण अनशन शुरू करने का किया ऐलान, मुंबई के आजाद मैदान में करेंगे अनशन

- मराठा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट अपने 2 मई 2021 के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर 24 जनवरी को करेगा सुनवाई

- महाराष्ट्र में 150 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी कांग्रेसी विधायक सुनील केदार की विधानसभा की सदस्यता समाप्त, राज्य विधानमंडल ने जारी किया नोटिफिकेशन

- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 46 साल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया पर दर्ज की जीत

Good News: शिक्षा विभाग नए साल में बेरोजगारों, शिक्षकाें और छात्रों को खुशखबरी देने की तैयारी कर रहा है। सालों से पेंडिंग चल रहे कार्यों को पूरा करने का प्लान विभाग ने तैयार किया है। इन्हें सौ दिन की कार्ययोजना में शामिल कर सरकार को भेजा है। इसके तहत विभाग एक महीने में शिक्षक तबादला नीति का ड्राफ्ट (Teacher Transfer Policy Draft) तैयार करेगा। तय अवधि में तबादला नीति ड्राफ्ट अगर तैयार होता है तो पांच साल से इंतजार कर रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले हो सकेंगे। पिछली बार साल 2018 में भाजपा सरकार में ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले हुुए थे। गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार (Congress Government) में तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाया। प्रदेश के करीब तीन लाख तृतीय श्रेणी शिक्षक (Third Grade Teachers) तबादले का इंतजार करते रहे हैं।

इसके अलावा शिक्षा विभाग ने सेवा नियमों में संशोधन कर बीते तीन सत्राें से रुकी हुई 17 हजार 682 पदों पर डीपीसी भी सौ दिन में पूरी करने का प्लान तैयार किया है। इन पदों पर डीपीसी होने के बाद शेष पदों पर करीब 30 हजार डीपीसी भी हो सकेंगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
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प्रक्रियाधीन भर्ती पूरी होेगी, नई भर्ती के लिए पदों की गणना
कार्ययोजना के अनुसार 90 दिन में शिक्षा विभाग की ओर से 12,484 पदों पर प्रक्रियाधीन भर्तियों को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा विभाग में खाली चल रहे पदों की 30 दिन में गणना की अर्थनाएं प्रेषित की जाएंगी। विभाग सौ दिन में अधिशेष शिक्षकों का समायोजन कर रिक्त पदों को भी भरेगा। इसके अलावा पीएम श्री योजना मेें चयनित हुए 402 स्कूलों में बाल वाटिकाएं शुरू की जाएंगी।

इन पदों पर होगी प्रक्रियाधीन भर्ती पूरी
--2592 पदों पर व्याख्याता (Lecturer Vacancy)
--8842 पदों पर वरिष्ठ अध्यापक (Senior Teacher Post)
--461 पदों पर वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक (Senior Physical Teacher Post)
--61 पदों पर प्रयोगशाला सहायक (Laboratory Assistant Vacancy)
--528 पदों पर बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक (Basic Computer Instructor Post)

इतने पदों पर होगी डीपीसी
--10,000 पदों पर व्याख्याता के विभिन्न विषय
--6,282 पदों पर प्रधानाचार्य
--1,400 पदों पर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (Additional Administrative Officers)
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ये काम भी होंगे
--90 दिन में गत दो सत्रों की पात्र बालिकाओं को 7.31 लाख साइकिलों का वितरण किया जाएगा।
--60 दिन में आगामी सत्र के लिए कक्षा छह के उत्तीर्ण जरुरतमंद छात्रों को साइकिल वितरण के लिए गाइडलाइन तैयार करना।
--60 दिन में जरूरतमंद मेधावी 12 वीं पास छात्रों को गत तीन साल के मुफ्त लैैपटॉप वितरण के आदेश और निविदा की कार्यवाही पूरी की जाएगी।
-- 60 दिन में कार्यरत संंविदा शिक्षक और समस्याओं के समाधान के लिए समिति का गठन किया जाएगा
--90 दिन में संविदा कार्मिकों को सेवा नियमों में संवर्गित करने के लिए नियम संशोधन की कार्यवाही की जाएगी।
-90 दिन में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत प्रदेश के शिक्षकों को वेतन वृदि्ध का लाभ देने की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
--30 दिन में प्रदेश में कक्षा तीन से आठवीं तक की बालिकाओं को गुड टच बेड टच की कार्यशाला का आयोजन।
--14 फरवरी को मुख्यमंत्री से बालिकाओं को साइकिल वितरण का शुभांरभ कराना।

परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट बनाने पर ध्यान नहीं
परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट बनाने और विद्यालयों में आधारभूत संरचना के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया। वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नति संबंधी नियम संशोधन मुख्यमंत्री स्तर से अनुमोदन होने पर पदोन्नति हो सकती है, फिर भी 100 दिवस का समय मांगा गया है, जो अनुचित है। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करवाने की कोई कार्य योजना नहीं है।
-अंजली कुमार शर्मा, प्रदेश मंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

कार्ययोजना पूरी हुई तो सुधरेगा बिगड़ा ढांचा
शिक्षा विभाग लक्ष्य तय समय पर पूरा करता है तो आगामी सत्र में विद्यार्थियों को विषय शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे। तबादला नीति से शिक्षकों के तबादले होंगे। इससे शिक्षा विभाग का जो ढांचा बिगड़ गया था, उसमें सुधार आ सकता है।
-विपिन प्रकाश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर।
Rajasthan Cabinet Expansion: राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मतगणना के 14 दिन में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री शपथ से लेकर मंत्रिमंडल विस्तार का काम पूरा कर लिया था, लेकिन राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार में 22 दिन बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी अब तक तारीख तय नहीं कर सकी है।


सबसे पहले विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे मत्री

संभावना जताई जा रही है कि 27 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक भजनलाल केबिनेट में युवा और अनुभवी दोनों नेताओं को शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि अभी तक मंत्री नहीं बनने से सभी विभागों में कामकाज गति नहीं पकड़ पा रहा है। हालांकि मंत्री जल्द बनने की उम्मीद में विभागीय समीक्षा बैठकों को लेकर तैयारी जरूर शुरू कर दी है। जो भी मंत्री बनेगा वह सबसे पहले अपने विभाग की समीक्षा बैठक लेगा।


वर्ष 2023

राजस्थान में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल विस्तार को पूरा काम 14 दिन में पूरा कर लिया था। मतगणना 11 दिसंबर 2018 को हुई थी। उसके 7 दिन में ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की शपथ हो गई थी। इसके बाद अगले दिन बाद ही 23 सदस्यीय मंत्रिमंडल की शपथ करा दी गई थी। इस तरह मतगणना के 14 दिन में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सहित 25 सदस्यीय मंत्रिमंडल का काम पूरा होने से प्रशासनिक कामकाज ने गति पकड़ ली थी।

मतगणना 11 दिसंबर 2018
सीएम-डिप्टी सीएम शपथ - 17 दिसंबर
23 सदस्यीय मंत्रिमंडल को शपथ - 24 दिसंबर, 13 केबिनेट और 10 राज्यमंत्री बनाए

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वर्ष 2023

राजस्थान में 2023 में हाल में विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आई है। मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्री शपथ ले चुके हैं। 3 दिसंबर को मतगणना के बाद 13 दिन में भाजपा ने मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई है। मंत्रिमंडल को लेकर अभी मशक्कत चल रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी व प्रेमचंद बैरवा दो बार दिल्ली का दौरान कर प्रधानमंत्री और पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन मंत्रियों के शपथ को लेकर अभी पार्टी की और से आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। संभावना जताई जा रही है कि 27 दिसंबर को मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।

मतगणना 3 दिसंबर 2023

सीएम-डिप्टी सीएम शपथ - 15 दिसंबर (13 दिन)

मंत्रिमंडल शपथ की संभावित तारीख - 27 दिसंबर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Ayodhya Special Trains: अयोध्या में होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाने की तैयारी कर रहे हैं। यह देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर से अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का निर्णय किया है। इससे रामलला के दर्शन करने वाले भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी।

दरअसल, राममंदिर का भव्य उद्घाटन 22 जनवरी को ( Ayodhya Ram Mandir Opening Date) होगा। समारोह में शामिल होने वाले लोगों को आवाजाही में परेशानी नहीं हो इसके लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन 15 जनवरी से शुरू होगा। इन ट्रेनों को दो श्रेणी में बांटा गया है। पहली श्रेणी में उन ट्रेनों को शामिल किया गया है जो 15 से 25 जनवरी तक संचालित होंगी। इनमें से ज्यादातर ट्रेनों के एक या दो फेरे संचालित होंगे। दूसरी श्रेणी में 7 ट्रेनों को शामिल किया गया है। ये ट्रेनें अप्रेल के शुरुआत तक दौड़ेंगी। जरूरत के मुताबिक इनके संचालन अवधि में भी विस्तार किया जा सकता है।

30 फीसदी तक ज्यादा किराया
अयोध्या स्पेशल का किराया अन्य ट्रेनों की तुलना में ज्यादा होगा। रेलवे नियमों के अनुसार स्पेशल ट्रेन व सामान्य ट्रेन के किराए में करीब 30 फीसदी तक अंतर होता है।

जल्द जारी होगा शेड्यूल
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे बोर्ड को शिड्यूल बनाकर भेजा दिया गया है। जल्द ही किराया सूची और ट्रेनों का शिड्यूल जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद यात्री ट्रेनों में रिजर्वेशन करवा सकेंगे।

हवाई किराया 11 हजार पार
ट्रेनों में भीड़भाड़ से बचने के लिए लोगों ने फ्लाइट की बुकिंग करवाना भी शुरू कर दिया है। हालांकि जयपुर से अयोध्या के बीच एक ही एयरलाइन कंपनी फ्लाइट शुरू करेगी। यह भी सीधी न होकर वाया दिल्ली होकर संचालित होगी।

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इसका संचालन भी 16 जनवरी से ही शुरू होगा। जयपुर से अयोध्या हवाई किराया अभी बुकिंग करने पर 16 से 18 जनवरी तक बिना किसी टैक्स या अतिरिक्त शुल्क के 5191 से 7600 रुपए लिया जा रहा है जबकि 19 से 22 जनवरी के बीच बुकिंग कराने पर किराया 11 हजार लिया जा रहा है।

लाइव क्रिसमस ट्री ऐसे रसायन छोड़ते हैं जिन्हें वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (वीओसी) कहते हैं। ये वही रसायन हैं जो एयर फ्रेशनर, मोमबत्तियों और कुछ पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में पाए जाते हैं और ताज़गी का अहसास देते हैं।

जंगल में, ज़्यादातर क्रिसमस ट्री, जो कि कोनिफर ग्रुप के पौधे हैं, मोनोटर्पीन छोड़ते हैं, जो हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन ये ज़्यादा जानकारी नहीं है कि जब एक पेड़ काटकर घर में लाया जाता है, तो वो कितना मोनोटर्पीन छोड़ता है।

"हम जानते हैं कि ये पेड़ कुछ रसायन छोड़ते हैं, और सवाल ये है कि वो कितना बड़ा स्रोत हैं? हम ये जानना चाहते थे कि कौन-से रसायन निकलते हैं और कितने, और उन्हें घर के दूसरे रसायनों के संदर्भ में रखना चाहते थे," नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी (NIST) के पर्यावरण इंजीनियर डस्टिन पोपेन्डिक ने कहा।

