प्रदेश में शुक्रवार सुबह लोड डिस्पेच की सूचना समय पर नहीं मिलने के चलते दो बड़े पावर प्लांट फेल हो गए। जिनमें कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट की पांच और रावतभाटा परमाणु बिजली संयंत्र की चार इकाइयां ठप हो गई। इससे कोटा, बूंदी सहित कुछ जिलों में बिजली आपूर्ति सप्लाई बंद हो गई। ऐसे में इन जिलों में अंधेरा छाया रहा। यह घटना सुबह 5 बजे की है। लोग बिजली बंद होने पर फोन घनघनाते रहे। सुबह 11 बजे बाद धीरे-धीरे बिजली सप्लाई शुरू होती गई। वैसे- वैसे क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल होती रही।
कोटा थर्मल के चीफ इंजीनियर एके आर्य ने बताया कि राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के लोड डिस्पेंच सेंटर ने समय पर जानकारी नहीं दी। हमारी सभी यूनिट पूरी तरह से काम कर रही थी। विद्युत आपूर्ति हमारे यहां से लगातार जा रही थी, लेकिन इनके उत्तरी ग्रिड बंद थे। वहां कोई तकनीकी खामी आई थी। रिसीव करने की व्यवस्था बाधित हो गई। जिसके चलते पावर प्लांट बंद हो गया। हम पांच यूनिट से उत्पादन कर रहे थे। यह पूरी तरह से बंद हो गया और इसी तरह से रावतभाटा परमाणु बिजली संयंत्र में भी हुआ है। वहां भी 2,4,5, 6 यूनिट्स बंद हो गई।
1600 मेगावाट हो रहा था उत्पादन
रातभाटा संयंत्र की क्षमता 1280 व कोटा थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1245 मेगावाट है। जबकि दोनों जगहों पर करीब 800-800 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। ऐसे में दोनों मिलकर 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे थे। यह सप्तलाई भी लोकल एरिया के आसपास के जिलों में की जा रही थी। रावतभाटा संयंत्र में भी 6 में से 4 यूनिट संचालित की जा रही थी। वहीं कोटा थर्मल में 7 में से 5 यूनिट्स से विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। एक यूनिट रखरखाव व दूसरी शटडाउन में है।
हमें नहीं मिली जानकारी
आर्य ने बताया कि आवीपीएनएल ने ब्यावर, वाटिका और बूंदी के ग्रिड मेंटेनेंस के लिए बंद किया था, लेकिन इसकी जानकारी हमें नहीं दी। यह जानकारी लोड डिस्पेंच के चलते हमारे पास आती है। ऐसे में हमारे प्लांट लगातार शटडाउन हुए है। अपनी यूनिट्स को दोबारा रीस्टोर कर रहे है और उन्हें लाइटअप किया रहा है। जिससे आने वाले एक दो घंटे में दोबारा उत्पादन होगा।
ग्रिड में कुछ तकनीकी खराबी के चलते समस्या आई है। हम इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रहे है। जनता के लिए सप्लाई को रिस्टोर करने में जुटे हुए है।
विजय जैमिनी, अधीक्षण अभियंता, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड