>>: Digest for August 28, 2023

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार शाम अपने आवास पर र राजस्थान एलपीजी गैस सिलेंडर वितरक संघ के प्रतिनिधिमण्डल से संवाद किया और इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के सफल क्रियान्वयन में गैस सिलेंडर वितरकों की अहम भूमिका बताते हुए उनकी प्रशंसा की। सीएमं गहलोत ने कहा कि राजस्थान में देश का सबसे सस्ता गैस सिलेंडर मिल रहा है। पूरे देश में 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। एलपीजी गैस सिलेंडर वितरकों के सहयोग से इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू हुई है।


इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना लागू कर पात्रों को 1 अप्रेल 2023 से 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे महंगाई का बोझ कम हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार सहित हर क्षेत्र में देश का मॉडल स्टेट बन गया है।

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 25 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार व 10 लाख का दुर्घटना बीमा, निःशुल्क दवाईयां व जांच सुविधाओं सहित कानून बनाकर स्वास्थ्य का अधिकार देने वाला राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, निफ्ट जैसे विश्व स्तरीय संस्थान खुले हैं।

राज्य में दुधारू पशुओं का बीमा, कमजोर वर्ग के लोगों को अन्नपूर्णा फूड किट, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना व इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। राज्य में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए गए हैं। गहलोत ने कहा कि हम 'राजस्थान मिशन-2030' में 1 करोड़ लोगों से सुझाव व सलाह ले रहे हैं। उन्होंने एलपीजी गैस वितरकों से मिशन-2030 में अपने सुझाव देने का आग्रह किया।

ADA Recruitment 2023 Notification : रक्षा मंत्रालय के एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (Aeronautical Development Agency) (एडीए) (ADA) ने प्रोजेक्ट असिस्टेंट के 100 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। 100 पदों के लिए निकाली गई इस भर्ती के लिए संबंधित स्ट्रीम में बी.ई/बी.टेक/एम.ई/एम.टेक/बी.एससी (सीएस/आईएस/आईटी) प्लस एम.एससी (सीएस/आईएस/आईटी)/एम.ई/बी.एससी (इलेक्ट्रॉनिक्स/टेलीकॉम)/एम. एससी (इलेक्ट्रॉनिक्स/टेलीकॉम) डिग्रीधारक आवेदन कर सकते हैं। चयन वॉक इन इंटरव्यू/लिखित परीक्षा के आधार पर होगा। राजस्थान सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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आयु सीमा
इन पदों के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 28 वर्ष होनी चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

वॉक-इन-इंटरव्यू/लिखित परीक्षा में भाग लेने की प्रक्रिया
इंटरव्यू/लिखित परीक्षा 4, 7, 11 और 14 सितंबर को आयोजित किए जाएंगे। अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट www.ada.gov.in से आवेदन फॉर्म को भरकर, सभी जरूरी दस्तावेज की मूल और फोटोकॉपी के साथ इंटरव्यू के लिए इस पते पर उपस्थित होना होगा : ADA Campus-2, Suranjandas Road, New Thippasandra Post, Bengaluru – 560 075.

रिपोर्टिंग समय
उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज के सत्यापन के लिए निर्दिष्ट तिथियों (जैसा कि उनके विषय पर लागू हो) पर सुबह 08.30 से 11.00 बजे के बीच कार्यक्रम स्थल पर रिपोर्ट कर सकते हैं। सुबह 11 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। वॉक-इन इंटरव्यू में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को कोई टीए/डीए का भुगतान नहीं किया जाएगा।

जयपुर. कानोता थाना इलाके के ग्राम रामसर पालावाला में गत दिवस श्वान के मुंह में एक युवक का कटा सिर मिलने के मामले में शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने थाने पहुंचकर हत्या के खुलासे की मांग कर करीब पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद के बाद ग्रामीणों एवं पुलिस के बीच सहमति बनी।

प्रदर्शनकारियों एवं परिजनों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि मामले का खुलासा नहीं हुआ तो फिर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हो गई। उल्लेखनीय है कि गत 25 अगस्त को थाना इलाके में एक श्वान मुंह में एक मानव नरमुण्ड लेकर घूम रहा था। इसे देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कानोता थाना पुलिस को एक बंद पड़े मकान में दो टुकड़ों में शव मिला था। जिसको लेकर परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जाहिर की थी। इस पर युवक की हत्या के खुलासे की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में परिजन व सर्व समाज के ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शन किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

इस दौरान कानोता थाने पर बस्सी एसीपी फूलचंद मीणा, बस्सी थानाधिकारी महावीर सिंह, कानोता थानाधिकारी भगवान सहाय मीणा, तूंगा थानाधिकारी अजय मीणा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाइश कर 10 दिन में हत्यारों को गिरफ्तार करने, उचित मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया और परिजन शव के पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हो गए।

वाशिंगटन. गुलशन नंदा के उपन्यास नीलकमल की नायिका को नींद में चलने की आदत रहती है, वह अक्सर रात में उठकर नींद में काफी दूर चली जाती है। नींद में चलने की इस अवस्था को स्लीपवॉकिंग कहा जाता है।
नींद में चलने का ऐसा ही एक अजीबोगरीब किस्सा अमरीका में डेनविले के 11 वर्षीय माइकल डिक्सन का है, जो गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉर्ड में दर्ज हो गया। डिक्सन नींद में 160 किलोमीटर तक चलता रहा। घटना 6 अप्रेल, 1987 की है, जब डिक्सन को इंडियाना के रेलवे टै्रक पर भटकते हुए पाया गया। वह पाजामा पहने हुए नंगे पैर था। तडक़े 2.45 बजे इस बच्चे को रेलवे क्रू के एक सदस्य ने देखा। सूचना के बाद पुलिस आई पुलिस ने पूछा तो बच्चे ने बताया वह डेनविले का रहने वाला है। डिक्सन अपने घर के पास एक स्टेशन से मालगाड़ी में सवार होकर आधी रात में ही इतनी दूर चला आया। उसने मियामी काउंटी कल्याण विभाग के एक कर्मचारी को बताया कि उसे ट्रेन में चढऩा और उतरना याद नहीं है। उसके पैरों में चोट लगी हुई थी।

सूचना मिलने पर मां लेने आई
इसके बाद डिक्सन की मां को सूचना देने के बाद वह अपने बच्चे को लेने आई। उसकी मां ने बताया कि उसे आखिरी बात रात 10 बजे बिस्तर पर सोए हुआ देखा था। उसने बताया, माइकल को नींद में चलने की बीमारी है। क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक बचपन में नींद में चलने की आदत आमतौर पर युवावस्था तक आते-आते अपने आप ठीक हो जाती है।

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जयपुर।

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना जटिल नियमों के फेर में अटक गई है। फूड पैकेट और एक लीटर तेल के लिए अलग-अलग सत्यापन के कारण सर्वर पर भार बढ़ रहा है और यह ठप हो रहा है। ऐसे में जयपुर जिले के 7 लाख लाभार्थियों को फूड पैकेट वितरण को लेकर राशन डीलर्स की परेशानी बढ़ गई है। उधर, सहकारिता विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

वितरण पर संशय

फूड पैकेट लेने के लिए पोस मशीन से दो बार लाभार्थी का सत्यापन योजना में बड़ी परेशानी बन गई। इस माह के छह दिन शेष बचे हैं और फूड पैकेट से वंचित 4 लाख लाभार्थियों को वितरण पर संशय हो रहा है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जिन लाभार्थियों को इस महीने फूड पैकेट नहीं मिले उनको अगले माह वितरण होगा या नहीं।

चार माह के फूड पैकेट पर चुप्पी
मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना 1 अप्रेल से प्रदेश में लागू हुई लेकिन पैकेट का वितरण 15 अगस्त से शुरू हुआ। पिछले चार माह के फूड पैकेट का वितरण आने वाले महीनों में होगा या नहीं इसे लेकर भी सहकारिता विभाग और खाद्य विभाग चुप्पी साधे हैं। अगर बीते चार माह के बकाया पैकेट लाभार्थियों को नहीं मिलते हैं

तो योजना का संचालन सिर्फ चार माह ही होगा।
लाभार्थी का दो बार सत्यापन जरूरी है। इस कारण सर्वर ठप हो रहा है। सहकारिता विभाग व खाद्य विभाग के अधिकारियों को कई बार बताया लेकिन समाधान नहीं हुआ।
डिंपल कुमार शर्मा,प्रदेश अध्यक्ष,राशन डीलर्स समन्वय समिति

लंदन. यूरोपीय ऑब्जर्वेटरी के वेरी लार्ज टेलीस्कोप की मदद से खगोलविदों ने पहली बार पृथ्वी से नेपच्यून ग्रह के वायुमंडल में एक काले धब्बे की खोज की है। हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब नेपच्यून पर इस तरह की आकृति नजर आई है। इससे पहले नासा के वॉयजर2 ने 1989 में नेपच्यून पर काला धब्बा देखा था, लेकिन कुछ सालों बाद यह गायब हो गया। वैज्ञानिकों को लगता है कि इस खोज से नेपच्यून की उत्पत्ति और वायुमंडल में बनने वाली विसंगतियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाश अध्ययन के प्रमुख अन्वेषणकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर पैट्रिक इर्विन बताते है कि काले धब्बे की पहली पहली खोज से ही वे यह जानना चाहते थे कि कम समय तक रहने वाली ये रहस्यमयी काली चीजें क्या हैं? इस खोज में शोधकर्ताओं ने वेरीलार्ज टेलीस्कोप के आंकड़ों की मदद ली थी।
आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद शोधकर्ताओं ने बताया कि ये धब्बे हवा में मौजूद कणों के होने से नेप्च्यून के दिखाई देने वाली मूल वायुमंडलीय परत के नीचे गहरे रंग के होते जा रहे हैं। इन धब्बों का बदलता हुआ स्वरूप उन्हें समझने के लिए चुनौतियां पेश कर रहा है।


खास है 'म्यूज' उपकरण का उपयोग
इस अवसर को मिलते ही प्रोफेसर इर्विन और उनकी टीम ने वीएलटी के मल्टीयूनिट स्पेक्ट्रोस्कोपिक एक्सप्लोरर यानि म्यूज के जरिए विस्तृत विश्लेषण किया। इस उपकरण से शोधकर्ताओं ने नेप्च्यून से प्रतिबिम्बित होने वाली सूर्य की रोशनी को कई हिस्सों में बांटकर अपने रंगों या तरंगों में अलग कर एक 3डी स्पैक्ट्रम बनाया। इस तरह पहली बार सूर्य की रोशनी के प्रतिबिम्बित स्पैक्ट्रम का अध्ययन किया गया।

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लंदन. दुनिया के आधे से अधिक नामी होटल, रेस्तरां और कैफे पर्यावरण सुरक्षा के नाम प्लास्टिक की बजाय ईको फे्रंडली पेपर डिंग्स स्ट्रॉ का इस्तेमाल करते हैं। ये प्लास्टिक से भी ज्यादा खतरनाक हैं। बेल्जियम की एंटवर्प विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हाल ही एक अध्ययन में पाया कि 90 फीसदी पेपर स्ट्रॉ प्लास्टिक की तुलना में ज्यादा हानिकारक होती है और यह पर्यावरण के अनुकूल भी नहीं है। शोधकर्ताओं ने इनमें सिंथेटिक केमिकल्स की जांच के लिए 39 ब्रांडों के सट्रॉ का परीक्षण किया गया, इनमें 69 फीसदी ब्रांडों में 18 प्रकार के पीएफएएस (पॉलीफ्लूरोएल्किल पदार्थ)पाए गए।
शोधकर्ताओं के इस रसायन का उपयोग इसलिए किया जाता है, ताकि लंबे समय तक ड्रिंक्स में रहने के दौरान ये खराब न हो। पीएफएएस का प्रयोग कपड़ों से लेकर नॉन स्टिक पैन और गर्मीरोधी उत्पाद बनाने में किया जाता है। शोधकर्ताओं ने इसे इंसान ही नहीं वन्यजीव और पर्यावरण के लिए हानिकारक बताया है। ये समय के साथ धीरे-धीरे खत्म होते हैं और पर्यावरण में हजारों वर्षों तक बने रह सकते हैं। ये अध्ययन फूड एडिटिव्स एंड कंटामिनेंट्स में प्रकाशित हुआ है।
बांस से बने 80 फीसदी, प्लास्टिक से बने 75 और कांच से बने 40 फीसदी ब्रांडों में पीएफएएस पाया गया। हैरानी की बात ये है कि इनमें पेरफ्लूरुक्टेनोइड एसिड की मात्रा आम थी, जिसे 2020 में दुनियाभर में बैन कर दिया गया था।

जयपुर. गैंगस्टर रोहित गोदारा न सिर्फ लोगों से रंगदारी मांग रहा है, बल्कि आपराधिक वारदात में संलिप्त गिराहों के बीच समझौता भी करा रहा है। हाल ही करणी विहार इलाके में एटीएम लूट की साजिश रचते पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है। दरअसल, 24 अगस्त को जयपुर पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच (सीएसटी) ने 5600 गैंग के पांच गुर्गों को पकड़ा था। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे दुबई से स्मगलिंग होकर आने वाला सोना लूट लेते थे। सोना स्मगलिंग का होने के कारण कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं कराता है।

सूत्रों के मुताबिक करीब दो माह पहले आरोपियों ने लखनऊ में स्मगलिंग का सोना लूटा था। आरोपियों का कहना है कि वारदात के कुछ दिनों बाद रोहित गोदारा के नाम से उनके पास कॉल आया और कहा कि सोना लूटी गई पार्टी को लौटा दें। आरोपियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और करणी विहार इलाके में एटीएम लूट की वारदात करने आ गए।


स्मगलिंग का सोना डिलीवर करने वाले से मिलीभगत

लूट की साजिश के आरोप में पकड़े गए अक्षय चौधरी, अशोक ढिलाण, इरफान अली, नदीम खान और रिजवान खान से पुलिस पूछताछ कर रही है। करणी विहार थानाधिकारी लिखमाराम ने बताया कि आरोपी स्मगलिंग का सोना डिलीवर करने वाले से मिलीभगत रखते थे। उन्हें पहले ही डिलीवरी के रूट की जानकारी व लोकेशन मिल जाती थी। जिसके जरिए वह लूट की वारदात को अंजाम देते थे।