इन सवालों के जवाब पाने के लिए, पोपेन्डिक और उनके साथियों ने एक आम क्रिसमस ट्री - डगलस फ़िर - को एक बंद कमरे में रखा। फिर उन्होंने 17 दिनों तक ये मापा कि पेड़ किस तरह के वीओसी कितनी मात्रा में छोड़ता है और ये भी पता लगाया कि क्या वीओसी घर की हवा के दूसरे तत्वों के साथ मिलकर नए यौगिक बनाते हैं।

उन्होंने पेड़ को एक नियंत्रित वातावरण वाले कमरे में रखा, जहां वे वास्तविक समय में पेड़ से निकलने वाले रसायनों को माप सकते थे। उन्होंने पेड़ को छुट्टियों के समय लगने वाली लाइटों से सजाया और दिन-रात के चक्र की नकल करने के लिए उस पर तेज रोशनी डाली। टीम ने हर 12 घंटे में लाइट बंद कर दी और हर दिन पेड़ को सींचा।

टीम ने घरों के लिए सामान्य दर पर बाहरी हवा को अंदर लाया और लगातार घर की हवा में रसायनों को मापा।

मोनोटर्पीन पेड़ से निकलने वाले सबसे अधिक वीओसी थे। वे पहले दिन चरम पर थे, लेकिन तीसरे दिन तक काफी कम हो गए थे। उनका सांद्रण शुरू में प्लग-इन एयर फ्रेशनर या नए बने घर के बराबर था, लेकिन फिर जल्दी ही लगभग 10 गुना कम हो गया, पोपेन्डिक ने कहा।

शोधकर्ताओं ने इनडोर एनवायरनमेंट्स जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, 52 अलग-अलग प्रकार के मोनोटर्पीन का पता लगाया।

वीओसी के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए, क्रिसमस ट्री खासकर जब पहली बार घर लाए जाते हैं, तो नाक बहने और आंखों में पानी आने का एक संभावित कारण हो सकते हैं।

ऐसे मामले में, पोपेन्डिक सुझाव देते हैं, पेड़ के पास एक खिड़की खोलने से जोखिम कम हो जाएगा। "लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए, यह कोई बड़ी चिंता नहीं होनी चाहिए।"

मुख्य बातें:

- लाइव क्रिसमस ट्री वीओसी छोड़ते हैं, जो कुछ घरेलू उत्पादों में भी पाए जाते हैं।
- मोनोटर्पीन सबसे आम वीओसी है, जो शुरू में ज़्यादा मात्रा में निकलता है लेकिन जल्दी कम हो जाता है।
- ज़्यादातर लोगों के लिए, वीओसी का स्तर चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। लेकिन संवेदनशील लोगों को सावधान रहने की ज़रूरत है।

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मुख्यमंत्री चयन की दौड़ में सबसे आखिर रहा राजस्थान अब मंत्रिमंडल विस्तार के मामले में भी सबसे आखिर होने जा रहा है। दरअसल, इन दोनों ही मामलों में भाजपा शासित अन्य दो राज्यों- छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश ने राजस्थान को पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के बाद आज मध्य प्रदेश में भी मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा है। लेकिन राजस्थान के मामले में सस्पेंस अब भी बरकरार है।अब इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसे लेकर अलग-अलग कयास और चर्चाएं होने लगी हैं।

 

सबसे ज़्यादा उलझन राजस्थान में!

मुख्यमंत्री चयन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार में भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से राजस्थान का पिछड़ना दिल्ली में बैठी भाजपा आलाकमान की प्रदेश को लेकर 'उलझन' ज़ाहिर कर रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय संगठन राजस्थान के मामले में कुछ ज़्यादा ही सावधानियां रख रहा है। यहां के लिए हर एक कदम को फूंक-फूंक कर रखा जा रहा है।

 

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अब 27 को शपथ ग्रहण की चर्चा

भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के काउंटडाउन और सस्पेंस के बीच अब नई अपडेट ये है कि यहां मंत्रियों का शपथ ग्रहण 27 दिसंबर को होगा। बताया जा रहा है कि इस दिन को ध्यान में रखते हुए राजभवन ने भी शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

 

पहले फेज़ में बनेंगे एक दर्जन मंत्री

सूत्रों की जानकारी के अनुसार भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के पहले फेज़ में एक दर्जन के करीब मंत्री बनाये जाएंगे। हालांकि असल तस्वीर मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही साफ़ होगी।

 

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अनुभव या नए चहरे... किसे तवज्जो?

भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल कैसा होगा? इसे लेकर फिलहाल कयास और चर्चाओं का बाज़ार गरम है। दरअसल, इस विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बने भाजपा नेताओं में अच्छा-खासा अनुभव रखने वालों के साथ ही नए चेहरों की भी संख्या काफी है। ऐसे में मंत्रिमंडल में किसे ज़्यादा तवज्जो मिलेगी देखना दिलचस्प रहेगा।

 

परवान पर नए-युवा विधायकों की उम्मीद

मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों के चयन में नए और युवा चेहरों को मौक़ा मिलने के बाद अब इन्हीं की उम्र के समकक्ष नेताओं की मंत्री बनने को लेकर उम्मीदें परवान पर हैं। बड़ी ज़िम्मेदारी का मौक़ा किस-किसको मिलता है इसे लेकर भी सस्पेंस मंत्रिमंडल ऐलान के साथ ख़त्म हो जाएगा।

 

दिल्ली से लगी है अंतिम मुहर

एमपी और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान में भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर भी प्रदेश से ज़्यादा दिल्ली में एक्सरसाइज़ हुई है। अपनी टीम को विस्तार देने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और दोनों डिप्टी सीएम दिया कुमारी और डॉ प्रेम बैरवा एक नहीं बल्कि दो-दो बार नई दिल्ली दौरे पर जा चुके हैं।

 

जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल के लिए चयनित हो रहे मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर भाजपा की शीर्ष नेतृत्व से ही लग रही है। बताया गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार की इस कवायद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जयपुर। पूरा उत्तर भारत हाड़कंपाने वाली सर्दी की जद में है। राजस्थान में भी सर्दी के तेवर तीखे बने रहे हैं और सुबह छह से ज्यादा जिले घने कोहरे के आगोश में लिपटे रहे। बीती रात पारे में दो डिग्री तक गिरावट होने पर गलन और ठिठुरन से लोग बेहाल रहे। मौसम विभाग ने सप्ताह के अंत तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने और कई इलाकों में घना कोहरा छाने और कुछ भागों में बारिश होने की चेतावनी दी है।

शेखावाटी अंचल में धूजणी
राजस्थान के शेखावाटी अंचल में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। शेखावाटी में सर्वाधिक सर्दी का जोर रहा है। मैदानी इलाकों में सीकर जिला 5.8 डिग्री तापमान के साथ बीती रात सबसे सर्द रहा। जिले के फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र पर बीती रात का तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ।

जिलों में भी दो डिग्री तक गिरावट
राजस्थान की राजधानी समेत कई जिलों में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जयपुर में बीती रात पारा 10.8 डिग्री रहा। अलवर 5.8, चूरू 6.4, भीलवाड़ा 6.4, पिलानी 6.7, सिरोही 7.4, संगरिया 8.3, डबोक 8.6, श्रीगंगानगर 8.7, अंता बारां 9.0, चित्तौड़ 9.2, जैसलमेर 9.2 और कोटा में बीती रात पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

इन जिलों में मौसम शुष्क
बाड़मेर में बीती रात पारा 12.4 डिग्री रहा जबकि डूंगरपुर जिला 13.8 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ सबसे गर्म जिला रहा। जोधपुर 12.4, फलोदी 11.6 और धौलपुर में बीती रात पारा 10.7 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ।

इन जिलों में सुबह छाया कोहरा
राजस्थान में सुबह छह से ज्यादा जिले घने कोहरे के आगोश में लिपटे रहे। झालावाड़, बूंदी, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, दौसा समेत कई जिलों में घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित रहा।हाईवे पर कोहरे के कारण वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।

सप्ताहांत तक सक्रिय होगा विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार सप्ताह के अंत तक राजस्थान में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। इसके चलते उत्तर पूर्व और पश्चिम के कुछ जिलों में घना कोहरा छाने, बारिश और शीतलहर चलने पर सर्दी के तेवर और तीखे होने की चेतावनी मौसम केंद्र ने दी है।

जयपुर। सत्य, प्रेम व दया का संदेश देने वाले प्रभु यीशु के अवतरण दिवस क्रिसमस को लेकर शहर में उल्लास नजर आ रहा है। राजधानी के गिरजाघरों में सामूहिक आराधना हो रही है। बिशप, फादर व पादरी प्रार्थना सभा में बाइबल का संदेश दे रहे हैं। बाइबिल पाठ के साथ विश्व में अमन चैन के लिए प्रार्थना की जा रही हैं। प्रभु यीशु के संदेशों का बखान किया जा रहा है।

शहर के चांदपोल स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च में सामूहिक प्रार्थना सभा में शहरभर से ईसाई समाजबंधु जुटे। यहां सामूहिक प्रार्थना के बाद एक—दूसरे को क्रिसमस की बधाई देने की होड सी नजर आई। वहीं घाटगेट स्थित सेक्रेट हार्ट चर्च व सी स्कीम स्थित सेंट जेवियर चर्च, मालवीय नगर, मानसरोवर, बगराना चर्च में भी सुबह सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ। इसाई समाजबंधु स्तुतिगान के साथ क्रिसमस के विशेष कैरल्स गीत गा रहे हैं। इस बीच एक—दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं देने की भी होड सी मची हुई है। मोमबत्तियां जलाकर एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी जा रह है, केक काटे जा रहे हैं।

ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस
सामूहिक प्रार्थना सभा में फादर, पास्टर और पादरी ने कहा कि प्रभु यीशु ने मनुष्य बनकर प्रेम, उदारता, करुणा का संदेश दिया। मनुष्य के प्रति ईश्वर का प्रेम ही क्रिसमस है। क्रिसमस पर ईश्वर का प्रेम, उनकी उदारता और करुणा का मनुष्य अनुभव करता है। उधर, सांता के स्वरूप बच्चों को चॉकलेट, टॉफी के साथ ही उपहार देते नजर आ रहे है। चर्च और गिरजाघरों में विशेष सजावट की गई है।

घर—घर विशेष व्यंजन
क्रिसमस के त्योहार हो लेकर घरों में विशेष व्यंजन बनाए गए है। इसाई समाजबंधु इन पकवानों को घर—घर बांट रहे है। एक—दूसरे के घर जाकर क्रिसमस की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है।

 

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मिडनाइट आराधना में सजी यीशु की जन्म झांकी
इससे एक दिन पहले रविवार को मिडनाइट आराधना हुई। मध्यरात्रि को प्रभु यीशु के देहधारण की प्रार्थना हुई। मध्यरात्रि में यीशु का अवतरण हुआ। प्रभु के जन्म से जुड़ी झांकियां सजाई गई है। प्रार्थना के बाद प्रभु यीशु के प्रतीक को गिरजाघर के बाहर चरनी में रखा गया। इसमें चरवाहे भेड़-बकरियां भी मौजूद रही। मिडनाइट आराधना के तहत मोमबत्तियां भी जलाई गई। लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। प्रभु के जन्म की खुशियों से जुड़े गीत कैरल्स गाए गए।

