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Hindu Temple In UAE : चार वर्षों से अधिक समय से संगमरमर के ब्लॉकों को तराशने और उन्हें जटिल स्तंभों और भगवान राम और भगवान गणेश जैसे हिंदू देवताओं की मूर्तियों में बदलने वाले राजस्थान के कारीगरों की खुशी का ठिकाना नहीं है क्योंकि उनकी कला को अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर में जगह मिली है, जिसका उद्घाटन 14 फरवरी को होगा। राजस्थान के मकराना के गांवों के कारीगरों ने अपनी जटिल मूर्तिकला के साथ भव्य मंदिर की कल्पना को जीवंत करने के लिए 2019 में एक रचनात्मक यात्रा शुरू की, जो कि Covid-19 महामारी के दौरान भी जारी रही।

मकराना के राम किशन सिंह ने कहा, मैं तीसरी पीढ़ी का मूर्तिकार हूं और हम आजीविका के लिए पत्थरों पर डिजाइन तराशते हैं। मैं अबू धाबी में एक हिंदू मंदिर के विचार से बहुत उत्साहित था। भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देने का इससे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता है? उन्होंने कहा, मैंने मंदिर के लिए 83 टुकड़ों पर काम किया है और इसने क्या आकार लिया है। मंदिर का निर्माण बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था द्वारा दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल रहबा के पास अबू मुरीखा में 27 एकड़ की जगह पर किया जा रहा है।

मंदिर के अग्रभाग पर बलुआ पत्थर की पृष्ठभूमि पर उत्कृष्ट संगमरमर की नक्काशी है, जिसे राजस्थान और गुजरात के कुशल कारीगरों द्वारा पत्थर के 25,000 से अधिक टुकड़ों से तैयार किया गया है। मंदिर के लिए बड़ी संख्या में गुलाबी बलुआ पत्थर उत्तरी राजस्थान से अबू धाबी ले जाया गया था।

कई मंदिरों के लिए मूर्तियां बनाने वाले राजस्थान के ही कारीगर सोम सिंह ने बताया, 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने वाले चिलचिलाती तापमान के खिलाफ स्थायित्व के लिए जाने जाने वाले इन पत्थरों की पसंद, संयुक्त अरब अमीरात की जलवायु के लिए व्यावहारिक विचारों को दर्शाती है। भव्यता का स्पर्श सुनिश्चित करने के लिए मंदिर के निर्माण में इतालवी संगमरमर का उपयोग किया गया है।

उल्लेखनीय वास्तुशिल्प तत्वों में दो घुमट (गुंबद), सात शिखर (शिखर) शामिल हैं जो संयुक्त अरब अमीरात के सात अमीरात, 12 समरान (गुंबद जैसी संरचनाएं) और 402 स्तंभों का प्रतीक हैं। प्रत्येक शिखर के भीतर, जटिल नक्काशी रामायण, शिव पुराण, भागवतम और महाभारत की कहानियों के साथ-साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान स्वामीनारायण, भगवान वेंक टेश्वर और भगवान अयप्पा की कहानियों को दर्शाती है।

'डोम ऑफ हार्मनी' पांच प्राकृतिक तत्वों - पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और अंतरिक्ष - के सामंजस्य का एक अनूठा चित्रण करता है। ऊंट - दृढ़ता, प्रतिबद्धता और धीरज का प्रतीक - को भी संयुक्त अरब अमीरात के परिदृश्य से प्रेरणा लेते हुए नक्काशी में उकेरा गया है। पांचवी पीढ़ी के कारीगर बलराम टोंक ने बताया, हमने बेहतरीन सफेद संगमरमर और गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग करके जटिल नक्काशी बनाई है जो पवित्र ग्रंथों की कहानियों को बयान करती है। ये विस्तृत टुकड़े अब मंदिर के केंद्रबिंदु के रूप में काम करते हैं।

जिस दिन इन्हें साइट पर रखा जा रहा था, मैंने उस दिन का एक वीडियो देखा और उत्साह से उछल पड़ा। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मेरी रचनाएं युगों-युगों तक सभी की प्रशंसा के लिए प्रदर्शित होती रहेंगी। टोंक और उनके भाइयों ने अयोध्या में नए राम मंदिर पर भी काम किया। उन्होंने कहा, यह भगवान का आशीर्वाद है कि हमारे काम को इन मंदिरों में जगह मिल रही है।

पीएम मोदी भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में भारतीय समुदाय शिखर सम्मेलन "अहलान मोदी (हैलो मोदी)" को संबोधित करने वाले हैं। अगले दिन, वह बीएपीएस मंदिर में एक समर्पण समारोह में भाग लेंगे। मंदिर के अधिकारियों के अनुसार, आंतरिक भाग के निर्माण में 40,000 क्यूबिक फीट संगमरमर का उपयोग किया गया है। मंदिर के निर्माण प्रबंधक मधुसूदन पटेल ने कहा, "निर्माण के दौरान हमारी यात्रा नवाचार और चुनौतियों पर काबू पाने का मिश्रण रही है।

उन्होंने कहा, हमने गर्मी प्रतिरोधी नैनो टाइल्स और भारी ग्लास पैनलों का उपयोग किया है, दोनों पारंपरिक सौंदर्यवादी पत्थर संरचनाओं को आधुनिक कार्यक्षमता के साथ मिला दिया है। साइट पर खरीद और रसद की देखरेख करने वाले विशाल ब्रह्मभट्ट ने कहा कि मंदिर के निर्माण के लिए 700 से अधिक कंटेनरों में दो लाख क्यूबिक फीट से अधिक "पवित्र" पत्थर पहु ंचाए गए। उन्होंने आगे कगा कोविड महामारी और युद्ध जैसी कठिन वैश्विक चुनौतियों के बीच, यह चरम कार्य केवल विश्वास और सहयोग के कारण संभव हो सका। ट्रांसवल्र्ड ग्रुप, डीपी वल्र्ड, दुबई कस्टम्स और मुंद्रा पोर्ट ने इस कठिन कार्य को वास्तविकता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जयपुर। आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र-2023 के अन्तर्गत राजस्थान में नए एक्सप्रेस-वे के मार्गो की पहचान करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी के अनुमोदन के पश्चात इस टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को भारत की एक्सप्रेसवेज राजधानी बनाने का सरकार का लक्ष्य है और उसी लक्ष्य के अनुरूप संकल्प पत्र-2023 की क्रियान्विती में इस टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स 6 माह में नए सम्भावित एक्सप्रेसवेज का चिन्हीकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इस विषय कि विशिष्ट जानकारी रखने वाले विज्ञ अधिकारियों को टास्क फोर्स के अनुमोदन से आमंत्रित किया जा सकेगा।

टास्क फोर्स में यह अधिकारी शामिल-
टास्क फोर्स में सार्वजनिक निर्माण विभाग के शासन सचिव, संजीव माथुर, मुख्य अभियन्ता एवं अतिरिक्त सचिव डीआर मेघवाल, मुख्य अभियन्ता (एनएच) विकास दिक्षित, मुख्य अभियन्ता (गुणवत्ता नियंत्रण) मुकेश भाटी, अधीक्षण अभियन्ता अनुप गहराना, अनुपम गुप्ता एवं राजीव अग्रवाल को शामिल किया गया है।

जयपुर में पहले ही ट्रैफिक की रेलमपेल है, वहीं जेएलएन मार्ग पर चलती तीन कारों में खुद की और दूसरों की जान जोखिम में डालकर कुछ युवक-युवतियां स्टंट करते नजर आए। एक राहगीर ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसके बाद लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए दूसरों की जान भी जोखिम में डाली जा रही है। पुलिस के मुताबिक इस वीडियो में नजर आ रही एक कार मालवीय नगर स्थित भगवानपुरी निवासी मधुकर वर्मा के नाम से रजिस्टर्ड है।

जेएलएन मार्ग के बाद मानसरोवर के भृगु पथ पर भी सोमवार दोपहर इसी तरह एक कार में दो युवतियां स्टंट करती नजर आईं। हालांकि एक राहगीर ने यहां भी फोटो ली, तब तक एक युवती कार के अंदर बैठ गई और दूसरी खिड़की से बाहर लटके हुए थी।


हादसे की आशंका
चलती कार में खिड़की से बाहर निकलने पर संतुलन बिगड़ने या फिर कार की रफ्तार तेज होने पर स्टंट करने वाले के सड़क पर गिरने की आशंका रहती है। पीछे से आने वाले वाहन से कुचलने की भी आशंका रहती है।

यहां देखें वीडियो

कार्रवाई करने को कहा
एडिशनल डीसीपी, ट्रैफिक राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि सड़कों पर किसी भी तरह का स्टंट नहीं किया जा सकता है। जेएलएन मार्ग पर वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को कार के नंबरों के आधार पर जानकारी जुटाकर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। कोई भी राहगीर सड़क पर इस तरह के स्टंट करने वालों के वीडियो बनाकर ट्रैफिक पुलिस को भेज सकते हैं, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

Siren Of ATM Foils Loot : राजधानी जयपुर में एक बार फिर एटीएम उखाडऩे वाली गैंग सक्रिय हो गई। बदमाशों ने टोंक रोड स्थित 12 मील चौराहे के पास एचडीएफसी बैंक का एटीएम उखाड़ दिया। सायरन बजने पर पांच मिनट में ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इससे बदमाश एटीएम को छोड़कर भाग गए। सांगानेर सदर थाने के एसएचओ चन्द्रभान सिंह ने बताया कि बदमाश पिकअप जीप में आए थे। मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि वे कच्चे रास्ते से होते हुए भाग गए। उनकी तलाश की जा रही है। घटना शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि करीब 2 बजे की है। पिकअप सवार चार बदमाश एटीएम बूथ पर पहुंचे और एटीएम को रस्सी से बांधकर पिकअप से खींचकर उखाड़ दिया।

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पुलिस के निकलते ही की वारदात
एसएचओ चन्द्रभान सिंह ने बताया कि दस मिनट पहले ही 12 मील चौराहे से पुलिस निकलकर गई थी। उसके बाद बदमाशों ने एटीएम को उखाड़ दिया। एटीएम में 23 लाख 19 हजार रुपए थे। गौर करने वाली बात है कि सिरसी रोड पर भी बदमाशों ने दो एटीएम उखाड़ दिए थे, जिनमें एक एटीएम को वाहन के पीछे रस्सी से बांधकर घसीट ले गए थे। हालांकि बाद में बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

राजधानी जयपुर में लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों पर मोबाइल सिम जारी करने वाले गिरोह का सोमवार को पर्दाफाश किया गया। पुलिस ने सरगना सहित 20 एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इनमें सरगना डिस्ट्रीब्यूटर को मुकदमे में और 19 एजेंटों को शांतिभंग करने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि 3120 फर्जी सिम जारी होने का पता चलने के बाद गत सात माह से पुलिस मुख्यालय व कमिश्नरेट की संयुक्त रूप से कई टीमें इस संबंध में काम कर रही थी। जयपुर में 59 मोबाइल सिम जारी करने वाले दुकानदार व एजेंटों की तस्दीक की गई तो डिस्ट्रीब्यूटर के अलावा 19 एजेंट संदिग्ध मिले। कंपनियों का सिम जारी करने का टारगेट पूरा करने के लिए आरोपी फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी कर खुद के पास ही रख रहे थे। मामले में सभी एजेंटों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस संबंध में वोडाफोन के गौरव टावर स्थित ऑफिस के लीगल मैनेजर मनीष शर्मा ने 5 जुलाई 2023 को जवाहर सर्कल थाने में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस कमिश्नर जोसफ ने बताया कि दुकानदारों से दस्तावेजों की तस्दीक की गई तो पता चला कि एक व्यक्ति की फोटो पर ही अलग-अलग नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर सिम जारी कर दी गई। कई एजेंट ने टारगेट पूरा करने के लिए अपने रिश्तेदार व परिचितों की फोटो फर्जी आईडी पर लगाकर सिम जारी कर दी। पुसिल ने मूलत: झुंझुनूं के सुरजगढ़ हाल झोटवाड़ा स्थित जोशी मार्ग निवासी डिस्ट्रीब्यूटर संदीप गुप्ता व विभिन्न दुकानों पर काम करने वाले एजेंट में चिड़ावा निवासी संदीप कुमार मेघवाल, सूरजगढ़ निवासी अशोक कुमार, हाथौज स्थित शिव नगर विस्तार निवासी अजय कुमार जाट, चाकसू के रामनिवासपुरा निवासी दिनेश खण्डेलवाल, चाकसू के कोट का मोहल्ला निवासी मनीष अग्रवाल, सवाईमाधोपुर के श्रीगणेशपुरा निवासी हरिनारायण गुर्जर, सांगानेर निवासी सुनीश शर्मा, शिप्रापथ में जगन्नाथपुरी तृतीय निवासी महेश पोसवाल, उदयपुरिया निवासी महेश कुमार सैनी उसका भाई सूरजमल सैनी, कालवाड़ में सारंग का वास निवासी कैलाश जाट, कालवाड़ स्थित कुम्हारों की ढाणी निवासी जगदीश कुमावत, कालाडेरा स्थित मेहता की ढाणी निवासी रामनिवास शर्मा उसका भाई कन्हैयालाल शर्मा, कानोता में गीला की नांगल निवासी रमेश शर्मा, जामडोली स्थित देराउर नगर निवासी दिनेश सैनी, सांगानेर सदर में श्रीरामपुरा निवासी कमलेश उर्फ कमल शर्मा, सांगानेर में वल्लभ मार्ग निवासी मनीष सैनी को गिरफ्तार किया। डिस्टीब्यूटर ही टारगेट पूरा करने के लिए दुकानदार व एजेंटों सहित अन्य लोगों के नाम से फर्जी सिम जारी करवा रहा था।

जयपुर। एजुकेशन के साथ गेम्स को बढ़ावा देने के लिए एक परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत हुई। शिक्षा विभाग, स्टेयर्स फाउंडेशन और आईटीसी की ओर से सोमवार को आरएएस क्लब में खेल कार्यक्रम के माध्यम से एक अभिनव शिक्षा "बाउंस ऑफ जॉय" को लांच किया। "बाउंस का जाॅय" में राज्य के गवर्नमेंट स्कूलों के 132 फिजिकल एजुकेशन टीचर्स को स्कूलों में खेल को बढ़ावा देने के लिए वर्कशॉप में ट्रेनिंग दी गई। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सचिव नवीन जैन, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डाॅ. भावना शर्मा, विधायक देवी सिंह शेखावत, आईटीसी के सीओओ अली हैरिस शेरे, स्टेयर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ उपाध्याय, स्टेयर्स फाउंडेशन के राजस्थान हेड गौरांग अग्रवाल, हर्ष सागर जैन और नीमकाथाना से भाजपा नेता शरद दीवान ने अपने अनुभव साझा किए। वर्कशॉप में एक्सपर्ट्स ने कहा कि देश में स्कूलों में खेलों को लेकर स्टूडेंट में जागरूकता नहीं है। खासकर प्रोफेशनल गेम्स के प्रति स्टूडेंट का बहुत कम रुझान है। इसीलिए इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को फुटबॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी।

Sports Talent In Government Schools : राजस्थान के स्कूलों में खेलकूद को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेयर्स फाउंडेशन (राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन-एनएसपीओ के सहयोग और आईटीसी के सौजन्य से) प्रदेश में एक अभिनव पहल के तौर पर 'बाउंस ऑफ जॉय' कार्यक्रम लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआत सोमवार को स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने की। इस रणनीतिक साझेदारी से प्रदेश के स्कूलों में खेलों के माध्यम से समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव जैन ने कहा कि 'बाउंस ऑफ जॉय' कार्यक्रम के माध्यम से हमारी स्कूलों के शारीरिक शिक्षकों विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे विद्यालयों में युवा खेल प्रतिभाओं को तराश कर मैदान के अंदर और बाहर चैंपियनों की एक पीढ़ी का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि खेलों को शिक्षा में एकीकृत करने से न केवल शारीरिक कल्याण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम वर्क और लचीलापन के गुणों का विकास होता है। यह एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाता है।

शासन सचिव ने कहा कि 'बाउंस ऑफ जॉय' कार्यक्रम के तहत पूरे राजस्थान में 100 स्कूल और 132 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का पायलट चरण में 'नीडकृगेप एनालिसिस' के आधार पर चयन किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समर्पित कोच और प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का यह बैच स्कूलों में खेलकूद को प्रोत्साहन देते हुए प्रदेश में खेलों में की सफलता नई कहानी लिखेगा। इस कार्यक्रम के लिए चयनित शारीरिक शिक्षा शिक्षक 'बाउंस ऑफ जॉय' के पीछे प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेंगे।

राजस्थान में खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, आईटीसी लिमिटेड के सीओओ अली हैरिस शेरे ने कहा कि राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेयर्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी इस परिवर्तनकारी पहल को शुरू करते हुए आईटीसी को बहुत गर्व है। यह कार्यक्रम युवा विकास और सामुदायिक भागीदारी के लिए आईटीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

स्टेयर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ उपाध्याय ने कहा कि 'बाउंस ऑफ जॉय' कार्यक्रम के जरिए हमारा लक्ष्य शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को सशक्त बनाकर उनके माध्यम से खेलकूद के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध, हमारा कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में हमारे देश की सफलता में योगदान देगा।

'बाउंस ऑफ जॉय' का उद्देश्य
स्कूल चयन प्रक्रिया के साथ, 'बाउंस ऑफ जॉय' शिक्षकों की पहचान पर जोर देता है। शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षकों को न केवल उनकी पेशेवर विशेषज्ञता के लिए बल्कि शिक्षा में खेलों को बढ़ावा देने के प्रति उनके अटूट समर्पण के लिए भी चुना जाता है। समग्र विकास को बढ़ावा देने के जुनून के साथ विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध प्रशिक्षकों का एक विशेष कैडर तैयार करना है। इन चयनित शिक्षकों की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए खस प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। यह मॉड्यूल, विशेष रूप से राजस्थान और भाग लेने वाले स्कूलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इसमें शिक्षकों को पाठ्यक्रम में खेलों को सहजता से एकीकृत करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करने पर जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 'बाउंस ऑफ जॉय' में खेल शिक्षा के दायरे से परे, छात्र कल्याण के व्यापक पहलुओं को समाहित किया गया है। इस मॉड्यूल में पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन कौशल जागरूकता जैसे पहलुओं को एकीकृत किया गया है।

इसके तहत पेशेवर फुटबॉल प्रशिक्षकों की एक समर्पित टीम राज्य भर में 100 से अधिक कक्षाओं का संचालन करेगी। इसमें प्रशिक्षण गोलपोस्टों का वितरण और संयोजन, सभी भाग लेने वाले स्कूलों में एक समान और उच्च गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा प्रदान करना, पेशेवर-ग्रेड फुटबॉल वितरित करने से लेकर सुलभ खेल उपकरणों के मानक को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में दो दिन बाद यानी 8 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन), जेल में बंद इमरान खान की पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (पीटीआइ) और बिलावल भुट्टो की अगुवाई वाली पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच है। लेकिन चौथे किरदार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और वह है पाकिस्तानी फौज, जो पाकिस्तान की राजनीति में विशेष भूमिका रहती है।

नवाज शरीफ
पंजाब का शेर कहे जाने वाले नवाज शरीफ की पीएमएल-एन को अकेले बहुमत तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो नवाज चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। हालांकि अब तक उन्होंने कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। सत्ता या विपक्ष में रहते भ्रष्टाचार के कई मामलों में वर्षों जेल या निर्वासन में रहे हैं। 74 वर्षीय शरीफ देश के सबसे धनी लोगों में गिने जाते हैं। आर्थिक उदारीकरण के पक्षधर हैं और भारत से संबंध सुधारने के इच्छुक। भाई और पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी उनके पक्ष में लगातार रैलियां कर रहे हैं।

