>>: Digest for July 02, 2023

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Table of Contents

कोटा . श्रीनाथपुरम स्टेडियम में शनिवार से सेना अग्निवीर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। सेना भर्ती निदेशक ने कहा कि 17 जिलों के अभ्यर्थी अलग-अलग तिथियों को दौड़ में भाग लेने के लिए आएंगे। इस बार युवाओं की दौड़ सिंथेटिक ट्रैक पर होगी। 8 जुलाई को सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर ने कहा कि इन अवधि में स्टेडियम में आम जन का प्रवेश वर्जित रहेगा।

भर्ती की प्रक्रिया की तैयारियों को अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, सेना भर्ती निदेशक कर्नल इन्द्रजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण जैन के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौका निरीक्षण कर अन्तिम रूप दिया।

अतिरिक्त कलक्टर ने कहा कि अग्निवीर सेना भर्ती में संबंधित विभाग दिए गए दायित्वों का गुणवत्ता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने 8 जुलाई तक टीम भावना के साथ सेना भर्ती कार्यालय के समन्वय में कार्य करने के निर्देश दिए।

ये रहेगी व्यवस्था

सेना भर्ती में आने वाले युवाओं को रेलवे स्टेशन तक लाने लेजाने के लिए ऑटो, मिनी बस उपलब्ध रहेंगे। वापसी में गृह जिले तक जाने के लिए स्टेडियम के पास ही रोडवेज बसें उपलब्ध रहेंगी। युवाओं को सशुल्क भोजन, नाश्ता आदि के लिए केन्टीन की सुविधा रहेगी। सफल अभ्यर्थियों के लिए अंदर इंदिरा रसोई की व्यवस्था रहेगी।

दलालों से सावधान

सेना भर्ती निदेशक कर्नल इन्द्रजीत सिंह ने सेना अग्निवीर भर्ती में आने वाले युवाओं का आव्हान किया है कि वे किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आएं। दलालों एवं भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें।

रामगंजमंडी (कोटा). कोटा स्टोन पत्थर से वसूली जाने वाली रायल्टी का ठेका शुक्रवार आधी रात से खनिज विभाग ने संभाल लिया। पहले रायल्टी संग्रहण कार्य संवेदक संभालता था, लेकिन उसकी तीन माह की अवधि शुक्रवार को पूरी हो गई।
कोटा स्टोन का खनन रामगंजमंडी के अलावा झालावाड जिले में होता है। दोनों जगह रायल्टी संग्रहण का ठेका अलग-अलग था, लेकिन वर्ष 2023-24 के लिए खनिज विभाग ने रामगंजमंडी, झालवाड की लाइम स्टोन खदान से निकलने वाले पत्थर पर लगने वाली रायल्टी का ठेका सयुंक्त कर दिया है। जिसकी ऑनलाइन नीलामी 26 जून तय की थी, लेकिन किसी संवेदक ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। झालावाड व रामगंजमंडी की सयुंक्त नीलामी 97 करोड़ तय की गई है। रामगंजमंडी का पहले अलग सी ठेका था जिसकी नीलामी पचास करोड़ थी जिस संवेदक के नाम यह खुली थी, उससे दस प्रतिशत राशि बढ़ाकर तीन माह के लिए उसे सौंपा गया था। कुछ इस तरह से झालवाड जिले में कार्य हुआ, लेकिन दोनों संवेदक को इस बार रायल्टी संग्रहण कार्य में घाटा होने से दोनों ने विभाग की निकाली निविदा में भाग नहीं लिया, जिसके कारण एक जुलाई से रायल्टी संग्रहण कार्य अब विभाग को संभालना पड़ जाएगा।
अगस्त माह के अंतिम दिनों में होगा उत्पादन शुरू
झालावाड व रामगंजमंडी की लाइम स्टोन खदानों में नया उत्पादन प्रति वर्ष बरसात बाद अगस्त माह के अंतिम दिनों में चालू होता है जो जून माह तक चलता है। बरसात में सिर्फ चेचट क्षेत्र की खदानों में उत्पादन कार्य चलता है, जबकि अन्य जगह खदान में पानी भरने से कार्य बंद हो जाता है। इस अवधि में पत्थर स्टाकों में जमा पत्थर की बिक्री होती है लेकिन यह भी तब संभव होता है जब मिट्टी के इन स्टाकों में बरसाती पानी सूख जाता है।
सितंबर तक ठेका होने की उम्मीद
बरसात में खदान में कामकाज नहीं चलने से रायल्टी संग्रहण का ठेका सितंबर माह की शुरुआत तक होने की फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। सितंबर माह में हालांकि खदान से पत्थर का उत्पादन चालू हो जाता है लेकिन पत्थर कटाई कार्य में ज्यादा तेजी नहीं आती, इस कारण रायल्टी संग्रहण कार्य की निविदा में कोई संवेदक भी हाथ नहीं डालेगा। ऐसे में खनिज विभाग को ही सितंबर माह तक रायल्टी संग्रहण कार्य करना पड़ेगा।