जयपुर। मौसम खराब होने के कारण जयपुर एयरपोर्ट पर कई फ्लाइटें आज सुबह उतरी है। जिसमें इंटनेशनल फ्लाइटें भी है। बता दे की आज सुबह जयपुर से उदयपुर जाने वाली फ्लाइट उदयपुर तक पहुंची। उसके बाद में उदयपुर में कोहरा ज्यादा होने के कारण एयरपोर्ट पर उसे लैंडिंग की परमिशन नहीं मिली। जिसके बाद फ्लाइट वापस जयपुर लौटी। इंडिगो की फ्लाइट 6ई 7465 को वापस जयपुर लैडिंग कराना पड़ा।

वही दिल्ली में कोहरे की वजह से कई फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट पर लैडिंग कराना पड़ा। फैंक फ्रट जर्मनी से दिल्ली आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया। इंडिया की फ्लाइट एएल 120 डायवर्ट होकर जयपुर पहुंची।

इसके अलावा दुबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया है। फ्लाइट दुबई एयरलाइंस की एफजेड 441 फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया है। दिल्ली में कोहरे के कारण फ्लाइट को लैंडिंग की परमिशन नहीं मिली। ऐसे में फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया गया और जयपुर एयरपोर्ट उतारा गया। अब तक दिल्ली आने वाली तीन घरेलू व 3 इंटरनेशनल फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किया जा चुका है।

जयपुर। साल के आखिरी माह में शहर पर्यटकों से गुलजार है। राजधानी में इस समय रोजाना 50 हजार से अधिक पर्यटक शहर के पर्यटन स्थल और संग्रहालयों को देखने पहुंच रहे है। एक दिन पहले रविवार को करीब 60 हजार लोग शहर के पर्यटन स्थल देखने पहुंचे। इससे बड़ी चौपड़ से आमेर तक जाम जैसे हालात बने रहे। आज सुबह से ही शहर के पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की भीड़ नजर आई। दिनभर पर्यटन स्थल सैलानियों से आबाद रहेंगे। अब पूरे एक सप्ताह शहर पर्यटकोें से आबाद रहेगा।

क्रिसमस के साथ ही जयपुर के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। सुबह से शाम तक आमेर महल, जंतर—मंतर, हवामहल, नाहरगढ़ फोर्ट के बाहर पर्यटकों की कतारें लग रही है। आमेर महल में रोजाना 11 से 15 हजार पर्यटक पहुंच रहे है। हवामहल देखने के लिए भी रोजाना 10 से 15 हजार पर्यटक पहुंच रहे है। वहीं जंतर—मंतर में रोजाना 7 से 9 हजार पर्यटक आ रहे है। ऐसे ही हालात अल्बर्ट हॉल, नाहरगढ़ फोर्ट के है, जहां 8 से 9 हजार सैलानी रोजाना पहुंच रहे है। इससे इन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की कतार लग रही है।

शहर में जाम जैसे हालात
राजधानी में इस समय पर्यटन पीक पर है। रोजाना शहर में 45 से 60 हजार पर्यटक आ रहे है। इससे शहर में जाम जैसे हालात बने हुए है। खासकर बड़ी चौपड से चांदी की टकसाल और जलमहल के आसपास जाम के हालात बने है। पुलिस को ट्रेफिक संचालन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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24 दिसम्बर को कहां कितने पर्यटक आए
आमेर महल — 15854
हवामहल — 15022
जंतर—मंतर — 9675
अल्बर्ट हॉल — 9867
नाहरगढ़ — 9000

दुनियाभर में कोरोना का एक नया रूप, JN.1, तेजी से फैल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन ये अजीब बात है कि हर साल दिसंबर में ही क्यों कोरोना के नए रूप आते हैं? आइए जानें इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

साल 2019 के आखिर में चीन में कोरोना का पहला मामला सामने आया था और देखते ही देखते ये पूरी दुनिया में फैल गया। हालांकि चार साल बीत जाने के बाद महामारी का जोर कम हुआ है, लेकिन वायरस अभी भी मौजूद है और लगातार अपने रूप बदल रहा है।

इस दिसंबर में भी, कोरोना का एक नया रूप JN.1, दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे "रुचिकर रूप" बताया है, लेकिन साथ ही कहा है कि जनता के स्वास्थ्य के लिए इसका खतरा कम है।

दिसंबर 2020 में कोरोना के तीन बड़े रूप सामने आए थे: अल्फा, बीटा और गामा। इसके ठीक एक साल बाद, दिसंबर 2021 में ओमिक्रोन ने लोगों को घरों में बंद कर दिया था। 2022 में भले ही कोई बड़ा रूप नहीं आया, लेकिन BA.2 और BA.5 जैसे उप-रूप सामने आए।

और अब JN.1 है, जो ओमिक्रोन परिवार का ही हिस्सा है।

JN.1 क्या है?

JN.1 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तेजी से फैलने के कारण "रुचिकर रूप" घोषित किया है। ये भारत, चीन, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में पाया गया है।

ये ओमिक्रोन के B.2.86 वंश का हिस्सा है और इसमें स्पाइक प्रोटीन में एक अतिरिक्त बदलाव है। डॉ. जीसी खिलनानी के अनुसार, ये हल्के लक्षण जैसे बुखार, गले में खराश, खांसी और सिरदर्द पैदा करता है। हालांकि, कमजोर लोगों जैसे बुजुर्गों, मोटे लोगों और सांस की बीमारियों, मधुमेह और कैंसर से पीड़ित लोगों के लिए ये खतरनाक हो सकता है।

दिसंबर में ही क्यों?

कोरोना के नए रूपों के दिसंबर में आने के कई कारण हो सकते हैं:

ठंड और सूखा मौसम: कई अध्ययन बताते हैं कि ठंड और सूखा मौसम कोरोना के फैलने में मदद करता है।
छुट्टियों का मौसम: दिसंबर में पर्यटन और सामाजिक मेलजोल बढ़ जाता है, जिससे वायरस आसानी से फैलता है।
यात्राएं: पिछले साल चीन में लूनर न्यू ईयर के कारण वायरस तेजी से फैला था। इस साल भी छुट्टियों का मौसम JN.1 के फैलने में मदद कर रहा है।

क्या घबराएं?

हालांकि JN.1 चिंता का विषय है, लेकिन विशेषज्ञ घबराने की सलाह नहीं देते। उनका कहना है कि टीकाकरण और मास्क पहनना अभी भी वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

इसलिए, नए साल के जश्न के साथ-साथ सावधानी भी रखें। टीका लगवाएं, मास्क पहनें और सुरक्षित रहें।

मुख्य बातें:

कोरोना का नया रूप JN.1 तेजी से फैल रहा है।
दिसंबर में कोरोना के नए रूप आने का कारण ठंड का मौसम, छुट्टियों का मौसम और यात्राएं हो सकते हैं।
घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।
टीकाकरण और मास्क पहनना वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

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Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary Today : पूरे देश में आज एक तरफ क्रिसमस का त्योहार जोर-शोर के संग मनाया जा रहा है तो दूसरी तरफ पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी भाजपा कार्यकर्ताओं, देश की दूसरी पार्टियां और जनता, श्रद्धा भाव से मना रही है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को क्रिसमस पर्व (25 दिसम्बर) की हार्दिक बधाई दी है। सीएम शर्मा ने कहा कि आमजन इस पुनीत अवसर पर जरूरतमंदों तथा बेसहारा लोगों की मदद करने का संकल्प लें। इसके साथ ही सीएम भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (25 दिसम्बर, सुशासन दिवस) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा भारतीय राजनीति के युग पुरूष, पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भारतीय राजनीति में अविस्मरणीय योगदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए विकास एवं जनकल्याण को सर्वाेपरि रखकर कार्य किया। स्व. वाजपेयी ने सदैव सुशासन को प्राथमिकता दी। इसी कारण उनके जन्म दिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वाजपेयी के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा स्व. वाजपेयी जी का जीवन भारतीय संस्कृति एवं संवैधानिक मूल्यों का एक अद्भूत संगम है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कल सुशासन दिवस पर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। उन्होंने आमजन को स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है।

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गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्वच्छता अभियान में लिया हिस्सा

जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती पर स्वच्छता अभियान में भाग लिया।

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती आज प्रदेश भर में भी सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है। मुख्य आयोजन जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में हुआ, जिसमें प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं ने स्वर्गीय अटल बिहारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान हुई बैठक में वक्ताओं ने वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया।

 

'अजर...अमर...अटल!': सीएम भजनलाल
सीएम भजनलाल शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। एक जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, 'अजर...अमर...अटल! आदर्श, नीति और व्यवहार के शिखर पर रहते हुए वैश्विक पटल पर मां भारती का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाले देश के पूर्व व अभूतपूर्व प्रधानमंत्री हम सब के पथ प्रदर्शक श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।'

 

उन्होंने आगे लिखा 'मां भारती की निरंतर सेवा हेतु समर्पित उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उनकी जयंती को 'सुशासन दिवस' के रूप में मनाते हुए हमारी डबल इंजन की सरकार वीर भूमि राजस्थान के जन-जन के उत्थान व कल्याण हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।मूल्यों, सिद्धांतों, कर्तव्यों और जनसेवा के प्रति उनकी निःस्वार्थ निष्ठा सदैव हमारा पथ प्रदर्शित करती रहेगी।'

इधर, सुशासन दिवस के मौके पर आज जिला मुख्यालयों, निकायों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। 31 दिसंबर तक चलने वाले स्वच्छता सप्ताह की भी शुरुआत हो गई है। कहीं वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ जनप्रतिनिधियों और कार्मिकों को सुशासन की शपथ दिलाई जा रही है, तो कहीं अटल विचार संगोष्ठी और अटल कविता का पठन किया जा रहा है।

चेहरे पर सूजन के कई कारण हो सकते है। एलर्जी की वजह से भी चेहरे पर सूजन, आंखों में भारीपन और गले में जकड़न की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही कभी—कभी चेहरे की सूजन किडनी प्रॉब्लम का भी संकेत होती है। आइए जानते हैं चेहरे पर सूजन की क्या—क्या वजह हो सकती है।

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किडनी प्रॉब्लम
चेहरे पर सूजन के कई कारण हो सकते हैं। अगर सुबह केवल चेहरे पर सूजन है तो हो सकता है कि किडनी में समस्या है। अपने फिजिशियन को दिखाकर जांच करवाएं। कई बार किडनी प्रॉब्लम के चलते चेहरे पर सूजन आ जाती है।

हाई बीपी
कई बार हाई बीपी के कारण भी चेहरे पर सूजन आती है। सुबह के समय यदि आपके चेहरे पर आंखों के आस—पास सूजन हैं तो बीपी की जांच जरूर करें।

डायबिटीज
शुगर लेवल बढ़ने से भी चेहरे पर सूजन और गले वाले हिस्से में भारीपन की दिक्कत हो सकती है। यदि आपके डायबिटीज रहती है, तो प्रॉपर मेडिकेशन लें और ब्लड शुगर पर निगरानी रखिए।

एलर्जी
चेहरे पर सूजन के साथ आंखों में भारीपन और गले में जकड़न है तो एलर्जी हो सकती है। अगर बार-बार यह समस्या हो रही है तो ज्यादा आशंका एलर्जी की रहती है। रात को मीठा या नमकीन चीजें ज्यादा खाने से सुबह के समय चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं।

हार्मोनल बदलाव
हार्मोनल बदलाव के कारण चेहरे पर सूजन हो सकती है। अगर महिला है तो माहवारी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाता है। इस कारण भी चेहरा फूला हुआ दिखाई दे सकता है। सही कारण के लिए अपने डॉक्टर को एक बार अवश्य दिखा लें।

