>>: स्थानीय लोगो के भी हलक सूखे है तो लाखो यात्रियों को कैसे पिलायेगे पानी!

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रामदेवरा.
लोक देवता बाबा रामदेव के अगले माह आयोजित हो रहे मेले से पहले ही स्थानीय लोगो में पीने के पानी को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है। दावे किए जा रहे लाखो यात्रियों को 24 घंटे पानी पिलाने के।
जबकि रामदेवरा की पूरी सप्लाई केवल नहरी पानी पर निर्भर है। नहर पानी की सप्लाई बंद तो रामदेवरा के विभिन्न वार्डो में पानी को लेकर त्राहि त्राहि मच जाती है।
जानकारी के अनुसार धार्मिक नगरी रामदेवरा की जलापूर्ति पिछले कई महीनो से बिगड़ी हुई है। जलदाय विभाग के पास नहरी पानी की पर्याप्त सप्लाई नही मिलने से कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी नही पहुंच रहा है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण कई दिनों से क्षेत्र के कई वार्डो में लोगो को पेयजल नसीब नही हो रहा । क्षेत्र के विभिन्न वार्ड में पेयजल आपूर्ति के ठप्प रहने को लेकर लोगो में रोष है। कस्बे की पेयजल व्यवस्था को लेकर कोई ठोस प्रबंध पिछले कई महीनो से जिम्मेदार नहीं कर रहे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र की हालत भी पानी को लेकर सही नही है।

नहरी पानी की पर्याप्त सप्लाई नही मिल रही
नाचना से वाया रामदेवरा होते हुए गुजर रही इंदिरा गांधी नहर परियोजना से रामदेवरा क्षेत्र को आम दिन में प्रतिदिन 14 लाख लीटर पानी की आवश्यकता रहती है। नहरी पानी की आपूर्ति होती है मात्र 8 से 9 लाख लीटर ही। ऐसे में जलदाय विभाग को इस पानी को बारी बारी से विभिन्न वार्डो में दिया जाता है। लेकिन ये पानी सभी वार्डो तक नहीं पहुंच पाता है। पिछले करीब एक माह से रामदेवरा में बढ़ी यात्रियों की भीड़ से रोजाना हजारों लीटर पानी की खपत बढ़ी है। जो होटल,धर्मशाला और अन्य जगहों पर निजी टैंकर के माध्यम से पूरी की जा रही है। वही जलदाय विभाग के पास अपने 4 नलकूप है। उनमें से मात्र दो या तीन ही सप्लाई दे रहे है। प्रति नलकूप एक घंटे में ओसत 15 हजार लीटर पानी देता है तो 5 घंटे मात्र 75 हजार लीटर ही पानी ही एक नलकूप से स्टोरेज होता है। ऐसे में नलकूप पर रामदेवरा के दो वार्ड की भी सप्लाई पूरी नही हो सकती है तो पूरे रामदेवरा के सभी वार्डो और लाखो यात्रियों की सप्लाई कैसे पूरी होगी।
ऐसे में नहरी पानी की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर नही आयेगी तो पानी की आपूर्ति कैसे पूरी होगी। जलदाय विभाग के स्थानीय कार्मिक पेयजल आपूर्ति के लड़खड़ाने पर एक ही जवाब दे रहे है,नहरी पानी आगे से नही आ रहा हैं। हर रोज सुबह होने वाली पानी की सप्लाई गत कई महीनो से एक-एक दिन आगे बढ़ते हुए अधिकांश वार्डो में बंद ही हो गई है। जिम्मेदार क्षेत्र के वार्डो में पानी नही आने की शिकायत पर कोई ध्यान ही नही दे रहे हैं। जिसके चलते क्षेत्र के लोगो में पेयजल किल्लत को लेकर भारी रोष है।जलदाय विभाग के करीब एक दर्जन नलकूप में से मात्र तीन नलकूप से ही पानी निकल रहा है,शेष नलकूप बंद पड़े है।

