>>: राहतः सीकर रोड पर नहीं दिखेगा सैलाब...ड्रेनेज से बरसात का पानी जाएगा द्रव्यवती नदी में

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वर्षों से सीकर रोड पर जलभराव की समस्या है। इसको दूर करने के लिए जेडीए ने प्लान बनाकर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा को भेज दिया है। रिपोर्ट पर मुहर लगने के बाद जेडीए धरातल पर काम शुरू कर देगा। हालांकि, माना जा रहा है कि काम शुरू होने में करीब छह माह का समय लगेगा।

रिपोर्ट पर गौर करें तो 300 से अधिक कॉलोनियों को इस योजना में शामिल किया गया है। योजना के धरातल पर आने से 15 वर्ष पुरानी समस्या दूर हो जाएगी। बरसात के दिनों में भी वाहन सरपट दौड़ते नजर आएंगे। जेडीए अधिकारियों की मानें तो करीब एक करोड़ वर्ग मीटर के क्षेत्रफल को शामिल किया है।

दरअसल, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कुछ दिन पहले झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड का दौरा किया था। उन्होंने सीकर रोड पर जलभराव के निकास की बात जेडीए अधिकारियों से कही थी। उसके बाद जेडीए अधिकारियों ने तेजी से काम शुरू किया।

 

नौ अलग-अलग प्रोजेक्टइस प्रोजेक्ट के पूरा होने से 300 कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को जलभराव से निजात मिलेगी। विद्याधर नगर और मुरलीपुरा का क्षेत्र भी शामिल है। जेडीए अधिकारियों की मानें तो यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें नौ अलग-अलग प्रोजेक्ट होंगे।

ड्रेनेज सिस्टम किया जाएगा विकसित
सीकर रोड के दोनों तरफ ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके जरिये बरसाती पानी को द्रव्यवती नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए अम्बाबाड़ी रोड पर भूमिगत नाले का निर्माण किया जाएगा।

पानी निकासी पर रहेगा जोर
-पहले चरण में सीकर रोड विद्याधर नगर की तरफ बाइपास से खेतान अस्पताल तक 5.6 करोड़ रुपए की लागत से ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही खेतान अस्पताल से द्रव्यवती नदी तक 10.49 करोड़ रुपए से दूसरा ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
-सीकर रोड, मुरलीपुरा की तरफ बाइपास से खेतान अस्पताल तक 6 करोड़ रुपए ड्रेनेज सिस्टम को विकसित करने में खर्च होंगे। वहीं, सीकर रोड मुरलीपुरा की ओर भी एक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण होगा। इस पर जेडीए 14.5 करोड़ रुपए खर्च करेगा।
-विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआइ) से बड़ खेड़ा तक 12.46 करोड़ रुपए से ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा। यह सेंट्रल स्पाइन, विद्याधर नगर होता हुआ जाएगा।
-खेतान अस्पताल के पीछे के क्षेत्र में 2.48 करोड़ रुपए की लागत से ड्रेनेज का निर्माण होगा।
-मुरलीपुरा क्षेत्र में 6.77 करोड़ रुपए की लागत से ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा। इसके अलावा अजमेर-दिल्ली बाइपास क्षेत्र में 10.81 करोड़ रुपए की लागत से भी ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा।

नुकसान भी बचेगा
-50 लाख रुपए सालाना खर्च होते हैं बरसात के बाद सड़क की मरम्मत व अन्य विकास कार्यों पर
-07 किमी क्षेत्र में कायाकल्प होने से 60 हजार से अधिक घर और दुकानों को मिलेगी राहत

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