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नई दिल्ली। दुनियाभर में इस साल महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर साइबर हमलों में वृद्धि हुई है। सशस्त्र संघर्षांे के डिजिटल क्षेत्र में विस्तार ने भी खतरों को बढ़ाया है। 'इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट 2023' के अनुसार भारत में इस साल मैलवेयर अटैक के मामले जिन 10 राज्यों में सर्वाधिक डिटेक्ट हुए उनमें तेलंगाना, तमिलनाडु और दिल्ली शीर्ष पर हैं। गुजरात और मध्यप्रदेश ऐसे राज्य हैं, जहां नए आइटी/आइटीइएस केंद्रों के बढ़ने से इन खतरों की जांच में इजाफा हुआ है। हमलों का पता लगाने में हुई वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि पिछले साल से सबक लेते हुए भारत ने 2023 में अपने साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया है।

स्मार्टफोन पर औसतन हर माह हो रहे तीन अटैक:

मैलवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जिसे जानबूझकर मोबाइल या कम्प्यूटर को नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया कि एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर हर महीने औसतन तीन हमले हो रहे हैं, जिनमें से 39 प्रतिशत मैलवेयर होते हैं। इतना ही नहीं ईमेल और वेबसाइटों में दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करने के परिणामस्वरूप 25 फीसदी साइबर हमले होते हैं। वहीं भारत विशेषतौर पर सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाने वाले तत्वों के प्रति बेहद संवेदनशील देशों में से एक है।

हमलों का कम अनुपात प्रभावी डिटेक्शन का संकेत:

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग 2023 में साइबर हमलों के प्राथमिक लक्ष्य के रूप में उभरा, इसके बाद सरकारी बुनियादी ढांचा और शिक्षा क्षेत्र थे। रिपोर्ट के अनुसार 650 डिटेक्शन पर रैनसमवेयर की एक घटना सामने आई। जबकि मैलवेयर के मामले में यह आंकड़ा 38,000 डिटेक्शन पर एक रहा। हमलों का कम अनुपात प्रभावी डिटेक्शन तंत्र का संकेत देता है। इस साल सबसे ज्यादा फरवरी में मैलवेयर अटैक की घटनाएं सामने आईं, इसके बाद अगस्त में इनमें उछाल देखा गया। जबकि रैनसमवेयर के मामले जनवरी और फरवरी में सर्वाधिक दर्ज किए गए।

इंस्टेंट फाइनेंस का दौर दे रहा बड़ी चिंताएं:

इंस्टेंट फाइनेंस के इस दौर में ऐसे ऐप्स में बढ़ोतरी हुई है, जो अधिक कागजी कार्रवाई की आवश्यकता के बिना छोटे ऋण प्रदान करते हैं। इस सुविधा के पीछे कई चिंताएं भी छिपी हैं। पिछले 2-3 सालों में देश में ऐसी मौतें बढ़ी हैं जिसमें यूजर्स को ऋण के बदले दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़ा था। ये ऐप्स ऋण के बदले में भारी ब्याज दर वसूलते हैं और अक्सर विकृत तस्वीरों, साइबर बुलिंग के जरिए जबरन वसूली का भी सहारा लेते हैं। इन्हीं खतरों को देखते हुए गूगल ने भी अपने प्ले स्टोर से ऐसी लगभग 3500 ऐप्स को हटाया है।

मैलवेयर डिटेक्शन वाले शीर्ष 10 राज्य
तेलंगाना- 15%
तमिलनाडु- 14%
दिल्ली-11%
गुजरात-11%
कर्नाटक-10%
महाराष्ट्र-09%
हरियाणा-08%
पश्चिम बंगाल -08%
उत्तर प्रदेश- 07%
मध्य प्रदेश- 07%

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सर्दियों में कई लोगों को अजीब थकान और हताशा महसूस होती है। मन उदास रहता है, काम करने का मन नहीं करता और मौज-मस्ती का तो दूर का सवाल ही है। लगता है जैसे जिंदगी खामोश हो गई है। क्या ये सिर्फ सर्दी का असर है या फिर कुछ और है?

दरअसल, सर्दियों में मन का उदास होना एक आम समस्या है, जिसे सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर (SAD) कहते हैं। ये एक तरह का डिप्रेशन है, जो सर्दियों के महीनों में ज्यादा होता है और वसंत के आते ही कम हो जाता है।

इसका कारण ठीक-ठीक पता नहीं है, लेकिन कुछ संभावित कारण हो सकते हैं:

कम रोशनी: सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और रोशनी कम मिलती है। इससे शरीर में विटामिन डी का उत्पादन कम हो जाता है, जो मूड को प्रभावित कर सकता है।
जीवनशैली में बदलाव: सर्दियों में लोग कम बाहर निकलते हैं और ज्यादा समय घर के अंदर बिताते हैं। इससे सामाजिक संपर्क कम हो जाता है और अकेलापन महसूस हो सकता है।
शारीरिक कमजोरी: सर्दियों में शरीर कम सक्रिय होता है और इससे भी थकान और उदास महसूस हो सकता है।
हालांकि ये सब सिर्फ सर्दी का असर नहीं है। दुनिया के कई खुशहाल देशों में भी सर्दियां होती हैं, लेकिन वहां के लोग उतने उदास नहीं होते। इसका मतलब है कि सीजनल डिप्रेशन और भी कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे:

सामाजिक सुरक्षा: जिन देशों में लोगों को स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिलती हैं, वहां के लोग ज्यादा खुश रहते हैं।
सामाजिक संबंध: मजबूत सामाजिक संबंध किसी भी मुश्किल समय में सहारा देते हैं और मूड को अच्छा रखते हैं।
जीवनशैली: नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार और सकारात्मक सोच भी मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
तो, अगर आपको सर्दियों में मन उदास होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान चीजें करके आप अपने मूड को बेहतर बना सकते हैं:

सूर्य का प्रकाश: दिन के समय कम से कम 20 मिनट बाहर धूप में जरूर बैठें। इससे विटामिन डी का उत्पादन बढ़ेगा और मूड भी अच्छा होगा।
शारीरिक गतिविधि: नियमित रूप से व्यायाम करें। चाहे वह सिर्फ टहलना ही हो, लेकिन इससे शरीर और दिमाग दोनों को फायदा होगा।
सामाजिक संपर्क: दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं। उनके साथ बातचीत करने से आप अकेलापन महसूस नहीं करेंगे।
स्वस्थ आहार: पौष्टिक आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे और मूड भी अच्छा रहेगा।
पर्याप्त नींद: रात में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी भी मूड को खराब कर सकती है।
रिलैक्सेशन तकनीक: तनाव को कम करने के लिए योगा, ध्यान या मेडिटेशन का अभ्यास करें।
अगर आप इन चीजों को करने के बाद भी ठीक नहीं महसूस करते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। वे आपको जरूरी उपचार दे सकते हैं।

याद रखें, सर्दी का मौसम सिर्फ कुछ महीनों का होता है। थोड़ा सा ध्यान रखने से आप इस समय को भी खुशी से बिता सकते हैं।

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जयपुर। केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन—जन तक पहुंचाने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत लग रहे शिविरों में लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इसे लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। ऐसे में अब सांसदों, विधायकों और अफसरों को टारगेट दिया जा रहा है। सांसद व विधायक रोजाना एक—एक शिविर स्थल पर पहुंचकर लोगों को केन्द्र की येाजनाओं से जोड़ रहे हैं। मेयर व अधिकारी भी दौरा कर जनता को जोड़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

राजधानी की बात करें तो यहां पिछले सात दिन में 30 हजार लोग इन शिविरों में पहुंचे है, लेकिन इनमें भी अधिक संख्या स्वास्थ्य जांच कराने वालों की ही है। ऐसे में केन्द्र की योजना घर—घर तक नहीं पहुंच पा रही है। ग्रेटर नगर निगम में सांगानेर जोन क्षेत्र, विद्याधर नगर जोन क्षेत्र के साथ अब मालवीय नगर जोन क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे है। वहीं हैरिटेज नगर निगम में सिविल लाइंस जोन क्षेत्र में शिविर लग रहे हैं। जानकारों की मानें तो एक शिविर में केन्द्र की योजनाओं का लाभ लेने औषतन सिर्फ 400 से 500 लोग ही पहुंच रहे है।

शहरी सरकार भी जुटी
शहरी सरकार भी इन शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए टारगेट दे रही है। जानकारों की मानें तो ग्रेटर नगर निगम और हैरिटेज निगम पार्षदों को शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का टारगेट दिया जा रहा है। जिससे अधिक से अधिक संख्या में लोग इन शिविरों में पहुंच सके। निगम अधिकारियों की मानें तो ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में लग रहे शिविरों में अब तक करीब 27 हजार लोग योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे है। वहीं हैरिटेज निगम क्षेत्र में रोजाना औषतन एक हजार लोग शिविर में पहुंच रहे है। हालांकि केन्द्र की योजनाओं का फायदा बहुत कम लोग उठा पा रहे है।

संशोधित शेड्यूल जारी
हैरिटेज नगर निगम ने कुछ शिविरों की जगह भी बदल दी है। हैरिटेज निगम मेयर मुनेश गुर्जर ने भाजपा पार्षदों व निगम अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकसित भारत संकल्प यात्रा-2023 के तहत आयोजित शिविर में अधिक से अधिक जनता को जोड़ने, शिविरों का अवलोकन करने की बात कही। बैठक में ही अतिरिक्त आयुक्त करतार सिंह को कुछ शिविरों का स्थान बदलने के निर्देश दिए, इसके बाद निगम प्रशासन ने शिविरों का स्थान और संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया। इसके साथ ही शिविरों के दौरान पर्याप्त होर्डिंग, कुर्सियां, पानी व आस-पास सफाई व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी कर दिए है।

आज शिविर यहां
— हैरिटेज निगम क्षेत्र में विकसित भारत संकल्प यात्रा -2023 के तहत सोमवार को स्टेच्यू सर्किल और राज मंदिर सिनेमा में शिविर आयोजन किया जा रहा है।
— ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में सी स्कीम में राजकीय विद्यालय संग्राम सिंह कॉलोनी और मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर के पास शिविर आयोजित किया जा रहा है।

 

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सीएम ने किया था सांगानेर से आगाज
केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन—जन तक पहुंचाने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का आगाज 18 दिसंबर को सांगानेर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम भजन लाल शर्मा व ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर ने किया था। ग्रेटर निगम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा ने देश को 2047 तक आत्मनिर्भर व विकसित भारत बनाने में सहयोग करने की लोगों को शपथ भी दिलाई थी।

आपकी कॉलोनी का पार्क बदहाल है। घर के बाहर लगी रोड लाइट नहीं जल रही है। सीवर लाइन उफन रही है। सड़कें कचरे से अटी हैं। घर से कचरा उठाने हूपर नहीं आ रहा है। ये सभी काम शहरी सरकार के हैं। यानी लोगों की रोजमर्रा की सर्वाधिक जरूरतें शहरी सरकार पूरा करती है। लेकिन, जब शहरी सरकार का बजट पेश होता है तो इसकी चर्चा तक नहीं होती। वर्षों से एक ही तरह का बजट पेश किया जा रहा है। सालाना इस बजट को अधिकारी कॉपी और पेस्ट करते आ रहे हैं। फिर बजट बैठक में जनप्रतिनिधि आंखें बंद कर पारित कर देते हैं। जबकि, केंद्र और राज्य सरकार के बजट की चर्चा भी होती है और प्रबुद्धजनों के सुझाव भी लिए जाते हैं। देश के पुणे, तिरुवनंतपुरम, विशाखापट्टनम, बेंगलूरु नगर निगम बजट बनाने के लिए जनता की सलाह लेते हैं।