एक समान गाड़ी नंबर से बना गिरोह का नाम

पुलिस के मुताबिक गिरोह ने फतेहपुर-सीकर में दबदबा बना रखा है। शुरुआत में गिरोह के गुर्गे अवैध शराब लूटकर स्थानीय ठेकों पर खपा देते थे। आरोपियों ने स्मगलिंग का सोना लूटने की चार-पांच वारदात अंजाम दी, जिसके बाद लूट व डकैती करने लगे। गिरोह से जुड़े गुर्गे महंगी और काले रंग की गाडि़यां रखते हैं और उनके रजिस्ट्रेशन नंबर भी 5600 रखते हैं। जिससे इनके गिरोह का नाम 5600 पड़ा है।

जयपुर. हाल ही में न्यूरोसर्जरी विषय पर इंडोनेशिया में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हुई। कॉन्फ्रेंस में नामी विशेषज्ञों ने भाग लिया। जयपुर से इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में रुक्मणी बिरला हॉस्पिटल डॉ. अमित चक्रबर्ती ने भाग लेकर देश का प्रतिनिधित्व किया। डॉ. चक्रबर्ती ने वहां न्यूरोसर्जरी पर अपनी एक रिसर्च भी प्रस्तुत की। रिसर्च में उन्होंने अपनी रिसर्च में उन्होंने ब्रेन ट्यूमर को मिनिमल इनवेसिव और नई तकनीक से निकालने के बारे में जानकारी दी। इस रिसर्च को दूसरे देशों के न्यूरोसर्जन्स ने काफी सराहा। कॉन्फ्रेंस में यूएसए, जापान और सिंगापुर से भी एक्सपर्ट्स ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने कहा कि न्यूरोसर्जरी विषय काफी विस्तृत हो चुका है। इस क्षेत्र में होने वाली नई रिसर्च से मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। अब कई बीमारियां ऐसी हैं जिन्हें दवाइयों से ठीक किया जा सकता है। नई तकनीक और नए उपकरणों से मरीजों का ऑपरेशन करने में भी काफी मदद मिलती है। अस्पताल में भी मरीजों को कम समय रूकना पड़ता है।

जयपुर. एक महिला का अपने डॉग पॉपकॉर्न से इतना गहरा लगाव है कि उसके चोरी हो जाने पर रो-रोकर उसका बुरा हाल हो गया। डॉग की तलाश में पोस्टर छपवाए, केस दर्ज करवाया और खोजकर लाने वाले को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा कर दी। हालांकि पुलिस ने डॉग को तलाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डॉग मिलने के बाद महिला सबसे पहले उसे लेकर मंदिर पहुंची और नजर उतारी। पुलिस ने बताया कि मालवीय नगर थाना इलाके के मॉडल टाउन निवासी अनिता जोतवानी का डॉग पॉपकाॅर्न चोरी हो गया। तीन दिन पहले केयर टेकर डॉग को घुमाने ले जा रहा था। इसी दौरान कार में दो लोग आए और दुलार करने के बहाने पॉपकॉर्न को गोद में उठा लिया। इसके बाद वह उसे कार में लेकर चले गए।

बच्चा समझकर पाला
अनिता अकेली रहती हैं। उन्होंने डॉग को बच्चा समझकर पाला। तीन साल का डॉग मिक्स ब्रीड का है और उसकी कीमत बहुत कम है, लेकिन अनिता का उससे लगाव बहुत ज्यादा है।

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पुलिस ने छाना चप्पा चप्पा
महिला का डॉग के प्रति गहरा लगाव देखते हुए थानाप्रभारी पूनम चौधरी ने उसकी तलाश करवाई। पुलिस टीम ने आसपास का चप्पा-चप्पा छाना। आखिरकार पुलिस ने डॉग को एक सुनसान इलाके से दस्तयाब कर लिया। इस मामले में श्याम विहार जवाहर सर्कल निवासी रंजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया।

कानूनी प्रक्रिया के बाद मिलेगा पॉपकॉर्न
डॉग मिलने के बाद मालकिन अनिता और पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि डॉग कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मिल सकेगा। तब तक डॉग थाने में ही पुलिस सुरक्षा में रहेगा।

रात को भी पूछती थी... क्या मिला पॉपकॉर्न
थानाप्रभारी पूनम चौधरी ने बताया कि अनिता पॉपकॉर्न के लिए इतनी परेशान थी की रात को एक बजे भी फोन करके पूछती थीं। बात करते ही उसके आंसू निकल आते थे। उन्होंने बताया कि डॉग को खोज लिया गया, लेकिन इनाम का पैसा नहीं चाहिए। डॉग मिलने से अनिता के चेहरे पर जो मुस्कान आ गई यही काफी है।

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जयपुर. गंगापुरसिटी। इफको की ओर से गंगापुरसिटी में शनिवार को आयोजित किसान सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लाल डायरी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डायरी का रंग लाल है, लेकिन उसके अंदर काले चिट्टे छिपे हैं। अरबों-करोड़ों का भ्रष्टाचार का कच्चा चिठ्ठा लाल डायरी के अंदर है। मैं अशोक गहलोत को कहने आया हूं कि जरा भी शर्म बची है तो लाल डायरी मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में आएं... और फिर हो जाए दो-दो हाथ। शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने गहलोत पर कटाक्ष करते हुए लोगों से भी अपील कर दी- यदि आपके घर में कोई डायरी हो तो उसका रंग लाल मत रखना, वरना गहलोत नाराज हो जाएंगे। आजकल गहलोत लाल डायरी से बहुत डर रहे हैं।

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आरोपः नारे लगाने वालों को गहलोत ने भेजा
शाह का संबोधन शुरू करते ही कुछ लोगों ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और झण्डे लहरा दिए। इस पर शाह ने कहा- सीएम गहलोत ने इन्हें भेजा है। मैं पॉलिटिक्स नहीं करना चाहता था, लेकिन मुझे मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, इफको चेयरमैन दिलीप छंगाणी आदि मौजूद रहे।

सहकारिता आंदोलन से किसान आर्थिक रूप से मजबूतः बिरला
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश का किसान, मजदूर, महिलाएं व नौजवान सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। एक छत की नीचे सभी सुविधाएं दी जा रही है। देश में गुजरात ऐसा अकेला राज्य है, जहां पर शून्य ब्याज दर पर बिना लिमिट ऋण दिया जा रहा है। ऐसा राज लाओ, जिससे राजस्थान के किसान भी सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। सहकारिता आंदोलन के लिए उन्होंने पीएम तथा सहकारिता मंत्री को धन्यवाद भी दिया, जिनकी वजह से गांव का किसान समृद्ध हो रहा है। बिरला ने बताया कि सहकारी आंदोलन का लक्ष्य न केवल किसानों का विकास है, बल्कि बड़े पैमाने पर समाज का विकास भी है। उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन पीएम मोदी के आत्मनिर्भर' भारत का सच्चा रूप है।

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नहीं कर पाए मुलाकात
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी तड़के गंगापुरसिटी पहुंचे, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वे गृह मंत्री शाह से मुलाकात नहीं कर पाए। वे एक होटल में ही आराम करते रहे। शाम को सवाईमाधोपुर रवाना हो गए।

जयपुर। Monsoon Update: राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर एक बार फिर थम गया है। इस साल अगस्त महीने पूर्वानुमान से भी ज्यादा सूखा बीता है। बरसात के आंकड़ों के अनुसार 86 साल बाद अगस्त माह में प्रदेश में इतनी कम बरसात हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस महीने का सबसे कम बरसात का रेकॉर्ड वर्ष 1937 का है। उस वर्ष में केवल 27.4 मिमी बरसात हुई थी। 86 वर्ष में केवल दो साल ऐसे रहे, जिसमें अगस्त में 50 मिमी से कम बारिश हुई। मानसून पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है।

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क ही रहेगा। फिलहाल ऐसा कोई सिस्टम नहीं बन रहा है, जिससे बारिश हो। इस महीने में कम बरसात का पूर्वानुमान महीना शुरू होने पर ही कर दिया था।

कम बारिश के ये हैं बड़े कारण
- प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं। धीरे-धीरे यह प्रभाव और मजबूत हो रहा है। अल-नीनो का प्रभाव देशभर के मानसून पर पड़ रहा है। राजस्थान के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से व दक्षिण भारतीय राज्यों में सामान्य से कम बरसात हो रही है।

- मानसून ट्रफ लाइन इस महीने सामान्य से उत्तर (हिमायल की ओर) शिफ्ट हुई है। जिसके कारण हिमालय रीजन में सामान्य से अधिक बरसात हो रही है। वहीं राजस्थान समेत मध्य व पश्चिम भारत के राज्यों में बिल्कुल भी बारिश नहीं है।

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बांधों का जलस्तर लगातार घट रहा
मानसून सीजन की शुरुआत जुलाई महीने में ही बांध ओवरफ्लो हो गए थे। कुछ बांधों के गेट भी खोले गए। अब बांधों का जलस्तर लगातार घट रहा है। बीसलपुर बांध में 9 दिन में 9 सेंटीमीटर पानी कम हुआ है।

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महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर की ओर से शनिवार को न्यायमूर्ति डॉ. दलवीर भंडारी को विधि विषय में डॉक्टरेट की मानद उपाधि और सांसद हेमा मालिनी को डी.लिट. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। राजभवन में आयोजित विश्वविद्यालय के विशेष दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति राज्यपाल कलराज मिश्र ने यह उपाधियां प्रदान कीं। राजभवन प्रवक्‍ता के अनुसार, इस अवसर पर कुलाधिपति राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा, समाज में अपने बूते विशिष्ट पहचान बनाने वाली विभूतियों की उपलब्धियों को सम्मान देना महती कार्य है, इससे युवा पीढ़ी को लीक से हटकर अपनी प्रतिभा को निखारने की प्रेरणा मिलेगी।

प्रवक्ता के अनुसार, कुलाधिपति राज्यपाल कलराज मिश्र ने द हेग में स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. दलवीर भंडारी को विधि विषय में डॉक्टरेट की मानद उपाधि एवं लोकसभा सदस्य, प्रख्यात अभिनेत्री हेमा मालिनी को डी.लिट. की मानद उपाधि से सम्मानित किया।



अन्य विश्वविद्यालयों के लिए अनुकरणीय - कुलाधिपति राज्यपाल

कुलाधिपति राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा, विशेष दीक्षांत समारोह के माध्यम से अपनी प्रतिभा के लिए देश-विदेश में विशिष्ट स्थान बनाने वाली विभूतियों को अकादमिक सम्मान से सम्मानित करने की यह जो परंपरा शुरू हुई है, वह अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी अनुकरणीय है।

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राज्यपाल कलराज मिश्र दोनों की तारीफ

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा, डॉ. दलवीर भंडारी ने भारत को न्यायिक क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है जबकि हेमा मालिनी भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों से जुड़ी हैं।

न्यायमूर्ति भंडारी ने जताई खुशी, हेमामालिनी आभार किया प्रकट

न्यायमूर्ति डॉ. दलवीर भंडारी ने कहा अपने ही प्रदेश में डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त करना उनके लिए खुशी की बात है। हरदिल अजीज अभिनेत्री व सांसद हेमामालिनी ने कहा वे नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रसार का कार्य कर रही हैं। उन्होंने मानद उपाधि प्रदान किए जाने पर आभार प्रकट किया।

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Green Chillies Health Benefits for heart and blood sugar : हरी मिर्च न केवल खाने में स्वाद प्रदान करने के लिए होती है, बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी छिपे होते हैं। हरी मिर्च में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व और गुण रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इस लेख में, हम हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ और रक्त शर्करा के साथ-साथ उसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Health Benefits of Green Chillies: हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ:

Source of Vitamin C: विटामिन सी का स्रोत: हरी मिर्च में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

Source of Vitamin A विटामिन ए का स्रोत: यह मिर्च विटामिन ए की भरपूर मात्रा प्रदान करती है, जिससे आपकी दृष्टि स्वस्थ रहती है और रात को भी अच्छी नींद आती है।

Partial source of calcium: आंशिक कैल्शियम का स्रोत: हरी मिर्च में कैल्शियम की मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है।

Rich amount of fiber फाइबर की भरपूर मात्रा: यह मिर्च फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन क्रिया को सुधारकर आपको कब्ज से राहत दिलाता है।

Weight management: वजन प्रबंधन: हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन नामक तत्व आपके खाने की भूख को कम कर सकता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे वजन प्रबंधन हो सकता है।

Green chilies and blood sugar: हरी मिर्च और रक्त शर्करा:

हरी मिर्च में पाए जाने वाले कैप्सैसिन के तत्व के अनुसार, यह रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकती है। कैप्सैसिन मांसपेशियों के शिरों को बंद करके इंसुलिन के प्रवाह को बढ़ावा देने में मदद करता है जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है।

Uses of Green Chilli: हरी मिर्च के उपयोग:

सलाद में शामिल करें: हरी मिर्च को ताजा सलाद में शामिल करने से आपका भोजन स्वास्थ्यपूर्ण होता है और रक्त शर्करा की संज्ञा को भी सामान्य रखने में मदद मिल सकती है।

सब्जियों में शामिल करें: हरी मिर्च को सब्जियों में शामिल करके आप उसके स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं और एक स्वादिष्ट मेंगी भी अपने भोजन का आनंद उठा सकते हैं।

चटनी बनाएं: हरी मिर्च की चटनी बनाकर खाने से आपका खाना ज्यादा स्वादिष्ट और आकर्षक बन सकता है।

health benefits of green chili हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ

हरी मिर्च को भारतीय रसोई में खासी जगह मिलती है और यह न केवल खाने की चटपटाहट बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। निम्नलिखित हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ आपको इसकी महत्वपूर्णता के प्रति जागरूक करेंगे:

- हरी मिर्च विटामिन सी का अच्छा स्रोत होती है, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करके आपको संक्रमण से लड़ने की क्षमता देता है।

- हरी मिर्च में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन प्रणाली को सुधारने में मदद करती है और कब्ज से राहत दिलाती है।

- हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन नामक तत्व आपकी भूख को कम कर सकता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे वजन प्रबंधन हो सकता है।

- हरी मिर्च में पोटैशियम की भी अच्छी मात्रा होती है, जो हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।

- हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, जैसे कि मांसपेशियों के दर्द और माइग्रेन।

- यह मिर्च विटामिन ए की भरपूर मात्रा प्रदान करती है, जिससे आपकी दृष्टि स्वस्थ रहती है और रात को भी अच्छी नींद आती है।

- हरी मिर्च में आर्गेनिन नामक आमिनो एसिड की मात्रा होती है, जो शरीर के ऊतकों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है।

- हरी मिर्च में विटामिन सी और बी होते हैं, जो आपको फ्री रेडिकल्स से बचाकर शरीर को हानिकारक प्रदूषण से बचाते हैं।

ध्यान दें कि हरी मिर्च को अधिक मात्रा में खाने से पेट में जलन और उलटी की समस्या हो सकती है, इसलिए उसका सेवन संतुलित रूप से करें। यदि आपको पीपल के प्रति किसी भी प्रकार की एलर्जी हो, तो आपको हरी मिर्च से दूर रहना चाहिए। हरी मिर्च का सेवन संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान दें कि हरी मिर्च की अधिक मात्रा से पाचन संक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए अधिकतम सावधानी बरतें और अगर आपके पास कोई मेडिकल कंडिशन है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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Green Chillies Health Benefits for heart and blood sugar : हरी मिर्च न केवल खाने में स्वाद प्रदान करने के लिए होती है, बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी छिपे होते हैं। हरी मिर्च में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व और गुण रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इस लेख में, हम हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ और रक्त शर्करा के साथ-साथ उसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Health Benefits of Green Chillies: हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ:

Source of Vitamin C: विटामिन सी का स्रोत: हरी मिर्च में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिससे आपका इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

Source of Vitamin A विटामिन ए का स्रोत: यह मिर्च विटामिन ए की भरपूर मात्रा प्रदान करती है, जिससे आपकी दृष्टि स्वस्थ रहती है और रात को भी अच्छी नींद आती है।

Partial source of calcium: आंशिक कैल्शियम का स्रोत: हरी मिर्च में कैल्शियम की मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है।

Rich amount of fiber फाइबर की भरपूर मात्रा: यह मिर्च फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन क्रिया को सुधारकर आपको कब्ज से राहत दिलाता है।

Weight management: वजन प्रबंधन: हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन नामक तत्व आपके खाने की भूख को कम कर सकता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे वजन प्रबंधन हो सकता है।

Green chilies and blood sugar: हरी मिर्च और रक्त शर्करा:

हरी मिर्च में पाए जाने वाले कैप्सैसिन के तत्व के अनुसार, यह रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकती है। कैप्सैसिन मांसपेशियों के शिरों को बंद करके इंसुलिन के प्रवाह को बढ़ावा देने में मदद करता है जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है।

Uses of Green Chilli: हरी मिर्च के उपयोग:

सलाद में शामिल करें: हरी मिर्च को ताजा सलाद में शामिल करने से आपका भोजन स्वास्थ्यपूर्ण होता है और रक्त शर्करा की संज्ञा को भी सामान्य रखने में मदद मिल सकती है।

सब्जियों में शामिल करें: हरी मिर्च को सब्जियों में शामिल करके आप उसके स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं और एक स्वादिष्ट मेंगी भी अपने भोजन का आनंद उठा सकते हैं।

चटनी बनाएं: हरी मिर्च की चटनी बनाकर खाने से आपका खाना ज्यादा स्वादिष्ट और आकर्षक बन सकता है।

health benefits of green chili हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ

हरी मिर्च को भारतीय रसोई में खासी जगह मिलती है और यह न केवल खाने की चटपटाहट बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। निम्नलिखित हरी मिर्च के स्वास्थ्य लाभ आपको इसकी महत्वपूर्णता के प्रति जागरूक करेंगे:

- हरी मिर्च विटामिन सी का अच्छा स्रोत होती है, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करके आपको संक्रमण से लड़ने की क्षमता देता है।

- हरी मिर्च में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन प्रणाली को सुधारने में मदद करती है और कब्ज से राहत दिलाती है।

- हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन नामक तत्व आपकी भूख को कम कर सकता है और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जिससे वजन प्रबंधन हो सकता है।

- हरी मिर्च में पोटैशियम की भी अच्छी मात्रा होती है, जो हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।

- हरी मिर्च में मौजूद कैप्सैसिन दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, जैसे कि मांसपेशियों के दर्द और माइग्रेन।

- यह मिर्च विटामिन ए की भरपूर मात्रा प्रदान करती है, जिससे आपकी दृष्टि स्वस्थ रहती है और रात को भी अच्छी नींद आती है।

- हरी मिर्च में आर्गेनिन नामक आमिनो एसिड की मात्रा होती है, जो शरीर के ऊतकों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है।

- हरी मिर्च में विटामिन सी और बी होते हैं, जो आपको फ्री रेडिकल्स से बचाकर शरीर को हानिकारक प्रदूषण से बचाते हैं।

ध्यान दें कि हरी मिर्च को अधिक मात्रा में खाने से पेट में जलन और उलटी की समस्या हो सकती है, इसलिए उसका सेवन संतुलित रूप से करें। यदि आपको पीपल के प्रति किसी भी प्रकार की एलर्जी हो, तो आपको हरी मिर्च से दूर रहना चाहिए। हरी मिर्च का सेवन संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन ध्यान दें कि हरी मिर्च की अधिक मात्रा से पाचन संक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए अधिकतम सावधानी बरतें और अगर आपके पास कोई मेडिकल कंडिशन है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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जयपुर। इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को मनाया जा रहा है, जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी के दूसरे दिन राखी बंधेंगी। गोविंददेवजी मंदिर में 31 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा। आराध्य गोविंददेवजी को दूसरे दिन शृंगार झांकी में राखी बांधी जाएगी और विशेष झांकी के दर्शन होंगे। जबकि लोग एक दिन पहले रात 9 बजे बाद ही राखी बांध लेंगे। यानी इस बार ठाकुरजी से पहले ही लोग राखी बांध लेंगे।

श्रावण पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे शुरू होगी, जो 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इस बार रक्षाबंधन के दिन 30 अगस्त को पूर्णिमा के साथ ही सुबह 10.59 बजे भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात 9.02 बजे तक रहेगी। रक्षाबंधन के दिन दिनभर भ्रदा का साया रहने से रात को ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेगी। इस बार सिर्फ 3 घंटे 26 मिनट ही राखी बांधने के लिए मिलेंगे।

शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में 31 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ठाकुरजी को राखी बांधी जाएगी। सुबह 9 बजकर 30 मिनट से सुबह 10 बजकर 15 मिनट तक ठाकुर श्रीजी के राखी धारण दर्शन शृंगार झांकी में होंगे। हालांकि मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि ठाकुरजी के राखी धारण कराने के लिए राखी व अन्य सामग्री एक दिन पहले ही 30 अगस्त को मंदिर कार्यालय में जमा करानी होगी।

प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा को ही रक्षाबंधन
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व अपराह्न व्यापिनी व प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाने का विधान है। 30 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी, लेकिन इसके साथ ही भद्रा शुरू हो जाएगी, भद्रा रात 9 बजकर 02 मिनट तक रहेगी। भद्रा रहित अपराह्न व्यापिनी त्रि मुहूर्ती पूर्णिमा में रक्षाबंधन मनाने का विधान है। 31 अगस्त को पूर्णिमा तीन मुहूर्त्त से कम होने के कारण रक्षाबंधन त्योहार 30 अगस्त को मनाया जाएगा।

दूसरे दिन भी बांधी जा सकेगी राखी
ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद शास्त्री का कहना है कि भद्रा में राखी नहीं बांधी जा सकती है। इस बार 30 अगस्त को रात 9.02 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे से व्यावहारिक दृष्टि से देखे तो रात को राखी बांधना संभव नहीं हो तो दूसरे दिन 31 अगस्त को भी पूर्णिमा होने से श्रवण पूजन कर राखी बांधी जा सकती है।

 

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सुबह भी बांध सकते हैं राखी
ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा का कहना है कि श्रावण शुक्ल चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा पर 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे से रात 9.02 बजे तक पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा रहेगी। ऐसे में भद्रा को टालकर रात 9.02 बजे के बाद मध्यरात्रि 12.28 बजे तक राखी बांधी जा सकती है। आवश्यकता हुई तो इस दिन सुबह 06.09 बजे से सुबह 9.27 बजे तक भी बांध सकते है।

जयपुर। श्रावण पुत्रदा एकादशी पर रविवार को अलसुबह से ही देव दर्शन, गलता स्नान व दान—पुण्य का दौर चला। भक्त तड़के मंगला झांकी से ही शहर के आराध्य गोविंददेवजी के दर्शना के लिए पहुंचे, वहीं गलता स्नान को भी लोगों की भीड़ जुटी। श्रावण महिने के आखिरी रविवार को गलता तीर्थ में कांवड़ियों का मेला सा लगा।

श्रावण महिने के आखिरी रविवार को गलता तीर्थ में रात से ही कांवड़ियों की भीड़ जुटी। अलसुबह से ही बोल बम ताड़क बम के जयकारों से गलता गूंज उठा, शहर तक जयकारों की आवाज सुनाई दी। बालिकाएं भी कांवड थामे नजर आई। वहीं कांवड़ यात्रा में महिलाएं कलश लिए चल रही थी। कांवड़ यात्रा में देशभक्ति के साथ मिशन चन्द्रयान—3 की झलक भी देखने को मिली। कांवड़िए धर्म ध्वज के साथ केसरिया पताकाए लिए भी चल रहे थे।

शिवालयों के लिए रवाना हुए भक्त
शहर में परकोटे के साथ बाहरी कॉलोनियों के लिए गलता से कांवड़ यात्रा तड़के से ही रवाना हुई। गलता पीठ के युवाचार्य राघवेन्द्र ने बताया कि गलता तीर्थ में रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। अलुसबह ही कांवड़ियों ने गलता स्नान करने के बाद कांवड़ में गलता तीर्थ का पवित्र जल लेकर विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हुए। गलता तीर्थ में कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कांवड़ियों ने गलता के विभिन्न मंदिरों के दर्शन भी किए।

59 दिवसीय श्रावण महोत्सव
उत्तर भारत की प्रमुख वैष्णव पीठ गलताजी में गलतापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में 59 दिवसीय श्रावण महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में श्रावण पुत्रदा एकादशी पर अलसुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु श्री गलता पीठ में स्नान, दर्शन, दान–पुण्य करने पहुंचे।

 

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आस्था का संगम
युवाचार्य स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि श्रावण महोत्सव में एकादशी पर श्रद्धा व आस्था का संगम देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान, दर्शन और दान–पुण्य करने के लिए गलता तीर्थ पहुंचे। श्रावण महोत्सव के तहत हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, झूला उत्सव, फूल बंगला, तुलसी जयंती आदि उत्सव मनाए गए।

Jaipur Indians - Jodhpur Sunrisers Match Today : राजस्थान प्रीमियर लीग T-20 ओपनिंग सेरेमनी आज जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में शाम 6 बजे शुरू होगा। राजस्थान राज्यपाल कलराज मिश्र, सीएम अशोक गहलोत और विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी इस समारोह का लुत्फ उठाएंगे। मशहूर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और बेबी डॉल फेम कनिका कपूर अपनी परफोर्मेंस से स्टेडियम में उपस्थित खेल प्रेमियों का दिल जीतेंगी। इस अवसर पर आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत भी रहेंगे। राजस्थान प्रीमियर लीग (RPL) का पहला मैच रात 8 बजे से जयपुर इंडियंस और जोधपुर सनराइजर्स के बीच खेला जाएगा। लीग में जयपुर इंडियंस, जोधपुर सनराइजर्स, भीलवाड़ा बुल्स, कोटा चैलेंजर्स, उदयपुर लेक सिटी, सीकर शेखावाटी शोल्डर की टीमें हिस्सा ले रही हैं।

क्रिकेट विश्व कप 1983 के भारतीय टीम के कप्तान रहे मशहूर आलराउंडर कपिल देव RPL T-20 के ब्रांड अबेंसेडर हैं। RPL की थीम पर बने गीत को सिंगर रविन्द्र उपाध्याय गाएंगे।



आरपीएल में छह टीमें करेंगी जोर आजमाइश - कपिल देव

आरपीएल ब्रांड अबेंसेडर पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने बताया, इस लीग में राजस्थान की छह टीमें खेल रही हैं। इनमें हर जिले का खिलाड़ी शामिल होगा। राजस्थान प्रीमियर लीग का समापन जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में होगा।

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RPL T-20 12 दिन चलेगा, छह टीमें शामिल

राजस्थान प्रीमियर लीग में कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। राजस्थान प्रीमियर लीग 12 दिन तक राजस्थान सहित देश में खेल प्रेमियों के दिल में हलचल पैदा करेगा। इसका समापन 10 सितम्बर को होगा। राजस्थान प्रीमियर लीग में शामिल छह टीमों के नाम इस प्रकार हैं -

- जयपुर इंडियंस
- जोधपुर सनराइजर्स
- भीलवाड़ा बुल्स
- कोटा चैलेंजर्स
- उदयपुर लेक सिटी
- सीकर शेखावाटी शोल्डर ।

राजस्थान प्रीमियर लीग में होंगे कुल 19 मैच


राजस्थान प्रीमियर लीग में कुल 19 मैच होंगे। जिसमें 9 मैच जोधपुर के बरकतुल्ला खां स्टेडियम में खेले जाएंगे, बाकि 10 मैच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले जाएंगे।

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Use of olive oil for food can cause cancer olive oil side effects : भारतीय खाने की ख़ास बात यह है कि यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी उपयुक्त होता है। इसमें स्थानीय मसालों और तेलों का विशेष महत्व होता है जो भारतीय खाने के व्यंजनों को उनकी खासियत देते हैं। इसी कड़ियाँ में, ऑलिव आयल का उपयोग करने के कुछ प्रतिकूल प्रभावों की बात की जाएगी जो कि इसके भारतीय खाने में उपयोग से हो सकते हैं। लेख में, हम जानेंगे कि क्या जैतून का तेल कैंसर के विकास में किसी प्रकार का हानिकारक कारक बन सकता है या यह सिर्फ एक विभिन्न पहलू है।

