>>: हत्या के आरोपी के अवैध ' घर ' पर चला बुलडोजर

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नागौर. स्कूली छात्र यश की हत्या के आरोपी रसूल मोहम्मद उर्फ बबलू घोसी के संत बलराम दास कॉलोनी स्थित अवैध मकान पर सोमवार को पीला पंजा जमकर गरजा। करीब 662 वर्गगज अंगोर भूमि पर कब्जा कर बनाए गए इस मकान का सत्तर फीसदी हिस्सा ढहा दिया गया। सिर्फ दो कमरे छोड़ दिए । पुलिस-प्रशासन के भारी बंदोबस्त के बीच सैकड़ों लोग इस कार्रवाई के साक्षी बने। नागौर में संंभवतया किसी हत्या के आरोपी के मकान पर पहली बार बुलडोजर चलाया गया है। कई बरसों से आरोपी यहां परिवार के साथ तो रहता ही था, गाय-भैंस भी यहीं बांधता था। विश्व हिंदू परिषद समेत अनेक संगठन आरोपी के मकान ढहाने की मांग पर आंदोलित थे।

एएसपी सुमित कुमार, तहसीलदार रामेश्वर लाल गढ़वाल, एसडीएम सुनील कुमार समेत पुलिस व प्रशासन के कई अफसर पुलिस फोर्स के साथ सुबह करीब दस बजे ही यहां पहुंच गए। दो जेसीबी के साथ तोडफ़ोड़ की कार्रवाई शुरू की गई। बबलू घोसी ने करीब 554 वर्गमीटर यानी करीब 662 वर्गगज अंगोर भूमि पर कब्जा कर रखा था। करीब आठ-दस साल से काबिज घोसी इसे बढ़ाने में लगा था। इस जगह पर उसका एक कमरा, चारागाह, दो टीनशैड के नीचे बना तबेला, लैट-बाथ के साथ चारदीवारी को गिराया गया। इस हिस्से के दूसरी तरफ बने दो कमरे इस कार्रवाई में छोड़ दिए गए। बताया जाता है कि यह जमीन बबलू घोसी के पिता ने खरीदी थी और उस पर ही यह निर्माण था। इस पर बबलू घोसी की मां रहती है।

अचानक पहुंचा दस्ता तो मची खलबली

यश की हत्या के बाद से संत बलराम दास कॉलोनी का यह इलाका वैसे ही काफी चर्चित हो चुका है। सुबह पुलिस/प्रशासन के भारी लवाजमे के साथ अतिक्रमण हटाओ दस्ता पहुंचते ही वहां लोगों की भीड़ लग गई। नागौर सीओ ओमप्रकाश गोदारा, जायल सीओ सुनील कुमार, कोतवाली सीआई रामेंद्र सिंह हाड़ा समेत अन्य पुलिसकर्मी वहां मौजूद भीड़ को इधर-उधर करने लगे। अनहोनी की आशंका भी थी, इसलिए पुलिस का भारी बंदोबस्त यहां मौजूद था। पटवारी बुधराम जाजड़ा हटाए जाने वाले अतिक्रमण को बता रहे थे वहीं आसपास के मौजूद लोग इसकी फोटोग्राफी व वीडियो बनाने में जुटे रहे।

करीब ढाई घंटे चली कार्रवाई

पटवारी जाजड़ा ने बताया कि करीब दो-ढाई घंटे यह कार्रवाई चली। इस दौरान कई सालों से काबिज 662 वर्गगज का अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ समय तक आवागमन अवरुद्ध हुआ, बाद में मलबा हटाकर एक तरफ कर दिया गया। कार्रवाई से छोड़े गए दो कमरे बबलू घोसी के पिता ने जमीन खरीद कर बनवाए थे, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।

ऐसे ना जाने कितने कब्जे, वो क्यों नहीं हटते

हत्या के आरोपी बबलू घोसी के मकान पर चलते बुलडोजर को देखते ही हर कोई खुश नजर आ रहा था। बावजूद इसके कुछ लोग बढ़ते अतिक्रमण पर नाखुश भी दिखे। प्रत्यक्षदर्शी रामधन का कहना था कि प्रशासन का यह कदम सही है, लेकिन इस जैसे ना जाने कितने लोगों ने जमीन कब्जा रखी है, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। शिकायत कहीं करो, कोई कुछ नहीं करता। वो तो हत्या के बाद जब हल्ला मचा तब जाकर यह हटा है। यही बात देवकी, राधा, सुमन आदि ने भी कही।

बुलडोजर की पहली कार्रवाई, आगे भी हो

कई संगठनों की ओर से आरोपी के अवैध कब्जे को गिराने की शिकायत कलक्टर/एसपी को दी गई। सोमवार की सुबह सबकुछ तय होने के बाद एसपी नारायण टोगस ने भी पुलिस का कड़ा बंदोबस्त कर पुलिस अफसर वहां रवाना किए। नागौर जिले में संभवतया यह पहली कार्रवाई है। अभी तक उत्तरप्रदेश के बाद राजस्थान में कुछ जगह बुलडोजर का कहर बरपा था। हालांकि अतिक्रमण पर बना यह मकान प्रशासन की निगाह से इतने बरस दूर रहा, इस पर भी लोग बात कर रहे थे।

जनता भी अड़ी थी

गौरतलब है कि बबलू घोसी ने समलैंगिक संबंध बनाने का विरोध करने पर एक स्कूली छात्र यश (17) की हत्या कर दी थी। शव उसके घर के पास एक जगह गोबर के नीचे दबा दिया था। गुमशुदगी के चौदह दिन बाद यश की मौत का खुलासा हुआ। इस मामले में नागौर शहर की जनता का गुस्सा फूट पड़ा, विश्व हिंदू परिषद समेत अनेक संगठनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन तक किया। प्रशासन ने इस पर जल्द निर्णय किया।

इनका कहना

आरोपी बबलू घोसी के अवैध मकान को ध्वस्त करने के लिए पुलिस का जाब्ता मांगा गया था। करीब ढाई घंटे तक की कार्रवाई में यह कब्जा हट गया। किसी तरह का कोई विरोध सामने नहीं आया।

-नारायण टोगस, एसपी नागौर

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