दो हजार करोड़ से अधिक का बजट
हैरानी की बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में राजधानी के दोनों नगर निगम ने दो हजार करोड़ रुपए से अधिक का बजट पेश किया है। लेकिन, कौन सा पैसा किस मद में खर्च हो रहा है, इसकी जानकारी जनता को नहीं है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 का हाल
हैरिटेज निगम:
1082 करोड़ रुपए
ग्रेटर निगम: 1006 करोड़ रुपए

पुणे ने कर दिखाया
वर्ष 2005 में पुणे नगर निगम ने भागीदारी बजट लागू किया। ऐसा करने वाला पुणे देश का पहला नगर निगम बना। हर वर्ष पुणे नगर निगम अगस्त में एक विज्ञापन जारी करता है। एक नागरिक सुझाव फॉर्म ऑनलाइन और वार्ड कार्यालय पर उपलब्ध होता है। इस फॉर्म को शहरवासी भरकर जमा करवाते हैं। नागरिकों के सुझाव प्रभाग समिति को दिए जाते हैं। इसके बाद सुझावों को बोर्ड बैठक में शामिल किया जाता है।

यहां तो ये हो रहा
हैरिटेज निगम:
बोर्ड बने तीन वर्ष हो चुके हैं। बजट के लिए एक बार ही सत्र बुलाया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 और 23-24 में बिना पारित किए ही सीधे राज्य सरकार को भेज दिया।
ग्रेटर निगम: यहां भी स्थिति अलग नहीं है। तीन वर्ष में बजट के लिए एक बार ही सत्र बुलाया गया है। बजट में जो घोषणा की गईं, उनको पूरा करने के लिए पैसे की कमी आड़े आ रही है।

70 फीसदी तक को करता प्रभावित
एक्सपर्ट मानते हैं
कि केंद्र और राज्य सरकार के बजट से ज्यादा शहरी सरकारों का बजट आम आदमी को प्रभावित करता है। केंद्र व राज्य के बजट महज 30 प्रतिशत और नगरीय निकायों व अन्य स्थानीय एजेंसियों का बजट 70 फीसदी तक लोगों को प्रभावित करता है। क्योंकि सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से लेकर सड़कें, पैदल मार्ग, वर्षा जल की निकासी से लेकर पार्क को विकसित करने का काम निकायों के बजट से तय होता है।


टॉपिक एक्सपर्ट...बजट के मदों में बदलाव करने का समय
शहर का दायरा बढ़ रहा है। लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं। लोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर हैं। बच्चे घर के बाहर निकलकर खेलना चाहते हैं। लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ना चाहते हैं। शहर के सार्वजनिक परिवहन का ढांचा भी मजबूत करने के लिए निगम को आगे आना चाहिए। बजट के मदों में बदलाव करने का समय आ गया है। इसकी तैयारी नए सिरे से हो। सही मायने में तो शहरवासियों से ही पूछा जाना चाहिए कि उनको अपनी कॉलोनी में क्या चाहिए? निगम पैसा भी खर्च करता है और लोगों को फायदा भी न मिले तो इसे पैसे की बर्बादी ही कहा जाएगा।
-विष्णु लाटा, पूर्व महापौर, जयपुर नगर निगम

राजधानी के भारी यातायात दबाव वाले चौराहों पर अब येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइनें दिखाई देंगी। इस प्रयोग से राहगीरों से लेकर जाम की दिक्कत भी दूर होगी। इस प्रयोग को जेब्रा लाइन का अपग्रेड वर्जन कहा जा रहा है। कई शहरों में नया प्रयोग शुरू किया गया है। इंडियन रोड कांग्रेस में येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइन का जिक्र है। पुणे के संकरे बाजारों में येलो बॉक्स और जिग-जैग लाइन कई वर्ष पहले बनाई गई थीं और परिणाम भी सकारात्मक सामने आए हैं।

ऐसे समझें...
देश के बेंगलूरु, अहमदाबाद और इंदौर में इस तरह का प्रयोग शुरू हो चुका है। वहां की यातायात पुलिस लोगों को समझा भी रही है।

जिग-जैग लाइन है तो...यह लाइन पैदल यात्री क्रॉसिंग का संकेत देती है। वाहन चालक इस जिग-जैग लाइन पर रुक नहीं सकते। ये लाइनें पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए हैं।
इसलिए शुरू हुआ प्रयोग: वाहन चालक जिग जैग लाइन के पास आकर वाहन रोक देते हैं। इससे राहगीरों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटना का अंदेशा रहता है। इस प्रयोग से दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।

येलो बॉक्स होने पर: जिस हिस्से में येलो बॉक्स हैं, सड़क के उस हिस्से में वाहन खड़े नहीं हो सकते।
इसलिए शुरू हुआ प्रयोग: जिन चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक है, वहां येलो बॉक्स बनाए गए हैं। इन चौराहों पर कोई वाहन बीच चौराहे पर फंस जाता है या रुका हुआ है तो पीछे वाले वाहन चालक स्टॉप लाइन के पहले ही रोक देते हैं। ऐसा करने से विपरीत दिशा के सिग्नल खुलते ही वाहनों को चौराहा क्रॉस करने में आसानी होती है।


यह प्रयोग अच्छा है। राजधानी के कुछ चौराहों पर इसे किया जा सकता है। पुणे में इसे कई वर्ष पहले शुरू किया था। उसके सकारात्मक परिणाम रहे हैं।
-नेहा खुल्लर, सदस्य, मुस्कान एनजीओ

ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस तरह के निर्णय होते हैं। यदि ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रस्ताव आता है तो प्रयोग के तौर पर किसी एक चौराहे से शुरुआत की जा सकती है। योजना सफल हुई तो आगे बढ़ाएंगे।
-अशोक चौधरी, निदेशक, अभियांत्रकी शाखा, जेडीए

जयपुर। राजस्थान प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल की 'ग्राउंड रिपोर्ट' जानने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज खुद एक्टिव मोड पर दिखाई दिए। मुख्यमंत्री आज सुबह अचानक अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल में घूम-घूमकर वास्तविक हालातों का जायज़ा लिया।

कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक हड़कंप
अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के लिए खुद मुख्यमंत्री के पहुंचने की खबर ने पूरे अस्पताल में हड़कंप मचाकर रख दिया। फोर्थ ग्रेड कर्मियों से लेकर आला चिकित्सा अधिकारियों तक में अफरा-तफरी का माहौल नज़र आया। जो लोग उपस्थित थे वो अपने उन सह-कर्मियों को फोन लगाकर बुलाते दिखे जो अपनी सीट से नदारद थे।

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बांगड़ परिसर का लिया जायज़ा
सीएम भजनलाल ने एसएमएस अस्पताल के बांगड़ विंग में जाकर वहां के हालातों का जायज़ा लिया। उन्होंने एक-एक विभाग में जाकर व्यवस्थाएं देखीं। कुछ जगहों पर रुक-रूककर हाजरी रजिस्टर जांचें तो अस्पताल में पहुंचे मरीज़ों और उनके तीमारदारों से बातचीत कर हालातों के बारे में जाना।

किसी को नहीं था पता
जानकारी के अनुसार एसएमएस अस्पताल में मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण की खबर किसी को कानों-कान पता नहीं थी।

हम अक्सर ज़िंदगी के तनावों से दबे हुए महसूस करते हैं. ये तनाव काम की चिंता, पारिवारिक झगड़ों या ज़िंदगी के पिछले अनुभवों से भी आ सकते हैं. खासकर त्योहारों के आसपास रिश्तेदारों और उनके सवालों से ये परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं.

मनोवैज्ञानिक बेक मैकविलियम ने बताया कि परेशानी कम करने के लिए "डिस्ट्रेस टॉलरेंस" सीखना ज़रूरी है. ये एक तरह की क्षमता है जिससे हम मुश्किल हालातों में अपने आप को संभाल सकते हैं. जिन लोगों की डिस्ट्रेस टॉलरेंस अच्छी होती है वो खुद को तनाव में भी शांत रखते हैं और ऐसा कुछ नहीं कहते या करते जिसका बाद में पछतावा हो.

लेकिन जिन लोगों की डिस्ट्रेस टॉलरेंस कम होती है वो मुश्किल हालात में खुद को संभाल नहीं पाते.

तो, परेशानी कम करने के कुछ आसान तरीके हैं:

जैसा है, वैसा स्वीकार करें: अक्सर हम मुश्किलों को ठीक करने की कोशिश में और फंस जाते हैं. लेकिन कभी-कभी चीज़ों को जैसा वो हैं, स्वीकार कर लेना ही सबसे अच्छा होता है.
खुद को शांत करें: जब शरीर तनाव महसूस करता है, तो हमें खुद को शांत करना सीखना चाहिए. आप किसी मुलायम चीज़ को गले लगा सकते हैं, सुकून देने वाली खुशबू सूंघ सकते हैं या लंबा स्नान कर सकते हैं. इससे शरीर को तनाव कम महसूस होगा और नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद मिलेगी.
शरीर का तापमान बदलें: ठंडा पानी पीना, तेज व्यायाम करना, गहरी सांस लेना और मांसपेशियों को धीरे-धीरे रिलैक्स करना ये सभी शरीर का तापमान बदलने में मदद करते हैं और आपको तनाव से ध्यान हटाने में मदद कर सकते हैं.

व्यथा सहन क्या है?

यह हमारे सामने की परेशानी को उसी तरह स्वीकार करना है, जैसी वो है। अक्सर मुश्किल से बचने के लिए हम चीजों को बदलने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी सिर्फ स्वीकार कर लेने से ही दबाव कम होता है।

खुद को शांत करना:

जब शरीर खतरे में महसूस करता है, तो हमें खुद को शांत करना सीखना चाहिए। अपने पसंद की चीज को गले लगाना, सुकून देने वाली खुशबू सुंघना या लंबा स्नान करना - ये सब तनाव को कम करने में मदद करते हैं और शरीर को सुरक्षित महसूस कराते हैं।

TIPP तकनीक:

तनाव कम करने के लिए हम शरीर का तापमान बदल सकते हैं, थोड़ी देर तेज व्यायाम कर सकते हैं, सांस लेने पर ध्यान दे सकते हैं या मांसपेशियों को रिलैक्स कर सकते हैं। इससे हमारा ध्यान तनाव से हटकर बेहतर महसूस करने में लगता है।


ये छोटे-छोटे तरीके आपको त्योहारों के इस मौसम में भावनात्मक परेशानियों से निपटने में मदद कर सकते हैं. याद रखें, हर मुश्किल का समाधान होता है और आप खुद को शांत रखते हुए इन परेशानियों को दूर कर सकते हैं.