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Adverse health effects of olive oil: ऑलिव आयल के स्वास्थ्य से जुड़े प्रतिकूल प्रभाव:

विशिष्ट गंध: भारतीय व्यंजनों में तेलों का महत्वपूर्ण स्थान होता है, जो उन्हें अपने विशिष्ट स्वाद और गंध में रूचिकर बनाते हैं। ऑलिव आयल की मिलनसार गंध यहाँ के खानों के साथ मेल नहीं खाती है, जिससे खाने का आनंद कम हो सकता है।

तेल की गुणवत्ता: भारतीय खानों में उपयोग होने वाले तेलों में अनुशासित मात्रा में अनुमित गुणवत्ता होती है, जो कि ऑलिव आयल में नहीं पाई जा सकती। ऑलिव आयल में प्रतिकूल लोहे की मात्रा और अनुशासित गुणवत्ता नहीं होती है जिसके कारण यह खाने की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।

ऑलिव ऑयल का स्मोक पॉइंट : सरसों का तेल, नारियल तेल या घी के मुकाबले ऑलिव ऑयल का स्मोक पॉइंट काफी लो है। जिस वजह से यह दूसरे तेलों के मुकाबले जल्दी गर्म हो जाता है और धुआं उठने लगता है।

प्रसंस्कृत पकवानों का असर: भारतीय पकवानों में अक्सर तेल को उचित तरीके से प्रसंस्कृत किया जाता है जो कि खाने के स्वाद को बढ़ाता है। ऑलिव आयल इस प्रसंस्करण प्रक्रिया के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है जिससे खाने का स्वाद प्रभावित हो सकता है।

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Other adverse effects of olive oil: ऑलिव आयल के अन्य प्रतिकूल प्रभाव:

दाल में छौंक लगाना, भटूरे तलना, पकौड़े बनाना, पूरियां बनाना, समोसा, फ्रेंच फ्राइस, चिकन फ्राई आदि फूड्स के लिए ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल हानिकारक हो सकता है।

तापमान पर प्रभाव: ऑलिव आयल का तापमान पर ज्यादा प्रभाव होता है, जिसके कारण यह खाने की प्रक्रिया में असुविधा पैदा कर सकता है।

आपूर्ति की समस्या: भारत में ऑलिव आयल की सामान्य आपूर्ति में कई बार समस्याएँ होती हैं, जिसके कारण यह अधिक मात्रा में प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

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Can olive oil cause cancer? क्या जैतून का तेल कैंसर का कारक हो सकता है?

विज्ञान के अनुसार, अब तक कोई स्पष्ट और निश्चित रूप से सिद्धांत नहीं है जो यह साबित कर सके कि जैतून के तेल का सीधा संबंध कैंसर के विकास से होता है। यह सत्य है कि कुछ अध्ययनों ने जैतून के तेल में मौजूद कुछ तत्वों के अधिक मात्रा में सेल ग्रोथ को प्रोत्साहित कर सकते हैं, लेकिन यह भी यदि आप इसे मात्रा में उचित रूप से सेवन करें तो आपकी सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के एक शोध के मुताबिक, तेल को बहुत बार हीट करने या स्मोक पॉइंट से ज्यादा गर्म करने पर उसका फैट टूटने लगता है। जिस दौरान कैंसर बनाने वाले हानिकारक तत्वों का उत्पादन भी होता है।


ऑलिव आयल के अनुपयोगी गंध, तेल की गुणवत्ता में कमी, प्रसंस्कृत पकवानों पर असर, तापमान पर प्रभाव, और आपूर्ति की समस्या के कारण इसे भारतीय व्यंजनों में उपयोग करना उचित नहीं हो सकता है। इसके स्थान पर, हमें स्थानीय तेलों का उपयोग करके व्यंजनों का स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का ख्याल रखना चाहिए।

हालांकि, सामान्य पकवानों में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, हेल्दी फैट्स, एंटी इंफ्लामेटरी गुण और दिल की बीमारी व डायबिटीज से लड़ने की खासियत होती है।

नोट: इस लेख का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना है और इसमें दिए गए तथ्यों का उद्धारणिक रूप है। कृपया स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह पर्याप्त रूप से प्राप्त करें और अपनी आवश्यकताओं के आधार पर फैसला करें।

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नई दिल्ली। भारत, चीन और इंडोनेशिया 2030 तक जी20 देशों में दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी उम्र वाली आबादी वाले पांच देशोंं में से तीन होंगे। ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से की हालिया जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया ऐसी दहलीज पर खड़ी है, जहां आर्थिक ताकत पूर्वी देशों की ओर स्थानांतरित हो रही है। वैश्विक देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं। लेकिन डिजिटल और डाटा संचार ने दुनिया को पहले से कहीं अधिक परस्पर निर्भर बना दिया है। भारत और चीन, जी20 के लिए मुख्य विकास इंजन बने हुए हैं, लेकिन अन्य देश समावेशन और स्थिरता के मामले में बेहतर स्कोर कर रहे हैं। यूरोपीय देश, जापान और कोरिया जीवन प्रत्याशा से लेकर बैंक खातों वाली जनसंख्या की हिस्सेदारी जैसे कई संकेतकों पर आगे हैं।

जी20 देशों में मौजूद गरीबी का स्तर:

यह शोध इस बात की जांच करता है कि 2030 तक सभी के लिए न्यूनतम जीवन स्तर को बढ़ाने और कम उत्सर्जन वाले निवेश में तेजी लाने के लिए जी20 देशों को क्या करना होगा। जी20 अर्थव्यवस्थाओं में आधी से अधिक आबादी, लगभग 2.6 अरब लोग 'आर्थिक सशक्तिकरण' (इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि हर किसी के पास बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने के साधन हों) की रेखा से नीचे रहते हैं। विश्लेषण में पाया गया कि इस आबादी का 75 फीसदी से अधिक हिस्सा भारत और दक्षिण अफ्रीका में रहता है। इसके बाद ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया और मैक्सिको का स्थान है। यूरोप और उत्तरी अमरीका जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में लगभग 20-30 प्रतिशत लोग इस रेखा के नीचे रहते हैं। गरीबी कम करने के लिए जी20 अर्थव्यवस्थाओं को 2030 तक आवश्यक वस्तुओं पर खर्च में 21 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि करनी होगी।

50% तक घटाना होगा कार्बन उत्सर्जन:

पर्यावरण के लिहाज से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन सबसे कम है। सालाना 31 गीगाटन कार्बनडाइ ऑक्साइड उत्सर्जित करने वाली जी20 अर्थव्यवस्थाओं में इसे कम करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। लेकिन समय पर शुद्ध-शून्य के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कार्बन उत्सर्जन को 2020 के मुकाबले 2030 तक लगभग 50 प्रतिशत कम करना होगा। 2050 तक शुद्ध-शून्य के लिए मौजूदा खर्च के अलावा इस दशक के अंत में लगभग 35 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करने की आवश्यकता होगी। साथ ही कम उत्सर्जन वाली बिजली उत्पादन के लिए जीवाश्म ईंधन से दूरी, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा और उन संपत्तियों को रिटायर करना होगा जो भारी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसों का कारण बनती हैं।

कई मोर्चों पर हुई भारत की प्रशंसा:

रिपोर्ट में भारत के संबंध में कहा गया है कि जन धन खातों, आधार और मोबाइल ने वित्तीय समावेशन में सुधार किया है, जिससे सरकारी सब्सिडी के वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है। कोविन पोर्टल के माध्यम से भारत ने एक समग्र टीकाकरण पारिस्थितिकी तंत्र बनाया। पोषण से भरपूर फसलों का उत्पादन बढ़ाकर देश और वैश्विक स्तर पर मोटे अनाज के बारे में जागरुकता बढ़ाई है। यह दुनिया के सबसे सस्ते सौर ऊर्जा उत्पादकों में से एक है। साथ ही दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में भी भारत के प्रमुख खिलाड़ी बनने पर सराहना की गई।

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Raksha Bandhan 2023: रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ भाई-बहन के प्यार और उपहार के लेन-देन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जनरेशन जेड की पसंद के मुताबिक नए रंग-रूप में भी ढल गया है। पारंपरिक मोली और सजावटी राखी अब डिजिटल युग में ट्रेंडी और भाई की पसंद के अनुसार एलईडी, सोशल मीडिया आइकंस और फैशन ट्रेंड्स में भी नजर आने लगी हैं। इतना ही नहीं, इस पर्व के बहाने इको-फ्रेंडली सेलिब्रेशन का मैसेज भी दिया जा रहा है। युवाओं को लुभाने के लिए 30 रुपए से शुरू ईविल आई राखी है, तो सीनियर सिटीजंस के लिए खासतौर से कुंदन-मोती जड़ी राखियां पसंद आ रही हैं। कुंदन राखी की शुरुआत 200 रुपए से शुरू है।

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पर्व-पर्यावरण को जोड़ा

मार्केट में इको फ्रेंडली प्लांटेबल राखी भी मिल रही हैं। इन राखियों में पौधों के बीज होते हैं, जिन्हें गमले में उगा सकते हैं। इको फ्रेंडली राखी के पीछे संस्कृति, पर्यावरण और पर्व को एक साथ जोड़कर सोशल मैसेज देना है। इन राखियों से हरियाली का संदेश देते हुए पौधे लगाने को प्रेरित किया जा रहा है। सोशल मीडिया आइकंस से सजी राखी भी पसंद आ रही हैं, जिसकी कीमत 60 रुपए से शुरू है। साथ ही भाभियों के लिए 'कूलेस्ट भाभी', 'भाभी सा' लिखी खास चूड़ा राखियां भी ट्रेंड में हैं।

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काजू , पिस्ता, इलाइची, बादाम से भी बना रहे राखियां

ड्राई फ्रूट से बनी राखियां इस बार काफी यूनीक हैं। राखियों की खूबसूरती बढ़ाने के काजू, पिस्ता, बादाम, इलायची को फूलों की शेप दी गई है। ऐसी एक राखी की शुरुआती कीमत करीब 110 है। पूजा की थाली के भी नए डिजाइन उपलब्ध हैं। थाली को पेंटिंग, मिरर वर्क, चितेरा आर्ट से सजाया गया है। बच्चों की नन्ही कलाइयों के लिए पपेट और एलईडी वाली राखी भी हैं। राखी के स्पेशल फेस्टिव हैंपर्स भी मार्केट में प्री-ऑर्डर पर उपलब्ध हैं।

Rajasthan Assembly Elections 2023 : राजस्थान में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक दावेदारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। 21 से 23 अगस्त तक ब्लॉक स्तर पर टिकट की दावेदारी के लिए मांगे गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से आवेदन नहीं करने का मामला सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ब्लॉक स्तर पर दोनों ही नेताओं ने न तो स्वयं आवेदन किया और न ही अपने प्रतिनिधियों के जरिए आवेदन करवाया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित तमाम मंत्री-विधायकों, नेताओं ने ब्लॉक स्तर पर आवेदन किए हैं।

प्रदेश कांग्रेस की ओर से ब्लॉक स्तर पर भी पर्यवेक्षक लगाए गए थे। जिनके सामने दावेदारों को अपने आवेदन पत्र दाखिल करने थे। हालांकि प्रक्रिया में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई ब्लॉक स्तर पर आवेदन नहीं कर पाया तो वे जिला और प्रदेश स्तर पर भी आवेदन कर सकता है।



आज PEC सदस्यों के सामने दावेदार करेंगे आवेदन

सभी जिलों में चुनाव समिति के सदस्य के सामने भी आज अलग-अलग जिलों में विधानसभावार दावेदार आवेदन करेंगे। ऐसे में अब इस पर सभी की नजर रहेगी कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट प्रतिनिधियों की ओर से आवेदन किया जाता है या नहीं, या फिर वे सीधे ही अपने आवेदन प्रदेश स्तर पर करेंगे।

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प्रस्ताव पारित करवाया, गहलोत ही उम्मीदवार हों - हेम सिंह

महामंदिर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जोधपुर हेम सिंह ने बताया, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ब्लॉक स्तर पर आवेदन नहीं किया है, लेकिन हमारे महामंदिर ब्लॉक ने एक प्रस्ताव पारित करवाया है कि यहां से गहलोत ही उम्मीदवार हों।

सचिन पायलट ने नहीं किया आवेदन - अनिल चोपड़ा

टोंक विधानसभा क्षेत्र पर्यवेक्षक अनिल चोपड़ा ने कहा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके किसी भी प्रतिनिधि ने ब्लॉक स्तर पर टोंक से दावेदारी के लिए आवेदन नहीं किया है।

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जयपुर। राजधानी में पहली बार हैरिटेज नगर निगम में बने कांग्रेसी बोर्ड के खिलाफ कांग्रसी पार्षदों ने ही मोर्चा खोल दिया है। मेयर मुनेश गुर्जर और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के बीच सियासी अदावत बढ़ती ज रही है। इस बीच मेयर के खिलाफ कांग्रेस के साथ कुछ निर्दलीय पार्षद उतर आए है। कांग्रेसी पार्षदों ने आज सीएम से व्यक्तिगत मिलने के लिए समय मांगा है। वहीं मेयर मुनेश गुर्जर ने भी सीएम से मिलने का समय मांग रखा है, हालांकि अभी तक मेयर की सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई है।

मेयर के खिलाफ उतरे कांग्रेसी पार्षदों ने एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंच ज्ञापन सौंपा, जिसमें मेयर को गिरफ्तार करने की मांग उठा रखी थी, अब इन पार्षदों ने आज सीएम से व्यक्तिगत मिलने का समय मांगा है। पार्षदों का कहना है कि सीएम से समय मिला तो मेयर की शिकायत करने के साथ उनसे मेयर को गिरफ्तार कराने की मांग करेंगे। वहीं मेयर मुनेश गुर्जर ने भी सीएम से मुलाकात का समय मांग रखा है। जानकारों की मानें तो मेयर मुनेश गुर्जर की अगर सीएम से मुलाकात होती है तो वे सीएम से मिलकर अतिरिक्त आयुक्त के साथ हुए विवाद प्रकरण की पूरी जानकारी देने के साथ हैरिटेज निगम में विधायकों के दखल को लेकर भी शिकायत करेंगी।

