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Table of Contents

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का दौर आज भी जारी है। प्रदेश के कई इलाकों में आज भी कोहरा छाया रहा। नम हवाओं ने आमजन की कंपकंपी छुटा रखी है। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। जिससे सर्दी का कहर और बढ़ेगा। दो दिन तक होने वाली बारिश व ओलावृष्टि का असर सोमवार से प्रदेश के 23 जिलोें में होने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश के साथ गिरेंगे ओले
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार आठ जनवरी को प्रदेश के अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडगढ़़, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, कोटा, राजसमंद , सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालौर, जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ ओलावृष्टि तथा दौसा, बाड़मेर, बीकानेर व चूरू जिले में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश होगी। इसी तरह नौ जनवरी को अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर व श्रीगंगानगर में बादलों की गरज के साथ बारिश व ओले गिरेंगे।

कल रहेगा कोहरा
इससे पहले प्रदेश में कोहरे का असर रविवार को भी रहेगा। मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में घना कोहरा छाएगा। इस संबंध में भी मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है।

शेखावाटी में बढ़ा पारा
इधर, शेखावाटी में कड़ाके की सर्दी के बीच आज भी बादलों की आवाजाही जारी है। जिसका असर तापमान पर भी पड़ा। यहां शुक्रवार को 3.5 डिग्री तक लुढ़का पारा आज ढाई डिग्री बढ़कर 6 डिग्री पहुंच गया। हालांकि इससे सर्दी में कमी नहीं आई। उत्तरी हवाओं के साथ सर्दी ने आज भी आमजन को बेहाल कर रखा है।

नीमकाथाना/गणेश्वर. गांव के गालव गंगा तीर्थ धाम के विकास को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन के सभी विभागों के आला अधिकारियों ने तीर्थ धाम परिधि क्षेत्र का तीन घंटे तक दौरा कर अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा की। इसके बाद धाम व वन क्षेत्र के जायजा लेकर सर्वे रिपोर्ट तैयार की। जिला परिषद के अधिकारी मुरारीलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों अपनी अपनी भूमिका निभाते हुए विकसित करने को लेकर अपने सुझाव दे। जिला कलक्टर के निर्देश पर सभी धामों को विकसित किया जा रहा है। गणेश्वर धाम से शीघ्र काम शुरू होगा। अधिकारियों ने डीपीआर के अधिकारी मनोज कुमार को ड्रोन कैमरे से तीर्थ धाम का सर्वे कर शीघ्र प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि शमशान भूमि की तरफ से जल्द कार्य शुरू किया जाएगा। धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहले आने जाने के लिए वन वे रास्ता तैयार होगा। इस दौरान तहसीलदार महेश ओला, विकास अधिकारी रामचंद्र सैनी, रामसिंह, सार्वजनिक निर्माण विभाग, दिनेश शर्मा , सरपंच ग्रामविकास अधिकारी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

ये होंगे विकास कार्य

तीर्थ धाम पर जाने वाले रास्ते को 30 फीट चौड़ा करने सभी जर्जर मंदिरो का जीर्णोद्धार, रंग रोगन, धाम पर बने कुंड की लंबाई चौड़ाई, गो मुख से निकलने वाली जल धारा कुंड में संग्रहित होती हैं उसको तीन भागों बाटकर महिला कुंड व पुरुषों के नहाने के लिए अलग व्यवस्था करना, धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उसी से ग्रामीणों के लिए पेयजल व्यवस्था व महिला कुंड के पानी को संग्रहित कर तीर्थ धाम के आस पास लगाए जाने वाले पेड़ पौधों की सिंचाई के उपयोग में लाने की बात कही। श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल व धर्मशाला बनाने के प्रस्ताव दिए गए। वन विभाग ने श्मशान भूमि की तरफ एनीकट बांध, कुंड, बंदरों के लिए खाने पीने की अलग अलग व्यवस्था की बात कही। रेंजर श्रवण बाजिया ने कहा कि पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग गावड़ी क्षेत्र के कुंड के आसपास लवकुश वाटिका बनाने के लिए वन विभाग करोड़ रुपए स्वीकृति हुए हैं जहां सुंदर पार्क उसमे झूले,बैठने की कुर्सियां जो आस पास के क्षेत्र में अद्भुत होगा।

कोविड के मरीजों के बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की स्क्रीनिंग करने और मरीजों के जांच संबंधी डेटा ऑनलाइन करने के दावे किए जा रहे हो लेकिन हकीकत यह है कि सैम्पल देने के बाद मरीजों को मोबाइल पर पॉजिटिव या निगेटिव होने की सूचना तक नहीं दी जा रही है। जिसका नतीजा है कि जिससे सैम्पल देने वाले मरीज पशोपेश की िस्थति है। कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण होने के कारण संभावित मरीज या परिजनों में भय का माहौल रहता है। इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।

