>>: Digest for December 06, 2023

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सीएम और मंत्रियों ने टोंक जिले में जहां की बड़ी सभाएं, वहां पर हारी सीटें
राजस्थान विधानसभा चुनाव -2023 के दौरान टोंक जिले के अंदर 4 सीटों पर भाजपा कांग्रेस की ओर से बड़ी सभाएं की गई थी। लेकिन जहां-जहां दोनों ने सभाएं की, वहां पर अपनी सीटें खो दी।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत के लिए सभा और भाषण मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर पाए। इस बार मतदाताओं ने अपने ही स्तर पर विधायक चुना है। तभी तो मालपुरा, निवाई व देवली-उनियारा में हुई सभाओं को असर मतदाताओं पर नहीं चढ़ पाया।


तीनों ही जगह मतदाताओं ने अपना मत उसे दिया, जिसके लिए कोई सभा नहीं हुई। टोंक जिले की चार में से एक सीट यानी टोंक ऐसी रही, जहां कोई सभा ही नहीं हुई। यहां चुनाव के दौरान एक भी बड़ा नेता नहीं आया। यहां तक की टोंक में तो पूरे पांच साल कोई सभा ही नहीं हुई। इसमें ना तो भाजपा से कोई आया और ना ही कांग्रेस ने कोई सभा की।

मुख्यमंत्री का असर रहा बेअसर


निर्वतमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टोंक जिले की मालपुरा और निवाई सीट पर सभा की। गहलोत मालपुरा में चुनाव के अंतिम समय पर आए और कई लोकलुभावनी घोषणा भी की।


मतदाताओं को मालपुरा जिला बनाने के लिए भी दावा किया। लेकिन मतदाताओं ने उनकी घोषणाओं को नकार दिया। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर भाजपा के कन्हैयालाल चौधरी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी घासीलाल चौधरी को 16189 मतों से हराया।

निवाई में दो बार सीएम, एक बार प्रियंका आई

राजस्थान में कांग्रेस को रिपीट कराने के लिए निवर्तमान अशोक गहलोत ने प्रदेशभर में सभाएं की। कई दावे भी किए। उन्होंने टोंक जिले की मालपुरा और निवाई सीट को भी साधने की कोशिश की। इसमें दो बार वे निवाई में आए। एक बार प्रियंका गांधी ने भी सभा की। लेकिन मतदाताओं को आकर्षित नहीं कर पाए।

नतीजा यह निकला कि कांग्रेस ने सीट खो दी। यहां भाजपा के रामसहाय वर्मा ने कांग्रेस के प्रशांत बैरवा को 12 हजार 941 से हरा दिया। प्रियंका की सभा तो दौसा पर भी असर नहीं डाल सकी। वहां सभी सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

एमपी के सीएम और केन्द्रीय मंत्री ने की सभा


देवली-उनियारा सीट को जीतने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगा दिया। इस सीट के लिए मध्यप्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मांडकला में सभा की। वहीं केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने देवली में सभा की और मतदाताओं से लुभाने का प्रयास किया।


लेकिन मतदाताओं ने कांग्रेस के हरीश मीणा पर ज्यादा यकीन किया और भाजपा के विजय बैंसला से कांग्रेस के हरीशचंद्र मीणा ने 19 हजार 175 हरा दिया।

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