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Students Create World Record By Doing Surya Namaskar : जयपुर 15 फरवरी सूर्य सप्तमी के अवसर पर राजस्थान के सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में गुरुवार को आयोजित सूर्य नमस्कार के सामूहिक अभ्यास कार्यक्रम में विद्यार्थियों सहित 1.33 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी भागीदारी निभाते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस विश्व रिकॉर्ड को World बुक ऑफ रिकॉड्र्स, लंदन के राजस्थान एडिशन द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस विशिष्ट उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे सफल बनाने में सहभागिता निभाने वाले प्रदेश की स्कूलों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, संस्था प्रधानों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों का आभार जताया है।

उन्होंने इस आयोजन के सुव्यवस्थित प्रबंधन में सजगता और जिम्मेदारी से भूमिका निभाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की है। शिक्षा मंत्री को वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन के वाइस प्रेसिडेंट (राजस्थान) प्रथम भल्ला ने इस विश्व रिकॉर्ड का प्रोविजनल सर्टिफिकेट गुरुवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में भेंट किया।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक अविचल चतुर्वेदी, स्कूल शिक्षा विभाग की विशिष्ट शासन सचिव चित्रा गुप्ता, माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी और उप निदेशक शाला दर्पण तूलिका गर्ग सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि पूरे प्रदेश के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में गुरुवार को प्रात: 10.30 बजे से 11 बजे की अवधि में एक ही समय पर एक साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया गया। इसमें 88 हजार 974 स्कूलों के एक करोड़ 14 लाख 69 हजार 914 विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। वहीं विद्यार्थियों सहित कुल एक करोड़ 33 लाख 50 हजार 889 लोग इन आयोजनों में शामिल हुए।

विद्यार्थियों के अलावा शिक्षा विभाग के कार्मिक, जन प्रतिनिधि, अभिभावक, अधिकारीगण और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसमें भागीदारी की। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 66 हजार 990 सरकारी स्कूलों में 64 लाख 30 हजार 277 तथा 21 हजार 984 गैर सरकारी स्कूलों के 50 लाख 39 हजार 637 विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों सहित 77 लाख 63 हजार 374 तथा गैर सरकारी स्कूलों में 55 लाख 87 हजार 515 लोग इन आयोजनों में शामिल हुए।

जयपुर। राजस्थान आज ओपन स्टेट स्कूल मामले में अन्य राज्यों से बेहतर है। बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एजुकेट गर्ल्स ने विगत वर्षों में राजस्थान में काफी बेहतरीन से काम किया है। एजुकेट गर्ल्स के सीईओ महर्षि वैष्णव ने बताया कि पिछले 16 हम कई जिलों में काम कर रहे है। इसमें पाली, सिरोही, जालोर, बूंदी, अजमेर, झालावाड़, बांसवाड़ा जिले शामिल हैं। इसमें दो प्रोग्राम्स संचालित किए जाते हैं, एक राइट टू एजुकेशन के तहत 8-14 वर्षों की स्कूल से वंचित बालिकाओं की पहचान कर के उन्हें शिक्षा से जोड़ने को प्रेरित करते है। अभी 2021 में हमने प्रगति प्रोजेक्ट शुरू किया है जहां 14-29 आयु की किशोरियाँ और युवा महिलाओं को ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से शिक्षा का दूसरा मौका दिया जाता है। हम राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल प्रणाली से इन किशोरियों को 10 वीं कक्षा की परीक्षा देने के लिए सहायता करते है। फिलहाल प्रगति प्रोजेक्ट राजस्थान के 9 जिलों में चल रहा है।

बच्चों के पेरेंट्स को मनाना, उनका स्कूल में एडमिशन करवाना, स्कूल के हेड मास्टर और टीचर्स से उन्हें मिलवाना, जनरल मैथमेटिक्स सिखाना और बड़ी बच्चियों को लाइफ स्किल्स सीखना आदि हमारी संस्था का हिस्सा बन गया है।

जयपुर। राजस्थान में 1000 किमी के स्टेट हाईवे का निर्माण किया जाएगा। लगभग 2000 करोड़ की लागत से अगले 3 साल में यह कार्य किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। प्रदेश में मजबूत सड़क तंत्र स्थापित करने की दिशा में यह 1000 किमी के स्टेट हाईवे मील का पत्थर साबित होंगे।

इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों/कस्बों की सीधी कनेक्टिविटी बडे़ बाजारों एवं एक्सप्रेस वे तक होगी। इससे प्रदेश के दूर-दराज के लोगों को बेहतर शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। ़

28 फरवरी से 08 मार्च तक दौरे पर रहेगा विश्व बैंक मिशन
अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बताया कि उक्त परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए विश्व बैंक मिशन 28 फरवरी से 08 मार्च तक प्रदेश के दौरे पर रहेगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान स्टेट हाईवे ऑथरिटी के माध्यम से इन सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आगामी 3 वर्ष में यह कार्य पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।

जयपुर। इस दुनिया में सिर्फ माता—पिता और गुरू ही है, जो बच्चों से हारना चाहते है। माता—पिता चाहते है कि उनका बच्चा उनसे भी ज्यादा आगे बढ़े। गुरू चाहते है कि उनका बच्चा पढ़ लिखकर दुनियाभर में नाम रोशन करे। इसके अलावा पूरी दुनिया में सभी आपको हराना चाहते है। यह बात गुरुवार को हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कही। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन 2024 के दौरान आचार्य ने कहा कि हमारा भारत पहले भी विश्वगुरू था और आज भी है। एक भारत ही है जहां सदियों से गुरूकुल की परंपरा रही है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि टाटा मोटर्स के पूर्व सीईओ और उपाध्यक्ष रवि कांत रहे।

इस अवसर पर निदेशक डॉ प्रभात पंकज ने सम्मेलन में दुनिया भर से 2000 से अधिक व्यक्तियों की भागीदारी और 150 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत करने पर प्रकाश डाला। इनमें से 40 से अधिक पेपर ब्लूम्सबरी पब्लिशर द्वारा इंडिया एसेंडिंग: द राइज ऑफ ए ग्लोबल प्लेयर नामक संपादित पुस्तक में प्रकाशित हुए थे। सम्मेलन में एक सार और सम्मेलन स्मारिका का अनावरण किया गया।

सत्र में फोर्ब्स 30 अंडर 30 और आकिब वानी डिज़ाइन्स के संस्थापक और कला निर्देशक आकिब वानी ने छात्रों से अपने जुनून को आगे बढ़ाने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि यह कैसे उनके अनुभवों, धारणाओं और दुनिया के साथ बातचीत को आकार देता है। स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने यूथ अचीवर सत्र में मंच संभाला और छात्रों को हंसी और लचीलेपन को अपनाने और आत्मविश्वास से जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया। पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

जयपुर। भजनलाल सरकार की ओर से मंगलवार को 33 आईएएस अधिकारियों के तबादले की जाने के बाद गुरुवार को भी 11 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसके अलावा 4 जिलों के कलक्टर भी बदले गए हैं। कार्मिक विभाग ने तबादला सूची जारी की है। वहीं 13 फरवरी को जारी हुई तबादला सूची में सुषमा अरोड़ा और इंद्रजीत सिंह का भी नाम था अब दो दिन बाद फिर से इनका तबादला किया गया है।

13 फरवरी को जारी हुई तबादला सूची में सुषमा अरोड़ा को रीको का प्रबंध निदेशक लगाया गया था लेकिन अब उन्हें सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक लगाया गया है। इसी तरह से इंद्रजीत सिंह को पहले आवासन मंडल का आयुक्त बनाया गया था लेकिन अब उन्हें आयुक्त विशिष्ट सचिव राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड लगाया गया है। हालांकि उनके पास आवासन मंडल का अतिरिक्त कार्यभार भी रहेगा। वहीं तबादला सूची में जिन जिन जिलों के ककक्टर बदले गए हैं उनमें नीमकाथाना, खैरथल-तिजारा, डीग और दूदू है।

इन अधिकारियों के हुए तबादले
-सुषमा अरोड़ा----- प्रबंध निदेशक सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड

-इंद्रजीत सिंह----- आयुक्त एवं विशिष्ट सचिव सूचना प्रौद्योगिकी, राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड

-नकाते शिवप्रसाद मदन------ प्रबंध निदेशक रीको एवं आयुक्त दिल्ली मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर

-निक्य गोहैन--------- संयुक्त शासन सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग

-इकबाल खान- आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय


-श्रुति भारद्वाज------कलक्टर डीग

-संचिता विश्नोई-------- सचिव राज्य निर्वाचन आयोग

---नारायण सिंह--------- प्रबंध निदेशक राजफैड

- हनुमान मल ढाका----------कलक्टर दूदू

-शरद मेहरा------------ कलक्टर नीमकाथाना

- अर्तिका शुक्ला------------- कलक्टर खैरथल- तिजारा

वीडियो देखेंः- फारूक अब्दुल्ला ने NDA में शामिल होने के दिए संकेत!

 

जयपुर. लोगों की समस्या सुनने के लिए बनाई गई पुलिस जवाबदेही समिति में रोक के बावजूद गत कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक क्षेत्र के लोगों को सदस्य बना दिया था। ये सदस्य कांग्रेस के ही नेता थे। भजनलाल सरकार के समय समिति की पहली बैठक बुलाई गई, तो यह मामला सामने आया। पुलिस ने जब समिति के प्रावधान से अवगत कराया तो सरकार ने राजनीति से जुड़े तीन सदस्यों को हटा दिया। अब सरकार नए सदस्य नियुक्त करेगी, जिसके बाद ही बैठक बुलाई जाएगी।

इस समिति का गठन कांग्रेस सरकार ने अक्टूबर 2022 में किया था। इसमें अध्यक्ष जस्टिस एचआर कुड़ी को बनाया गया। साथ ही पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल, सुनीता भाटी व अजीज दर्द व एडीजी (कानून व्यवस्था) को सदस्य बनाया गया। नई सरकार बनने के बाद अध्यक्ष ने समिति की 26 फरवरी को बैठक बुलाई।

इस सूचना के बाद समिति की संरचना को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सरकार को पत्र लिखा। उसमें लिखा कि नियमानुसार समिति का सदस्य राजनीतिक पृष्ठभूमि का नहीं हो सकता। जबकि गोपाराम पूर्व विधायक हैं, सुनीता भाटी दोनों प्रमुख पार्टियों से जुड़ी रही हैं तथा अजीत दर्द पाली कांग्रेस अध्यक्ष हैं। पुलिस मुख्यालय ने यह भी राय मांगी की पूर्व में गठित समिति को यथावत रखा जाए या नई समिति की अपेक्षा की जाए। इस पर सरकार ने तत्काल राजनीतिक सदस्यों को समिति से हटा दिया है। इसके आदेश गृह विभाग ने जारी किए।

इसलिए बनाई जाती है समिति: जवाबदेही समिति गुड गर्वनेंस के लिए बनाई जाती है। पुलिस की कार्यशैली और ज्यादतियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उसी याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सरकारों को जवाबदेही कमेटियां बनाने के निर्देश दिए थे।

11 IAS Officers Transferred In Rajasthan : राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्च में नई सरकार बनने के बाद राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों को इधर से उधर करने का दौर जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को सरकार ने एक और ट्रांसफर लिस्ट जारी करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस नई लिस्ट में 4 जिलों के कलक्टर भी बदले गए हैं, जबकि एक अधिकारी को अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया है।

कार्मिक विभाग की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार इंद्रजीत सिंह को आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल, जयपुर के पद से तबादला करते हुए आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग एवं प्रबंध निदेशक राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड, जयपुर के पद पर भेजा गया है। सिंह को आयुक्त, राजस्थान आवासन मंडल, जयपुर का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।

इन अधिकारियों का किया तबादला
-सुषमा अरोड़ा : प्रबंध निदेशक राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड, जयपुर

-नकाते शिवप्रसाद मदन : प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम (रीको) एवं आयुक्त दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरीडोर जयपुर

-इंद्रजीत सिंह : आयुक्त एवं विशिष्ट शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग एवं प्रबंध निदेशक राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड, जयपुर

-निक्य गौहेन : संयुक्त शासन सचिव प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय जन अभियोग निराकरण, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग, जयपुर

-इकबाल खान : आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय, जयपुर

-संचिता विश्नोई : सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, जयपुर

-नारायण सिंह : प्रबंध निदेशक, राजफैड जयपुर

इन जिलों के कलक्टर को बदला
-श्रुति भारद्वाज : जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, डीग

-हनुमान मल ढाका : जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, दूदू

-शरद मेहरा : जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, नीमकाथाना

-अर्तिका शुक्ला : जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, खैरथल-तिजारा

जयपुर। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की कुल संपत्ति में 5 साल में 73 लाख रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्यसभा चुनाव के नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र से इसका खुलासा हुआ है। वर्तमान में उनकी कुल संपत्ति 12.53 करोड़ रुपए है, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव के शपथ पत्र के मुताबिक उनकी संपत्ति 11.80 करोड़ रुपए थी। सोनिया गांधी के पास 88 किलो चांदी और 1267 ग्राम सोना है। हालांकि उनके पास कोई भी दुपहिया और चौपहिया वाहन नहीं है।

दिल्ली में तीन बीघा जमीन
सोनिया गांधी के पास दिल्ली के डेरामांडी गांव में तीन बीघा जमीन भी है, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।

पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी
शपथ पत्र के मुताबिक सोनिया गांधी की इटली में अपने पिता की पैतृक संपत्ति में भी हिस्सेदारी है। उनकी पैतृक संपत्ति इटली के लुसियाना में है, जिसकी कीमत 26 लाख 83 हजार 594 रुपए है। उन्होंने अपनी आय का स्रोत बतौर सांसद मिलने वाला वेतन और किताबों से मिलने वाली रायल्टी को बताया हैं। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से भी रॉयल्टी के तौर पर आय होती है।

केस भी लंबित
वहीं शपथ पत्र में सोनिया गांधी ने अपने ऊपर दर्ज एक केस का भी उल्लेख किया है। जिसमें भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रह्मणयम स्वामी की याचिका पर नेशनल हेराल्ड शेयर होल्डर्स मामले में धोखधडी को लेकर दर्ज हुआ था। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में धारा 420, 120बी, 403,406 के तहत ये केस फिलहाल लंबित है।

पांच सालों में वार्षिक आय
पिछले पांच सालों में सोनिया गांधी की आय में लगातार इजाफा हुआ है। साल 2018-19 में उनकी वार्षिक आय 10.23, साल 2019-20 में 10.57 लाख, साल 2020-21 में 9.90, साल 2021-22 में 10.68 और साल 2022-23 में 16.69 लाख रुपए है।

वीडियो देखेंः- केंद्र सरकार के लिए बोली Ashok Gehlot ने ये बड़ी बात ! | Rajasthan Patrika

जयपुर। अब आपको अपना 15 अंकों का बैंक का खाता नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय आपका नाम ही आपका खाता संख्या होगा। यह कहना है इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव का। उन्होंने गुरुवार को इंडियन ओवरसीज बैंक की जगतपुरा और मानसरोवर शाखा के उद्घाटन कार्यक्रम में मेरा नाम मेरा खाता के बारें में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज से समय में बैंकिग सेक्टर बहुत मजबूत दिशा में काम कर रहा है। आज भारत में बैंकिंग सेक्टर कई दूसरे देशों की तुलना में बहुत बेहतर है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा रहे। इस अवसर पर बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित अनु ने बताया कि बैंक की जयपुर में यह 14 वीं और राजस्थान की यह 69 वीं शाखा है। यहां सभी प्रकार की बैंकिंग कार्य किए जाएंगे। शाखा में बहुत ही आकर्षक जमा योजनाएं और लोकर सुविधा भी उपलब्ध है। अब घर बैठे किसी भी शाखा में लॉकर ले सकते है।

सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को सोचना होगा कि सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। यह दिनचर्या को बेहतर बनाने का एक तरीका है। यह बात पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के सचिव प्रताप भानू सिंह शेखावत ने गुरुवार को राजस्थान नर्सिंग कौंसिल की ओर से सूर्य सप्तमी के मौके पर जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय सूर्य नमस्कार के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही।


उन्होनें कहा कि यदि सूर्य 18 घंटे के लिए अपना कार्य करना बंद कर दे तो पूरी पृथ्वी एक बर्फ के गोले में बदल सकती है। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर प्रांत के सह संघ चालक हेमंत सेठिया ने नर्सिंग विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन के दम पर आगे बढ़ने की सीख दी। इस अवसर पर नर्सिंग विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार को नियमित दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प भी दिलाया गया। आयोजक राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ.शशिकांत शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह में 2500 और प्रदेश भर में हुए आयोजनों में करीब 60 हजार नर्सेज ने भाग लिया। कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर हिन्दू जागरण प्रशिक्षण शिविर के क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रभारी सुभाष शर्मा, समाज सेवी एवं हिन्दू जागरण कार्यकर्ता श्रवण सिंह राठौड़, अनूप नांगल सहित अन्य नर्सेज पदाधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में राजस्थान नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पुरूषोत्तम कुम्भज, ग्लोबल फाउण्डेशन के ओमप्रकाश स्वामी, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रिसिंपल मदन मोहन मीणा आदि मौजूद रहे। न नर्सेज एसोसिएशन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों को लेकर उनका उद्देश्य स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करना है। शेखावत ने कहा कि स्वस्थ राष्ट्र ही विकसित भारत का सपना साकार कर सकता है।

सेठी कॉलोनी स्थित किशोर गृह से कटर मशीन से लोहे की खिड़की काटकर भागे बालअपचारियों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के शूटर का गुरुवार रात तक सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने वारदात के बाद से गुरुवार रात तक 10 बालअपचारियों को जयपुर शहर व इसके आस-पास से पकड़ लिया। जबकि शूटर बालअपचारी के साथ 13 बालअपचारियों की और तलाश है। इनकी तलाश में जयपुर कमिश्नरेट की 6 पुलिस टीम लगी हैं। वहीं कमिश्नरेट पुलिस के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व पुलिस मुख्यालय की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) भी शूटर बालअपचारी की तलाश में लगी है। पुलिस को शूटर बालअपचारी के संबंध में कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। जबकि पकड़े गए बालअपचारियों में एक 13 वर्षीय है, जिसने लूट के लिए ब्लेड से एक युवक का गला काटकर हत्या कर दी थी। जबकि दूसरे बालअपचारी ने कहासुनी होने पर एक युवक की हत्या कर दी थी। दोनों हत्या के मामले में निरूद्ध किए गए थे, जो अन्य बालअपचारियों के साथ भाग गए थे।

गंभीर वारदात को अंजाम देने की आशंका

किशोर गृह से 15 बालअपचारी पहले भी भागे थे, जिनमें सभी को पकडऩा बताया गया है। लेकिन तब भागने वाले बालअपचारियों में अधिकांश चोरी के मामले में पकड़े गए थे और किशोर गृह से भागने के बाद कई चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया था। पुलिस को आशंका है कि अभी भागने वालों में चोरी, डकैती, फायरिंग व बलात्कार के आरोपी है और ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। भागने वाले 13 बालअपचारियों में चोरी की वारदात करने वाले भी हैं।

अभी तक 10 बालअपचारी पकड़े गए हैं। जल्द ही भागे हुए 13 बालअपचारियों को पकड़ लिया जाएगा। इनकी तलाश में कई पुलिस टीम लगी हैं।

ज्ञानचंद यादव, डीसीपी ईस्ट

आजादी के बाद भारतीय रेल ने काफी तरक्की की है। आज हमारी रेल कई खूबसूरत जगहों से गुजरती है। अक्सर लोग ऐसे ही रेल मार्गों के वीडियोज और फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं जो वायरल होते रहते हैं। ऐसा की एक वीडियो केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwani Vaishnav) ने शेयर किया है। वैष्णव सोशल मीडिया पर भारत भर की ट्रेनों और स्टेशनों की आकर्षक तस्वीरें और वीडियो साझा करके रेलवे की प्रगति के बारे में अपने फॉलोवर्स को अपडेट करते हैं।

उन्होंने राजस्थान में सांभर झील के पास से गुजरती एक ट्रेन का अद्भुत ओवरहेड वीडियो एक्स पर साझा किया है। इस वीडियो को नेटिजन्स काफी पसंद कर रहे हैं। वैष्णव ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय नमक झील पर सुंदर रेल यात्रा।" शेयर किए जाने के बाद से वीडियो को 10,000 से अधिक लाइक और 174,000 से अधिक बार देखा जा चुका है।

कुछ लोगों ने कमेंट करते हुए वीडियो को मंत्रमुग्ध करने वाला बताया, जबकि अन्य लोगों ने इसे प्यारा बताया। एक यूजर ने लिखा. "खूबसूरत! पहले हम ऐसे दृश्य और वीडियो केवल यूरोप में देखते थे! अब अपने देश में होने पर गर्व है!" एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "सुरम्य और शांत!" एक तीसरे व्यक्ति ने कमेंट किया, "घूमने के लिए उत्कृष्ट स्थान।"

उल्लेखनीय है पूर्व-मध्य राजस्थान में स्थित, सांभर साल्ट लेक (Sambhar Salt Lake) भारत की सबसे बड़ी नमक झील है। उन लोगों के लिए एक छिपा हुआ खजाना जो बाहर घूमना पसंद करते हैं। झील का तल, जो गर्मियों में सूखा रहता है, अक्सर नमक की चादर से ढका रहता है, जो दूर से बर्फ जैसा दिखता है। इस झील में चार नदियां आकर गिरती हैं। यहां नमक का बड़े पैमाने पर किया जाता है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को ओटीएस स्थित मुख्यमंत्री निवास से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा जयपुर सहित सात संभागों से अयोध्या जाने वाली रोडवेज बसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिदर की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर राज्य सरकार ने यह घोषणा की थी कि अयोध्या के लिए हवाई सेवा तथा राज्य के सात संभागों से बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। इसी क्रम में अयोध्या के लिए हवाई सेवा शुरू किए जाने के बाद आज जयपुर सहित सात संभागों से अयोध्या के लिए बस सेवा भी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम हमारे रोम-रोम में बसते हैं तथा वे करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। आज अयोध्या दुनिया का बड़ा सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश से अयोध्याधाम जाने वाले सभी यात्रियों का पंजीकरण किया जाए तथा यात्रियों के लिए सभी माकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी नियुक्त करें, जिससे दर्शनार्थियों को किसी भी तरह की समस्या ना हो। शर्मा ने विधिवत मंत्रोच्चार और पूजन के बाद अयोध्याधाम जाने वाली बसों को रवाना किया। उन्होंने सभी यात्रियों को गंगाजल, सुंदरकांड, रामरक्षा स्रोत सहित खाद्य सामग्री के किट वितरित किए और तिलक लगाकर यात्रियों को मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद सी.पी. जोशी, विधायक कालीचरण सराफ, बालमुकुन्दाचार्य, जितेन्द्र गोठवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन श्रेया गुहा, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम नथमल डिडेल सहित विभागीय अधिकारीगण तथा आमजन उपस्थित थे।

weather update : फरवरी के पहले पखवाड़े में कड़ाके की सर्दी की जद में आए प्रदेश के लोगों को अब राहत मिलने लगी है। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी तीन-चार दिन मौसम शुष्क रहने की संंभावना जताई है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 19 फरवरी - 20 फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के आस-पास एक परिसंचरण तंत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19-20 फरवरी को उत्तर-पश्चिमी व उत्तरी राजस्थान में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

माउंट आबू में रहा सबसे कम तापमान



मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान माउंट आबू में रहा। यहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान 2ण्5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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जानें जयपुर का आज कैसा रहेगा मौसम



जयपुर में आज शुक्रवार को मौसम बेहद गरम है। सुबह 7 बजे जयपुर का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वैसे जयपुर का आज 16 फरवरी को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

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Rajasthan Latest Updates: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विकसित भारत विकसित राजस्थान' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान पीएएम 17 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री राजस्थान में 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। दिल्ली-मुंबई ग्रीन फील्ड अलाइनमेंट (एनई-4) के तीन पैकेजों बौंली-झालाई रोड से मुई विलेज सेक्शन,हरदेवगंज गांव से मेज नदी सेक्शन और तकली से राजस्थान,मध्य प्रदेश सीमा तक के सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री काया गांव में एनएच-48 के दक्षिणपुर-शामलाजी सेक्शन के साथ देबारी में एनएच-48 के चित्तौड़गढ़-उदयपुर राजमार्ग खंड को जोड़ने वाले 6-लेन ग्रीनफील्ड उदयपुर बाइपास का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे जो झुंझुनू, आबू रोड और टोंक जिलों में सड़क आधारभूत अवसंरचना में सुधार करेंगी।

पीएम रेल से जुड़ी 2300 करोड़ रुपए की राजस्थान की आठ रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें जोधपुर-राय का बाग-मेड़ता रोड-बीकानेर सेक्शन (277 किलोमीटर), जोधपुर-फलोदी सेक्शन (136 किमी) और बीकानेर-रतनगढ़-सादुलपुर-रेवाड़ी सेक्शन (375 किमी) सहित रेल मार्गों के विद्युतीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री जयपुर स्थित 'खातीपुरा रेलवे स्टेशन' का भी उद्घाटन करेंगे। इस रेलवे स्टेशन को जयपुर के लिए एक सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है और यह 'टर्मिनल सुविधा' से लैस है जहां ट्रेनें शुरू और समाप्त हो सकती हैं।

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पीएम नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 5300 करोड़, 2100 करोड़ रुपए से अधिक की विद्युत ट्रांसमिशन, प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत 2400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे।

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Khatipura Railway Station Inauguration : इंतजार खत्म। खातीपुरा सैटेलाइट स्टेशन से अब एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और मेल ट्रेनें संचालित होंगी। साफ तौर पर यहां से टर्मिनल स्टेशन की तरह रेल यातायात शुरू हो सकेगा। इससे स्टेशन के आसपास आबादी को राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को विकसित राजस्थान कार्यक्रम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये खातीपुरा सैटेलाइट स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही यहां वंदेभारत समेत अन्य ट्रेनों के कोचों के रखरखाव के लिए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे। इस सुविधा के शुरू होने के बाद खातीपुरा से संचालित होने वाली ट्रेनों को मेंटीनेंस के लिए राजस्थान के जयपुर जंक्शन नहीं जाना पडे़गा। उनका यहीं पर मेंटीनेंस हो जाएगा।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा



जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बढ़ रहे भार को कम करने के लिए रेलवे ने 187.39 करोड़ खर्च कर खातीपुरा स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन बनाया है। गत वर्ष फरवरी के अंत में स्टेशन तैयार हो गया था। यहां रिजर्वेशन विंडो भी शुरू कर दी गई थी लेकिन जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया था, वो पूरा नहीं हुआ। इसको टर्मिनल स्टेशन बनाने के लिए राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। यहां तेज गति में दौड़ने वाली ट्रेनों के ठहराव, ट्रेनों का संचालन शुरू होने से जंक्शन का भार घट जाएगा।

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खातीपुरा स्टेशन पर विकसित हुईं ये सुविधाएं



खातीपुरा स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 2 से बढ़कर 4 हो गए हैं। लाइनें भी आठ हो गईं और सभी विद्युतीकृत हैं। भव्य इमारत बनाई गई है। उसे हैरिटेज लुक दिया गया है। यहां दो घुमटी भी बनाई गई है। उसमें लाल पत्थर का उपयोग किया गया है। फुटओवर ब्रिज, पार्किंग एरिया, एस्केलेटर, बड़ा वेटिंग एरिया, नया टिकट घर व आरक्षण घर, कार्यालय समेत कई अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

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rajasthan politics : लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले दलबदल की राजनीति फिर से जोर पकड़ती नजर आ रही है। अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे दो कांग्रेसी नेता भाजपा के सम्पर्क में है और जल्द ही दोनों शामिल हो सकते हैं। दोनों में से एक बांसवाड़ा जिले की विधानसभा सीट से वर्तमान में विधायक भी हैं। वहीं, दूसरे नेता किसान समुदाय से आते हैं और जयपुर संभाग से चुनाव लड़ते आए हैं। इस बार उन्होंने विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। इन नेताओं की विधानसभा चुनाव के समय भी भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि दोनों नेता भाजपा में शामिल होते हैं तो एक को बांसवाड़ा-डूंगरपुर से और एक को जयपुर संभाग की किसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है।

 

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उधर, सूत्रों के अनुसार कांग्रेस विधायक महेन्द्र जीत सिंह मालवीय की गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के कारणों का तो पता नहीं चल सका, लेकिन सियासी हलकों में इसकी काफी चर्चा रही। इस मुलाकात के संबंध में विधायक मालवीय को पत्रिका संवाददाता ने कई बार फोन भी किए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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Rajasthan News : पूर्ववर्ती सरकार की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना व मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के भविष्य पर तलवार लटकी हुई है। इन दोनों योजनाओं पर मंथन चल रहा है, इसके बाद ही इनका भविष्य तय होगा। मौजूदा सरकार ने हाल ही पूर्ववर्ती सरकार की इन्दिरा रसोई व मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम भी बदल दिया था। पूर्ववर्ती सरकार की ओर से शहरों में साल में 125 दिन का रोजगार के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी, वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सामान्य क्षेत्रों में 25 दिन व सहरिया, कथौड़ी आदिवासियों के लिए 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार सालाना देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी।

इन योजनाओं के न्यूनतम आय की गारंटी अधिनियम में शामिल होने से इसमें संशोधन बिना तो इनके बंद होने की संभावना नहीं है, लेकिन नाम बदलने में कोई अडचन नहीं है।

प्रस्ताव उच्च स्तर पर विचाराधीन



ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार योजना के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में करीब 675 करोड़ रुपए का प्रावधान है। लेखानुदान में इसके लिए संशोधित अनुमान करीब 450 करोड़ रुपए बताया गया है और अगले वित्तीय वर्ष के लिए करीब 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सूत्रों के अनुसार मौजूदा राजस्थान सरकार ने बजट में इस योजना के लिए प्रावधान कर दिया हैए लेकिन इसके भविष्य पर निर्णय के लिए प्रस्ताव उच्च स्तर पर विचाराधीन बताया जा रहा है।

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चल रही है प्रक्रिया



नगरीय विकास विभाग के सू्त्रों ने बताया कि योजना के भविष्य के बारे में अभी विभागीय अधिकारी मंथन कर रहे हैंए इसके बाद जो भी निर्णय होगा उसके आधार पर प्रस्ताव प्रमुख सचिव होते हुए वित्त विभाग और मंत्री तक जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।

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जयपुर। सेठी कॉलोनी स्थित किशोर गृह से लोहे की खिड़की काटकर भागे बालअपचारियों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के शूटर का गुरुवार रात तक सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने वारदात के बाद से अब तक 10 बालअपचारियों को जयपुर शहर व इसके आस-पास से पकड़ लिया। पकड़े गए बालअपचारियों में एक ऐसा है, जिसने लूट के लिए ब्लेड से एक युवक का गला काट दिया था। जबकि दूसरे बालअपचारी ने कहासुनी होने पर एक युवक की हत्या कर दी थी। दोनों हत्या के मामले में निरुद्ध किए गए थे, जो अन्य बालअपचारियों के साथ भाग गए थे।

जबकि शूटर बालअपचारी के साथ 13 अन्य की तलाश जारी है। इनकी तलाश में जयपुर कमिश्नरेट की 6 टीमें लगी हैं। वहीं कमिश्नरेट पुलिस के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व पुलिस मुख्यालय की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) भी शूटर बालअपचारी की तलाश में लगी है। पुलिस शूटर बालअपचारी के संबंध में कुछ संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ कर रही है।

गंभीर वारदात को अंजाम देने की आशंका

किशोर गृह से 15 बालअपचारी पहले भी भागे थे, जिनमें सभी को पकड़ना बताया गया है। लेकिन तब भागने वाले बालअपचारियों में अधिकांश चोरी के मामले में पकड़े गए थे और किशोर गृह से भागने के बाद कई ने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया था। पुलिस को आशंका है कि अभी भागने वालों में चोरी, डकैती, फायरिंग व बलात्कार के आरोपी हैं और ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। भागने वाले 13 बालअपचारियों में चोरी की वारदात करने वाले भी हैं।

वहीं मामले पर ज्ञानचंद यादव, डीसीपी ईस्ट ने भरोसा दिया है कि जल्द ही सभी फरार बालअपचारी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उन्होंने कहा अभी तक 10 बालअपचारी पकड़े गए हैं। अन्य 13 की तलाश में कई टीमें लगी हैं।

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सुविचार

आत्मविश्वास, संघर्ष और धैर्य ही जीवन की हर प्रतियोगिता जीतने का सूत्र हैं।

आज क्या खास

- राजस्थान कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक महेंद्र जीत सिंह मालवीय आज कर सकते हैं दल-बदल, नई दिल्ली में मुखयमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होने की खबर


- 'विकसित भारत, विकसित राजस्थान' के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान को देंगे 17 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात, सुबह 10 बजे करेंगे जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन

- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली जाएंगे, वे शनिवार को होने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होंगे

- एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों का आज भारत बंद का आह्वान, कांग्रेस ने किया बंद का समर्थन

- नई दिल्ली में आयोजित 'वर्ल्ड बुक फेयर' में पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की दो पुस्तकों का विमोचन आज, 'द सोल ऑफ इवोल्यूशन कम्युनिकेशन' और 'गहने क्यों पहनें' पुस्तक का शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार करेंगे विमोचन

- देवनारायण जयंती आज, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के आदेश से सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में अवकाश

- राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम के तहत आज होगी नामांकन पत्रों की जांच, 20 फरवरी को है नाम वापस लेने की अंतिम तारीख, आवश्यकता होने पर 27 फरवरी को मतदान और परिणाम होंगे घोषित

- पीएम नरेंद्र मोदी आज AIIMS रेवाड़ी की रखेंगे आधारशिला, गुरुग्राम मेट्रो का भी करेंगे शिलान्यास

- 'स्वच्छ जल, स्वस्थ तन' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय जल सम्मेलन आज से यूपी के लखनऊ में, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे संबोधित

- कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरामैया आज पेश करेंगे राज्य का बजट, सरकार का दावा 'दूरदर्शी और उम्मीदों को पूरा करने वाला होगा बजट'

- पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पहला 'फ्रेंच फिल्म फेस्टिवल' आज से

- मौसम विभाग ने राजस्थान में अगले तीन-चार दिन मौसम शुष्क रहने के जताए आसार, 19 या 20 फरवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर पश्चिमी व उत्तरी इलाकों में बारिश की जताई संभावना


खबरें आपके काम की

- पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर का निधन, जयपुर में एक अस्पताल में सुबह निधन, देर रात तबीयत बिगड़ने पर कराया भर्ती, श्रीगंगानगर में कल होगा अंतिम संस्कार

- बीकानेर के नोखा से बड़ी खबर, रासीसर से केसरदेसर भारतमाला सड़क पर भीषण हादसा, एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मौत, स्कार्पियो और ट्रक में टक्कर हुई, दो महिला- दो पुरुष और एक 18 माह की बच्ची की मौके पर मौत

- राजस्थान में कोरोना फिर बढ़ा, एक ही दिन में मिले आठ नए संक्रमित, उदयपुर में सबसे ज्यादा 5 केस मिले, जयपुर में दो और बीकानेर में एक मरीज मिला

- राजस्थान में 11 और आईएएस के तबादले, चार जिलों के कलक्टर बदले, सुषमा अरोड़ा और इंद्रजीत सिंह का फिर से तबादला

- राजस्थान में ईडी की बजरी के ठेकेदार और कांग्रेस की निकटस्थ मेघराज के ठिकानों पर कार्रवाई जारी, नहीं मिले मेघराज सिंह

- राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश पंकज भंडारी राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के अध्यक्ष नियुक्त

- राजस्थान रोडवेज की अयोध्या के लिए शुरू की गई बस सेवा में पहले दिन यात्री नहीं मिले तो रोडवेज के कार्मिकों और उनके परिजनों को किया अयोध्या यात्रा पर रवाना, सीएम भजनलाल ने बस में चढ़ कर लगवाए जय श्री राम के नारे

- कोटा में कोचिंग छात्रा के साथ तीन दोस्तों ने फ्लैट पर बुला कर किया सामूहिक बलात्कार, तीनों आरोपी राजस्थान के बाहर के, पुलिस ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार

- राजस्थान हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के हाईप्रोफाइल केस की शिकार एएनएम भंवरी देवी के दो बेटों और एक बेटी को चार माह में बकाया सेवा परिलाभ देने का आदेश दिया, पति को किया वंचित

- भाजपा ने राजस्थान प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष भागीरथ चौधरी और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष चंपालाल गेदर ने अपनी कार्यकारिणी घोषित की

- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले को लेकर ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

- ओडिशा में बीजू जनता दल के विधायक और पूर्व मंत्री प्रफुल्ल सामल पर करोड़ों रुपए के भूमि घोटाले को लेकर भुवनेश्वर और भद्रक में की छापेमारी

- तिरुपति के वेंकटेश्वर चिड़ियाघर में एक राजस्थान के अलवर जिले का प्रह्लाद गुर्जर सेल्फी लेने के लिए शेर के बाड़े में कूद गया, शेर उसे मार कर खा गया

- अब टैक्सी बाइक को मिल सकेगी अनुबंध वाहन के रूप में संचालन की अनुमति, केंद्र सरकार की एडवाइजरी राजस्थान में जल्द होगी लागू

- हेड कांस्टेबल निलंबित से भड़की भीड़ ने मणिपुर के चुराचांदपुर में भीड़ ने किया पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर हमला

- ज्ञानवापी परिसर के व्यास तहखाने में पूजा की अनुमति को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

- तीन किलोवाट के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट पर मिलेगी 78 हजार रुपए सब्सिडी, डेढ़ लाख रुपए आएगी लागत, केंद्र सरकार ने सूर्योदय योजना का अनुदान प्रारूप किया जारी

- विपक्षी इंडिया गठबंधन को जम्मू-कश्मीर में भी झटका, नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला का पांचों की सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान, पुत्र उमर ने कहा कांग्रेस से बातचीत जारी

- पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा अस्वस्थ, सांस लेने में तकलीफ, बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में हालत स्थिर

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हर साल, दुनियाभर में 4 लाख से ज्यादा बच्चों में कैंसर (Childhood cancer ) पाया जाता है, जिनमें से लगभग 50,000 बच्चे भारत में ही होते हैं। बच्चों को कैंसर का इलाज करने के लिए खास तरीकों की जरूरत होती है, जिससे इलाज के साथ उनकी जीवनशैली भी अच्छी रहे।

बच्चों में कैंसर का इलाज बड़ों से 20-25 फीसदी ज्यादा सफल

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में कैंसर का इलाज बड़ों से 20-25 फीसदी ज्यादा सफल होता है। साथ ही, उन्हें इलाज के दौरान बड़ों के मुकाबले कम दुष्प्रभाव होते हैं।"

लेकिन, "बच्चों में कैंसर (Childhood cancer ) की अपनी चुनौतियां भी हैं।" डॉक्टर रुचिरा मिश्रा कहती हैं, "हमें अभी और लोगों तक पहुंचने की जरूरत है, इलाज के लंबे समय के असर को ध्यान में रखते हुए बेहतर इलाज करना है और समाज के अलग-अलग तबकों के बीच मौजूद असमानता को दूर करना है।"

ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर सबसे आम


बच्चों में होने वाले सभी कैंसरों में से लगभग 4 फीसदी कैंसर ही होते हैं। ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर सबसे आम है, जो लगभग 30 फीसदी बच्चों में होता है। इसका इलाज भी पहले से बेहतर हो चुका है और अब स्टैंडर्ड रिस्क ल्यूकेमिया का इलाज करीब 80 फीसदी तक सफल हो जाता है।

अमीर देशों में बच्चों के कैंसर (Childhood cancer ) का इलाज बहुत अच्छा है, 80 फीसदी से भी ज्यादा सफलता मिलती है। लेकिन, 80 फीसदी से ज्यादा कैंसर के मामले गरीब और मध्यम आय वाले देशों में होते हैं, जहां इलाज की सुविधाएं कम हैं और इलाज की सफलता सिर्फ 20-40 फीसदी ही है।

इसलिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक सभी बच्चों में कैंसर का इलाज करीब 60 फीसदी तक सफल बनाने का लक्ष्य रखा है, और भारत भी इसमें शामिल है।

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जल्दी पहचान हो जाए तो इलाज बहुत सफल हो सकता


डॉक्टर गौरी कपूर कहती हैं, "यह समझना जरूरी है कि बच्चों में कैंसर (Childhood cancer ) बड़ों से अलग होता है और इसका व्यवहार और इलाज भी अलग होता है। उनका कैंसर इलाज के प्रति अच्छा रिस्पांस देता है और अगर जल्दी पहचान हो जाए तो इलाज बहुत सफल हो सकता है।"

डॉक्टर इंटेज़ार मेहदी का कहना है कि भारत में बच्चों में कैंसर (Childhood cancer ) के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में। इसका कारण जागरूकता बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा बच्चों में कैंसर का पता चलना है।

बच्चों में कैंसर के लक्षण आम बीमारियों के लक्षणों से मिलते-जुलते होते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। लेकिन, कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन्हें जल्दी पहचानना जरूरी है।

उदाहरण के लिए, ल्यूकेमिया वाले बच्चों में बार-बार बुखार आना, खून बहना और पेट में सूजन होना जैसे लक्षण हो सकते हैं। मेडिकल प्रोफेशनल पेट में सूजन को विल्म्स ट्यूमर का संकेत मानकर जांच करते हैं। 5 साल से कम उम्र के बच्चों में आंखों में असामान्यता, जैसे मोतियाबिंद जैसा सफेद धब्बा, आंख के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

डॉक्टर सुनील भट बच्चों में बार-बार बुखार आना, बिना वजह खून बहना और शरीर में असामान्य गांठ जैसे लक्षणों को पहचानने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर का जल्दी पता चलना और सही इलाज बच्चों के लिए बेहतर परिणाम ला सकता है। इसलिए, माता-पिता को बच्चों में होने वाले शुरुआती लक्षणों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

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Mens - Women Topper : राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के सभागार में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की अक्टूबर-नवम्बर 2023 स्ट्रीम-2 यानी पूरक परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। खास बात है कि पूरक परीक्षा में अधिक अंकों से उत्तीर्ण हुए महिला-पुरुषों की शिक्षा मंत्री से बात कराई गई। मंत्री ने उन्हें प्रदेश में टॉपर आने की बधाई भी दी। गौरतलब है कि गत दिसम्बर-जनवरी माह में 10वीं और 12वीं कक्षाओं का परीक्षा परिणाम जारी किया था।

कक्षा 10 का 60.79 और कक्षा 12 का 62.29 प्रतिशत रहा रिजल्ट



इन परीक्षाओं और अन्य बोर्ड में अनुत्तीर्ण महिला-पुरुषों ने इस अक्टूबर-नवम्बर 2023 की परीक्षा में आवेदन किया था। इधर, कक्षा 10 का 60.79 प्रतिशत और कक्षा 12 का परिणाम 62.29 प्रतिशत रहा। पुरूष वर्ग में कक्षा 10 में दौसा के सचिन मीणा ने 75.6 प्रतिशत अंक और कक्षा 12 में चुरू के मनीष प्रजापत ने 79.4 प्रतिशत अंकों के साथ राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

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महिला वर्ग में डिम्पल खटीक व प्रियंका जाट रहीं टॉपर



वहीं, महिला वर्ग में कक्षा-10 में राजसमंद जिले की डिम्पल खटीक ने 73-80 प्रतिशत अंक और कक्षा-12 में चितौड़गढ़ की प्रियंका जाट ने 74.8 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इधर, शिक्षा मंत्री के परिणाम जारी करने से पहले ही परिणाम सार्वजनिक कर दिया गया। बाद में राजस्थान के शिक्षा मंत्री से परिणाम जारी कराने की औपचारिकता पूरी कराई गई।

मौके पर अधिकारी और कार्मिक रहे मौजूद



इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक अविचल चतुर्वेदी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी और राजस्थान स्टेट ओपन स्केल के सचिव साहब सिंह वर्मा सहित अन्य अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।

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जयपुर। प्रदेश में अगले तीन चार दिन सर्दी के तीखे तेवर नरम रहने वाले हैं। हालांकि अगले सप्ताह की शुरूआत में फिर से सर्दी का पलटवार होने की आशंका है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन में धूप की तपिश अब महसूस हो रही है। वहीं सर्दी का असर अब सुबह शाम के समय में बना रहा है। मौसम विभाग ने आगामी 19-20 फरवरी को प्रदेश के उत्तर पश्चिम और उत्तरी इलाकों में कहीं कहीं हल्की बौछारें गिरने का अलर्ट जारी किया है।

पारे में उतार चढ़ाव, सर्दी तेवर ढीले
जयपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन में पारा सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा है। दिन में धूप के तीखे तेवर भी अब महसूस होने लगे हैं और सर्दी का जोर अब नरम पड़ने लगा है। बीती रात अलवर जिले में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा है। वहीं शेखावाटी अंचल में बीती रात पारे की सीधी चाल रहने पर अब तापमान सामान्य हो गया है। पारे में तीन डिग्री तक बढ़ोतरी होने से अंचल के बाशिंदों को सर्दी से थोड़ी राहत मिलने लगी है।

कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान
बीती रात प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पारा औसत या उससे अधिक दर्ज किया गया। अजमेर 11.8, भीलवाड़ा 9, जयपुर 12.2, सीकर 10, कोटा 10.1, चित्तौड़ 9.2, डबोक 10.6, डूंगरपुर 15.8, सिरोही 12.4, करौली 12.4, बाड़मेर 13.4, जैसलमेर 10, जोधपुर शहर 13.1 फलोदी 13.2, बीकानेर 13.3, चूरू 8.6, श्रीगंगानगर 8.8 और जालोर में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर जिले के सिदुवाला और लाधुवाला क्षेत्र में सुबह घना कोहरा छाया रहा।

तीन दिन शुष्क मौसम, फिर बारिश संभव
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम का मिजाज शुष्क रहेगा। आगामी 19-20 फरवरी को विक्षोभ के असर से प्रदेश के उत्तर पश्चिम व उत्तरी इलाकों में कहीं कहीं बारिश होने की संभावना है। जयपुर और कोटा संभाग में अगले 24 घंटे में तापमान सामान्य से कम रहने व अन्य संभागों में पारा सामान्य रहने के आसार हैं।

Rajya Sabha Election : प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव के लिए भाजपा की ओर से प्रत्याशी घोषित किए गए मदन राठौर, चुन्नी लाल गरासिया ने नामांकन के अंतिम दिन गुरूवार को अपना पर्चा दाखिल किया। कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुकी हैं। तीन सीटों के लिए सिर्फ तीन ही नामांकन आए हैं, ऐसे में तीनों का निर्विरोध चुना जाना तय है। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। परिणाम की घोषणा 27 फरवरी को की जाएगी।

भाजपा प्रत्याशी गरासिया और मदन राठौर के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, दोनों डिप्टी सीएम सहित कई नेता मौजूद रहे। दोनो ही प्रत्याशियों ने नामांकन के दो-दो फार्म भरे। चालीस से ज्यादा विधायकों को दोनों का प्रस्तावक बनाया गया है। प्रस्तावकों में निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। भाजपा ने बहुमत के आधार पर दो और कांग्रेस ने मात्र एक ही उम्मीदवार की घोषणा की है। ऐसे में तीन में से दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत तय है।

 

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हॉर्स टेडिंग हमारी फितरत नहीं: राठौड़
नामांकन के बाद राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि हमारे पास सरप्लस वोट होने के बाद भी हमने तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारा। हॉर्स ट्रेडिंग करना हमारी नहीं, कांग्रेस की फितरत है। हमारे प्रत्याशी जमीनी हैं। धरातल पर काम करते हैं। कांग्रेस का प्रत्याशी आयातित है।

राष्ट्रवाद से जोड़ेंगे
उदयपुर से लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा था। पार्टी ने मेरे लिए कुछ ओर ही सोच रखा था। द. राजस्थान में कुछ ताकतें आदिवासी को गुमराह कर रही हैं। उन्हें राष्ट्रवाद से जोड़ने का प्रयास रहेगा।
चुन्नीलाल गरासिया, भाजपा प्रत्याशी

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दूसरा दरवाजा खुला
विधानसभा चुनाव में टिकट कटा था। तब मुझे कहा गया था कि एक दरवाजा बंद होता है तो कई खुलते हैं। उसके बाद मेरी पीएम नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हुई थी।
मदन राठौर, भाजपा प्रत्याशी

 

Increasing weight after workout : : व्यायाम (Exercise) का महत्व बढ़ा है जब बात बॉडी शेप और अच्छी लाइफस्टाइल की होती है। यह अतिरिक्त कैलोरी बर्न करने में मददगार है और हमें अधिक सक्रिय बनाता है। लेकिन कभी-कभी, व्यायाम (Exercise) करने के बावजूद भी हमें अपने इच्छित परिणाम नहीं मिल पाते हैं। इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं जो हमें समझने की जरूरत है। इस लेख में, हम आपको उन कारणों के बारे में बताएंगे जो व्यायाम (Exercise) करने के बाद वजन बढ़ाने का कारण बन सकते हैं।

वर्कआउट के बाद भी वजन कम नहीं हो रहा weight gain after exercise


वर्कआउट (Workout) करते समय, एक आम समस्या यह होती है कि वजन कम नहीं होता, बल्कि बढ़ जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह वजन बढ़ावा मसल्स में हो सकता है? हां, व्यायाम के दौरान, मसल्स के विकास की संभावना होती है जिससे आपका वजन बढ़ सकता है। यह विकास आपके आहार और वर्कआउट पर निर्भर करता है। अगर आप पर्याप्त प्रोटीन लेते हैं और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग वर्कआउट (Workout) करते हैं, तो आपके मसल्स में वृद्धि हो सकती है। इसके फलस्वरूप, जब आप वेट मशीन पर अपना वजन चेक करते हैं, तो आपका वजन कम होने की बजाय बढ़ा हुआ नजर आता है। इस लेख में, हम वह कारण जानेंगे जो आपके मसल्स मास (muscle mass) में वृद्धि का कारण हो सकते हैं।

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वजन कम नहीं होने का कारण वाटर लॉस हो सकता है weight gain after exercise


एक्सरसाइज के बाद वजन में होने वाले असमान्य परिवर्तनों का सामना करना एक सामान्य अनुभव है। यदि आपका वजन कम होते हुए नजर आ रहा है, तो इसमें पसीने के कारण हो रहे वाटर लॉस का हो सकता है। समय-समय पर, एक्सरसाइज के बाद वजन में बढ़ोतरी भी वाटर रिटेंशन के कारण हो सकती है। बहुत से लोग इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए डायूरेटिक्स का सेवन करते हैं, जिससे पानी निकलता है लेकिन इसका असर केवल कुछ समय के लिए ही होता है।

वर्कआउट के बाद अधिक खाने की गलती Mistake of overeating after workout


अक्सर हम वर्कआउट के बाद अधिक खाने की गलती करते हैं, सोचते हैं कि हमने तो कैलोरी बर्न कर ली है, इसलिए थोड़ा ज्यादा खा लें। लेकिन यह सोच हमें अक्सर वजन में बढ़ावा देती है। ऐसा होता है क्योंकि हमें अक्सर अधिक कैलोरी वाले खाने की ओर आकर्षित किया जाता है। इसलिए, हमें स्नैक्स की बजाय फलों और सब्जियों के सेवन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। यदि आप बेहतर रिजल्ट चाहते हैं, तो आपको अपने डायटीशियन से प्री-वर्कआउट, पोस्ट वर्कआउट और फुल डे मील के बारे में सलाह लेनी चाहिए।

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डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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What is Endometriosis in Uterus : भारत में लगभग 4.3 करोड़ महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस (गर्भाशय में होने वाली समस्‍या) से पीड़ित हैं। एक नए शोध में यह पता चला है। एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis) एक दर्दनाक गर्भाशय में होने वाली समस्‍या है। यह 15 से 49 वर्ष की प्रजनन आयु के बीच की 10 प्रतिशत लड़कियों और महिलाओं को प्रभावित करती है। विश्‍व स्तर पर यह स्थिति प्रजनन आयु में लगभग 19 करोड़ लड़कियों और महिलाओं को प्रभावित करती है।

क्या होती है ये बीमारी (What is endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाएं गंभीर और जीवन पर असर डालने वाले दर्द के साथ विविध और जटिल लक्षणों से पीड़ित होती हैं। मासिक के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण एंडोमेट्रियल जैसे ऊतक (टीशू) में कोशिकाएं बढ़ती हैं और फिर टूट जाती हैं और उन जगहों पर खून बहने लगता है।

जबकि मासिक धर्म के दौरान मासिक धर्म का रक्त शरीर से बाहर निकल जाता है, मगर इसमें यह रक्त अंदर ही रह जाता है, जिससे टीशू पैदा होते हैं। यह गंभीर पैल्विक (शरीर का वो हिस्सा है जिसमें ब्लैडर, यूटेरस, वजाइना और रेक्टम होते हैं) दर्द का कारण बन सकता है।

दिल्ली और असम की 18 वर्ष से अधिक आयु की 21 महिलाओं और 10 पुरुष भागीदारों को शोध में शामिल किया गया, जिनमें लैप्रोस्कोपिक विधि से एंडोमेट्रियोसिस का पता लगाया गया था। महिलाओं के जीवन पर एंडोमेट्रियोसिस के दीर्घकालिक प्रभाव को और समझने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं ने एक समीक्षा पत्रिका में लिखा, हमारे निष्कर्ष महिलाओं और उनके सहयोगियों के जीवन पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए एंडोमेट्रियोसिस के शीघ्र निदान और उपचार में सुधार की जरूरत पर प्रकाश डालते हैं।

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क्या कहता है शोध (What is the Reseacrh)

जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ, भारत के शोधकर्ताओं ने एक शोध में कहा है कि विश्‍व स्तर इस बीमारी पर कम काम हुआ है, भारत में भी इसपर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एंडोमेट्रियोसिस पर शोध का बढ़ता समूह मुख्य रूप से उच्च आय वाले देशों (एचआईसी) से है और भारत में इस स्थिति के साथ रहने वाली महिलाओं की वास्तविकता के बारे में बहुत कम जानकारी है।

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Sonia Gandhi Net Worth : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की कुल संपत्ति में 5 साल में 73 लाख रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। उनकी पैतृक संपत्ति इटली में भी है। राज्यसभा चुनाव के नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र से इसका खुलासा हुआ है। वर्तमान में उनकी कुल संपत्ति 12.53 करोड़ रुपए है जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव के शपथ पत्र के मुताबिक उनकी संपत्ति 11.80 करोड़ रुपए थी। सोनिया के पास 88 किलो चांदी, 1267 ग्राम सोना है। उनके पास कोई वाहन नहीं है।

दिल्ली में 5 करोड़ की जमीन



सोनिया गांधी के पास दिल्ली के डेरामांडी गांव में तीन बीघा जमीन भी हैं जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।

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इटली के लुसियाना में पैतृक संपत्ति



शपथ पत्र के अनुसार सोनिया गांधी की इटली में अपने पिता की पैतृक संपत्ति में भी हिस्सेदारी है। उनकी पैतृक संपत्ति इटली के लुसियाना में है, जिसकी कीमत 26 लाख 83 हजार 594 रुपए है। उन्होंने अपनी आय का स्रोत बतौर सांसद मिलने वाला वेतन है।

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जयपुर। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने सात संभाग मुख्यालयों से अयोध्या के लिए बसों की शुरुआत तो कर दी, लेकिन इन बसों में रोडवेज को यात्री ही नहीं मिले। गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथों रोडवेज ने ओटीएस में जयपुर से अयोध्या जाने वाली छह बसों को हरी झंडी दिखवाने का कार्यक्रम तय कर लिया, लेकिन इन बसों में सामान्य यात्रियों की कमी होने के कारण रोडवेज ने अपने यहां ही कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके परिवारजनों के साथ बैठा दिया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री से हरी झंडी दिखवाकर सभी को बसों से अयोध्या भी रवाना कर दिया। बसों में कुछ यात्री ऐसे भी थे, जिनके पास टिकट तक नहीं थे। उनके टिकट रोडवेजकर्मियों ने एक साथ अपने स्तर पर कटवाए।

 

 

बसें भरने का दिया था टारगेट

 

हुआ यों कि 15 फरवरी को मुख्यमंत्री ने बसों को हरी झंडी दिखाने का समय दे दिया, लेकिन पर्याप्त संख्या में यात्री न मिलने के कारण रोडवेज ने बसों में यात्री भरने के लिए प्रबंधकों को जिम्मेदारी दी तो रोडवेजकर्मियों को ही अयोध्या भेजने की तैयारी कर दी गई। हालांकि रोडवेज प्रबंधक यह स्वीकारने को तैयार नहीं है। रोडवेज प्रबंधक नथमल डिडेल ने इस घटना पर कहा कि यात्रा की दूरी अधिक होने के कारण भी यात्री अभी कम आ रहे हैं। अयोध्या दर्शन के लिए यात्रियों के अलावा रोडवेजकर्मियों के जाने की सूचना नहीं है।

 

अयोध्या के लिए 1079 रुपए किराया

 

रोडवेज ने अयोध्या के लिए जयपुर से 1079 रुपए किराया तय किया है। बस में सीट बुक कराने के लिए रोडवेज ने आरक्षण व्यवस्था भी शुरू की है। जयपुर से जाने वाली बसें भरतपुर, आगरा, लखनऊ होते हुए अयोध्या पहुंचेंगी। इन बसों का ठहराव भरतपुर, आगरा और लखनऊ में होगा।

 

बसों को रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल ने एक बस के अंदर जाकर यात्रियों की कुशलक्षेम पूछी और जय श्री राम के नारे लगवाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार बस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश से अयोध्याधाम जाने वाले सभी यात्रियों का पंजीकरण ठीक प्रकार से किया जाए और व्यवस्थाओं के साथ अयोध्या लेकर जाएं। बस में सभी यात्रियों को गंगाजल, सुंदरकांड, रामरक्षा स्रोत सहित खाद्य सामग्री के किट वितरित किए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सी.पी. जोशी आदि मौजूद रहे।