महंगे दामों पर पानी को खरीदना मजबूरी -
भीषण गर्मी में पीने और दैनिक कार्यों के लिए पानी की आवश्यकता अधिक रहती है। पानी की नियमित सप्लाई नही मिलने पर मजबूर होकर ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी खरीद कर मंगवाना पड़ रहा हैं।क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों को अपने और अपने पशुधन के लिए पानी की सप्लाई के अभाव में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। ये हालात क्षेत्र में ब्रजपुरा, विरमदेवरा, फिटकों की ढाणी,दूधिया, सादा आदि जगहों पर देखने को मिल जायेगे।

जल जीवन मिशन योजना से नही मिल रहा पानी
जल जीवन मिशन योजना की पाइप लाइन बिछा कर क्षेत्र घर घर में नल कनेक्शन किए गए थे। तब क्षेत्रवासियों को उम्मीद की किरण नजर आई की इस बार की गर्मी में भरपूर पानी नलो से मिलेगा। घर घर नल अवश्य लगा दिए है,लेकिन नलों से ग्रामीणों को पानी नही मिल रहा है। गत दिनों केंद्रीय जल शक्ति के सामने भी ग्रामीणों ने पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया था। पानी की किल्लत पर अभी कोई ठोस समाधान क्षेत्र के लोगो को नही मिला है।

बाबा रामदेव मेला कैसे देंगे 24 घंटे पानी -
लोक देवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने आने वाले यात्रियों में अधिकांश यात्री धर्मशालाओं,खुले मैदानों में ठहरते है। जहां पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता रहती है। धर्मशालाओ
में निजी पानी की टैंकर मंगवा कर जलापूर्ति होती है। वही खुले मैदानों, रैन बसेरों में रहने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगो को पीने और दैनिक कार्यों के लिए पानी उपलब्ध करवाना जरूरी है। जिम्मेदार केवल नोखा चौराहे और पोकरण रोड पर एक दो टैंकर खड़े करवा कर पानी की सप्लाई करने को लेकर इतिश्री कर लेते हैं। जबकि गत दिनों मेला व्यवस्था की बैठक में संभागीय आयुक्त ने प्रतिदिन 25 टैंकर से यात्रियों को पानी पिलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इनका कहना -
पानी की किल्लत से बेहद परेशान है। पिछले कई महीनो से वार्ड में पानी नहीं आ रहा है। कोई सुनवाई नही हो रही। शिकायत करते है तो पानी की सप्लाई दी जाती है। सप्लाई आती है तो बूंद बूंद और पानी से एक घड़ा भरने में भी घंटो का समय लग जाता हैं।
- बस्तीराम,वार्ड 16 निवासी, रामदेवरा।

वार्ड 16 में पानी की सप्लाई कई महीनो से पटरी से उतरी हुई हैं। जिसके कारण महंगे दामों पर पानी मोल मंगवाना पड़ रहा हैं। पानी की समस्या को लेकर ठोस उपाय किए जाने चाहिए।
- राजू,वार्ड 16 निवासी, रामदेवरा।

रुणिचा कुआ रोड बस्ती में पानी नही आ रहा है। घरों में भी नलों से पानी बंद पड़ा है। महंगे दाम पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
- अजमल, रुणिचा कुआ,रामदेवरा।

फैक्ट फाइल -
300 - धर्मशालाएं,
3 - नलकूप पर निर्भर रामदेवरा की जलापूर्ति,
11 हजार - रामदेवरा की आबादी,
15 लाख लीटर पानी की रोजाना जरूरत,
40 से 50 लाख श्रद्धालु आते है मेले

इनका कहना -
मेले में आने वाले यात्रियों और यहां की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए करीब 22 लाख लीटर पानी की जरूरत है। जिसमे नहरी विभाग से करीब 16 लाख लीटर प्रतिदिन पानी की मांग की गई। वर्तमान में 4 नलकूप है। एक नलकूप ओर खोदा जा रहा।
मेले में टैंकर की भी व्यवस्था करके जलापूर्ति सुचारू की जाएगी। नहरी पानी की गत दिनों व्यवस्था खराब रही। व्यवस्था सुधरते ही रामदेवरा के सभी वार्डो में पर्याप्त सप्लाई दी जाएगी।
- भूराराम ,सहायक अभियंता,जलदाय विभाग,पोकरण।

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