>>: Digest for February 14, 2024

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Khatushyam Mandir Closed On 15th Feb: कहते है अगर श्रद्धा सच्ची हो तो भगवान के दर्शन के लिए बाहरी आंखें नहीं अपितु मन की आंखे ही बहुत है। ऐसा ही एक वाकया खाटू श्याम धणी के मंदिर में देखने को मिला, जहां एक नेत्रहीन दंपती अपनी दो साल की बेटी के साथ श्याम दरस को आया। नेत्रहीन होने के कारण दंपती दिव्यांग कतार से पहली लाइन में दर्शन में आए, जहां उन्होंने पहले श्याम बाबा को गुलाब का फूल अर्पित किया फिर चौखट पर शीश नवाया। नेत्रहीन विनोद ने पत्रिका को बताया कि वह बरेली (यूपी) का रहने वाला है। काफी समय से उसे श्याम बाबा के दर्शन की इच्छा थी। इसलिए सोमवार को वह अपनी पत्नी मनीषा और अपनी दो साल की बेटी परिणीता के साथ खाटू आया जहां लखदातार के दर्शन कर मन मेें जो सुकूं मिला है उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उसने बताया कि मैंने बाबा से देश का कल्याण और परिवार में खुशहाली की कामना की है। अच्छी दर्शन व्यवस्था के लिए विनोद ने कमेटी को धन्यवाद भी दिया। उसने बताया कि वह ट्रेन में मोबाइल ऐससरीज बेचकर अपने परिवार का गुजारा चलाता हूं। गौरतलब है कि देशभर से रोजाना अनेक दिव्यांग लखदातार के दर्शन कर रहे हैं।
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विशेष सेवा पूजा व तिलक के चलते 15 को दिन भर बंद रहेगा श्याम मंदिर
लखदातारी बाबा श्याम की विशेष पूजा व तिलक के कारण 15 फरवरी को दिन पर मंदिर बंद रहेगा। श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री श्याम सिंह चौहान ने बताया कि 14 फरवरी को रात्रि 9.30 बजे से आम दर्शन के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। जो अगले दिन 15 फरवरी की शाम 5 बजे खुलेंगे। कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि वह बताई गई समय अवधि के बाद ही दर्शन के लिए पहुंचकर व्यवस्थाओं में सहयोग करें।

शिक्षा निदेशालय के एक आदेश ने 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों में गफलत पैदा कर दी है। दरअसल कोर्ट के एक आदेश की पालना में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिलों से उन शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है जो कनिष्ठ से कम वेतन पा रहे हैं। जबकि हकीकत में 2013 में फिक्सेशन के बाद प्रदेश में ऐसे मामलों की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है। पर इस बीच 11 साल से वेतन विसंगति दूर करने का इंतजार कर रहे 2008 में नियुक्त 50 हजार से ज्यादा प्रबोधकों व थर्ड ग्रेड शिक्षकों ने इसे छठे वेतन आयोग की विसंगति दूर करने से जोडकऱ देखना शुरू कर दिया है। ऐसे में बहुत से शिक्षकों में इसे लेकर पसोपेश बढ़ गई है।

यूं समझे पूरा मामला
राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2013 को थर्ड ग्रेड शिक्षकों की ग्रेड पे 2800 से बढ़ाकर 3600 रुपए की थी। प्रोबेशन काल का स्थाई वेतन भी 11 हजार 170 से बढ़ाकर 12 हजार 900 रुपए हो गया था। चूँकि ये छठे वेतनमान की विसंगति का दुरुस्तीकरण था, लिहाजा 2008 में नियुक्त 56 हजार शिक्षकों व प्रबोधकों ने इसे एक जनवरी 2006 से लागू करने की मांग रखी। जिसे लेकर शिक्षक संगठनों ने भी आंदोलन किए। इसके बाद सरकार के वित्त विभाग ने 28 मई 2021 को एक आदेश जारी कर किसी भी शिक्षक को कनिष्ठ यानी बाद में नियुक्त शिक्षक से कम वेतन मिलने पर उसे बराबर किए जाने का आशय जारी किया। उधर, कुछ लोगों ने इस विसंगति के निस्तारण के लिए कोर्ट में वाद पेश कर दिया। जिसमें कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय को कनिष्ठ शिक्षक के अधिक वेतन लेने पर वरिष्ठ का वेतन बराबर करने का फैसला दिया। जिसकी अनुपालना के लिए निदेशालय ने 28 मई 2021 के वित्त विभाग के आदेश की पालना करने, कनिष्ठ के बराबर वरिष्ठ को वेतन देने और नए वेतनमान संशोधन एक जुलाई 2013 से प्रभावी करने के आदेश जारी कर दिए। अब चूंकि एक जुलाई 2013 को नए शिक्षकों का फि़क्स वेतन पहले से बढ़ाकर 12 हजार 900 किया गया और 2008 में नियुक्त शिक्षक उस दिन 13020 के मूल वेतन पर आ गए। ऐसे में निदेशालय का किसी भी शिक्षक को फायदा नहीं मिल रहा। ऐसे में इसे कोर्ट के आदेश की अनुपालना की औपचारिकता माना जा रहा है।

2006 से लाभ नहीं
इधर, 2008 में नियुक्त शिक्षक इसे वेतन विसंगति दूर होने से जोड़ रहे हैं। 2013-14 की बजट घोषणा व वेतन विसंगति कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक वे इसे 1 जनवरी 2006 से वेतन स्थरीकरण के रूप में ले रहे हैं। जबकि शिक्षा अधिकारियों व एक्सपर्टïï्स के अनुसार इस आदेश का संबंध 2013 के फिक्सेशन से है। मामले में शिक्षक संगठनों ने 2013-14 की बजट घोषणा और वेतन विसंगति कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार ही शिक्षकों का वेतन स्थरीकरण एक जनवरी 2006 से लागु करने की मांग भी की है।