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जयपुर। बच्चों ने तकनीक की जानकारी ली। बच्चों ने लैब में स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी वह मानव हृदय के बारे में जानकारी ली। डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि बच्चों के लिए रोबोटिक व वी आर लैब शुरू की गई है। रोबोटिक लैब में बच्चों द्वारा सोलर होम, थ्री डी प्रिंटिंग टेक्निक, स्मार्ट डस्टबिन, आर्मी टैंक आदि रोबोटिक मॉडल तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज के समय में दिनों दिन तकनीक का विकास हो रहा है। ऐसे में बच्चों के लिए तकनीक के बारे में जानकारी लेना बहुत जरूरी है। बच्चे सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं तकनीक में भी निपुण होने चाहिए। इसे लेकर स्टडी के साथ-साथ प्रेक्टिकल पर भी बच्चों का फोकस होना चाहिए। जिससे बच्चों का बौद्धिक विकास होता है। प्राचार्य हरित अग्रवाल ने कहा कि आज बच्चे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। स्कूली स्तर पर तकनीक के बारे में जानकारी होना बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है। क्योंकि आगामी शिक्षा में तकनीक का विकास जैसे जैसे होगा, बच्चों की समझ उस अनुसार बढ़ती चली जाएगी।

राजस्थान में एक बड़ी राजनीतिक खबर ने गुरुवार शाम से आज शुक्रवार सुबह तक सियासी गलियारों में ज़बरदस्त हलचल मचा कर रख दी। कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं में से एक महेंद्रजीत सिंह मालवीया समेत कई अन्य सीनियर नेताओं के 'हाथ' का दामन छोड़ 'कमल' थामने की चर्चाओं ने जैसे कोहराम मचा कर रख डाला। हालांकि मालवीया सहित चर्चाओं में शामिल अन्य नेताओं ने आखिरी समय तक इन अटकलों पर ना तो पूरी तरह से हां किया और ना ही पूरी तरह से इनका खंडन ही किया।

इन तमाम सस्पेंस के बीच सियासी पारे में उबाल जारी है। मालवीया समेत अन्य कांग्रेस नेताओं की भाजपा में एंट्री की इन अटकलों को लोकसभा चुनाव से पहले 'ऑपरेशन लोटस' से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

जयपुर से लेकर दिल्ली तक हड़कंप!
बागीदौरा विधानसभा सीट से चार बार कांग्रेस विधायक, पूर्व मंत्री और सीडब्यूसी के सदस्य महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा में शामिल होने की 'अपुष्ट' खबरें दरअसल, तब परवान पर चढ़ीं जब उनके जयपुर में सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाक़ात की बात सामने आई। वहीं ये भी बताया गया कि मालवीया पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कैम्प किये हुए थे और कई भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। ऐसे में उनके कांग्रेस छोड़ भाजपा में एंट्री की खबरें प्रबल होती चली गईं। 'पत्रिका' संवाददाता ने भी मालवीया से फोन पर बात कर उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों की पुष्टि करनी चाहि, लेकिन कॉल रिसीव ना होने से बात नहीं हो सकी।

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दिल्ली में जॉइनिंग की तैयारी

मालवीया सहित कई अन्य कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने को लेकर जयपुर से लेकर दिल्ली तक में हलचलें तेज़ हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा मुख्यालय दिल्ली में राजस्थान के कांग्रेस नेताओं को एक प्रेस वार्ता बुलाकर पार्टी में शामिल करवाए जाने की औपचारिकताएं होंगी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रह सकते हैं। मुख्यमंत्री आज वैसे भी भाजपा के कल से शुरू हो रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।

इन सीनियर नेताओं के नाम भी चर्चा में
महेंद्र जीत सिंह मालवीया के अलावा जिन अन्य सीनियर कांग्रेसी नेताओं के भाजपा में शामिल होने की अटकलें ज़बरदस्त तरीके से लग रहीं हैं, उनमें पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया, उदयलाल आंजना और वरिष्ठ नेता रिछपाल मिर्धा के नाम शामिल हैं।

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भाजपा के संपर्क में कई नेता !

सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं और चुनाव से पहले दल बदल सकते हैं।

... तो भाजपा उम्मीदवार होंगे मालवीय!
सूत्रों के अनुसार अगर महेंद्रजीत सिंह मालवीया की भाजपा में एंट्री होती है, तो उन्हें विधानसभा में कांग्रेस पार्टी से विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। ऐसे में भाजपा उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट थमाकर चुनाव मैदान में उतार सकती है।

क्या नाराज़ हैं मालवीया ?- ये माने जा रहे बड़े कारण
वागड़ क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेस नेता महेंद्र जीत सिंह मालवीया के कांग्रेस पार्टी से नाराज़ होने की खबरें पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चल रही थीं। इसके पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं।

- राजस्थान विधानसभा में सबसे सीनियर नेताओं में होने के बावजूद नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज़गी
- राज्य सभा चुनाव में 'बाहरी' सोनिया गांधी को उम्मीदवार बनाये जाने से नाराज़ थे। वे सोनिया गांधी के नामांकन भरने के दौरान जयपुर में हाज़िर रहने के निर्देशों के बाद भी नहीं पहुंचे थे। मालवीया को आदिवासी अंचल के प्रतिनिधित्व के साथ खुद राज्य सभा जाने की चाह भी बताई गई है।
- सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आला कमान पिछले कुछ दिनों से उन्हें मिलने का समय नहीं दे रहा था। सीडब्ल्यूसी सदस्य होने के बाद भी तवज्जो नहीं मिलने से नाराज़गी बढ़ी हुई थी।

राजस्थान में संचालित की जा रही टैक्सी बाइक को अब अनुबंध वाहन के तौर पर संचालन की अनुमति मिल सकेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटरसाइकिल मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत टैक्सी बाइक को अनुबंध वाहन के तौर पर माना है। इसकी एक एडवाइजरी राज्यों को जारी की गई है। इसके आधार पर अब राजस्थान में भी परिवहन विभाग इसे लागू करेगा। इसका फायदा टैक्सी बाइक चालकों को मिलेगा। टैक्सी बाइक चालक एक से दूसरे राज्य या राज्य के भीतर बाइक का संचालन यात्रियों के परिवहन में कर सकेंगे।

राजस्थान में जल्द होगा लागू - परिवहन आयुक्त



राजस्थान की राजधानी जयपुर की बात करें तो करीब पांच हजार से अधिक टैक्सी बाइक का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा करीब दो हजार बाइक फर्जी तरीके से कैब वाहन के रूप में इस्तेमाल की जा रही हैं। परिवहन आयुक्त मनीषा अरोड़ा का कहना है कि एडवाइजरी के आधार पर प्रदेश में भी इसे जल्द लागू कर दिया जाएगा।

क्या है अनुबंध वाहन



एमवी अधिनियम के अनुसार अनुबंध वाहन को एक समझौते के तहत यात्री किराए पर ले जा सकते हैं। वाहन को एक तय कीमत पर तय दूरी या समय के आधार पर बुक किया जाता है। समझौते के बाद वाहन अन्य यात्रियों का बीच रास्ते परिवहन नहीं कर सकता। प्रदेश में अभी तक बस और चार पहिया छोटे वाहनों को अनुबंध के तौर पर बुक किया जाता है।

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फिटनेस अनिवार्यता, अब किसी भी जिले में करा सकेंगे



बजट घोषणा के तहत प्रदेश में अब परिवहन विभाग ने पंजीयन वाले जिले में फिटनेस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। नए आदेश के तहत वाहन मालिक अब किसी भी जिले में वाहनों की फिटनेस करा सकेंगे। विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत जिस जिले में वाहन पंजीयन हैं, उसी जिले में संचालित फिटनेस सेंटर पर फिटनेस कराना अनिवार्य था। अगर किसी जिले में फिटनेस सेंटर नहीं है तो वाहन मालिक उस जिले के आरटीओ.डीटीओ कार्यालय में फिटनेस करा सकेंगे। फिटनेस की अनिवार्यता खत्म होने के बाद अब प्रदेश के सभी वाहन मालिकों को फायदा होगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान को लगभग 17 हज़ार करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट्स की सौगातें दे दी हैं। 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान' कार्यक्रम के तहत वर्चुअल माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री ने इन सौगातों को देने के बाद संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में समृद्ध राजस्थान की अहम भूमिका है। वहीं अपने संबोधन में प्रधानमंत्री कांग्रेस पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। उन्होंने भाषण में कांग्रेस पर जमकर बयानी वार किये।

पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

- ''कुछ दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति जी का आपने जयपुर में जो स्वागत-सत्कार किया, उसकी गूंज पूरे भारत समेत फ्रांस में भी हो रही है। यही तो राजस्थान के लोगों की खासियत है, हमारे राजस्थान के भाई-बहन जिस पर प्रेम लुटाते हैं, कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते।''

- ''आज राजस्थान के विकास के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। ये प्रोजेक्ट्स- रेल, रोड, सौर ऊर्जा, पानी और एलपीजी जैसे विकास कार्यक्रमों से जुड़े हैं। ये परियोजनाएं राजस्थान के हजारों युवाओं को रोजगार देने वाली हैं। मैं इन प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान के सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।''

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- ''जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो ये केवल शब्द भर नहीं है, ये केवल भाव भर नहीं है। ये हर परिवार का जीवन समृद्ध बनाने का अभियान है, ये गरीबी को जड़ से मिटाने का अभियान है, ये युवाओं के लिए अच्छे रोजगार बनाने का अभियान है, ये देश में आधुनिक सुविधाएं बनाने का अभियान है।''

- ''कांग्रेस के साथ एक बहुत बड़ी समस्या ये है कि वो दूरगामी सोच के साथ सकारात्मक नीतियां नहीं बना सकती।''

- कांग्रेस न भविष्य को भांप सकती है और न ही भविष्य के लिए उसके पास कोई रोड मैप है। कांग्रेस की इसी सोच के कारण भारत अपनी बिजली व्यवस्था को लेकर बदनाम रहता था।''


- ''कांग्रेस के दौरान बिजली की कमी के कारण पूरे देश में कई-कई घंटों तक अंधेरा हो जाता था। करोड़ों घरों में बिजली कनेक्शन ही नहीं था। बिजली के अभाव में कोई भी देश विकसित नहीं हो सकता।''

- ''कांग्रेस जिस रफ्तार से इस चुनौती पर काम कर रही थी, उससे बिजली समस्या ठीक होने में कई दशक लग जाते। हमने सरकार में आने के बाद देश को बिजली की चुनौतियों से निकालने पर ध्यान दिया।''

- ''कांग्रेस के पास एक ही एजेंडा है, मोदी विरोध, घोर मोदी विरोध। मोदी विरोध में ये ऐसी-ऐसी बातें फैलाते हैं, जिससे समाज बंट जाए।''

- ''जब कोई पार्टी परिवारवाद के, वंशवाद के घोर कुचक्र में फंस जाती है, तो उसके साथ ऐसा ही होता है। आज हर कोई कांग्रेस का साथ छोड़ रहा है, सिर्फ एक परिवार ही वहां दिखता है।''



- ''विकसित भारत बनाने के लिए हम देश के 4 वर्गों को मजबूत बनाने में जुटे हैं। ये वर्ग हैं- युवा, महिला, किसान और गरीब। हमारे लिए यही 4 सबसे बड़ी जातियां हैं।''

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लुकास नाम का 13 साल का एक लड़का बेल्जियम से आता है। वो दुनिया का पहला बच्चा बन गया है, जिसे Diffuse Intrinsic Pontine Glioma (DIPG) नामक दुर्लभ और खतरनाक ब्रेन कैंसर से ठीक किया गया है। लुकास को छह साल की उम्र में इस कैंसर का पता चला था। लेकिन सात साल के इलाज के बाद अब उसके शरीर में कैंसर का कोई निशान नहीं बचा है। यह जानकारी पेरिस के Gustave Roussy Cancer Center में ब्रेन ट्यूमर प्रोग्राम के प्रमुख डॉक्टर Jacques Grill ने दी है।

DIPG के बारे में जानें:

DIPG एक बहुत ही दुर्लभ और खतरनाक कैंसर है, जो दिमाग के निचले हिस्से (Brainstem) में होता है।
हर साल अमेरिका में लगभग 300 और फ्रांस में 100 बच्चों को DIPG का पता चलता है।
दुर्भाग्य से, इस कैंसर का अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं है। आमतौर पर, बच्चे इस बीमारी के एक साल के अंदर ही दुनिया छोड़ देते हैं। केवल 10% बच्चे ही दो साल तक जीवित रह पाते हैं।

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लुकास को कैसे मिला इलाज?:

लुकास और उसके परिवार ने फ्रांस में BIOMEDE नाम के एक परीक्षण में हिस्सा लिया। इस परीक्षण में DIPG के इलाज के लिए नई दवाओं को जांचा जा रहा था।

लुकास को परीक्षण में बेतरहती से चुनी गई दवा Everolimus दी गई। और खुशखबरी ये है कि इस दवा ने लुकास के शरीर से कैंसर का ट्यूमर पूरी तरह खत्म कर दिया!

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डॉक्टरों का क्या कहना है?:

डॉक्टर Grill का कहना है कि लुकास का मामला पूरी दुनिया में अनोखा है। अभी ये पूरी तरह समझ नहीं आया है कि लुकास को पूरी तरह से ठीक होने में क्या खास बात थी और इससे दूसरे बच्चों के इलाज में क्या मदद मिल सकती है।

हालांकि इस परीक्षण में शामिल सात अन्य बच्चे भी बीमारी का पता चलने के बाद कई साल तक जीवित रहे, लेकिन उनमें से किसी के शरीर से ट्यूमर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ। डॉक्टर Grill का मानना है कि शायद हर बच्चे के ट्यूमर में कुछ खास जैविक विशेषताएं होती हैं। लुकास के ट्यूमर में एक बहुत ही दुर्लभ बदलाव पाया गया, जिसने उसके ट्यूमर कोशिकाओं को दवा के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना दिया।

लुकास की कहानी एक उम्मीद की किरण है!

भले ही लुकास का मामला अनोखा है, लेकिन यह DIPG से लड़ने के लिए वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को नई उम्मीद देता है। लुकास की कहानी भविष्य में इस खतरनाक कैंसर से और बच्चों को बचाने के लिए प्रेरणा दे सकती है।

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Summer Outfits for Women: समर सीजन में चाहिए कुछ ऐसे आउटफिट्स जो स्टाइलिश होने के साथ आरामदायक भी हों। आप भी चाहती हैं कुछ ऐसे लेटेस्ट ट्रेंडी आउटफिट्स, जिन्हें पहनकर पूरा कम्फर्ट हो और जो फैशन में भी हों। तो इन ट्रेंडी आउटफिट्स को ट्राइ करें। ये कम्फर्टेबल होने के साथ आपको स्टाइलिश लुक भी देंगे।

क्या हैं ट्रेंडी लुक्स (what are the trendy looks)

जंपसूट - ट्रेंडिंग आउटफिट्स में प्लाजो जंपसूट शामिल है। जंपसूट कम्फर्टेबल होने के साथ-साथ स्टाइलिश लुक देते हैं। इन्हें आप पार्टी वेयर, कैजुअल ओकेजन या नाइट आउट जैसे किसी भी इवेंट में कैरी कर सकती हैं। को-ऑर्ड सेट्स ये भी अच्छा ऑप्शन हैं। वाइट कलर के को-ऑर्ड सेट में कम्फर्ट फील करेंगी।

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आप फ्लोरल को-ऑर्ड सेट्स अपनी वार्डरोब में शामिल कर सकती हैं। फ्लोरल प्रिंट को-ऑर्ड सेट्स एकदम परफेक्ट हैं। ग्राफिक टी-शर्ट ग्राफिक टी-शर्ट को काफी पसंद किया जा रहा है। इस पैटर्न वाली टी-शर्ट ट्रेंडी लगती हैं। आप इसे प्रिंटेड पैंट या शॉट्र्स के साथ पहन सकती हैं। इस तरह की टी-शर्ट अक्सर डेनिम शॉट्र्स के साथ काफी स्टाइलिश नजर आती हैं। इस तरह के प्रिंट वाली टी-शर्ट को आप शॉर्ट स्कर्ट के साथ भी पहन सकती हैं।


क्रॉप टैंक टॉप ये आपको स्टाइलिश लुक देंगे। लाइटवेट सॉफ्ट और स्मूद फैब्रिक वाले ये टॉप कम्फर्टेबल होते हैं। इन्हें स्कर्ट, जींस, शॉट्र्स किसी के साथ भी पेयर किया जा सकता है। कटस्लिप फ्रॉक में भी कूल फील करेंगी। शॉर्ट स्कर्ट भी काफी आरामदायक रहती है।

बोहो है शानदार सेलिब्रिटी भी इस ट्रेंड के फैन हैं। समर में आप बोहेमियन स्टाइल को कैरी कर सकती हैं। बोहेमियन फैशन को बोहो स्टाइल भी कहा जाता है। बोहेमियन फैशन दशकों से है, लेकिन हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ है। अलग लुक क्रिएट करने के लिए बोहेमियन फैशन में अलग-अलग टेक्सचर, पैटर्न और कलर्स को मैच किया जाता है। बोहेमियन फैशन बोल्ड और कलरफुल प्रिंट के लिए भी जाना जाता है।

बोहेमियन में ढीले और फ्लोई आउटफिट्स पर फोकस किया जाता है। बोहेमियन वार्डरोब में फ्लोई मैक्सी ड्रेसेस एक स्टेपल हैं, जिनमें अक्सर बोल्ड, कलरफुल प्रिंट्स और रफल्ड एक्सेंट शामिल होते हैं। बोहेमियन फैशन में नेचुरल फैब्रिक्स को ही यूज किया जाता है।

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नर्सिंगकर्मी पीएचडी करने के बाद अपने नाम से पहले डॉक्टर लगा सकता है। राज्य सरकार के एक आदेश के बाद बनी असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) ने कहा है कि राजस्थान सरकार के आदेश की गलत व्याख्या की जा रही है। आईएनसी के अनुसार कुछ नर्सिंग कर्मियों ने नाम के आगे डॉक्टर लगाने को लेकर राज्य सरकार को प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन उनके प्रार्थना पत्र के विषय में त्रुटि रही। जिसमें उन्होंने नाम के आगे डॉक्टर लगाने की अनुमति नहीं लिखकर नाम परिवर्तन के लिए अनुमति मांगी। जो एक अलग एवं लंबी प्रक्रिया है।

राजस्थान सेवा नियम में भी कर्मचारी के नाम में संशोधन और नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र प्रकाशित किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी कर संशोधित परिवर्तित नाम को सेवा पुस्तिका में इंद्राज करवा सकता है। इस प्रक्रिया का नाम के आगे डॉक्टर लगाने से कोई संबंध नहीं है। यही कारण रहा कि राज्य सरकार की ओर से नर्सिंगकर्मी को अनुमति नहीं दी गई। आईएनसी का कहना है कि राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश की गलत व्याख्या की जा रही है।

वर्जन

पीएचडी डिग्री विश्वविद्यालयों की ओर से प्रदान की जाने वाली विद्या संबंधी डिग्री में सबसे ऊंची डिग्री मानी जाती है। इसे पूरा करने के बाद आपके नाम के आगे डॉक्टर की उपाधि लग जाती है। पीएचडी में व्यक्ति गहन शोध एवं विशेषज्ञता हासिल कर डिग्री अर्जित करता है। उसके बाद डॉक्टर शब्द को नाम के आगे इस्तेमाल कर सकता है। यहां इसका उद्देश्य नाम परिवर्तन करना नहीं, बल्कि नाम के आगे टाइटल लगाना होता है। नियमानुसार नाम के आगे डॉक्टर का टाइटल लगाने को लेकर राज्य सरकार या विभाग की ओर से मना नहीं है। बल्कि समय-समय पर विभाग की ओर से अनुमति प्रदान भी की गई है।
डॉ जोगेंद्र शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, एसएमएस, जयपुर

Jaipur News : परकोटे के बाजारों में यातायात संबंधी परेशानी दूर न होने की वजह से गुरुवार को व्यापारी सड़क पर उतर आए और बड़ी चौपड़ पर धरना दिया। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि 15 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे जयपुर बंद करेंगे। वे मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मिलेंगे और अधिकारियों की शिकायत करेंगे।

