>>: Digest for February 17, 2024

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Table of Contents

अनूपगढ़. जिला कलक्ट्रट में जिला कलक्टर की अवधेश मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार को वीसी कक्ष में जिला स्तरीय जनसुनवाई हुई, जिसमें विभिन्न समस्याओं से जुड़े 57 प्रकरण सामने आए। इस दौरान जिला कलक्टर ने आमजन की परिवेदनाओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान उच्च व तकनीकी शिक्षा सचिव एवं जिला प्रभारी सचिव भवानी सिंह देथा भी वीसी के माध्यम से जुड़े। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर को निर्देशित किया कि इनके निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं हो। संबंधित विभागों के अधिकारी निर्धारित समयावधि में प्रकरणों का निस्तारण करें। आमजन से जुड़े प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही करते हुए उन्हें राहत दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी एसडीएम और तहसीलदार स्तर पर जनसुनवाई होनी चाहिए। जनसुनवाई में चक 16 ए में मुख्य वाटरवर्क्स द्वारा पिछले 6-7 महीने से पानी की सप्लाई नहीं देने के संबंध में आए परिवाद के निस्तारण के लिए पीएचईडी एसई को निर्देशित किया। इसी तरह चक 34 एपीडी में पिछले 40 वर्षों से बंद एक खेत के रास्ते को खोले जाने के संबंध में आए परिवाद के निस्तारण के लिए एसडीएम को निर्देशित किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने जनसुनवाई में आये विभिन्न परिवादियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए राहत दी जाये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की भावना के अनुरूप आमजन को अधिक से अधिक राहत देने के लिये सभी विभाग-अधिकारी मिलकर काम करें ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजन लाभान्वित हो सके।सभी प्रकरणों को

निश्चित समयावधि में निस्तारित किया जाए

जिला कलक्टर ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले सभी प्रकरणों को निश्चित समयावधि में निस्तारित किया जाए। संपर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अधिक लम्बित प्रकरणों के जल्द निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर एडीएम ओम प्रकाश सहारण, एसडीएम सुमित्रा बिश्नोई, कृषि विभाग के सहायक निदेशक सुरजीत, डीएसओ सुरेश कुमार, सामाजिक एवं न्याय विभाग रोशन लाल, सीएमएचओ नीरज अरोड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

BharatBandh : एमएसपी कानून समेत अन्य कई मांगों को लेकर आज भारत बंद का आहृवान किया गया है। इस आह्वान का असर राजस्थान पर भी दिख रहा है। राजस्थान के बॉर्डर जिले जिनमें गंगानगर, अनूपगढ़ और हनुमानगढ़ शामिल हैं.....। उन जिलों में सुरक्षा बंदोबस्त आज और ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं। गंगानगर में तो बीस फरवरी तक धारा 144 जारी है। तीनों जिलों में भारी पुलिस फोर्स बॉर्डर एरिया पर तैनात की गई है। हालातों पर नजर रखने के लिए मचान भी बनाए गए हैं और वहां से पुलिस अफसर सब कुछ देख रहे हैं।

दरअसल दिल्ली कूच के बाद अब पंजाब और हरियाणा के किसानों का पूरा भारत बंद करने का आह्वान है। तीन बार केंद्र सरकार से वार्ता की गई है लेकिन तीनों बार ही यह बेनतीजा रही है। इस बीच प्रदर्शन जारी है। पंजाब और हरियाणा का बॉर्डर राजस्थान के अनूपगढ़ , गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले की बॉर्डर से सटता है। इसी कारण यहां पर थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम डवलप किया गया है।

लोहे से बेरिकेडिंट, सीमेंट ब्लॉक की दीवारें, सड़कों पर कीलें ठोंकी गई हैं ताकि किसान आगे नहीं आ सकें। श्रीगंगानगर से भठिंडा ट्रेन को निरस्त किया गया है। श्रीगंगानगर से अंबाला ट्रेन को बठिंडा तक चलाया जा रहा है। वहीं अजमेर से अमृतसर के बीच चलने वाली ट्रेन को वाया तरनतारन चलाया गया है। गंगानगर से पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले रोडवेज बसे बंद हैं। कुछ निजी परिवहन बसें चल रही हैं, लेकिन वे भी आज बंद रह सकती हैं। तीनों जिलों के एसपी और कलक्टर्स ने बॉर्डर इलाकों में ही डेरा डाले रखा है।

