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Table of Contents

सीकर के खाटूश्यामजी थाना इलाके के खातीवास गांव में अवैध खनन के दौरान पहाड़ी का हिस्सा गिरने से दो मजदूरों की गई जान ने एक परिवार की खुशी तो दूसरे का खाना छीन लिया। पत्थरों के नीचे दबकर तड़पते हुए जान गंवाने वाले मृतक पप्पू गुर्जर के परिवार में तीन दिन पहले हुई तीन शादियों की खुशी में खलल पड़ गया, तो जितेंद्र की मजदूरी से ही पल रहे उसके आठ सदस्यों के परिवार पर भूख का संकट गहरा गया। दोनों मजदूरों की चिता के साथ सुलगी परिवार में चिंता की आग में उनके घर दिनभर चीत्कारों से दहलते रहे।

तीन दिन पहले ही हुई थी बेटे की शादी
हादसे में मृतक मजदूर पप्पू गुर्जर के बेटे की तीन दिन पहले ही शादी हुई थी। 11 फरवरी को पप्पू और उसे भाई के बेटे की एक साथ शादी हुई थी। 12 फरवरी को मृतक की भांजी की शादी थी। लेकिन, खुशी के इस माहौल को तीन दिन में ही गम ने अपने आगोश में लेे लिया।

बीमार मां के साथ अपने व भाई परिवार को पाल रहा था जितेन्द्र
जितेंद्र की मौत ने उसके परिवार को भारी परेशानी में ला दिया है। खराब माली हालत वाले उसके परिवार में पिता की काफी पहले ही मौत हो चुकी थी। मां भी मानसिक रूप से बीमार है। बड़ा भाई भी पिछले चार साल से घर नहीं लौटा। ऐसे में जितेंद्र पर खुद की पत्नी, दो बच्चों के साथ बीमार मां और बड़े भाई की पत्नी व दो बच्चों की पेट भरने की जिम्मेदारी थी। उसकी मजदूरी से ही आठ सदस्यों का परिवार जैसे- तैसे दो समय के भोजन का जुगाड़ कर पा रहा था। उसकी मौत से अब उस परिवार पर भूखे रहने तक का संकट आ गया है। ऐसे में परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

बारात छोडकऱ गया मजदूरी करने
जितेंद्र के परिवार में भी बुधवार को बेटी की शादी थी। जिसमें बारात आने के बाद वह बारातियों को खाना खिलाकर रात को मजदूरी करने चला गया था। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया।

रातभर चलता रहा ट्रेक्टर
नजदीकी लोगों के मुताबिक हादसा आधी रात से पहले ही हो गया था। आधी रात से पहले ही आसपास के लोगों ने कम्प्रेसर की आवाज सुनी थी। यहां कम्प्रेसर ब्लास्टिंग मशीन से अवैध खनन का कार्य किया जा रहा था। इसके बाद केवल ट्रेक्टर के चलने की ही आवाज आ रही थी। हादसे के बाद भी ट्रेक्टर चलता रहा और अलसुबह के करीब बंद हो गया था। लोगों के अनुसार ट्रेक्टर में तेल खत्म होने से अपने आप ही बंद हुआ था।

पुलिस के पहुंचने से पहले ही ट्रेक्टर गायब
हादसे का पता सुबह आठ बजे के करीब ग्रामीणों को चला। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही ट्रैक्टर मालिक ट्रैक्टर और कंप्रेसर मशीन को मौके से उठा ले गया। अभी तक पुलिस ने ट्रेक्टर और कंप्रेसर मशीन को जप्त नहीं किया है।

अवैध खनन ले रहा जानें, प्रशासन बना रहा बहानें
जिले में अवैध खनन लगातार जानें ले रहा है। जबकि प्रशासन लगातार बचने के बहाने बना रहा है। खातीवास में खान दूसरी बार दो जानें ले चुकी है। घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन करते हुए अब तक यहां पर आधा दर्जन से ज्यादा मौतें हो चुकी है। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से अवैध खनन को लेकर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही। मामले में गुरुवार को भी जब खनन विभाग के अधिकारियों से पत्रिका ने बात करना चाही तो अधिकारियों ने फोन ही नहीं उठाए। एमई रामलाल से बात करने का प्रयास किया गया तो पहल उनका फोन व्यस्त और बाद में स्विच ऑफ बताने लगा। कुछ देर बाद ऑन हुआ तो भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। इधर डिप्टी महावीर सिंह ने भी फोन रिसीव नहीं किया। इससे पहले 2021 में बाज्यावास गांव में भी एक खदान में डूबने से दो युवक वीरेन्द्र व राजेन्द्र सिंह और सुरेरा में दो बच्चों अजय व नवीन की सडक़ किनारे बने खदान में डूबने से मौत हो गई थी। खंडेला में भी अगस्त 2022 में खदान के पानी में डूबने से मामा- भांजा सेवली निवासी श्रवण कुमार गुर्जर(17) और हात्याज निवासी सुनील कुमार गुर्जर(16) की मौत हो गई थी।