ग्रामीण अंचल में अनदेखी
चिकित्सा विभाग ने पिछले दिनो संभावित लक्षणों वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए थे लेकिन चिकित्सा विभाग की ओर से ग्रामीण अंचल में सेम्पल लेने के लिए वीटीएम और किट उपलब्ध नहीं करवाने के कारण सभी मरीजों की सेम्पलिंग नहीं हो रही है। यही कारण है कि सेंट्रल लैब में कोरोना जांच के लिए केवल कल्याण अस्पताल से एक दर्जन से कम सैम्पल पहुंच रहे हैं। जबकि नियमानुसार आरटीपीसीआर जांच करवाने के बाद सैम्पल रिपोर्ट ऑनलाइन दी जाती है लेकिन जब मरीज को पोर्टल या मोबाइल पर जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही तो लोग रिपोर्ट लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कई बार मरीज व परिजन की स्टॉफ के साथ नोंक-झोंक तक हो जाती है।

इस कारण बढ़ी परेशानी
सर्दी के सीजन सर्दी-बुखार के मरीजों के बढ़ने के साथ ही गांवों में झोलाछाप चिकित्सक मरीजों की सेहत की साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ये अप्रशिक्षित लोग मरीज की बीमारी को हायर लेवल की एंटीबायोटिक्स एवं दवाओं के जरिए दबा देते हैं। जिससे बीमारी बढ़ जाती है यही कारण है कि हायर सेंटर पर जांच के दौरान ही मरीज की बीमारी का पता चल पाता है।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ योजनाओं के नाम बदलने की सियासत का रिवाज इस बार भी कायम है। भाजपा सरकार की ओर से कुछ दिन पहले महात्मा गांधी सेवा प्रेरक भर्ती को निरस्त कर दिया था। वहीं राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम को भी समाप्त कर दिया है। सरकार के इन दो आदेशों के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत व पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रतिक्रिया दी कि भाजपा को योजना के नाम से आपत्ति थी तो नाम बदल लेते, लेकिन बेरोजगारों के साथ अन्नाय नहीं करना चाहिए। इधर, गरीब परिवारों को सिलेण्डर देने की योजना के नाम पर भी सियासत शुरू हो गई है। पिछले 20 साल में सत्ता परिवर्तन का रेकॉर्ड देखे तो हर सरकार में योजनाओं के नाम बदलने की सियासत जारी रही।

अब इन योजनाओं में नाम बदलने की तैयारी

1. इंदिरा गांधी रसोई

पिछली भाजपा सरकार के समय इस योजना का नाम अन्नपूर्णा रसोई था। कांग्रेस में सत्ता में आते ही इंदिरा गांधी रसोई नाम कर दिया। अब भाजपा सरकार की ओर से योजना में कुछ परिवर्तन के साथ नाम बदलने की चर्चाएं हैं।

2. शिक्षा योजनाएं:

गहलोत सरकार ने स्कूल व कॉलेज शिक्षा छात्रवृत्ति योजनाएं राजीव और इंदिरा गांधी के नाम पर कर दी। वसुंधरा राज में यह योजनाएं पंडित दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी के नाम पर संचालित थी। इन्हें फिर से बदलने की चर्चाएं है।

3. सेवा केन्द्र

भाजपा ने पिछली बार सत्ता में आने पर ग्राम पंचायत स्तर पर बने राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम बदलकर अटल सेवा केन्द्र कर दिया था। कांग्रेस ने काफी विरोध किया। सत्ता में आते ही कांग्रेस ने भी नाम बदल दिया और फिर से राजीव गांधी सेवा केन्द्र कर दिया। अब भाजपा सरकार इन सेवा केन्द्रों का नाम बदलने की फिर से तैयारी कर रही है।

4. भामाशाह/जनआधार

वसुंधरा सरकार ने महिलाओं के लिए भामाशाह कार्ड बनवाए। इन कार्ड पर तत्कालीन मुख्यमंत्री की फोटो लगाने से कांग्रेस ने काफी हंगामा किया। कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद इन कार्ड का नाम बदलकर जन-आधार कार्ड कर दिया।

5. साइकिल पर भी सियासी रंग

स्कूली विद्यार्थियों को मिलने वाली साइकिल पर सियासी रंग चढ़ा रहा। कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए साइकिल का रंग भगवा बताकर विरोध किया था। सत्ता में आते ही रंग बदल दिया। अब साइकिल व लेपटॉप वितरण की योजनाएं बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को दी जाने निशुल्क ड्रेस के कपड़े के कवर पर तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत की फोटो लगी होने के कारण अब नई सरकार के राज में फोटो पर स्टीकर लगाकर ड्रेस बांटी जा रही हैं।

नाम बदलने में 25 करोड़ खर्च

रोचक बात यह है कि पंचायत सेवा केन्द्रों से लेकर लैटर पेड बदलने से दस साल में 25 करोड़ से अधिक का खर्चा हुआ है। सबसे ज्यादा खर्चा पंचायत सेवा केन्द्रों की रंगाई-पुताई में लगभग 15 करोड़ से अधिक का खर्चा हो चुका है।

एक्सपर्ट व्यू....