फौज
पाकिस्तान के 76 वर्ष के इतिहास में लगभग आधे समय सेना ने ही देश पर शासन किया है। अयूब खान, याह्या खान, जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ की देश की राजनीति पर गहरी छाप है। इसके अलावा अन्य सरकारों में भी विदेश और रक्षा नीति फौज ही तय करती है। राजनीतिक दल और उनके नेता सेना के समर्थन से ही उठते और गिरते रहे हैं। हालांकि प्रत्यक्ष रूप से सेना चुनावों में इस्तक्षेप से इनकार करती रही है।

इमरान खान
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के चुनाव में हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं है। वह भ्रष्टाचार, देशद्रोह और अवैध विवाह की अलग-अलग सजा भुगत रहे हैं। उन्हें एक दशक के लिए राजनीति से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न भी छिन गया, लिहाजा ज्यादातर उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव मैदा में हैं। हालांकि उनकी पार्टी पीटीआइ को बड़ी जीत का भरोसा है।

बिलावल भुट्टो
एक समय भुट्टो-जरदारी परिवार पाकिस्तान की राजनीति का केंद्र बिंदु था। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बड़े बेटे बिलावल के नाना जुल्फिकार प्रधानमंत्री और पिता आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति रह चुके हैं। 35 वर्षीय बिलावल की पार्टी पीपीपी को अकेले सत्ता तक पहुंचने की उम्मीद नहीं है, लेकिन दक्षिणी सिंध प्रांत में पार्टी की पकड़ से कुछ उम्मीद है।

चुनावी मैदान में हाफिज के रिश्तेदार
इस चुनाव में नई पार्टी पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग भी हिस्सा ले रही है। यह पार्टी मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके ज्यादातर उम्मीदवार या तो हाफिज सईद के रिश्तेदार हैं या प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा या मिल्ली मुस्लिम लीग से जुड़े रहे हैं।

मतपत्र छापने में 2170 टन कागज का इस्तेमाल
नेशनल एसेंबली और पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की प्रांतीय एसेंबली के 859 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 26 करोड़ मतपत्र छपवाए गए हैं। चुनाव आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक तीन सरकारी प्रेस में हुई छपाई में 2170 टन कागज का इस्तेमाल हुआ, जो 2018 के बाद सबसे ज्यादा है।

महिला बार हिंदू महिला भी मैदान में
पाकिस्तान में पहली बार कोई हिंदू महिला भी चुनाव मैदान में उतरी है। खैबर पख्तूनख्वा की बुनेर सीट से पीपीपी की टिकट पर चुनाव लड़ रही सवीरा प्रकाश पेशे से डॉक्टर हैं और अभी पीपीपी महिला विंग की महासचिव हैं। वह अक्सर महिला अधिकारों की वकालत करती हैं।

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मुंबई. हिल्टन मेटल फोर्जिंग लिमिटेड रेलवे फोर्ज्ड वैगन व्हील, फ्लैंज, फिटिंग और ऑयलफील्ड और मरीन प्रोडक्ट्स जैसे उत्पादों में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने रेलवे फोज्ड वैगन व्हील के बड़े कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने सालाना 48,000 व्हील्स बनाने की क्षमता स्थापित की है और इसका लक्ष्य प्रतिस्थापन बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करना है। कंपनी निकट भविष्य में टेंडर के माध्यम से बड़े रेलवे फोज्र्ड वैगन व्हील ऑर्डर हासिल होने उम्मीद भी कर रही है। पिछले 18 महीनों में कंपनी ने 2000 से अधिक रेलवे फोर्ज्ड वैगन व्हील्स और रेल गियर ब्लैंक की आपूर्ति की है। कंपनी देश में विभिन्न भारतीय रेलवे वर्कशॉप्स में प्रतिस्थापन बाजार के लिए रेलवे फोर्ज्ड वैगन व्हील की आपूर्ति करती है। वर्ष 2005 में स्थापित हिल्टन मेटल फोर्जिंग लिमिटेड' स्टील फोर्जिंग उद्योग में एक प्रमुख निर्माता और वितरक के रूप में स्थापित हुई है और यह फ्लैंज, फिटिंग और ऑयलफील्ड और मरीन प्रोडक्ट्स जैसे उत्पादों में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने टरबाइन ब्लेड के निर्माण और फोर्ज्ड वैगन व्हील्स के उत्पादन के साथ रेलवे उद्योग में प्रवेश करके अपने पोर्टफोलियो का सफलतापूर्वक विस्तार किया है।

राज्य में विभिन्न सरकारों में अब तक मंत्री की पसंद के ही विशिष्ट सहायक लगते आए हैं। लेकिन, पहली बार राज्य की भजनलाल सरकार ने फॉर्मूला तय किया है कि मंत्रियों की पसंद के आरएएस अधिकारी (विशिष्ट सहायक) नहीं लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जिस जाति का मंत्री है, उस जाति का विशिष्ट सहायक नहीं लगाया जाएगा। यह फार्मूला तीन दिन पहले 7 मंत्रियों के लगाए गए विशिष्ट सहायकों की सूची में देखने को मिला। दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के उन्हीं की जाति और पसंद के शुरुआती दौर में लगाए गए विशिष्ट सहायकों को बदल दिया गया है। अब चर्चा है कि सरकार के इस निर्णय से मंत्रियों में अंदरखाने कुछ नाराजगी भी है। दरअसल, मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर एक हजार से अधिक आरएएस अधिकारियों में से 60 का राज्य सरकार ने चयन किया है, जिनमें से विशिष्ट सहायक लगाए जाएंगे। अभी 16 मंत्रियों के और विशिष्ट सहायक लगाए जाने हैं।

 

 

सीएस लगने के बाद तय हुआ फाॅर्मूला


सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद से ही सरकार मंत्रियों के यहां विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर तैयारी में जुट गई थी। इस मंथन और तैयारी में मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर करीब 60 आरएएस अधिकारियों के नाम छांटना बताया जा रहा है। इन 60 आरएएस का गत पांच वर्ष से अधिक समय का सर्विस रेकॉर्ड और कार्यशैली देखी गई है। इनमें से अब तक 40 अधिकारियों की सूची तैयारी की जा चुकी है। इन चालीस में से 7 को सरकार दो उपमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों के यहां विशिष्ट सहायक नियुक्त कर चुकी है।

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इनको बदला


मुख्यमंत्री के साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने शपथ ली थी। ऐसे में शुरुआती दौर में दोनों की पसंद के विशिष्ट सहायक लगा दिए गए थे। दिया कुमारी के यहां गोपाल सिंह और प्रेम चंद बैरवा के यहां सावन कुमार चायल को विशिष्ट सहायक लगाया गया था। मंत्रियों की शपथ होने के बाद विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर नया फाॅर्मूला तय किया गया है। इसके तहत दोनों उप मुख्यमंत्रियों के विशिष्ट सहायकों को हटाकर नए विशिष्ट सहायक लगाए गए हैं। लेकिन, दोनों ही उप मुख्यमंत्रियों के अभी पुराने ही अधिकारी विशिष्ट सहायक का कामकाज देख रहे हैं।

 

 

इन 5 मंत्रियों को मिले विशिष्ट सहायक


सरकार ने नए फार्मूले के आधार पर ही कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, किरोड़ीलाल मीना, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कन्हैयालाल चौधरी, हीरालाल नागर के यहां विशिष्ट सहायक नियुक्त किए हैं।

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इन 16 मंत्रियों को विशिष्ट सहायक का इंतजार


कैबिनेट मंत्रीः मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, सुरेश रावत, अविनाश गहलोत, सुमित गोदारा, जोराराम कुमावत, बाबूलाल खराड़ी, हेमंत मीना।
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारः संजय शर्मा, गौतम कुमार दक, झाबर सिंह खर्रा
राज्यमंत्रीः ओटाराम देवासी, मंजू बाघमार, विजय सिंह, केके विश्नाई, जवाहर सिंह बेढम।

 

 

विधानसभा में उठा था मामला


मंत्रियों को एक माह से अधिक समय बाद भी विशिष्ट सहायक नहीं मिलने का मामला विधानसभा में कांग्रेस की ओऱ से उठाया गया था।

Weather Update : प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते तीन दिनों में जयपुर सहित अन्य जगहों पर मौसम के अलग-मिजाज देखने को मिले। रविवार देर रात भी कुछ जगहों पर मेघगर्जन के साथ ही बारिश हुई। सोमवार अलसुबह तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे सुबह मौसम में ठंंडक रही लेकिन दोपहर में सूर्यदेव की तपिश में तेजी रही। तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक बीते 24 घंटो में राज्य के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्के से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश धौलपुर में 35 मिमी जबकि पश्चिमी राजस्थान के बिलाड़ा, जोधपुर में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। जयपुर में 22.4 एमएम बारिश दर्ज की गई जो कि फरवरी माह में बीते 10 साल में एक दिन में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड है।

मौसम रहेगा शुष्क
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक आज से राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में कमी रहेगी। अधिकांश भागों में आगामी पांच से छह दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। न्यूनतम तापमान में अगले दो से तीन दिनों में दो से चार डिग्री गिरावट होने व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं घना कोहरा दर्ज होने की संभावना है।

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श्रीगंगानगर का पारा सबसे कम दर्ज
प्रदेश में बीते 24 घंटे में सबसे कम पारा श्रीगंगानगर का 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इधर सीकर में भी घना कोहरा छाने से सीकर में तापमान में गिरावट आई। दृश्यता 15 मीटर से भी कम रही। न्यूनतम तापमान 10.5 और सीकर का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर कोटा शहर में सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। दिनभर बादल छाए रहे। सूर्य बादलों की ओट में छिपे रहे। इसके चलते धूप नहीं खिली। बारां में भी बादल छाए रहे। सुबह बूंदाबांदी हुई। नागोर में कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर में बादल छाने के साथ ही तेज हवाएं चली। बाड़मेर में हल्के कोहरे के कारण दिन में निकली धूप बेअसर रही।

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Jaipur Literature Festival 2024 : कांग्रेस अगर अपनी हालत में सुधार चाहती है तो उसे गांधी परिवार से बाहर सोचना होगा। मेरे पिता ने केवल राहुल गांधी को अपरिपक्व कहकर उनकी आलोचना की लेकिन उसे कांग्रेस की आलोचना मान लिया गया। मेरे पिता ने अपना सारा जीवन कांग्रेस को दिया। वह इंदिरा गांधी के अंधभक्त थे लेकिन मेरी किताब आने के बाद हम दोनों को बुरी तरह से ट्रोल किया गया। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सोमवार को अपने पिता पर लिखी किताब प्रणब माई फादर: अ डॉटर्स रिमेंबर्स पर चर्चा करते हुए शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता प्रणब मुखर्जी को लेकर कहा कि मौत से छह साल पहले ही उन्हें अपनी डायरी में कांग्रेस की हालत पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस के अंदर भी लोकतंत्र जरूरी है। जमीनी और बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को अहमियत मिलनी चाहिए। किताब आने के बाद तो यह भी कहा जाने लगा था कि वह बीजेपी में जाना चाहती हैं, जबकि वह एक हार्डकोर कांग्रेसी हैं। शर्मिष्ठा ने कहा कि मेरे पिता की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाने चाहिए। मेरे पिता इंदिरा गांधी पर आंख बंद कर भरोसा करते थे। वह हमेशा धोती कुर्ता पहनते थे लेकिन 1972 में वह जब मंत्री बने तो इंदिरा गांधी के कहने पर बंद गले का सूट पहनना शुरू किया था।

 

 

नहीं चाहते थे सरकार बने


यूपीए सरकार के दोनों कार्यकाल के दौरान प्रणब नहीं चाहते थे कि यूपीए सरकार बनाए। उनका कहना था कि एक कमजोर सरकार बनाने से बेहतर मजबूत विपक्ष बनना है। उन्होंने सोनिया को साफ कहा था कि गठबंधन की सरकार में हमें दूसरे दलों के रहमो-करम पर रहना होगा। लेकिन सोनिया नहीं मानीं।


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जनता ने बनाया आरएसएस प्रचारक को प्रधानमंत्री


राष्ट्रपति पद से हटने के बाद 2018 में प्रणब नागपुर में आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। तब शर्मिष्ठा ने उनसे काफी जिद-बहस की थी। तब प्रणब का कहना था कि मैं आरएसएस को वैधता नहीं दे रहा हूं। जनता ने एक आरएसएस प्रचारक को इस देश को प्रधानमंत्री चुन कर उसे पहले ही वैधता दे दी है।

 

 

जोर से डांटा था इंदिरा ने



वर्ष 1980 में प्रणब ने घर वालों और यहां तक कि इंदिरा गांधी के मना करने के बावजूद चुनाव लड़ा और हार गए। तब इंदिरा गांधी उन पर बहुत चिल्लाई थीं। संजय गांधी ने जब कहा कि प्रणब को बैठ जाने दो, तब भी उन्होंने उन्हें खड़े ही रखा। प्रणब इसे अपने प्रति इंदिरा गांधी का स्नेह मानते थे।

 

 

प्रधानमंत्री बनने के बाद भी बुलाते थे सर


मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री बने, तब भी प्रणब मुखर्जी को सर ही बुलाते थे क्योंकि एक वक्त ऐसा था जब प्रणब वित्त मंत्री थे और मनमोहन सिंह आरबीआई गवर्नर। तब प्रणब ने कहा था कि आप प्रधानमंत्री नहीं हैं, आप मुझे सर नहीं बुला सकते। प्रणब मानते थे कि मनमोहन सिंह जैसा जेंटलमैन उन्होंने नहीं देखा।


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बनना चाहते थे प्रधानमंत्री


शर्मिष्ठा ने कहा कि यह सही है कि उनके पिता प्रधानमंत्री बनना चाहते थे और इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सबने यही सोचा था कि वही अंतरिम प्रधानमंत्री बनेंगे। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता भी राजीव की कैबिनेट का हिस्सा न होने के कारण किसी बाहरी व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाए जाने के खिलाफ थे और शायद यही वजह थी कि चुनाव जीतने के बाद जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने तो सबसे पहले उन्होंने इंदिरा के तीन करीबियों प्रणब, आर के धवन और ज्ञानी जैल सिंह को बाहर कर दिया था। राजीव का कहना था कि प्रणब का अपने मुताबिक चलाना मुश्किल है। हालांकि बाद में परिस्थितियां फिर बदलीं।

Rajasthan News : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनता को रेलवे की बड़ी सौगात देने की तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी माह देशभर के 500 स्टेशन व 1600 आरयूबी-आरओबी का एक साथ वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। इनमें उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल, अजमेर मंडल और बीकानेर मंडल के कुल 22 रेलवे स्टेशन और 127 आरयूबी-आरओबी शामिल हैं।

 

 

 

देशभर में 2100 स्थानों पर होंगे कार्यक्रम


देशभर में पहली बार एक साथ 2100 स्थानों पर वचुअली लोकार्पण कार्यक्रम होगा। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करवाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक कार्यक्रम स्थल पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेल अधिकारी, कर्मचारी, आमजन व स्कूली बच्चे शामिल होंगे।

 

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उत्तर पश्चिम रेलवे के इन स्टेशनों का होगा लोकार्पण



- जयपुर मंडल: सांगानेर, दौसा, फतेहपुर शेखावाटी, खैरथल, नीमकाथाना, राजगढ़।
- अजमेर मंडल: ब्यावर, फतेहनगर, जंवाई बांध, रानी, सोमेसर।
- बीकानेर मंडल: मंडी आदमपुर, भट्टू, चरखी दादरी, गोगामेड़ी, हांसी, कालांवाली, कोसली, लोहारू, मंडी डबवाली, महेंद्रगढ़, रायसिंह नगर।

सुविचार
किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होती... संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं, लेकिन उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर सकता है

आज क्या खास

- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भरतपुर प्रवास का आज दूसरा दिन, बांके बिहारी मंदिर में विशेष सेवा-पूजा करने के बाद भाजपा जिला कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और फिर सर्किट हाउस में प्रबुद्धजनों से करेंगे मुलाक़ात, इससे पहले सोमवार को भजनलाल शर्मा सीएम बनने के बाद पहली बार अपनी जन्मस्थली गांव अटारी पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। घर पहुंचने पर सीएम के माता-पिता ने उनका तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। उसके बाद गांव वालों ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर और माला-साफा पहनाकर स्वागत किया।


- राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश मोहन श्रीवास्तव का शपथ ग्रहण समारोह आज, राज्यपाल कलराज मिश्र जयपुर स्थित राजभवन में शाम 4 बजे दिलाएंगे शपथ

- फुलेरा-डेगाना जंक्शन रेलखंड के नावां सिटी से कुचामन सिटी रेलवे स्टेशनों के बीच रेल लाइन का चल रहा दोहरीकरण कार्य, जोधपुर-वाराणसी सिटी मरुधर एक्सप्रेस आज से 22 फरवरी तक जोधपुर से परिवर्तित मार्ग लूनी-मारवाड़ जंक्शन-अजमेर-फुलेरा के रास्ते चलेगी

- पीएम नरेंद्र मोदी आज गोवा में करेंगे 'भारत ऊर्जा सप्ताह 2024' का उद्घाटन, करीब 1 हज़ार 330 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास

- ज्ञानवापी मामले से जुड़ी दो याचिकाओं पर वाराणसी की जिला कोर्ट में सुनवाई आज, परिसर के सर्वे में हिंदुओं से संबंधित साक्ष्य मिलने पर मस्जिद समिति रखेगा अपना पक्ष

- उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार आज देहरादून स्थित राज्य विधानसभा में पेश करेगी समान नागरिकता संहिता (UCC) विधेयक

- दिल्ली में आज से सभी स्कूल अपने नियमित समय में खुलेंगे, कड़ाके की सर्दी से राहत और मौसम में बदलाव के मद्देनजर सरकार ने लिया फिर से स्कूल खोलने का फैसला

काम की खबरें

- पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब, कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन को लिया निशाने पर, लोकसभा चुनाव में भाजपा को 370, तो एनडीए को 400 सीट पार होने की 'भविष्यवाणी'


- चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई में तीन जजों की तल्ख टिप्पणी, प्रिजाइडिंग ऑफिसर का वोटों को कथित रूप से रद्द करने का वीडियो देखकर बोले, 'हम लोकतंत्र की हत्या की अनुमति नहीं देंगे'

- झारखंड के मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन ने फ्लोर टेस्ट किया पास, बहुमत साबित करने के बाद बोले, 'निवर्तमान सीएम हेमंत सोरेन की सभी योजनाओं को तीव्र गति से करेंगे पूरा, दो से तीन दिनों में मंत्रिमंडल का होगा विस्तार'

- कांग्रेस सांसद और कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ ने की लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा, छिंदवाड़ा में बोले 'कमलनाथ नहीं, मैं लडूंगा चुनाव'

- दिल्ली सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए फ्री बस सर्विस की सुविधा का लिया फैसला

- केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने राज्य विधानसभा में बजट किया पेश, 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने का किया दावा, अंतरिम पैकेज के साथ-साथ दीर्घकालिक पैकेज की भी की घोषणा

- ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस ने की किंग चार्ल्स तृतीय को कैंसर होने की पुष्टि, प्रोस्टेट के इलाज के लिए पिछले महीने ही लंदन स्थित एक अस्पताल में भर्ती हुए थे किंग चार्ल्स