जयपुर व्यापार महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश केड़िया ने कहा कि अतिक्रमण, ई-रिक्शा और अव्यवस्थित पार्किंग बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से सैलानी बाजार में नहीं रुकता। ऐसे में व्यापार कैसे बढ़ेगा? एमआइ रोड व्यापार मंडल के महासचिव सुरेश सैनी ने कहा कि परिवहन विभाग, हैरिटेज नगर निगम और यातायात पुलिस मिलकर काम करेंगे, तभी सभी को राहत मिलेगी। धरने के संयोजक कैलाश मित्तल ने कहा कि 15 दिन में अव्यवस्थाएं दूर नहीं हुईं तो जयपुर बंद करेंगे और विशाल रैली निकालेंगे।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देंगे। सरकार हमारी बात तो सुनना चाहती है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने आश्वस्त किया कि महासंघ की सहमति पर किराए की नई दर निर्धारित करेंगे और ऑटो रिक्शा मीटर से चलाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने की। जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेन्द्र बज, नीरज लुहाड़िया, प्रकाश सिंह, मिंतर सिंह राजावत ने भी धरने में मौजूद व्यापारियों को संबोधित किया।

यह हो तो बेहतर होगी व्यवस्था
ई-रिक्शा संचालन की पॉलिसी बनाई जाए। परकोटे में इनकी संख्या भी सीमित हो।

रामनिवास बाग की भूमिगत पार्किंग को उपयोगी बनाया जाए।

बाजारों और गलियों से अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएं।

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शुक्रवार (16 फरवरी) दोपहर जयपुर एयरपोर्ट पर बम होने की सूचना प्रशासन को एक मेल के जरिए मिलने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया है। फौरन सुरक्षा गतिविधियों को बढ़ा दी गई है। प्रशासन के अनुसार, उन्हें एक अज्ञात मेल प्राप्त हुआ, जिसमें एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई और कहा गया कि एयरपोर्ट पर बम है।

इस सूचना के फौरान बाद प्रशासन अलर्ट हो हुई और जांच गतिविधियों को तेज कर दिया है। सुरक्षा के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। CISF सहित अन्य केंद्रिय एजेंसियां अलर्ट मोड पर है। एयरपोर्ट पर बम निरोधक दस्ता के साथ डॉग स्क्वॉयड को बुलाया गया है। एयरपोर्ट पर बारीकी से छानबीन की गई है। राहत की बात यह है कि तकरीबन एक घंटे की छानबीन के बाद सुरक्षाबलों को ऐसे एक भी वस्तु नहीं मिले जो संदिग्ध हो।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले साल 27 दिसंबर को भी इसी तरह का मेल प्राप्त हुआ था। जिसमें जयपुर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। उस वक्त भी प्रशासन ने फौरन बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वॉयड को बुलाकर परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लेकिन ऐसा कुछ संदिग्ध नहीं मिला।

 

गौरतलब है कि जयपुर देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां रोजाना हजारों यात्रियों का आगमन व प्रस्थान होता है। ऐसे में एयरपोर्ट पर बम जैसी ख़बर हजारों यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर सकता है जिसमें कई जाने भी जा सकती है। हालांकि पुलिस किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बड़ी ही सतर्कता के साथ काम कर रही है।

 

 

जयपुर. बीते आठ वर्ष की बात करें तो राजधानी में महज 12.94 किमी के रूट पर ही मेट्रो दौड़ रही है। पहले फेज का विस्तार और दूसरे फेज के जमीन पर आने से सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढऩे की उम्मीद जगी है क्योंकि, टोंक रोड पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है।
जिस रूट पर मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां फीडर सेवा और सिटी बसों को भी व्यवस्थित करने की जरूरत है क्योंकि जब स्टेशन से यात्री नीचे आते हैं तो उन्हें बस और फीडर में से कुछ भी नहीं मिलता। ऐसे में यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।

मौजूदा समय की बात करें तो पीक ऑवर्स में भी मेट्रो ट्रेन में यात्री भार कम ही नजर आता है। यदि जेसीटीएसएल से तुलना करें तो जर्जर और खटारा बसों में प्रतिदिन डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं और लग्जरी मेट्रो में यात्री भार महज 50 हजार है।

 

 

 

ऐसे समझें देरी

 

 

-03 जून, 2015 में मानसरोवर से चांदपोल (9.63 किमी) तक मेट्रो का संचालन शुरू हुआ।
-23 सितम्बर, 2020 में परकोटे में मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। रूट महज 2.4 किमी का है। चांदपोल से दायरा बढकऱ छोटी चौपड़ होते हुए बड़ी चौपड़ तक पहुंच गया।
-21 सितम्बर, 2023 को बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का शिलान्यास हुआ। अप्रेल, 2027 तक काम पूरा होगा।
(मानसरोवर से 200 फीट बाइपास तक के रूट का अब तक शिलान्यास नहीं हुआ है।)

 

 

 

जुड़ेंगे मेगा हाईवे, लाखों की आबादी को होगा फायदा

 


-मेट्रो फेज 1सी (बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर) का काम शुरू हो गया है। जल्द ही फेज 1डी (बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर) का काम शुरू होगा। दोनों चरणों का काम पूरा होने के बाद दिल्ली-आगरा से अजमेर हाईवे का जुड़ाव मेट्रो से हो जाएगा।
-मेट्रो अधिकारियों की मानें इन दोनों फेज का काम पूरा होने के बाद यात्री भार एक लाख के पार हो जाएगा।

 

 

 

इनको होगा फायदा

 

 


-अजमेर रोड: पृथ्वीराज नगर उत्तर में पांच लाख से अधिक की आबादी है। पास में वैशाली नगर, विद्युत नगर डीसीएम जैसे घनी आबादी वाले इलाके हैं।
-आगरा-दिल्ली रोड: सबसे ज्यादा ट्रैफिक अभी इन हाईवे पर रहता है। रामगंज चौपड़ पर भी भूमिगत स्टेशन बनेगा।

 

 

 

 

 

अब सीतापुरा से विद्याधर नगर तक

 


-फेज-2 में मेट्रो को अम्बाबाड़ी की बजाय विद्याधर नगर तक ले जाया जाएगा।
इसकी डीपीआर बनेगी। खास बात यह है कि पूरा रूट एलिवेटेड होगा। लाइट मेट्रो कॉन्सेप्ट पर इसका निर्माण होगा। ऐसी स्थिति में 5800 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। रूट की लम्बाई 30 किमी होने का अनुमान है।
-पिछली डीपीआर पर गौर करें तो सीतापुरा से कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट, बीटू बाइपास चौराहा, टोंक रोड पर दुर्गापुरा, महावीर नगर, देव नगर, गांधी नगर रेलवे स्टेशन, टोंक फाटक पुलिया, रामबाग सर्कल, नारायण सिंह सर्कल, सवाई मानसिंह अस्पताल से अशोक मार्ग होते हुए गवर्नमेंट हॉस्टल, चांदपोल, कलेक्ट्रेट सर्किल, पानीपेच होते हुए अंबाबाड़ी तिराहे तक मेट्रो रेल का कॉरिडोर प्रस्तावित था।
-माना जा रहा है कि अम्बाबाड़ी से बीआरटीएस कॉरिडोर का उपयोग करते हुए सीकर रोड होते हुए अम्बाबाड़ी तक ले जाया जाएगा।

भाजपा ने गुरुवार को ओबीसी मोर्चा और किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भागीरथ चौधरी और ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चम्पालाल गेदर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी जोशी के निर्देश पर कार्यकारिणी घोषित की।

ओबीसी मोर्चा

प्रदेश उपाध्यक्ष

महेन्द्र यादव, जगदीश सुथार, अरविन्द स्वामी, महावीर सिंह चारण, पुष्पराज यादव।

प्रदेश महामंत्री

महेन्द्र सिंह पंवार, पुष्कर तेली, सुनील यादव।

प्रदेश मंत्री

नंद लाल गुर्जर, हिंदलाज दान चारण, शशी प्रकाश प्रजापत, राजेन्द्र जांगिड़, सुनिता चौधरी, जगताराम, शक्तिरथ सिंह, राधेश्याम बैरागी।

प्रदेश कोषाध्यक्ष - हीरालाल परिहार।

प्रदेश कार्यालय मंत्री - रामेश्वर गुर्जर।

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किसान मोर्चा

प्रदेश उपाध्यक्ष - खीमाराम चौधरी, गणपत सिंह राठौड़, बिरदी सिंह चौधरी, सत्येन्द्र सिंह पथेना, दुर्गा हटवाल, राजेन्द्र सिंह रावत, कमलेन्द्र सिंह हाडा, संजय धाकड़।

प्रदेश महामंत्री - ओपी यादव, रेवंत सिंह राजपुरोहित, बलराम दून।

प्रदेश मंत्री - समरथ सिंह राठौड़, जीवन चौधरी, प्रकाश भाकर, चिराग चौधरी, रामनिवास मंडा, राधेश्याम गुर्जर।

प्रदेश कोषाध्यक्ष - दिनेश मित्तल।

प्रदेश कार्यालय मंत्री - सत्येन्द्र त्यागी।

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टोरंटो में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, आमतौर पर नपुंसकता (Impotence) की दवा के रूप में जानी जाने वाली (viagra) वियाग्रा, उन नवजात शिशुओं के इलाज में भी मदद कर सकती है, जिन्हें गर्भावस्था (Pregnancy) या जन्म के दौरान ऑक्सीजन की कमी हो जाती है (Neonatal encephalopathy)।

ऑक्सीजन से वंचित नवजात शिशुओं के इलाज के विकल्प सीमित हैं। ऐसे मामलों में मस्तिष्क क्षति को रोकने के लिए केवल चिकित्सीय हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले 29 प्रतिशत शिशुओं में अभी भी महत्वपूर्ण न्यूरोलॉजिकल (Neurological ) समस्याएं विकसित हो जाती हैं।

कनाडा के मॉन्ट्रियल चिल्ड्रन हॉस्पिटल (MCH) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने नए क्लिनिकल अध्ययन में दिखाया है कि sildenafil (जिसे ब्रांड नाम वियाग्रा के तहत बेचा जाता है) देना एक संभावित समाधान हो सकता है।

टीम ने कहा, "यह नवजात एन्सेफैलोपैथी (Neonatal encephalopathy) के कारण हुए मस्तिष्क क्षति को ठीक करने का पहला प्रमाण-सिद्धांत अध्ययन है।"

चिकित्सीय हाइपोथर्मिया के बावजूद ऐसे शिशुओं में Sildenafil का उपयोग "संभव और सुरक्षित" पाया गया।

MCH की नवजात चिकित्सक पिया विंटरमार्क ने कहा, "अभी, जब किसी बच्चे का दिमाग क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो हम फिजियोथेरेपी (Physiotherapy), व्यावसायिक चिकित्सा या विशेष देखभाल जैसी सहायक देखभाल के अलावा बहुत कम दे सकते हैं। अगर हमारे पास कोई ऐसी दवा होती जो मस्तिष्क की मरम्मत कर सके, तो यह इन बच्चों का भविष्य बदल सकती है। यह उनके लिए, उनके परिवार के लिए और समाज के लिए सामान्य रूप से जीत होगी।"

पहले के शोध में पाया गया था कि Sildenafil वयस्क स्ट्रोक रोगियों में मस्तिष्क को फिर से ठीक करने वाले गुण रखता है। इसलिए टीम ने सोचा कि नवजात शिशुओं के दिमाग पर इसके प्रभावों का परीक्षण किया जाए।

नैदानिक अध्ययन के पहले चरण में 36 सप्ताह या उससे अधिक समय तक गर्भ में रहे 24 शिशुओं को शामिल किया गया, जिन्हें मध्यम से गंभीर नवजात एन्सेफैलोपैथी थी, जिन्हें चिकित्सीय हाइपोथर्मिया पर रखा गया था और उपचार के बावजूद मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो गई थी।

इनमें से आठ को जीवन के दूसरे या तीसरे दिन से शुरू होकर, सildenafil सात दिनों तक, दिन में दो बार (कुल 14 खुराक) दी गई। तीन अन्य शिशुओं को प्लेसीबो दिया गया।

Sildenafil की पहली खुराक के बाद आठ में से दो शिशुओं में रक्तचाप थोड़ा कम हो गया, लेकिन यह उसके बाद दोबारा नहीं हुआ, जबकि प्लेसीबो समूह में किसी भी बच्चे की मृत्यु नहीं हुई।

Sildenafil शिशुओं के लिए सुरक्षित

टीम ने कहा, "इसलिए अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि Sildenafil उन शिशुओं के लिए सुरक्षित और अच्छी तरह से अवशोषित होता है, जिन्हें नवजात एन्सेफैलोपैथी के कारण मस्तिष्क क्षति हो गई है और जिनमें चिकित्सीय हाइपोथर्मिया अप्रभावी साबित हुआ है।"

इसके अलावा, एक खोजपूर्ण विश्लेषण में, Sildenafil से उपचारित पांच नवजात शिशुओं में चोट के आंशिक रूप से ठीक होने, मस्तिष्क की मात्रा कम होने के कम लक्षण और 30 दिन की उम्र में गहरे मस्तिष्क पदार्थ में वृद्धि देखी गई।

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जयपुर. माघ शुक्ल पक्ष सप्तमी पर आज राजधानी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में सूर्य सप्तमी पर्व का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर शहर के प्राचीन सूर्य मंदिरों में भगवान सूर्य की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। ठिकाना मंदिर श्री गोविंददेवजी में सूरज सप्तमी पर ठाकुर श्रीजी का मंगला झांकी के बाद पंचामृत अभिषेक कर नवीन केसरिया रंग की लप्पा जामा पोशाक धारण कराई गई और विशेष अलंकार शृंगार किया गया। इसके साथ खीर और मालपुए का भोग अर्पण किया गया। आज चैतन्य महाप्रभु जयंती भी मनाई गई।
उधर जलेब चौक स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर में सूर्य सप्तमी के मौके पर पुजारी काशीनाथ व सुरेश शर्मा के सान्निध्य में भगवान सूर्यनारायण की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लाल चंदन, दूध और पंचामृत से अभिषेक किया गया। इस मौके सात घोड़ों के रथ सवार हुए भगवान सूर्यदेव की झांकी सजाई गई। गलता घाटी स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर में सुबह सूर्यदेव का लाल चंदन और पंचामृत से अभिषेक कर नई पीतांबरी पोशाक धारण कराई गई। इसके बाद सूर्यदेव के विग्रह को सात अश्वों से सुसज्जित रथ में विराजमान कर पूरे लवाजमे के साथ रथयात्रा निकाली।

कोविड -19 से संक्रमित लोगों में थकान या शारीरिक ऊर्जा की कमी एक आम लक्षण रहा है। हालांकि, एक नए अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग कोविड -19 से ठीक हो गए हैं, उनमें उन लोगों की तुलना में पुरानी थकान विकसित होने की संभावना कम से कम चार गुना अधिक है, जिन्हें यह वायरस नहीं हुआ था।

अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों (सीडीसी) के शोधकर्ताओं ने 14 फरवरी को कोविड -19 संक्रमण और कोविड के बाद की पुरानी थकान के कारण होने वाली थकान के बारे में एक नया अध्ययन प्रकाशित किया।

शोधकर्ताओं ने फरवरी 2020 और फरवरी 2021 के बीच पुष्टि किए गए कोविड -19 वाले 4,500 से अधिक रोगियों के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को देखा।


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कोविड -19 पुष्ट मामलों की तुलना 9,000 से अधिक गैर-कोविड -19 रोगियों के डेटा से की गई, जिनमें समान विशेषताएं थीं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड -19 रोगियों में 9% में थकान विकसित हुई।

कोविड -19 रोगियों में, थकान के नए मामलों की दर 10.2 प्रति 100 व्यक्ति-वर्ष थी और पुरानी थकान के नए मामलों की दर 1.8 प्रति 100 व्यक्ति-वर्ष थी।

व्यक्ति-वर्ष माप का एक प्रकार है जो किसी अध्ययन में लोगों की संख्या और प्रत्येक व्यक्ति अध्ययन में जितना समय व्यतीत करता है, उसे गुणा करता है। यह जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए उपयोगी है।

अध्ययन में पाया गया कि जब गैर-कोविड -19 रोगियों की तुलना में, जो लोग टेस्ट में पॉजिटिव आए उनमें थकान का जोखिम 68% था और अनुवर्ती अवधि में पुरानी थकान विकसित होने की संभावना 4.3 गुना अधिक थी।

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थकान एक आम समस्या Fatigue is a common problem

थकान एक आम समस्या थी, खासकर महिलाओं, वृद्ध व्यक्तियों और मधुमेह या मनोदशा संबंधी विकारों जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में।

दिलचस्प बात यह है कि नस्ल या जातीयता के आधार पर मजबूत सबूत नहीं मिले, सिवाय ब्लैक रोगियों में थोड़ी कम घटनाओं को छोड़कर।

अध्ययन से यह भी पता चला कि जिन लोगों में कोविड -19 के बाद थकान विकसित हुई, उनमें थकान के बिना वालों की तुलना में अधिक अस्पताल में भर्ती या मृत्यु जैसे बदतर परिणाम सामने आए।

थकान वाले 434 कोविड -19 रोगियों में से 25.6% को कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि थकान के बिना 4,155 रोगियों में से केवल 13.6% को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शोधकर्ताओं ने तीव्र कोविड -19 से उबरने के एक साल बाद भी थकान को पहचानने और उसका समाधान करने के महत्व पर बल दिया।

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कोविड -19 के एक साल बाद भी थकान हो सकती है

अध्ययन के लेखकों ने लिखा, "हमारा डेटा इंगित करता है कि कोविड -19 नए थकान निदानों में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ जुड़ा हुआ है, और डॉक्टरों को पता होना चाहिए कि तीव्र कोविड -19 के एक साल बाद भी थकान हो सकती है या इसे पहचाना जा सकता है।"

उन्हें उम्मीद है कि इन लक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ने से कोविड रोगियों को जल्दी देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उनके जोखिम कम होंगे।

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जयपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को राजस्थान के विकास के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का वर्चुअली शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि सभी ने मोदी की गारंटी पर विश्वास किया और डबल इंजन की सरकार बनाई और राजस्थान की डबल इंजन सरकार ने कितनी तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। आज राजस्थान के विकास के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। ये प्रोजेक्ट, रेल, रोड, सौर ऊर्जा, पानी और एलपीजी जैसे विकास कार्यक्रमों से जुड़े हैं। ये परियोजनाएं राजस्थान के हज़ारों युवाओं को रोजगार देने वाली हैं। उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स के लिए राजस्थान के सभी साथियों को बधाई दी।

 

 

 

 

 

 

फ्रांस तक राजस्थान के लोगों की गूंज

 

 


उन्होंने कहा कि "विकसित भारत-विकसित राजस्थान" इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान की हर विधानसभा से लाखों साथी जुड़े और वह सभी का अभिनंदन करते हैं। मुख्यमंत्री को भी बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का इतना शानदार उपयोग करके जन-जन तक इसे पहुंचाने का उन्हें अवसर दिया है। कुछ दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति का जयपुर में जो स्वागत सत्कार किया गया, उसकी गूंज पूरे भारत में ही नहीं बल्कि पूरे फ्रांस में भी गूंज रही है और यही तो राजस्थान के लोगों की खासियत है।

 

 

 

 

 

 

यही समय है, सही समय है

 

 

 