 

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विवाद ने यूं पकड़ा तूल
एक दिन पहले मेयर मुनेश गुर्जर ने सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया तो शाम को मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के निवास पर विधायक रफीक खान व अमीन कागजी के साथ कांग्रेस व कांग्रेस समर्थित निर्दलीय करीब 37 पार्षद जुटे। पार्षदों ने मेयर को गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। प्रताप नगर थाना इलाके में गुरुवार को एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली चार साल की मासूम से गलत हरकत करने का मामला दर्ज हुआ है। मामला तीन दिन पुराना है। बच्ची को नहलाते समय इसका पता चला। मां के पूछने पर मासूम ने बताया कि स्कूल में एक बड़े भैया ने उसे मारा। पुलिस अब स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।

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एडिशनल डीसीपी (वुमन सेल) नारायण लाल तिवाड़ी ने बताया कि पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि बच्ची प्रताप नगर के एक प्राइवेट स्कूल में नर्सरी क्लास में पढ़ती है। अठारह अगस्त को नहलाते समय बच्ची दर्द के कारण रोने लगी। इस पर मां ने चोट लगने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि स्कूल के बड़े भैया ने मारा है। इसके बाद बच्ची का इलाज करवाया गया। बच्ची के माता-पिता ने 22 अगस्त को स्कूल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें वापस भेज दिया। तिवाड़ी ने बताया कि बच्ची का मेडिकल करवाया गया है। स्कूल में किस जगह की बात है और किस लड़के ने उसके साथ गलत हरकत की है इसकी जांच की जा रही है।

जयपुर। कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी की तबीयत खराब हो गई है। जिसकी वजह से उन्हें मानसरोवर मंगलम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टर डूडी का इलाज कर रहे है। डूडी को ब्रेन हेमरेज होना सामने आ रहा है।

एग्रो बोर्ड अध्यक्ष रामेश्वर डूडी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अस्पताल पहुंचे। सीएम गहलोत ने डॉक्टरों से डूडी के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी ली। साथ ही इलाज को लेकर दिशा निर्देश दिए। डॉक्टरों के अनुसार डूडी के स्वास्थ्य में अब सुधार है।

बता दें कि रामेश्वर डूडी की रविवार सुबह तबीयत बिगड़ी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज को लेकर उनका इलाज करना शुरू किया। डूडी की तबीयत बिगड़ने के बाद कांग्रेस नेताओं का अस्पताल में आने जाने का सिलसिला जारी है। वहीं बीकानेर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिशनाराम भी जयपुर के लिए रवाना हो गए है। अस्पताल में डूडी के समर्थकों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

जयपुर। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से ब्लॉक से लेकर प्रदेश लेवल तक दावेदारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। 21 से 23 अगस्त तक ब्लॉक लेवल पर टिकट के दावेदारी के लिए मांगे गए आवेदन के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूरे डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से आवेदन नहीं करने का मामला सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ब्लॉक लेवल पर दोनों ही नेताओं ने न तो स्वयं आवेदन किया और नहीं अपने प्रतिनिधियों के जरिए आवेदन करवाया, जबकि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित तमाम मंत्री-विधायकों, नेताओं ने ब्लॉक लेवल पर आवेदन किए हैं।

प्रदेश कांग्रेस की ओर से ब्लॉक लेवल पर भी पर्यवेक्षक लगाए गए थे जिनके सामने दावेदारों को अपने आवेदन पत्र दाखिल करने थे। हालांकि आवेदन की प्रक्रिया में स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई ब्लॉक लेवल पर आवेदन नहीं कर पाया तो वे जिला और प्रदेश लेवल पर भी आवेदन कर सकता है।

आज पीईसी सदस्यों के सामने दावेदार करेंगे आवेदन

वहीं प्रदेश के सभी जिलों में प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त किए गए इलेक्शन कमेटी के सदस्य के सामने भी आज अलग-अलग जिलों में विधानसभावार दावेदार आवेदन करेंगे। ऐसे में अब इस पर भी सभी की नजर रहेगी कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट प्रतिनिधियों की ओर से आवेदन किया जाता है या नहीं, या फिर वे सीधे ही अपने आवेदन प्रदेश लेवल पर करेंगे।

इनका कहना है

मुख्यमंत्री गहलोत ने ब्लॉक लेवल पर आवेदन नहीं किया है लेकिन हमारे महामंदिर ब्लॉक ने एक प्रस्ताव पारित करवाया है कि यहां से गहलोत ही उम्मीदवार हों।

हेम सिंह

अध्यक्ष, महामंदिर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, जोधपुर

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके किसी भी प्रतिनिधि ने ब्लॉक लेवल पर टोंक से दावेदारी के लिए आवेदन नहीं किया है।

अनिल चोपड़ा

पर्यवेक्षक टोंक विधानसभा क्षेत्र

 

वीडियो देखें-ASI Kidnapped in Dholpur: जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं...तो जनता किसके भरोसे रहे..? | Rajasthan News

 

 

 

 

 

जयपुर। श्रावणी पूर्णिमा पर संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत निदेशालय की ओर से संस्कृत-संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए 29 अगस्त को बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में विद्वानों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

संस्कृत शिक्षा के निदेशक डॉ. भास्कर शर्मा 'श्रोत्रिय' ने बताया कि इसके तहत 1 लाख रुपये का संस्कृत साधना शिखर सम्मान इस वर्ष पं. सांवरमल शर्मा को दिया जाएगा। 51,000 रुपए का संस्कृत साधना सम्मान डॉ. दीरघराम रामस्नेही व डॉ. गजानन मिश्र को दिया जाएगा। इसी के साथ 31 हजार के 6 संस्कृत—विद्वत् सम्मान, 21 हजार रुपये के संस्कृत-युवा-प्रतिभा-सम्मान के तहत 12 विद्वानों का सम्मान दिया जाएगा। साथ ही विशष्ट सेवा सम्मान, भामाशाह प्रेरक सम्मान एवं मन्त्रालयिक सेवा सम्मान भी दिये जायेंगे।

संस्कृत शिक्षा में अव्वल आने वालों का भी सम्मान
संस्कृत शिक्षा की संयुक्त निदेशक डॉ. शालिनी सक्सेना ने बताया कि विद्वानों के अतिरिक्त प्रवेशिका, वरिष्ठ उपाध्याय, शास्त्री, आचार्य, शिक्षा शास्त्री सहित संस्कृत शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर प्रथम स्थान पर रहे छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया जाएगा। सबसे अधिक प्रवेश व परिणाम देने वाली संस्थाओं को भी इसी समारोह के तहत सम्मानित किया जाएगा। समारोह में विद्वानों, संस्थाओं व छात्रों को मिलाकर 58 सम्मान दिए जाएंगे।

Ayurvedic Herbs To Reduce High Uric Acid : हाई यूरिक अम्ल (High Uric Acid) किसी भी व्यक्ति की स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है और यह गठिया (Gout) जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियाँ और आयुर्वेदिक उपचार हैं जो ऊचे यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को कम करने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद में त्रिदोषों (वात, पित्त, कफ) को समझकर रोगों का उपचार किया जाता है। आपको बता दें कि जब रक्त में यूरिक एसिड बढ़ता है तो इसे हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है जो गठिया का कारण बनता है, जिसमें जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या देखने को मिलती है।

यहाँ, हम कुछ ऐसी प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के बारे में चर्चा करेंगे जो ऊचे यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। आयुर्वेदिक औषधियां दोषों का संतुलन करती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में गठिया को वात दोष रूप में जाना जाता है, यह वात के असंतुलन के कारण होता है।

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गिलोय (Guduchi):
गिलोय को 'अमृता' भी कहा जाता है और यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है। यह यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को कम करने में सहायक हो सकता है और गठिया के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है।

मेथी (Fenugreek):
मेथी के बीजों में विशेष रूप से एक उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो यूरिक अम्ल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। मेथी के पत्तों का सेवन भी यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को कम करने में सहायक हो सकता है।

सोंठ (Ginger):
सोंठ के गुणों के कारण यह आयुर्वेदिक उपाय भी यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को कम करने में मदद कर सकता है। यह शरीर की पाचन प्रणाली को सुधारने में भी मदद कर सकता है जिससे यूरिक अम्ल की मात्रा कम हो सकती है।

अश्वगंधा (Ashwagandha):
अश्वगंधा एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपाय है जिसका उपयोग स्वास्थ्य सुधारने में किया जाता है। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो सकती है और यूरिक अम्ल (High Uric Acid) की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

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आंवला (Indian Gooseberry):
आंवला में विटामिन सी की अधिक मात्रा होती है जो यूरिक अम्ल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, आंवला का सेवन शरीर की पाचन प्रणाली को सुधारने में भी मदद कर सकता है।

नीम (Neem):
नीम के पत्तों और बीजों में यूरिक अम्ल (High Uric Acid) को कम करने के गुण हो सकते हैं। नीम के प्रयोग से शरीर की साफ़ाई और अंतर्दोष प्रणाली में सुधार हो सकती है जिससे यूरिक अम्ल (High Uric Acid) की मात्रा कम हो सकती है।

पुनर्नवा (Punarnava):
पुनर्नवा के पौधों की जड़ों का सेवन भी यूरिक अम्ल (High Uric Acid) की मात्रा को कम करने में मदद कर सकता है। यह शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है जिससे यूरिक अम्ल के स्तर में सुधार हो सकता है।

यूरिक अम्ल (High Uric Acid) के स्तर को कम करने के लिए उपरोक्त आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का नियमित रूप से सेवन करना महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन आपको किसी भी नए आयुर्वेदिक उपाय का शुरुआती रूप से प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। आयुर्वेदिक उपचार के साथ-साथ स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी पीना और नियमित व्यायाम का भी पालन करना आवश्यक होता है।

कृपया ध्यान दें कि यह आपके स्वास्थ्य पर पूरी तरह से निर्भर करता है और आपको किसी भी नए उपचार को आजमाने से पहले अपने विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

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जयपुर. स्टेज पर गीत गाते, मंच के सामने गानों की धुन पर दोस्तों संग थिरकते, हंसते-मुस्कुराते देश-दुनिया से आए युवाओं ने जब एक साथ कदम से कदम मिलाए, तो अपनी विरासत को साझा करने का जज्बा सभी के चेहरे पर नजर आया। जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में शनिवार को आइसेक की ओर से 'ग्लोबल विलेज फेस्ट' का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से अपने देश की खुश्बू और संस्कृति को समेटे जापान, मिस्र, तुर्की, मोरक्को, जर्मनी जैसे देशों के युवाओं ने पिंकसिटी की मेहमान नवाजी के बीच तैयारी शुरू की। दोपहर की धूप और उमस के बावजूद, लाइव बैंड की परफॉर्मेंस, बीट बॉक्सिंग और सिंगिंग टैलेंट के बीच युवाओं ने थिरकना और गुनगुनाना जारी रखा। शाम होते-होते जेकेके में युवा जोश से लबरेज हूटिंग और म्यूजिक फेस्ट का रंग हर सिम्त छाया हुआ नजर आ रहा था।

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शिल्पग्राम में अलग-अलग देशों से आए युवा प्रतिनिधियों ने अपने कल्चर और हेरिटेज को दिखाती स्टॉल्स सजाई थीं। इन्हें देखकर फेस्ट के 'ग्लोबल विलेज' की थीम परफेक्ट लग रही थी। युवाओं के जोश और कल्पनाओं से उपजे इस ग्लोबल फेस्ट में शाम को अैलेंट हंट और फैशन शो का भी आयोजन हुआ।

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अलग-अलग देशों से आए युवा प्रतिनिधियों ने अपने देश के कल्चर को रिप्रेजेंट करते परिधान, मेकअप, गहने और प्रोप्स के साथ रैम्प वॉक किया। मिस्र, तुर्की, मोरक्को, जापान और जर्मनी से आए युवाओं ने अपने देश के व्यंजनों, फैशन और गीत-संगीत के जरिये संदेश दिया कि एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए पहले एक-दूसरे को समझना जरूरी है। नाटक और क्लासिकल डांस की प्रस्तुति ने सभी युवा विदेशी पावणों को भी 'वाओ' कहने पर विवश कर दिया।

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वैश्विक चुनौतियों पर किया मंथन

फेस्ट में दिनभर युवा चेंजमेकर्स की लीडरशिप में वैश्विक चुनौतियों और समाधानों को लेकर विचारोत्तेजक चर्चाएं, वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन और सेमिनार आयोजित हुए। फेस्ट ने युवाओं को समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रेरित किया। आइसेक के अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने कहा कि फेस्ट मतभेदों को स्वीकार कर शांतिपूर्ण और परस्पर जुड़े हुए विश्व के निर्माण का साझा प्रयास है।

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जयपुर. राजधानी में मौसमी बीमारियां प्रकोप दिखा रही हैं। घर-घर में वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी, निमोनिया के अलावा डेंगू व स्क्रब टाइफस के मरीज मिल रहे हैं। मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के प्रकोप से बचाने के लिए राजधानी के दोनों नगर निगम व्यापक स्तर पर फॉगिंग करवा रहे हैं। दोनों ही नगर निगम प्रतिदिन छह-छह वार्डों में फॉगिंग करवा रहे हैं। एक बार सभी वार्डों में फॉगिंग होने के बाद फिर से फॉगिंग करवाई जाएगी। यानी एक बार फॉगिंग होने के बाद दूसरी बार 20 से 26 दिन में बारी आएगी। वहीं, वीवीआईपी की आवाजाही और शिकायतों के निस्तारण के लिए अलग से टीमें गठित की गई हैं। औसतन 20 शिकायत रोज आ रही हैं।

सवाई मानसिंह अस्पताल, जेके लोन, कांवटिया समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी व आईपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एसएमएस व जेके लोन अस्पताल में मेडिसिन वार्ड में बेड फुल हो गए हैं। चिकित्सकों को अन्य विभागों के वार्डों में वैकल्पिक इंतजाम कर मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं।