अभियान के दौरान भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
घटना ने प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ शुरु किए गए अभियान की पोल भी खोल दी है। अवैध खनन से दो मौतों ने साफ कर दिया है कि अभियान का क्षेत्र में कोई असर नहीं है। यहां धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है।

इनका कहना है:
मामले में मृग दर्ज कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन को लेकर अभी कुछ नहीं कह सकते। मुझे आए हुए अभी एक सप्ताह ही हुआ है। आगे जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी कार्रवाई की जायेगी।
राजाराम, थानाधिकारी खाटूश्यामजी

यह जिले के आमजन के लिए चिंता की बात है। जिले में कनफेड रोग के बाद अब अजीबोगरीब वायरल ने पैर पसार लिए हैं। मेडिकल कॉलेज के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में रोज करीब चार दर्जन से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं। हाल यह है कि साधारणतया पांच से छह दिन में ठीक होने वाला वायरल हफ्तों तक ठीक नहीं हो रहा है। वायरल के हर पांचवें मरीज को उपचार की दवा देने के बावजूद भी पूरी तरह से रिकवरी नहीं हो रही है। महज दो सप्ताह में अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में वायरल के 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज आने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज की सैंट्रल लैब में जांचों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में तो एंटी बायोटिक दवाएं भी कम असर कर रही है। इसलिए मरीज को रिकवर होने में समय लग रहा है। चिकित्सकों की माने वायरल को साधारण समझने से और उपचार में देरी से परेशानी बढ़ जाती है।

रिपोर्ट आ रही सामान्य

एसके मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि वायरल के मरीज की जांचें करवाने पर रिपोर्ट सामान्य आ रही है लेकिन मरीज जल्दी ठीक नहीं हो रहा है। आमतौर पर जब मौसम बदलता है तो यूआरआई और पैरा इन्फ्लूएंजा वायरस बढ़ता है, लेकिन इन दिनो जो वायरल फैल रहा है वो संभवत बदला हुआ स्वरूप है। हालांकि यह कौनसा वायरस है इसकी पुष्टि रिसर्च जांच के आधार पर ही हो सकती है।

घबराएं नहीं, दवा लें

सर्दी, खांसी होने पर घबराने की बजाए सावधानी बरतें। चिकित्सक की सलाह से लक्षण आधारित उपचार लें। दवा की खुराक पूरे समय तक लें। बीच में दवा नहीं छोडें। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी व खांसी में खांसने या सांस के जरिए वायरस हाथों से पहुंचकर अन्य संपर्क में आने वालों तक पहुंचते हैं। इससे भी सं₹मण बढ़ता है। ऐसे में नियमित हाथ धोना जरूरी है। नियमित रूप से योग, प्राणायाम करें। अच्छे और शुद्ध खान-पान के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता क

सावधानी रखना जरूरी

वायरस के लिए अनुकूल मौसम होने के कारण ही वायरल के मरीज तेजी से बढ़े हैं। जिसके कारण ही देरी से खांसी और बुखार ठीक हो रहा है। कल्याण अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी रखने की जरूरत है।

डॉ. मुकेश वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज, सीकर

सीकर. नेक्सा एवरग्रीन घोटाले की रकम लगातार बढ़ती जा रही है। मामले में अब झुंझुनूं के उदयपुरवाटी निवासी आईटीबीपी के जवान ने कंपनी संचालकों के खिलाफ दो करोड़ की ठगी का मामला उद्योग नगर थाने में दर्ज कराया है। जिसमें जवान मुकेश कुमार पुत्र श्रीराम सैनी ने अपने साथी जवानों व परिजनों द्वारा ये राशि कंपनी में निवेश करने का जिक्र किया है।

