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Table of Contents

लोकसभा आम चुनाव के तहत होम वोटिंग के लिए पंजीकरण का काम पूरा हो गया है। इसमें टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट पर 2,695 मतदाता पंजीकृत हुए है। इनमें बुजुर्ग 1,976 और 719 दिव्यांग मतदाता शामिल है। होम वोटिंग के लिए मतदान प्रक्रिया 14 अप्रेल से शुरू होकर 21 अप्रेल तक चलेगी। किसी कारण से मतदाता के होम वोटिंग के लिए अनुपस्थित या वंचित रह जाने पर दूसरा दौर 22 से 23 अप्रैल के बीच होगा।

आठ अप्रेल तक सूची देनी होगी

दूसरे चरण में मतदान वाले 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में होम वोटिंग के लिए पंजीकरण का कार्य पूरा हो गया है। निर्वाचक अधिकारी होम वोटिंग का विकल्प चयन करने वाले मतदाताओं की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को 8 अप्रेल तक उपलब्ध कराएंगें। विशेष मतदान दल गठित कर उनके प्रशिक्षण की सभी प्रक्रिया 13 अप्रेल तक पूरी कर ली जाएगी।


होम वोटिंग में 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले शामिल

होम वोटिंग की सुविधा विकल्प के रूप में है। लोकसभा चुनाव के लिए होम वोटिंग की सुविधा ऐसे मतदाताओं को मिलती है, जो 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों हों या 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता श्रेणी के विशेष योग्यजन हों। बूथ लेवल अधिकारी की ओर से घर-घर जाकर होम वोटिंग की सुविधा के लिए योग्य मतदाताओं को इसके संबंध में जानकारी दी गई। इस सुविधा का चयन करने के लिए पात्र मतदाताओं ने फॉर्म 12-डी भरकर बीएलओ को दिया।

85 वर्ष की आयु सीमा

होम वोटिंग के लिए राज्य विधानसभा चुनाव-2023 में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता पात्र थे। लोकसभा चुनाव के दौरान इसे बढ़ाकर 85 वर्ष किया गया है। पात्र मतदाताओं की संख्या पहले के मुकाबले कम होने के बावजूद भी होम वोटिंग के लिए अधिक रूझान निर्वाचन विभाग की ओर से 'कोई मतदाता न छूटे' के उद्देश्य के साथ किए गए प्रयासों का ही नतीजा है।

कस्बे से गुजरने वाले दूदू-छाण स्टेट हाइवे पर मासी नदी के पास टोल प्लाजा संचालित है। यहां पर वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। लेकिन टोल प्लाजा पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। वाहन चालक हेमराज चौधरी, मानङ्क्षसह, भंवर लाल बैरवा, धर्मराज ने बताया कि टोल प्लाजा पर न तो सुलभ शौचालय है और न ही एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है।


वाहन चालकों तथा राहगीरों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। अब गर्मी के मौसम में लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान राज्य सडक़ विकास निगम (आरएसआरडीसी) ने करीब 102 किलोमीटर स्टेट हाइवे का निर्माण करवाया था। इस हाइवे पर कुल तीन टोल प्लाजा स्थित है।

इसमें पारली, मोर और करेड़ा गांव में टोल प्लाजा संचालित है। प्रतिदिन वाहन से लाखों रुपए की टोल राशि वसूल की जा रही है। इसके बावजूद कम्पनी की ओर से मूलभूत सुविधाओं में कौताही बरती जा रही है। जिसका खामयाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

नाली और फुटपाथ पर टाइल्स का कार्य अधूरा

पचेवर में आबादी क्षेत्र में सीसी सडक़ बनाई गई थी। लेकिन इसके दोनों तरफ नालियों का निर्माण अधूरा पड़ा है। जबकि फुटपाथ पर टाइल्स नहीं लगाई है। इसके कारण आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल होते है। हाइवे पर जगह-जगह से सीसी सडक़ उखड़ चुकी है। इसके कारण वाहन चालक परेशान है। बालिका विद्यालय के पास स्पीड ब्रेकर टूटने से नुकीली कीले बाहर निकल चुकी है।इससे आए दिन वाहनों के टायर फटने के साथ पंचर हो रहे है।

इन गांवों से गुजरता है स्टेट हाइवे

स्टेट हाइवे 37 ए दूदू से खुडियाला, मांगलवाडा, सेवा तथा टोंक जिले के पारली, पचेवर, गनवर, मालपुरा शहर, टोरडी सागर, मोर, कूकड़, रतवाई मोड़, टोडारायङ्क्षसह शहर, बासेडा, गणेती, खरेडा, मोरभाटियान होते हुए छान में हाइवे 12 से जुड़ता है।