सांगोद (कोटा). यहां उजाड़ नदी किनारे रियासतकालीन एनीकट छांटा की पुलिया के स्थान पर बन रहे रिवर फ्रंट का प्रथम फेज का काम पूरा हो गया। अब इसके विस्तार के लिए नगर पालिका को बजट का इंतजार है। बजट के अभाव में रिवर फ्रंट पर होने वाले अन्य काम भी नहीं हो पा रहे है। उल्लेखनीय है कि यहां विधायक भरत सिंह के प्रयास से राज्य सरकार ने छांटा की पुलिया एनीकट के स्थान पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति दी। प्रथम फेज में मिली दो करोड़ रुपए की राशि से यहां उजाड़ नदी के तट पर गुरूनानक गार्डन, सुरक्षा दीवार समेत अन्य भवनों का निर्माण करवाया जा रहा है। घोषणा के दौरान यहां रिवर फ्रंट निर्माण के लिए करीब 12 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी। प्रथम फेज में सरकार से दो करोड़ रुपए मिले तो नगर पालिका ने जोर शोर से काम करवाया, इस उम्मीद में कि समय पर बजट मिलता रहेगा। प्रथम फेज के निर्माण कार्य पूर्ण हुए अरसा बीत गया। गत दिनों विधायक के हाथों प्रथम फेज के कार्यों का उद्घाटन भी हो गया। नगर पालिका भी अपने स्तर पर यहां 25 लाख रुपए खर्च कर चुकी है। लेकिन प्रस्तावित कार्यों की पूर्ति के लिए द्वितीय फेज के बजट का इंतजार है।
अखर रही संसाधनों की कमी
रिवरफ्रंट में निर्माणाधीन गुरुनानक उद्यान की हरियाली लोगों को लुभाने लगी है। एनीकट से गिरता नदी का पानी और गार्डन इस स्थान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। हालांकि गार्डन में अभी बच्चों एवं अन्य लोगों के लिए साधन-संसाधनों की कमी है, लेकिन यहां फैली हरियाली के बीच दो पल सुकून की चाह में बड़ी संख्या में लोग सुबह-शाम टहलने व समय बिताने पहुंचने लगे है। बजट के अभाव में संसाधनों की कमी अखर रही है।
अधिशासी अधिकारी मनोज मालव ने बताया कि रिवर फ्रंट के पहले चरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। बजट का इंतजार है। बजट मिलने पर ही अन्य शेष कामों को शुरू करवाया जा सकता है। पालिका भी अपने स्तर पर बजट की व्यवस्था कर संसाधन जुटाने के प्रयास में है।

सुल्तानपुर (कोटा). महंगाई के कारण आम आदमी की जेब तंग होती जा रही है। वहीं गत 10 दिनों पूर्व टमाटर का भाव जहां 30 से 40 रुपए किलो था, वो बढ़कऱ अब 100 से 120 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। अन्य सब्जियों के दाम में भी 30 से 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खीरा, ककड़ी व प्याज की कीमतें बढ़ने से न सिर्फ घरों, बल्कि होटलों में भी थाली से सलाद गायब होने लगा है। कुल मिलाकर बिपरजॉय तूफान और बेमौसम बारिश ने सब्जियों की फसलों को बर्बाद कर दिया। सब्जियों के दामों से गृहिणियों का थाली का जायका बिगाड़ दिया है। सब्जियों के तड़के के रूप में काम आने जीरा के भाव खुदरा में आठ सौ रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए, जबकि चाय और सब्जी का जायका बढ़ाने वाली अदरक के खुदरा भाव तीन सौ रुपए प्रति किलो हो गए। दुकानों से अदरक गायब होने लगी है। यही हाल अन्य सब्जियों के है। थोक विक्रेताओं की माने तो अगले माह तक नई सब्जियां आने लगेगी। जिससे आम आदमी को राहत मिलेगी।
टमाटर थाली से हुआ दूर
सब्जी मंडी दुकानदार लटूर बाबा, कोशल सुमन, रमेश व रघुवीर राठोर ने बताया कि टमाटर बोली में 60 से लेकर 70 रुपए तक बिका। खुदरा में 80 से 100 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पिछले सप्ताह तक टमाटर 15 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा था। थोक मंडी अदरक अब 200 से 280 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है। खुदरा विक्रेता ने बताया कि एक सप्ताह में लहसुन के दाम ढाई गुणा बढ़ गए। जीरा के खुदरा भाव आठ सौ रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
ठेलों से गायब हुई अदरक
सब्जियों की रेहडी लगाने वाले पवन मेघवाल ने बताया कि अदरक ज्यादा महंगी होने से आम आदमी खरीद नहीं पाता। ऐसे में उसने अब अदरक रखना बंद कर दिया है। टमाटर ज्यादा महंगे हुए तो टमाटर की खरीद बंद कर दी है।