ओपीडी में आ रहे मरीजों में 30 से 35 फीसदी मौसमी बीमारियों की चपेट में हैं। रोजाना 80 से 100 मरीज भर्ती भी हो रहे हैं। मरीजों को ठीक होने में आठ से दस दिन का समय लग रहा है। एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी 10 हजार से 13 हजार तक पहुंच गई है। पांच-छह दिन का आंकड़ा देखें तो डेंगू, स्क्रब टायफस के अलावा चिकनगुनिया के केस भी बढ़े हैं।

स्क्रब टायफस बच्चों के दिमाग तक पहुंच रहा
जेके लोन अस्पताल में भी ओपीडी 1400 को पार कर गई है। यहां भी वायरल फीवर के अलावा निमोनिया, डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। स्क्रब टाइफस के कारण गंभीर हालत में बच्चों को लाया जा रहा है। अस्पताल के वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि स्क्रब टायफस बच्चों के दिमाग पर असर कर रहा है। इससे उनमें बेहोशी, दौरे आना जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।

Rajasthan Latest monsoon Update : राजस्थान में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। जुलाई और फिर 23 अगस्त तक जहां मानसून राजस्थान में सक्रिय था। अब उसकी दिशा बदल गई है। मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तलहटी की तरफ घूम गई है। उसके बाद से तो ऐसा लग रहा है कि मानसून राजस्थान से चला गया है। अगस्त महीने के बस चार ही दिन बाकी हैं। इन चार दिन मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के किसी भी जिले में बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। मौसम शुष्क हो गया है। अगर कहीं किसी जिले में बारिश हुई तो सिर्फ लोकल स्तर हुए मौसम में बदलाव की वजह से होगा। पर मौसम विज्ञानियों ने बताया है कि 1 सितम्बर से 7 सितम्बर के बीच राजस्थान में मानसून वापसी कर सकता है। कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश होगी। पर उसके बार उम्मीद है कि राजस्थान में मानसून सक्रिय हो जाए।



जयपुर का मौसम आज और कल, जानें

जयपुर का मौसम आज और कल कैसा रहेगा। जयपुर में आज रविवार को भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। बार बार सूरज निकलता है। फिर छिप जाता है। बादल-सूरज में नूराकुश्ती चल रही है। बावजूद इसके बारिश कोई संभावना नही है। पर छुटपुट बारिश हो जाए तो कहा नहीं जा सकता है। दोपहर 1.15 P.M. पर जयपुर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस है। वैसे जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कल 28 अक्टूबर को जयपुर का मौसम शुष्क रहेगा।

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सितंबर में भी बारिश सामान्य से कम रहने के आसार - मौसम वैज्ञानिक

मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि राजस्थान सहित देश में अगस्त के बाद अब सितंबर में भी बारिश सामान्य से कम रहने के आसार बन रहे हैं। इसके म्याने है कि ये मानसून सीजन (30 सितंबर तक) सामान्य कम बारिश के साथ खत्म होगा। औसतन 94 फीसद से 106 फीसद बारिश को सामान्य श्रेणी में माना जाता है।

अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका - IMD Alert

भारतीय मौसम विभाग भी अगले हफ्ते सितंबर के लिए अपना पूर्वानुमान जारी करने वाला है। हालांकि आईएमडी ने जुलाई के आखिर में मिड-मानसून पूर्वानुमान में अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई थी।

अब तक 18 फीसदी अधिक बारिश बरसात

राजस्थान में मानसून के आंकड़ों के अनुसार अभी तक सामान्य से 18 फीसदी ज्यादा पानी बरस चुका है। मानसून सीजन में 1 जून - 26 अगस्त के बीच वैसे तो औसत बारिश 353.7 M.M. होती है पर अभी तक अब तक 415.7MM बारिश हो चुकी है।

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जयपुर। श्रावण शुक्ल एकादशी पर रविवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में पवित्रा का पूजन किया गया। ये पवित्रा श्रावण शुक्ल द्वादशी पर सोमवार को ठाकुरजी को धारण करवाई जाएगी। गोविंददेवजी मंदिर में आज मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में राजभोग झांकी से पहले पवित्रा का वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया।
मंदिर प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि श्रावण शुक्ल द्वादशी पर गोविंददेवजी और राधा जी सहित अन्य सभी विग्रहों को पवित्रा धारण कराई जाएगी। चमकीले रेशम से बनाई गई मुख्य दो पवित्रा ठाकुरजी को पोशाक के ऊपर धारण करवाई जाएंगी। धूप झांकी से शयन झांकी तक ठाकुरजी पवित्रा धारण किए रहेंगे। पीले और केसरिया सूत की पांच अन्य पवित्रा में 108 गांठ है। ये सात पवित्रा ठाकुरजी, राधाजी, सखियों सहित अन्य विग्रहों को धारण कराई जाएगी। 216 पवित्रा ठाकुरजी के झूले के बांधी जाएगी।

उधर चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में पवित्रा एकादशी पर प्रथम पूज्य को सवामन हलवे का भोग लगाया गया। इससे पहले महंत राहुल शर्मा व युवाचार्य प. अमित शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी का केवड़ा, केसर जल एवं पंचामृत से अभिषेक किया गया।

7 Japanese Superfoods Unveiling the Path to a Centenarian Life : जब हम जापान की आयुर्वेदिक विचारधारा की बात करते हैं, तो हम सोचते हैं कि उनके दीर्घ जीवन के पीछे खानपान की विशेष भूमिका हो सकती है। जापानी लोगों की लम्बी आयु का रहस्य उनके आहार में छिपा होता है, जिसमें कई ऐसे आहार होते हैं जो उन्हें स्वस्थ और सुखद जीवन जीने में मदद करते हैं। यहाँ, हम आपको 7 ऐसे आहार के बारे में बता रहे हैं जिनका (food secrets behind long lives of japanese people) सेवन करके आप भी लंबे और स्वस्थ जीवन का आनंद उठा सकते हैं।

फिश (Fish): जापान में मछली खाने की परंपरा बहुत पुरानी है और यह उनके दीर्घ जीवन के एक महत्वपूर्ण कारण मानी जाती है। मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जो हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं और खून की चर्चा को कम करने में मदद करते हैं।

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Plant-based diet वनस्पति आहार: जापानी लोग अक्सर वनस्पति आहार खाते हैं, जैसे कि सोया, टोफू, मिसो और वनस्पतियों से बनी चीजें। ये आहार उन्हें फाइटो-एस्ट्रोजेन्स प्रदान करते हैं जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं और कैंसर के खिलाफ रक्षा करते हैं।

Rice and Whole Grains चावल और साबुत अनाज: जापान में चावल और साबुत अनाजों का सेवन करने की परंपरा है, जो उनके आहार का मुख्य हिस्सा होते हैं। ये अच्छे कार्बोहाइड्रेट्स प्रदान करते हैं जो ऊर्जा के स्रोत के रूप में काम करते हैं और पेट को भरपूर महसूस करने में मदद करते हैं।

Vegetables सब्जियां: जापानी खाने में सब्जियों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। विभिन्न प्रकार की सब्जियां उन्हें विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की मात्रा प्रदान करती हैं, जो उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

Seafood सीफूड (समुंद्री खाद्य): जापान में सीफूड का सेवन भी आम है और इसमें विभिन्न प्रकार के समुंद्री जीवों को शामिल किया जाता है, जैसे कि क्रैब, श्रिम्प, स्क्विड आदि। सीफूड में प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों की मजबूती को बढ़ावा देता है और विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है।

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Green Tea ग्रीन टी: जापान में ग्रीन टी की पारंपरिक चाय का सेवन करना आम है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आपके शरीर को रोगों से बचाने में मदद करते हैं और आपकी त्वचा को भी स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।

Fruits फल: जापानी आहार में फलों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। विभिन्न प्रकार के फल उन्हें विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रदान करते हैं और उनके पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में मदद करते हैं।

food secrets behind long lives of japanese people

food secrets behind long lives of japanese people : इन 7 आहारों को अपने खानपान में शामिल करके आप भी जापानी लोगों की तरह दीर्घ और स्वस्थ जीवन का आनंद उठा सकते हैं। याद रखें, आहार सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए स्वस्थ आहार का पालन करते हुए हम भी एक लंबे और खुशहाल जीवन का आनंद उठा सकते हैं।

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जयपुर में अपहरण कर एक विवाहिता से दस दिन तक गैंगरेप की एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा कि आरोपी ने एक परिचित विवाहिता महिला को फोन कर कहा, पिता की तबीयत खराब है। जल्द चले आओ। अस्पताल के लिए जाने वाले रास्ते में खड़ा हूं। महिला घबरा कर जल्दी से मौके पर पहुंची। जहां आरोपी बाइक लेकर मिला। महिला ने कई बार सवाल किया। पर आरोपी लगातार उसे गुमराह करता रहा। फिर महिला को ट्रेन में बैठाकर गोरखपुर ले गया। जहां एक कमरे में बंद कर दिया। फिर उससे जबरदस्ती करने की कोशिश की। जब महिला नहीं मानी तो आरोपी ने मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ रेप किया। 22 अगस्त को उसका भाई लखनलाल भी आ गया। फिर दोनों भाइयों ने उसके साथ करीब दस दिन तक कमरे में बंधक बनाकर गैंगरेप किया। 13 अगस्त को विवाहिता के अचानक लापता होने पर देवर ने बस्सी थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी।

बस्सी थाना पुलिस ने विवाहिता को ढूंढ़ निकाला

गुमशुदगी दर्ज होने पर बस्सी थाना पुलिस अलर्ट हो गई। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि गुमशुदा विवाहिता गोरखपुर में है। पुलिस परिजनों को लेकर गोरखपुर पहुंची। पुलिस ने विवाहिता को ढूंढ़ निकाला।

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दोनों आरोपी भाईयों पर एफआईआर दर्ज

जयपुर आने के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। जिसके बाद बस्सी थाने में पीड़िता की शिकायत पर दौसा निवासी दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। मामले की जांच ACP (बस्सी) फूलचंद मीना कर रहे हैं।

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Rajasthan monsoon Update : राजस्थान में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अभी अभी मौसम विभाग का अलर्ट है कि आने वाले तीन घंटे में राजस्थान के पांच जिलों में झमाझम बारिश होगी। साथ ही मेघ गर्जना का भी अलर्ट है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आने वाले तीन घंटे में दौसा, चुरू, करौली, झुंझुनू व हनुमानगढ़ जिलों में हल्की वर्षा होने के आसार हैं। साथ ही मेघ गरजना भी होगी। वैसे तो मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तलहटी की तरफ घूम गया है। जिसके बाद से मानसून राजस्थान से चला गया है। अगस्त महीने के बस चार ही दिन बाकी हैं। राजस्थान का मौसम शुष्क हो गया है। पर अभी आई उस खबर ने सबको चौंका दिया है। मौसम विज्ञानियों ने बताया है कि 1 सितम्बर से 7 सितम्बर के बीच राजस्थान में मानसून वापसी कर सकता है। कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश होगी।

आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

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ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 1 और भाग्यांक 7 है। आज के दिन में सिर्फ आप अपनी योग्यता का पूरा उपयोग कर पाएंगे। बल्कि आसपास के लोगों से सहयोग भी बेहतर मिल पाएगा। सहयोग और सही मैनेजमेंट के कारण अवसरों का मैक्सिमम फायदा मिल पाएगा। कुछ लोग आलोचनाओं के जरिए आपके आत्मविश्वास को डिगाने की कोशिश करेंगे ऐसे में और अधिक परिश्रम और दृढ़ता दिखानी होगी। मूलांक 1,2,3,5,7 और 9 वालों के लिए आज का दिन बेहतर रहने की संभावना है।

टैरो कार्ड के अनुसार आज का कार्ड द मून है। आज के दिन में थोड़ा तनाव थोड़ी बढ़ी हुई कल्पनाशीलता के साथ अपने पहले से डिजाइन किए गए कार्यों के प्रति नकारात्मक दृढ़ता दिखाई दे सकती है। अगर परिस्थितियों अनुकूल हो तो ही अपनी कल्पनाओं को पूरा करने के लिए आगे बढ़े टैरो कार्ड आपको सलाह देते हैं कि प्रतिकूल परिस्थितियों में शांत रहना श्रेष्ठ रहेगा।

वैदिक ज्योतिष (मूनसाइन — सनसाइन)

सनसाइन के अनुसार कार्य स्थल पर आज कार्यों के प्रति थोड़ी उदासीनता और अन्य गतिविधियों में अभिरुचि बढ़ने से कार्य की धीमी प्रगति रह सकती है। उच्च अधिकारी अपने अधिकारों को कठोरता से प्रयोग करते दिखाई दे सकते हैं। लेकिन इन सब के बीच आपसी समन्वय बेहतर रहने के कारण दिन के अंतिम भाग में बेहतर कार्य गति होने से चीज़ अपनी सही स्तर को छू सकती हैं। व्यक्तिवाद से बचना होगा।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन साथी अपने पूरे अधिकारों का उपयोग करते हुए उत्साह और आनंद में कुछ विशेष कार्य योजना बना सकता है। इससे आपके कार्य भी प्रभावित होंगे और धन भी प्रभावित होने की संभावना है।


कैसा रहेगा साप्ताहिक दाम्पत्य राशिफल

दांपत्य जीवन के अनुसार आने वाला सप्ताह सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। कुछ मांगलिक सूचनाओं मिलने से परिवार में प्रसन्नता का भाव रहेगा। ऐसे विषयों पर भी चर्चा होगी जिसे मां के आपसी तनाव या किसी प्रकार के संभावित टकराव को दूर करने में मदद मिलेगी। धन की व्यवस्थाएं सुगम तरीके से होने से मन प्रसन्न रहेगा धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में एक दूसरे के साथ सौहार्द और समन्वय की स्थिति बनी रहने से उल्लास का वातावरण रहेगा।

आपका सवाल

प्रश्न: मंदिर में जो पूजा करते है वो ही यज्ञोपविति क्यों करते हैं?