- प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य धांधली करने वालों को अब 10 साल की सजा और एक करोड रुपए तक हो सकेगा जुर्माना, लोकसभा में केंद्र सरकार ने 'लोक परीक्षा विधायक 2024' किया पेश

- उत्तर प्रदेश के बागपत की सिविल कोर्ट ने 54 साल के बाद सुनाया बड़ा फैसला, मुस्लिम पक्ष के वाद को किया खारिज, बागपत में लाक्षागृह और आसपास की 100 बीघा जमीन का मालिक आना हक हिंदू पक्ष को दिया

- दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूब ध्रुव राठी के वीडियो 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2' रिट्रीट करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार

- सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी द्वारा दायर अदालत की अवमानना मामले में सेवानिवृत्ति आईपीएस अधिकारी संपत कुमार को 15 दिन की कैद की सजा के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को

- भारत ने इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट मैच में 106 रन से दी शिकस्त, सीरीज में एक-एक की बराबरी, प्लेयर ऑफ द मैच बने जसप्रीत बुमराह

 

रायपुर। शरीर में किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए कई तरह की जांच से गुजरना होता है। इसमें समय और धन दोनों खर्च होते हैं। इसी प्रक्रिया को सरल और सस्ती करने के नजरिए से आईआईटी भिलाई फिजिक्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर ध्रुवप्रताप सिंह ने एक खोज की है। उन्होंने माइक्रो रोबोट का प्रोटोटाइप मॉडल तैयार किया है। इसकी खासियत यह कि बॉडी के किसी भी हिस्से में जाकर सेंस कर सकता है और चाही गई जानकारी फौरन जुटा सकता है। रिसर्च टीम में रिसर्च स्कॉलर श्रीकांत देवता और सुवेंदु कुमार पांडा शामिल हैं, जिन्हें ध्रुवप्रताप लीड कर रहे हैं।

ऐसे काम करेगा मॉडल
ध्रुवप्रताप बताते हैं, बॉडी में कैंसर सेल्स या ट्यूमर सेल्स को डायग्नोस करने उस हिस्से का सेंपल लेना पड़ता है। यह कठिन और समय लेने वाली प्रक्रिया है। बॉडी में कई तरह के पार्ट होते हैं। कुछ हिस्से अलग-अलग केमेस्ट्री में रिएक्शन कर रहे होते हैं। इन्हें लॉर्ज वॉल्यूम में सेंस करने का काम माइक्रो रोबो करेगा।

छोटी लोकेशन भी टारगेट पॉइंट
इस मॉडल की खास बात बॉडी के छोटी से छोटी लोकेशन को टारगेट करना है। बॉडी में हो रहे बदलाव को सेंस करके सिग्नल मिलने से न सिर्फ बीमारी को जल्द से जल्द पहचाना जा सकेगा बल्कि इलाज की प्रक्रिया भी जल्दी शुरू की जा सकेगी।

डेढ़ साल से चल रहा काम
ध्रुवप्रताप ने बताया, इस मॉडल पर डेढ़ साल से रिसर्च चल रहा है। माइक्रो रोबो पर पहले भी काम करते रहे हैं। उस वक्त हमने बैक्टीरिया और सेल्स को इंट्रैक्ट करने का काम किया था। उसी दौरान लगा कि इसे सेंस भी कर सकते हैं। इसके प्रेजेंस को देखने के लिए फंक्शनल मेटेरियल की कोटिंग कर रिसर्च शुरू किया। हालांकि हम अभी बॉडी तक नहीं पहुंचे हैं। हमने ट्यूमर और कैंसर सेल्स कॉ मॉडल बनाकर लैब में उसी साइज के वॉल्यूम और रेशियों में जेनेरेट किया।

स्टार्ट पॉइंट में माइक्रो रोबो
डाइग्राम में दिखाई दे रहा है कि स्टार्ट पाइंट में माइक्रो रोबोट की एंट्री हुई है। शुरुआती तौर पर सिग्नल कमजोर है इसलिए पीएच भी वीक है। माइक्रो रोबो को आर्टिफिशियल सेल्स तक और उसके बाद फाइरल पॉइंट तक ले जाया गया जहां सिग्नल हाई मिला और पीएच भी हाई लेवल तक पहुंच गया।

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JLF 2024 : आईपीएल में खोखों(करोड़ों) और पेटी(लाखों) में सट्टेबाजी को लेकर डील होती है। यहां कि प्राइवेट प्रीमियर लीग्स सट्टेबाजी के लिए होती हैं। शुरुआत में जब आईपीएल में सट्टेबाजी के तार दुबई में बैठे दाऊद इब्राहिम से भी जुड़े पाए गए थे। जब मैं पूरे देश को आईपीएल के उन्माद में देखता हूं तो दुख होता है क्योंकि मैं जानता हूं कि इसके पीछे क्या है। दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर और बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट में सलाहकार के तौर पर काम कर रहे आईपीएस नीरज कुमार ने सेशन दिल्ली पुलिस खेलों खासकर क्रिकेट में होने वाले बेईमानी को सिरे से उजागर किया। उनका कहना था कि अगर भारत में सट्टेबाजी को वैध भी कर दिया जाए तो भी खास फर्क पड़ने वाला नहीं क्योंकि इसमें सारा काला धन लगा होता है। अ कॉप इन क्रिकेट किताब के लेखक नीरज का कहना था कि आईपीएल-6 के बाद जब श्रीसंत और दो अन्य क्रिकेटरों को सट्टेबाजी में लिप्त पाया गया था तो 2013 में स्पोर्ट्स इंटेग्रिटी बिल लाने की कोशिश की गई लेकिन बीसीसीआई ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई।

 

70 अफसरों के बैच में अकेली महिला


कसाब और याकूब मेनन को फांसी के फंदे तक पहुंचाने वालीं मुंबई कैडर की पूर्व आईपीएस मीरा चड्ढा बोरवांकर का कहना था कि जब तक पुलिस फोर्स में ज्यादा से ज्यादा महिलाएं नहीं आएंगी, पुलिस की छवि सुधरने वाली नहीं। उन्होंने कहा कि वह 1981 में 70 ऑफिसर के बैच में अकेली महिला थीं और सारे पुरुष ऑफिसर उन्हें देखकर गो बैक-गो बैक कहते थे। मैडम कमिश्नर की लेखक मीरां ने बताया कि जब मुंबई में डीसीपी थीं तो कमाटीपुरा में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई थी, जब उन्हें वहां भेजा गया तो कमिश्नर ने ताना मारते हुए कहा कि तुम्हें भेजा गया मेरी मदद को। वहीं एक बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जिले में उनकी पोस्टिंग को लेकर टिप्पणी की थी कि मुंबई में मीरां की मदद के लिए हम हैं, लेकिन जिले में उसकी मदद कौन करेगा। मीरां का कहना था कि महिला ऑफिसर होने के नाते उन्हें अपने आपको साबित करने में काफी मेहनत करनी पड़ी।

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कानून के लिए सब बराबर


मीरां का कहना था कि जब वह यरवदा जेल में तैनात थीं तो संजय दत्त वहीं थे। हमने उन्हें एक आम कैदी की तरह रखा क्योंकि कानून की नजर में कोई सेलिब्रेटी नहीं है, वहीं उन पर बनी फिल्म मर्दानी के बारे में मिलने के लिए रानी मुखर्जी पहुंची तो उन्होंने तोहफे में महिला कैदियों के लिए ईसीजी मशीन मांगी।

 

आरोपियों को सजा मिलने से हुई संतुष्टि


सेशन में खाकी द ब्रोकन विंग्स के लेखक और पूर्व आईपीएस अमोद के कांत का कहना था कि जेसिका लाल हत्याकांड और संजीव नंदा के हिट एंड रन केस में पुलिस ने तुरंत तहकीकात करके आरोपियों को पकड़ा। हालांकि दोनों ही मामलों में आरोपी संजीव नंदा और मनु शर्मा सेशन कोर्ट से बरी हो गए लेकिन बाद में दोनों को सजा मिली, जो बतौर पुलिस ऑफिसर उन्हें काफी संतुष्टि देता है। इसी तरह से चार्ल्स शोभराज को पकड़ने में भी उन्हें काफी जद्दोजहद करनी पड़ी, लेकिन मजा बहुत आया। उन्होंंने कहा कि हर किसी को याद रखना चाहिए कि आखिर में सच की जीत होती है।

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सैन फ्रांसिस्को. जर्नल अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में जो लोग हल्के स्ट्रोक से बच गए, उनकी शारीरिक गतिविधि का स्तर स्ट्रोक से पहले की तरह ही बनाए रखने की संभावना अधिक थी, जहां आस-पास अधिक मनोरंजन केंद्र और फिटनेस संसाधन हैं। पीएचडी, एमपीएच, सहायक प्रोफेसर और प्रमुख अध्ययन लेखक जेफरी विंग ने कहा, कि हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि स्ट्रोक के रोगियों के साथ उनके क्षेत्र में उपलब्ध शारीरिक गतिविधि संसाधनों के बारे में बातचीत करना महत्वपूर्ण है, ताकि वे अस्पताल से छुट्टी के बाद भी अपनी रिकवरी जारी रख सकें।

इतने लोग हुए शामिल
शोधकर्ताओं ने न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले 333 लोगों के बीच उपलब्ध फिटनेस/व्यायाम केंद्रों, पूल और जिम और शारीरिक गतिविधि के बीच संभावित लिंक की जांच की। इसमें वे लोग शामिल थे, जिन्हें हल्का स्ट्रोक हुआ था। शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग 17 प्रतिशत प्रतिभागियों ने स्ट्रोक के एक साल बाद अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय होने की सूचना दी, और 48 प्रतिशत ने स्ट्रोक से पहले की तरह ही शारीरिक गतिविधि के स्तर के बारे में बताया।

57 प्रतिशत तक अधिक सक्रिय रहने की संभावना
उन प्रतिभागियों के बीच अधिक सक्रिय होने की संभावना 57 प्रतिशत अधिक थी जो कम या बिना फिटनेस संसाधनों वाले लोगों की तुलना में अधिक मनोरंजक और फिटनेस संसाधनों वाले क्षेत्रों में रहते थे। इसी तरह, स्ट्रोक के एक साल बाद समान स्तर की शारीरिक गतिविधि की रिपोर्ट करने की संभावना उन प्रतिभागियों में 47 प्रतिशत अधिक थी जो कम या कोई संसाधन उपलब्ध नहीं होने की तुलना में अधिक मनोरंजक केंद्रों और फिटनेस संसाधनों वाले क्षेत्रों में रहते थे।

विश्लेषण से यह चलता है पता
इस विश्‍लेषण से पता चलता है कि ऐसा नहीं है कि लोगों को ऐसे स्थान पर जाना चाहिए, जहां शारीरिक गतिविधि में शामिल होने के लिए अधिक संसाधन हों, बल्कि लोगों से अपने पड़ोस में सक्रिय रहने के तरीके खोजने का आग्रह करना चाहिए।

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कर्नाटक में दो लोगों की मौत बंदर बुखार (Monkey fever) से हो गई है, जिसमें शिवमोग्गा जिले के होसनगर तालुक की 18 साल की लड़की और चिक्कमगलूर जिले के श्रृंगेरी तालुक के 79 साल के बुजुर्ग शामिल हैं। राज्य में अब तक कुल 49 मामले सामने आए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले उत्तर कन्नड़ जिले में हैं। बंदर बुखार को क्यसानूर फोरेस्ट डिजीज (केएफडी) के नाम से भी जाना जाता है।

कर्नाटक में इस साल अब तक दो लोगों की मौत बंदर (Monkey fever) बुखार से हो चुकी है। पहली मौत 8 जनवरी को शिवमोग्गा जिले के होसनगर तालुक में हुई थी, जहां 18 साल की लड़की ने इस वायरस की चपेट में आकर दम तोड़ दिया था। दूसरी मौत उडुपी जिले के मणिपाल में हुई, जहां चिक्कमगलूर जिले के श्रृंगेरी तालुक के 79 वर्षीय बुजुर्ग का एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रविवार तक राज्य में कुल 49 मामले सामने आए हैं।

सबसे ज्यादा मामले उत्तर कन्नड़ जिले से हैं, उसके बाद शिवमोग्गा और चिक्कमगलूर जिले का नंबर आता है।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने सभी एहतियाती कदम उठाए हैं और उन जिलों के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जहां केएफडी के मामले सामने आए हैं, ताकि इसके प्रसार को रोका जा सके। अभी तक इस बीमारी के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए हमें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए एहतियाती उपायों के बारे में जागरूकता पैदा की जा रही है। इससे पहले जो टीका लगाया जाता था, वह अप्रभावी पाया गया। इसलिए, हमने आईसीएमआर से टीकाकरण के लिए संपर्क किया है।"

बंदर बुखार (Monkey fever) , जिसे क्यसानूर फोरेस्ट डिजीज (केएफडी) के नाम से भी जाना जाता है, उन टिक्स के काटने से फैलता है जो बंदरों पर पाए जाते हैं। इस बीमारी का नाम उस जंगल के नाम पर पड़ा है जहां से इसे पैदा करने वाले वायरस की पहचान 1957 में पहली बार हुई थी। क्यसानूर वन कर्नाटक राज्य में है और वायरस, जो फ्लेविविरिडे वायरस परिवार से है, का नाम जंगल के नाम पर क्यसानूर फोरेस्ट डिजीज वायरस (केएफडीवी) रखा गया था। अमेरिकी सीडीसी का कहना है, "उसके बाद से, हर साल 400-500 मानव मामलों की सूचना मिली है।"

बंदर बुखार (Monkey fever) कैसे फैलता है?

यह बीमारी उन टिक्स के काटने से फैलती है जो आमतौर पर बंदरों पर पाए जाते हैं।
मवेशियों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी हो सकती है, जिन्हें टिक्स ने काटा हो।

बंदर बुखार: जानवरों से भी फैल सकता है ये रोग, रहें सतर्क!
कर्नाटक में बंदर बुखार के बढ़ते मामलों के बीच ये जानना जरूरी है कि सिर्फ बंदरों से ही नहीं, बल्कि टिक से काटे गए जानवरों के संपर्क से भी ये बीमारी फैल सकती है। इसका मतलब है कि मवेशियों जैसे गाय-भैंस से सावधानी बरतना भी जरूरी है।

लक्षण:

बुखार और ठंड लगना
सिरदर्द
शरीर में दर्द
दस्त और उल्टी
गंभीर मामलों में खून आना
ये लक्षण टिक काटने के 3 से 8 दिन बाद दिख सकते हैं। ज्यादातर मरीज 1-2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में तेज सिरदर्द, मानसिक परेशानी, कंपकंपी और आंखों की समस्या भी हो सकती है।

बचाव:

जंगल या ऐसे इलाकों में जाने से बचें जहां बंदरों की मौतें हुई हों।
अगर जाना ही पड़े तो कीटनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें।
लंबी आस्तीन वाली शर्ट, पैंट और जूते पहनें, ताकि टिक शरीर पर न चढ़ सकें।
संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
याद रखें: ये जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है, चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूरी है।

 

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Jaipur News : राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को गुजरात के गांधी नगर में स्थित विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और स्पीकर शंकर भाई चौधरी से मुलाकात की। देवनानी के सम्मान में मुख्यमंत्री पटेल व स्पीकर चौधरी ने दोपहर भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर गुजरात मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे।

 

 

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देवनानी ने गुजरात विधानसभा का अवलोकन भी किया। उन्होंने सदन और विभिन्न दीर्घाओं को देखा। देवनानी ने चौधरी से विधानसभा की कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न विषयों, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑनलाइन सिस्टम और सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने वन-नेशन-वन एप्लीकेशन के तहत गुजरात विधानसभा में संचालित 'नेवा' ऐप के बारे में भी चौधरी से विस्तृत चर्चा की। इस ऐप के तहत गुजरात विधानसभा के प्रत्येक विधायक की टेबल पर स्क्रीन लगाया गया है। देवनानी ने विधानसभा की ऑनलाइन प्रक्रिया को भी देखा। प्रश्नकाल के दौरान देवनानी गुजरात विधानसभा में रहे।

बेंगलुरु. ओमीक्रिस्प गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस-2 के त्वरित निदान और निगरानी के लिए ''क्लस्टर्ड रेगुलर इंटरस्पेस्ड शॉर्ट पैलिंड्रोमिक रिपीट्स" (सीआरआईएसपीआर) एक महत्वपूर्ण जीन-एडिटिंग तकनीक पर आधारित टेस्टिंग प्लेटफॉर्म है। कंपनी ने कहा कि ओमीक्रिस्प हर हफ्ते बेंगलुरु के 14 इलाकों से सीवेज नमूनों में ओमीक्रॉन-व्युत्पन्न जेएन.1 संस्करण की निगरानी कर रहा है। सीआरआईएसपीआर-आधारित परीक्षण न केवल वायरस का पता लगाता है, बल्कि चिंता के अन्य पहले से ज्ञात वेरिएंट से ओमिक्रॉन वंश के वेरिएंट को भी अलग करता है।

सिग्नल की अनुपस्थिति
अनुक्रम परिवर्तनों के कारण सिग्नल की अनुपस्थिति पर निर्भर होने के बजाय, तकनीक विशेष रूप से वायरस के उत्परिवर्तन के कारण वास्तविक आधार परिवर्तनों में भेदभाव कर सकती है। कंपनी ने कहा कि जर्नल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोमेडिसिन में ओमीक्रिस्प को 80 क्लिनिकल नमूनों और 160 से अधिक अपशिष्ट जल नमूनों में 99 प्रतिशत सटीकता के साथ मान्य किया गया था।

क्लिनिकल नमूनें
क्लिनिकल नमूनों को अत्यधिक सटीक अगली पीढ़ी के अनुक्रमण प्लेटफ़ॉर्म के विरुद्ध सत्यापित किया गया, जबकि अपशिष्ट जल के परिणामों की तुलना अनुमोदित क्यूआरटीपीसीआर परीक्षणों का उपयोग करके की गई। अध्ययन के लेखक, मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी और क्रिस्प्रबिट्स के सह-संस्थापक विजय चंद्रू ने कहा, ''ओमीक्रिस्प सत्यापन पर्यावरण नमूनों में सीआरआईएसपीआर-आधारित परीक्षण को नियोजित करने वाले पहले अध्ययनों में से एक है।''

नमूनों की सहनशीलता
विशेष रूप से सीआरआईएसपीआर-आधारित परीक्षण ने सीवेज से प्राप्त खराब-गुणवत्ता वाले नमूनों के प्रति सहनशीलता का प्रदर्शन किया, जिससे निम्न स्थिरता वाले मैट्रिक्स में एकल आधार परिवर्तनों को भी समझने में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। बिट्स-पिलानी के पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों द्वारा 2020 में स्थापित क्रिस्प्रबिट्स बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (सी-कैंप) द्वारा इनक्यूबेट किया गया एक स्टार्टअप है। इसका उद्देश्य 'सीआरआईएसपीआर' प्रौद्योगिकी का उपयोग करके नवीन समाधान लाना है।

स्क्रीनिंग टूल
बयान में सी-कैंप के निदेशक सीईओ तस्लीमरिफ सैय्यद ने कहा, ''ओमीक्रिस्प, ओमीक्रॉन वेरिएंट के लिए एक सीआरआईएसपीआर आधारित वन-स्टॉप डायग्नोस्टिक और स्क्रीनिंग टूल है और इसकी वंशावली ने क्लिनिकल और सीवेज दोनों नमूनों में 99 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय सटीकता दिखाई है। इसका कोविड और अन्य संक्रामक रोग के प्रकोप के लिए भारत की महामारी संबंधी तैयारियों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। क्रिस्प्रबिट्स वर्तमान में क्लिनिकल और पर्यावरण निगरानी के लिए 2024 में अपने पॉइंट-ऑफ-नीड इंस्ट्रूमेंट लाइट प्लेटफॉर्म, पाथक्रिस्प को लॉन्च करने पर केंद्रित है।

