>>: Video: कांग्रेस का ' मिशन पायलट', रंधावा बोले, राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता

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जयपुर। कांग्रेस ने अपना ' मिशन पायलट ' शुरू कर दिया है। राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर रंधावा शनिवार को जयपुर आए है और वे सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गाेविंद डोटासरा से मुलाकात कर इस मसले पर बातचीत करेंगे। वहीं कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब दिल्ली की निगाहें राजस्थान पर है और अगले सप्ताह इस बारे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सीएम अशोक गहलाेत की बैठक हो सकती है। राहुल गांधी भी 31 मई के बाद अमरीका जाएंगे ऐसे में वे बाहर जाने से पहले इस मामले का हल निकालना चाहते है।

जयपुर आने पर प्रभारी रंधावा ने कहा कि पायलट के मामले पर हाईकमान की नजर है और वे खुद भी इस बारे में हर दिन की रिपोर्ट हाईकमान को भेजते है। रंधावा ने पायलट से दूरियों के सवाल पर कहा कि देखिए राजनीति में काेई परमानेंट दोस्त नहीं होता और ना ही परमानेंट दुश्मन होता है। हालांकि रंधावा ने दाेहराया कि पायलट की यात्रा से निजी यात्रा है और कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है। पायलट को अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर रखनी चाहिए थी और यदि वहां उनकी बात नहीं सुनी जाती तो हम भी कहते उनकी बात नहीं सुनी गई।

रंधावा ने ये भी कहा कि कर्नाटक चुनाव की वोटिंग से पहले पायलट ने यात्रा निकालने की घोषणा कर दी जो सही नहीं थी। 15 दिन के अल्टीमेटम के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री ही कुछ बोल सकते है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर करनी चाहिए लेकिन वसुंधरा राजे के साथ-साथ गजेंद्र सिंह शेखावत के संजीवनी घोटाले पर भी बोलना चाहिए था। यदि राजे सरकार के भ्रष्टाचार पर अगर उनके पास फैक्ट है तो उसे जनता के सामने रखना चाहिए और उसके बाद मैं पहला आदमी रहूंगा जो मुख्यमंत्री से कहूंगा कि इस मामले की टाइम बाउंड जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला ले जाया जाए।

कांग्रेस छोड़कर जाने वालों का हाल देख लो
रंधावा ने मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट के कांग्रेस में रहने या छोड़ने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस खुद किसी को बाहर नहीं निकालती है, हम तो सभी का सत्कार करते है और जाे कांग्रेस छोड़कर गया है, उनके हाल क्या है, सब जानते है। सुभाष महरिया के भाजपा में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पहले वहीं थे और फिर कांग्रेस में आए थे तो मुझे ध्यान रखना चाहिए था। अब जो आएंगे, उनका ध्यान रखेंगे।

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