उत्तर: केवल पूजा करने के समय ही नहीं सभी लोग हमेशा जनेऊ पहन सकते हैं। जनेऊ पहनने के कुछ नियम है उनके पालन करना आवश्यक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जनेऊ एक प्रकार से अपने दायित्वों को हमेशा स्मरण रखने के लिए पहनी जाती है। यह ईश्वर के प्रति समर्पण और ब्रह्मचर्य आश्रम गृहस्थ आश्रम वानप्रस्थ आश्रम और सन्यास आश्रम के कर्तव्य दायित्व और नियमों की परिपालन करने के लिए भी पहनी जाती है। सभी प्रकार के पूजा पाठ में जनेऊ धारण करना शुभ माना गया है।

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ज्यों पं चंदनश्यामनारायण व्यास पंचांगकर्ता

मेष- पारिवारिक आयोजनो में व्यस्त रहेंगे। माता के स्वास्थय सम्बन्धी समस्या रहेगी। पिता के व्यवहार से मन दुखी होगा। भाइयों के किए कार्यों से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

वृषभ- आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। जीवनसाथी से नोक झोक सम्भव है। पारिवारिक आयोजनो में सम्मलित नहीं हो पाएंगे। किसी विद्वान का मार्गदर्शन आगे बढ़ने में सहायक होगा।

मिथुन- समय रहते ज़रूरी काग़ज़ात सम्भाल लेंं। बिना बात के विवादों से बचें। परिवार के विवाद बड़ा रूप ले सकते हैं। जीवनसाथी के व्यवहार से दुःख होगा। धर्म के क्षेत्र में ख्याति मिलेगी।

कर्क- काम को करने के पहले समझे जल्दबाज़ी न करें। झूठ बोलने से बचें। बातों को इधर उधर करना बंद करें। आपके कृत्यों से दूसरों के घरों में विवाद स्थिति निर्मित हो सकती है। समझदारी से कार्य करें।

सिंह- आलस त्यागे और काम करें। अपनी कार्यकुशलता को तराशे प्रेम प्रसंग में तनाव बढ़ेगा। माता के साथ महत्वपूर्ण विषयों परिचर्चा होगी। संतान सुख सम्भव धर्म कर्म में रुचि बढ़ेगी।

कन्या- हर किसी की बातो को मान कर अपने सही उद्देश्य को भूल रहे है। जीवनसाथी के साथ चल रहे तनाव में नया मोड़ आ सकता है। निर्णय लेने में कमजोर साबित होंगे। किसी योग्य जन की सलाह लें।

तुला- परिवार में लगातार हो रही अनहोनी से दुखी एवं चिंतित रहेंगे। भाइयों से अनुकूल सहयोग मिलेगा। कार्य स्थल पर सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक- समय रहते आप की भूलने की आदत को सुधारें। आपकी इसी आदत के कारण परिवार में विवाद सम्भव है। व्यापार बदलने का मन बनेगा, अभी रुके विचार विमर्श कर निर्णय लें।

धनु- आजीविका के लिए भटकना पड़ेगा। भाइयों के साथ यात्रा के योग है। राजकार्य में बाधा आ सकती है। आर्थिक तंगी दूर होगी।


मकर- क्रोध की अधिकता रहेगी। चिड़चिड़े स्वभाव के कारण कार्य प्रभावित होंगे। समझदारी से कार्य करे शांत रहें। आप की परीक्षा की घड़ी है। धैर्य रखें, सफल होंगे। वाहन सुख सम्भव है।

कुम्भ- दिन शुभ है। सकारात्मक सोच से ही आगे बढ़ेंगे। दोस्तों के साथ मोज मस्ती में समय बीतेगा। आर्थिक मामले पक्ष में होंगे। ज़मीनजायदाद से सम्बंधित विवाद सहजता से पूरे होंगे।

मीन- आप की उन्नति से विरोधी परास्त होंगे। दिनचर्या में बदलाव लाए। अधिकारी वर्ग कार्यशेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। संतान के सहयोग से रुके कार्य पूरे होंगे। आर्थिक पक्ष मज़बूत होगा।

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ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत : 1445
मु. मास: सफर-10
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: शरद्
मास: द्वि.श्रावण (शुद्ध)
पक्ष: शुक्ल

शुभ मुहूर्त: आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विवाह, गृहारम्भ, गृह-प्रवेश, विपणि-व्यापारारम्भ, नामकरण, कूपारम्भ, हलप्रवहण व प्रसूति स्नान आदि के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त हैं। द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि सायं 06-23 बजे तक, तदुपरान्त त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जायेगी। द्वादशी तिथि में सभी चर व स्थिर कार्य, विवाहादि मांगलिक कार्य, जनेऊ व अन्य घरेलू कार्य करने योग्य हंै, पर द्वादशी में तेल लगाना व यात्रा नहीं करनी चाहिए।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 07-43 बजे तक अमृत, प्रात: 09-18 बजे से पूर्वाह्न 10-53 बजे तक शुभ तथा दोपहर बाद 02-03 बजे से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12-03 बजे से दोपहर 12-53 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।


दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है, पर आज पूर्वाह्न 10-40 बजे तक धनु राशि के चंद्रमा का वास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा, इसके बाद मकर राशि के चंद्रमा का वास दक्षिण दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चंद्रमा को लाभदायक व शुभ माना गया है।

राहुकाल: प्रात: 7-30 बजे से प्रात: 9-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

चंद्रमा: चंद्रमा पूर्वाह्न 10-40 बजे तक धनु राशि में, इसके बाद मकर राशि में प्रवेश होगा।

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नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा ''ध्रुव व ऊध्र्वमुख'' संज्ञक नक्षत्र अद्र्धरात्र्योत्तर 02-43 बजे तक, तदन्तर श्रवण ''चर व ऊध्र्वमुख'' संज्ञक नक्षत्र है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में देवस्थापन, घर, पुष्टता विभूषित करना, यात्रा, प्रवेश, बीजादि रोपण, मांगलिक विवाह व व्यापार-व्यवसाय आदि कार्य शुभ होते हैं।

योग: आयुष्मान नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: 09-56 बजे तक, तदुपरान्त अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: 06-01 बजे तक सौभाग्य नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग रात्रि 02-43 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक तथा रवियोग नामक दोष समूह नाशक शक्तिशाली शुभ योग अगले दिन रात्रि 11-50 बजे तक हैं।

करण : बव नामकरण प्रात: 07-58 बजे तक, तदन्तर बालव कौलव व तैतिल आदि करण क्रमश: हैं।


व्रतोत्सव: आज सोम प्रदोष व्रत, पवित्रा बारस, विष्णु पवित्रा रोपण, दामोदर द्वादशी, श्रावण वन सोमवार व्रत आदि व्रतोत्सव हैं।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (भे, भो, ज, जी, खि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: 10-40 बजे तक जन्मे जातकों की जन्म राशि धनु व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि मकर है। धनु राशि के स्वामी बृहस्पति व मकर राशि के स्वामी शनि हैं।

जयपुर। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के स्टूडेंट्स के इनोवेटिव आइडिया 'जयपुर की छोटी चौपड़ पर स्ट्रीट फर्नीचर के प्रपोजल' ने डिजाइन इंडिया इंटीरियर एक्सपो 2023 में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। एक होटल में आयोजित एक्सपो के 'इंस्टॉलेशन फॉर अर्बन इंटरवेंशन इन जयपुर' कॉम्पिटिशन में सभी टीमों को पछाड़कर यह पुरस्कार अपने नाम किया।

इस कॉम्पिटिशन में 10 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे, जिनके द्वारा छोटी चौपड़ के लिए इनोवेटिव फर्नीचर का डिजाइन प्रस्तुत किया गया। स्टूडेंट्स ने यह डिजाइन फैकल्टी गाइड आर्किटेक्ट संदीप कुमार के मार्गदर्शन में तैयार किया था।

छोटी चौपड़ अत्यंत व्यस्त स्थान है, जहां लोग घूमने और शॉपिंग करने आते रहते हैं। लोगों को इस व्यस्ततम स्थान पर बैठने और रिलेक्स होने के लिए आरामदायक सिटिंग के तौर पर स्टूडेंट्स ने यह डिजाइन तैयार किया था। इसमें उन्होंने जयपुर के हेरिटेज के अनुसार टैराकोटा जाली को शामिल किया है और एनवायरनमेंट फ्रेंडली रेड सैंड स्टोन का यूज किया है। एक्सपो के समापन पर ट्रिपलआईडी, जयपुर चैप्टर के चेयरमेन शीतल कुमार अग्रवाल ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

जयपुर। राजधानी जयपुर में ईलेक्ट्रीक्ल व्हीकल की परेशानियों को लेकर डीलर्स की मीटिंग हुई। अजमेर रोड स्थित एक होटल में एसोसिएशन ऑफ इलेक्ट्रिकल व्हीकल डीलर्स एंड ऑनर्स की फर्स्ट एनुअल जनरल मीटिंग हुई। कार्यक्रम में ई रिक्शा को लेकर आने वाली समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक रफीख खान रहे। जिन्हे एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार जैन और कोषाध्यक्ष जाकिर हुसैन भाटी ने विधायक को ई-रिक्शा मेंबर्स की समस्याओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही ई रिक्शा के लिए सब्सिडी को फिर से शुरू करने और उनके लाइसेंस बनाने की मांग की।

 

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कार्यक्रम में सरकार की ओर से ई रिक्शा बंद करने का विरोध भी किया। उन्होंने कहा कि यदि करना हीं है तो सड़कों पर से ई- रिक्शा हटाने के बजाए अतिक्रमण को हटाया जाए। ताकि शहर की सड़कों को जाम फ्री किया जा सके। चांदपोल बाजार से लेकर बड़ी चौपड़ तक सड़कों पर अतिक्रमण है। इसे हटाने के साथ हीं यहां ई-रिक्शा स्टैंड भी बनाया जाएं। जो ई-रिक्शा और कबाड़ या पुराने हो चुके हैं उनके लिए स्क्रैप पॉलिसी जारी हो। पुराने ई-रिक्शा के बदले नए ई-रिक्शा पर 10 हजार रूपए तक की सब्सिडी मिले।

कार्यक्रम में एसोसिएशन के 150 से अधिक सदस्य शामिल हुए। इन सभी मांगों को लेकर एसोसिएशन के सदस्यों ने विधायक रफीक खान को रूबरू कराया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन भी दिया। इसके साथ हीं संगठन के लिए भूमि-भवन की भी मांग की गई। कार्यक्रम में फोर्टिस के प्रेसिडेंट सुरेश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स महेश भम्मोदिया, वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी जाजोडीया, रमजान खान गारमेंट्स अध्यक्ष जाकिर हुसैन, गिर्राज पहाड़िया आदि उपस्थित रहे।

जयपुर. प्रताप नगर सेक्टर 26 में किराए से रहने वाले एक युवक ने कर्जे से परेशान होकर रविवार सुबह हलवे में जहर मिलाकर पत्नी, बेटे व बेटी को खिला दिया। युवक ने खुद ने भी जहर खा लिया। तबीयत बिगडऩे पर युवक ने कैब बुक करवाई और सभी को महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, जहां पर चिकित्सकों ने पांच माह के बेटे को मृत घोषित कर दिया। उपचार के दौरान युवक की पत्नी की भी मौत हो गई। वहीं युवक को गंभीर हालत होने पर एसएमएस अस्पताल व पांच वर्षीय बेटी को जेके लोन हॉस्पिटल रैफर किया गया। बेटी की तबीयत गंभीर बनी हुई है। सूचना पर डीसीपी ईस्ट ज्ञानचंद यादव और प्रताप नगर थानाधिकारी जहीर अब्बास मौके पर पहुंचे। मृतका के भाई ने बहन के ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताडऩा का मामला प्रताप नगर थाने में दर्ज करवाया है। डीसीपी यादव ने बताया कि घटना में प्रताप नगर सेक्टर 26 निवासी साक्षी शर्मा व उसके बेटे अर्थव की मौत हो गई। जबकि साक्षी के पति मनोज शर्मा व बेटी निया का इलाज चल रहा है। तीन माह पहले ही मनोज सेक्टर 26 में परिवार सहित रहने आया था। पुलिस मां-बेटे का सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाएगी।

कर्जे से था परेशान, परिवार से रहता था अलग

पुलिस व साक्षी के भाई शुभम ने बताया कि बहन की करीब 6 वर्ष पहले शादी हुई थी। जीजा मनोज शर्मा निजी कंपनी में काम करता था। बहन ससुर दिनेश चंद शर्मा आर्मी में अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं और उनका घर मानसरोवर स्थित कृष्णा सरोवर में है। ससुराल पक्ष ने बहन पर चोरी का आरोप लगा दिया था। इसके बाद से बहन व जीजा अलग किराए से रह रहे थे। जीजा का अपने परिवार से विवाद चल रहा था। परिजन भी रुपए उधार दिए थे। इसके अलावा मनोज ने बैंक व फाइनेंस कंपनी से भी उधार कर रखा था। उधार रुपए देने वाले परेशान कर रहे थे।

बेटे की डिलेवरी भरतपुर करवाई

शुभम ने बताया कि बहन को ससुराल वाले प्रताडि़त करते थे। एक बार जीजा ने तीन चार लाख रुपए कर्जे के उन्होंने उतार दिए थे। इसके बाद फिर जीजा ने कर्जा कर लिया। पांच माह पहले बहन की डिलेवरी भी उन्होंने भरतपुर में करवाई थी। जीजा के परिवारिक झगड़े और कर्जे ंने उनकी बहन और मासूम की जान ले ली।

जयपुर.