सरकारी योजनाएं महापुरुषों के नाम पर रखने की परम्परा शुरू होनी चाहिए। इससे सत्ता बदलने पर नाम की सियासत अपने आप खत्म हो जाएगी। नाम बदलने में ही बहुत पैसा लगता है इसकी कीमत जनता चुकाती है।

- धर्मेन्द्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, सीकर

रोजगार का रोडमैप बनाने के बजाय लोकहित की योजनाएं बंद कर भाजपा ने रोजगार छीनने का काम शुरू कर दिया है। भाजपा ने 50 हजार महात्मा गांधी प्रेरकों की भर्ती रद्द कर युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात किया है। नाम बदलना है तो नाम बदलते, नौजवानों की रोजी-रोटी छीनने का मजाक क्यों किया गया।

गोविन्द सिंह डोटासरा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी

शेखावाटी से एकमात्र मंत्री बने श्रीमाधोपुर विधायक झाबर सिंह खर्रा को मंत्रिमण्डल के बंटवारे में अहम विभाग दिया गया है। खर्रा को स्वायत्त शासन व नगरीय विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है। शेखावाटी के नेता को पहली बार यूडीएच विभाग दिया गया है। खर्रा को पंचायतीराज, कृषि व पशुपालन जैसा विभाग मिलने की आस थी, लेकिन सीएम ने खर्रा पर भरोसा जताते हुए यूडीएच जैसा बड़ा महकमा दिया है। खर्रा को स्वायत्त शासन विभाग मिलने की जानकारी मिलते ही शेखावाटी में कई स्थानों पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। इस दौरान राजस्थान पत्रिका ने नव नियुक्त यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा से खास बातचीत की। खर्रा ने कहा कि विभाग से भ्रष्टाचार को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।

पत्रिका: यूडीएच विभाग सीधे तौर पर जनता से जुड़ा महकमा है। आपकी क्या प्राथमिकता रहेगी।
खर्रा: प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस विभाग से भ्रष्टाचार को दूर करना पहली प्राथमिकता रहेगी।
पत्रिका: नगर निकायों के निजी आय नहीं बढ़ाने की वजह से ज्यादातर नगर निकाय सरकार के भरोसे है। इससे जनता की उम्मीदों के हिसाब से प्रोजेक्टों को मंजूरी नहीं मिल पाती है।
खर्रा: प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाएंगे जाएंगे। इससे हर गरीब का आशियाने का सपना पूरा हो सके। आमजन को साथ लेकर पीएम मोदी के सपने को साकार किया जाएगा। निश्चित तौर पर कुछ नवाचार किए जाएंगे जिससे नगर निकायों की आमदनी शुरू हो सके।
पत्रिका: विकास की रफ्तार धीमी होने के साथ सुनियोजित विकास भी महज एक सपना है। इस दिशा में क्या कदम उठाया जाएगा।
खर्रा: पिछली सरकार की ओर से चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए असमान तरीके से विकास के प्रोजेक्टों को शुरू किया गया। इस वजह विकास सुनियोजित और समान तरीके से नहीं हो सकेगा। हमारी सरकार का विजन है बिना किसी भेदभाव के विकास करना।
पत्रिका: पट्टे व भवन निर्माण स्वीकृति जैसे कार्य के लिए आमजन को काफी परेशान होना पड़ता है।
खर्रा: हर व्यक्ति की समस्या का निश्चित समय सीमा में समाधान कराने की कोशिश रहेगी। आमजन को और कैसे राहत दे सकते है इस दिशा में और प्लान किया जाएगा।

प्रदेश में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के साथ ही प्रशासन का चेहरा भी बदल गया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी तबादला सूची में सीकर, झुंझुनूं व चूरू जिला कलक्टर सहित कई अधिकारी बदले गए है। सीकर जिला कलक्टर सौरभ स्वामी का तबादला राजस्थान हथकरघा विकास निगम में अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक लगाया गया है। जबकि सीकर में जिला कलक्टर कलर उल जमान चौधरी को लगाया गया है। चौधरी का दौसा जिला कलक्टर के पद से यहां तबादला किया गया है। चूरू जिला कलक्टर के पद पर पुष्पा सत्यानी को लगाया गया है। झुंझुनूं में जिला कलक्टर के पद पर चिन्मयी गोपाल को लगाया है। वहीं सीकर के अपर जिला कलक्टर राकेश कुमार के स्थान पर ओमप्रकाश विश्नोई को लगाया गया है। वहीं एडीएम सीकर सिटी के मनमोहन के स्थान पर हेमराज परिड़वाल को लगाया गया है। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि के रजिस्ट्रार राजवीर सिंह चौधरी का तबादला करौली एडीएम के पद पर हुआ है।

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