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Table of Contents

सीकर. ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता, समर्पण व संघर्ष से सफलता के 'स्टेशन' तक पहुंचने की ये दास्तां पूरे देश के लिए एक नजीर है। सीकर-चूरू मार्ग स्थित छोटे से रसीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन (Rashidpura khori railwaystation) को 2004 में बंद करने पर ग्रामीणों ने पहले तो रेलवे की शर्त पर लाखों रुपए खर्च कर अपने स्तर पर पांच साल तक संचालित किया। फिर नवंबर 2015 में आमान परिवर्तन में जब दोबारा स्टेशन बंद होने का खतरा मंडराया तो ग्रामीणों ने फिर उसे बचाने की मुहिम शुरू की। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार रेलवे को फिर से स्टेशन को हरी झंडी देनी पड़ी। अब यही स्टेशन करीब 20 करोड़ की लागत से हाईटेक होकर 9 कर्मचारियों सहित इसी महीने शुरू होने जा रहा है।

मिसाल : रेलवे ने आय की शर्त रखी तो ग्रामीणों ने चलाया स्टेशन
रसीदपुरा खोरी स्टेशन देश का एकमात्र ऐसा स्टेशन है, जिसे ग्रामीण अपने स्तर पर संचालित कर चुके हैं। दरअसल 1942 में बने इस स्टेशन को कम आय का हवाला देकर रेलवे ने 2004 में बंद कर दिया था। फिर से शुरू करने के लिए ग्रामीणों ने जंगी मुहिम शुरू की। आखिरकार रेलवे ने 2009 में एक शर्त के साथ रेलवे स्टेशन अस्थाई तौर पर शुरू किया। शर्त थी कि ग्रामीण अपने स्तर पर स्टेशन का संचालन कर रेलवे को 40 हजार रुपए की मासिक आय देंगे। जिसे स्वीकार करते हुए ग्रामीणों ने करीब पांच साल तक स्टेशन को लाखों रुपए खर्च कर अपने स्तर पर संचालित किया।


ग्रामीणों के संघर्ष की कहानी : घर-घर किया संपर्क, चिपकाए टाइम-टेबल, दिए ज्ञापन

स्टेशन को बचाने की मुहिम में शामिल रहे प्रधानाचार्य प्रताप सिंह ने बताया कि रेलवे की शर्त पर गांव की एक कमेटी बनाई गई। जिसमें किसी का काम घर-घर जाकर रेलवे का सफर करने के लिए लोगों को प्रेरित करना था, तो कोई रेल का टाइम टेबल दीवारों पर चिपकाता। गांव के युवक महेन्द्र सिंह को सीकर से टिकट लाकर स्टेशन पर बेचने का जिम्मा सौंपा गया। जो एक पेड़ के नीचे लकड़ी के बॉक्स में टिकट रखकर बेचता। टिकट का लक्ष्य पूरा करने के लिए ग्रामीण रेल से ज्यादा यात्रा करने लगे। मासिक पास रखने वाले ग्रामीण भी टिकट लेकर सफर करते। बे-टिकट यात्रियों पर नजर रखने के लिए एक शख्स अलग से नियुक्त किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए सफाई, पानी सहित अन्य सुविधाएं भी ग्रामीणों ने अपने स्तर पर विकसित की। इसके लिए पांच लाख रुपए का चंदा भी आसपास के गांवों से किया गया। प्रयास कर नई गाडिय़ों का ठहराव भी करवाया। इस तरह लक्ष्य से भी ज्यादा आय होने पर रेलवे ने स्टेशन को स्थाई रूप से शुरू करने की अनुमति दे दी।

यादगार : नहीं टूटने दिया पुराना स्टेशन

रसीदपुरा खोरी स्टेशन का नया भवन अब बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। लेकिन, ग्रामीणों ने यादगार के तौर पर नजदीक स्थित पुराने भवन को नहीं तोडऩे दिया। इसे ग्रामीणों की एकता व सहभागिता के यादगार के तौर पर अब भी जिंदा रखा गया है।

असर : प्याज कारोबार को लगेंगे पंख, बढ़ेगा रोजगार
स्टेशन से रसीदपुरा के अलावा आसपास के आठ गांवों में रोजगार बढ़ेगा। प्याज उत्पादन का बड़ा क्षेत्र व मंडी होने के कारण यहां के प्याज का कारोबार अब देशभर में हो सकेगा। आसपास के इलाकों में भी व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेगी। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए रेलवे ने निजी जमीन का अधिग्रहण कर माल ढुलाई के लिए बड़े रैंप भी बनाए हैं।