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कांग्रेस सरकार के समय राज्य में शुरू की गई चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के नियम कायदों को बरकरार रखते हुए अब इसे आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के मूल नाम से आगे बढ़ाया जाएगा। पूर्व में केन्द्र और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते के तहत योजना के नाम में आयुष्मान और मुख्यमंत्री दोनों शब्द जोड़े गए थे। जिसके तहत केन्द्र से खाद्य सुरक्षा के तहत पंजीकृत परिवारों के लिए बीमा राशि राज्य सरकार को लगातार मिल रही है। सरकार बदली तो अधिकारियों का कहना है कि पूर्व सरकार के समय इस नाम से आयुष्मान भारत हटाकर प्रचारित करना शुरू कर दिया गया था। जिससे लोगों में भ्रम हुआ कि यह योजना राज्य सरकार की ओर से ही संचालित है।

यदि राज्य सरकार चिरंजीवी बीमा को पूरी तरह बंद कर पूरे देश की तरह आयुष्मान मॉडल लागू करती है तो केन्द्र को अपनी योजना के नियम बदलने पड़ेंगे। आयुष्मान बीमा में 5 लाख और राज्य की योजना में 25 लाख रुपए तक का बीमा कवरेज है। केन्द्र की योजना खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों के लिए ही है, जबकि राज्य की योजना में राज्य का प्रत्येक परिवार 850 रुपए सालाना प्रीमियम में बीमा करवा सकता है। माना जा रहा है कि ये दो बड़े प्रावधान आयुष्मान में शामिल किए बिना चिरंजीवी को पूरी तरह बंद करना राज्य सरकार के लिए आसान नहीं होगा। उधर, शनिवार को नर्सेज के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में 25 लाख तक का नि:शुल्क इलाज देने के लिए उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात की है।

योजना के बारे में आप जो जानना चाहते हैं

सवाल : चिरंजीवी बीमा योजना को राज्य सरकार ने बंद कर दिया है ?
जवाब : नहीं, यह योजना अभी जारी है। योजना का पोर्टल अभी कार्य कर रहा है

सवाल : योजना जारी है तो सभी मरीजों को इलाज क्यों नहीं मिल रहा ?
जवाब : कांग्रेस सरकार के समय निजी अस्पतालों और सरकार के बीच योजना के पैकेज को लेकर गतिरोध हुआ। उसके बाद से ही कई बड़े निजी अस्पताल इस योजना के तहत मेडिकल ट्रीटमेंट आज तक नहीं कर रहे। सर्जरी और अन्य इलाज अधिकांश अस्पतालाें में किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि बीते 15 दिन में 77 करोड़ रुपए का कैशलेस इलाज प्रदान किया गया है।

सवाल : सरकार बदल गई है, चिरंजीवी योजना जारी रहेगी ?
जवाब : यह सरकार पर निर्भर करेगा कि वह भविष्य में इसे किस रूप में संचालित करने का निर्णय लेती है। लेकिन योजना को पूरी तरह बंद करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।

सवाल : चिरंजीवी और आयुष्मान बीमा योजना एक ही है ?
जवाब :आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना ही इसका पूर्व में भी नाम था। अब सरकार ने इसे वास्तविक नाम से बोलना शुरू किया है।

सवाल : चिरंजीवी में इलाज का भुगतान किस तरह होता है ?
जवाब : राज्य की मौजूदा चिरंजीवी बीमा योजना में राज्य सरकार बीमा कंपनी को 5 लाख का ही प्रीमियम देती है। इससे अधिक राशि से इलाज की जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार के आरपीएफ प्रावधानों के अनुसार ट्रस्ट मोड पर भुगतान किया जाता है। यानि, आयुष्मान के तहत पात्रधारी परिवारों के प्रीमियम की राशि केन्द्र से राज्य को मिलती है। शेष परिवारों का प्रीमियम राज्य सरकार देती है। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस ऐजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुचि त्यागी ने बताया कि 15 दिन में योजना के तहत करीब 75 करोड़ का कैशलेस इलाज दिया गया है। योजना और उसका पोर्टल पूरी तरह चालू है।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट जनादेश दिए 22 दिन बीत जाने के बाद भी मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है, जिससे शासन संचालन में ठहराव की स्थिति आ गई है और जनता में अब निराशा व्याप्त होने लगी है।

गहलोत ने सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात कही। उन्होंने कहा कि जनता में अब निराशा व्याप्त होने लगी है क्योंकि राजस्थान की जनता ने गत तीन दिसंबर को भाजपा को स्पष्ट जनादेश दिया पर 22 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हुआ है, जिससे शासन संचालन में ठहराव की स्थिति आ गई है। हर विभाग भी असमंजस की स्थिति में है। जनता देख रही है कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किन मंत्रियों के पास जाए। जल्द से जल्द मंत्रिमंडल गठन होना चाहिए, जिससे सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

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उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से यह भी जानकारी में आया है कि चिरंजीवी योजना में निजी अस्पतालों द्वारा इलाज नहीं किया जा रहा है। वर्तमान सरकार को हमारी सरकार की योजनाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिससे जनता को परेशानी ना हो एवं कोई नई व्यवस्था लागू होने तक पूर्ववत व्यवस्था चालू रखनी चाहिए।

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जयपुर। कुछ कर गुजरने का हौसला और मुश्किल हालात में संघर्ष का जुनून मंजिल तक जरूर पहुंचाता है। कुछ ऐसा ही जज्बा राजधानी जयपुर में श्री बाबा बालक नाथ सेवा संस्थान रितु उमेश अग्रवाल की ओर से आयोजित फैशन शो फ़ॉर स्पेशल एबल पर्सन सीजन-3 में नजर आया। व्हील चेयर पर बैठकर दिव्यांगों ने जब रैंप वॉक की तो पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ हवामहल विधायक व संस्था के मुख्य संरक्षक स्वामी बालमुकुंद आचार्य एवं मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने किया। संरक्षक मीनाक्षी गुप्ता एवं नवल किशोर गुप्ता ने बताया कि करीब 250 प्रतिभागियों ने अलग-अलग राज्यों से भाग लिया। रैंप वॉक के साथ-साथ मधुर आवाज में गीत, नृत्य और कविताएं सुनाकर दिव्यांगों ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। हिमाचल से आए दिव्यांगों ने वहां की वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति दी। संरक्षक एस.एस शेखावत ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में संरक्षक डॉ शोभा तोमर, ओम गोदारा, टीम मेंबर रजनी दिनेश माथुर, पुखराज प्रजापति, रेखा गोयल, राखी अग्रवाल, बसंत जैन, विनोद जैन, राहुल मोठडिया, घनश्याम मुलानी, विशेष अतिथि सुमन शर्मा, कौशल्या प्रजापति, कैलाश पारीक, क्रेडाई मेंबर्स एवं अन्य संस्थान के सदस्य मौजूद रहे। प्रतिभागियों को नंदिनी ग्रुप, एच.के ओसवाल, दीपज्योति ने उपहार वितरित किए। डॉ सुनील दंड ने दिव्यांगों का फ्री मेडिकल चेकअप किया। मंच संचालन कुलदीप गुप्ता ने किया।

रेलवे से एक नया अपडेट है। ट्रेन यात्रियों के लिए एक बड़ी सूचना है। वह ट्रेन यात्री जो मंगलवार, बुधवार को फुलेरा-जयपुर ट्रेन व जयपुर-नारनौल-जयपुर ट्रेन से यात्रा करने वाले है, वह अलर्ट हो जाएं। अगर बिना जानकारी के यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचेंगे तो तकलीफ हो जाएगी। तो रेलवे की इस जानकारी पर गौर करें। फुलेरा-गोविंदी मारवाड़ के मध्य तकनीकी कार्य की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि फुलेरा-जयपुर ट्रेन बुधवार तक और जयपुर-नारनौल-जयपुर ट्रेन मंगलवार तक प्रारम्भिक स्टेशन से रद्द रहेगी। ऐसे में रेलवे ने बुधवार तक भुज-बरेली-भुज ट्रेन का आसलपुर जोबनेर और कनकपुरा स्टेशन पर ठहराव शुरू किया है।

अयोध्या के लिए 15 जनवरी से स्पेशल ट्रेनें

इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर और जोधपुर से अयोध्या तक स्पेशल ट्रेनें संचालित करने जा रहा है। इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन 15 जनवरी से शुरू होगा। इन ट्रेनों को दो श्रेणी में बांटा गया है। पहली श्रेणी में उन ट्रेनों को शामिल किया गया है जो 15 से 25 जनवरी तक संचालित होंगी। इनमें से ज्यादातर ट्रेनों के एक या दो फेरे संचालित होंगे। दूसरी श्रेणी में 7 ट्रेनों को शामिल किया गया है। ये ट्रेनें अप्रेल के शुरुआत तक दौड़ेंगी।

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ओमप्रकाश शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में बाबूलाल कटारा 251 दिन से जेल में है। इसके बावजूद वह आरपीएससी (राजस्थान लोक सेवा आयोग) के सदस्य जैसे संवैधानिक पद पर काबिज है। भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव जीतने वाली भाजपा के सामने अब चुनौती है कि कटारा को बर्खास्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाए। कटारा ने 24 दिसम्बर 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का पेपर अक्टूबर में ही लीक कर दिया था। कटारा के पास विशेषज्ञों से पेपर सैट कराने की जिम्मेदारी थी।

पेपर तैयार होते ही वह सभी सैट की मूल प्रति अपने सरकारी आवास पर ले गया। वहां उसके भांजे विजय डामोर से सभी सवाल उतरवा लिए। सवाल उतरवाने के बाद उसने प्रींटिंग के लिए पेपर कार्यालय में जमा करा दिया। विजय के लिखे पर्चे की फोटो पेपल लीक गिरोह के शेर सिंह ने मोबाइल में ली थी, जिसके बाद पर्चा कई आरोपियों तक पहुंचा। एसओजी ने कटारा को 18 अप्रेल को गिरफ्तार किया था। वह तभी से न्यायिक हिरासत में है। एसओजी ने कटारा को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पहले ईडी ने जेल में उससे पूछताछ के बाद उसकी सम्पत्ति अटैच की। उसके साथ उसके भांजे व कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की गई। एसीबी ने बाबूलाल कटारा के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति जुटाने की एफआईआर दर्ज की है। एसीबी ने पड़ताल में माना कि कटारा ने आय से दो करोड़ रुपए से अधिक की सम्पत्ति अर्जित की है। पेपर लीक मामले में एसओजी कटारा सहित करीब 65 आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी सुरेश ढाका फरार है।

यहां अटकी है कार्रवाई
कटारा अप्रेल से जेल में है। एसओजी की ओर से जून में चालान पेश करने के बाद राज्य सरकार अगस्त में उसे बर्खास्त करने के लिए रेफरेंस राज्यपाल को भेजा। राज्यपाल के यहां से रेफरेंस राष्ट्रपति को भेजने की प्रक्रिया अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

बर्खास्त करने की यह रहती है प्रक्रिया
राज्य सरकार सदस्य को हटाने के लिए राज्यपाल के माध्यम से रेफरेंस बनाकर राष्ट्रपति को भेजती है। राष्ट्रपति उसे सुप्रीम कोर्ट के जज को भेजते हैं। सुप्रीम कोर्ट के जज उसको रिकमंड करते हैं, जिसके बाद ही आरपीएससी सदस्य को हटाने के आदेश जारी होते हैं।

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सरकारी बंगले पर चस्पा है ईडी का नोटिस
आरपीएससी सदस्य के रूप में कटारा को सरकारी बंगला मिला हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पहले एसओजी और फिर ईडी ने सर्च किया। यहां ईडी का नोटिस चस्पा किया हुआ है।

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गले में तालू के नीचे दोनों तरफ पिंडनुमा संरचना टॉन्सिल होती है जो एक प्रकार के लिम्फोइड ऊतक है। ये शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। बाह्य संक्रमण से रक्षक की तरह काम करते हैं जो कई बार जब खुद ही बिगड़ जाते हैं तो कई बीमारियों का कारण बनते हैं।

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क्या कहलाता है संक्रमण:
टॉन्सिल में संक्रमण को टॉन्सिलाइटिस कहते है जिसे बोलचाल में टॉन्सिल बढ़ना कहते हैं। यह किसी भी उम्र में हो सकते हैं लेकिन बच्चों में ज्यादा होते हैं। लक्षणों में गले में दर्द, बुखार व निगलने में दिक्कत आदि। टॉन्सिल में सूजन, वहां सफेद धब्बे या परत बन सकती है। इसमें एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाइयां दी जाती है।

कब जरूरी होती है सर्जरी:

सर्जरी की आवश्यकता तब होती है जब संक्रमण 4-6 बार तक हो चुका होता है या काफी समय से ठीक नहीं हो रहा है। वैसे टॉन्सिल का आकार थोड़ा बढ़ने से असामान्य नहीं माना जाता है। खाने या सांस लेने में रुकावट होने लगे तो इसको गंभीर मानते हैं।

टॉन्सिल बढ़े तो...