उन्होंने कहा कि राजस्थान के भाई-बहन जिस पर प्रेम लुटाते हैं, कोई कसर बाकी नहीं छोड़ते। उन्हें याद है, जब विधानसभा चुनाव के समय वह राजस्थान आते थे, तो लोग किस तरह हमें आशीर्वाद देने के लिए उमड़ पड़ते थे। उन्होंने कहा कि आपको याद होगा, लाल किले से मैंने कहा था- यही समय है, सही समय है। आजादी के बाद आज भारत के पास ये स्वर्णिम कालखंड आया है। भारत के पास वो अवसर आया है, जब वो दस साल पहले की निराशा को छोड़कर अब पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

2014 से पहले हो रहे थे बड़े-बड़े घोटाले

 

 

आप याद कीजिए, 2014 से पहले देश में क्या बातें चल रही थीं। क्या सुनाई दे रहा था। अखबारों में क्या पढ़ने को मिलता था। तब पूरे देश में होने वाले बड़े-बड़े घोटालों की चर्चा ही रहती थी। तब आए दिन होने वाले बम धमाकों की चर्चा होती थी। मोदी ने कहा कि देश के लोग सोचते थे कि हमारा क्या होगा, देश का क्या होगा। जैसे-तैसे जीवन निकल जाए, जैसे-तैसे नौकरी बच जाए, कांग्रेस के राज में चारों तरफ तब यही माहौल था। और आज हम क्या बात कर रहे हैं। किस लक्ष्य की बात कर रहे हैं। आज हम विकसित भारत की, विकसित राजस्थान की बात कर रहे हैं। आज हम बड़े सपने देख रहे हैं, बड़े संकल्प ले रहे हैं और उन्हें पाने के लिए तन-मन से जुटे हैं।

 

 

 

किसान-पशुपालक को लाभ होगा

 


जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो ये केवल शब्द भर नहीं है, ये केवल भाव भर नहीं है। ये हर परिवार का जीवन समृद्ध बनाने का अभियान है। ये गरीबी को जड़ से मिटाने का अभियान है। ये युवाओं के लिए अच्छे रोज़गार बनाने का अभियान है। ये देश में आधुनिक सुविधाएं बनाने का अभियान है। मैं कल रात में ही विदेश यात्रा से लौटा हूं। यूएई और कतर के बड़े-बड़े नेताओं से मेरी मुलाकात हुई है। आज वे भी भारत में हो रही प्रगति को लेकर चकित हैं। आज उनको भी भरोसा हो रहा है कि भारत जैसा विशाल देश बड़े सपने देख सकता है, इतना ही नहीं, उन्हें पूरा भी कर सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित राजस्थान का निर्माण बहुत ज़रूरी है। और विकसित राजस्थान के लिए रेल, रोड, बिजली, पानी, जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का तेज विकास होना जरूरी है। जब ये सुविधाएं बनेंगी, तब किसान-पशुपालक को लाभ होगा। राजस्थान में उद्योग आएंगे, फैक्ट्रियां लगेंगी, पर्यटन बढ़ेगा। अधिक निवेश आएगा, तो स्वाभाविक है, ज्यादा से ज्यादा नौकरियां भी आएंगी।

जब सड़कें बनती हैं, रेल लाइन बिछती है, रेलवे स्टेशन बनते हैं, जब गरीबों के घर बनते हैं, जब पानी और गैस की पाइपलाइन बिछती है, तब निर्माण से जुड़े हर बिजनेस में रोजगार बढ़ता है। तब ट्रांसपोर्ट से जुड़े साथियों को रोजगार मिलता है। इसलिए इस वर्ष के केंद्रीय बजट में भी हमने ऐतिहासिक 11 लाख करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखे हैं। ये कांग्रेस सरकार के समय से छह गुना ज्यादा है। जब ये पैसा खर्च होगा, तो राजस्थान के सीमेंट, पत्थर, सिरेमिक, ऐसे हर उद्योग को लाभ होगा।

 

 

 

 

 

मेहंदीपुर बालाजी और आगरा आना - जाना और आसान हो जाएगा

 

 


प्रधानमंत्री ने कहा कि गत 10 वर्षों में राजस्थान में गांव की सड़कें हों या फिर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे, आपने देखा होगा, अभूतपूर्व निवेश किया गया है। आज राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्री तट से लेकर के पंजाब तक चौड़े और आधुनिक हाईवे से जुड़ रहा है। आज जिन सड़कों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उनसे कोटा, उदयपुर, टोंक, सवाई-माधोपुर, बुंदी, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यही नहीं इन सड़कों से हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली से कनेक्टिविटी भी सशक्त होगी।

आज भी यहां रेलवे के विद्युतीकरण से लेकर मरम्मत तक के अनेक प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण हुआ है। बांदीकुई से आगरा फोर्ट रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद मेहंदीपुर बालाजी और आगरा आना जाना और आसान हो जाएगा। जयपुर में खातीपुरा स्टेशन के शुरु होने से अब ज्यादा ट्रेनें चल पाएंगी। इसमें यात्रियों को बहुत सुविधा होगी।

 

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How to stop white hair :

आजकल पेट या अन्य कई बीमारियों की वजह से बाल जल्दी ही सफेद हो जाते हैं, कम उम्र में बाल सफेद होना एक चिंताजनक बीमारी का इशारा है, भले ही आप शैंपू या तेल चेंज कर लें लेकिन कुछ नेचुरल उपाय ऐसे हैं जिनसे बाल सफेद होने की समस्या का समाधान मिल सकता है। दरअसल बालों को काला करने के लिए मेलेनिन बढ़ाने (increase melenin) की जरूरत है।

मेलेनिन की कमी की वजह से बाल तेजी से सफेद होने लगते हैं। ऐसे में बालों की रंगत बढ़ाने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं , ये मेलेनिन बढ़ाते हैं और बालों की रंगत में सुधार लाते हैं। सबसे पहले जरूरी है
अच्छी डाइट लेना (proper Diet)

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विटामिन का करें सेवन (Take vitamins)


मेलेनिन उत्पादन बढ़ाने के लिए विटामिन ए,सी और बी 12 सबसे जरूरी विटामिन है। ये बालों को अंदर से काला करते हैं और इनकी रंगत सुधारते हैं। खट्टे फल, विटामिन सी से भरपूर फल खाएं, जिसका बालों पर अच्छा असर होता है। इन फलों में संतरे, अंगूर, अनानास जैसे फूड्स शामिल है। इसके अलावा तनाव कम लेने से भी बालों की रंगत नहीं जाती है।

बालों में लगाएं ये चीजें (Apply these home remedies)


आंवला और भृंगराज बालों की रंगत में सुधार ला सकते हैं। आंवला पाउडर बनाकर रख लें और इसमें भृंगराज का पानी मिला लें। फिर इसे बालों में लगाएं। ये बालों को काला करने के साथ इसकी रंगत सुधारने में मददगार है। साथ ही सरसो का तेल भी बालों को काला रखने में मदद करता है।
इसके अलावा आलमंड ऑयल और लेमन जूस भी तेल में मिलाकर लगाना है, कॉफी,करी पत्ता और ऑयल, तोरई का तेल,प्याज का रस भी बहुत ही फायदेमंद है

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Indian Women Height: दुनिया में सबसे लम्बी महिलाएं लाटविया की हैं। लाटविया ने ब्रिटेन, यूएस को भी कहीं पीछे छोड़ दिया है। इस बाल्टिक राज्य में 1996 में जन्म लेने वाली महिलाओं की लंबाई औसतन 169.80 सेमी यानि लगभग 5 फीट 7 इंच होती है। इस लिस्ट में ब्रिटेन और यूएस की महिलाओं का नाम टॉप 20 तक में नहीं है। वहीं भारत की महिलाओं की हाइट - इंडिया - 152.59cm है।

किस देश की महिला की हाइट कैसी है (know the height of different countries women)


इस लिस्ट में ब्रिटेन की महिलाओं की लंबाई 164.4 सेमी यानि एवरेज 5 फीट 5 इंच है। दुनिया में महिलाओं की लम्बाई में यह ब्रिटेन 38वें नम्बर पर आता है। इस सूची में अमेरिका 42वें स्थान पर है, जिसकी महिलाएं औसतन 163.54 सेमी (5 फीट 4 इंच) लंबी हैं। यह डेटा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के डेटा के तहत शेयर किए हैं, जिसमें 195 देशों के लिए उपलब्ध है और इसमें लाखों प्रतिभागी शामिल हैं। परिणामों की गणना महिला जनसंख्या द्वारा कुल ऊंचाई के योग को विभाजित करके की गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक बचपन में खराब पोषण या बीमारी हाइट केा इफेक्ट करती है।

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दुनिया की सबसे लम्बी महिलाएं यहां



लाटविया - 169.80cm
नीदरलैंड - 168.72cm
एस्टोनिया- 168.67cm
चॆक गणराज्य - 168.46cm
सर्बिया - 167.69cm
स्लोवाकिया - 167.47cm
डेनमार्क - 166.62cm
लिथुआनिया - 166.35cm
बेलारूस - 166.34cm
यूक्रेन - 166.05cm
दुनिया की सबसे नाटी महिलाएं यहां
ग्वाटेमाला - 149.39cm
फिलिपींस - 149.61cm
बांग्लादेश - 150.79cm
नेपाल - 150.86cm
पूर्वी तिमोर- 151.15cm
मेडागास्कर - 151.18cm
लाओस - 151.27cm
मार्शल द्वीपसमूह - 151.31cm
इंडोनेशिया - 152.80cm

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वाशिंगटन। आने वाले तीन दशकों में 100 वर्ष से अधिक आयु वाले अमरीकियों की संख्या चौगुनी होने की उम्मीद है और वैज्ञानिक अब यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि इनकी चिरायु के पीछे असल राज क्या है। शतवर्षीय जिन्हें कभी दुर्लभ माना जाता था, अब आम हो गए हैं। वे दुनिया की आबादी का सबसे तेजी से बढ़ने वाला जनसांख्यिकीय समूह है, जिनकी संख्या 1970 के दशक के बाद से हर 10 साल में लगभग दोगुनी हो रही है।

बायोमार्कर जांच ने बताई शतायु जीवन की संभावनाएं:

स्वीडन में कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों नें सूजन, मेटाबॉलिज्म, लिवर, किडनी के कार्य और संभावित एनीमिया व कुपोषण से संबंधित 12 रक्त-आधारित बायोमार्कर की जांच की ताकि समझा जा सके कि लंबे जीवन में क्या योगदान देता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग 100 वर्ष तक जीवित रहे उनमें 60 के दशक से ग्लूकोज, क्रिएटिनिन और यूरिक एसिड का स्तर कम होने लगा था। पाया गया कि सबसे कम यूरिक एसिड स्तर वाले प्रतिभागियों की शतायु तक पहुंचने की संभावना चार प्रतिशत अधिक थी, जबकि अधिकता वाले प्रतिभागियों की केवल 1.5 प्रतिशत ही उम्मीद थी।

तीन दशकों में चीन में होंगे सर्वाधिक शतवर्षीय :

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया अनुमानित 7,22,000 शताब्दीवासियों का घर है। 2024 में सर्वाधिक शतायु लोग जापान, अमरीका, चीन, भारत और थाईलैंड में होंगे। जापान में प्रत्येक 10,000 लोगों पर लगभग 12 शतायु हैं, थाईलैंड में 10,000 पर पांच और अमरीका में तीन। इसकी तुलना चीन और भारत से करने पर यह आंकड़ा एक से भी कम है क्योंकि यहां बड़ी आबादी फिलहाल युवा है। जबकि तीन दशकों में चीन में शतायु लोगों का सबसे बड़ा हिस्सा होगा। इसके बाद अमरीका, भारत, जापान और थाईलैंड होंगे।

अमरीका में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं शतायु:

जनवरी 2024 तक अमरीका में 1,01,000 शतायु लोगों के होने का अनुमान है और प्यू रिसर्च सेंटर के शोध से संकेत मिलता है कि 30 वर्षों में यह आंकड़ा 4,22,000 हो जाएगा। शतायु लोगों की संख्या वर्तमान में कुल अमरीकी आबादी का केवल 0.03 प्रतिशत है और 2054 में उनके 0.1 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। अमरीका में चिरायु जीने के मामले में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की तादाद अधिक है और निकट भविष्य में भी स्थिति यही रहने वाली है।

शतायु आबादी वाले पांच प्रमुख देश (2024)

  • जापान- 1,46,000
  • अमरीका- 1,08,000
  • चीन- 60,000
  • भारत- 48,000
  • थाईलैंड- 38,000
    स्रोत: प्यू रिसर्च सेंटर
    डाटा: अनुमानित
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नोट्स बना कर करें पढ़ाई
अंग्रेजी का पेपर 80 नंबर का होता है। जिसमें लिटरेचर सेक्शन, रीडिंग, राइटिंग और ग्रामर सेक्शन शामिल है। लिटरेचर सेक्शन स्कोर करने के लिए सबसे अच्छा होता है। इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी करें। पढ़ते समय नोट्स बनाएं, इससे रिवीजन में आसानी होगी और आप लॉन्ग आंसर टाइप सवालों के जवाब भी दे पाएंगे। अंग्रेजी में रटने से काम नहीं चलता। सैम्पल पेपर सॉल्व करने से आपको आइडिया हो जाएगा कि पेपर किस तरह का आता है।


न करें जल्दबाजी
परीक्षा में छात्रों को पेपर पढऩे के लिए 15 मिनट का समय दिया जाता है। उसका सदुपयोग करें और यह निश्चित करें कि किस प्रश्न में क्या पूछा गया है। कभी-कभी स्टूडेंट्स जल्दबाजी में पेपर पढ़ते हैं और उत्तर गलत लिख देते हैं।

स्पेलिंग का रखें ध्यान
रीडिंग सेक्शन वाले सेक्शन में पैसेज दिए जाते हैं, इसलिए परीक्षा की तैयारी करते हुए इनकी प्रैक्टिस पर ध्यान दें। वहीं राइटिंग एंड ग्रामर सेक्शन भी स्कोरिंग है। इसकी तैयारी करते हुए एडिटिंग, गैप फिलिंग और नरेशन पर आधारित पैसेज की प्रैक्टिस करनी चाहिए। पेपर चाहे किसी का भी हो राइटिंग मायने रखती है, क्योंकि आप पहली बार किसी टीचर को अपने राइटिंग और वर्ड से लुभाएंगे। इसके साथ ही स्पेलिंग और पंक्चुएशन का विशेष ध्यान रखें। कई छात्र पेपर देखते ही घबराने लगते हैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना। बस टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखना है।

Five Year Old Boy Raped : घर के बाहर खेल रहे छोटे बच्चे भी अब सुरक्षित नहीं हैं। जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रहे पांच साल के बच्चे के साथ दरिंदगी की गई है। बच्चा रोया और चीख तो आरोपी वहां से भाग गया। हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बच्चों से लैंगिक अपराध की धाराओं और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। बच्चा पांच साल का है और उसका मेडिकल कराया गया है। दर्ज रिपोर्ट पर पुलिस ने बताया कि शास्त्री नगर इलाके में एक कॉलोनी में बच्चा अपने घर के बाहर ही खेल रहा था। इसी दौरान वहां पास ही रहने वाला विजय नाम का एक खानाबदोश युवक आ गया।

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उसने बच्चे को साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं गया। तो बच्चे का मुंह दबाकर जबरन उसे उठा ले गया और नजदीक ही एक सुनसान से पड़े मकान में ले गया। इस दौरान वहां खेल रहे और बच्चे डर के मारे भाग गए। सुनसान मकान में ले जाने के बाद विजय ने बच्चे को पीटा, उसके साथ गंदा काम किया। बच्चा दर्द के कारण चीखने लगा तो उसे और पीटा और फिर वहां से फरार हो गया। बच्चा रोता हुआ घर पहुंचा तो उसकी हालात देखकर मां के रौंगटे खड़े हो गए। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इस बीच पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने फरार होने से पहले आरोपी विजय को धर लिया है।

जब हम कुछ करने की ठान लेते हैं और शिद्दत से उसे पूरा करने में लग जाते हैं तो वह काम पूरा होता ही है। कुछ ऐसा ही शशि कुमार ने कर दिखाया। 41 साल की उम्र में उन्होंने बतौर डांसर अपनी एक नई पहचान बनाई है। हाल ही में वह टीवी रियलिटी शो 'डांस दीवाने' में नजर आईं। दो बेटियों और एक बेटे की मां शशि को डांस का शौक था। टीवी पर देखकर डांस सीखा। शादी हो गई, तब पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते डांस पीछे छूट सा गया। शादी पार्टी में डांस जरूर करती थीं लेकिन वह पैशन नहीं रहा जो पहले था। शशि ने बताया कि डांस दीवाने के ऑडिशन की जानकारी उन्हें उनकी एक दोस्त ने दी और वह ऑडिशन देने चली गईं। जब पहला राउंड क्लियर हुआ तो दोनों बेटियों ने घर रह कर उन्हें आगे के ऑडिशन की तैयारी करवाई। उन्होंने इसके लिए कोई डांस क्लास जॉइन नहीं की। उनके शो में तीन राउंड क्लियर हो चुके हैं और अब वह शो में और आगे जाने की तैयारी में जी जान से जुटी हुई हैं।


लोगों ने दिए ताने
शशि के मुताबिक उनके इस सफर में परिवार ने उनका पूरा साथ दिया लेकिन पड़ोसियों और रिश्तेदारों को उनका डांस करना पसंद नहीं था। जब वह किसी शादी पार्टी में डांस किया करती थीं, तो वे उन्हें 'नचनियां' बोला करते थे लेकिन उन्होंने कभी इन बातों को दिल से नहीं लिया क्योंकि उन्हें पता था डांस करने में कुछ गलत नहीं है।

सफर रहा शानदार
वे कहती हैं कि इससे पहले किसी कॉम्पटिशन में भाग नहीं लिया, लेकिन आज बेहद खुश हूं कि छोटी सी जगह से निकलकर यहां तक पहुंची हूं। यह सफर बेहद शानदार रहा। बड़े लोगों से मिलने और सीखने का मौका मिला। जब यहां एक्सपर्ट डांस की ट्रेनिंग देते हैं तो अच्छा लगता है।

डांस क्लास खोलने का सपना
दिल्ली के पटपडग़ंज की शशि कुमार का कहना है कि अब जब मुझे एक नई पहचान मिल गई है और जिस तरीके से में यहां तक पहुंची हूं तो मैं अपनी जर्नी को देखते हुए दूसरी अन्य महिलाएं और लड़कियों के लिए डांस
क्लास शुरू करना चाहती हूं, जिसमें उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दे सकूं। मुझे सूट और साड़ी पहनकर ही डांस करना अच्छा लगता है।

Recipe - टी टाइम स्ट्रॉबेरी केक

Friday 16 February 2024 11:37 AM UTC+00 | Tags: recipes

विधि: एक बाउल में इलेक्ट्रिक बीटर की सहायता से बटर को बीट करें। दूसरे बाउल में मिल्कमेड लेकर उसमें मैदा, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा, छान कर डालें। इन्हें थोड़ा ऊपर से छानकर डालने से इसमें हवा भर जाती है और मैदा हल्की हो जाती है, जिससे केक सॉफ्ट बनता है। अब बाउल में स्ट्रॉबेरी क्रश और दूध डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर बैटर बनाएं। इसमें रेड फूड कलर भी डाल सकते हैं। अब एक मोल्ड लेकर उसे बटर से ग्रीस करें और उसमें थोड़ी सी मैदा डाल कर चारों तरफ फैला दें। मोल्ड में बैटर डालकर इसे 3/4 भरें। ऊपर से स्ट्रॉबेरी के छोटे टुकड़े डालें। 180 डिग्री पर प्री-हिट माइक्रोवेव में मोल्ड रखकर 30 से 35 मिनट बेक करें। बेक होने के बाद इसे माइक्रोवेव से बाहर निकाल कर ठंडा होने दें। जब यह ठंडा हो जाए से स्ट्रॉबेरी क्रश इसके ऊपर लगाएं। फिर गनाश बनाने के लिए चॉकलेट दो प्यालों में लें। एक प्याले में फ्रेश क्रीम भी डालें। दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करें और माइक्रोवेव में 30-30 सेकंड के माइक्रोवेव करें। एक चम्मच की मदद से इसे हिलाते हुए लम्प्स फ्री करें और ठंडा होने दें। इसमें फ्रेश स्ट्रॉबेरी, ड्राइ कीवी बारीक टुकड़े में काट कर डालें। चॉकलेट के बारीक टुकड़े डालें और बादाम की कतरन भी डालें। 10 मिनट बाद हमारा केक सेट हो जाएगा। अब इसपर गनाश डाल कर फैलाएं और बारीक कटी सारी सामग्री डालें। इस तरह हमारा केक टी टाइम स्ट्रॉबेरी तैयार है। आराम से चाय के साथ खाएं।