अत्याधुनिक : सेटेलाइट सिस्टम से कंट्रोल होगी रेल, 9 का होगा स्टाफ

रेलवे ने करीब 20 करोड़ की लागत से रसीदपुरा खोरी का हाईटेक स्टेशन तैयार किया है। जो पूरी तरह सेटलाइट सिस्टम पर आधारित होगा। रेल आने जाने की सटीक सूचना सहित यह सिस्टम रेल हादसों की आशंका को भी खत्म करेगा। ईआई व सर्वर रूम सहित तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं वाले स्टेशन पर स्टेशन मास्टर सहित 9 लोगों का स्टाफ भी होगा। अलग से क्वार्टर भी बनाए गए हैं।

इन्होंने संभाली कमान : गांव से लेकर अधिकारियों तक काटे चक्कर
रेलवे स्टेशन को बचाने में गांव के सेवानिवृत शिक्षक हनुमान सिंह, शिवपाल सिंह जांगिड़, शिव प्रसाद कुमावत, हरदयाल सिंह बुरड़क, मदन बुरडक, कल्याण ङ्क्षसह शेखावत, भागीरथ जांगिड़, केशर सिंह, प्रताप सिंह, देवी सिंह, रामसिंह चौधरी, महादेव जांगिड़, सुरजाराम बुरडक, सिद्धार्थ, जितेन्द्र, सुभाष चंद्र व महावीर पुरोहित सहित कई ग्रामीणों की अहम भूमिका रही। जिन्होंने गंावों में बैठकें कर लोगों को जागरुक करने, रेलवे स्टेशन की व्यवस्था संभालने तथा जनप्रतिनिधियों से लेकर रेलवे के अधिकारियों तक के सेंकड़ों चक्कर काट स्टेशन के संघर्ष को सफलता तक पहुंचाया।

अब क्रोसिंग स्टेशन : यात्रियों के समय की होगी बचत
रेलवे ने अब यहां 20 करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर क्रोसिंग स्टेशन बना दिया है। स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सीकर-चूरू मार्ग पर सीकर के बाद लक्ष्मणगढ़ ही क्रोसिंग स्टेशन है। जहां पर एक गाड़ी को रोककर दूसरी गाड़ी को निकाला जा सकता है। माल गाड़ी आने पर कई बार सीकर और लक्ष्मणगढ़ दोनों स्टेशनों पर गाडिय़ों को खड़ा करना पड़ता है। इससे यात्रियों के समय की बर्बादी होती। मोटे अनुमान के अनुसार दोनों स्टेशनों पर गाड़ी आने पर 50 मिनट का समय अलग से लगता। लेकिन अब रसीदपुरा खोरी स्टेशन के क्रोसिंग स्टेशन बन जाने से समय की बचत होगी।

सीकर/श्रीमाधोपुर/फतेहपुर: राजस्थान के सीकर जिले में गुरुवार को भी तेज बरसात का दौर जारी है। सीकर शहर, फतेहपुर सहित कई इलाकों में दोपहर से बरसात हो रही है। जो हल्के तो कभी तेज गति से बरस रही है। बरसात से जहां रास्तों से लेकर घरों तक में पानी भर गया है। वहीं, खेत से लेकर रेलवे अंडरपास में भी पानी भराव किसानों से लेकर राहगिरों तक के लिए भारी परेशानी का सबब बन गए हैं। श्रीमाधोपुर में तो भारी बरसात के चलते सुबह एक मकान की पट्टियां गिर गई, तो अंडरपास में जमा पानी में बच्चों से भरा स्कूल वाहन फंसने से संासे सकते में आ गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

छत की पट्टियां गिरी, टला हादसा
श्रीमाधोपुर में बुधवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश का दौर गुरुवार सुबह तक जारी रहा। दिन में भी कई इलाकों में बरसात हुई। बरसात से वार्ड नंबर 28 स्थित रेगर बस्ती में रिछपाल रेगर के मकान की पट्टिया टूट कर गिर गई। गनीमत से घटना के समय घर में कोई नहीं था। पार्षद मनोज बाल्मीकि ने बताया कि रिछपाल दिव्यांग व बीपीएल में चयनित है। जो जो जूतियां गांठ कर परिवार का गुजर-बसर करता है। आशियाना ढहने से उसके सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।