प्रताप नगर सेक्टर 26 में पुलिस की सूचना पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के वैज्ञानिक मौके पर पहुंचे। साक्षी के भाई शुभम ने बताया कि एफएसएल टीम के साथ वे भी किराए के भूतल पर बने घर के अंदर गए। वहां पर जहर की सात आठ पुड़ी पड़ी थी, जिनमें तीन चार खोलकर हलवे में मिलाई गई थी। एफएसएल टीम के मुताबिक शनिवार रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच में हलवा बनाया गया। शुभम ने बताया कि जीजा देर रात को कुछ न कुछ बनाकर खाने का शौक रखता था। जीजा ने गेहूं के आटे के हलवे में जहर मिला दिया और साक्षी, बेटे अर्थव व बेटी निया को खिला दिया। हलवा खाने पर निया ने उलटी कर दी। एफएसएल को मौके पर चॉकलेट भी मिली। आशंका है कि उलटी होने के बाद निया को चॉकलेट में जहर मिलाकर खिलाने का प्रयास किया गया। एफएसएल टीम ने मौके से कई नमूने जांच के लिए उठाए हैं। मनोज का परिवार मूलत: हिण्डौन निवासी है। लेकिन मनोज के पिता का मानसरोवर में कृष्णा सरोवर में मकान है। कई वर्षों से परिवार जयपुर में ही रहा है।

सुसाइड नोट या डायरी में लिखा

पुलिस को कमरे में एक डायरी भी मिली है, जिसमें मनोज ने कर्जे के संबंध में लिख रखा है। वहीं रिश्तेदारों ने बताया कि मनोज ने पुलिस को बयान दिए, जिसमें कहा कि कर्जे से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। मनोज ने डायरी में कई लोगों के संबंध में लिख रखा है। लेकिन डायरी पुलिस ने जब्त कर ली।

एसी भी लगवाया, पुलिस आई तो पता चला

प्रताप नगर में स्थानीय लोगों ने बताया कि मनोज तीन माह पहले यहां किराए से रहने आया था। मकान मालिक अतुल शर्मा मूलत: भरतपुर निवासी है और तीन दिन पहले ही वह परिवार सहित गांव माता-पिता के पास गया था। रविवार दोपहर को यहां पर पुलिस आई तक घटना का पता चला। मनोज ने एसी भी लगवाया था। परिवार किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था।

जयपुर। राजस्थान की मिट्टी से निकली तीन फीमेल आर्टिस्ट्स ने देश और दुनिया में शहर का नाम रोशन किया है। हाल ही घोषित हुए 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार(वर्ष 2021) में शहर की सुरुचि शर्मा और ऋचा मीना की फिल्मों को अलग-अलग श्रेणी में नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया है। वहीं, चौमूं की रहने वाली सोनाक्षी रावत की फिल्म 'कादिरा दिव्यराजा' ने श्रीलंका में बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नये रेकॉर्ड बनाए हैं। भाषा की सरहदों के परे जज्बात सिर्फ दिल की जुबां समझते हैं। राजस्थानी, गुजराती और श्रीलंका की मूल भाषा सिंहली में पिंकसिटी की इन तीन फीमेल आर्टिस्ट्स ने भाषा की त्रिवेणी के बीच अपने काम से शहर की अन्य फीमेल आर्टिस्ट्स को सपने पूरे करने के लिए भी नया आसमान दे दिया है। एक नजर इन तीनों की उपलब्धियों पर...

जयपुर की सुरुचि, ऋचा को नेशनल अवॉर्ड, सोनाक्षी की फिल्म ने बनाया श्रीलंका में रेकॉर्ड

'मीन राग' के लिए सुरुचि ने जीता नेशनल अवॉर्ड
शहर की फिल्ममेकर सुरुचि शर्मा को उनकी डॉक्यूमेंट्री 'मीन राग' के लिए इस साल के नॉन फीचर फिल्म श्रेणी केे बेस्ट प्रोडक्शन साउंड रिकॉर्डिस्ट (लोकेशन/सिंक साउंड) का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। राजस्थान के मीना समुदाय की जीवित संगीत परंपराओं के संकलन के रूप में इस म्यूजिकल इस डॉक्यूमेंट्री को सुरुचि ने ही निर्देशित किया है। डॉक्यूमेंट्री मीना समुदाय के रसिया, सुड्डा, ढांचा, पद जैसे लोकसंगीत स्वरूपों और कलाकारों विशेषकर महिलाओं के लोकगीतों का दस्तावेज है। पत्रिका प्लस से बातचीत में सुरुचि ने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री उन्होंने सहपीडिया रिसर्च फैलोशिप-2019 के तहत मिले 40 हजार रुपए से बनाई है। सुरुचि ने बताया कि उन्होंने पहली बार इस डॉक्यूमेंट्री के लिए साउंड रिकॉड्रिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।

जयपुर की सुरुचि, ऋचा को नेशनल अवॉर्ड, सोनाक्षी की फिल्म ने बनाया श्रीलंका में रेकॉर्ड

फिल्म के लिए सुरुचि ने सवाई माधोपुर, टोंक और करौली सीमाक्षेत्र के मीना समुदाय के गांव की रियल लोकेशन पर जाकर फिल्म बनाई है। टीम के नाम पर उनके पति सिनेमैटोग्राफर के तौर पर अशोक मीना ही थे, इसलिए साउंड रिकॉर्डिंग का काम उन्हें खुद करना पड़ा। लेकिन इसी काम के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया है। सुरुचि का कहना है कि यह मीना समुदाय के लोकगीतों में बसी मिठास और संगीत का जादू ही है, जिसकी वजह से यह अवॉर्ड उनकी झोली में आ सका। डॉक्यूमेंट्री करीब 30 मिनट की है। सुरुचि राजस्थानी लोक कला और संगीत पर अब तक चार डॉक्यूमेंट्री बना चुकी हैं। मोमासर मेले पर 'उत्सव', 'ऑफ लव इन आर्टिस्ट्री', तीसरी 'एक तार' है जो लोक कलाकार जमनादेवी पर बेस्ड है और अभी रिलीज होना बाकी है।
मैसेज- 'सोचना सीख जाएंगे तो हम अपनी इच्छाशक्ति से हर मुश्किल काम को पूरा कर सकते हैं।' सुरुचि कहती हैं कि उनके पिता चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी करें आइएएस बनें। हालांकि उनका मन फिल्म मेकिंग में लगा। सुरुचि ने बताया कि वह महारानी कॉलेज से बीएससी सेकंड ईयर करने के दौरान फेल हो गई थीं। बाद में उन्होंने नोएडा से मॉस कॉम में डिग्री पूरी की।

जयपुर की सुरुचि, ऋचा को नेशनल अवॉर्ड, सोनाक्षी की फिल्म ने बनाया श्रीलंका में रेकॉर्ड

देवी वल्ली के रूप में छा गईं सोनाक्षी
चौमूं से ताल्लुक रखने वाली सोनाक्षी रावत की हाल ही श्रीलंका में वहां की मूल भाषा में बनी फिल्म 'कादिरा दिव्यराजा' रिलीज हुई है। फिल्म ने रिलीज के बाद कमाई के नए रेकॉर्ड बनाए हैं। फिल्म श्रीलंका में अब तक 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर सबसे तेज हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन गई है। रेकॉर्ड की बात करें, तो श्रीलंका की अब तक क हाइएस्ट ग्रॉस मूवी ने 35 करोड़ रुपए कमाए हैं। मूल रूप से सिंहली भाषा में बनी यह फिल्म भगवान कार्तिकेय और देवी वल्ली पर बेस्ड है। सोनाक्षी ने फिल्म में फीमेल लीड रोल प्ले किया है। पूर्व मिस राजस्थान रह चुकीं सोनाक्षी ने पत्रिका प्लस से बातचीत में बताया कि मेकर्स इस फिल्म के लिए लीड एक्ट्रेस की तलाश में मुंबई आए थे। पूरी कास्ट फाइनल हो चुकी थी। 'यशोधरा' के लिए कास्टिंग करने वाले हीमेश ने मुझे कॉल कर इस फिल्म के ऑडिशन केलिए बुलाया था।

जयपुर की सुरुचि, ऋचा को नेशनल अवॉर्ड, सोनाक्षी की फिल्म ने बनाया श्रीलंका में रेकॉर्ड

उन्हें मेरा ऑडिशन पसंद आया और उन्होंने मुझे एक महीने के लिए श्रीलंका में शूटिंग करने के लिए बुला लिया। फिल्म में वॉरियर प्रिंसेज वल्ली के किरदार के लिए उन्होंने जंगल के माहौल में खुद को ढाला। भाषा पर काम किय और अपने किरदार के बारे में रिसर्च किया। देवी वल्ली भगवान कार्तिकेय की पत्नी और भगवान विष्णु की बेटी का अवतार हैं, जो जंगली जानवरों की भाषा समझ सकती हैं। सुनील आररत्ने ने इस फिल्म को निर्देशित किया है, जो श्रीलंकन फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं।

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'छैलो शो' में बा की भूमिका निभाई ऋचा ने
जयपुर की एक्ट्रेस ऋचा मीना ने बीते साल 95वें ऑस्कर अवॉड्र्स समारोह में भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में नॉमिनेट हुई गुजराती फिल्म 'छैलो शो' में बा का महत्वूपर्ण किरदार निभाया है। हाल ही इस फिल्म को 69वें राष्ट्रीय पुरस्कार श्रेणी में बेस्ट गुजराती फिल्म का अवॉर्ड मिला है। 'डॉक्यूमेंट्री ड्रामा 'सीके्रट्स ऑफ ताजमहल', 'आर..राजकुमार', 'मर्दानी 2', 'डैडी' और 'रनिंग शादी' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं ऋचा ने अवॉर्ड मिलने की खुशी पत्रिका प्लस के साथ शेयर करते हुए ऋचा ने बताया, 'मुझे शुरू से ही थियेटर से प्यार था। छैलो शो के लिए मैंने अपने घर से ही दो बार ऑडिशन दिया था। उसके बाद मुझे गुजरात बुलाया गया। हम सुबह 3 बजे शूटिंग करते थे और टीम के हर आदमी ने बहुत मेहनत की।

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मुझे शुरुआत में नहीं पता था कि फिल्म इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करेगी। जापान में यह 200 दिन लगी रही। हाल ही इटली में रिलीज हुई। ऑस्कर में 120 देशों से आई फिल्मों में से टॉप 15 फिल्मों में पहुंचना हमारे लिए फख्र की बात है। इससे पहले केवल 'लगान' टॉप 5 तक पहुंची थी। हमारे लि सबसे बड़ी खुशी इस बात की थी कि हम इस फिल्म के जरिये अपने देश, अपने दशहर और अपने कल्चर को रिप्रेजेंट कर रहे थे।' ऋचा जल्द ही अभिषेक बच्चन की 'केडी', साउथ की तमिल-तेलुगू में बन रही फिल्म 'मैणी' में लीड रोल कर रही हैं।

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कैलिफोर्निया. स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हाल ही एक अध्ययन में बताया कि स्लीप एपनिया (सोते समय कुछ पल के लिए सांस का बंद होना) से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिकों एक दशक में 20 से 50 वर्ष की उम्र के लगभग 17 लाख लोगों पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि स्लीप डिसऑर्डर वाले लोगों में एट्रियल फाइब्रिलेशन विकसित होने की आशंका पांच गुना अधिक होती है। इसके कारण इनमें स्ट्रोक का खतरा भी 60 फीसदी अधिक होता है।
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि स्लीप एपनिया की वजह से उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों में स्लीप एपनिया की शुरुआत हेाती है, वे जीवनशैली में बदलाव कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं, जैसे वजन कम करना, धूम्रपान या शराब यदि करते हैं तो इसे छोडऩा। जिनको ज्यादा समस्रूा है, वे सीएपीए मशीन का उपयोग कर सकते हैं।

कब होता है स्लीप एपनिया
स्लीप एपनिया तब होता है, जब सोते वक्त सांस लेने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इससे सांस लेने में दिक्क्त होने लगती है।

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जयपुर. अगर आप रविवार या राजपत्रित अवकाश के दिन डिस्पेंसरी में इलाज के लिए जा रहे हैं तो जानकारी करके ही जाएं। वजह, अधिकांश डिस्पेंसरी में एक ही डॉक्टर हैं और छुट्टी के दिन वह नहीं मिलेेंगे। रविवार को राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने शहर की तीन डिस्पेंसरी की पड़ताल की। जिसमें इस तरह की िस्थति मिली। गौरतलब है कि रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन डिस्पेंसरी में दो घंटे (सुबह 9 से 11 बजे तक) ओपीडी संचालित करने के राज्य सरकार ने आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन छुट्टी के दिन डिस्पेंसरी में उपचार नहीं मिल रहा है।

स्थान: मालवीय नगर, सेक्टर 3 स्थित डिस्पेंसरी

समय: सुबह 10.20 बजे

हाल: डिस्पेंसरी में चार-पांच मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। वहां पर नर्सिंग कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर बैठे हुए थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर रविवार को छुट्टी पर रहते हैंं इसलिए ज्यादा दिक्कत है तो कल आना।

स्थान: बगरू वालों का रास्ता स्थित

डिस्पेंसरी समय: 9.10 बजे

हाल: डॉक्टर की सीट खाली पड़ी थी। अंदर जाकर देखा तो, एक नर्सिंगकर्मी बैठा नजर आया। पूछताछ में उसने बताया कि आज कोई नहीं है। डॉक्टर कल आएंगे। ज्यादा परेशानी है तो पास के निजी अस्पताल में चले जाओ।

स्थान: गोविंद नगर, ब्रह्मपुरी स्थित डिस्पेंसरी

समय: सुबह 9.45 बजे

हाल: यहां भी डॉक्टर नहीं दिखे। पड़ताल में पता चला कि राजपत्रित अवकाश के अलावा अन्य दिनों में भी यहां चिकित्सक कभी-कभार ही आते हैं। मरीजों को नर्सिंग स्टाफ से दवा लेकर ही जाना पड़ता है।

केेस एक

बेटे को तेज बुखार है। उसे जगतपुरा स्थित डिस्पेंसरी लेकर गई थी लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले। अब यहां मालवीय नगर स्थित डिस्पेंसरी में भी यही हाल है।

- नीतू, जगतपुरा

केस 2 -

बीमार मां को इलाज के लिए लाया था, दो बार पहले भी आ चुका हूं लेकिन डॉक्टर ही नहीं मिल रहे हैं। मजबूरन अब निजी अस्पताल में ही जाना पड़ रहा है।

- स्वप्निल त्रिपाठी. ब्रह्रापुरी

इनका कहना है

जिन डिस्पेंसरी में एक ही डॉक्टर है वहां रविवार को वे अवकाश पर रहते हैं। अगर कोई मरीज आता है तो पास के अस्पताल या उसको नर्सिंग स्टाफ देखेगा।

- डॉ विजय सिंह फौजदार, सीएमएचओ 1

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