आर्मी व पुलिस अधिकारी के नाम पर दिया झांसा
हाल राधाकिशनपुरा निवासी मुकेश ने रिपोर्ट में बताया कि वह आईटीबीपी में नियुक्त है। उसके जयपुर निवासी सेवानिवृत साथी दातार सिंह ने उसे एक्स आर्मी के लोगों द्वारा नेक्सा एवरग्रीन कंपनी के संचालन व निवेश पर अच्छा फायदा होने के बारे में बताया। कंपनी को भारत सरकार के धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का पार्टनर भी बताया। इसके बाद रणबीर व सुभाष बिजारणिया, सुदेश मिल, अमरचंद ढाका, बीरबल तेतरवाल, गोपाल दूधवाला, अनिल भारत, सलीम, समीर नियाज, सुमन डोरवाल, नरेश काजला, डा. विनोद, विद्याधर फौजी, मदन गढ़वाल से मुलाकात होने पर उन्होंने इसे आर्मी वालो की कंपनी बताया। मदन गढ़वाल ने खुद को रानोली थाने का पुलिस अधिकारी बताया। इसके बाद कैप्टन रूगाराम व महेंद्र भीचर ने भी कंपनी के बारे में बताते हुए 50 हजार के निवेश पर 14 महीने में 80 हजार का रिटर्न मिलने का झांसा दिया। इस पर उसने अपने परिजनों व साथियों सहित कुल दो करोड़ रुपए कंपनी में निवेश कर दिए। जो उन्हें अब तक नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में बताया कि कुछ महीनो से नरेश काजला, मदन गढ़वाल व महेंद्र गु्रप पर वीडियो भेज रुपए देने की बात भी कहते रहे, लेकिन अब तक उन्हें उनकी राशि नहीं मिली है। लिहाजा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रदेश में नई सीईटी से पहले भर्तियों का कलैण्डर जारी होने से बेरोजगारों में खुशी के साथ गम भी है। प्रदेश के दस लाख से अधिक युवाओं की नई भर्तियों से पहले सीईटी कराने की मांग अब फिर से गूंजने लगी है। बेरोजगारों का तर्क है कि नई परीक्षाओं से पहले सीईटी नहीं होने से उनका नौकरी का सपना कैसे पूरा होगा। इधर, राजस्थान पत्रिका में प्रदेश के 50 हजार बेरोजगारों का दर्द सामने आने के बाद कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस साल होने वाली भर्तियों का कलैण्डर जारी कर दिया है। अब बेरोजगारों की निगाहें राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से होने वाली परीक्षाओं के कलैण्डर पर टिकी हुई है। बेरोजगारों का कहना है कि सरकार के कलैण्डर जारी करने से भले ही भर्तियों की राह खुल गई है। गौरतलब है कि पिछली सरकार के समय भर्तियों की उलझनों को देखते हुए कॉमन परीक्षा का फॉर्मला लाया गया था। सरकार ने उस समय हर साल सीईटी कराने का भी दावा किया था।

बेरोजगारों का दर्द: नई सीईटी नहीं तो कैसे मिलेगी नौकरी

केस एक: हर साल परीक्षा के आयोजन का था दावा
सीकर निवासी बेरोजगार राजेश कुमार ने बताया कि पिछले साल बारहवीं बोर्ड परीक्षा की वजह से वह सीईटी में शामिल नहीं हो सके। इस साल सभी भी कई भर्ती सीईटी के जरिए होंगे। उनकी पीड़ा है कि यदि सीईटी इन परीक्षाओं से पहले नहीं हुई तो फिर कैसे नौकरी का सपना पूरा होगा। जबकि सरकार ने हर साल कॉमन पात्रता परीक्षा कराने का दावा किया था।

केस दो: महीनों से इंतजार, कब होगी परीक्षा
कोटा निवासी बेरोजगार सुनील ने बताया कि पिछले साल सीईटी की तैयारी बेहतर नहीं होने की वजह से सफल नहीं हो सके। उनका कहना है कि अब कई महीनों से तैयारी में जुटे है। पिछली सरकार के समय बेरोजगारों ने काफी मांग की थी, लेकिन मामला आचार संहिता में उलझ गया था। अब नई सरकार की ओर से सीईटी को लेकर भी घोषणा नहीं की है।

पत्रिका नॉलेज: प्री परीक्षा की तर्ज पर हुई कॉमन परीक्षा, चयन के लिए दूसरी परीक्षा
समान परीक्षा के दायरे में आने वाले पदों की भर्ती की विज्ञप्ति संबंधित परीक्षा एजेन्सी की ओर से जारी की जाती है। ऐसे में सीईटी फिलहाल प्री परीक्षा के रूप में शामिल किया गया है। जबकि मुख्य परीक्षा के लिए अलग से परीक्षाएं होगी। सीईटी के जरिए विभागों में भर्तियों की कवायद इस साल पूरी होनी है।