रावतभाटा. चंबल नदी पर बने बांधों के भराव क्षेत्र में बरसात का दौर जारी है। राणा प्रताप सागर बांध नियंत्रण कक्ष के अनुसार पिछले 24 घंटों में गांधी सागर बांध पर 13.40 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। जवाहर नगर, जावदा क्षेत्र में बरसात होने से गुंजाली, फल्कू, कुलथी नदी का पानी राणा प्रताप सागर बांध में आने लगा है। इससे सड़क मार्ग आवागमन भी बंद हो गया है। रावतभाटा शहर एवं उपखंड में रुक रुक कर झमाझम बरसात का दौर सुबह से जारी है। बांध में पानी की आवक होने से राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर से भी विद्युत उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। राणा प्रताप सागर बांध पर 9.80 मिलीमीटर बरसात दर्ज हुई, जबकि जवाहर सागर बांध पर 6.40 और कोटा बैराज पर 1.80 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। अभी तक गांधी सागर बांध पर 221.20 मिलीमीटर, राणा प्रताप सागर बांध पर 127.60, जवाहर सागर बांध पर 174.80 और कोटा बैराज पर 120.80 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है।
राणा प्रतापसागर पन बिजली घर से विद्युत उत्पादन शुरू किया
राणा प्रताप सागर बांध में पानी की आवक होने पर शुक्रवार को राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर की एक इकाई से दोपहर 12 बजे विद्युत उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। इससे पूर्व जवाहर सागर बांध के पन बिजली घर से विद्युत उत्पादन किया जा रहा था जो अभी भी जारी है। राणा प्रताप सागर बांध में 26787 क्यूसेक पानी की आवक रात को 9 बजे हो रही थी। पन बिजली घर से विद्युत उत्पादन कर 3071 क्यूसेक पानी का निकास किया जा रहा था। जवाहर सागर पन बिजलीघर से 2 इकाई चला कर 6185 क्यूसेक पानी का निकास किया जा रहा है। पन बिजली घर से विद्युत उत्पादन प्रारंभ करने के बाद कोटा बैराज के गेट खोल कर 6273 क्यूसेक पानी का निकास किया जा रहा है। आरपीएस पन बिजली घर के अधिशासी अभियंता आशीष जैन ने बताया उच्च अधिकारियों के आदेश पर एक इकाई और चलाकर विद्युत उत्पादन प्रारंभ किया जा सकता है।
यह रहा बांधों का जलस्तर
गांधी सागर बांध का जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता 1312 फुट के मुकाबले 1293.15 फीट, राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 के मुकाबले 1152.89 फीट, जवाहर सागर बांध का जलस्तर 980 फीट के मुकाबले 973.40 और कोटा बैराज का जलस्तर 852.60 फीट दर्ज किया गया।

monsoon update : कोटा. मध्यप्रदेश के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के चलते हाड़ौती अंचल में शनिवार को झमाझम बारिश हुई। बारां व झालावाड़ में जोरदार बारिश हुई। इससे कई नदी, नाले उफान पर रहे। कोटा जिले में सांगोद, कुन्दनपुर, कनवास में एक घंटे से अधिक जोरदार बारिश हुई। सुकेत में मूसलाधार बारिश से निचली बस्तियों में पानी घुस गया। कोटा-बूंदी शहर में काली घटाएं छाई, लेकिन बरसी नहीं। बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को गर्मी से राहत मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

झालावाड़ जिले में दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश असनावर में 55 एमएम दर्ज की गई। झालावाड़ व अकलेरा में 17 एमएम, बकानी में 27, झालरापाटन में 23, खानपुर में 33 एमएम बारिश हुई।

