>>: JEE Main: एनटीए ने आंसर-की और रिकॉर्डेड रेस्पोंस मिलाने का बदला पैटर्न

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जेईई मेन सेशन-1 की आंसर की, रिकॉर्डेड रेस्पोंस और क्वेश्चन पेपर मंगलवार रात को जारी कर दिए गए। एनटीए ने नोटिफिकेशन जारी करने के साथ ही स्टूडेंट्स और पेरेन्ट्स की परेशानियां भी शुरू हो गई। समस्याएं बुधवार तक जारी रही। इसके चलते एनटीए ने रिकॉर्डेड रेस्पोंस, आंसर-की और क्वेश्चन पेपर के ऑप्शन ही हटा लिए। प्रोविजनल आंसर-की को चैलेंज करने के लिए 8 फरवरी, रात 11 बजे तक का समय दिया गया है। इस सेशन का एनटीए स्कोर 12 फरवरी को जारी किया जाना प्रस्तावित है। एनटीए ने बीई-बीटेक एवं बीआर्क की 24 जनवरी से 1 फरवरी के मध्य हुई सभी 11 शिफ्टों के रिकॉर्डेड रेस्पोंस जारी किए गए हैं।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जारी किए गए क्वेश्चन पेपर, आंसर-की एवं रिकॉर्डेड रेस्पोंस को स्टूडेंट्स को मिलान करने में बड़ी समस्या सामने आई। इस बार एनटीए ने आंसर-की एवं रिकॉर्डेड रेस्पोंस के मिलान के पैटर्न को ही बदल दिया। इस संबंध में वेबसाइट पर कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। ऐसे में जारी की गई आंसर-की को लेकर स्टूडेंट्स में असमंजस और बढ़ गया। इस वर्ष एनटीए ने जारी की गई प्रोविजनल आंसर-की को ऑप्शन आईडी में नहीं दिखाया गया। जबकि रिकॉर्डेड रेस्पोंस में स्टूडेंट्स के आंसर को ऑप्शन आईडी में दिखाया गया है। प्रोविजनल आंसर-की में मल्टीपल करेक्ट क्वेश्चन को 1, 2, 3, 4 के क्रम में दिखाया गया है। जबकि रिकॉर्डेड रेस्पोंस में आंसर को ऑप्शन आईडी में दिखाया गया है, जिसका मिलान ऑप्शन आईडी के अंतिम दो डिजिट को 1, 2, 3, 4 के क्रम में जमाकर किया जा सकता है। परन्तु इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं है।

ऐसे में लाखों स्टूडेंट्स एवं पेरेन्ट्स अपने प्रश्नों के उत्तरों का सही मिलान नहीं कर पा रहे हैं और इससे उन्हें एनटीए की आंसर-की एवं स्वयं के रिकॉर्डेड रेस्पोंस की प्रमाणिकता पर संशय बन गया है। जबकि गत वर्षों में विद्यार्थियों के रिकॉर्डेड रेस्पोंस के उत्तर को एवं प्रोविजनल आंसर-की में उत्तरों को ऑप्शन आईडी के रूप में दर्शाया जाता था, जिससे स्टूडेंट्स अपने उत्तरों को एनटीए के जारी किए गए आंसर-की से स्पष्ट मिलान कर अपने अंकों का अनुमान लगा लेता था, जबकि इस वर्ष न तो स्टूडेंट्स अपने उत्तर जांच कर पा रहा है और ना ही एनटीए की आंसर की पर विश्वास कर पा रहा है।
आहूजा ने बताया कि कई अन्य समस्याओं से भी स्टूडेंट्स परेशान रहे। इसमें सबसे ज्यादा वर्ष 2007 में जन्मे हजारों स्टूडेंट्स अपनी रिकॉर्डेड रेस्पोंस को डाउनलोड नहीं का पा रहे थे, क्योंकि एनटीए की वेबसाइट पर वर्ष 2006 तक का ही विकल्प दिया गया था। साथ ही 27 जनवरी की शिफ्ट में हुई परीक्षा के भी प्रश्न पत्र अपलोड नहीं किए गए थे। शुरुआती समय में एनटीए का सर्वर इतना व्यस्त रहा कि स्टूडेंट्स वेबसाइट पर कोई जानकारी प्राप्त नहीं कर सके।
इन सब समस्याओं को देखते हुए अंततः एनटीए ने बुधवार सुबह से ही वेबसाइट से आंसर-की डाउनलोड करने का विकल्प हटा दिया। इसे तकनीकी समस्या बताते हुए स्वीकार किया और पुनः रिकॉर्डेड रेस्पोंस जारी करने की बात कही। ऐसे में स्टूडेंट्स 8 फरवरी तक आंसर-की को चैलेंज करने के दिए गए समय में कैसे डाउनलोड कर चैलेंज कर सकेंगे। ऐसे में एनटीए को 8 फरवरी तक के समय को बढ़ाना चाहिए।

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