- भारती पाटनी

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Hypertension and Heart Disease :

मां और उनके बच्चों में साझा जोखिम वाले जीन के चलते जन्म के समय अगर वजन बढ़ा हुआ रहा तो बड़े होने के बाद दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च में पाया गया है कि छोटे कद के पैदा हुए लोगों में बड़े होने पर हाइपरटेंशन और हृदय रोग विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।


एक थ्योरी के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान अपर्याप्त न्यूट्रिशन का सेवन विकासशील भ्रूण के मेटाबॉलिज्‍म को प्रभावित करता है, इससे ओवरन्यूट्रिशन के दौरान हृदय रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। जर्नल कम्युनिकेशंस बायोलॉजी में प्रकाशित निष्कर्षों से पता चला है कि विकासशील भ्रूण के विकास को प्रभावित करने वाले मां से मिलने वाले जीन बच्चे के वजन पर प्रभाव डालते है।


फिनलैंड में हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने कहा,ऐसा लगता है कि ये जीन बीमारी के जोखिम में केवल तभी भूमिका निभाते हैं, जब वे बच्चे में प्रवेश कर जाते हैं। मां से मिलने वाले कुछ जीन गर्भ में बच्चे की विकास स्थितियों को प्रभावित करते हैं, इससे बच्चे का जन्म के समय वजन प्रभावित होता हैं। बदले में बच्चे को मां से इन जीन्स की एक कॉपी मिलती है।

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रिसर्च में बताया गया है कि 'जब हमने बच्चों के बीमार होने की संभावना पर बर्थ वेट वाले जीन्स के प्रभाव का अध्ययन किया, तो हमने पाया कि जन्म से पहले बच्चे के विकास में मां की वजह से होने वाले छोटे-मोटे बदलावों का बच्चे में व्यस्क होने पर बीमारी विकसित होने के जोखिम पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। इसकी बजाय, ऐसा लगता है कि बच्चे के स्वयं के जीन उसके भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को निर्धारित करने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


स्टडी का नेतृत्व करने वाले डॉ तारू तुकियानेन ने कहा, "रिसर्च में हमने एक ही समय में माताओं और उनके बच्चों दोनों के जेनेटिक डेटा का उपयोग किया है। यह तरीका पता लगाने के लिए बहुत ही प्रभावी साबित हुआ है कि मां के स्वास्थ्य और गर्भ में बच्चे की स्थिति बच्चे के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है।

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आधी आबादी यानी महिलाओं की सोच को अखबार में उतारने के लिए पत्रिका की पहल संडे वुमन गेस्ट एडिटर के तहत आज की गेस्ट एडिटर फिल्ममेकर सुरुचि शर्मा हैं। आप ट्राइबल आर्ट को सहेजने का काम कर रही हैं। आपको पिछले वर्ष 'मीन राग' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। आपका कहना है कि बदलते इस युग में इन समृद्ध कलाओं को हमें साथ लेकर चलना होगा। तभी ट्राइबल आर्ट की मौलिकता का संरक्षण कर पाएंगे।

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वरुण भट्ट

 


डूंगरपुर. बांसवाड़ा की चंदा डामोर आदिवासी कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। इनकी पंद्रह सदस्यों की टीम है जिसने आदिवासियों की परंपरागत वेशभूषा, भित्ति चित्र, वागड़ी लोक गीत, वाद्ययंत्रों एवं कला के संरक्षण के लिए पांच वर्ष पहले प्रयास शुरू किए गए थे। चंदा डामोर विभिन्न मेलों, आयोजनों में जनजाति कला-संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनी लगाने के साथ ही इसके महत्त्व के बारे में भी बताती हैं। चंदा बताती हैं कि क्षेत्र की संस्कृति को समझने के लिए लोकगीतों को जानना भी जरूरी है। लोकगीत ही संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
रंगोली देराढ़ी के बारे में नई पीढ़ी को बताते
अतिथियों के स्वागत की भी जनजाति क्षेत्रों में विशिष्ट परंपरा है। थाली, कुंडी व ढोल पर थाप के साथ परंपरागत वेशभूषा में स्वागत किया जाता है। शादी-ब्याह के मौके पर पुरातन समय से घरों की दीवारों पर सजाई जाने वाली रंगोली देराढ़ी को लेकर भी नई पीढ़ी को भित्ति चित्र सहित अन्य माध्यमों से अवगत कराया जा रहा है।

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शेख तैय्यब ताहिर

 


जगदलपुर. आदिवासियों पर बस्तर में शोध करने पहुंची दीप्ति ओगरे ने सोचा भी नहीं था कि उन्हें यहां के लोगों से ऐसा प्यार मिलेगा और वे गोंड समुदाय के लिए 'मृतक स्तंभ' बनाएंगी। अब वे इस परम्परा को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहीं है। बच्चों को इसके बारे में पढ़ा भी रही हैं। इसे बेहतर करने का प्रयास कर रही हैं। अब तक वे करीब चालीस से अधिक बच्चों को इसके लिए प्रशिक्षित कर चुकी हैं। दरअसल, दीप्ति का शोध के सिलसिले में गुडिय़ापदर गांव में जाना होता था।

 

 

परिवारजन ने किया आग्रह

 


गुडिय़ापदर गांव की बुधरी बाई दीप्ति को बेटी समान मानने लगीं। पिछले वर्ष कैंसर से बुधरी की मृत्यु हो गई। तब बुधरी की याद में परिवारजनों ने दीप्ति को मृतक स्तम्भ बनाने के लिए कहा। मृतक स्तम्भ इस समुदाय की प्रथा है। सामाजिक बैठक में ग्राम देवी गुडिय़ापदरिन, देवी डोकरा, कालापदरिन, गमरानी व पेन पुरखा से अनुमति लेकर दीप्ति को स्तंभ पर चित्रांकन का आदेश दिया गया।

 

 

दुलार को महसूस करतीं

 


दीप्ति ने यह मृतक स्तम्भ बनाया। बुधरी की यादें इस मृतक स्तंभ में जिंदा हैं। दीप्ति बताती हैं कि मैं अब भी उनके स्तंभ के सामने बैठकर उनके स्नेह और दुलार को याद करती हूं। बुधरी के परिवार ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी, यह मेरे लिए अकल्पनीय है। यही बस्तर के आदिवासियों का प्रेम है। वे निश्छल हैं। उनका मन पवित्र है। उनके बीच होना जीवन का सबसे कीमती पल है।

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शैली शर्मा

 

 


जयपुर. आदिवासी समुदाय की महिलाओं में हुनर तो है लेकिन उनके पास संसाधन नहीं है। उन्हें एक ऐसे प्लेटफार्म की जरूरत है जहां वे अपनी कला के जरिए पहचान बना सकें। यह कहना है समीक्षा भाटी का, जो दो वर्ष से आदिवासी कला के संरक्षण और उसे पहचान दिलवाने के लिए काम कर रही है। वह बीकानेर से हैं और आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम कर रही हैं। अब तक 200 से अधिक आदिवासी महिलाओं को रोजगार दिलवाया है।
सोच... आदिवासी महिलाओं का उत्थान न केवल उन्हें पहचान देगा, बल्कि उनकी कलाओं से आने वाली पीढिय़ां भी अपनी संस्कृति से रूबरू होंगी।

 

 

 

 

कांथा, पेचवर्क जैसे हैंडवर्क करतीं

 

 


समीक्षा आदिवासी क्षेत्रों की कला को फैब्रिक पर उकेरकर कर इसे दुनिया में पहचान दिलवा रही हैं। वे कारखानों में बचे हुए कपड़ों को इकठ्ठा करती हैं और रिसायकल कर उस पर कांथा ,हाथ की कढ़ाई, पेचवर्क करा रही है। इससे रजाई, दोहर, साडिय़ां, बैग, रुमाल, सजावटी सामान सहित अन्य उत्पाद बना रही हैं।

राजधानी में मेट्रो की धीमी चाल परेशानी का सबब बन गई है। यदि मेट्रो का विस्तार समय से होता तो निजी वाहन सड़कों पर कम उतरते और यात्री ई-रिक्शा और बसों की बजाय मेट्रो से सफर करते।


बीते आठ वर्ष की बात करें तो राजधानी में महज 12.94 किमी के रूट पर ही मेट्रो दौड़ रही है। पहले फेज का विस्तार और दूसरे फेज के जमीन पर आने से सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढऩे की उम्मीद जगी है क्योंकि, टोंक रोड पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है।जिस रूट पर मेट्रो का संचालन हो रहा है, वहां फीडर सेवा और सिटी बसों को भी व्यवस्थित करने की जरूरत है क्योंकि जब स्टेशन से यात्री नीचे आते हैं तो उन्हें बस और फीडर में से कुछ भी नहीं मिलता। ऐसे में यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।

मौजूदा समय की बात करें तो पीक ऑवर्स में भी मेट्रो ट्रेन में यात्री भार कम ही नजर आता है। यदि जेसीटीएसएल से तुलना करें तो जर्जर और खटारा बसों में प्रतिदिन डेढ़ लाख यात्री सफर करते हैं और लग्जरी मेट्रो में यात्री भार महज 50 हजार है।

ऐसे समझें देरी
-03 जून, 2015 में मानसरोवर से चांदपोल (9.63 किमी) तक मेट्रो का संचालन शुरू हुआ।
-23 सितम्बर, 2020 में परकोटे में मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। रूट महज 2.4 किमी का है। चांदपोल से दायरा बढकऱ छोटी चौपड़ होते हुए बड़ी चौपड़ तक पहुंच गया।
-21 सितम्बर, 2023 को बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक का शिलान्यास हुआ। अप्रेल, 2027 तक काम पूरा होगा।
(मानसरोवर से 200 फीट बाइपास तक के रूट का अब तक शिलान्यास नहीं हुआ है।)

 

 


इनको होगा फायदा
-अजमेर रोड:
पृथ्वीराज नगर उत्तर में पांच लाख से अधिक की आबादी है। पास में वैशाली नगर, विद्युत नगर डीसीएम जैसे घनी आबादी वाले इलाके हैं।
-आगरा-दिल्ली रोड: सबसे ज्यादा ट्रैफिक अभी इन हाईवे पर रहता है। रामगंज चौपड़ पर भी भूमिगत स्टेशन बनेगा।

अब सीतापुरा से विद्याधर नगर तक
-फेज-2 में मेट्रो को अम्बाबाड़ी की बजाय विद्याधर नगर तक ले जाया जाएगा।इसकी डीपीआर बनेगी। खास बात यह है कि पूरा रूट एलिवेटेड होगा। लाइट मेट्रो कॉन्सेप्ट पर इसका निर्माण होगा। ऐसी स्थिति मेें 5800 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। रूट की लम्बाई 30 किमी होने का अनुमान है।

-पिछली डीपीआर पर गौर करें तो सीतापुरा से कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट, बीटू बाइपास चौराहा, टोंक रोड पर दुर्गापुरा, महावीर नगर, देव नगर, गांधी नगर रेलवे स्टेशन, टोंक फाटक पुलिया, रामबाग सर्कल, नारायण सिंह सर्कल, सवाई मानसिंह अस्पताल से अशोक मार्ग होते हुए गवर्नमेंट हॉस्टल, चांदपोल, कलेक्ट्रेट सर्किल, पानीपेच होते हुए अंबाबाड़ी तिराहे तक मेट्रो रेल का कॉरिडोर प्रस्तावित था।

 

Rajasthan Weather Update: जयपुर। जयपुर समेत पूरे प्रदेश में बीते 24 घंटे में मौसम साफ रहा और धूप निकली। अब तापमान में बढ़ोतरी के साथ अब धीरे-धीरे लोगों को तेज सर्दी से राहत मिली है। रविवार शाम तक मौसम शुष्क रहने के बाद सोमवार से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके बाद पूरी तरह से मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक सोमवार से जयपुर, जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में मौसम का मिजाज बदलेगा। जयपुर सहित 17 जिलों में कई जगह बारिश हो सकती है।

कहां कितना तापमान
शुक्रवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान माउंटआबू का 2, अलवर का 5.8, फतेहपुर का 6.7, पिलानी का 7.2, चूरू का 9, बारां का 8.3, श्रीगंगानगर का 8.8, भीलवाड़ा का 9, कोटा का 10.1, जयपुर का 12.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। गंगानगर में सुबह हल्का कोहरा रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ यहां आसमान साफ हो गया।

यहां-यहां बारिश की संभावना
बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, जयपुर, सीकर, दौसा, अलवर, नागौर, टोंक, भरतपुर, करौली, धौलपुर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, फतेहपुर, भीलवाड़ा में बादल छाने के साथ ही हल्की बारिश होने के आसार हैं।

65 IPS Transferred In Rajasthan : राजस्थान में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट के बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार शाम को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की नवीन तबादला सूची जारी की है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी सूची में 65 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। अजमेर, सीकर, भीलवाड़ा, ब्यावर, जालोर, पाली सहित कई जिलों के पुलिस कप्तान (एसपी) भी बदल दिए गए हैं। सूची के अनुसार, प्रीति चंद्रा को डीआईजी आरएएसी से हटाकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, यातायात एवं प्रशासन, जयपुर आयुक्तालय में लगाया गया है।

वहीं डॉ विकास पाठक को डीआईजी से पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के पद पर पदोन्नत कर पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय जयपुर के पद पर पदस्थापित किया गया है। मनीष अग्रवाल-द्वितीय को उप महानिरीक्षक एस.ओ.जी से उप महानिरीक्षक आरएसी, जयपुर के पद पर लगाया गया है। अजमेर के वर्तमान पुलिस अधीक्षक (एसपी) चूनाराम जाट को एसपी पाली के पद पर भेजा है। कई अधिकारियों को पदोन्नति देकर एसपी से उप महानिरीक्षक बनाया गया है।

इन अधिकारियों का किया तबादला
-प्रीति चंद्रा : अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, यातायात एवं प्रशासन, जयपुर आयुक्तालय

-डॉ विकास पाठक : पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक, पुलिस मुख्यालय जयपुर

-मनीष अग्रवाल-द्वितीय : उप महानिरीक्षक पुलिस आरएसी, जयपुर

-अजय सिंह : उप महानिरीक्षक पुलिस, भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड, पुलिस मुख्यालय, जयपुर

-योगेश यादव : उप महानिरीक्षक पुलिस, सीआईडी (सीबी), पुलिस मुख्यालय, जयपुर

-देशमुख परिस अनिल : उप महानिरीक्षक पुलिस, एस.ओ.जी, जयपुर

-विकास शर्मा : उप महानिरीक्षक पुलिस, एस.एस.बी, जयपुर

-डॉ राजीव पचार : उप महानिरीक्षक पुलिस, इन्टेलिजेंस, पुलिस मुख्यालय, जयपुर

-योगेश दाधीच : उप महानिरीक्षक पुलिस, एस.ओ.जी, जयपुर

-मनोज कुमार : उप महानिरीक्षक पुलिस, सिविल राइट्स, पुलिस मुख्यालय, जयपुर

-राजेन्द्र कुमार : उप महानिरीक्षक पुलिस, एस.डी.आर.एफ, जयपुर

-अभिषेक शिवहरे : परिसहाय, राज्यपाल, राजस्थान

 

ये अधिकारी होंगे इन जिलों के नए एसपी/डीसीपी
-गौरव यादव : पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर

-भुवन भूषण यादव : पुलिस उपायुक्त (पूर्व), पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर

-प्रहलाद सिंह कृष्णिया : पुलिस अधीक्षक, सी.आई.डी (सीबी), जयपुर

-शरद चौधरी : पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर

-राजन दुष्यंत : पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), जोधपुर शहर, पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर

-शंकर दत्त शर्मा : पुलिस अधीक्षक, सी.आई.डी, क्राइम ब्रांच, जयपुर

-राम मूर्ति जोशी : पुलिस अधीक्षक, सीकर

-आलोक श्रीवास्तव : पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा

-ममता गुप्ता : पुलिस अधीक्षक, सवाईमाधोपुर

-जय यादव : पुलिस अधीक्षक, डीडवाना-कुचामन

-अभिजीत सिंह : पुलिस अधीक्षक, बालोतरा

-देवेंद्र कुमार विश्नोई : पुलिस अधीक्षक, अजमेर

-श्याम सिंह : पुलिस अधीक्षक, जालोर

-चूनाराम जाट : पुलिस अधीक्षक, पाली

-मनीष त्रिपाठी : पुलिस अधीक्षक, राजसमंद

-सुधीर जोशी : पुलिस अधीक्षक, चित्तौडग़ढ़

-सुरेंद्र सिंह : पुलिस उपायुक्त, क्राइम, पुलिस आयुक्तालय, जयपुर

-संजीव नैन : पुलिस अधीक्षक, टोंक

-नरेंद्र सिंह : पुलिस अधीक्षक, केकड़ी

-योगेश गोयल : पुलिस अधीक्षक, उदयपुर

-अनिल कुमार : पुलिस अधीक्षक, भिवाड़ी

-मोनिका सेन : पुलिस उपायुक्त (यातायात), पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर

-ज्ञान चन्द्र यादव : पुलिस अधीक्षक, झुंझुनूं

-करण शर्मा : पुलिस अधीक्षक, कोटा ग्रामीण, कोटा

-कृष्ण चंद : पुलिस अधीक्षक, सीआईडी (सीबी), जयपुर

-राजेश कुमार यादव : पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), पुलिस आयुक्तालय, जयपुर

-हनुमान प्रसाद मीणा : पुलिस अधीक्षक, बूंदी

-राजेश कुमार कॉवट : पुलिस अधीक्षक, शाहपुरा

-नरेंद्र सिंह मीणा : पुलिस अधीक्षक, बाड़मेर

-रमेश मौर्य : पुलिस अधीक्षक, अनूपगढ़

-राजेंद्र कुमार मीणा : पुलिस अधीक्षक, चूरू

-सुधीर चौधरी : पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर

-कार्वेद्रं सागर : पुलिस उपायुक्त, जयपुर पूर्व, पुलिस आयुक्तालय, जयपुर

-हर्ष वर्धन अगरवाला : पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

-डॉ अमृता दुहान : पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर, कोटा

-राजेश कुमार मीणा : पुलिस अधीक्षक, डीग

-दिगंत आनंद : पुलिस उपायुक्त, जयपुर दक्षिण, पुलिस आयुक्तालय, जयपुर

-राजर्षि राज वर्मा : पुलिस अधीक्षक, डूंगरपुर

-वन्दिता राणा : पुलिस अधीक्षक, सिरोही

-विकास सांगवान : पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़

-ज्येष्ठा मैत्रयी : पुलिस अधीक्षक, कोटपुतली-ब्हरोड

-अमित कुमार : पुलिस उपायुक्त, जयपुर पश्चिम, पुलिस आयुक्तालय, जयपुर

-कुन्दन कंवरिया : पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़

-सुशील कुमार : पुलिस अधीक्षक, एसओजी, जयपुर

-बृजेश ज्योति उपाध्याय : पुलिस अधीक्षक, धौलपुर

-रंजीता शर्मा : पुलिस अधीक्षक, दौसा

-हरि शंकर : पुलिस अधीक्षक, सांचोर

-सुमित मेहरडा : पुलिस अधीक्षक, करौली

-प्रवीण नायक नूनावत : पुलिस अधीक्षक, नीम का थाना

-सागर : पुलिस अधीक्षक, फलौदी

-सुजीत शंकर : पुलिस अधीक्षक, गंगापुर सिटी

-मनीष कुमार चौधरी : पुलिस अधीक्षक, एससीआरबी, जयपुर

-अभिषेक शिवहरे : परिसहायक, राज्यपाल, जयपुर

इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त चार्ज
-शांतनु कुमार सिंह : पुलिस अधीक्षक, दूदू का अतिरिक्त प्रभार