बारां शहर में आधे घंटे में 12 मिमी बारिश हुई। भंवरगढ़ में आधा घंटे मूसलाधार बारिश हुई। शाहाबाद में 34, किशनगंज उपखंड मुख्यालय 49 मिमी बारिश दर्ज की गई। क्षेत्र के कई नदी, नाले उफान पर रहे। कस्बाथाना क्षेत्र के चोराखाडी गांव में नदी उफान पर आने से आवागमन में परेशानी हुई। समरानियां कस्बे में तेज बारिश के चलते कस्बे में चारों और पानी ही पानी दिखाई दिया। बस स्टैण्ड के पास नदी उफान पर रही।

कोटा. देश के आईआईटी-एनआईटी सहित 116 इंजीनियरिंग संस्थानों प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों के सामने नया संकट आ गया है। जोसा काउंसलिंग के प्रथम सीट आवंटन के साथ ही हजारों विद्यार्थी ऐसे सामने आ रहे हैं, जिन्हें कॉलेज तो मिल गया है लेकिन उनके पास संबंधित बोर्ड की ओरिजनल मार्कशीट नहीं होने के कारण वैरिफिकेशन में एडमिशन अटक गया है। हालांकि जोसा काउंसलिंग की ऑनलाइन रिपोर्टिंग की अंतिम तिथि 4 जुलाई शाम 5 बजे तक है।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सामने जोसा काउंसलिंग की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में परेशानियां रही है। इसमें दो बड़े कारण विद्यार्थी बता रहे हैं। पहला है जिसमें 12वीं की संबंधित बोर्ड की टॉप-20 पर्सेन्टाइल जारी नहीं होने के कारण विद्यार्थी प्रवेश की बोर्ड प्राप्तांकों की पात्रता को लेकर असमंजस में हैं, जिन विद्यार्थियों के बोर्ड में 75 प्रतिशत अंक नहीं हैं, और उन्हें सीट आवंटित हो गई है, वे विद्यार्थी टॉप-20 पर्सेन्टाइल स्कोर का इंतजार कर रहे हैं। इस वर्ष तीन वर्षों के बाद आईआईटी, एनआईटी व ट्रिपलआईटी में प्रवेश के लिए 75 प्रतिशत या टॉप-20 पर्सेन्टाइल में शामिल होने की बोर्ड पात्रता रखी गई है। कुछ विद्यार्थियों को अपेक्षा है कि बोर्ड में टॉप-20 पर्सेन्टाइल स्कोर से वे पात्रता पूरी कर लेंगे, फिलहाल इन विद्यार्थियों के प्रवेश पर संकट है।
आहूजा ने बताया कि इसके अलावा विद्यार्थी लगातार 12वीं बोर्ड की मार्कशीट जारी नहीं होने की समस्या से जूझ रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के समय मार्कशीट मांगी जा रही है, बोर्ड द्वारा मार्कशीट जारी नहीं होने की स्थिति में इंटरनेट की मार्कशीट मान्य नहीं हो रही है और प्रवेश अटका दिया गया है। विद्यार्थियों ने संबंधित बोर्ड से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द मार्कशीट जारी की जाए, ताकि एडमिशन सुनिश्चित हो सके। इस विसंगति में राजस्थान सहित देश के कई बड़े बोर्ड शामिल हैं।

इन बोर्ड्स की टॉप-20 पर्सेन्टाइल शेष
आहूजा ने बताया कि देश में एनआईटी, ट्रिपलआईटी में एडमिशन के लिए तीन बड़े बोर्ड राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओपन स्कूल बोर्ड की टॉप-20 पर्सेन्टाइल स्कोर जारी नहीं हुआ है। वहीं आईआईटी में एडमिशन के लिए 21 बोर्ड में एएमयू, बनस्थली, कैम्ब्रिज, छत्तीसगढ़, दयालबाग, जम्मू-कश्मीर, जामिया, कर्नाटक, केरला, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडू, तेलंगाना, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल राजस्थान, पश्चिम बंगाल आदि बोर्ड शामिल हैं, जिनकी टॉप-20 पर्सेन्टाइल जारी नहीं की गई है।

ऐसे में क्या करें विद्यार्थी
ऐसे विद्यार्थी जिनकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन में उपरोक्त परेशानी आ रही है। वे वेबसाइट पर जारी किए गए संबंधित आवंटित कॉलेजों के रिपोर्टिंग ऑफिसर्स से ई-मेल एवं दिए गए फोन नम्बर पर संपर्क करें।