स्कूल वाहन फंसने से मचा हड़कंप
श्रीमाधोपुर थाना इलाके के हांसपुर पंचायत के बोरावाली ढाणी के पास बने अंडरपास में सुबह बच्चों से भरा स्कूल वाहन फंसने से हड़कंप मच गया। बोरावाली ढ़ाणी निवासी विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि अंडरपास के अंदर से एक स्कूल वाहन बच्चों को लेकर विद्यालय की ओर जा रहा था। जो अंडरपास के बीचों बीच फंस गया। इस पर बच्चों में चीख पुकार मच गई। सूचना पर नजदीकी लोग दौड़कर आए व ट्रैक्टर की सहायता से करीब 1 घंटे की मशक्कत से वाहन को बाहर निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने अंडर पास में पानी भराव को लेकर आक्रोश भी जताया। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार मदनलाल ने समस्या का जल्द समाधान निकालने का आश्वासन देकर प्रदर्शन शांत करवाया।

फतेहपुर के मुख्य बस स्टैण्ड व कई गांवों में पानी भरा
फतेहपुर में बरसात का दौर लगातार तीसरे दिन जारी रहने से पूरा कस्बा पानी से लबालब हो गया। फतेहपुर कस्बे सहित आसपास के कई गांव झमाझम बारिश से पानी से लबालब हो गए। यहां गुरुवार दोपहर एक बजे ही बरसात का दौर शुरू हो गया। जो रुक रुककर लगातार जारी है। बरसात से मण्डावा व नवलगढ़ अंडर ब्रिज, मुख्य बस स्टेण्ड , चुणा चौक सहित कई इलाकों में पानीभराव स्थानीय लोगों के साथ राहगिरों के लिए परेशानी का सबब बन गया।

( Sikar Pocso court sentenced 10 years imprisonment for raping a minor) सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से बलात्कार के मामले में एक आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी जिले के रींगस इलाके के भारनी गांव का निवासी शेर सिंह जाखड़ है। जिसे विशिष्ठ न्यायाधीश डॉ. सीमा अग्रवाल ने खेत में घुसकर बालिका से बलात्कार किए जाने के जुर्म में ये सजा दी है।

2018 में अकेली देख बनाया शिकार
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपी ने खेत में काम कर रही नाबलिग बालिका से बलात्कार किया। वारदात के दौरान नाबालिग के माता-पिता घर में नहीं थे। वे किसी काम से बाहर गए हुए थे। जब वापस आए तो बालिका ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इस पर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। पूर्व पीपी शिवरतन शर्मा ने बताया कि मामले में न्यायालय में न्यायालय में 15 गवाहों के बयान करवाए गए तथा 22 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। मामले के फैसले में न्यायाधीश ने कहा है कि अभियुक्त ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती गलत कार्य किया है। इसका बालिका के स्वास्थ्य और मनमस्तिष्क पर जीवन भर के लिए घातक असर पड़ेगा। ऐसा अपराधी सहानुभूति व दया का पात्र नहीं हो सकता। हल्का दंड अपराधी को उत्साहित करेगा और उसके परिणाम समाज को भुगतने होंगे। अभियुक्त का कृत्य समाज के विरूद्ध गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में अभियुक्त को दंडित किया जाना आवश्यक है। न्यायालय ने आरोपी को दस वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही पीडि़ता को राजस्थान पीडि़त प्रतिकर विनियम अधिनियम के तहत समुचित प्रतिकर दिलवाए जाने की अनुशंसा की है। मामले में राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक यशपाल सिंह महला ने पैरवी की।

सीकर. राजस्थान के शेखावाटी इलाके के सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिलों सहित प्रदेश के कई जिलों में बरसात का दौर शुक्रवार को भी जारी रहेगा। जिसका असर दक्षिण पूर्वी जिलों में ज्यादा होगा। जहां भारी बरसात भी देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार शुक्रवार को जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर व अजमेर तथा पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर व बीकानेर संभाग में कहीं कहीं हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है। जिसमें झुंझुनू, चूरू, सीकर, नागौर, बीकानेर जिलों और आसपास के क्षेत्रों मे कुछ देर में ही मेघगर्जन व आकाशीय बिजली के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इधर, स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण पूर्व इलाकों में भारी बरसात के साथ प्रदेश के बाकी इलाकों में हल्की से मध्यम बरसात होने के आसार हैं।