इनका कहना है:
वरिष्ठ व कनिष्ठ शिक्षक का वेतन समान करने के निदेशालय का आदेश औपचारिक है। इसका किसी शिक्षक को लाभ नहीं मिलेगा। इसकी बजाय सरकार को 2013-14 की बजट घोषणा के अनुसार 2008 के शिक्षकों का वेतन स्थरीकरण 1 जनवरी 2006 से करना चाहिए।

विनोद पूनियाँ जिलाध्यक्ष
राजस्थान शिक्षक संघ ( शेखावत)

राजस्थान के सीकर जिले के धोद कस्बे के सिहोट बड़ी गांव में 15 दिन पहले हुई शिवशिंहपुरा निवासी रामधन मीणा की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। रामधन की हत्या उसकी ही पत्नी पूजा ने अपने प्रेमी सुरेश मीणा उर्फ कालू के साथ मिलकर की थी। जिसकी योजना क्राइम वेब सीरीज देखकर बनाई गई थी। हत्या के बाद पूजा ने सुरेश से शादी का वादा भी किया था। जिसके झांसे में आकर ही सुरेश ने रात को खेत का गेट बंद करते समय लाठी से हमला कर रामधन की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी सुरेश उर्फ कालू उर्फ नानू (35) पुत्र सांवरमल मीणा व पूजा (27) दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी परिस देशमुख अनिल ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मामले में जांच अभी जारी है।

ये था मामला
एसपी ने बताया कि 29 जनवरी को सिहोट बडी गांव में शिवसिंहपुरा निवासी रामधन मीणा पुत्र धूड़ाराम मीणा की हत्या की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंचने पर रामधन का खून से सना शव रेत में पड़ा मिला। इस पर एफएसएल व डॉग स्क्वॉड की टीम बुलाकर मौके से सबूत जुटाकर जांच शुरू की। मामले में मृतक के शिवसिंहपुरा निवासी चचेरे भाई विनोद ने रिपोर्ट देकर बताया उसके ताऊ का बेटा रामधन मीणा सिहोट बड़ी में खेती का काम करता था। 29 जनवरी को रात आठ बजे वह मकान के सामने खेत का गेट बन्द करने गया था। तभी किसी ने उसके सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने पांच दिन तक धरना प्रदर्शन भी किया था।

रुपए नहीं देने से परेशानी थी पूजा, एक साल से था प्रेम संबंध
एसपी ने बताया कि आरोपी कालू व पूजा के बीच एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों का खेत एक ही जगह है। कालू अक्सर पूजा के घर आता जाता था। दोनो की मोबाईल पर भी खूब बात होती थी। पूजा रुपए नहीं देने पर अपने पति से परेशान थी। दोनों के बीच पहले झगड़ा भी हुआ था। जिससे नाराज हुई पूजा को रामधन पीहर से मनाकर वापस भी लाया था। पर पूजा उससे पीछा छुड़वाना चाहती थी। इसके लिए उसने कालू को उकसाया। पति को मारने पर उससे शादी करने की बात कही थी। झांसे में आकर कालू घटना वाले दिन सरसों के खेत में छिप गया। बाद में जब रामधन गेट बन्द करने आया तो कालू ने उसके सिर पर लाठी से हमला कर दिया।

 

प्रेमी को बचाने का करती रही प्रयास
मृतक रामधन व सुरेश का खेत पास-पास है। सुरेश का रामधन के घर भी आना जाना था। घटना के बाद पूजा व सुरेश ने पुलिस को गुमराह करने की भी पूरी कोशिश की। पूछताछ में दोनों मृतक का गांव के कुछ युवकों से विवाद होने की बात कहते रहे।

कड़ी मशक्कत: पुलिस ने कई गांवों के युवकों के लिए जूतों के नाप
ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने बार बार घटना स्थल जाकर पड़ोसियों से बात की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ कई संदिग्धों से भी पूछताछ की। जांच के लिए घटनास्थल के आस पास आने- जाने वाले सभी लोगों व वाहनों की जानकारी जुटाई। संधिग्ध नम्बरों की सीडीआर लेकर विश्लेषण किया। घटनास्थल पर मिले फुटप्रिन्ट के आधार पर धोद, सिहोट बड़ी व सीकर में चप्पल जूतों की दुकानों पर फुटप्रिन्ट के हुलिये के जूते भी जांचे गए। सिहोट के नजदीकी गांवों के लोगों के जूतों तक की तस्दीक की। पर काफी प्रयासों के बाद भी आरोपी का सुराग नहीं मिला। बाद में एक मुखबीर की सूचना पर संदिग्ध कालू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो टूटकर उसने जुर्म कबूल कर लिया।

क्राइम वेब सीरीज से बनाई योजना, पहले दिन कांपे पांव
एसपी ने बताया कि आरोपी पूजा घर में ज्यादातर समय क्राइम से जुड़ी वेब सीरीज और अन्य सीरियल देखती रहती थी। इससे ही उसे प्रेमी के जरिए पति को मरवाने की योजना सूझी। जिस पर कालू सहमत हो गया। एसपी के अनुसार इसके लिए वह घटना से पहले दिन भी लाठी लेकर उसे मारने गया था। पर एनवक्त पर हिम्मत नहीं जुटा पाने पर वह वापस लौट गया। फिर अगले दिन दुबारा वारदात को अंजाम देने गया।

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