अंडरटेकिंग का फार्मेट जारी
ऐसे विद्यार्थी जिन्होने जेईई मेन व एडवांस आवेदन के दौरान अपनी कैटेगिरी ओबीसी व ईडब्ल्यूएस भरी हुई है लेकिन विद्यार्थी 1 अप्रैल 2023 के बाद का प्रमाण पत्र देने के लिए सक्षम नहीं है, तो उन्हें जनरल कैटेगिरी में जाने के लिए उन्हें जारी किए गए अंडरटेकिंग को भरकर कैटेगिरी सर्टिफिकेट कॉलम में अपलोड करना होगा। इन विद्यार्थियों की आवंटित सीट निरस्त कर दी जाएगी एवं इन्हें काउंसलिंग में आगे के राउण्ड में जनरल कैटेगिरी से सीट प्राप्त की जाएगी। अंडरटेकिंग का फॉर्मेट वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। एससी-एसटी के विद्यार्थियों को भी अंडरटेकिंग देनी होगी।

कोटा. अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध करवाने के टेण्डर के बकाया बिलों को पास करने की एवज में 1.70 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा ने शनिवार को जेकेलोन अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. एच.एल. मीणा के विरुद्ध चालान पेश कर दिया। एसीबी टीम ने आरोपी को परिवादी से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अतिरिक्त चार्ज, स्पेशल यूनिट) विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी दीपक तिवारी ने 20 जून 2022 को दी शिकायत में बताया था कि उसकी फर्म स्विफ्ट सिक्योरिटीज प्राइवेट लि. का जेकेलोन अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध करवाने का टेण्डर चल रहा था। इसका तीन माह का बिल लगभग 30 लाख रुपए बकाया है। बकाया बिलों को पास करने की एवज में जेकेलोन अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच.एल. मीणा 40 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा है। वह रिश्वत नहीं देना चाहता। इस शिकायत पर उसी दिन रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। इसमें आरोपी डॉ. एच.एल. मीणा द्वारा परिवादी से उसके बिलों को पास करने की एवज में एक लाख 70 हजार रुपए की मांग की गई। परिवादी के निवेदन करने पर एक लाख रुपए दो-चार दिन में व 70 हजार रुपए बाद में देने पर सहमति बनी। परिवादी के पास 12 अगस्त 2022 को 50 हजार रुपए की व्यवस्था हुई। इसी दिन एसीबी टीम ने ट्रेप की कार्यवाही कर परिवादी से 50 हजार रुपए रिश्वत राशि लेते डॉ. एच.एल. मीणा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद मामला दर्ज हुआ। अनुसंधान एसीबी स्पेशल यूनिट के पुलिस उप अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने किया था। आरोपी डॉ. मीणा के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति शासन सचिवालय जयपुर से ली गई। इस मामले में एसीबी कोटा ने शनिवार को एसीबी कोर्ट में चालान पेश कर दिया।

आईआईटी बॉम्बे की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच की कटऑफ वर्ष 2023 के लिए फीमेल सुपर न्यूमैरेरी कोटा के तहत ऑल इंडिया रैंक 291 रही, जबकि जेंडर न्यूट्रल कोटा में यह कटऑफ ऑल इंडिया रैंक 66 रही है। बता दें कि वर्ष 2022 में राउंड-1 के तहत ऑल इंडिया रैंक 305 तक फीमेल सुपर न्यूमैरेरी सीट कोटा के तहत आईआईटी बॉम्बे का 4 वर्षीय कम्प्यूटर साइंस पाठ्यक्रम आवंटित किया गया था।

एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि फीमेल इंडिकेट्स को आईआईटी संस्थानों में सीट आवंटन के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ 20% फीमेल सुपर न्यूमरेरी सीट्स की भी बड़ी भूमिका है। सुपर न्यूमैरेरी सीट्स की उपलब्धता के कारण जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 325 प्राप्त करने वाली हिमांशी भंडारी को प्रतिष्ठित आईआईटी दिल्ली के 4 वर्षीय कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम आवंटित को पाया है। हिमांशी का कहना है कि यह तो राउंड-1 है आगामी राउंड्स में उसे आईआईटी बाॅम्बे में कम्प्यूटर साइंस जैसी बेहतरीन ब्रांच प्राप्त हो सकती है। आईआईटी दिल्ली के लिए 4 वर्षीय कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम की कटऑफ ऑल इंडिया रैंक 419 है।