इसके कई प्रकार होते हैं। कई बार तो सूजन के बाद वहां पस बनने लगता है तो इसमें एंटी-बायोटिक व दर्द निवारक दवाओं के साथ कई बार चीरा लगाकर पस निकालने की जरूरत पड़ती है। कई बार वहां सफेद दाग होता है जिसे क्रिप्टा मेग्ना कहते हैं। यह ओरल हाइजीन ठीक न रहने से मुंह से बदबू आ सकती है। यह स्थिति घातक नहीं है। इसमें गरारे और गले की सफाई का ध्यान रखना पड़ता है।

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3D Exoscope High Definition Digital Camera System : सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर का नाम इतिहास में दर्ज हो गया। सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के डाक्टरों ने बड़ा कमाल किया। ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित एक महिला की तकलीफ को दूर कर उसे घर भेज दिया। सवाई मानसिंह अस्पताल के डाक्टरों ने हाईटेक तकनीक से ब्रेन सर्जरी कर ट्यूमर निकाला। राजस्थान में पहली बार इस हाईटेक तकनीक से ब्रेन सर्जरी हुई है। 3डी एक्सोस्कोप एचडी डिजिटल कैमरा सिस्टम का प्रयोग कर ब्रेन सर्जरी की। सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के चिकित्सकों के अनुसार पहली बार प्रदेश में सर्जरी में 3डी एक्सोस्कोप हाई डेफिनिशन डिजिटल कैमरा सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।

3डी एक्सोस्कोप हाई डेफिनिशन डिजिटल कैमरा सिस्टम का किया प्रयोग

न्यूरो सर्जरी विभाग के इकाई प्रभारी डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि जयपुर निवासी 65 वर्षीय महिला को सिर में दर्द और बार-बार उल्टी होती थी। जांच में महिला के सिर में दाएं तरफ ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। यह काफी गहराई में था। इसलिए इस ट्यूमर की सर्जरी 3डी एक्सोस्कोप हाई डेफिनिशन डिजिटल कैमरा सिस्टम की मदद के करने का निर्णय लिया गया।

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ढाई घंटे में जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया

पिछले दिनों नई तकनीक के जरिए करीब ढाई घंटे में इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। मरीज को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी करने वाली इस टीम में डॉ. मनीष अग्रवाल के अलावा डॉ. रोहित बाबल, डॉ. अब्दुल रऊफ गौरी, डॉ. हरसिमरन सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. शोभा पुरोहित, डॉ. नीलू शामिल रहे।

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जयपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 99वीं जयंती पर पहली बार एक अनूठी सवामणि का आयोजन किया गया। रवि फाउंडेशन की ओर से यह सवामणि महोत्सव लोगों के लिए नहीं, बल्कि गौ माता के लिए आयोजित किया गया। पिंजरापोल गौशाला स्थित वन औषधि पार्क में आयोजित इस महोत्सव में गायों को प्रसादी परीसी गई। इसमें प्रमुख रूप से खजूर, पंचमेवा, गुड, मेथी, तिल, तिल की खली गायों के भोजन में शामिल की गई।

फाउंडेशन के अध्यक्ष पुलकित भारद्वाज ने बताया कि खजूर, पंचमेवा, गुड, मेथी, तिल, तिल की खली गायों का सर्दी से बचाव तो करेंगी ही, उनके स्वास्थ्य को भी अच्छा रखेंगी। इसके साथ ही गायों को चूरमा, दाल बाटी भी खिलाया गया। इस महोत्सव के तहत 2000 गायों के लिए करीब 1100 किलो खाद्य सामग्री शामिल की गई। कार्यक्रम में शहर की कई संस्थाओं ने सहयोग किया। भारद्वाज ने बताया कि गौ माता की ये सवामणियां नए वर्ष के साथ ही अयोध्या में रामलाल के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में 1 से 22 जनवरी तक की जाएंगी। शहर की सभी गौशालाओं में ये सवामणियां की जाएंगी।

मंत्रोच्चारण के बीच गायों के चरण पूजन और महाआरती
हेनिमैन चेरिटेबल ट्रस्ट के अतुल गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले गायों के चरण धोए गए। फिर पंडित दिनेश मिश्रा ने मंत्र उच्चारण के साथ गायों का पूजन कराया। महोत्सव में शामिल गोभक्तों ने गो माताओं को प्रसादी परोसी। उन्हें चूरमा, दाल, बाटी भी खिलाया गया। प्रसादी के बाद गायों को खजूर की गुठलियों से निर्मित वैदिक कॉफी भी पिलाई गई। प्रसादी करने के बाद गायों की आरती की गई।

गायों के बाड़े को गुब्बारों से सजाया
गायों के बाड़े को गुब्बारों से सजाया गया। उनके चित्र पर माल्यार्पण कर सभी ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर सनातन संस्कृति रक्षक संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष पराशर, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री अशोक डीडवानिया, रवि फाउंडेशन की महासचिव मोनिका गुप्ता, सह सचिव पंकज गोयल आदि ने गायों को प्रसादी कराई।

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तुलसी के पौधे बांटे, दिलाया संकल्प
सवामणि महोत्सव में तुलसी दिवस भी मनाया गया। इस मौके पर कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को तुलसी का पौधा वितरित किया गया। साथ ही नियमित तुलसी पूजन का संकल्प भी दिलाया।

न्यूयॉर्क: वैज्ञानिकों ने दुनिया भर के लोगों में शराब की लत के लिए जिम्मेदार एक समान आनुवंशिक संरचना का पता लगाया है। इस संरचना के कारण लोग अधिक शराब पीते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य खराब होता है।

यह खोज नेचर मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इससे वैज्ञानिकों को शराब की लत के पीछे के जीनों को समझने में मदद मिल सकती है, जो कई आयु वर्गों में स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है। कई लोगों के लिए तो यह मौत का कारण भी बनता है।

यह शोध अब तक का सबसे बड़ा शोध है। इसमें वैज्ञानिकों ने शराब की लत से ग्रस्त 10 लाख से अधिक लोगों का अध्ययन किया है। अध्ययन में विभिन्न जातीय समूहों के लोगों को शामिल किया गया है, जैसे कि यूरोपीय, अफ्रीकी, लैटिन अमेरिकी, पूर्वी एशियाई और दक्षिण एशियाई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब की लत का आनुवंशिक ढांचा इन सभी आबादी में काफी हद तक समान है। हालांकि, अलग-अलग आबादी में कुछ आनुवंशिक अंतर भी पाए गए।

"बहु-वंशीय जानकारी का उपयोग करके, हमने 110 जीन क्षेत्रों की पहचान की और प्रत्येक क्षेत्र में संभावित कारणस्वरूप वेरिएंट के बेहतर फाइन-मैपिंग किए गए," शोधकर्ता झोउ ने कहा।

शोधकर्ताओं ने विभिन्न तरीकों का उपयोग करके कई जीनों को प्राथमिकता दी है जो शराब की लत और मस्तिष्क के बीच संबंध को दर्शाते हैं। उन्होंने 13 मस्तिष्क के ऊतकों में जीन अभिव्यक्ति (ट्रांसक्रिप्शनल-वाइड एसोसिएशन अध्ययन) और मस्तिष्क में क्रोमैटिन इंटरैक्शन विश्लेषण का उपयोग किया है।

यह काम भविष्य के कार्यात्मक विश्लेषण और दवा विकास के लिए मूल्यवान संसाधन और लक्ष्य प्रदान करेगा।

अध्ययन में यह भी पता चला है कि कुछ मौजूदा दवाओं का उपयोग शराब की लत के इलाज के लिए किया जा सकता है।
(IANS)

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर जयपुर में 'सुशासन दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, कांग्रेस कहती है कि हम उनकी योजनाएं बदल देंगे, मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम कुछ भी नहीं बदलेंगे। वास्तव में, हम योजनाओं को बेहतर तरीके से सुधारने और लागू करने के लिए काम करेंगे। हमने आयुष्मान योजना का कवर बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया है। हम योजना के तहत कवर को 25 लाख रुपए तक बढ़ाने के लिए काम करेंगे। हम इसे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। योजना के तहत जो दवाइयां मिलती है, वो मिलती रहेंगी। इनमें हम और जरूरी दवाओं को आगे बढ़ने के लिए काम करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आज भाजपा मुख्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।



सिफारिश करने वाले पर भी कार्रवाई होगी

सीएम भजनलाल शर्मा ने आगे कहा राजस्थान में महिला अत्याचार किसी भी प्रकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचारी को लेकर किसी भी प्रकार की सिफारिश नहीं होनी चाहिए। सिफारिश करने वाले पर भी कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जीरो टॉलरेंस पर सरकार काम करेगी। भ्रष्टाचार को समूल रूप से नष्ट करना ही हमारा उद्देश्य है।

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अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को दवाई मिलना बड़ी उपलब्धि

सीएम भजनलाल शर्मा ने यह उम्मीद जताई कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को दवाई मिल जाती है और पेंशन योजना शुरू हो जाती है। तो हमारी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। हमें यह बात छोटी लगती होगी, लेकिन अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी बात होती है।

एसएमएस अस्पताल का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सवेरे घर से निकला तो मन में विचार आया कि सुशासन देखने के लिए मैं एसएमएस अस्पताल जाऊं और वहां देखूंगा कि सुशासन है या नहीं। मैं वहां मरीजों से मिला और व्यवस्थाएं देखी। यह जनता का राज है जनता मन में क्या सोचती है क्या विचार करती है। हम जनता की उस सोच और विचार पर काम करेंगे। एसएमएस अस्पताल की दुनिया में अलग पहचान है इस पहचान को कायम रखने के लिए मरीज की सेवा करना आवश्यक है, इस दिशा में काम किया जाएगा।

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भारत में आज कोरोना के 628 नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मामलों की संख्या 4,000 के पार हो गई है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है।

कोरोना के मामलों में यह बढ़ोतरी देश भर में सब-वेरिएंट JN.1 के मामलों में वृद्धि के बीच हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 4,054 सक्रिय कोरोना वायरस मामले दर्ज किए गए, जबकि रविवार को यह संख्या 3,742 थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सोमवार को केरल से एक मौत की सूचना मिली है, जहां कोविड सब-वेरिएंट JN.1 का पहली बार पता चला था। इससे देश भर में मृत्यु का आंकड़ा 5,33,334 हो गया है।

पिछले कुछ हफ्तों में भारत में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं। केंद्र और राज्यों ने नए JN.1 कोविड वेरिएंट पर चिंता जताई है।

इस नए वेरिएंट के मामले न केवल भारत में बल्कि सिंगापुर और इंग्लैंड जैसे अन्य देशों में भी पाए गए हैं।

