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50 फीसदी से कम मतदान वाले केन्द्रों पर निर्वाचन विभाग की विशेष नजर Tuesday 02 April 2024 07:09 AM UTC+00 नागौर. लोकसभा चुनाव-2019 में जिले के जिन बूथों पर कम मतदान हुआ था, उनमें इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने कमर कस ली है। जिला स्वीप टीम ने इसके लिए विधानसभावार कम मतदान प्रतिशत वाले केन्द्रों का चयन कर लिया है तथा अब नुक्कड़ नाटक एवं स्वीप रथ के माध्यम से मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वीप प्रोग्राम नागौर के जिला समन्वयक मनीष पारीक ने बताया कि उन्होंने नागौर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली आठों विधानसभा के 50 प्रतिशत से कम मतदान प्रतिशत वाले मतदान केन्द्रों को चिह्नित किया है, जहां आगामी दिनों में नुक्कड़ नाटक, मतदाता जागरुकता रैली, स्लोगन प्रतियोगिता, स्वीप रथ आदि के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा। मतदाताओं को मतदान का महत्व बताया जाएगा। गौरतलब है कि लोकतंत्र की नींव मताधिकार पर ही रखी जाती है। इस प्रणाली पर आधारित समाज व शासन की स्थापना के लिए प्रत्येक वयस्क नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मत का अधिकार प्रदान किया गया है। जितने अधिक नागरिकों को मताधिकार प्राप्त रहता है, उस देश को उतना ही अधिक जनतांत्रिक समझा जाता है। इसके बाद भी नागरिक मताधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां मतदान कम हुआ था, वहां मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। नागौर व परबतसर में कम मतदान वाले केन्द्र ज्यादा वर्ष 2014 व 2019 के मतदान का तुलनात्मक अध्ययन ये हैं कम मतदान प्रतिशत के कारण |
राजस्थान देश में सीजर के मामले में पहले स्थान पर, नागौर में 22 करोड़ की जब्ती Tuesday 02 April 2024 01:22 PM UTC+00 नागाैर. राजस्थान में अलग-अलग एनफोर्समेंट एजेंसियों ने मार्च महीने की शुरुआत से अब तक नशीली दवाओं, शराब, कीमती धातुओं, मुफ्त बांटी जाने वाली वस्तुओं (फ्रीबीज) और अवैध नकद राशि के रूप में लगभग 507.44 करोड़ रुपए कीमत की जब्तियां की हैं। निर्वाचन विभाग के निर्देश पर लोकसभा आम चुनाव-2024 Lok Sabha General Election-2024 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद 16 मार्च से अब तक एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई वस्तुओं की कीमत 400.44 करोड़ रुपए से ज्यादा है। सीजर के मामले में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। आचार संहिता लागू होने के बाद महाराष्ट्र में 277 करोड़ रुपए, पंजाब में 151 करोड़, दिल्ली में 125 करोड़, पश्चिम बंगाल में 95 करोड़, तमिलनाडू में 78 करोड़, तेलंगाना में 70 करोड़, कर्नाटक में 68 करोड़, गुजरात में 64 करोड़ और मध्य प्रदेश में 59 करोड़ रुपए मूल्य की जब्ती की गई है। 14 जिलों में 15 करोड़ से अधिक की जब्ती
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video--नागौर जिले के युवाओं ने दिखाई गांधीगिरी Tuesday 02 April 2024 05:26 PM UTC+00 मूण्डवा नागौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर आबाद होने के बावजूद बायपास से बसों के गुजरने से परेशान ईनाणा के ग्रामीणों ने मंगलवार को गांधीगिरी से प्रदर्शन किया। युवा सुबह शहीद स्मारक के पास बायपास के किनारे टेंट लगाकर बैठ गए। बायपास से जाने वाली रोडवेज व प्राइवेट बसों के चालकों को फूलों की मालाएं पहनाकर गांव में होकर बसों का संचालन करने के लिए आग्रह किया। युवाओं के इस प्रकार के आचरण से वाहन चालक काफी प्रभावित हुए। ग्रामीणों के इस तरह के व्यवहार की खबर आने जाने वाले सभी वाहन चालकों तक पहुंच गई। शाम होने तक अजमेर की तरफ से आने वाली बसें भी गांव में से होकर निकली। नागौर डीपो के अलावा अन्य डीपो की बसें भी गांव में से होकर गई। दिन भर लोग बायपास के पास बैठे रहे। सरपंच रूपाराम रोज, कालूराम ईनाणियां, बबलू ईनाणियां, गणपतसिंह, कैलाश, विजय पाराशर, ज्ञानप्रकाश, गरीब राम, रामप्रसाद, सुरेन्द्र ईनाणियां, कंवरीलाल जांगिड़, कैलाश धाकड़, ईश्वर ईनाणियां सहित युवाओं ने बताया कि बसों के बायपास जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। सम्पन्न लोग तो निजी वाहनों से चले जाते हैं। महिलाओं, विद्यार्थियों, मजदूरों, अस्वस्थ लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बायपास दूर होने तथा आबादी क्षेत्र नहीं होने से बसों का संचालन गांव में होकर करना बेहद जरूरी है। |
video---डांडिया नृत्य में झलकी राजस्थानी संस्कृति Tuesday 02 April 2024 05:48 PM UTC+00 नागौर. शहर की निकटवर्ती ग्राम पंचायत ताऊसर की ओर से गांव में मंगलवार को शीतलाष्टमी पर डांडिया उत्सव व मेले का आयोजन किया गया। ढोल की थाप के साथ राजस्थानी वेशभूषा पहने युवाओं ने पैरों में घुंघरू बांधकर जमकर डांडिया नृत्य किया। डांडिया करने पहुंचे युवाओं में कुछ ने कालबेलिया महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा पहनी हुई थी तो कुछ युवाओं ने राजस्थानी साफा, धोती-कुर्ता धारण किया हुआ था। ढोल की थाप के साथ बजती संगीत की धुनों ने डांडिया कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। डांडिया उत्सव शुरू होने के साथ ही पूरा मेला डांडिया के रंग में रंगने लगा। राजस्थानी गीतों पर सधे कदमों से डांडिया खनकाते ग्रामीण उत्साहित नजर आ रहे थे। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर डांडिया किया, वहीं ढोल की थाप, डांडिया की खनक व घुंघरू की आवाज उनको उत्साहित कर रही थी। सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाती पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक व युवतियों के साथ बच्चे व बड़े भी डांडिया नृत्य करने में पीछे नहीं रहे। इस दौरान शहर से भी काफी संख्या में लोग डांडिया देखने पहुंचे। |
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