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पत्रिका एक्सप्लनेर/ नागौर. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इन दिनों एडमिशन हो रहे हैं, इस वक्त छात्रों के पास अपनी पसंद के कोर्स के साथ एनसीसी में भी भर्ती होने का अच्छा मौका है। एनसीसी करके व्यक्तित्व विकास के लीडरशिप जैसे गुण विकसित कर सकते हैं। साथ ही कई सरकारी नौकरियों में अच्छी-खासी छूट भी मिलती है। एनसीसी केडेट को भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के अलावा कई अन्य सेवाओं में आसानी से नौकरी मिल जाती है।

एनसीसी के फायदे
एनसीसी केडेट्स को अग्निवीर योजना में बोनस अंक दिए जाते हैं। इसके साथ भारतीय सेना की ओर से हर साल एनसीसी स्पेशल एंट्री स्कीम के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसके जरिए एनसीसी 'सी' सर्टिफिकेट के साथ में ए व बी ग्रेड वाले युवा सीधे एसएसबी इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। इसके जरिए सेना में ऑफिसर्स पदों पर भर्ती होती है। इसके लिए महिला और पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं। एनसीसी सर्टिफिकेट है तो यूपीएससी एनडीए और सीडीएस परीक्षाओं में विशेष छूट मिलती है। इसके जरिए आसानी से भारतीय सेना में ऑफिसर बन सकते हैं। इसके साथ पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भर्ती में बोनस अंक मिलते हैं।
- कैप्टन डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा, बीआर मिर्धा कॉलेज, नागौर
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एनसीसी में प्रवेश क्यों लें?
एनसीसी एक छात्रों का सैन्य संगठन है, जिसमें सुरक्षाकर्मी के रूप में छात्रों को तैयार किया जाता है। छात्र एनसीसी के माध्यम से केरियर निर्माण कर सकता है। साथ ही राष्ट्र के प्रति दायित्वों का निर्वहन करता है।

एनसीसी में प्रवेश कैसे लें?
हर वर्ष कॉलेज में ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष के नियमित विद्यार्थी इसमें प्रवेश ले सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थी की अधिकतम आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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एनसीसी में प्रवेश कैसे होगा?
एनसीसी प्रवेश के लिए निर्धारित तिथि को दौड़ सहित अन्य शारीरिक परीक्षण होता है। इसके बाद लिखित परीक्षा व साक्षात्कार लिया जाता है। खेल व अन्य सह शैक्षणिक गतिविधियों प्रमाण पत्र वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाते हैं। मिर्धा कॉलेज में करीब 55 सीट रहती हैं। विद्यार्थियों को कॉलेज के एनसीसी अधिकारी से संपर्क करके जरूर दाखिला लेना चाहिए।

नागौर। बीकानेर बायपास रिंग रोड पर बीते दिन की शाम कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया व राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा की गाड़ी को पहले एक कार ने टक्कर मार दी जो पास ही खड़ी तीसरी गाड़ी से जा भिड़ी। हादसे में मंत्री कटारिया के मामूली जबकि तीसरी गाड़ी में सवार रौनक (16) के ज्यादा चोटें आई। इनको मारवाड़ अस्पताल ले जाया गया, प्राथमिक उपचार के बाद कटारिया राज्य मंत्री मुरारीलाल मीणा की गाड़ी से जयपुर रवाना हो गए। तीनों क्षतिग्रस्त गाड़ियों को सदर थाने में रखवाया गया। टक्कर मारने वाली गाड़ी पर मामला दर्ज कर इसमें सवार पांच युवकों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

 

हादसा जोधपुर रोड पर बीकानेर बायपास रिंग रोड तिराहे पर जयश्री कृष्णा होटल के सामने हुआ। मंत्री लालचंद कटारिया व मुरारी लाल मीणा एक ही गाड़ी से जोधुपर से नागौर की तरफ आ रहे थे। उनके साथ सुरक्षा जवानों का काफिला अन्य गाड़ियों में था। वे जोधपुर एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे, उनके साथ चल रहा एस्कॉर्ट आगे निकल गया। इधर, बीकानेर की ओर रिंग रोड से बीकानेर निवासी सुरेंद्र यादव अपने साथियों के साथ कार से आ रहा था। तिराहे पर सामने यादव की कार ने साइड से मंत्री की गाड़ी को टक्कर मारी और आगे होटल की तरफ से रिंग रोड की ओर जाने वाली तीसरी गाड़ी से जा भिड़ी। हादसा होते ही वहां हल्ला मच गया। सूचना मिलते ही कलक्टर पीयूष समारिया, नागौर एएसपी राजेश मीना, सदर थाना इंचार्ज रूपाराम, कोतवाली सीआई नरेंद्र जाखड़ मय टीम मौके पर पहुंचे और मंत्री समेत गाड़ियों में सवार सभी को निजी हॉस्पिटल ले गए। यहां चिकित्सकों ने देखा तो मंत्री कटारिया के मामूली चोट आई जबकि रौनक के नाक पर फ्रेक्चर था। सुरेंद्र कुमार यादव अपने चार-पांच साथियों के साथ पाली से लौट रहा था जबकि रौनक वाली गाड़ी नोखा निवासी पूनमचंद की थी जो अपने गांव नोखा से परिवार के साथ जोधपुर जा रहे थे।

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हादसों का कारण : ब्लैक स्पॉट
'अब तो जागो सरकार'
शुक्रवार को हुआ यह इस जगह का पहला हादसा नहीं है। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। करीब एक महीने पहले अपनी ड्यूटी करने जा रहे एक बाइक सवार को ट्रक ने कुचल दिया था तो कुछ समय पहले एक कार और ट्रक में भिड़ंत हुई थी। जिसमें एक जने की मौत हो गई थी। एक साल में करीब डेढ़ दर्जन हादसे यहां हो चुके हैं। इन ब्लैक स्पॉट को लेकर राजस्थान पत्रिका ने भी सरकार को कई बार चेताया है। बावजूद इस ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा। अबके सड़क हादसे का शिकार सरकार के मंत्री हुए हैं। सरकार को इस मामले में फैसला लेकर ब्लैक स्पॉट पर हादसों की रोकथाम पर ठोस योजना बनानी चाहिए। जिससे किसी का घर नहीं उजड़े।

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लग गई भीड़, मंत्रियों ने बच्ची का हाल पूछा
सदर सीआई रूपाराम ने बताया कि हादसे में मंत्री लालचंद कटारिया के पैर में मामूली खरोंच आई जबकि रौनक के नाक पर अधिक चोट लगी। उसके फ्रेक्चर हुआ। उनका कहना था कि तीनों गाड़ियों में सवार अन्य में से किसी को कोई चोट नहीं आई। मंत्री की गाड़ी को टक्कर मारने वाली कार गलत साइड व तेज बताई जा रही है। मामला दर्ज कर लिया गया है, जांच की जा रही है। तीनों गाड़ियां थाने में रखवाई जा रही हैं। हादसे की सूचना मिलते ही खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल अस्पताल पहुंचे और कटारिया-मीणा से कुशलक्षम पूछी। डॉ कैलाश खोजा, लूणाराम डिडेल, रामप्रकाश बिसु समेत काफी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी भी यहां मौजूद रहे।

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