प्रदेश में यहां भारी बरसात का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर में भारी बरसात हो सकती है। जबकि कोटा,बारां, झालावाड़, बूंदी, राजसमन्द, उदयपुर, चित्तोडगढ़़, भीलवाड़ा, सिरोही तथा पाली, जालोर, जोधपुर नागौर जिले में बादलों की गरज व बिजली की चमक के साथ बौछारें गिर सकती है।


देश में यहंा होगी बरसात
स्काईमेट वेदर रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को राजस्थान के दक्षिण पूर्व राजस्थान के अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी कोंकण और गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। जबकि राजस्थान के बाकी हिस्सों, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, दक्षिण भारत कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की बारिश संभव है।

सीकर. प्रेमी के साथ घर से भागकर शादी करने वाली युवती से छेड़छाड़ और सिंगरावट चौकी में बलात्कार के आरोप से घिरा हैडकांस्टेबल सुभाषचंद पुलिस की जांच में पाक साफ साबित हुआ है। जांच में झूठ साबित होने पर पुलिस ने गुरुवार को मामले में एफआर पेश कर दी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुभाषचंद्र ने युवती के साथ बलात्कार नहीं किया। उसका कसूर इतना था कि उसने युवती को थाने में धमकाया था और उसके पति को बंद करने की धमकी दी थी। पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप का कहना है कि इस आरोप में हैडकांस्टेबल को चार्जशीट दी जाएगी। हालांकि पुलिस की साख खराब करने के मामले में पुलिस अब युवती और उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में हैं।

 

पति बना प्रेमी था मास्टरमाइंड

सिंगरावट चौकी में बलात्कार के इस मामले में युवती पुलिस और अदालत में दिए बयानों में पलट गई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस मामले का मास्टरमाइंड युवती का पति था। हैडकांस्टेबल सुभाषचंद ने उसके पति को धमकाया और युवती को भगाकर ले जाने के मामले में जेल भेजने की बात कहीं थी। ऐसे में युवती के पति ने अपना बचाव करने के लिए युवती को हैडकांस्टेबल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने के लिए तैयार किया था।

महिला कांस्टेबल की सीडीआर प्रमुख आधार

बलात्कार के इस मामले में गंगानगर जिले में तैनात महिला सिपाही की मोबाइल कॉल डिटेल जांच का प्रमुख आधार रही है। पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण राजेश आर्य ने बताया कि महिला कांस्टेबल हैडकांस्टेबल के साथ सिंगरावट चौकी तक आई थी। दोनों के मोबाइल की लोकेशन से यह प्रमाणित होता है। हैडकांस्टेबल, युवती व उसका पति तड़के करीब चार बजे सिंगरावट चौकी पहुंचे। उस दौरान चौकी पर कोई पुलिस जाब्ता उपस्थित नहीं था। युवती के परिजन भी वहां नहीं आए थे। ऐसे में चौकी की सार-संभाल करने वाले चौकी भवन के पड़ौसी शंकर कुमावत की पत्नी व बेटी को वहां बुलाकर युवती को उन्हें सौंपा गया था। दिन में करीब नौ बजे परिजनों के आने पर युवती से समझाइश की गई। लेकिन उसने अपने परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में हैडकांस्टेबल सभी को लेकर धोद थाना पर पहुंचा। वहां पर युवती को उसकी इच्छा के अनुसार उसके पति को सौंप दिया गया।

जांच में नहीं मिला बलात्कार का एक भी सबूत
पुलिस ने इस मामले की जांच करीब 15 दिन में पूरी कर ली। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान बलात्कार का एक भी सबूत नहीं मिला। मामला दर्ज होने के बाद पीडि़ता ने घटना से ही इनकार कर दिया। यहां तक की पीडि़ता को मेडिकल कराने के लिए चिकित्सा अधिकारी के समक्ष पेश किया गया, लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसे घटना के दौरान पहने कपड़े पेश करने के लिए पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया तो लिखित में जवाब दिया कि उसके साथ बलात्कार की कोई घटना नहीं हुर्ह है। यहां तक की युवती और उसके पति ने नक्सा-मौका करवाने से मना कर दिया। ऐसे में पुलिस ने रास्ते में आने वाले टोल नाकों के फुटेज भी देखे, लेकिन रात का समय होने के कारण फुटेज साफ नजर नहीं आए।

इनका कहना है-

सिंगरावट चौकी में युवती से बलात्कार की जांच पूरी हो गई है। जांच में मामला झूठा पाए जाने पर न्यायालय में एफआर पेश कर दी गई है। हैडकांस्टेबल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि हैडकांस्टेबल सुभाषचंद ने युवती के पति को लड़की भगाकर ले जाने के मामले में धमकाया था। ऐसे में उसे चार्जशीट दी जाएगी।