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ओमप्रकाश शर्मा
जयपुर. पेपर लीक मामले में बाबूलाल कटारा 251 दिन से जेल में है। इसके बावजूद वह आरपीएससी (राजस्थान लोक सेवा आयोग) के सदस्य जैसे संवैधानिक पद पर काबिज है। भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव जीतने वाली भाजपा सरकार के सामने अब कटारा को बर्खास्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है। कटारा ने 24 दिसम्बर 2022 को होने वाली वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का पेपर अक्टूबर में ही लीक कर दिया था। कटारा के पास विशेषज्ञों से पेपर सैट कराने की जिम्मेदारी थी। पेपर तैयार होते ही वह सभी सैट की मूल प्रति अपने सरकारी आवास पर ले गया। वहां उसके भांजे विजय डामोर से सभी सवाल उतरवा लिए, फिर उसने प्रिंटिंग के लिए पेपर कार्यालय में जमा करा दिया। विजय के लिखे पर्चे की फोटो पेपर लीक गिरोह के शेरसिंह ने अपने मोबाइल में ली थी, जिसके बाद पर्चा कई आरोपियों तक पहुंचा। एसओजी ने कटारा को 18 अप्रेल को गिरफ्तार किया था। वह तभी से न्यायिक हिरासत में है। ईडी ने जेल में पूछताछ के बाद उसकी सम्पत्ति अटैच की। उसके भांजे व कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की गई। एसीबी ने कटारा के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति जुटाने की एफआईआर दर्ज की है। मामले में एसओजी कटारा सहित करीब 65 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी सुरेश ढाका फरार है। एसओजी की ओर से जून में चालान पेश करने के बाद राज्य सरकार ने अगस्त में कटारा को बर्खास्त करने के लिए रेफरेंस राज्यपाल को भेजा। राज्यपाल के यहां से रेफरेंस राष्ट्रपति को भेजने की प्रक्रिया की गई। हालांकि आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।

बर्खास्त करने की यह रहती है प्रक्रिया

राज्य सरकार राज्यपाल के माध्यम से रेफरेंस बनाकर राष्ट्रपति को भेजती है। राष्ट्रपति उसे सुप्रीम कोर्ट के जज को भेजते हैं। जज के रिकमंड के बाद आरपीएससी सदस्य को हटाने के आदेश जारी होते हैं।

इस तरह हुई कटारा के खिलाफ कार्रवाई
कटारा एसओजी में गिरफ्तारी 18 अप्रेल

एसओजी ने कटारा के खिलाफ 15 जून को पेश किया चालान

ईडी ने मामला दर्ज कर 18 अगस्त को की सम्पत्ति अटैच

कटारा की बर्खास्तगी के लिए अगस्त में राज्यपाल को भेजा रेफरेंस

कटारा के खिलाफ एसीबी ने ३० अगस्त को दर्ज किया केस

जयपुर। महेश नगर थाना पुलिस ने सोमवार को दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बोलेरो बरामद की हैं। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने वाहन चोरी की कई वारदात कबूली हैं।
डीसीपी (दक्षिण) योगेश गोयल ने बताया कि 10 दिसंबर को महेश नगर में रहने वाले पूरणमल शर्मा की बोलेरो गाड़ी घर से बाहर चोरी हो गई थी। पुलिस ने एसीपी (सोडाला) श्याम सुंदर, थानाधिकारी अनिल मूंड और एसआई सुरेश कुमार, कांस्टेबल देवराज, दिलीप सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने मुखबिर की सूचना पर 23 दिसंबर को सैपउ धौलपुर निवासी संतोष कुमार परमार (46) और अजीत मीना उर्फ छोटू मीना को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से कई वाहन बरामद हो सकते है। पुलिस पकड़े गए दोनों वाहन चोरों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस इसके साथ ही दोनों के आपराधिक रिकार्ड को भी खंगाल रही हैं।

जयपुर. जिंदगी न मिलेगी दोबारा ग्रुप की ओर से नियो क्लब में क्रिसमस और न्यू ईयर का प्री सेलिब्रेशन किया गया। श्हार में जगह-जगह बाजारों और मॉल्स में सांता क्लॉज ने हाथ मिलाकर चाॅकलेटस और उपहार दिए। घरों से लेकर गिरजाघरों में प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में गीत गाए गए, जगह-जगह केक काटे गए। ग्रुप एडमिन सीमा अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में नव वर्ष में की जाने गतिविधियों पर चर्चा की, साथ ही नया क्लब द डायमंड दिवास शुरू करने का निर्णय लिया। क्लब की ऑर्गेनाइजर सीमा और पलक मोटवानी होगी। सेलिब्रेशन में हीर, मेघा, पूजा, दीपा, मिक्कू, स्वाति, विद्या, काजल, प्रीति, लवि, मनीषा, भावना, दिव्या, कविता मौजूद रही। परिवार में सुख समृद्धि और विश्व में अमन चैन कायम रहे इसके लिए लोगों ने गिरजाघर में प्रार्थना की। इसी के साथ कल्ब में अपने मित्रों के साथ क्रिसमस को सेलिब्रेट किया। एक — दूसरे को गिफ्ट भी दिए।


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जयपुर। देशभर में क्रिसमस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मालवीय नगर स्थित एकादशी फाउंडेशन में क्रिसमस सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। फाउंडेशन द्वारा संचालित स्कूल के बच्चों के साथ क्रिसमस सेलिब्रेशन कर खुशियां बांटी गई। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चे सांता क्लॉज की वेशभूषा में घरों से सजकर आए। बच्चों ने सांता बनकर बच्चों को चॉकलेट व टॉफियां वितरित की। बच्चों ने क्रिसमस ट्री सजाया और सांता के लिए विश लिखकर अपने हाथों से कार्ड बनाए। साथ ही बच्चों के साथ सांता क्लॉज ने क्रिसमस गीत व जिंगल बैल गीत पर गाकर डांस कर क्रिसमस सेलिब्रेट किया। इस मौके पर विद्यालय की अध्यापिका शीला और धनवंतरी ने भी ईसा मसीह के जन्म की कहानी पर प्रकाश डाला। एकादशी फाउंडेशन की फाउंडर विभूति सिंह ने विद्यार्थियों को क्रिसमस की बधाई देते हुए कहा की हमें सभी त्योहार मिल जुलकर मनाने चाहिए। इससे सभी लोगों में भाईचारे का भाव बना हुआ रहता है।

 

 

राजधानी से महज 25 किलोमीटर दूर चंदलाई के रामसागर बांध पर भी भू-माफियाओं की नजर है। यहां दिन-रात जेसीबी चल रही हैं। मिट्टी डाल भराव क्षेत्र को समतल किया जा रहा है। भू-माफिया यहां रिसोर्ट और होटल बना रहे हैं। समय रहते यदि बांध के भराव क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को नहीं रोका गया तो रामगढ़ बांध की तरह रामसागर बांध भी पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएगा।

हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों की शह पर बांध के बहाव और भराव क्षेत्र में कब्जे हो रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर नोटिस जारी कर दिया जाता है और उसके बाद कोई एक्शन नहीं होता।

 

खास-खास
-500 देशी-विदेशी पक्षियों से आबाद रहता है चंदलाई बांध
-85 लाख रुपए से पर्यटन सुविधाएं की जा रहीं हैं विकसित


कॉलोनी तक कर दी सृजित
पत्रिका टीम जब यहां पहुंची तो चौंकाने वाले हाल मिले। बांध के भराव क्षेत्र में ट्रकों से मिट्टी डाली जा रही थी। एक जगह तो बांध के बहाव क्षेत्र में भू-माफिया ने कॉलोनी तक काट दी। कुछ जगह निर्माण कार्य भी चल रहे थे।


खरीद रहे जमीन, कर रहे अतिक्रमण
बांध के बहाव व भराव क्षेत्र में अतिक्रमण करने के मामले पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो बांध के बहाव और भराव क्षेत्र को मिट्टी डालकर समतल कर दिया जाता है। इसके बाद समतल जमीन को महंगे दामों में बेच दिया जाता है। जेडीए की प्रवर्तन शाखा और जल संसाधन विभाग के अधिकारी अक्सर यहां आते हैं, लेकिन किसी ने भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

 

रसूख के बोझ तले दब गए नोटिस व रिपोर्ट

बांध के डूब क्षेत्र में फार्म हाउस, रिसोर्ट और मकान तक बन रहे हैं। जेडीए ने तो दस साल पहले यहां डूब क्षेत्र की जमीन को अप्रूव्ड कर दिया था। जल संसाधन विभाग ने कई बार नोटिस भी दिए गए। इसके साथ ही थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई, लेकिन भू-माफियों के रसूख के चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

 

एक तरफ सौंदर्यीकरण, दूसरी तरफ अतिक्रमण
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल संसाधन विभाग सौंदर्यीकरण करवा रहा है। जबकि, दूसरी ओर बांध में अतिक्रमणों की बाढ़ आ रही है। विभाग की ओर से 85 लाख रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण करवाया जा रहा है।

लुइसियाना. अमरीका के लुइसियाना की 60 वर्षीय किम डेनिकोला भरे-पूरे परिवार के बीच अकेली अपनी यादों में कुछ ढूंढती रहती हैं। किम का मामला चिकित्सा विज्ञान में दुर्लभ है। उन्हें 30 साल पुरानी बातें याद नहीं हैं। यह घटना 2018 की है, जब क्रिसमस के सामूहिक बाइबिल पाठ के दौरान किम को सिरदर्द होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वह जब अस्पताल के बिस्तर से उठीं तो सीधे स्मृतियां 1980 के दशक में पहुंच गई, जब वह युवा थी। जब होश आया तो उन्हें याद नहीं था कि वह शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे और पति हैं।

सब कुछ बदल गया
स्मृति टटोलने के लिए अस्पताल में एक नर्स ने जब उनसे पूछा कि आप किस वर्ष में हैं? तब किम ने कहा, 1980...फिर नर्स ने पूछा आप बता सकती हैं राष्ट्रपति कौन हैं? उन्होंने जवाब दिया, रोनाल्ड रीगन। करीब तीन दशक की स्मृति खोने के बाद डेनिकोला का कहना है, अब स्मार्ट टीवी हैं, मुझे याद है कि टीवी एक बॉक्स जैसा था और हमें उठकर चैनल बदलना पड़ता था। डेनिकोला कंप्यूटर आदि से भी अनभिज्ञ थीं।

परिवार ही याद नहीं
किम को पति, बच्चों 35 वर्षीय जस्टिन, 34 वर्षीय जोनाथ और तीन सौतेले बच्चे निकोलस (23), मेगन और मैथ्यू (19) के बारे में कुछ भी याद नहीं है। उन्हें यह जानकार भी काफी दुख हुआ कि मां ल्यूसिले विकर्स और पिता जे. हैरिस दोनों की बरसों पहले मृत्यु हो चुकी है। अस्पताल में सबसे पहले उन्हें कुछ याद था तो वह था स्कूल का आखिरी दिन। उन्होंने कहा, मैं स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी कार की ओर जा रही थी। हालांकि अब वह रिश्तों को नए सिरे से समझ रही है और पुरानी यादों में उन्हें ढूंढ भी रही है। जब वह याद करने के लिए नोट पढ़ती है तो लगता है किसी और के बारे में पढ़ रही है।

खोई यादें लौटना मुश्किल
व्यापक परीक्षण और स्कैन के बाद भी डॉक्टर अभी कोई सटीक कारण नहीं खोज पाए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब डेनिकोला की खोई हुई यादें वापस आना मुश्किल है।

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