-अनिल कुमार : पुलिस अधीक्षक, खैरथल-तिजारा का अतिरिक्त प्रभार

 

Rajasthan IPS Transfer : जयपुर.भजनलाल सरकार ने पुलिस अधीक्षक स्तर की पहली तबादला सूची शुक्रवार को जारी की,जिसमें 39 जिलों के एसपी बदले गए हैं। इसके अलावा जयपुर कमिश्नरेट में छह में से पांच और जोधपुर कमिश्नरेट में चारों डीसीपी बदले गए हैं। तबादला सूची में 38 आईपीएस ऐसे हैं जिनको बदलाव के बाद भी फील्ड पोस्टिंग मिली है। इस सूची में ग्यारह डीआईजी के भी तबादले किए गए हैं, जिनमें छह पदोन्नत हुए अधिकारी भी शामिल हैं। इस सूची में एंटी पेपर लीक टास्क वाली एसओजी में दो डीआईजी व एक एसपी को भी लगाया गया है।

जयपुर कमिश्नरेट में प्रीति चंद्रा एडिशनल कमिश्नर (यातायात), अमित कुमार डीसीपी (पश्चिम), कावेंद्र सागर डीसीपी (पूर्व), दिगत आनंद डीसीपी (दक्षिण), राजेश कुमार यादव डीसीपी (मुख्यालय) लगाया है।

दो नए जिलों से एसपी हटाएः- दूदू और खैरथल-तिजारा से एसपी को हटा दिया गया है। दूदू जिले की अतिरिक्त जिम्मेदारी जयपुर ग्रामीण एसपी शांतनु कुमार को तथा खैरथल-तिजारा की जिम्मेदारी भिवाड़ी एसपी अनिल कुमार को दी गई है।

चुनाव के दौरान एपीओ हुए अधिकारियों को मिली पोस्टिंगः- चुनाव के दौरान एपीओ किए गए प्रहलाद कृष्णियां व कृष्णचंद को सीआईडी (सीबी) में पोस्टिंग दी गई है।

इनको यहां मिली पोस्टिंग

- प्रीति चंद्रा-------------- एडीसीपी, ट्रैफिक जयपुर

-विकास पाठक------------आईजी, पुलिस कार्मिक, मुख्यालय

-अजय सिंह----------------- डीआईजी, भर्ती और पदोन्नति बोर्ड

-योगेश यादव---------------- डीआईजी, पुलिस सीआईडी (सीबी)
- मनीष अग्रवाल---------------- डीआईजी, आर्म्ड बटालियन

- परिस देशमुख----------------- डीआईजी, एसओजी, जयपुर

-विकास शर्मा------------------- डीआईजी, एस.एस.बी जयपुर

- राजीव पचार------------------- डीआईजी, इंटेलिजेंस

-योगेश दाधीच------------------ डीआईजी, एसओजी

-मनोज कुमार------------------- डीआईजी, सिविल राइट्स मुख्यालय

-राजेंद्र कुमार----------------------- डीआईजी, एसडीआरएफ
-भुवन भूषण यादव-----------------------डीसीसी जोधपुर पूर्व

प्रहलाद सिंह कृष्णिया----------------- एसपी, सीआईडी, जयपुर

शरद चौधरी---------------------- डीसीपी मुख्यालय जोधपुर

-राजन दुष्यंत-------------------डीसीपी जोधपुर पश्चिम

शंकर दत्त शर्मा------------------एसपी, सीआईडी क्राइम ब्रांच

सुरेंद्र सिंह----------------------- डीसीपी क्राइम जयपुर

मोनिका सेन------------------------ डीसीपी ट्रैफिक, जोधपुर

कावेंद्र सिंह सागर------------------ डीसीपी जयपुर पूर्व

दिंगत आनंद--------------------- डीसीपी, जयपुर दक्षिण

अमित कुमार--------------------, डीसीपी, जयपुर पश्चिम

-सुशील कुमार--------------------- एसपी, एसओजी, जयपुर

-मनीष कुमार चौधरी-------------- एसपी, एससीआरबी, जयपुर

-अभिषेक शिवहरे----------------- परिसहाय, राज्यपाल

इन जिलों के बदले गए एसपी

गौरव यादव------------- एसपी, श्रीगंगानगर

-राममूर्ति जोशी------------एसपी, सीकर

-आलोक श्रीवास्तव---------एसपी, भीलवाड़ा

-ममता गुप्ता-------------- --एसपी, सवाईमाधोपुर

-जय यादव---------------- एसपी, डीडवाना, कुचामन
-अभिजीत सिंह-------------- एसपी, बालोतराॉ

-देवेंद्र विश्नोई----------------- एसपी, अजमेर

-विनीत बंसल----------------- एसपी, ब्यावर

श्याम सिंह------------------- एसपी, जालोर

-चूनाराम जाट---------------- एसपी, पाली

-मनीष त्रिपाठी--------------- एसपी, राजसमंद

सुधीर जोशी-----------------एसपी, चित्तौड़गढ़
संजीव नैन--------------------एसपी, टोंक

नरेंद्र सिंह--------------------- एसपी, केकड़ी

योगेश गोयल--------------------एसपी, उदयपुर

अनिल कुमार-------------------एसपी, भिवाड़ी
ज्ञानचंद यादव------------- एसपी, झुंझुनूं

-हनुमान प्रसाद मीणा------------एसपी, बूंदी

-राजेश कुमार कांवट---------------एसपी, शाहपुरा

-नरेंद्र सिंह मीणा------------------एसपी, बाड़मेर

-रमेश मौर्य---------------------- एसपी, अनुपगढ़
-राजेंद्र मीणा------------------- एसपी, चूरू

-सुधीर चौधरी------------------एसपी, जैसलमेर

-हर्ष वर्धन अगरवाला--------------एसपी, बांसवाड़ा

-अमृता दुहन------------------- एसपी, कोटा शहर

-राजेश मीणा-------------------एसपी, डीग

-राजर्षि राज वर्मा------------------ एसपी, डूंगरपुर

-वंदिता राणा---------------------- एसपी, सिरोही

-विकास सांगवान---------------- एसपी, हनुमानगढ़

-ज्येष्ठा मैत्रयी-------------------एसपी, कोटपूतली, बहरोड़-कुंदन कंवरिया-------------------- एसपी, प्रतापगढ़

-बृजेश ज्योति उपाध्याय--------------- एसपी, धौलपुर

-रंजीता शर्मा------------------------ एसपी, दौसा

-हरी शंकर-------------------------एसपी, सांचोर

सुमित मेहरड़ा----------------------एसपी, करौली

-प्रवीण नायक---------------------एसपी, नीम का थाना

सागर-----------------------------एसपी, फलौदी

-सुजीत कुमार----------------------एसपी, गंगापुर सिटी

-अभिषेक शिवहरे------------------ परिसहाय, राज्यपाल

 

जयपुर। भजन लाल सरकार ने शुक्रवार को पुलिस बेड़े में बड़ा फेरबदल करते हुए 65 आईपीएस के अधिकारियों के तबादले किए हैं जिनमें 39 जिलों के एसपी भी बदले गए हैं। इसके अलावा जयपुर कमिश्नरेट में छह में से पांच और जोधपुर कमिश्नरेट में चारों डीसीपी बदले गए हैं। तबादला सूची में 38 आईपीएस ऐसे हैं जिनको बदलाव के बाद भी फील्ड पोस्टिंग मिली है। इस सूची में ग्यारह डीआईजी के भी तबादले किए गए हैं, जिनमें छह पदोन्नत हुए अधिकारी भी शामिल हैं। इस सूची में एंटी पेपर लीक टास्क वाली एसओजी में दो डीआईजी व एक एसपी को भी लगाया गया है।

जयपुर कमिश्नरेट में प्रीति चंद्रा एडिशनल कमिश्नर (यातायात), अमित कुमार डीसीपी (पश्चिम), कावेंद्र सागर डीसीपी (पूर्व), दिगत आनंद डीसीपी (दक्षिण), राजेश कुमार यादव डीसीपी (मुख्यालय) लगाया है।


दो नए जिलों से एसपी हटाए
दूदू और खैरथल-तिजारा से एसपी को हटा दिया गया है। दूदू जिले की अतिरिक्त जिम्मेदारी जयपुर ग्रामीण एसपी शांतनु कुमार को तथा खैरथल-तिजारा की जिम्मेदारी भिवाड़ी एसपी अनिल कुमार को दी गई है।

चुनाव के दौरान एपीओ हुए अधिकारियों को मिली पोस्टिंग

चुनाव के दौरान एपीओ किए गए प्रहलाद कृष्णियां व कृष्णचंद को सीआईडी (सीबी) में पोस्टिंग दी गई है।

 

 

इन आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले

- प्रीति चंद्रा-------------- एडीसीपी, ट्रैफिक जयपुर
-विकास पाठक------------आईजी, पुलिस कार्मिक, मुख्यालय
-अजय सिंह----------------- डीआईजी, भर्ती और पदोन्नति बोर्ड
-योगेश यादव---------------- डीआईजी, पुलिस सीआईडी (सीबी)
- मनीष अग्रवाल---------------- डीआईजी, आर्म्ड बटालियन
- परिस देशमुख----------------- डीआईजी, एसओजी, जयपुर
-विकास शर्मा------------------- डीआईजी, एस.एस.बी जयपुर
- राजीव पचार------------------- डीआईजी, इंटेलिजेंस
-योगेश दाधीच------------------ डीआईजी, एसओजी
-मनोज कुमार------------------- डीआईजी, सिविल राइट्स मुख्यालय
-राजेंद्र कुमार----------------------- डीआईजी, एसडीआरएफ
-भुवन भूषण यादव-----------------------डीसीसी जोधपुर पूर्व
प्रहलाद सिंह कृष्णिया----------------- एसपी, सीआईडी, जयपुर
शरद चौधरी---------------------- डीसीपी मुख्यालय जोधपुर
-राजन दुष्यंत-------------------डीसीपी जोधपुर पश्चिम
शंकर दत्त शर्मा------------------एसपी, सीआईडी क्राइम ब्रांच
सुरेंद्र सिंह----------------------- डीसीपी क्राइम जयपुर
मोनिका सेन------------------------ डीसीपी ट्रैफिक, जोधपुर
कावेंद्र सिंह सागर------------------ डीसीपी जयपुर पूर्व
दिंगत आनंद--------------------- डीसीपी, जयपुर दक्षिण
अमित कुमार-------------------- डीसीपी, जयपुर पश्चिम
-सुशील कुमार--------------------- एसपी, एसओजी, जयपुर
-मनीष कुमार चौधरी-------------- एसपी, एससीआरबी, जयपुर
-अभिषेक शिवहरे----------------- परिसहाय, राज्यपाल

इन जिलों के बदले गए एसपी
-गौरव यादव------------- एसपी, श्रीगंगानगर
-राममूर्ति जोशी------------एसपी, सीकर
-आलोक श्रीवास्तव---------एसपी, भीलवाड़ा
-ममता गुप्ता-------------- --एसपी, सवाईमाधोपुर
-जय यादव---------------- एसपी, डीडवाना, कुचामन
-अभिजीत सिंह-------------- एसपी, बालोतरा
-देवेंद्र विश्नोई----------------- एसपी, अजमेर
-विनीत बंसल----------------- एसपी, ब्यावर
श्याम सिंह------------------- एसपी, जालोर
-चूनाराम जाट---------------- एसपी, पाली
-मनीष त्रिपाठी--------------- एसपी, राजसमंद
सुधीर जोशी-----------------एसपी, चित्तौड़गढ़
संजीव नैन--------------------एसपी, टोंक
नरेंद्र सिंह--------------------- एसपी, केकड़ी
योगेश गोयल--------------------एसपी, उदयपुर
अनिल कुमार-------------------एसपी, भिवाड़ी
ज्ञानचंद यादव------------- एसपी, झुंझुनूं
करण शर्मा - एसपी कोटा ग्रामीण
-हनुमान प्रसाद मीणा------------एसपी, बूंदी
-राजेश कुमार कांवट---------------एसपी, शाहपुरा
-नरेंद्र सिंह मीणा------------------एसपी, बाड़मेर
-रमेश मौर्य---------------------- एसपी, अनूपगढ़
-राजेंद्र मीणा------------------- एसपी, चूरू
-सुधीर चौधरी------------------एसपी, जैसलमेर
-हर्ष वर्धन अगरवाला--------------एसपी, बांसवाड़ा
-अमृता दुहन------------------- एसपी, कोटा शहर
-राजेश मीणा-------------------एसपी, डीग
-राजर्षि राज वर्मा------------------ एसपी, डूंगरपुर
-वंदिता राणा---------------------- एसपी, सिरोही
-विकास सांगवान---------------- एसपी, हनुमानगढ़
-ज्येष्ठा मैत्रयी-------------------एसपी, कोटपूतली, बहरोड़
-कुंदन कंवरिया-------------------- एसपी, प्रतापगढ़
-बृजेश ज्योति उपाध्याय--------------- एसपी, धौलपुर
-रंजीता शर्मा------------------------ एसपी, दौसा
-हरी शंकर-------------------------एसपी, सांचोर
सुमित मेहरड़ा----------------------एसपी, करौली
-प्रवीण नायक---------------------एसपी, नीमकाथाना
सागर-----------------------------एसपी, फलौदी
-सुजीत कुमार----------------------एसपी, गंगापुर सिटी

 

वीडियो देखेंः- जयपुर सहित राजस्थान के सात संभागों से अयोध्या के लिए रोडवेज की बस सेवा शुरू

IPS Ranjeeta Sharma Success Story : जो लोक हार नहीं मानते हैं, सफलता उन्हें जरूर मिलती है। ऐसी ही कहानी है भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रंजीता शर्मा की। मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली रंजीता को राजस्थान के दौसा जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पांच बार यूपीएससी परीक्षा में विफल होने के बाद भी आईपीएस रंजीता शर्मा की देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने की यात्रा प्रेरणादायक है। इस प्रतिभाशाली आईपीएस अधिकारी की कहानी विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो जीवन में विफलताओं का अनुभव करने के बाद निराश हो जाते हैं और हार मान लेते हैं। रंजीता शर्मा आईपीएस एसोसिएशन की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड पाने वाली पहली आईपीएस अधिकारी हैं। अपने जीवन में कई विफलताओं के बावजूद, उन्होंने अपने सपनों पर ध्यान केंद्रित करना चुना और अंतत: सफलता हासिल की जो दृढ़ता, आशा और समर्पण का प्रतीक बन गई।

एसवीपीएनपीए, हैदराबाद में प्रतिष्ठित दीक्षांत पासिंग आउट परेड का नेतृत्व किया
2021 में, आईपीएस रंजीता शर्मा को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रतिष्ठित दीक्षांत पासिंग आउट परेड की कमान संभालने का सम्मान मिला। वह इस परेड की कमान संभालने वाली पांचवीं महिला बनीं।

काफी रोचक है सफलता की कहानी
रंजीता शर्मा की यूपीएससी यात्रा काफी रोमांचक है क्योंकि उन्होंने अपने छठे और अंतिम प्रयास में सफलता हासिल की। उन्हें लगातार विफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रंजीता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह 2013, 2015 और 2017 में प्रीलिम्स भी क्वालिफाई नहीं कर पाईं। 2014 और 2016 में वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गईं लेकिन फिर विफल रही।

आखिरकार, 2018 में उन्हें सफलता मिल ही गई और अपने गांव से आईपीएस अधिकारी बनने का सम्मान प्राप्त किया। आईपीएस रंजीता शर्मा हरियाणा के रेवाड़ी जिले के दहिना गांव की रहने वाली हैं। फरीदाबाद में जन्मी रंजीता भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से स्नातकोत्तर हैं। अपनी पहचान बनाने से पहले उन्होंने नौ साल तक पीआर क्षेत्र में काम किया। प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए उन्होंने एचआर की नौकरी छोड़ दी और सफलता के साथ इतिहास रचा।

स्वोर्ड ऑफ ऑनर, प्रशिक्षण अवधि के दौरान आईपीएस एसोसिएशन के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले प्रोबेशनर को दिया जाने वाला एक पुरस्कार है। अकादमी के इतिहास में उनसे पहले केवल पुरुष आईपीएस अधिकारियों को ही इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। 2021 में पहली बार आईपीएस रंजीता शर्मा ने एक महिला आईपीएस अधिकारी के रूप में सम्मान हासिल कि या और परेड की कमान संभाली।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने प्रतियोगिता परीक्षा की ओएमआर शीट बदलने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने सूचना मिलने पर हेड कांस्टेबल को अभ्यर्थी बनाकर जाल बिछाया और आरोपी को स्टेच्यू सर्कल से गुरुवार को पकड़ा और अनुसंधान के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि बाड़मेर में लाभू का तला निवासी महेन्द्र चौधरी को गिरफ्तार किया है। सूचना मिली थी कि महेन्द्र चौधरी एएनएम भर्ती परीक्षा 2023 व जीएनएम भर्ती परीक्षा के नाम से पैसे मांग रहा है। इस पर हेड कांस्टेबल महावीर सिंह को डमी अभ्यर्थी बनाया और आरोपी से बात करवाई। आरोपी ने एएनएम भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट बदलने का आश्वासन दिया। इसके बदले 6 लाख रुपए में सौदा तय किया। आरोपी ने 50 हजार रुपए बैंक खाता में ट्रांसफर करवा लिए और गुरुवार को जयपुर पहुंचने पर ओएमआर शीट दिखाने के बाद ढाई लाख रुपए लेने की बात कही। आरोपी गुरुवार को जयपुर पहुंचा, लेकिन एसओजी की लगातार कार्रवाई का हवाला दिया और जगह बदलते हुए शाम को स्टेच्यू सर्कल पर मिलने बुलाया, तभी आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी खुद की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में पहले गिरफ्तार हुआ था, जिसके बाद उसने ठगी शुरू कर दी।

अभ्यर्थी को मिलने वाली ओएमआर शीट की फोटो खींच लेते

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी महेन्द्र से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में उसका साथी प्रीतम गुर्जर व उसकी महिला मित्र भी शामिल है। दोनों साथी अभ्यर्र्थी से उसको मिलने वाली ओएमआर शीट मंगवाते हैं। बातों में उलझाकर उसकी फोटो खींच लेते हैं। आरोपी का साथी दूर चला जाता है और अभ्यर्थी के सामने आरोपी अपने साथी को फोन कर ओएमआर शीट के संबंध में जानकारी लेता है। दूर जाकर ओएमआर शीट की फोटो से सवालों के उत्तर देखकर आरोपी का साथी अभ्यर्थी की ओएमआर शीट से मिलान करवाता है, ताकि अभ्यर्थी को संदेह न हो और फिर पैसे लेकर भाग निकलते हैं। मामले में प्रीतम व उसकी महिला मित्र की तलाश की जा रही है।

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