>>: राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी, बिल में मिलेगी राहत!

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जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहीं बिजली कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। बिजली कंपनियों को रेलवे से 783 करोड़ रुपए मिलेंगे। अपीलीय न्यायाधिकरण ने जयपुर डिस्कॉम के पक्ष में फैसला देते हुए रेलवे को अतिरिक्त सरचार्ज व क्रॉस सब्सिडी की मोटी राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।

 

 

 

रेलवे के सारे दावे खारिज

 

न्यायाधिकरण ने रेलवे के उस दावे को नहीं माना, जिसमें उन्होंने स्वयं को डीम्ड लाइसेंसी मानते हुए सरचार्ज व सब्सिडी देने की बाध्यता से अलग कर दिया था।

 

 

 

ऐसे होगा फायदा

 

खास बात यह है कि रेलवे से यह राशि मिलने पर बिजली कंपनियों के घाटे में कमी आएगी और इसका सीधा असर बिजली बिल पर भी पड़ने की संभावना है। अब ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम को इस दिशा में मैकेनिज्म तैयार करना है। डिस्कॉम इस आदेश के आधार पर एक-दो दिन में ही रेलवे को नोटिस भेजेगा। दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछली बैठकों में ऊर्जा विभाग व बिजली कंपनियों को निर्देश दिए थे कि वे न्यायालय मामले में प्रभावी पैरवी करें।

इस गणित से निकले करोड़ों रुपए



अतिरिक्त सरचार्ज- 0.89 पैसे प्रति यूनिट
क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज- 1.65 पैसे प्रति यूनिट

(वर्ष 2017 से अब तक)

इस तरह समझें


1. रेलवे- वर्ष 2017 से पहले तक रेलवे डिस्कॉम से बिजली लेता रहा, लेकिन फिर ओपन एक्सेस यानी बाहर से स्वयं के स्तर पर बिजली खरीदनी शुरू कर दी। इस पर रेलवे ने खुद को डीम्ड लाइसेंसी बताते हुए डिस्कॉम को सरचार्ज देना बंद कर दिया। केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी) ने भी रेलवे के हक में फैसला दिया।

2. डिस्कॉम- बिजली एक्ट के तहत ओपन एक्सेस से बिजली खरीदने वालों को भी डिस्कॉम को सरचार्ज चुकाना होता है। रेलवे भी ओपन एक्सेस से ही बिजली खरीद रहा है, लेकिन खुद ही खपत कर रहा है। इसलिए डीम्ड लाइसेंसी नहीं हुआ। सीईआरसी के आदेश के खिलाफ राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में पहुंचा, जहां पक्ष में फैसला हुआ।
3. न्यायाधिकरण- रेलवे बिजली खरीदकर खुद खपत कर रहा है, जबकि डीम्ड लाइसेंसी दूसरे उपभोक्ताओं को भी बिजली सप्लाई करता है, लेकिन रेलवे ऐसा नहीं कर रहा। इसलिए वह डीम्ड लाइसेंसी नहीं हुआ। ऐसे में उसे डिस्कॉम सरचार्ज देना होगा।

इन राज्यों की बिजली कंपनियों की याचिका को भी किया शामिल

-पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी

-पश्चिम बंगाल राज्य प्रसारण कंपनी

-गुजरात इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी

-महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी

-झारखण्ड ऊर्जा संचरण निगम

-रत्नागिरी गैस एण्ड पावर प्रा. लि.

-उत्तरप्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लि.

-मध्प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी

-पंजाब राज्य ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन

(इन बिजली कंपनियों को भी राहत मिलेगी)

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