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नई दिल्ली. जिन कोविड पीड़ितों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, उनमें अनिद्रा की समस्‍या आम नजर आई। फेनिका यूनिवर्सिटी वियतनाम की एक टीम का लक्ष्य हल्के कोविड रोगियों में इसके प्रभाव का पता लगाना था। फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित लेख में टीम ने पाया कि उनके प्रारंभिक संक्रमण की गंभीरता उनके द्वारा अनुभव की गई अनिद्रा की गंभीरता से मेल नहीं खाती है। हालांकि, बिना लक्षण वाले कोविड रोगियों को अनिद्रा सूचकांक में कम अंक मिले, लेकिन अंतर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं था।

विश्वविद्यालय के मुख्य लेखक हुआंग टी. एक्स. होआंग ने कहा, ''यदि अनिद्रा आपको ज्यादा परेशान नहीं करती है, तो आप कुछ सरल कदम उठा सकते हैं, जैसे सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करना, बिस्तर पर जाने से कम से कम एक घंटे पहले अपना फोन बंद करना, प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम करना और शाम 4 बजे के बाद कैफीन से परहेज कर सकते हैं।''

उन्‍होंने कहा कि यदि नींद वास्तव में आपको परेशान करती है तो आप कुछ ओवर-द-काउंटर नींद सहायता आजमा सकते हैं। यदि वे मदद नहीं करते हैं तो आप किसी स्लीप थेरेपिस्ट के पास जा सकते हैं। शोध के लिए टीम ने 18 वर्ष से अधिक आयु के 1,056 लोगों को भर्ती किया, जिनमें कोविड का निदान किया गया था, लेकिन, पिछले छह महीनों में उन्‍हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था। साथ ही जिनको नींद न आने की कोई समस्‍या नहीं थी। उन्होंने इन लोगों को जून और सितंबर 2022 के बीच पूरा करने के लिए एक सर्वेक्षण भेजा।

लगभग 76.1 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अनिद्रा का अनुभव किया, इनमें से 22.8 प्रतिशत लोगों ने गंभीर अनिद्रा की शिकायत की। आधे प्रतिभागियों ने कहा कि वे रात में अधिक बार जागते हैं, जबकि एक तिहाई ने कहा कि उन्हें सोने में कठिनाई होती है, उनकी नींद खराब होती है और वे कम समय तक सोते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन लोगों को पहले से कोई पुरानी बीमारी थी और जिन लोगों में अवसाद या चिंता के लक्षण उच्च स्तर के थे, उनमें सांख्यिकीय रूप से अनिद्रा की उच्च दर देखी गई।

दोनों समूहों ने अपने साथियों की तुलना में अनिद्रा की अधिक दर देखने को मिली। जब वैज्ञानिकों ने उन रोगियों को देखा जिन्होंने अनिद्रा की शिकायत की थी तो उनके अवसाद और चिंता के अंक पूरे नमूने के औसत अंकों से अधिक थे। हालांकि, ये बीमारियां एक-दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं। टीम ने कहा कि अनिद्रा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को खराब कर सकती है, साथ ही इसका कारण खराब मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी हो सकता है।

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Rajya Sabha election 2024: जयपुर। राज्यसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टियों में भी अपने उम्मीदवार तय करने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इधर राज्यसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा।

राजस्थान में राज्यसभा की दस सीटें हैं। इनमें से इस समय तीन सीटें रिक्त चल रही हैं। राजस्थान विधानसभा में पार्टियों के विधायकों का गणित देखें तो इसमें भाजपा दो और कांग्रेस को एक सीट आसानी से मिल जाएगी।

लोकसभा चुनाव पर भी नजर

अप्रेल-मई में देश में लोकसभा चुनाव हैं। ऐसे में पार्टियां को तो यह तो पता है कि इन तीन सीटों पर किस पार्टी की जीत होगी। लेकिन वे इस बार उम्मीदवार चयन में क्षेत्रवाद व जाति फैक्टर पर भी फोकस किए हुए हैं। भाजपा चाहती है कि राजस्थान के व्यक्ति को ही राज्यसभा में भेजा जाए। इससे राज्य में जो लोकसभा चुनाव में टिकटों के दावेदार हैं। उनको भी मौका मिल सकता है।

दोनों पार्टियों में एक दर्जन नामों पर चर्चा

तीन सीटों के लिए भाजपा व कांग्रेस में करीब एक दर्जन से अधिक नामों पर भी चर्चा चल रही है। लेकिन पार्टियों ने अभी तक किसी भी नाम पर मुहर नहीं लगाई है। भाजपा अक्सर चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है। इसलिए भाजपा में नामों की संख्या भी कुछ ज्यादा ही है। वहीं कांग्रेस में दिल्ली के नेताओं के नामों की चर्चा ज्यादा है।

27 फरवरी को होगा चुनाव

आठ फरवरी को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। इसके बाद 15 फरवरी से नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 16 फरवरी को नामांकन की जांच होगी। 27 फरवरी को सुबह नौ बजे से चार बजे तक मतदान होगा। उसी दिन शाम को ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

क्या भाजपा उतारेगी तीन प्रत्याशी !

विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। इनमें भाजपा के पास 115 और कांग्रेस के पास 70 सीटें हैं। एक सीट पर जीत के लिए उम्मीदवार को 51 वोटों की जरुरत होगी। ऐसे में भाजपा के पास दो और कांग्रेस को एक सीट आसानी से मिल जाएगी। ऐसे में एक चर्चा यह भी कि क्या भाजपा तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी? यदि ऐसा होता है तो वह कांग्रेस में से सेंधमारी करने की कोशिश करेंगी।

हालांकि भाजपा वर्ष 2020 और 2022 के राज्यसभा चुनाव में इस तरह का माहौल बना चुकी है। लेकिन हर बार उसे हार का सामना करना पड़ा था।

Education news: जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बीकानेर शिक्षा निदेशालय में 65 से अधिक शिक्षकों के लंबे समय से बाबू का काम करने पर नाराजगी जताते हुए इनके पदस्थापन निरस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि इन 65 में 19 व्याख्याता और 20 से अधिक सेकंड ग्रेड शिक्षक हैं। ये स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की बजाय निदेशालय में बाबू का काम कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा एक पद पर 5 साल से अधिक के पदस्थापित शिक्षकों को हटाकर उनके मूल नियुक्ति स्थान पर भेजा जाए। मंत्री ने कहा की मेरे आदेश के बाद काफी सारे पदस्थापन निरस्त हुए हैं। परंतु अभी भी 900 से ज्यादा बाकी है। इनको भी 12 फरवरी तक हटाया जाए। 12 तारीख के बाद भी जो बचे हैं। उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए।


प्रबोधकों की पदोन्नति के प्रस्ताव को दी मंजूरी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में 5000 प्रबोधकों की पदोन्नति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रबोधक लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। अब यह प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय के पास जाएगा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि 5000 प्रबोधक की पदोन्नति पूर्व में हो गई थी। शेष 5000 और प्रबोधक पदोन्नति की मांग कर रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तुरंत प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजने को मंजूरी प्रदान की।
देवनारायण योजना में छठी कक्षा के बच्चों को मिलने वाली छात्रावृति के लिए चयनित स्कूलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
तृतीय श्रेणी शिक्षा भर्ती में वर्तमान महिला आरक्षण को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। बैठक में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा करने पर भी विचार किया गया।

जयपुर। रजिस्ट्रार कार्यालय में पावर ऑफ अटॉर्नी व वसीयत से रजिस्ट्री होना बंद हो गया है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसे लेकर वकीलों की ओर से नाराजगी जताई गई है। द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुनील शर्मा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से रजिस्ट्री शुरू कराने की मांग की है। शर्मा ने बताया है कि पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा पावर ऑफ अटॉर्नी एवं वसीयत के रजिस्टर्ड होने के उपरांत भी उनसे रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। जिससे आम जनता एवं अधिवक्ता समुदाय परेशान है।

प्रतिदिन सैकड़ो लोग पावर ऑफ अटॉर्नी एव वसीयत से रजिस्ट्री कराने रजिस्टार कार्यालय आते है। उनको रजिस्ट्री करने से मना कर दिया जाता है।रजिस्टर कार्यालय द्वारा मनमर्जी की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। फिर भी रजिस्ट्री करने से मना किया जा रहा है। जिसकी वजह से करोड़ों रुपए की स्टाम्प ड्यूटी जमा नहीं हो पा रही है। इससे सरकारी कोष में रोजाना करोड़ों रुपए का घाटा लग रहा है। शर्मा ने मांग की है कि बिना किसी आदेश के आम जनता को परेशान करने एवं उनकी रजिस्ट्री करने से मना करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं।

स्टांप एक्ट के अंतर्गत पावर ऑफ अटॉर्नी एवं वसीयत से रजिस्ट्री किए जाने का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति असक्षम या बीमार है तो वह पावर ऑफ अटानी अपने किसी नजदीकी व्यक्ति एवं रिश्तेदार को दे सकता है। जो रजिस्टर कार्यालय आकर रजिस्ट्री कर सके। उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। उसी प्रकार वसीयत करने के पश्चात वसीयत जो मृत्यु पूर्व किए जाने वाला डॉक्यूमेंट है। वसीयत करने वाले की मृत्यु हो जाती है तो वह पक्षकार या रिश्तेदार जिसके नाम से वसीयत हुई है। वह उसका मालिक एवं स्वामी बन जाता है। उसको भी रजिस्ट्री करने का पूरा अधिकार होता है।

जयपुर। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में आए बदलाव ने माघ मास में फिर से गलनवाली सर्दी का अहसास करा दिया है। फरवरी माह में कई जिलों में बीते दिनों हुई बारिश के चलते पारे में रेकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। उत्तरी हवा के असर से जयपुर समेत कई जिलों में लोगों को तेज सर्दी महसूस हुई है। मौसम विभाग ने अगले एक दो दिन पारे में उतार चढ़ाव और मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है।

सामान्य से नीचे लुढ़का पारा
सीकर और हनुमानगढ़ के संगरिया में बीती रात पारा सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया। पहाड़ों से मैदानों तक पहुंची सर्द हवा के असर से पारे में गिरावट दर्ज की गई। श्रीगंगानगर 5.1 और सीकर और पिलानी में बीती रात पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री रहा जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा है। अलवर एनसीआर क्षेत्र में बीती रात पारा 6.0 डिग्री दर्ज हुआ।

पारा सामान्य लेकिन सर्द हवा ने ठिठुराया
प्रदेश में राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में बीती रात पारा सामान्य या उससे अधिक रहने पर भी मौसम का मिजाज सर्द रहा। सर्द हवा चलने और बादलों की आवाजाही रहने पर सर्दी का जोर रहा।
जयपुर में बीती रात तापमान 11.2 डिग्री रहा। सिरोही 10.1, बीकानेर 11.5, चूरू 7.6, अजमेर 13.3, भीलवाड़ा 13.6, कोटा 15.2, चित्तौड़ 11.8, डबोक 14.6, धौलपुर 9.6, डूंगरपुर 16.6, करौली 7.2, बाड़मेर 13.0, जैसलमेर 12.3, जोधपुर 14.2, फलोदी 13.2 और जालोर में न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सर्दी से आंशिक राहत संभव
मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने और दिन व रात के तापमान में उतार चढ़ाव रहने की संभावना जताई है। प्रदेश से विक्षोभ गुजरने के बाद आगामी दिनों में लोगों को सर्द मौसम से राहत मिल सकेगी।

कैंसर लाखों लोगों को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है। लेकिन घबराएं नहीं, स्वस्थ आहार अपनाकर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे स्वादिष्ट और पौष्टिक चीजों के बारे में जिन्हें कैंसर से लड़ने में आपकी मदद कर सकती हैं:

1. ब्रोकली Health benefits of broccoli
: यह विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है। ब्रोकली में पाए जाने वाला सुल्फोराफेन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है और शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसे हफ्ते में कम से कम 3 बार भाप में पकाकर, रोस्ट करके या सलाद में डालकर खाएं।

2. मिश्रित बेरीज: स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रसभरी जैसे बेरीज न सिर्फ स्वादिष्ट हैं, बल्कि इनमें कैंसर से लड़ने की ताकत भी है। ये एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करते हैं। इनमें पाए जाने वाले खास तरह के फ्लेवोनॉयड्स (एंथोसायनिन) भी कैंसर के खतरे को कम करते हैं। इन्हें नाश्ते में, नाश्ते के साथ या मिठाई में शामिल करें।

3. हल्दी: Health benefits of turmeric
हल्दी में पाया जाने वाला कर्क्यूमिन नामक तत्व सूजन कम करता है और कैंसर से भी लड़ता है। खास बात ये है कि यह कैंसर कोशिकाओं को ही निशाना बनाता है, स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं करता। सब्जी, सूप या दूध में हल्दी डालकर इसका इस्तेमाल करें। हल्दी के साथ काली मिर्च मिलाने से इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं।

4. हरी सब्जियां: Health benefits of leafy green vegetables
पालक, मेथी और स्विस चार्ड जैसी हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जो कैंसर से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। इन्हें सलाद, स्मूदी या सब्जी के तौर पर खाएं।

5. लहसुन: Health benefits of garlic
लहसुन सिर्फ स्वाद ही नहीं देता बल्कि कैंसर से भी लड़ता है। इसमें पाया जाने वाला एलिसिन नामक तत्व कैंसर सेल्स को नुकसान पहुंचाता है। खाने में ताजा लहसुन का इस्तेमाल करें। इसे चटनी में डालें, सब्जियों के साथ रोस्ट करें या चिकन में मिलाएं।

6. टमाटर: Health benefits of tomatoes
टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सिडेंट कैंसर से बचाता है, खासकर प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर। टमाटर को सलाद में काटकर, सॉस बनाकर या यूं ही खाएं। पकाने से लाइकोपीन और भी ज्यादा असरदार होता है।

7. तैलीय मछली: Health benefits of fatty fish
सैमन, मैकेरल और सार्डिन जैसी तैलीय मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ये फैटी एसिड ब्रेस्ट और कोलन कैंसर के खतरे को कम करते हैं। हफ्ते में कम से कम 2 बार इन मछलियों को ग्रिल करके, बेक करके या तवे पर पकाकर खाएं।

इन स्वादिष्ट और पौष्टिक चीजों को अपने आहार में शामिल करके आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। याद रखें, स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और विविधतापूर्ण आहार जरूरी है।

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प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और गड़बड़ी को लेकर अब केंद्र सरकार राजस्थान की राह पर चलती दिख रही है। दरअसल, लोकसभा में सोमवार को पेश हुआ 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक 2024 के सख्त प्रावधान ऐसे वक्त पर लाया गया है, जब राजस्थान में इसी तरह का 'राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2023' विधानसभा में पारित होने के बाद सख्त क़ानून के तौर पर प्रभावी है। इधर केंद्र के विधेयक से तुलना में राजस्थान में लागू क़ानून और इसके प्रावधान कई मायनों में ज़्यादा सख्त नज़र आते हैं।

राजस्थान में है उम्र कैद का प्रावधान


केंद्र सरकार के लोकसभा में पेश किए गए विधेयक में जहां परीक्षाओं में गड़बड़ी के अपराध के लिए अधिकतम 10 वर्ष की जेल का प्रावधान है, वहीं राजस्थान की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान से प्रभावी सख्त क़ानून में परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों को ताउम्र जेल (उम्र कैद) का प्रावधान है।

अधिकतम 10 करोड़ है जुर्माना राशि

 

केंद्र के विधेयक में जहां परीक्षाओं में गड़बड़ी करने पर अधिकतम 1 करोड़ रूपए के जुर्माने तक का प्रावधान रखा गया है, तो वहीं राजस्थान में प्रभावी क़ानून में कम से कम 10 लाख रुपए और अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। यही नहीं, अगर दोषी व्यक्ति जुर्माने की राशि अदा करने में नाकाम रहता है, तो उसकी सजा 2 साल और बढाए जाने का भी प्रावधान है।

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संपत्ति कुर्क करने का भी है प्रावधान

 

 

राजस्थान में प्रभावी क़ानून में परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के दोषी पाए जाने वालों की संपत्ति कुर्क करने का भी सख्त प्रावधान है। जबकि ऐसे कोई प्रावधान फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से पेश विधेयक में नहीं है। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले दिनों परीक्षाओं में गड़बड़ी कर फराफ हुए आरोपियों के खिलाफ अवैध संपत्ति पर बालडोज़र चलाने और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी हो चुकी है।

कई राज्य पहले ही बना चुके क़ानून

 

केंद्र सरकार के लोकसभा में पेश किये गए विधेयक में कई प्रावधान शामिल किये गए हैं। इसमें राज्यों को दिए गए उस विकल्प के बारे में भी बताया गया है जिसमें इस क़ानून को अपनाने या नहीं अपनाने की 'स्वतंत्रता' राज्यों को दी गई है। विधेयक में बताया गया है कि केंद्र द्वारा सख्त किये जा रहे क़ानून को राज्य अपनाएं या अपना अलग क़ानून ही प्रभावी रखें, इसका विकल्प रहेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार से पहले कई राज्यों में इसी तरह के सख्त क़ानून पहले ही प्रभावी हैं।

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लोकसभा: लोक परीक्षा विधेयक-2024 पेश


प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य धांधली करने वालों की अब खैर नहीं। सरकार ने इन परीक्षाओं में गड़बड़ी से सख्ती से निपटने के प्रावधान वाला 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक-2024' सोमवार को लोकसभा में पेश किया। विधेयक में परीक्षाओं में गड़बड़ी के अपराध के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और एक करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। मंत्रिमंडल ने हाल ही विधेयक को मंजूरी दी थी।

कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक लोकसभा में पेश किया। इसके प्रावधानों के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी पर विद्यार्थियों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। संगठित अपराध, माफिया और सांठगांठ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह केंद्रीय कानून होगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं व केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी इसके दायरे में आएंगी। विधेयक में उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति के गठन का प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी। बजट सत्र की शुरुआत पर संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा था कि सरकार परीक्षाओं को लेकर युवाओं की चिंताओं से अवगत है।

लोक परीक्षा विधेयक-2024 : ये हैं खास प्रावधान



- नए कानून के प्रावधान सभी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं पर लागू होंगे। इनमें बैंकिंग, रेलवे, नीट, जेईई और यूपीएससी शामिल हैं।

- राज्यों के लिए विकल्प होगा कि वे इस कानून को अपनाएं या अपना अलग कानून बनाएं। हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्य इस तरह का कानून पहले बना चुके हैं।

- प्रतियोगी परीक्षा के आयोजन या संचालन से जुड़े लोग, निजी हों या सरकारी, उन पर कानून के प्रावधान लागू होंगे।

- कानून किसी परीक्षार्थी पर लागू नहीं होगा। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ मौजूदा नियमों के तहत ही कारवाई होगी।

- कानून बोर्ड परीक्षाओं या विश्वविद्यालय की नियमित परीक्षाओं पर लागू नहीं होगा।

 

 

जयपुर। माघ कृष्ण एकादशी पर आज षटतिला एकादशी मनाई जा रही है। श्रद्धालु व्रत रखकर श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं गोविंददेवजी, गोपीनाथजी सहित अन्य मंदिरों में ठाकुरजी के विशेष झांकी के दर्शन हो रहे है। गोविंददेवजी मंदिर में मंगला झांकी से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली। अन्य मंदिरों में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। ऋतु पुष्पों से श्रृंगार कर विशेष झांकी के दर्शन हुए।

आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुर राधा कृष्ण जी को लाल रंग की पोशाक धारण कराकर गोचारण लीला के विशेष स्वर्णाभूषण धारण कराए गए। ठाकुरजी को तिल के व्यंजनों का भोग लगाया गया। सुबह मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुरानी बस्ती स्थित मंदिरश्री राधा गोपीनाथजी में ठाकुरजी के गोचारण लीला की झांकी के दर्शन हुए। इस मौके पर मंदिर महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में षटतिला एकादशी हवन का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों ने आहुतियां अर्पित की।

श्याम मंदिर में एकादशी का कीर्तन
पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में राधा सरस बिहारीजी के फूलों से विशेष शृंगार कर आकर्षक झांकी सजाई गई। इस दौरान एकादशी के पदों का गायन किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में एकादशी पर विशेष आयोजन हो रहे है। वहीं शहर के श्याम मंदिरों में एकादशी कीर्तन हो रहा है। कांवटियों का खुर्रा स्थित प्राचीन श्याम मंदिर में बाबा का विशेष शृंगार कर एकादशी का कीर्तन किया जा रहा है। वहीं भक्त तिल के व्यंजनों का दान भी कर रहे है।

पापहारिणी एकादशी भी
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी षटतिला या पापहारिणी के नाम से जानी जाती है। यह सब पापों का नाश करने वाली है। इस दिन तिल से बने हुए व्यंजन या तिल से भरा हुआ पात्र दान करने से अंनत पुण्यों की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी का व्रत करने से मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति होती है।

नरेश : क्या होम्योपैथी में एलर्जी का स्थाई इलाज संभव है? इसके बारे में विस्तार से बताइए? -
होम्योपैथी में एलर्जी को जड़ से खत्म करने की क्षमता है। किसी भी तरह की व कितनी ही पुरानी एलर्जी को होम्योपैथी से समाप्त किया जा सकता है। एलर्जी अलग -अलग प्रकार की होती है। एलर्जी श्वास नली में, शरीर के विभिन्न हिस्सों में, त्वचा आदि में हो सकती हैं। बच्चों में भी एलर्जी के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन अक्सर देखा गया है कि एलर्जी को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि यह गंभीर समस्या भी बन सकती है। इसके लिए जरूरी है कि समय रहते इसका इलाज लिया जाए। इसके लिए आप चिकित्सक से सम्पर्क करें क्योकि इसमें डॉक्टर मरीज व मर्ज के सभी लक्षणों की गहन जांच के बाद इलाज करता है। होम्योपैथी में सबसे पहले एलर्जी के कारणों के बारे में जाना जाता है। बिना कारण जाने एलर्जी का इलाज नहीं किया जा सकता है। वहीं रेस्पिरेटरी एलर्जी या श्वास से संबंधित एलर्जी का भी इसमें अचूक उपाय है।

अनेक दर्शक: कब्ज में होम्योपैथी से क्या कोई इलाज संभव है, इसके बारे में कुछ बताइए?
कब्ज में सबसे अच्छा इलाज है, आप सुबह उठकर गर्म पानी पीएं। इसके साथ कब्ज के लिए होम्योपैथी में अन्य कई दवाइयां है लेकिन उनका सेवन चिकित्सकीय परामर्श से ही करें। चूंकि यह एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है। यदि कब्ज के साथ अन्य किसी प्रकार की बीमारी नहीं है तो इसे केवल खानपान का ध्यान रखकर ठीक किया जा सकता है। फास्ट व जंक फूड का सेवन नहीं करें। बाहर का भोजन खाने से बचें। दिनभर में छह-सात गिलास पानी पीएं। बच्चों पर भी यह निगरानी रखें कि वह दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। कब्ज की समस्या को आप गर्म पानी के साथ शहद, सुबह उठकर आंवले के जूस का सेवन जैसे सामान्य उपायों से ठीक कर सकते हैं। रात का भोजन बिल्कुल हल्का हो व इसके बाद वॉक अवश्य करें।

जयपाल : मेरा रंग सांवला है। इसकी वजह से मैं कई बार आत्मविश्वास महसूस नहीं कर पाता। क्या होम्योपैथी में त्वचा को निखारने और स्वस्थ रखने के कोई उपाय हैं, इसके बारे में बताएं?
रंग गोरा करने के लिए होम्योपैथी में कोई इलाज नहीं है। यह ईश्वर प्रदत्त है और आपको भी इसके साथ खुश रहना चाहिए। परन्तु यदि टाइफाइड से रंग काला हुआ है तो उसका इलाज संभव है। इसके अतिरिक्त होम्योपैथी में ऐसे कई प्रकार के तेल हैं जिनका उपयोग त्वचा की देखभाल के लिए किया जा सकता है। होम्योपैथी के अनुसार बताए गए तेल की मालिश से त्वचा में निखार आता है। वैसे आप सांवले रंग की वजह से हीनता महसूस न करें। आत्मविश्वास बनाए रखें। आप त्वचा को हैल्दी रखने के लिए अपने खानपान पर अवश्य ध्यान दें। संतुलित भोजन करें और एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर फलों का सेवन त्वचा में चमक बढ़ाता है।

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शहर के विकसित इलाकों में मल्टीस्टोरी के निर्माण से लोग परेशान हैं। लेकिन, शहरी सरकारें सुनने को तैयार नहीं हैं। हैरिटेज निगम के आदर्श नगर और ग्रेटर निगम के मालवीय नगर जोन में सर्वाधिक इमारतें बन रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक पिछले छह माह में 25 से 30 ऐसी ही इमारतों का निर्माण हुआ है। निर्माण के दौरान खूब मनमानी की जा रही है। पार्किंग के लिए भी जगह नहीं छोड़ी जा रही। सैटबैक का भी मौके पर उल्लंघन हो रहा है। शहरी सरकारें अनुमति देकर मौके पर जाकर देखती ही नहीं हैं। कहीं पार्किंग में फ्लैट बनाए जा रहे हैं तो कहीं सड़क सीमा में ही दीवार खड़ी की जा रही है।

इसलिए बन रहीं इमारतें
जवाहर नगर, राजापार्क और आदर्श नगर शहर के बीचोंबीच हैं और पॉश इलाकों में शुमार हैं। मूलभूत सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। सड़क, बिजली से लेकर पानी की कोई दिक्कत नहीं है। निगम अधिकारियों से मिलीभगत कर स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण कर लेते हैं। फ्लैट की दो यूनिट पार्किंग में और एक पेंट हाउस का निर्माण कर लेते हैं। इन यूनिट को करीब दो से ढाई करोड़ रुपए में बेच देते हैं

ये आ रही दिक्कत
-पार्किंग में यूनिट बनाने से गाड़ियों को जगह नहीं मिलेगी। ऐसे में सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होंगी।

ऐसे हो रहा उल्लंघन
-सैटबैक को निर्धारित मानकों से कम छोड़ा जा रहा है। अग्र भाग, पीछे के हिस्से में मानकों से कम सैटबैक छोड़ा जा रहा है। इसी क्षेत्र में बॉलकनी निकाल ली जाती है। ये सैटबैक के उल्लंघन में आता है।
-निर्माणकर्ता बड़ी सड़कों का ध्यान रखते हुए कॉर्नर के भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें बना रहे हैं। इससे 60 फीट चौड़ी सड़क पर इमारत के बाहर पार्किंग बनाई जा सकेगी।

कोर्ट और सरकार को भी नहीं मानता निगम
-हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 में एक आदेश दिया। कहां बहुमंजिला इमारतें बनाई जा सकेंगी? वह स्थान राज्य सरकार तय करे। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि मौजूदा समय में रह रहे निवासियों के अधिकार पर प्रतिकूल असर न पड़े, इसलिए इमारतों की स्वीकृति नहीं दी जाए।
-20 जनवरी, 2020 को सरकार ने एक आदेश जारी किया। इसमें लिखा कि जनता के हक के विपरीत कॉलोनियों में मल्टीस्टोरी निर्माण स्वीकृति नहीं देने और इसके लिए अलग जोन चिन्हित करने के लिए भी दिशा निर्देश दिए।

आस-पास के लोग परेशान
जिन भूखंडों पर ये बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो रहीं हैं उनके आस-पास रहने वाले लोग परेशान हैं। जवाहर नगर सेक्टर चार की विकास समिति तो कई बार निगम में शिकायत कर चुकी, लेकिन कोई निर्माणाधीन इमारत को देखने भी नहीं आया। निर्माणाधीन इमारत के आस-पास रहने वाले लोगों का कहना है कि इन बहुमंजिला इमारतों की वजह से न सिर्फ हमारी सांसें घुटेंगी, बल्कि हवा और धूप भी नहीं आएगी।

जयपुर। हसनपुरा में सुबह हैरिटेज नगर निगम का बुलडोजर गरजा तो बाजार में हड़कंप मच गया। पुलिस जाप्ते के बीच निगम ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। निगम की कार्रवाई को देख दुकानदारों में हडकंप मच गया। दुकानदारों ने सड़क से सामान समेटना शुरू कर दिया, इस बीच निगन ने जेसीबी से सड़क सीमा से अतिक्रमण को हटाते हुए ठेले व अन्य सामानों को डंपर में डालना शुरू कर दिया।

हसनपुरा में एनबीसी रोड पर निगम दस्ते ने कार्रवाई शुरू की। जाप्ते व संसाधनों के साथ पहुंचे निगम दस्ते ने एक साथ सड़क के दोनों ओर कार्रवाई शुरू की। हटवाड़ा चौराहे से निगम प्रशासन ने जेसीबी चलाना शुरू किया, इस बीच सड़क सीमा में करीब 15 फीट तक हो रहे अतिक्रमणों को हटाना शुरू किया, वहीं अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। एक साथ सड़क के दोनों ओर शुरू हुई कार्रवाई को देख दुकानदारों में हलचल मच गई। दुकानदार सड़क सीमा से सामान समेटने में जुट गए। वहीं सड़क पर खड़े ठेले वाले अपने ठेलों को इधर—उधर लेजाते नजर आए। इस बीच सतर्कता शाखा के उपनिरीक्षण नवनीत शर्मा के नेतृत्व में निगम दस्ते ने करीब 7 से 8 फीट तक सड़क सीमा पर हो रहे अतिक्रमण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।

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निगम की कार्रवाई जारी
— हैरिटेज नगर निगम सकर्तता दस्ते ने एक दिन पहले ही चांदपोल में सब्जी मंडी के पास अपनी करोड़ों रुपए की बेसकीमती जमीन को खाली करवाया। चांदपोल में सब्जी मण्डी के पास में सरकारी भूमि पर काफी वर्षों से स्थाई अतिक्रमण कर कब्जा किया हुआ था, जिसकों जेसीबी की सहायता से ध्वस्त करवाकर नगर निगम जयपुर हैरिटेज सम्पति का बोर्ड लगवाया गया।
— बगरू वालो का रास्ता, चांदपोल बाजार जयपुर में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।
— नाहरगढ थाने के पास सरकारी गली के अन्दर 7-8 फिट ऊंची दिवार बनाकर किए गए अतिक्रमण हो ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।

जयपुर. काम नहीं तो वेतन नहीं... लेकिन जलदाय विभाग में इसके उलट चल रहा है। दो वर्ष पहले अतिरिक्त मुख्य अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता स्तर के 40 इंजीनियरों को एपीओ कर दिया गया। ये इंजीनियर बिना काम ही हर महीने लाखों रुपए का वेतन उठा रहे हैं। जलदाय इंजीनियरों का कहना है कि एपीओ इंजीनियरों को सरकार वेतन के तौर पर 6 करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान कर चुकी है। इधर, भाजपा सरकार में भी इन इंजीनियरों को लेकर चिंता नहीं है।
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अधिशासी अभियंता-तीन से चार बार एपीओ
कांग्रेस सरकार में जलदाय विभाग में किए गए तबादले सवालों के घेरे में रहे। बयाना अधिशासी अभियंता धर्मेन्द्र दीपक को तीन बार एपीओ कर दिया गया। जयपुर में ब्रह्मपुरी में अधिशासी अभियंता देवेन्द्र जेठू को हटाया गया और उनकी जगह बालान की तैनाती हुई। बालान को हटा कर गिरीश जैन को लगाया। चार महीने बाद जैन को हटा कर निशा शर्मा को अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
सुबह पांच मिनट के लिए आते हैं मुख्यालय फिर घर पर आराम
लगभग दो वर्ष से एपीओ होकर हर महीने लाखों का वेतन ले रहे 40 से ज्यादा जलदाय इंजीनियर सुबह 10 बजे एक बार जल भवन मुख्यालय में मुख्य अभियंता प्रशासन के कार्यालय में उपस्थति दर्ज करने के लिए आते हैं। पांच मिनट वहां रूकते हैं और फिर अपने घर जाकर आराम करते हैं। इंजीनियर कहते हैं कि सरकार ने कोई काम ही नहीं दे रखा तो क्या करें। पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी तक पोस्टिंग नहीं मिली है।

देश में इस माह राज्यसभा की सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। इनमें तीन सीटें राजस्थान की भी हैं। भाजपा इन चुनावों एक नया प्रयोग और करने जा रही है। इसके तहत यदि सब कुछ ठीक रहा तो राज्यसभा में नेता चुनने की नीति में भी बदलाव होगा। अब तक किसी भी राज्य के नेता को किसी भी दूसरे राज्य की राज्यसभा सीट से चुनाव लड़वा दिया जाता था, लेकिन भाजपा अब ऐसा नहीं करने पर गहन मंथन कर रही है और इस विचार का असर आगामी राज्यसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है।पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पार्टी के प्रमुख नेताओं ने यह तय किया है कि जिस राज्य का नेता है, उसे यदि राज्यसभा से दिल्ली लाया जाना है तो उसे उसी राज्य की राज्यसभा सीट से जितवा कर दिल्ली लाया जाएगा। यह पॉलिसी नहीं चलेगी कि राजस्थान का नेता है तो उसे दूसरे राज्य की राज्यसभा सीट से दिल्ली लाया जाएगा। पार्टी ने प्रदेश स्तर के सभी बड़े नेताओं को यह इशारा कर दिया है। इसके बाद पार्टी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार तलाशने में जुट गई है।

भाजपा के तीन सांसद, एक अन्य राज्य के

प्रदेश में राज्यसभा कोटे की दस सीटें है। इनमें से एक रिक्त चल रही है। बाकी बचे 9 सांसदों में से भाजपा के तीन सांसद हैं। इन तीन में से दो तो राजस्थान मूल के ही हैं, जबकि एक भूपेन्द्र यादव ( जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है और इसी माह इस सीट पर चुनाव होने हैं ) हरियाणा के हैं। यूं तो यादव को आधा राजस्थानी भी माना जाता है। उनका अजमेर से काफी संबंध रहा है। इस बार उन्हें राज्यसभा से दिल्ली भेजा जाएगा या फिर वे लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। यह भी इस माह साफ हो जाएगा। अन्य दो सांसद जो भाजपा के हैं, उनमें एक घनश्याम तिवाड़ी और दूसरे राजेन्द्र गहलोत हैं।

कांग्रेस में सब कुछ उलटा, मात्र एक सांसद राजस्थान के

राज्यसभा के 9 सांसदों में से वर्तमान में 6 कांग्रेस पार्टी के हैं। इन छह में से राजस्थान मूल के एक मात्र सांसद हैं। राजस्थान के रहने वाले नीरज डांगी को कांग्रेस ने 2020 में राज्यसभा भेजा था। इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, प्रमोद कुमार, मुकुल वासनिक, के सी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला का राजस्थान से कोई सम्बन्ध नहीं है।

बाहरी पर उठता रहा है सवाल

राज्यसभा सीटों पर बाहरी राज्यों के नेताओं को लाने पर प्रदेश में दोनो ही दलों में सवाल उठते रहे हैं। इसके पीछे नेताओं का तर्क यह होता है कि जो राज्यसभा चुन कर जाते हैं। अन्य राज्यों का होने के कारण उनका प्रदेश के विकास से किसी तरह का लगाव नहीं होता और ना ही सांसद कोटे का पूरा पैसा खर्च हो पाता है।

राजस्थान भाजपा का इंस्टाग्राम पेज आज सुबह हैक ( Rajasthan BJP Instagram Page Hack ) होने की खबर ने पार्टी के आईटी सेल में हड़कंप मचा डाला। इसके बाद इसे दुरुस्त करने के लिए प्रदेश से लेकर केंद्रीय संगठन की आईटी सेल जुट गई। बताया गया कि हैकर ने प्रदेश भाजपा के इंस्टा पेज की स्टोरी सेक्शन में कुछ असामान्य तस्वीर अपलोड की, जिसके बाद पेज का हैक होना सामने आया।

जानकारी के मुताबिक़ भाजपा के ही किसी कार्यकर्ता ने पार्टी के इंस्टाग्राम पेज पर कुछ असामान्य गतिविधियां दिखने के बाद आईटी सेल के कार्मिकों को फोन किया, जिसके बाद ये सूचना आग की तरह आईटी सेल में फ़ैल गई।

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इसके बाद जब आईटी सेल ने इंस्टा पेज को खंगाला गया, तो सूचना सही पाई गई। किसी अनजान शख्स ने स्टोरीज़ सेक्शन में एक तस्वीर चस्पा कर दी, जिसमें क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन संबंधी जानकारियां दिखाई दे रहीं थीं।

पेज हैक होने की बात की पुष्टि होने के बाद इसकी जानकारी प्रदेश के आईटी सेल ने केंद्रीय आईटी सेल को भी फ़ौरन दे दी। इसके बाद इस पेज से हैकर की पोस्ट की तस्वीर को हटाने और पेज को फ़ौरन दुरुस्त करने की कोशिशें शुरू हुईं।

ढाई लाख से ज़्यादा हैं फ़ॉलोअर्स
राजस्थान भाजपा के इंस्टा पेज का हैक होना इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस अकाउंट में ढाई लाख से भी ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं। वर्त्तमान में इस अकाउंट में 12 हज़ार 944 पोस्ट और 2 लाख 84 हज़ार फ़ॉलोअर्स हैं।

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सुबह साढ़े 4 बजे पता चला

राजस्थान आईटी सेल के धीरेन्द्र ने बताया कि इंस्टा पेज हैक होने की सूचना आज सुबह 4 बजे किसी कार्यकर्ता ने फोन पर दी। इसके बाद पेज की जांच की गई तो सूचना सही पाई गई। इसके बाद इसकी सूचना तुरंत केंद्रीय टीम को दी गई।

राज्य में विभिन्न सरकारों में अब तक मंत्री की पसंद के ही विशिष्ट सहायक लगते आए हैं। लेकिन, पहली बार राज्य की भजनलाल सरकार ने फॉर्मूला तय किया है कि मंत्रियों की पसंद के आरएएस अधिकारी (विशिष्ट सहायक) नहीं लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जिस जाति का मंत्री है, उस जाति का विशिष्ट सहायक नहीं लगाया जाएगा। यह फार्मूला तीन दिन पहले 7 मंत्रियों के लगाए गए विशिष्ट सहायकों की सूची में देखने को मिला। दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के उन्हीं की जाति और पसंद के शुरूआती दौर में लगाए गए विशिष्ट सहायकों को बदल दिया गया है। अब चर्चा है कि सरकार के इस निर्णय से मंत्रियों में अंदरखाने कुछ नाराजगी भी है।

