>>: स्टॉक बजरी पर भी वसूल रहे जुर्माना, नतीजा-वैध बजरी का भी रूका परिवहन

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भीलवाड़ा जिले में बजरी खनन पर रोक के चलते निजी और सरकारी भवन निर्माण कार्य 80 फीसदी तक बंद हो गए। रोक का फायदा बजरी के अवैध कारोबार से जुड़े लोग उठा रहे हैं। जो अवैध बजरी दोगुने दामों में बेच रहे हैं। वही स्टॉक से बजरी परिवहन करने पर भी पुलिस चालकों से जुर्माना वसूल रही है।

 

इस कारण स्टॉक सैकड़ो टन बजरी का परिवहन भी बंद होने लगा है। हालांकि खनिज विभाग का कहना है कि स्टॉक से बजरी लाने पर वाहन चालक के पास ट्रांजिट परमिट (टीपी) है तो उसे कोई नहीं रोक सकता है।हालांकि पुलिस टीपी मानने से इनकार करती है तथा वाहन चालक से जुर्माना वसूलती है। इधर, भीलवाड़ा शहर में चोरी छुपे बजरी के वाहन आ रहे हैं जबकि भीलवाड़ा तहसील में बजरी की कोई लीज चालू नहीं है। केवल लीज के पास स्टॉक से ही यह बजरी आ रही है।

सरकार ने नहीं दी हरी झंडी
खनिज विभाग ने बजरी लीज के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी करने के लिए प्रस्ताव खान निदेशालय को भेज रखा है। सरकार ने दिसंबर से इन पर रोक लगाने से नई लीज जारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में आमजन को बजरी नहीं मिल रही है। रोक के बाद अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए जरूरतमंद लोग और व्यापारी आठ से दस हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली बजरी मंगवा रहे है। इससे निर्माण लागत बढ़ गई है।

खनिज विभाग कार्रवाई में जुटा
खनिज विभाग अवैध बजरी पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन स्टॉक से टीपी से लाने के लिए कोई रास्ता नहीं बता रहा है। पुलिस वाहनों से भारी जुर्माना लगाती है व वाहन भी जब्त कर रही है।
लोगों को नहीं मिल रहा काम

काम की तलाश में हर दिन सैकड़ों मजदूर भीलवाड़ा आते हैं लेकिन काम बंद होने से मजदूरी नहीं मिल पाती तो किराया जेब से लगाकर बैरंग लौट जाते हैं। यह स्थिति मजदूरों के सामने एक माह से बनी है।
ये काम प्रभावित

निजी मकान, कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के काम पर तलवार लटकी हुई है। वही नगर विकास न्यास, नगर परिषद समेत अन्य विभागों के सभी काम बंद है।

ट्रांजिट परमिट से ले जा सकते बजरी
लीज के पास स्टॉक बजरी को ट्रांजिट परमिट (टीपी) के माध्यम से परिवहन कर सकते हैं। किसी के रोकने पर टीपी बतानी होगी। इस पर किसी तरह की रोक नहीं है और ना ही कोई जुर्माना वसूल सकता है।

भंवरलाल लबाना सहायक खनिज अभियन्ता

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