क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड की नहीं ली सुध
हाइवे पर पिछले तीन साल से क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड की सुध नहीं ली गई। संकेतक बोर्ड के अभाव में वाहन चालक और राहगीर भ्रमित है। पूर्व में लगाए गए संकेतक समाजकंटक या तेज हवाओं से क्षतिग्रस्त हो गए। इनके अभाव में सडक़ दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। लेकिन आरएसआरडीसी की अनदेखी के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।

नगर गांव में पावर हाउस के सामने स्थित एक बाड़े रखे चारे में अचानक आग लग गई। इस आग में 10 ट्रॉली ज्वार की कडबी जलकर राख में तब्दील हो गई। चारे के ढेर से धुआं उठता देख खेतों में काम कर रहे किसान दौडकऱ मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते आग ने कुछ ही मिनट में विकराल रूप ले लिया। लोगों ने टैंकरों के पानी से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मगर भीषण आग पर काबू नहीं पा सके।


सूचना मिलने पर पचेवर पुलिस व मालपुरा नगरपालिका से दमकल मौके पर पहुंची। जहां दमकल चालक अशोक व फायरमैन शब्बीर और त्रिलोक ने ग्रामीणों की सहायता से आग पर काबू पाया। सरपंच प्रतिनिधि राजू ङ्क्षसह ने बताया कि बाड़े के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी। इसमें पीडि़त दिनेश रैगर के बाड़े में रखी दस ट्रॉली ज्वार की कडबी जलकर राख हो गई। अब किसान के सामने मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीडि़त किसान को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।

हरे वृक्ष सहित सामान जला

टोरड़ी ग्राम में दोपहर अचानक एक बाड़े में आग लग गई जिससे बाड़े में रखी लगभग पांच ट्रॉली लकडिय़ा जलकर राख हो गई। घटना के अनुसार बनवारी लाल बैरवा के बाडे में लकडिय़ां रखी हुई थी जिनमें अचानक आग लग गई । आग लगने से बाडे में लगे हरे वृक्ष सहित रखा अन्य सामान भी जल गया। आग लगने की सूचना तत्काल मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड को दी गई जिस पर चालक अशोक व फायरमैन रमेश चंद मौके पर पहुंचे तथा आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया।

इंजन से पानी चलाकर आग बुझाई

उपखंड क्षेत्र के नानेर में सहोदरा नदी के यहां चारे में आग लग गई। पास में ही काम कर रहे महिला पुरुषों ने आधे घंटे के प्रयास में इंजन से पानी चलाकर आग बुझाई। सूचना पर जवाली सरपंच सम्पत कंवर मौके पर पहुंची। हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ी आगजनी की घटना टल गई। ग्रामीण गिरधर ङ्क्षसह ने कहा कि संभवतया नशे के आदी लोगों ने यह आग लगाई हैं।

11 केवी की लाइन में शार्ट सर्किट

ग्राम पंचायत कठमाणा के मीणों की ढाणी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में रविवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल के सामने से निकल रही 11 केवी की लाइन में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगने से स्कूल परिसर में लगे पेड़ पौधे व सूखी घास जलकर नष्ट हो गई।

प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार यादव ने बताया कि स्कूल के सामने से निकल रही 11 केवी वोल्टेज की लाइन में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग की जानकारी गांव वालों को आग की लपटे उठते देख कर लगी। गांव वालों ने बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद करवाई। इसके हैंडपंप, निजी ट््यूबवेल चलाकर बाल्टी, मटके पीपे से पानी लाकर करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया।

शहर के तेली मोहल्ले में शराब की दुकान के देर रात्रि में खुलने की शिकायत पर हंगामा हो गया। वहीं पार्टी बैठक ले रहे भाजपा नेता विजय बैंसला भी कार्यकर्ताओं और मोहल्ले वासियों के साथ दुकान पहुंच गए। इस दौरान शराब की दुकान में मौजूद लोगों ने दुकान का शटर अंदर से बंद कर दिया ।

जिसको खुलवाने के लिए थाना पुलिस एवं आबकारी पुलिस को एक घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने शराब दुकान के सेल्समैन समेत दो जनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं आबकारी पुलिस ने भी अनुज्ञा पत्र शर्तों के विपरीत कार्रवाई की है। जिस पर आबकारी कमिश्नर जुर्माना वसूल करेगा।

