>>: COPD Day: सीओपीडी से रुक जाता है फेफड़ों में हवा का प्रवाह

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

सीओपीडी यानी क्रॉनिकल ऑबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज फेफड़ों की एक क्रॉनिक बीमारी है। जो फेफड़ों में हवा के प्रवाह को रोकती है। इस बीमारी में फेफड़ों में सूजन आ जाती है। जिससे सांस लेने में परेशानी आती है। इससे खांसी आने के साथ अन्य समस्याएं होती है। इस बीमारी का पूर्ण उपचार तो संभव नहीं है, लेकिन नियंत्रण लगाया जा सकता है। सीओपीडी के कारण फेफड़ों के कैंसर की समस्या भी होने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार सीओपीडी रोग के दौरान कफ या खांसी की समस्या तीन माह तक रहने पर यह और गंभीर हो जाता है और इसे क्रोनिक ब्रोंकाइटिस कहते हैं। वैसे फेफड़ों की बीमारी की तीन मुख्य िस्थतियां होती है। क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्पफसीमा व रिफ्रेक्टरी अस्थमा।

सीओपीडी के कारण
-सिगरेट, पाइप और धूम्रपान
-सेकंडरी धूम्रपान सीओपीडी का दूसरा कारण है।
-अस्थमा फेफड़ों की कार्य क्षमता को कम कर सकता है, जिससे सीओपीडी संभावना अधिक होती है।
-धूल, वायु प्रदूषण, रासायनिक पदार्थों के सम्पर्क में अधिक रहने से फेफड़ों की धीरे-धीरे वायुमार्ग संकुचित हो जाता है। जिससे सीओपीडी होने की संभावना अधिक होती है।
-उम्र भी सीओपीडी का एक कारण है। उम्र बढ़ने पर फेफड़ों के मांसपेशियां आदि कमजोर हो जाती है। इससे सांस लेने में तकलीफ आने लगती है।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
सीओपीडी से बचाव के लिए धूम्रपान नहीं करना चाहिए। संक्रमण जैसे फ्लू व निमोनिया आदि के लिए टीकाकरण करवाना चाहिए। सांस लेने में कठिनाई आने, छाती में दर्द, म्यूकस में रक्त आने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। इन्हेलर का उपयोग किया जा सकता है।
ये है सीओपीडी के लक्षण
बार-बार सांस फूलना या सांस छोटी आना। ऐसा ज्यादातर शारीरिक गतिविधियां करने पर व सोते समय होता है। नाक बंद होने पर सिटी जैसे आवाज आना। छाती में कसाव का अनुभव होना। श्वसन तंत्र में संक्रमण। लगातार खांसी आना। ऊर्जा की कमी आना। शरीर के जोड़ों में सूजन आना आदि।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.