दरअसल मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर एक हजार से अधिक आरएएस अधिकारियों में से 60 का राज्य सरकार ने चयन किया है, जिनमें से विशिष्ट सहायक लगाए जाएंगे। अभी 16 मंत्रियों के और विशिष्ट सहायक लगाए जाने हैं।

सीएस लगने के बाद तय हुआ फार्मूला

सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद से ही सरकार मंत्रियों के यहां वि शिष्ट सहायक लगाने को लेकर तैयारी में जुट गई थी। इस मंथन और तैयारी में मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर करीब 60 आरएएस अधिकारियों के नाम छांटना बताया जा रहा है। इन 60 आरएएस का गत पांच वर्ष से अधिक समय का सर्विस रिकॉर्ड और कार्यशैली देखी गई है। इनमें से अब तक 40 अधिकारियों की सूची तैयारी की जा चुकी है। इन चालीस में से से 7 को सरकार दो उपमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों के यहां वि शिष्ट सहायक नियुक्त कर चुकी है।

इनको बदला

मुख्यमंत्री के साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने शपथ ली थी। एेसे में शुरूआती दौर में दोनों की पसंद के विशिष्ट सहायक लगा दिए गए थे। दिया कुमारी के यहां गोपाल सिंह और प्रेम चंद बैरवा के यहां सावन कुमार चायल को विशिष्ट सहायक लगाया गया था। मंत्रियों की शपथ होने के बाद विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर नया फार्मूला तय किया गया है। इसके तहत दोनों उप मुख्यमंत्रियों के विशिष्ट सहायकों को हटाकर नए विशिष्ट सहायक लगाए गए हैं। लेकि, दोनों ही उप मुख्यमंत्रियों के अभी पुराने ही अधिकारी विशिष्ट सहायक का कामकाज देख रहे हैं।

इन 5 मंत्रियों को मिले विशिष्ट सहायक

सरकार ने नए फार्मूले के आधार पर ही केबिनेट मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, किरोड़ीलाल मीना, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कन्हैया लाल चौधरी, हीरालाल नागर के यहां वि शिष्ट सहायक नियुक्त किए हैं।

इन 16 मंत्रियों को वि शिष्ट सहायक का इंतजार

केबिनेट मंत्रीः मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, सुरेश रावत, अविनाश गहलोत, सुमित गोदारा, जोराराम कुमावत, बाबू लाल खराड़ी, हेमंत मीना।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारः संजय शर्मा, गौतम कुमार दक, झाबर सिंह खर्रा

राज्यमंत्रीः ओटाराम देवासी, मंजू बाघमार, विजय सिंह, के के विश्नाई, जवाहर सिंह बेढ़म।

विधानसभा में उठा था मामला

मंत्रियों को एक माह से अधिक समय बाद भी विशिष्ट सहायक नहीं मिलने का मामला विधानसभा में कांग्रेस की ओऱ से मामला उठाया गया था।


डायग्नोस्टिक इमेजिंग एक परिवर्तनकारी आर एंड डी चरण से गुजर रही है, जिसमें प्रारंभिक रोग निदान और वैयक्तिकृत चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए तैयार सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और उपभोग्य सामग्रियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इमेजिंग एजेंटों और अल्ट्रासाउंड तकनीक में हालिया प्रगति 2024 में परीक्षण में तेजी लाने, सटीकता बढ़ाने और नैदानिक क्षमताओं को व्यापक बनाने के लिए तैयार है, जो उभरते स्वास्थ्य देखभाल परिदृश्य को संबोधित करती है।

क्लार्क ने कहा, "एआई में छवि विश्लेषण की दक्षता और सटीकता बढ़ाने की काफी क्षमता है। एआई-एकीकृत सिस्टम और कंप्यूटर विज़न रोगी स्कैन छवियों में असामान्यताओं की पहचान करने में मदद कर सकते हैं, जिनकी रेडियोलॉजिस्ट या डॉक्टर द्वारा समीक्षा और व्याख्या की जाती है।" क्लार्क ने कहा, एआई आणविक इमेजिंग के लिए भी आशाजनक है क्योंकि यह सेलुलर स्तर पर जैविक प्रक्रियाओं की पहचान करने और उनका आकलन करने में मदद कर सकता है: अंतर्निहित प्रक्रियाएं जो विभिन्न बीमारियों का निर्माण करती हैं।

हाल के वर्षों में कंट्रास्ट एजेंटों और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स, डायग्नोस्टिक स्कैन को बढ़ाने और छवि सटीकता में सुधार करने के लिए उपयोग किए जाने वाले यौगिकों के विकास और मांग में वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट से पता चलता है कि कंट्रास्ट एजेंट और रेडियोफार्मास्यूटिकल्स विकास में लगभग 60 प्रतिशत डायग्नोस्टिक इमेजिंग उपकरणों के लिए जिम्मेदार हैं।

इसके अलावा, 2024 में बाजार अनुमोदन प्राप्त करने वाले रेडियोफार्मास्यूटिकल्स की संख्या 2023 में स्वीकृत राशि से दोगुनी होने की उम्मीद है, जो मेडिकल इमेजिंग में उनके बढ़ते महत्व पर जोर देती है। अधिकांश पाइपलाइन इमेजिंग एजेंट ऑन्कोलॉजी में उपयोग के लिए हैं, जहां रोगियों के लिए शीघ्र निदान महत्वपूर्ण है। उपयोग में आसानी, पोर्टेबिलिटी और लागत दक्षता के कारण अल्ट्रासाउंड इमेजिंग उपकरणों की लोकप्रियता भी बढ़ रही है।

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जयपुर. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन (जेजेएम) में हुए भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री भजन लाल की मंजूरी के बाद मुख्य अभियंता (विशिष्ठ परियोजना) दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (जल जीवन मिशन) आरके मीणा और मुख्य अभियंता (शहरी) केडी गुप्ता को हटा दिया है।
सोमवार को जारी तबादला सूची में एक वर्ष से पदस्थापन का इंतजार कर रहे संदीप शर्मा को मुख्य अभियंता (तकनीकी) के साथ (विशिष्ठ परियोजना) की दोहरी जिम्मेदारी दी है। दलीप गौड़ को मुख्य अभियंता जेजेएम के पद पर तैनात किया है। मुख्य अभियंता आरके मीणा को जेजेएम की पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता नियंत्रण का जिम्मा दिया है। मीणा जेजेएम की पेयजल परियोजनाओं में हुए भ्रष्टाचार की जांच करेंगे। दिनेश गोयल को मुख्य अभियंता (प्रशासन) और केडी गुप्ता को मुख्य अभियंता (ग्रामीण) के पद पर तैनात किया गया है। आरके लुहाडि़या को मुख्य अभियंता शहरी का जिम्मा दिया गया है।
जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं में उपर के इशारे पर जम कर वित्तीय अनियमिताएं की। चार गुना ज्यादा दरों पर टैंडर एप्रूव किए और बडे ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। जयपुर जिले में तो फर्जी सर्टिफिकेट से 500 करोड़ रुपए के ज्यादा के टैंडर श्री श्याम और गणपति टयूबवैल को दिए गए।
इतना ही नहीं इंजीनियरों ने धडल्ले से लोहे की जगह प्लास्टिक के पाइप बिछाए और करोड़ों का भुगतान ठेकेदारों को किया। इसी तरह से कई जगह तो फील्ड इंजीनियरों ने भ्रष्टाचार के सारे रेकार्ड तोड़ कर रख दिए। गांवों में पुरानी पाइप लाइन को नई पाइप बता कर ठेकेदारों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया।
चार गुना ज्यादा दरों पर 20 हजार करोड़ के टैंडर देने का मामला खुला तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और चार गुना ज्यादा दरों पर दिए गए सभी टैंडर निरस्त कर दिए। इसके बाद जल जीवन मिशन में एसीबी और ईडी की एंट्री हुई और ठेकेदार पदम चंद जैन को इंजीनियरों को कमीशन की रकम देते हुए गिरफ्तार किया।

transfers in Rajasthan राज्य की भजनलाल सरकार जल्द ही तबादलों से बैन हटाएगी। आठ फरवरी के बाद किसी भी दिन इसके आदेश जारी हो जाएंगे। विभागों ने भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। तबादलों को लेकर भाजपा के विधायक सक्रिय होने लगे हैं।

10 दिन की मिलेगी छूट

इन विधायकों के पास तबादला चाहने वाले लोगों के साथ कार्यकर्ता भी आ रहे हैं और डिजायर के लिए आवेदन भी दे रहे है। हालांकि ये अभी साफ नहीं हुआ है कि विधायकों की डिजायर कितनी चलेगी। सूत्रों के अनुसार भाजपा सरकार की ओर से 10 दिन के लिए तबादलों में छूट दी जा सकती है। ऐसे में सरकार और विभागों के पास कम समय रहेगा। विभागों की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। तबादलों से बैन हटने के तुरंत बाद इसकी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

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अगले माह लग सकती है आचार संहिता
अगले माह लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में सरकार पहले ही यह कवायद पूरी करना चाह रही है। हालांकि भाजपा सरकार के गठन के बाद बड़े स्तर पर आइएएस, आइपीएस, आरएएस अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं, लेकिन अन्य अधिकारियों के तबादले नहीं हुए हैं। ये अधिकारी और कर्मचारी तबादलों का इंतजार कर रहे हैं।

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जयपुर. पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में आए बदलाव ने माघ मास में फिर से गलनवाली सर्दी का अहसास करा दिया है। फरवरी माह में कई जिलों में बीते दिनों हुई बारिश के चलते पारे में रेकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। उत्तरी हवा के असर से जयपुर समेत कई जिलों में लोगों को तेज सर्दी महसूस हुई है। मौसम विभाग ने अगले एक दो दिन पारे में उतार-चढ़ाव और मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने और दिन व रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना जताई है। प्रदेश से विक्षोभ गुजरने के बाद आगामी दिनों में लोगों को सर्द मौसम से राहत मिल सकेगी।

सामान्य से नीचे लुढक़ा पारा
सीकर और हनुमानगढ़ के संगरिया में बीती रात पारा सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया। पहाड़ों से मैदानों तक पहुंची सर्द हवा के असर से पारे में गिरावट दर्ज की गई। श्रीगंगानगर 5.1 और सीकर और पिलानी में बीती रात पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री रहा जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा है। अलवर एनसीआर क्षेत्र में बीती रात पारा 6.0 डिग्री दर्ज हुआ।

सर्द हवा ने ठिठुराया
प्रदेश में राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में बीती रात पारा सामान्य या उससे अधिक रहने पर भी मौसम का मिजाज सर्द रहा। सर्द हवा चलने और बादलों की आवाजाही रहने पर सर्दी का जोर रहा। जयपुर में बीती रात तापमान 11.2 डिग्री रहा। सिरोही 10.1, बीकानेर 11.5, चूरू 7.6, अजमेर 13.3, भीलवाड़ा 13.6, कोटा 15.2, चित्तौ? 11.8, डबोक 14.6, धौलपुर 9.6, डूंगरपुर 16.6, करौली 7.2, बाड़मेर 13.0, जैसलमेर 12.3, जोधपुर 14.2, फलोदी 13.2 और जालोर में न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Jaipur Literature Festival 2024 : जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सोमवार को उपन्यास बेलिंगी पर चर्चा हुई। लेखक भरत ओला ने इस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किन्नर समाज का हिस्सा हैं, इनको मुख्यधारा में शामिल करने की जरूरत है। उपन्यास ऐसे चरित्र पर आधारित है, जिसके परिवार का गांव में प्रभाव है, लेकिन घर में किन्नर पैदा होने से आहत हो जाते हैं। बाद में ये चरित्र अस्पताल बनवाता है और परिजनों का नाम भी पट्टिका पर लिखता है। इसका उद्घाटन अपनी मां से करवाता है।

 


बेलिंगी को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी चर्चा सकारात्मक होनी चाहिए। ओला ने कहा कि किन्नर के शुरुआती दिन संघर्ष भरे होते हैं। उन्होंने कहा कि किन्नर समाज का अहम हिस्सा रहे हैं। महाभारत में सिखंडी का चरित्र है। बाद में विकृति पैदा हुई।

 

 

थर्ड जेंडर को लेकर नंद भारद्वाज ने कहा कि विकलांग को सर्टिफिकेट मिल जाता है और उसको कई रियायत मिलती हैं। ऐसा किन्नर के साथ क्यों नहीं है। इनको भी आरक्षण मिलना चाहिए।

 

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भेद खत्म होगा, तब मिटेगा आरक्षण



एक सवाल के जवाब में ओला ने कहा कि जब तक समाज में भेद रहेगा तब तक दलित को, स्त्री को आरक्षण की जरूरत रहेगी। जातिवादी मानसिकता को मिटाकर समाज के भेद को मिटाना होगा। उन्होंने कहा कि किन्नर को सामान्य मनुष्य समझा जाए तो भेद खत्म होगा।

 

 


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महाभारत से मिली चरित्र को पहचान



नंद भारद्वाज ने कहा कि राजस्थानी भाषा में ये पहला उपन्यास है। महाभारत में इस चरित्र को पहचान मिली है। राजा-महाराजाओं में भी ऐसे चरित्र मिल जाएंगे। समय के साथ किन्नर समाज उपेक्षित हो गया।

 

 

 

 

फिल्मों में हुआ है अपमान


बेलिंगी को कहानी में प्यार हुआ, लेकिन प्रेमी मिला नहीं....इस सवाल पर ओला ने कहा कि किन्नर भी मनुष्य है। प्रेम करता है। शादियां भी करते हैं। बाहरी समाज में व्यक्त नहीं करते हैं। आंतरिक बातें बाहर साझा करने की बड़ी सजा मिलती है। समाज से बहिष्कृत तक कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि साहित्य और फिल्मों में किन्नर का अपमान किया है। हिजड़ा तो सम्पूर्ण गाली है।

यह भी अज्ञात है कि क्या अवसाद से ग्रस्त लोगों में देखा गया कि शरीर का तापमान स्वयं को ठंडा करने की क्षमता में कमी, चयापचय प्रक्रियाओं से गर्मी की बढ़ी हुई पीढ़ी या दोनों के संयोजन को दर्शाता है। अमरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में मनोचिकित्सा के एसोसिएट प्रोफेसर और मुख्य लेखक एशले मेसन ने कहा कि निष्कर्ष इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि एक नई अवसाद उपचार पद्धति कैसे काम कर सकती हैं।

रिसर्चर्स कहते हैं कि क्या होगा अगर हम अवसाद से ग्रस्त लोगों के शरीर के तापमान को समय-समय पर गर्मी-आधारित उपचारों पर अच्छी तरह से ट्रैक कर सकें?" अध्ययन में रिसर्चर्स ने 106 देशों के 20,000 से अधिक प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण किया, जिन्होंने शरीर के तापमान को मापने वाला उपकरण पहना था, और प्रतिदिन अपने शरीर के तापमान और अवसाद के लक्षणों की स्वयं रिपोर्ट भी की थी।

परिणामों से पता चला कि अवसाद के लक्षणों की गंभीरता के प्रत्येक बढ़ते स्तर के साथ, प्रतिभागियों के शरीर का तापमान अधिक था। शरीर के तापमान के आंकड़ों ने उन लोगों में उच्च अवसाद स्कोर की प्रवृत्ति भी दिखाई, जिनके तापमान में 24 घंटे की अवधि के दौरान कम उतार-चढ़ाव था, लेकिन यह खोज महत्व तक नहीं पहुंची।

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लंदन में वैज्ञानिकों ने दिल के इलाज में बड़ी खोज की है। भविष्य में ऐसा इलाज संभव हो सकता है, जहां शरीर के अंदर ही नया दिल का वाल्व बन सकेगा। इससे मरीजों को बार-बार सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इंपीरियल कॉलेज लंदन और हारेफील्ड अस्पताल के शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो शरीर की प्राकृतिक मरम्मत क्षमता का इस्तेमाल कर जीवित दिल का वाल्व बनाती है।

इस तकनीक में पहले एक खास तरह का जाल शरीर के अंदर डाला जाता है। यह जाल धीरे-धीरे घुल जाता है, लेकिन इस बीच शरीर की कोशिकाएं इस जाल पर इकट्ठी होकर नया ऊतक बनाती हैं। यही नया ऊतक धीरे-धीरे वाल्व का रूप ले लेता है।

अभी दिल के वाल्व बदलने के दो तरीके हैं। पहला तरीका है मशीनी वाल्व लगाना, लेकिन इसके लिए जिंदगी भर खून को पतला करने वाली दवाएं लेनी पड़ती हैं। दूसरा तरीका है जानवरों के ऊतकों से बना वाल्व लगाना, लेकिन ये वाल्व 10-15 साल ही चल पाते हैं। खासकर बच्चों के लिए यह और भी मुश्किल है, क्योंकि उनके शरीर के बढ़ने के साथ वाल्व भी नहीं बढ़ पाता।

नई तकनीक से इन सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। नया वाल्व शरीर के अंदर बनेगा, तो यह शरीर के साथ ही बढ़ेगा और दवाओं की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

अभी इस तकनीक का परीक्षण भेड़ों पर किया गया है और नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। अगले पांच साल में इसका इंसानों पर परीक्षण शुरू होने की उम्मीद है।

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सिडनी के वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग बार-बार अपनी नाक साफ करते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग विकसित होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। हालांकि अभी तक अल्जाइमर का सही कारण पता नहीं चल पाया है, लेकिन मरीजों के दिमाग में ताऊ नामक प्रोटीन का जमाव पाया गया है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ा होता है।

हाल के अध्ययनों से पता चला है कि कम से कम कुछ हद तक न्यूरोइन्फ्लेमेशन इसकी वजह हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में अनुमान लगाया है कि "अल्जाइमर में न्यूरोइन्फ्लेमेशन का कारण आंशिक रूप से वायरल, बैक्टीरियल और फंगल रोगजनक हो सकते हैं जो नाक और घ्राण प्रणाली के माध्यम से मस्तिष्क में प्रवेश करते हैं।"

बार-बार नाक साफ करना, जिसे चिकित्सकीय रूप से राइनोटिलैक्सोमेनिया के रूप में जाना जाता है, संवेदनशील नाक गुहा में कीटाणुओं को प्रवेश कराता है जो मस्तिष्क में सूजन पैदा करते हैं, जिसे अल्जाइमर रोग की शुरुआत से जोड़ा गया है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि नाक के वातावरण में कीटाणुओं की अधिकता के कारण होने वाले बदलाव लगातार, हल्के मस्तिष्क संक्रमण का स्रोत हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के संक्रमण बिना किसी लक्षण के मौजूद हो सकते हैं लेकिन सूजन पैदा कर सकते हैं और हानिकारक प्रोटीन के प्लाक को पीछे छोड़ सकते हैं जो अल्जाइमर सहित न्यूरोडिजेनेरेटिव रोगों के विकास में योगदान करते हैं।

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने लिखा है, "कोविड से सीखा गया एक सबक हाथ की स्वच्छता का महत्व है, जिसमें बार-बार हाथ धोना और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल शामिल है। हमारा सुझाव है कि ये नियमित स्वच्छता प्रक्रियाएं असाध्य नाक साफ करने वालों के लिए अनिवार्य होनी चाहिए।"

(आईएएनएस)

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भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 7 फरवरी को दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम करने की घोषणा के बाद बात वार्ता तक पहुंच गई है। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए सोमवार देर शाम जयपुर पहुंचा, जहां दो मंत्री व अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। वहीं जयचोली के पास महापड़ाव 20वें दिन भी जारी रहा। साथ ही अनशन किया गया। इसमें एक अनशनकारी की तबियत भी बिगड़ गई। देर रात में जयपुर में हुई वार्ता में सहमति बनी है, लेकिन बात केंद्र सरकार से वार्ता पर अटकी हुई है।

... तो भाजपा के खिलाफ करेंगे वोट


संयोजक नेमसिंह फौजदार ने कहा कि यदि लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिलता है तो जाट समाज भाजपा के खिलाफ वोट करेगा। फिलहाल मुख्यमंत्री खुद भरतपुर में हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी जाट आंदोलनकारियों से सकारात्मक वार्ता हो जाए। सरकार की ओर से जाटों को वार्ता के लिए जयपुर बुलाया गया है। सरकार की ओर से गृह सचिव सहित दो मंत्री भाग लेंगे।

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जाट आरक्षण से कम कुछ नहीं


फौजदार ने कहा कि हमने चक्का जाम का ऐलान किया हुआ है, लेकिन फिर भी हम वार्ता के लिए तैयार हैं। आज जयपुर में और उसके बाद दिल्ली में वार्ता होगी। हमको आरक्षण से कम कुछ नहीं चाहिए। यदि आरक्षण देने का नोटिफिकेशन केंद्र सरकार जारी करती है तो ठीक है नहीं तो हमारा आंदोलन उग्र होगा। यह आंदोलन तब तक चलेगाए जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता है। बैठक में मंत्री कन्हैयालाल ने सरकार के स्तर पर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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दो मुद्दों पर बनी सहमति, एक पर बाकी


भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने बताया कि पिछले आंदोलनों में दर्ज मुकदमों को वापस करने व चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के मामले को लेकर वार्ता में सहमति बन गई है। हालांकि अब बात केंद्र सरकार के साथ वार्ता को लेकर है।

विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में हो आंदोलन : डॉ. सुभाष गर्ग


विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि भरतपुर में धौलपुर, भरतपुर, डीग जिलों के जाटों को आरक्षण देने के लिए चलाया जा रहा आंदोलन पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाए, क्योंकि पहले भी प्रदेश में आरक्षण लाभ विश्वेंद्र सिंह ने ही दिलाया था। आरक्षण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में सभी प्रतिनिधि एवं समाज के लोग एकजुट हो और यह आंदोलन पूर्व मंत्री महाराजा विश्वेन्द्र सिंह के नेतृत्व में ही किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि भरतपुर धौलपुर व डीग जिलों के जाट जाति के युवाओं को केंद्रीय सेवाओं में शीघ्र आरक्षण का लाभ देने के आदेश जारी करने चाहिए।

जयपुर। छोटी काशी के मंदिरों में आज षटतिला एकादशी पर सुबह से ही ठाकुरजी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दरअसल, माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी षटतिला या पापहारिणी के नाम से जानी जाती है। यह सब पापों का नाश करने वाली है। इस दिन तिल से बने हुए व्यंजन या तिल से भरा हुआ पात्र दान करने से अंनत पुण्यों की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी का व्रत करने से मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति होती है।

मंदिरों में सजी विशेष झांकियां
शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुर राधा कृष्ण जी को लाल रंग की पोशाक धारण कराकर गोचारण लीला के विशेष स्वर्णाभूषण धारण कराए गए। ठाकुरजी को तिल के व्यंजनों का भोग लगाया गया। वहीं पुरानी बस्ती स्थित मंदिर श्री राधा गोपीनाथजी में ठाकुरजी के गोचारण लीला की झांकी के दर्शन हुए। इस मौके पर मंदिर महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में षटतिला एकादशी हवन का आयोजन हुआ। इसमें भक्तों ने आहुतियां अर्पित कीं।

फूलों से विशेष शृंगार कर सजाई झांकी
पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में राधा सरस बिहारीजी के फूलों से विशेष शृंगार कर आकर्षक झांकी सजाई गई। इस दौरान एकादशी के पदों का गायन किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में एकादशी पर विशेष आयोजन हो रहे हैं। वहीं शहर के श्याम मंदिरों में एकादशी कीर्तन हो रहा है। कांवटियों का खुर्रा स्थित प्राचीन श्याम मंदिर में बाबा का विशेष शृंगार कर एकादशी का कीर्तन किया जा रहा है। वहीं भक्त तिल के व्यंजनों का दान भी कर रहे है।

Update on Ashok Gehlot Health सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तबीयत में सुधार है। एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत को ऑक्सीजन सपोर्ट से भी बीच-बची में हटाया जा रहा है। सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर गहलोत की कुशलक्षेम पूछी। गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू और कोविड की पुष्टि होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को यहां भर्ती कराया गया था।

गहलोत के स्वास्थ्य में हो रहा सुधार

आपको बता दें कि सवाई मानसिंह अस्पताल के संक्रामक रोग केंद्र में भर्ती पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। गहलोत को कोविड और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने के कारण शुक्रवार देर रात भर्ती करवाया गया है। शनिवार को उन्हें बुखार था, लेकिन रविवार को उन्हें शाम तक बुखार नहीं आया और सांस लेने में भी अब कोई परेशानी नहीं है।

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पहले भी हो चुका है कोविड-19

इससे पहले भी पूर्व सीएम अशोक गहलोत साल 2021 और 2023 में भी कोविड-19 से संक्रमित हो चुके है। उस वक्त सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें होम आइसोलेट करते हुए इलाज किया था। इस बार उनका कोविड होने के साथ-साथ स्वाइन फ्लू का भी टेस्ट पॉजिटिव आया है। अशोक गहलोत को 2021 में सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल के कार्डियोलॉजी विंग में भी भर्ती कराया गया था, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी।

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शोधकर्ताओं ने पाया कि शुरुआती गर्भावस्था में, गर्भाशय दिल और मांसपेशियों के साथ कम जुड़ता है, बल्कि विकसित हो रहे प्लेसेंटा के साथ गहरा संबंध बनाता है।

वैज्ञानिकों ने गर्भावस्था के दौरान प्राइमेट के शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाले जटिल बदलावों का पता लगाया है। यह शोध प्री-एक्लेम्पसिया और गर्भावधि मधुमेह जैसी गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं के कारणों को समझने में मदद कर सकता है, जो इन बदलावों में गड़बड़ी के कारण हो सकते हैं।

आमतौर पर, शरीर की प्रणालियां आणविक पोषक तत्वों, या मेटाबोलाइट्स का एक संतुलित आदान-प्रदान बनाए रखती हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान, यह संतुलन काफी बदल जाता है।

उदाहरण के लिए, जबकि हृदय की पंपिंग मात्रा 40% तक बढ़ सकती है, थाइमस ग्रंथि भ्रूण को अस्वीकार करने से रोकने के लिए तेजी से सिकुड़ जाती है।

बीजिंग में चीनी विज्ञान अकादमी के श्याह-चांग एनजी, स्टेम सेल पर मेटाबोलाइट्स के प्रभाव से प्रेरित होकर, गर्भावस्था के परिवर्तनकारी चरण के दौरान उनकी भूमिका का पता लगाया।

एनजी की टीम ने 12 गर्भवती बंदरों (Macaca fascicularis) के विभिन्न गर्भावस्था चरणों में 273 ऊतक नमूनों का विश्लेषण किया और उनकी तुलना गैर-गर्भवती अवस्थाओं से की। नमूने 23 विभिन्न स्थानों से लिए गए थे, जिनमें गर्भाशय, लीवर, रीढ़ की हड्डी, त्वचा, रक्त और हृदय के कई क्षेत्र शामिल थे।

उन्होंने क्या पाया?

प्रकाशित निष्कर्ष चौंकाने वाले थे: गर्भावस्था के अलावा, मेटाबोलाइट साझा करना अपेक्षाकृत समान था, लेकिन गर्भावस्था ने इस आदान-प्रदान को नाटकीय रूप से बदल दिया।

शुरुआती गर्भावस्था में, गर्भाशय दिल और मांसपेशियों के साथ अपने संपर्क को कम कर देता है, बल्कि विकसित हो रहे प्लेसेंटा के साथ घनि संबंध बनाता है। दूसरे तिमाही तक, पूरी तरह से विकसित प्लेसेंटा हृदय, अंडाशय और लीवर को विभिन्न प्रकार के मेटाबोलाइट्स वितरित करना शुरू कर देता है।

जैसे-जैसे गर्भावस्था आगे बढ़ती है, गर्भाशय खोपड़ी के साथ अधिक निकट से जुड़ने लगता है, जबकि कंकाल की मांसपेशियां रीढ़ की हड्डी के साथ अपना आदान-प्रदान बढ़ा देती हैं।

अध्ययन में 32 गर्भवती महिलाओं के रक्त सीरम के नमूनों की भी जांच की गई, जिसमें पाया गया कि प्री-एक्लेम्पसिया से पीड़ित महिलाओं में कॉर्टिकोस्टेरोन का स्तर काफी कम होता है। प्रयोगशाला के प्रयोगों से पता चला कि मानव प्लेसेंटा कोशिकाओं को कॉर्टिकोस्टेरोन से वंचित करने से प्री-एक्लेम्पसिया जैसी सूजन हो जाती है, जो गर्भावस्था में इस स्टेरॉयड की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

एक अन्य मेटाबोलाइट, पामिटोइलकार्निटाइन, जिसे फैटी एसिड प्रसंस्करण और प्रतिरक्षा विनियमन में शामिल होने के लिए जाना जाता है, का अब गर्भावधि मधुमेह से संभावित संबंध के लिए जांच की जा रही है।

अपने व्यापक शोध से, टीम ने 91 मेटाबोलाइट्स का एक "एटलस" बनाया है जो गर्भवती बंदरों के ऊतकों में लगातार उतार-चढ़ाव करते हैं।

गर्भावधि मधुमेह से जुड़ाव की संभावना को देखते हुए वैज्ञानिक अब एक अन्य मेटाबोलाइट, पामिटोइलकार्निटाइन की जांच कर रहे हैं, जो फैटी एसिड प्रसंस्करण और प्रतिरक्षा विनियमन में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है।

अपने व्यापक शोध के माध्यम से, टीम ने 91 मेटाबोलाइट्स का एक "एटलस" बनाया है, जो गर्भवती बंदरों के ऊतकों में लगातार उतार-चढ़ाव करते हैं। यह एटलस इस बात को समझने के लिए एक मूल्यवान ढांचा प्रदान करता है कि मेटाबोलाइट्स मानव गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं और इससे नए उपचारात्मक शोध को प्रेरित किया जा सकता है।

गर्भवती बंदरों का अध्ययन करने के लिए एक विश्वसनीय मॉडल के रूप में कार्य करता है, क्योंकि उनकी प्रजनन प्रणाली मानव जैसी होती है, भले ही उनका गर्भधारण का समय कम हो।

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जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की मौजूदगी में सोमवार को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में महिला आरक्षण को 30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर विचार किया गया, वहीं बाबू का काम कर रहे 65 से अधिक शिक्षकों को शिक्षा निदेशालय से हटाने का निर्णय किया। इसके अलावा 5000 प्रबोधकों की पदोन्नति को मंजूरी भी दी गई, जिसे वित्तीय स्वीकृति के लिए वित्त विभाग भेजा जाएगा।

शिक्षा मंत्री दिलावर (Madan Dilewar) की मौजूदगी में सोमवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक में इन मुद्दों पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 5000 प्रबोधक की पदोन्नति पूर्व में हो गई थी, शेष 5000 प्रबोधक पदोन्नति की मांग कर रहे है। शिक्षा मंत्री दिलावर ने एनटीटी शिक्षको की 2018 मैं हुई भर्ती के मामले में कहा कि इसी सप्ताह राहत दी जाएगी। इसके अलावा देवनारायण योजना में छठी कक्षा के बच्चों को छात्रावृति की लिए चयनित स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर सहमति जताई गई। बैठक में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा करने पर भी विचार किया गया।

व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक भी कर रहे बाबू का काम
शिक्षा मंत्री दिलावर ने बीकानेर शिक्षा निदेशालय में 65 से अधिक शिक्षको के लंबे समय से बाबू का करने पर नाराजगी जताई। इन 65 शिक्षकों में 19 व्याख्याता और 20 से अधिक वरिष्ठ अध्यापक है, जो स्कूलों में पढ़ाने की बजाय निदेशालय में बाबू का काम कर रहे है। मंत्री ने एक पद पर 5 साल से अधिक समय से लगे शिक्षकों को मूल नियुक्ति स्थान पर भेजने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि उनके आदेश के बाद 900 से ज्यादा शिक्षकों के पदस्थापन निरस्त नहीं हुए है, इनको भी 12 फरवरी तक हटाया जाए। इसके बाद जो शेष रहें, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

नेता का चुनाव योग्यता के आधार पर हो
राजनीति में धर्म और जाति को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। चुनाव के समय विकास के मुद्दों व देश की समस्याओं के बारे में चर्चा हो। नेका को एक बार ही चुनाव लडने की अनुमति हो। वह योग्यता के आधार पर चुना जाए।
मीना सनाढ्य, उदयपुर
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पार्टी में हो आंतरिक सुधार
राजनीतिक पार्टी में आंतरिक सुधार होना चाहिए। पार्टी में अपराधी प्रवृति, भ्रष्टाचारी और सजा काट चुके लोगो को चुनाव में टिकट देने से बचना चाहिए। युवाओं को समाज सेवा की ओर बढ़ना चाहिए।
बेदाग छवि के व्यक्ति को ही चुनावी दंगल में उतारना चाहिए। जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि अपने क्षेत्र का विकास कर सके।
—दिलीप शर्मा, भोपाल
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चुनाव पूर्व का गठबंधन ही मान्य हो
जन प्रतिनिधि के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की जाए। स्नातक के बाद राजनीति का एक पाठ्यक्रम बनाया जावे जिसमे सफल व्यक्ति को ही चुनाव लड़ने का अधिकार मिले। जीत के बाद दल बदल किसी भी सूरत में नही हो। यहां तक कि गठबंधन भी चुनाव पूर्व का ही मान्य हो। इससे राजनीति सुधर जाएगी।
कुलदीप पारीक,नागौर
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यह राजनीतिक इच्छा शक्ति पर निर्भर
राजनीति के स्तर और गुणवत्ता मे ऐसे सुधार हो, जिससे आम जनता की लोकतांत्रिक व्यवस्था मे जन - भागीदारी बढ़े। राजनीतिक सुधार के प्रस्तावों मे इन्हें कौन, क्यों और कैसे करेगा यह दलों और नेताओं को पहले से तय करने होंगे। यह राजनीतिक इच्छा शक्ति पर ही निर्भर है।
- नरेश कानूनगो, देवास
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राजनीति में धर्म व जाति नहीं हो
राजनीति में नैतिकता लानी होगी। राजनीति को केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं होना चाहिए। वोटों के लिए नहीं, बल्कि लोगों की बेहतरी के लिए राजनीति हो। राजनीति में अपराधीकरण को समाप्त किया जाए। राजनीति में धर्म और जाति को दूर रखा जाए।
हितेश चौहान,मंडार,सिरोही
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धर्म और जाति आधारित राजनीति
नेता चुनाव जीतने के लिए धर्म और जाति आधारित राजनीति करते हैं। धर्म और जाति पर वोट मांगना हमारे संविधान की भावना के खिलाफ है। इससे हमारे प्रजातंत्र को गहरा आघात पहुंचाया जा रहा है। चुनावों में मतदाताओं को धर्म और राजनीति को दरकिनार कर राष्ट्रीय हित और विकास पर वोट देना चाहिए।
प्रकाश भगत, कुचामन सिटी, नागौर
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स्वच्छ छवि के उम्मीदवारों को ही टिकट
राजनीति में सुधार के लिए स्वच्छ छवि के उम्मीदवारों को ही चुनाव में टिकट देना होगा। उम्मीदवारों को शिक्षित भी होना चाहिए। अपराधी प्रवृति के लोगो को राजनीतिक दलों में नही लिया जाना चाहिए।
पोषण कुमार शर्मा,हनुमानगढ़ जंक्शन
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जनता की हो सहभागिता
राजनीतिक सुधारों में जनता की भागीदारी स्पष्ट रूप से नजर आनी चाहिए। लोकतांत्रिक कामों मे पार्टियों को व्यक्तिगत लाभ से ज्यादा जनता के हितों को पूरा किया जाए।
अशोक कुमार शर्मा, जयपुर।

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Justice M M Shrivastav Administered Oath As Rajasthan HC CJ : राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने मंगलवार को यहां मुख्य न्यायाधीश के रुप में शपथ ली। राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में शाम चार बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में न्यायमूर्ति श्रीवास्तव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस श्रीवास्तव ने हिंदी में शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, मंत्रिमंडल के सदस्यगण, हाई कोर्ट के न्यायाधीशगण, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक यू आर साहू, सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति श्रीवास्तव पूर्व में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में नियुक्त थे और 18 अक्टूबर 2021 को उनका तबादला राजस्थान हाई कोर्ट हुआ था। मार्च 2022 में न्यायालय के मुख्यन्यायाधीश जस्टिस अकील कुरैशी के सेवानिवृत्त होने पर न्यायमूर्ति श्रीवास्तव को मुख्य न्यायाधीश का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। ञ्ज्र्यश्व

जयपुर। जवाहर नगर थाना और डीएसटी जयपुर पूर्व ने मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई कर स्मैक बेचने वाले युवक को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने उसके पास से स्मैक बरामद की है। पुलिस ने उनके कब्जे से स्मैक और बिक्री के 1530 रुपए बरामद किए है। पुलिस पकड़े हुए आरोपी से पूछताछ कर रही है।
डीसीपी (पूर्व) ज्ञानचंद यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सोनू उर्फ लाला (22) टीला नम्बर एक कच्ची बस्ती जवाहर नगर का रहने वाला है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कच्ची बस्ती के पास खड़ा होकर स्मैक बेच रहा है। इस पर पुलिस मौके पर आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से 5.21 ग्राम स्मैक और बिक्री के 1530 रुपए बरामद किए है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह स्मैक कहां से लेकर आया था। वह यहां पर किन लोगों को स्मैक और कितने रुपए में बेच रहा था।

जयपुर।पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी टीम ने मंगलवार को मुहाना में कार्रवाई कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 8 पिस्टल, 9 मैगजीन एवं 19 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुरेन्द्र सैन कुम्भपुरिया गोविन्दगढ़ और मस्तराम अरनिया कैथून कोटा का रहने वाला हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सुरेन्द्र सैन और मस्तराम हथियारों की सप्लाई का काम करते है। आरोपी सुरेन्द्र सैन ने पूछताछ में बताया कि इस्टाग्राम पर डिमांड होने पर पिस्टल सैंधवा इन्दौर, मध्यप्रदेश से लाकर जयपुर में सप्लाई करता है।

15 हजार रुपए में लाते और 30 हजार में बेचते
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मध्यप्रदेश से 15-15 हजार रुपए में पिस्टल लेकर आते है और यहां जयपुर में 30 हजार रुपए में बेचते है। आरोपी सुरेन्द्र सैन के खिलाफ पूर्व में थाना देई बूंदी, सामोद जयपुर ग्रामीण में भी आर्म्स एक्ट के प्रकरण पंजीबद्ध है और उनियारा जिला टोंक में लूट के प्रकरण में गिरफ्तार हुआ था। आरोपी मस्तराम के खिलाफ पूर्व में मारपीट के पांच मामले दर्ज है।

PNB SO Recruitment 2024 : अगर आप में बैंक में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (एसओ) पदों पर ऑनलाइन आवेदन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए बैंक में 1025 पदों को भरा जाएग। कुल पदों में से एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्लयूएस और सामान्य अभ्यर्थियों के लिए क्र मश: 155, 80, 276, 101 और 413 पद हैं।