ग्रेजुएट सीइटी से यह नौकरी:
जिलेदार, जूनियर एकाउंटेंट, टीआरए, टेक्स असिस्टेंट, डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज ऑफिसर, मैनेजर इंडस्ट्रीयल एस्टेट, इंडस्ट्रीज इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर, कॉर्डिनेंटर ट्रेनिंग, कॉर्डिनेंटर सुपरवाइजर, डिप्टी जेलर, असिस्टेंट जेलर, पटवारी, विलेज डवलपमेंट ऑफिसर, हॉस्टल सुपरिडेंट ग्रेड द्वितीय का पद शामिल है।

सीनियर सेकेंडरी के लिए यह नौकरी
लेबोरेटरी इंचार्ज, फोरेस्टर, हॉस्टल सुपरिडेंट, क्लर्क ग्रेड द्वितीय (आरपीएससी व सचिवालय), जूनियर असिसटेंट, पंचायत राज में एलडीसी, जमादार ग्रेड द्वितीय का पद शामिल है।

लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जिले की नई टीम बनाई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की सहमति से जिलाध्यक्ष पवन मोदी ने गुरुवार को जिला कार्यकारिणी में जिला पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। नई टीम में युवाओं के साथ संगठन में लंबे अनुभव वालों को भी जगह दी गई है। जिलाध्यक्ष मोदी ने जिला उपाध्यक्ष के पद पर आठ, जिला महामंत्री के पद पर तीन व जिला मंत्री के पद पर नौ कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की है। जिलाध्यक्ष पवन मोदी ने बताया कि जिला उपाध्यक्ष के पद पर गोविंदराम सैनी, पूर्णमल गुर्जर, बाबूसिंह बाजौर, ऋतु पुजारी, बाबूलाल गुर्जर, सुरेश शर्मा, भागीरथ गोदारा व रामावतार बड़सरा की नियुक्ति की है। जिला महामंत्री के पद पर संजय सैनी, भंवरलाल वर्मा व डॉ. बलवंत सिंह चिराणा की नियुक्ति की है। जिला मंत्री के पद पर ओमप्रकाश बिजारणियां, जगदीश कुमावत, बरफीदेवी, रामसिंह पिपराली, राजेंद्र सिंह धीरजपुरा, सुमन वर्मा, गंगासहाय यादव, सुशीला हुड्डा व गोपाल लाटा की नियुक्ति की गई है।

अनुभव व यूथ का समन्वय...

भंवरलाल वर्मा पांचवीं बार महामंत्री, संजय सैनी युवा
भाजपा की नई कार्यकारिणी में सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ता भंवरलाल वर्मा है। वह 2009 में महेश शर्मा से लेकर हरिराम रणवा के साथ दो बार जिला मंत्री रह चुके है। वहीं यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के साथ एक बार और 2019 से लेकर 2023 तक इंदिरा चौधरी के साथ चार कार्यकाल पूरे करते हुए पांचवीं बार पवन मोदी ने भंवरलाल वर्मा को जिम्मेदारी दी है। वहीं युवा के तौर पर संजय सैनी को जगह मिली है। वह भाजयुमो में डॉ. कमल सिखवाल टीम में भी शामिल रह चुके है।

बड़ी सभाओं का जिम्मा, अब जिला मंत्री
शेखावाटी में भाजपा की कई बड़ी सभाओं की व्यवस्थाओं का जिम्मा संभाल चुके ओमप्रकाश बिजारणियां को भी जिला मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले वह जिला संयोजक युवा मोर्चा ,पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य युवा मोर्चा, संगठन प्रभारी झुंझुनू व नागौर देहात सहित कई कार्यक्रमों में संयोजक की जिम्मेदारी संभाल चुके है।

कई गुट दूर, चुनाव के हिसाब से टीम
जिलाध्यक्ष की नई टीम में दो वरिष्ठ नेताओं के नजदीकी लोगों को सबसे ज्यादा जगह मिली है। वहीं एक गुट को पूरी तरह दूर कर दिया गया। लोकसभा सहित आगामी चुनावों को देखते हुए जातिगत समीकरण भी बनाए गए है।

जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी समिति की बैठक गुरुवार को जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक में जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण तथा इसमें अध्यनरत विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन जारी की है। बैठक में जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने शहर की सभी कोचिंग संस्थानों प्रतिनिधियों को प्रत्येक विद्यार्थी का पूरा डाटा रखने के निर्देश दिए। कलक्टर ने कहा कि संस्थान को यह भी पता होना चाहिए कि विद्यार्थी कहां रह रहा है उसके रिजल्ट डाउन होने का क्या कारण है। सभी कोचिंग यह डाटा जिला प्रशासन के साथ साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान अपने सभी कार्मिकों और टीचर्स की गेटकीपर ट्रेनिंग कराने होगी। उन्होंने कोचिंग संस्थानों को उनके यहां कार्यरत मनोवैज्ञानिक काउंसलर्स की संख्या और काउंसलिंग का रिकॉर्ड साझा करने की बात कही। उन्होंने संयुक्त निदेशक डीओआईटी को ऐसा पोर्टल विकसित करने के लिए निर्देशित किया जहां विद्यार्थी एग्जिट रिफंड का एप्लीकेशन भरने के साथ ही शिकायत दर्ज कर सके साथ ही वहीं पर पीएचक्यू 9 फार्मूले से मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग पूरी कर सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान यह तय करेगा की हफ्ते में एक दिन की छुट्टी विद्यार्थियों को दी जाएगी तथा छुट्टी के अगले दिन कोई परीक्षा या टेस्ट नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का रिजल्ट आने के बाद कोई भी कोचिंग संस्थान विजय जुलूस नहीं निकलेगा, ऐसा करने पर संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कोचिंग में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की विशेष काउंसलिंग करवाकर इस संबंध में उनके परिजनों को आवश्यक रूप से सूचना देनी होगी। इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि कोचिंग संस्थान अपने विद्यार्थियों के वैलनेस के लिए आगे आकर वैलनेस सेंटर स्थापित करें। बैठक में सीकर पुलिस अधीक्षक अनिल परिस देशमुख, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर हेमराज परिडवाल, उपखण्ड अधिकारी सीकर जय कौशिक, एसडीएम नेछवा अभिमन्यू सिंह, सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार विभाग इंदिरा शर्मा, सीएमएचओ डॉ. निर्मल सिंह,जिला साक्षरता अधिकारी राकेश लाटा, डीटीओ ताराचंद बंजारा, सीपीओ अरविन्द सामौर,सीओ सीकर ग्रामीण नरेन्द्र कुमार,विभागाध्यक्ष मनोचिकित्सा डॉ.महेश कुमार, वरिष्ठ विशेषज्ञ मनो चिकित्सक डॉ. रामचन्द्र लाम्बा सहित निगरानी समिति के सदस्य व शहर की कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नेक्सा एवरग्रीन घोटाले की रकम लगातार बढ़ती जा रही है। मामले में अब झुंझुनूं के उदयपुरवाटी निवासी आईटीबीपी के जवान ने कंपनी संचालकों के खिलाफ दो करोड़ की ठगी का मामला उद्योग नगर थाने में दर्ज कराया है। जिसमें जवान मुकेश कुमार पुत्र श्रीराम सैनी ने अपने साथी जवानों व परिजनों द्वारा ये राशि कंपनी में निवेश करने का जिक्र किया है।

आर्मी व पुलिस अधिकारी के नाम पर दिया झांसा
हाल राधाकिशनपुरा निवासी मुकेश ने रिपोर्ट में बताया कि वह आईटीबीपी में नियुक्त है। उसके जयपुर निवासी सेवानिवृत साथी दातार सिंह ने उसे एक्स आर्मी के लोगों द्वारा नेक्सा एवरग्रीन कंपनी के संचालन व निवेश पर अच्छा फायदा होने के बारे में बताया। कंपनी को भारत सरकार के धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का पार्टनर भी बताया। इसके बाद रणबीर व सुभाष बिजारणिया, सुदेश मिल, अमरचंद ढाका, बीरबल तेतरवाल, गोपाल दूधवाला, अनिल भारत, सलीम, समीर नियाज, सुमन डोरवाल, नरेश काजला, डा. विनोद, विद्याधर फौजी, मदन गढ़वाल से मुलाकात होने पर उन्होंने इसे आर्मी वालो की कंपनी बताया। मदन गढ़वाल ने खुद को रानोली थाने का पुलिस अधिकारी बताया। इसके बाद कैप्टन रूगाराम व महेंद्र भीचर ने भी कंपनी के बारे में बताते हुए 50 हजार के निवेश पर 14 महीने में 80 हजार का रिटर्न मिलने का झांसा दिया। इस पर उसने अपने परिजनों व साथियों सहित कुल दो करोड़ रुपए कंपनी में निवेश कर दिए। जो उन्हें अब तक नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में बताया कि कुछ महीनो से नरेश काजला, मदन गढ़वाल व महेंद्र गु्रप पर वीडियो भेज रुपए देने की बात भी कहते रहे, लेकिन अब तक उन्हें उनकी राशि नहीं मिली है। लिहाजा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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