>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
कस्बे से 2 किमी दूर बना लिया स्टैंड, सवारियों को हो रही परेशान Thursday 22 February 2024 03:34 PM UTC+00 राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के विभिन्न आगारों के चालक, परिचालक की हठधर्मिता व मनमर्जी के चलते बसों का ठहराव अलीगढ़ कस्बे के मुख्य बस स्टैंड पर नहीं कर कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर एनएच 116 बायपास स्थित ढाबों पर कर रहे हैं, जिसके चलते यात्रियों में खासकर महिला, बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की टोंक, अजमेर, सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी, कोटा, जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा सहित विभिन्न आगार की बसों का अलीगढ में ठहराव है। इस मार्ग पर संचालित टोंक तथा सवाई माधोपुर आगार की बसें तो अलीगढ़ कस्बे के अम्बेडकर सर्किल पर होकर गुजरती है। दो किलोमीटर दूर बायपास पर होती है खड़ी जयपुर, बूंदी, उदयपुर, बारां, भीलवाड़ा आगार की बसे कस्बे से दो किलोमीटर दूर स्थित बायपास पर ढाबे पर खड़ी रहती है, जिसके चलते अलीगढ़ तथा उससे जुड़े पंचायतों के गांव खोहल्या, बामनिया, आंसलगाव, बरूधन, देवरी, कुंडेर, कुण्डया, सहित दर्जनों गांवों के यात्रियों का सफर स्टैंड अलीगढ़ होने के कारण परेशानी उठानी उड़ती है। पहले रोडवेज बुङ्क्षकग, फिर कमीशन एजेंट और अब स्टैंड ही हट गया सरकार किसी भी दल की बनती हो, उसका फोकस रहता है कि गांवों का सर्वांगीण विकास हो, जो पहले सुविधा मिलती थी। उसमें ओर सुधार किया जाए। लेकिन इसे अलीगढ़ कस्बे के दुर्भाग्य कहेंगे की तहसील एव पंचायत समिति मुख्यालय होने के बावजूद भी यहां परिवहन निगम की सुविधाओं में सुधार होने को बजाए सुविधाएं समाप्त कर दी गई। अलीगढ़ कस्बे में सबसे पुरानी रोडवेज बुङ्क्षकग हुआ करती थी, जिस पर निगम के दो स्थाई कर्मचारी अलग-अलग पारी में तैनात रहकर टिकिट काटा करते थे। उस समय बस स्टैंड पर सभी आगार की बसों का ठहराव हुआ करता था। लेकिन निगम ने व्यवस्था बदली और यहां कमीशन आधार पर बुङ्क्षकग एजेंट लगा दिया, जिसके चलते एजेंट की मनमर्जी रहने लगी। अधिकारियों ने निर्देश भी दिए ऐसे में बस स्टैंड पर आने वाली रोडवेज बसें भी अम्बेडकर सर्किल से ही निकलना शुरू हो गई। उस समय भी कस्बे के लोगों ने निगम के उच्चाधिकारियो से बात कर बस स्टैंड पर रोडवेज बसों का ठहराव करवाने की मांग की थी। निगम के अधिकारियों ने निर्देश भी दिए। लेकिन चालक, परिचालकों की हठधर्मिता के चलते आदेश हवा में उड़ गए। जबकि बस स्टैंड पर सांसद मद से टिकट बुङ्क्षकग ङ्क्षवडो तथा यात्री धर्मशाला का निर्माण हो रखा है। यात्रियों को उतार देते हैं सेवानिवृत विकास अधिकारी सुभाष चतुर्वेदी का कहना है कि पहले हमने अलीगढ़ के बस स्टैंड पर टिकट बुङ्क्षकग का कमरा, यात्री धर्मशाला बनवाई। बसें भी आती थी। लेकिन हाइवे पर स्थित ढाबो वालों की चालक परिचालकों से सांठगांठ होने के कारण बसों को बायपास पर खड़ी कर अलीगढ़ सहित आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को उतार देते हैं। प्रस्ताव लेकर उच्चाधिकारियों को भेजा वार्ड पंच भास्कर चतुर्वेदी का कहना है कि अन्य जिलों की आगार की रोडवेज बसों के चालक, परिचालक कस्बे से बाहर ही यात्रियों को उतार कर चले जाते हैं। यात्रियों को भारी भरकम सामानों के साथ दो किलोमीटर लम्बा पैदल सफर करना पड़ता है। पंचायत कोरम में भी कई बार प्रस्ताव लेकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। |
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
