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Rajasthan Politics : एक दूसरे से नहीं बोले गहलोत और पायलट, यहां पढ़िए दिल्ली में हुई बैठक का पूरा ब्यौरा Tuesday 30 May 2023 09:46 AM UTC+00 राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी पार्टी के सहयोगी सचिन पायलट पिछले कुछ वर्षों में एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी कर रहे हैं। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और पार्टी के सहयोगी सचिन पायलट के बीच चल रही अनबन को खत्म करने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने आखिरकार कदम बढ़ाने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने गहलोत और पायलट के साथ बैठकें कीं - अलग-अलग और एक साथ - संगठन के प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि दोनों नेताओं ने एक साथ जाने के लिए सहमति व्यक्त की है। और आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ें। खड़गे, गांधी, वेणुगोपाल और राजस्थान के एआईसीसी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पहले गहलोत से मुलाकात की। करीब दो घंटे तक चर्चा चलती रही। पायलट दो घंटे बाद रात करीब 8 बजे खड़गे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे और दो घंटे तक चर्चा जारी रही। दोनों नेता रात 10 बजे के तुरंत बाद निकले और मीडिया से बात की लेकिन समझौता होने का दावा करने के बावजूद ज्यादा खुलासा नहीं किया। वेणुगोपाल ने बताया कि आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, कांग्रेस अध्यक्ष (खड़गे) और राहुल गांधी ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट के साथ चार घंटे की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा ,इस चर्चा में हमने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। दोनों इस बात पर सहमत हैं कि कांग्रेस पार्टी को एक साथ जाना है और निश्चित रूप से हम राजस्थान में चुनाव जीतेंगे। इससे साफ है कि राजस्थान कांग्रेस पार्टी के लिए एक मजबूत राज्य बनने जा रहा है। हमारी जीत होगी। इसलिए, दोनों नेताओं ने एकजुट होकर और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की … यह भी पढ़े-रीट लेवल-1 : जल्द मिलेगी 1 लाख बेरोजगारों को नियुक्ति, सर्टिफिकेट के सत्यापन के बाद होगी काउंसलिंग वेणुगोपाल ने रिपोर्ट के अनुसार यह भी कहा: दोनों ने इसे आलाकमान पर छोड़ दिया है। हाईकमान ही फैसला करेगा। उसके बारे में चिंता मत करो। हमने फैसला किया कि दोनों नेता एक साथ जाने पर सहमत हुए हैं और यह भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त लड़ाई होगी और हम राज्य जीतेंगे। बैठक के बड्ड आलाकमान शांति सूत्र के विवरण की घोषणा नहीं कर सका यह दर्शाता है कि अभी भी असहमति के बिंदु हैं। पार्टी ने बैठक की तस्वीरें भी जारी कीं जहां सभी छह लोग खड़गे, राहुल गांधी, गहलोत, पायलट, वेणुगोपाल और रंधावा सभी एकजुट चेहरा दिखाने की कोशिश में एक साथ बैठे थे। यह भी पढ़े-Rajasthan Politics: सचिन की चुप्पी से सुलह के दावों पर उठे सवाल बैठक से कुछ घंटे पहले गहलोत ने यह कहते हुए सबको आश्चार्यचकित कर दिया कि कांग्रेस में किसी नेता या कार्यकर्ता को किसी भी पद की पेशकश करने की कोई परंपरा नहीं है जिससे हलचल मच गई। गहलोत ने कहा, मैंने ऐसा पहले नहीं सुना... कांग्रेस में ऐसी कोई परंपरा नहीं है जहां कोई नेता कुछ मांगे और पार्टी आलाकमान वह पद देने की पेशकश करे। हमने इस तरह के फॉर्मूले के बारे में कभी नहीं सुना है। गहलोत ने आगे कहा कि आलाकमान आज भी मजबूत है। ऐसी स्थिति आज तक नहीं आई जब किसी नेता को मनाने के लिए उसने किसी नेता को उसकी पसंद का पद दिया हो। ऐसा न पहले हुआ है और न भविष्य में होगा। कांग्रेस पार्टी और आलाकमान बहुत मजबूत है और किसी भी नेता या कार्यकर्ता में किसी पद की मांग करने की हिम्मत नहीं है। ऐसा नहीं होता है। यह भी पढ़े-Rajasthan Congress: अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने मिलाया हाथ, 150 से अधिक सीटें जितने का लक्ष्य यह बैठक राजे सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग, राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग करने और एक नए कानून द्वारा समर्थित इसके पुनर्गठन और मुआवजे की मांग को लेकर अजमेर से जयपुर तक पांच दिवसीय यात्रा निकालने के कुछ दिनों बाद हुई है। प्रश्नपत्र लीक होने से आर्थिक रूप से प्रभावित हुए लाखों छात्रों ने इसका जिक्र किया। आपको बता दें कि सचिन पायलट ने गहलोत सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। |
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