#Radheshyam Ganganagar पूर्व आयुर्वेद राज्य मंत्री राधेश्याम गंगानगर का शुक्रवार को सुबह जयपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। अचानक तबीयत खराब होने पर उनको गुरुवार देर रात अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनके बेटे वीरेंद्र राजपाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद उनके पार्थिव शरीर को लेकर श्रीगंगानगर लाया जाएगा। शनिवार को सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार कराया जाएगा। राधेश्याम गंगानगर वर्ष 1993 में भैरोंसिंह शेखावत को हराकर चर्चा में आए थे, तब शेखावत सीटिंग सीएम थे और उन्होंने गंगानगर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अपना भाग्य अजमाया लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी राधेश्याम गंगानगर ने उन्हें चित्त कर दिया। शेखावत का तीसरा स्थान रहा। वहीं वर्ष 1998 में राधेश्याम को गहलोत सरकार में आयुर्वेद राज्यमंत्री बने। कांग्रेस ने जब वर्ष 2008 में टिकट नहीं दिया तो उन्होंने कांग्रेस छोड भाजपा का दामन थामा और वे तब वे भाजपा से टिकट लेकर विधायक निर्वाचित हुए। लेकिन वर्ष 2013 के चुनाव में राधेश्याम को करारी हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा ने जब उनसे मुंह मोड़ा तो वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना भाग्य जमाया लेकिन सिर्फ 2300 वोटों में सिमट कर रह गए। वर्ष 2022 में राजनीति को अलविदा करते हुए अपने बेटे वीरेन्द्र राजपाल को उत्तराधिकारी बना दिया।
पाक विभाजन के बाद यहां आने के बाद अरोड़ा बिरादरी के प्रमुख पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर ने अपनी पहचान पूरे उत्तर भारत में बनाई। उनसे राजस्थान के अलावा पंजाब और हरियाणा के कई दिग्गज का सीधा संपर्क रहा हैं। राधेश्याम गंगानगर के चुनाव में नगर परिषद में सभापति के रूप में पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर रह चुके हैं। वे 20 जून 1972 से 13 जून 1972 तक और 4 नवम्बर 1972 से 5 सितम्बर 1973 तक सभापति के रूप में काम किया। इसी प्रकार यूआईटी में राधेश्याम गंगानगर 20 जून 1981 से 5 जून 1987 तक अध्यक्ष रहे।

महेन्द्र सिंह शेखावत

श्रीगंगानगर। पौंख कस्बे में लोगों की जुबान पर सुरेन्द्र नाम इस कदर चढ़ा है कि कस्बे के एक दो नहीं बल्कि 46 लोगों का नाम सुरेंद्र है। खास बात है कि इस नाम के लोगों में युवाओं से लेकर सीनियर सिटीजन तक शामिल हैं। मतलब यह है कि पुरानी पीढ़ी के साथ नई पीढ़ी भी इस नाम का मोह नहीं छोड़ पाई है। पौंख कस्बे की आबादी करीब नौ हजार है।

 

 

 

 

सुरेन्द्र नाम और राजपूत समाज का गहरा नाता

 

 

इनमें चालीस फीसदी आबादी राजपूत समाज की है और सर्वाधिक सुरेन्द्र भी इसी समाज से हैं। लोगों का मानना है कि सुरेंद्र नाम के लोग ज्यादा भाग्यशाली और समझदार होते हैं।

 

 

 

 

सुरेन्द्र कहलाते हैं "S ग्रूप" वाले लोग

 

 

मजे की बात है कि कस्बे में किसी कार्यक्रम या शादी समारोह में सुरेन्द्र नाम के लोग ग्रुप फोटो करवाने से नहीं चूकते। कस्बे के लोग इनको "S ग्रुप" के नाम से पुकारते हैं। हाल में एक शादी में पांच सुरेन्द्र एक साथ टकरा गए तो ग्रुप फोटो करवा लिया।

 

 

 

 

 

क्यों है लोगों को सुरेन्द्र नाम से लगाव

 

 

 

पौंख निवासी एक सुरेन्द्रसिंह शेखावत कहते हैं कि दरअसल, हमारे दौर के सभी सुरेन्द्र पढ़ लिखकर अच्छी जॉब पा गए या सेटल्ड हो गए। इसी कारण लोगों में कहीं न कहीं यह धारणा घर कर गई कि सुरेन्द्र नाम के लोग ज्यादा सफल होते हैं। संभवत: इसी मानसिकता के चलते गांव में सुरेन्द्र नाम ज्यादा निकाले गए हैं। सुरेन्द्रसिंह शेखावत खुद गुरुग्राम में एक निजी क्षेत्र में मैनेजर एचआर के पद पर कार्यरत हैं।

 

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गजसिंहपुर. विद्युत लाइनों में फाल्ट आने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार रातभर बत्ती गुल रही। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे। दूसरे दिन दोपहर बाद सप्लाई सही होने के बाद अधिकारी व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। कनिष्ठ अभियंता अनूप सिंह ने बताया कि बीती रात्रि को पदमपुर के नजदीक गांव बेरा के पास 33 केवी का विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके चलते बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं की जा सकी। इसके कारण जीएसएस डेलवा, 4 जेजे व बालाराजपुरा से निकलने वाली विद्युत सप्लाई पूर्णतय बंद रही। दूसरे दिन शुक्रवार को करीब 12 बजे बाद विद्युत पोल को सही किया गया। इसके बाद विद्युत सप्लाई पुन: सुचारू रूप से शुरू की गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं होने के कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पडा। इसमे सबसे ज्यादा मोबाइल उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पडा। मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने के बाद ग्रामीण बाजार में अपने मोबाइल को दुकानों पर लगाकर चार्ज करना पडा।