कुंवर राष्ट्रदीप पुलिस अधीक्षक, सीकर

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में तेज बरसात का दौर शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी है। सीकर शहर सहित आसपास के इलाके में शुक्रवार को भी बादल झमाझम बरस रहे हैं। जिसका सिलसिला करीब 45 मिनट से लगातार जारी है। बरसात से निचले इलाकों में पानी भरने से राहगिरों की परेशानी बढ़ गई। घर में पानी घुसने से स्थानीय लोगों को भी भारी परेशान का सामना करना पड़ रहा है। इधर, लगातार हो रही बरसात ने किसानों की भी मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिलेभर में सवा लाख हेक्टेयर से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग, मोठ, चवला व बाजरे की फसलें बर्बाद हाने की सूचना है। इससे पहले बादलों ने शुक्रवार सुबह से ही डेरा जमा लिया था। जिनके बीच दोपहर साढ़े बारह बजे तक सूरज की लुका छिपी का खेल जारी रहा। लेकिन, इसके बाद अचानक छाए काले बादलों ने अंचल को अंधेरे से ढककर बरसना शुरू कर दिया।

जल नगर बना शहर
बरसात से शहर में जगह जगह जलभराव हो गया है। शहर के राधाकिशनपुरा, नवलगढ़ रोड, बजाज रोड, ऋषिकुल मार्ग, जयपुर रोड सहित कई इलाकों में पानी भर गया। जहां से गुजरना राहगिरों के लिए पेचीदा काम हो गया है।

फसलों के साथ पसरी किसानों की किस्मत
लगातार हुई बारिश से जिले में बाजरा, मूंग, मोठ, चवला, प्याज, मूंगफली व ग्वार की फसलों को भारी नुकसान हो गया है। अनुमान के मुताबिक चार दिन में जिलेभर में सवा लाख से भी ज्यादा हैक्टेयर क्षेत्र में फसलें खराब हो गई। कई गांवों के खेत पानी से लबालब हो गए हैं।

यूथ कांग्रेस ने की मुआवजे की मांग
फसल खराबे की एवज में मुआवजे की मांग को लेकर इससे पहले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। कार्यकर्ताओं ने फसलों की तुरंत गिरदावरी रिपोर्ट करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यहां का जारी किया था अलर्ट
इससे पहले मौसम विभाग ने शेखावाटी के सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिलों सहित प्रदेश के कई जिलों में बरसात का अलर्ट जारी किया था। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शुक्रवार को सीकर, झुंझुनू, चूरू, नागौर, बीकानेर, कोटा,बारां, झालावाड़, बूंदी, राजसमन्द, उदयपुर, चित्तोडगढ़़, भीलवाड़ा, सिरोही तथा पाली, जालोर, जोधपुर जिले में बरसात की संभावना जाहिर की थी। प्रदेश के बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर में भारी बरसात की आशंका बताई थी।

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में शिक्षक भर्ती परीक्षा रीट में पास करवाने की एवज में लाखों रुपए लेने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी रानोली निवासी सुरेश यादव, अशोक मील तथा किशनपुरा निवासी हेमंत हैं। जो रीट का पेपर आउट करवाकर अभ्यर्थियों को पास करवाने की एवज में 7 से 15 लाख रुपए ले रहे थे। उद्योग नगर थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी रीट परीक्षा में पास करवाने की एवज में कार सवार कुछ लोग रुपए की मांग कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने मामले की पड़ताल कर आरोपियों को गुरुवार रात को देा अलग- अलग जगह से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में उनके एजेंट की भूमिका में काम करने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के सरगना की तलाश में जुट गई है।

मोबाइल में मिले 50 प्रवेश पत्र, चेक से कर रहे थे लेन देन
उद्योग नगर थानाधिकारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल में परीक्षा के करीब 50 प्रवेश पत्र भी मिले हैं। आरोपियों ने परीक्षा पास करवाने की एवज में सात से 15 लाख रुपए में सौदा तय किये जाने की बात कबूली है। जिसकी राशि का लेन- देन चेक से किया गया है। कुल लेन- देन कितने रुपयों का हुआ है इसकी जांच की जा रही है।

