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नहीं दिखेगी बच्चों की कला! स्कूलों ने नहीं दिए ये किट Sunday 07 April 2024 06:03 AM UTC+00 श्रीगंगानगर.राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले कक्षा एक से पांचवीं तक के श्रीगंगानगर व अनूपगढ़ जिले के 84 हजार 912 विद्यार्थियों की कल्पनाओं की उड़ान परवान नहीं चढ़ पाई। कल्पनाओं की उड़ान के लिए बच्चों को कला किट खरीद कर देनी थी। समसा श्रीगंगानगर के अधिकारियों कहना है कि इसके लिए राज्य स्तर से बजट आवंटित नहीं हुआ। इस कारण संस्था प्रधानों ने कला किट की खरीद नहीं की। पूरा शिक्षा सत्र बीत गया। इसके बाद कला किट वितरण के आदेश जारी हुए। फिर बजट आवंटन में देरी कर दी गई। हालांकि जयपुर स्तर की हुई वीसी में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्कूल अपने स्तर पर कला किट की खरीद कर वितरित कर दी जाए लेकिन अधिकांश स्कूलों ने इस किट की खरीद नहीं की है। इस कारण अब नए शिक्षा सत्र में ही बच्चों की कल्पनाओं को उड़ान मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक स्तर के विद्यार्थियों को मजबूत करने, खेल और अन्य गतिविधि आधारित को बढ़ाना देने,साथ ही भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए बच्चों को कला किट वितरित की जानी थी। यह मिलना था किट में यह भी पढ़ें : Big News : राजस्थान में एक बार फिर होगा सरकारी स्कूलों का एकीकरण, जानें क्या होगा आधार कक्षा 1 से 5 में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के सृजनात्मक एवं प्रायोगिक कौशल को विकसित करने और उनके सीखने की प्रक्रिया को अधिक सरल, सहज और रोचक बनाने के लिए कला किट वितरित की जानी है। इसके लिए जिला समग्र शिक्षा कार्यालय को राशि नहीं मिली है। विद्यालय स्तर पर एसएमसी व एसडीएमसी में प्रस्ताव लेकर कला किट की सामग्री की खरीद की जाएगी। —पन्ना लाल कड़ेला, सीडीइओ,शिक्षा विभाग,श्रीगंगानगर। कला के माध्यम से विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि उत्पन्न करना विद्यार्थियों में क्रियात्मक व सृजनात्मक विकास करना विद्यार्थियों में उत्पन्न हुए अधिगम अंतराल को कम करना स्वयं प्रयोग कर ज्ञान सृजन के अवसर उपलब्ध करना गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना। |
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