श्रीकरणपुर. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को दोपहर तक बाजार बंद रहा। वहीं, एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना लगाया गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से भी इसे समर्थन दिया गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए केंद्र सरकार को जमकर कोसा। मांगों के संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।

जानकारी अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर दोपहर करीब १२ बजे तक बंद रहा। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना भी लगाया गया। धरने पर मुख्य वक्ता के रूप में विधायक रुपिंद्रसिंह कुन्नर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की अनदेखी व उनके साथ दुश्मनों की तरह व्यवहार कर रही है। उनके रास्तों पर कीलें लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया जा रहा है। किसान आंदोलन के बाद बनी कमेटी दो साल भी फैसला नहीं कर पाई इसलिए मजबूरन किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किया जा रहा व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए इन्हें जल्द पूरा करने की मांग की। मौके पर किसान संगठनों से जुड़े केवल सिंह, दलबीर सिंह, सतविंद्र सिंह तीन ओ, पूर्व सांसद शंकर पन्नू, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बलकरणसिंह बराड़, पालिकाध्यक्ष रमेश बंसल, एसएफआइ जिलाध्यक्ष मुकेश मोहनपुरिया, गुरचरणसिंह बराड़, पूर्व प्रधान गुरदित्ता सिंह बराड़, पतराम मेघवाल, बलदेव सैन, दीपक अग्रवाल, दुलीचंद मित्तल, सुनील सोनी, जसवंतसिंह गोरखा, प्रदीप सुमन, प्रवीण दायमा व राजकुमार मोहनपुरिया आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में एसडीएम सुभाषचंद्र चौधरी को ज्ञापन सौंपा गया।

इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

जानकारी अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में एमएसपी पर फसल खरीद का गारंटी कानून बनाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने, किसानों व श्रमिकों को कर्जमुक्ति का कानून बनाने, लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों को न्याय दिलाने, हत्या के दोषियों को गिरफ्तार करने, बुजुर्ग किसानों व मजदूरों को पेंशन देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, नई शिक्षा नीति रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक रद्द करने, मनरेगा में वर्षभर में दो सौ दिन काम व प्रतिदिन ७०० रुपए मजदूरी देने, बेरोजगारी पर अंकुश लगाने, शिक्षा, चिकित्सा, रेल, विद्युत, सडक़ आदि के निजीकरण पर रोक लगाने तथा किसानों की ऑनलाइन जमीन नीलामी रोकने की मांग की गई।

सादुलशहर. श्रीगंगानगर-सादुलशहर मार्ग पर स्लीपर कोच बस गांव बुधरवाली के निकट स्थित आरयूबी के प्रवेश द्वार के हाइट गेज गार्डर से टकरा गई। दुर्घटना में बस चालक सहित तीन जने घायल हो गए, जिन्हें सादुलशहर के राजकीय उप जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। गंभीर रूप से घायल चालक को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। सडक़ हादसे की सूचना मिलने पर लालगढ़ जाटान पुलिस थाना के सहायक उप निरीक्षक मनीराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाया व आवागमन सुचारू करवाया।

प्राप्त विवरण के अनुसार श्रीगंगानगर की एक निजी ट्रैवल्स की बस जोधपुर से श्रीगंगानगर होती हुई लुधियाना जा रही थी कि सादुलशहर से करीब 5 किमी. दूर श्रीगंगानगर मार्ग पर गांव बुधरवाली के निकट आरयूबी के हाइट गेज गार्डर से सुबह करीब 5.30 बजे धुुंध के कारण टकरा गई। यात्रियों को बस के शीशे तोडकऱ बस से बाहर निकाला गया। हादसे में बस चालक रामरतन (40) पुत्र भोजूराम, निवासी जोधपुर को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया। बस में सवार यात्री प्रकाशचन्द्र गुप्ता (36) पुत्र विवेक गुप्ता, निवासी जोधपुर व विनोद वैष्णव (50) पुत्र सत्यनारायण वैष्णव निवासी झुंझुनू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे में बस का कैबिन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उल्लेखनीय है कि किसान आन्दोलन के चलते साधुवाली बॉर्डर सील होने के कारण वाहनों का आवागमन वाया सादुलशहर पतली चैक पोस्ट से होते हुए पंजाब क्षेत्र की ओर हो रहा था। इस कारण यह बस इस डायवर्ट रूट से जा रही थी।

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