>>: Digest for November 16, 2023

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Assembly elections 2023: श्रीगंगानगर जिले की करणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन से उप चुनाव की िस्थति बन गई है। इससे पूर्व 1985 के विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद निर्दलीय गुरदीप सिंह का निधन होने पर उप चुनाव करवाने पड़े थे। लगभग 38 साल बाद इस विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास दोहराया जाएगा। कुन्नर के निधन से चुनाव स्थगित हो गया है। चुनाव आयोग अब छह माह के भीतर इस विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव करवाएगा।
वर्ष 1985 के विधानसभा चुनाव में गुरदीप सिंह कांग्रेस टिकट के दावेदार थे लेकिन टिकट मिली जगतार सिंह कंग को। इससे पूर्व 1967 के विधानसभा चुनाव में गुरदीप सिंह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीते थे। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान ही ब्रेम हेमरेज होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। अस्पताल से ही उनके नाम से एक अपील जारी की गई, जिसमें बीमारी की वजह से जनता के बीच नहीं आ पाने की मजबूरी बताते हुए वोट देने की अपील की गई। चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो गुरदीप सिंह अच्छे खासे मतों से विजयी हुए। चुनाव परिणाम घोषित होने के हफ्ते भर बाद अस्पताल में ही गुरदीप सिंह का निधन हो गया।
उनके निधन के बाद करणपुर विधानसभा सीट के लिए उप चुनाव की घोषणा हुई तो कांग्रेस की टिकट इकबाल कौर को मिली। विरोधी धड़े ने उनके सामने कुंदनलाल मिगलानी को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतारा। संयोग से मिगलानी का चुनाव निशान भी वही था जो गुरदीप सिंह का था। उप चुनाव में इकबाल कौर को 27 हजार तथा कुंदनलाल मिगलानी को 17 हजार मत मिले। इस प्रकार दस हजार मतों के अंतर से इकबाल कौर विजयी रही।
यह भी संयोग: एक ही नाम राशि
संयोग देखिए कि गुरदीप सिंह और गुरमीत सिंह कुन्नर की नाम राशि एक ही थी। स्वभाव भी दोनों का एक जैसा था। गुुुुुुुुरदीप सिंह का निधन परिणाम आने के बाद हुआ, जबकि कुन्नर मतदान से पहले ही अनंत की यात्रा के पथिक बन गए। कुन्नर का स्वास्थ्य पिछले तीन-चार साल से सही नहीं था। ब्लड शुगर का असर गुर्दों पर होने के कारण उन्होंने सिंगापुर में भी उपचार लिया। खराब स्वास्थ्य के चलते इस बार खुद चुनाव लड़ने की बजाय वह अपने बेटे रूबी कुन्नर को चुनाव लड़ाने के इच्छुक थे लेकिन पार्टी ने टिकट उन्हींं को दे दिया।

#Gurmeet Singh Kunnar श्रीगंगानगर जिले की करणपुर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी विधायक गुरमीतसिंह कुन्नर (75) का बुधवार सुबह के एम्स में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 2 बजे उनके पैतृक गांव 25 बीबी में किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शाम पांच बजे विधायक के गांव जाकर शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देंगे। सरपंच से राज्य के केबीनेट मंत्री बनकर इलाके की राजनीति में कुन्नर का खुद का रूतबा कायम था। पंजाबी बाहुल्य क्षेत्र में कुन्नर ने अपनी मिलनसारिता और कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई। करीब दो महीने पहले यहां जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में जब जिला परिषद के सदस्य जनहित के मुद़दे के दौरान तत्कालीन सीईओ को घेरने लगे तब कुन्नर ने वहां सब सदस्यों को अपने चिरपरिचित अंदाज में यह कहते हुए चुप कराया कि काका हूण बस कर..........। यह सुनकर तब सभी सदस्य शांत हो गए। वहीं अफसरों को मुंह पर ही फटकार लगाने से नहीं चूकते थे।
यूं बने सरपंच से मंत्री
विधायक कुन्नर का जन्म 6 जून 1948 को हुआ। हायर सैकंडरी तक शिक्षित कुन्नर 43 साल से सक्रिय राजनीति में थे। वर्ष 1981 में ग्राम पंचायत 23 बीबी का निर्विरोध सरपंच बन कर उन्होंने राजनीति में पहला कदम रखा। इसके बाद 1988 में पदमपुर पंचायत समिति के प्रधान व 1997 में जिला प्रमुख बने। वर्ष 1998 में पहली बार विधायक बने। कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर 2008 के चुनाव में निर्दलीय खड़े हुए और जीते। तब कांग्रेस को समर्थन दिया और कृषि विपणन राज्यमंत्री बने। वर्ष 2018 में कुन्नर तीसरी बार विधायक चुने गए। श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ का कहना है कि कुन्नर में अपनापन की चुबंकीय शक्ति थी। उनके सरल स्वभाव और मिलनसारिता से लोगों में अमिट छाप बनी। उनका निधन इलाके के लिए बड़ी क्षति है।
गूंजने लगे कुन्नर के अमर रहे के नारे
दिल्ली से विधायक का शव पहले पदमपुर और फिर उनके गांव लाया गया। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा और विधायक कुन्नर अमर रहे के नारे लगाते हुए उन्हें श्रद्धाजंलि दी। कुन्नर के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी प्रभारी सुखजिंदरसिंह रंधावा व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है। निधन का समाचार मिलने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व राज्य के सह प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पीसीसी महासचिव जिया उर रहमान आरिफ व ओबीसी बोर्ड के अध्यक्ष पवन गोदारा सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने विधायक के आवास पर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी।

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