रोजगार सेंटर, सोसायटी व डिफेंस एकेडमी संचालक
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी सुरेश यादव रोजगार सेंटर संचालक है। जो रानोली में महालक्ष्मी रोजगार सेंटर संचालित करता है। जबकि अशोक मील प्राइवेट कॉपरेटिव सोसायटी व हेमंत डिफेंस एकेडमी संचालक है। हेमंत को मिल्खा डिफेंस एकेडमी से गिरफ्तार किया गया है।

गर्म है अफवाहों का दौर
इधर, सीकर में रुपए लेकर रीट परीक्षा में पास करवाने की अफवाह का दौर लंबे समय से जारी है। पेपर आउट करने से लेेकर परीक्षा में नकल करवाने व ओमएमआर शीट बदलवाने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपए लिए जाने की बातें आम चर्चा में है।

नीमकाथाना. रक्त की जरूरत कब किस को पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। क्या पता खून की कुछ बूंदें किसी जरूरतमंद की सांसों को थमने से रोक दें। इसी के लिए क्षेत्र के लोगों में रक्तदान करने का काफी उत्साह देखने को मिलता है। इसी का परिणाम है कि नीमकाथाना ने राजस्थान में अपनी अलग ही पहचान भी बना रखी है।
यहां से हर वर्ष जयपुर व सीकर के कई अस्पताल की ब्लड बैंकों में पहुंचने वाले हजारों ब्लड यूनिट से काफी लोगों की जान बचाई जा रही है। कस्बे में कई सामाजिक संस्थानों की ओर से लगाए जाने वाले शिविरों में लोग बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। यही नहीं कस्बे में एक संस्था द्वारा लगाए जाने वाले विशाल शिविर में तो लोग परिवार के साथ रक्तदान करने पहुंचते हैं। लेकिन विडंबना है कि इलाके से प्रत्येक वर्ष हजारों यूनिट ब्लड संग्रहित होने के बावजूद सरकार यहां पर ब्लड बैंक बनाने को लेकर ध्यान नहीं दे रही है। कस्बे के राजकीय कपिल अस्पताल में सीकर, झुंझुनंू व हरीयाणा राज्य के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ब्लड की मरीजों के परिजनों को अपने स्तर पर सीकर या अन्य जगह से व्यवस्था करनी पड़ती है। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार लैबर रूम में जनवरी 2021 से लेकर 23 सितंबर 2021 तक 176 प्रसूताओं को ब्लड यूनिट तो चढ़ा दिया गया। मगर, उनके परिजनों को ब्लड की व्यवस्था करने में कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा वह जिम्मेदारों से छीपी हुई नहीं है।
भले ही सरकार ने राजकीय कपिल अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा देकर यहां चिकित्सकों के पद बढ़ा दिए हो, लेकिन अस्पताल में ब्लड बैंक की सबसे बड़ी समस्या खलल रही है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि सरकार अस्पताल में जल्द से जल्द ब्लड बैंक खोलने की घोषणा करें। ताकि यहां की जनता को ब्लड के लिए जयपुर व सीकर नहीं भटकना पड़े।
रक्त के लिए आठ माह से जूझ रहे थे मरीज
कपिल अस्पताल में स्थित ब्लड स्टोरेज सेंटर का अनुमति पत्र 15 जनवरी 2020 तक ही नवीनीकृत होने से पिछले सात माह से अस्पताल में प्रसूताओं को रक्त के लिए जूझना पड़ रहा था। हालांकि परिजन सीकर, कोटपूतली व जयपुर से ब्लड की व्यवस्था कर प्रतिदिन चढ़वा रहे थे। लेकिन अब फिर से अनुमति पत्र नवीनीकृत होने से फिर से सेंटर में 10 ब्लड यूनिट रखना शुरू कर दिया गया है।
झुंझुनूं जिला से पहुंची 39 प्रसुताएं
अस्पताल में जनवरी से 23 सितंबर तक 168 प्रसूताओं को चढ़ाई गई ब्लड यूनिअ में 39 प्रसूताएं झुंझुनंू जिला की निवासी है। बाकि 136 सीकर व अन्य जिलो की प्रसूताएं शामिल है। सबसे ज्यादा जुलाई माह में 44 प्रसूताओं को ब्लड यूनिट चढ़ाया गया।
वर्तमान में अस्पताल में ब्लड स्टोरेज सेंटर स्थापित है। जरूरत पडऩे पर प्रसूताओं को तुरंत ब्लड उपलब्ध करवाया दिया जाता है।
डॉ जीएस तंवर, पीएमओ, राजकीय कपिल जिला अस्पताल, नीमकाथाना

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