>>: चुनावी खर्च की सीमा 95 लाख, यहां तो सवा 11 लाख में ही लड़ लिए लोकसभा चुनाव!

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Loksabha Election 2024 बात चुनावों की आती है तो राजनीतिक दलों के अलावा उम्मीदवारों के स्तर पर भी रैली, नाश्ता-भोजन और परिवहन, प्रचार-प्रसार पर अनाप-शनाप खर्च किया जाता है। लोकसभा चुनावों में हरेक प्रत्याशी की अधिकतम खर्च सीमा 95 लाख रुपए है, लेकिन निर्वाचन विभाग के आंकड़ों पर भरोसा करें तो राजसमंद सीट पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में कुल 8 प्रत्याशियों ने करीब 90 लाख रुपए खर्च किए। यानि हरेक उम्मीदवार ने औसतन सिर्फ 11 लाख रुपए के खर्च से ही चुनाव लड़ लिया।

राजसमंद सीट पर कुल 10 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिनमें से दो उम्मीदवारों ने अपने चुनावी खर्च का हिसाब-किताब निर्वाचन विभाग को जमा ही नहीं करवाया था। जिन आठ उम्मीदवारों ने चुनावों में खर्च का ब्योरा दिया है, वह कुल 89 लाख, 91 हजार 706 रुपए है। देखा जाए तो औसतन प्रत्येक उम्मीदवार ने 11 लाख 21 हजार 463 रुपए खर्च किए।

25 सीटों पर 238 ने दिया हिसाब
पूरे राजस्थान में चुनाव लड़े कुल 249 में से 238 उम्मीदवारों ने अपने चुनावी खर्च का हिसाब पेश कर दिया था। उन्होंने 27 करोड़, 91 लाख, 5 हजार 204 रुपए खर्च किए। यानि हरेक उम्मीदवार ने औसतन 11 लाख 72 हजार 711 रुपए चुनावी प्रचार अभियान में व्यय किए। राज्य में 11 प्रत्याशियों ने हिसाब पेश नहीं किया।

92 अधिकारी-लेखाकारों की टीम लगाई
इस काम के लिए 4 सहायक व्यय पर्यवेक्षक, 36 फ्लाइंग स्क्वॉयड, 36 स्थैतिक निगरानी दल, 8 वीडियो निगरानी दल और 4 वीडियो सतर्कता दल और 4 लेखाकारों की टीम लगाई गई थी।

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चुनावों में बेतहाशा पैसा खर्च होता है। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से पेश हिसाब को ही चुनाव आयोग सच मान लेता है। सत्यापन व निगरानी जैसी कोई गम्भीरता दिखाई नहीं देती। हर स्तर पर अकूत पैसा खर्च होता है। यही नहीं, उम्मीदवारों की सम्पत्ति का ब्योरा भी कितना सच होता है, यह सभी जानते हैं।

डॉ. बसंतीलाल बाबेल, पूर्व न्यायाधीश

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