देर रात्रि तक खुली रहती है दूकान

मामले के अनुसार गुरुवार रात्रि को भाजपा नेता विजय बैंसला लोकसभा चुनाव को लेकर तेलियान धर्मशाला में कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे। इस दौरान महिलाएं एकत्रित होकर वहां पहुंच गई। उन्होंने शिकायत करते बताया कि शराब की दुकान देर रात्रि तक खुली रहती है जिससे महिलाओं का निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

लोगों की भीड़ जमा हो गई

दुकान पर आए ग्राहक वहां शराब के नशे में रात्रि को गाली गलौच,लड़ाई झगड़े करते है जिससे मोहल्लेवासी परेशान होते है। महिलाओं की शिकायत बाद भाजपा नेता बैंसला शराब की संचालित दुकान पर पहुंच गए। वहीं पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। साथ ही थानाधिकारी व आबकारी निरीक्षक को मौके पर बुला लिया।

अंदर से ताला लगाकर बंद किया

थानाधिकारी राजकुमार ने बताया कि जब वह शराब दुकान पर गए तो शटर नीचे मिले, लेकिन दुकान पीछे से खुली एवं लाइट जली थी। वही सेल्समेन ने भीड़ को देखकर दुकान को अंदर से ताला लगाकर बंद कर दिया। वहां दो जने शराब पी रहे थे।

शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार

पुलिस व आबकारी निरीक्षक ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शराब के ठेके के पीछे के शटर को खुलवाया। पुलिस ने विनोद पुत्र दलेल चंद कलाल निवासी देवली एवं मदन पुत्र देवीलाल कलाल निवासी डाबर कला को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

गीत-संगीत के माहौल में 16 दिवसीय ईसर-गणगौर पूजन का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा हैं। शादी के जोड़े एवं परम्परागत परिधानों में 16 श्रृंगार किए हुए गणगौर पूजने वाली नवविवाहिताएं, युवतियां और महिलाएं गणगौर को पानी पिलाने के लिए बाग-बगीचों में ले जाती हुई दिखाई दे रहीं है।


शहर में गीत-संगीत के माहौल में 16 दिवसीय ईसर-गणगौर पूजन का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा हैं। शादी के जोड़े एवं परम्परागत परिधानों में 16 श्रृंगार किए हुए गणगौर पूजने वाली नवविवाहिताएं, युवतियां और महिलाएं गणगौर को पानी पिलाने के लिए बाग-बगीचों में ले जाती हुई दिखाई दे रहीं है। कहीं-कहीं एक ही मोहल्ले में गणगौर पूजन करने वाली नवविवाहितों की संख्या अधिक होनें से वहां विशेष उत्साह देखनें को मिल रहा है। शीतलाष्टमी से ही नवविवाहिताओं ने मिट्टी की गणगौर बनाकर पूजन प्रारंम्भ कर दिया है। प्रतिदिन पूजन के बाद गणगौर की शाम इन्हें जल में विसर्जित कर दिया जाएगा।

पार्कों में पहुंच रही महिलाएं

नवविवाहिताएं व युवतियां ईसर व गणगौर बनाकर शहर के पार्कों में भ्रमण के लिए नाचते गाते लेकर जा रही है। इस दौरान महिलाएं मांगलिक गीत गाती हुई पार्कों में समूह के रुप में पहुंच रही है। गणगौर को पार्वती और ईसर को शिवजी का प्रतीक मानकर यह पूजन किया जाता है।

विवाहिता द्विजा पारीक का कहना है कि ईसर गणगौर की पूजा शादी के बाद से की जाती है। मेरी पहली गणगौर है और होली दहन के बाद से ही 16 दिवसीय ईसर-गणगौर की पूजा अर्चना कर रही हूं। शादीशुदा महिला के लिए यह सौभाग्य है।

अनुराधा शर्मा ने बताया कि प्राचीन काल से ही ईसर-गणगौर पूजा में श्रृंगार का विशेष स्थान माना गया है। इसलिए ईसर-गणगौर की पूजा करने से पूर्व महिलाएं सोलह श्रृंगार करती है।

खुशबू टोडवाल का कहना है कि ईसर गणगौर पूजा महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य की कामना का पर्व है। 16 दिवस तक महिलाएं ईसर व गणगौर को शिव-पार्वती मानकर परम्परागत तरीके से पूजा अर्चना करती है।

घर घर में होते हैं गणगौर के ङ्क्षबदोरे:- मीनू नामा ने बताया कि होली के बाद से गणगौर के मांगलिक गीत गाने के लिए अपने घर में गणगौर के ङ्क्षबदारे का आयोजन करती है। गणगौर के गीतों के साथ महिलाओं को अल्पहार कराकर उपहार भेंट करती है।

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