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चिड़ावा। रेलवे स्टेशन के पास डांगर रोड पर स्टेशन की ढाणी निवासी युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक की 28 दिन पहले ही शादी हुई थी। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार रेलवे कर्मचारी देवेंद्र सिंह रात करीब साढ़े 11 बजे खाना खाकर छत पर बने कमरे में सोया था।

सुबह परिजन ने देखा तो वह फंदे पर झूलता मिला। यह देखकर घर में कोहराम मच गया। आस-पड़ौस के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इस पर शव को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। मृतक के चाचा मगन सिंह ने मर्ग दर्ज कराई है।

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अनुकम्पा पर लगा था रेलवे में:
देवेंद्र सिंह के पिता रेलवे में कार्यरत थे। उनकी कुछ साल पहले सडक़ हादसे में मौत हो गई। पिता की जगह देवेंद्र को अनुकंपा पर नियुक्ती मिली। वह नवलगढ़ में कार्यरत था। पिछले महीने 30 मार्च को उसकी शादी हुई थी। घर में किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है।

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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किसानों को तरबूज की खेती रास आ रही है। बडागांव, पातूसरी व आस-पास के गांवों में इसकी खेती खूब हो रही है। जहां पानी मीठा है वहां इसकी उपज अच्छी मिल रही है। पातूसरी गांव के किसान पुष्पेन्द्र जाट ने बताया कि उन्होंने कृषि पर्यवेक्षक मनोज कुमार सेन के मार्ग दर्शन में जैविक तरबूज की खेती की। अगेती फसल ली।

आठ बीघा खेत से वह इस सीजन में अब तक डेढ से पौने दो लाख रुपए का मुनाफा कमा चुका। पूरे खर्चे निकालकर एक बीघा में करीब बीस हजार रुपए की बचत हो रही है। इसके अलावा उसने अपने तीन बीघा खेत में टमाटर, दो बीघा में टिंडा व दो बीघा में ककड़ी की खेती कर रखी है।

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पुष्पेन्द्र ने बताया कि आगे बढ़ने के लिए किसानों को परम्परागत को छोड़कर नई तकनीक से खेती करनी होगी। मेहनत की जाए तो खेती भी अच्छा मुनाफा दे सकती है।

मंडावा/पत्रिका. Sudan Conflict: सूडान की राजधानी खार्तूम में एक साल से एक कंपनी में काम कर रहा मंडावा निवासी गौरव योगी दहशतभरे माहौल से निकलकर घर पहुंचा, तो परिजन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। योगी ने बताया कि शुरू -शुरू में उन्हें मालूम नहीं था कि फायरिंग हो रही है।

किसी ने मजाक में कह दिया कि फिल्म की शूटिंग हो रही है:
फायरिंग की आवाज सुनकर किसी से पूछा कि आवाज क्यों आ रही है ताे किसी ने मजाक में कह दिया कि फिल्म की शूटिंग हो रही है। इस पर चार साथी गाड़ी में बैठकर जाने लगे तो कुछ ही दूरी पर बम धमाका हुआ। कुछ लोगों ने आकर उन्हें घेर लिया। उन्होंने जेब से पैसे निकाल लिए और कहा कि भाग जाओ वरना मारे जाओगे। इसके बाद वे कंपनी के बेसमेंट में ही छुप कर रहे।

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गेस्ट हाउस मे ही बैठे रहे दस दिन तक:
परसरामपुरा के निकटवर्ती ग्राम भोजनगर के प्रेम सिंह और सुरजनपुरा के महेंद्र सिंह बुधवार रात को सूडान से सकुशल अपने घर पहुंच गए। महेंद्र सिंह और प्रेम सिंह पिछले सात साल से सूडान की ओमेगा स्टील कंपनी में स्टोर कीपर और माल डिस्पेच करने का काम करते हैं।

सूडान में गृहयुद्ध छिड़ने के बाद उनकी कंपनी के आसपास बम के धमाके गूंजने लगे। कंपनी के मालिक ने सभी राजस्थानियों को कंपनी के गेस्टहाउस में ठहरा दिया और वहीं पर उनके भोजन पानी की व्यवस्था की। लगभग 10 दिन तक गेस्टहाउस में ही रहे।

झुंझुनूं. जिले से गुजर रहे नेशनल, स्टेट और अन्य सड़क मार्गों पर बने ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में लोग जान गंवा रहे हैं। अब तक ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में हुई मौतों की वजह से कई परिवार उजड़ चुके हैं। इन स्पॉट पर होने वाले हादसों में कमी आए, इसके लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से हादसों के ब्लैक स्पॉट नाम से अभियान शुरू किया गया। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग हरकत में आया है। जिले के चार बड़े ब्लैक स्पॉट के लिए बजट मंजूर किया गया है।

3.46 करोड़ होंगे खर्च

चारों ब्लैक स्पॉट के लिए 03 करोड़ 46 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें ब्लैक स्पॉट बालाजी स्टैंड पर 1 करोड़ 25 लाख, लीला की ढाणी पर 85 लाख, नृसिंहपुरा पर 86 लाख और भोदन पुलिया सिंघाना पर 50 लाख रुपए खर्च होंगे। चारों पर तीन करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से कार्य होगा।


इनके प्रस्ताव भेजे: जल्द मिलेगी मंजूरी

चार बड़े ब्लैक स्पॉट को सुधारने की शुरुआत की जा चुकी हैं। वहीं, स्टेट हाइवे नंबर 37 पर ब्लैक स्पॉट जमात कस्बा उदयपुरवाटी, झड़ाया नगर व महला की ढाणी टीटनवाड़ के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। तीनों ब्लैक स्पॅाट जमात कस्बे के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपए, झड़ाया नगर व महला की ढाणी पर क्रमश: 110-110 लाख रुपए खर्च होंगे।

बड़े हादसों वाले यह चार ब्लैक स्पॉट सुधरेंगे

स्टेट हाइवे नंबर 55 पर भोदन पुलिया, सिंघाना

झुंझुनूं-गुढ़ागौड़जी-उदयपुरवाटी स्टेट हाइवे नंबर 37 पर बालाजी स्टैंड

झुंझुनूं-गुढ़ागौड़जी-उदयपुरवाटी स्टेट हाइवे नंबर 37 पर लीला की ढाणी

झुंझुनूं-गुढ़ागौड़जी-उदयपुरवाटी स्टेट हाइवे नंबर 37 नृ़सिंहपुरा

इनका कहना है...

बड़े हादसों वाले चार ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए बजट मिल चुका है। इनकी चौड़ाईकरण और जंक्शन सुधार किया जाएगा। लीला की ढाणी का तो कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा तीन और ब्लैक स्पॉट के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

हुक्मचंद बैरवा, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, झुंझुनूं

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