प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों की फीमेल सुपर न्यूमैरेरी कोटा के तहत प्रथम राउंड की कटऑफ

1. आईआईटी बॉम्बे : ऑल इंडिया रैंक-291

2. आईआईटी दिल्ली : ऑल इंडिया रैंक-419

3. आईआईटी मद्रास : ऑल इंडिया रैंक-479

4. आईआईटी कानपुर : ऑल इंडिया रैंक-610

5. आईआईटी खड़गपुर : ऑल इंडिया रैंक-702

चेचट (कोटा). यहां लगातार हो रही बारिश के कारण ताकली नदी में उफान आने के कारण देवली कलां की नदी पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बनाई गई वैकल्पिक कच्ची पुलिया बह गई। जिससे चेचट देवली कलां खेडारुद्धा स्टेट हाइवे मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे मार्ग से जुड़े करीब एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई।
देवली कलां की नदी पर उच्च स्तरीय पुलिया निर्माण के लिए संवेदक द्वारा वैकल्पिक मार्ग व कच्ची पुलिया बनाई गई थी। जिस पर वाहन चालक नदी पार कर रहे थे। लेकिन एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में उफान आने से वैकल्पिक मार्ग की पुलिया बह गई। जिससे चेचट देवली कलां खेडारुद्धा स्टेट हाइवे मार्ग अवरुद्ध हो गया। विभाग द्वारा बनाई नई पुलिया भी शुरू नहीं की। जिससे वाहन चालक लम्बा चक्कर लगा कर निकल रहे हैं। लेकिन अवरुद्ध मार्ग के आस-पास गांव के लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। जिनके रोजमर्रा चेचट जाने का कार्य होता है। उधर विभाग ने चेचट अलोद तिराहे पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध का बोर्ड लगाकर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बन्द कर दी। लेकिन इस सड़क मार्ग पर छोटे वाहन भी नहीं निकल पा रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों ने निर्माणाधीन पुलिया पर निकलना शुरू कर दिया है। जिसमे रोजाना वाहन फंस रहे हैं, क्योंकि पुलिया का निर्माण कार्य जारी है। विभाग ने पुलिया के दोनों तरफ मिट्टी डाली हुई है। जिसमे वाहन चालकों के वाहन फंस रहे हैं।

रावतभाटा. कटहल का उत्पादन अब रावतभाटा में होने लगा है। भैंसरोडगढ़ चंबल किनारे का कटहल का स्वाद अब कोटा के लोग भी ले रहे हैं। यहां से बाहर के व्यवसायी आकर थोक में कटहल लेकर जाते हैं। खेतों में उगे कटहल के पेड़ यहां के किसानों की आमदनी का एक बेहतर जरिया है। देवपुरिया में महेंद्र सिंह और बृजमोहन कोली के खेतों में इस बार अच्छा उत्पादन हुआ है।
रुचिकर व्यंजनों में होता है उपयोग
कई किसानों के लिए खरीफ की खेती कटहल पर ही टिकी होती है। किसान गर्मी के सीजन में कटहल की बिक्री कर उससे अर्जित होने वाली रकम से खरीफ की खेती के लिए खाद, बीज आदि खरीदते हैं। हालांकि कटहल के पेड़ों की संख्या में कमी जरूर आ रही है। लेकिन किसान अब भी नए कटहल के पौधे लगाते हैं। कटहल से किसानों को होने वाले फायदे पर गौर करें तो मार्च माह से ही किसानों को कटहल से लाभ मिलना शुरू हो जाता है। मार्च माह तक पेड़ों में फसल आना शुरू हो जाती है। इस वक्त नई सब्जी के रूप में मंडी में कटहल की डिमांड ज्यादा होती है। छोटे साइज के कटहल को किसान इस अवधि में बाजार में अधिक कीमत पर बेचते हैं। अप्रैल, मई और जून महीने में कटहल अपने पूर्ण आकार में आ जाता है। इस वक्त पेड़ों पर लदे एक कटहल का वजन 5 से 30 किलोग्राम तक होता है। इसकी बिक्री भी किसान स्थानीय मंडियों में करते हैं। इसका साधारणतः उपयोग रूचिकर व्यंजन के रूप में किया जाता है। कटहल गरीबों का पनीर के रूप में जाना जाता है। सब्जी के अलाव भी कटहल की अन्य कई उपयोगिताएं हैं। कुछ गृहणियां कटहल का अचार बनाकर इसे घरों में संग्रहित करके रखती हैं। इसके अलावा पके हुए कटहल को भी लोग चाव से खाते हैं।

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