दिव्यांग अभ्यर्थियों (horizontal basis) के लिए भी कुल 48 पद आरक्षित हैं। राजस्थान के अभ्यर्थी भी इन पदों के लिए बैंक की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 7 फरवरी (दोपहर 2 बजे) को शुरू होगी और पात्र अभ्यर्थी 25 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

वेकेंसी डिटेल्स
-ऑफिसर (क्रेडिट) : 1000 पद

-मैनेजर (फॉरेक्स) : 15 पद

-मैनेजर (साइबर सुरक्षा) : 5 पद

-सीनियर मैनेजर (साइबर सुरक्षा) : 5 नद

पात्रता मापदंड
सीए से लेकर एमबीए डिग्रीधारक अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। मैनेजर (फॉरेक्स), मैनेजर (साइबर सुरक्षा), सीनियर मैनेजर (साइबर सुरक्षा) पदों के लिए क्रमश: न्यूनतम 2-2 और 4 वर्ष का कार्य अनुभव भी मांगा गया है। अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें।

आयु सीमा
-ऑफिसर (क्रेडिट) : 21 से 28 वर्ष

-मैनेजर (फॉरेक्स) : 25 से 35 वर्ष

-मैनेजर (साइबर सुरक्षा) : 25 से 35 वर्ष

-सीनियर मैनेजर (साइबर सुरक्षा) : 27 से 38 वर्ष

नोट : एससी/एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर), पूर्व सैनिक, दिव्यांग और 1984 के दंगों से प्रभावित अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

चयन प्रक्रिया
इन पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन ऑनलाइन लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। ऑनलाइन परीक्षा अजमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर, उदयपुर सहित देश के विभिन्न शहरों में आयोजित की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया
-एससीट/दिव्यांग/दिव्यांग : 59 रुपए

-अन्य श्रेणी के अभ्यर्थी : 1180 रुपए

ऐसे करें अप्लाई
अभ्यर्थी पीएनबी की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.pnbindia.in/ पर लॉगिन कर 7 से 25 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे।

जयपुर। जिला विशेष टीम और आदर्श नगर थाना पुलिस ने चरस के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चरस और बिक्री के 45 हजार रुपए बरामद किए है। पकड़ी गई चरस की कीमत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में 6 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कपिल कुमार शांति नगर गोनेर रोड खोह नागोरियान, विनय मुरझानी शांति पथ रोड जवाहर नगर, महेश्वर सिंह नयापुरा कोटा और हिमांशु द्धारिका नई दिल्ली का रहने वाला हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 800 ग्राम चरस और तस्करी के लिए काम में ली गई कार और बिक्री के 45 हजार रुपए बरामद किए है। इसके साथ ही पुलिस ने उनके पास से दो इलेक्ट्रिक कांटे और प्लास्टिक की छोटी थैलियां जब्त की है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वह चरस कहां से लेकर आए थे और यहां किन लोगों को चरस सप्लाई की जा रही थी। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि चरस तस्करी में और कितने लोग शामिल है।

राज्य में 452.32 हैक्टेयर क्षेत्रफल के 339 माइनर मिनरल प्लॉटों की नीलामी ई-पोर्टल एमएसटीसी पर 7 फरवरी से आरंभ हो रही है। निदेशक माइंस एवं भूविज्ञान डॉ. प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि इसमें 63 हैक्टेयर क्षेत्रफल के 131 प्लॉटों की क्वारी लाइसेंस के लिए ई-नीलामी होगी वहीं 208 खनन प्लाटों की नीलामी होगी।

खान सचिव आनन्दी ने विभाग की वर्चुअल बैठकों के दौरान मेजर एवं माइनिंग ब्लॉक तैयार कर उनकी ई-नीलामी शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने ई-नीलामी सूचना जारी कर दी है और माइनर मिनरल के ब्लॉकों की नीलामी 7 फरवरी से शुरू होने के साथ 29 फरवरी तक चलेगी। ई-नीलामी प्रक्रिया व विस्तृत विवरण विभागीय वेबसाइट व भारत सरकार के ई पोर्टल पर देखा जा सकता है। क्वारी लाइसेंस नीलाम वाले प्लॉट्स छोटी साइज के होने से स्थानीय लोगों व कम साधन वाले इच्छुक भी नीलामी में भाग लेने का अवसर मिल पाता है और माइनिंग क्षेत्र में स्थानीय भागीदारी बढ़ जाती है। माइनर मिनरल के इन प्लॉटों की ई नीलामी पारदर्शी तरीके से एमएसटीसी पोर्टल पर होगी।

निदेशक माइंस डॉ. प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि भीलवाड़ा, जोधपुर ग्रामीण व चित्तौड़गढ़ के 63 हैक्टेयर क्षेत्रफल के मुख्यतः सेंड स्टोन के 131 क्वारी प्लॉटों की ई-नीलामी की जाएगी। यह नीलामी प्रक्रिया 7 फरवरी को आरंभ होकर 21 फरवरी तक चलेगी। नीलामी का विस्तृत कार्यक्रम विभागीय वेबसाइट व एमएसटीसी प्लेटफार्म पर देखी जा सकती है। क्वारी लाइसेंस 30 वर्ष की अवधि के लिए जारी होंगे।

इसी तरह से पाली, सिरोही, प्रतापगढ़, अजमेर, करौली, भीलवाड़ा, चित्तोड़गढ़, ब्यावर, जोधपुर ग्रामीण, बीकानेर, सांचोर, राजसमंद, उदयपुर, नीम का थाना के माइनर मिनरल मारबल, क्वार्टज फेल्सपार, बॉल क्ले, सिलिकासेंड, चाइना क्ले, सेंड स्टोन, व मेसेनरी स्टोन के 208 खनिज प्लॉटों के 50 वर्ष की अवधि के लिए माइनिंग लाइसेंस ई नीलामी से जारी होंगे। ई-नीलामी प्रक्रिया बुधवार 7 फरवरी से शुरू होकर 29 फरवरी तक चलेगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक आमजन, कंपनियां आदि कोई भी कहीं से भी एमएसटीसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर निश्चित दिनांक व निर्धारित समयानुसार हिस्सा ले सकते हैं। क्वारी प्लॉटों व माइनिंग प्लॉटों की विस्तृत जानकारी, प्रक्रिया और अन्य शर्तें आदि विभागीय वेबसाइट व एमएसटीसीपोर्टल पर उपलब्ध है। विभाग की ओर से इसी माह मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ई-नीलामी की जाएगी।

Government Jobs in Rajasthan : राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा कनिष्ठ विधि अधिकारी भर्ती-2023 के पदों के लिए साक्षात्कार का प्रथम चरण 27 से 29 फरवरी 2024 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी (पशुपालन विभाग) भर्ती-2019 के पदों के लिए साक्षात्कार का दसवां चरण 12 से 29 फरवरी 2024 तक आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग ने तीन प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथि जारी की हैं।

 

कनिष्ठ विधि अधिकारी (विधि एवं विधिक कार्य विभाग) भर्ती-2023


राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा कनिष्ठ विधि अधिकारी (विधि एवं विधिक कार्य विभाग) भर्ती-2023 के पदों हेतु साक्षात्कार का प्रथम चरण 27 फरवरी से 29 फरवरी 2024 तक आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार-पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथा समय अपलोड कर दिए जाएंगे।

आयोग सचिव ने बताया कि प्रथम चरण में 108 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार का आयोजन निर्धारित कार्यक्रमानुसार किया जाएगा। साक्षात्कार के समय अभ्यर्थियों को समस्त मूल प्रमाण-पत्र, विस्तृत आवेदन-पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर दो प्रतियों में भरकर मय मूल प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रतियों सहित आवश्यक रूप से प्रस्तुत करना होगा अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा।

 

पशु चिकित्सा अधिकारी (पशुपालन विभाग) भर्ती-2019


राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारी (पशुपालन विभाग) भर्ती-2019 के पदों हेतु साक्षात्कार का दसवां चरण 12 फरवरी से 29 फरवरी 2024 तक आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार-पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथा समय अपलोड कर दिए जाएंगे। आयोग सचिव ने बताया कि दसवें चरण में 378 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार का आयोजन निर्धारित कार्यक्रमानुसार किया जाएगा। साक्षात्कार के समय अभ्यर्थी अपने समस्त मूल प्रमाण-पत्र मय फोटो प्रति साथ अवश्य लाएं अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा।

 

आरपीएससी ने जारी की तीन प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथि


राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा मंगलवार को 3 विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रस्तावित परीक्षा दिनांक जारी की गई। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग सचिव ने बताया कि प्रोग्रामर (सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन 27 अक्टूबर 2024 को किया जाना प्रस्तावित है। संस्कृत शिक्षा विभाग के पदों हेतु प्राध्यापक-विद्यालय प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन 17 नवंबर से 21 नवंबर 2024 तक एवं वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन 28 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक किया जाना प्रस्तावित है।

वैश्विक स्तर पर यह होता आया है कि जब किसी देश में चुनाव नजदीक होते हैं तो अधिकांश निवेशक राजकोषीय लापरवाही का सामना करते हैं। यह इसलिए क्योंकि अधिकांश मामलों में सरकारें राजकोषीय अनुशासन की अनदेखी करती हैं और लोकलुभावन उपायों का सहारा लेती हैं। लेकिन इस वर्ष के अंतरिम बजट प्रस्तावों को देखें तो इस तथ्य पर ध्यान देना महत्त्वपूर्ण है कि राजकोषीय अनुशासन और व्यापक आर्थिक स्थिरता पर ऐसे समय में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जब देश आम चुनावों की तैयारी कर रहा है।

इस वर्ष के बजट प्रस्ताव, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के दृष्टिकोण तथा गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर विशेष जोर देने साथ, 2047 तक एक विकसित देश बनने की दिशा में भारत की यात्रा को गति प्रदान करेंगे, यह उम्मीद की जानी चाहिए। विकासोन्मुख बजट घोषणाओं के बारे में उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि के साथ बड़े पैमाने पर काम के अवसरों की उपलब्धता तय की गई है। अच्छी बात यह भी है कि उदार व लक्षित कल्याण के उपाय, राजकोषीय जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ-साथ लागू किए जाएंगे। यह अर्थव्यवस्था के लिएअच्छी खबर है, क्योंकि कल्याणकारी योजनाओं तथा रोटी-कपड़ा और मकान की बुनियादी आवश्यकताओं के प्रावधान से लाभार्थियों की जेब में पैसे की अधिक बचत होती है। इसे वे विभिन्न उत्पादों पर खर्च करते हैं तो मांग में वृद्धि होती है। राजकोषीय अनुशासन की सख्ती से पालना का ही नतीजा है कि कोरोना महामारी और यूक्रेन संकट की दोहरी बाधाओं के बावजूद, भारत उथल-पुथल भरी दुनिया में बेहतर अर्थव्यवस्था वाले देश के रूप में उभरा। इसे वैश्विक समुदाय भी मान्यता देता है। भारत के साथ व्यापार में वैश्विक रुचि से यह तथ्य परिलक्षित होता है। साथ ही भारतीय शेयर बाजार भी निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि भारत का शेयर बाजार हाल ही 4.33 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन के साथ हांगकांग को पीछे छोड़ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।

इतना ही नहीं पूंजीगत व्यय को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया गया है। इससे भारत की अवसंरचना में और भी सुधार होंगे एवं दस साल पहले की तुलना में प्रभावी तरीके से आधुनिकीकरण होगा। सीधी बात तो यह है कि उच्च पूंजीगत व्यय और बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही कहा है कि इस वर्ष का बजट वर्ष 2047 तक विकसित देश बनने की दिशा में भारत के पथ की आधारशिला को मजबूत करने की गारंटी देता है। जहां तक कि आवास निर्माण के लक्ष्यों का सवाल है, सरकार पहले ही गांवों और शहरों में गरीबों के लिए चार करोड़ से ज्यादा घर बना चुकी है। सरकार ने अब मध्यम वर्ग के लिए दो करोड़ अतिरिक्त आवासों के निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसी तरह 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया गया है। आशा और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के साथ सरकार ने 30 करोड़ मुद्रा ऋण के जरिए भी महिलाओं को सशक्त बनाया है। महिला सशक्तीकरण का एक उदाहरण यह भी है कि पिछले दशक में उच्च शिक्षा में महिलाओं के नामांकन में 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) पाठ्यक्रमों में 43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है। बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार 9-14 वर्ष की आयु की किशोरियों के लिए टीकाकरण को प्रोत्साहित करेगी। मातृ एवं शिशु देखभाल से जुड़ी योजनाओं को एक समग्र कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करना भी इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है। अंतरिम बजट में रोजगार के अवसर, स्टार्ट-अप के लिए सहायता और नवाचार को बढ़ाने के प्रावधान के साथ युवाओं को मदद करने से जुड़े उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने ठीक ही कहा कि भारत के तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए यह स्वर्ण युग होगा। सरकार 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कोष स्थापित करेगी। यह निजी कंपनियों को अनुसंधान और नवाचार का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। स्वच्छ और हरित विकास पर भी विशेष ध्यान देना भी बड़ी उपलब्धि है। रूफ टॉप सोलर योजना से एक करोड़ परिवारों को नि:शुल्क बिजली मिलेगी। इससे भी बड़ी बात यह है कि लोग ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर 20,000 रुपए तक की धनराशि अर्जित करेंगे। यह उद्यमिता के लिए अवसर भी प्रदान करेगा। कई मायने में, पीएम मोदी ने सूर्योदय के युग की शुरुआत की है। यह बजट एक मजबूत,आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से परिपूर्ण राष्ट्र 'विकसित भारत 2047' की आधारशिला रखता है।

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जयपुर। विधानसभा चुनावों में कई बार से निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतकर अपना दमखम दिखा रहे हों लेकिन लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की राह आसान नहीं है। लोकसभा चुनाव में भी अधिकांश सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाते हैं, पर विधानसभा की तरह लोकसभा उन्हें जीत हासिल नहीं हो पाती है। हालांकि राजस्थान में भी 1952 से अब तक कई ऐसे मौके आए हैं जब निर्दलीय प्रत्याशी भी लोकसभा के सांसद चुने गए हैं। प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों की बात करें तो यहां सीधा मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच ही रहता आया है। हालांकि 2019 में भाजपा के समर्थन से हनुमान बेनीवाल रालोपा के बैनर तले लोकसभा सांसद चुने गए थे।

अब तक 12 ही निर्दलीय सांसद बने
प्रदेश में 1952 से लेकर 2019 तक हुए लोकसभा चुनाव में केवल 12 ही निर्दलीय प्रत्याशी लोकसभा सांसद चुने गए हैं। जिन सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी लोकसभा सांसद चुने गए हैं उनमें बीकानेर, जयपुर, दौसा, नागौर, जोधपुर, अलवर, भरतपुर, पाली और जालोर सीटें हैं। निर्दलीय प्रत्याशी को अंतिम बार जीत 2009 के लोकसभा चुनाव में मिली जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और मौजूदा कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा दौसा से निर्दलीय चुनाव जीते थे।

पहले आम चुनाव में 5 निर्दलीय सांसद
1952 में हुए पहले आम चुनाव में करणी सिंह बीकानेर, जसवंत राज मेहता जोधपुर, गिरिराज सिंह भरतपुर, भवानी सिंह जालोर और जनरल अजीत सिंह पाली से निर्दलीय लोकसभा सांसद चुने गए थे।

करण सिंह पांच बार निर्दलीय सांसद
बीकानेर राज परिवार के पूर्व करणी सिंह पांच बार बीकानेर से निर्दलीय सांसद रहे हैं। वे 1952 से लेकर 1971 तक लगातार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

बूटा सिंह भी निर्दलीय सांसद रहे
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे बूटा सिंह भी 1998 में टिकट कटने के बाद बागी होकर जालोर से निर्दलीय चुनाव लड़े और सांसद चुने गए थे।

अब तक ये चुने गए निर्दलीय सांसद

नाम--------------------- वर्ष-------- लोकसभा सीट
-करणी सिंह-------- 1952 से 1971--- बीकानेर
-हरिश्चंद्र शर्मा---------- 1957-------- जयपुर
-जीडी सोमानी--------- 1957-------- नागौर
-जसवंत राज मेहता---- 1952------- जोधपुर
-कृष्णा कुमारी-------- 1971------- जोधपुर
-काशीराम गुप्ता------ 1962------- अलवर
-गिरिराज सिंह------- 1952-------- भरतपुर
- जनरल अजीत सिंह-- 1952------- पाली
भवानी सिंह---------- 1952------ जालौर
-बूटा सिंह---------- 1998------- जालौर
- किरोड़ी लाल मीणा--2009------दौसा

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जयपुर। केंद्र में ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत भरतपुर-धौलपुर के जाट समाज के प्रतिनिधि मंडल की मंगलवार सरकार से वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बुधवार को दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक जाम करने का फैसला फिलहाल स्थगित कर दिया है। सरकार ने तीन दिन के भीतर केंद्र से इस संबंध में वार्ता कराने का आश्वासन समिति को दिया है। ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर-धौलपुर के जाट समाज के लोग पिछले 21 दिनों से जयचोली गांव में पड़ाव डाले हुए हैं। रेलवे ट्रैक जाम करने का फैसला स्थगित करने की घोषणा समिति के अध्यक्ष नेम सिंह फौजदार ने की।


सरकार की ओर से वार्ता कर रहे मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जाट समाज की मांगों को लेकर भजन लाल सरकार गंभीर है। राज्य सरकार तीन दिन के भीतर संघर्ष समिति प्रतिनिधिमंडल की केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों से वार्ता कराएगी और उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। चौधरी ने कहा कि भजन लाल सरकार भी केंद्र सरकार के सामने इस मामले को लेकर मजबूत पैरवी करेगी और जाट समाज को उनका दिलाया जाएगा।

सकारात्मक रही वार्ता
प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नेम सिंह फौजदार ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता सकारात्मक रही है। केंद्र सरकार से वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया है तब तक के लिए रेलवे ट्रेक जाम करने का फैसला स्थगित किया गया है। इससे पहले मंगलवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रमुख अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर चला। इससे पहले बीते माह भी प्रतिदिन मंडल की जयपुर में सरकार से वार्ता हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।

ये हैं प्रमुख तीन मांगें
केंद्र सरकार में भरतपुर-धौलपुर के जाट समाज को ओबीसी में आरक्षण दिया जाएगा।
-56 युवाओं को चयन के बावजूद शारीरिक शिक्षक समेत अन्य पदों पर नियुक्ति नहीं मिली है, उन्हें नियुक्ति दी जाए
-वर्ष 2017 के आंदोलन के दौरान समाज के युवाओं और लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लिए जाएं।

वीडियो देखेंः- Bhajan Lal Sharma CM: सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला| मंत्रियों को नहीं मिलेंगे पसंद के अधिकारी |

Government To Sell Rice At Rs 29 per KG In Jaipur : जनता को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बेहद सस्ते दाम पर बेहतरीन क्वालिटी के चावलों को बाजार में उतारा है। खुदरा बाजार में सरकार 29 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल को बेचना शुरू कर दिया है। जयपुर में इन चावलों की बिक्री की शुरुआत 22 गौदाम स्थित नेहरू सहकार भवन से शुरू कर दी गई है। इसके अलावा इन चावलों की बिक्री राजधानी के विभिन्न इलाकों में वैन के जरिए बुधवार से की जाएगी। केंद्र सरकार के इस कदम से चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। चावल 5 और 10 किलो के पैक में उपलब्ध हैं।

उल्लेखनीय है पिछले एक साल में चावल की कीमतें खुदरा बाजार में 14.5 फीसदी और थोक बाजार में 15.5 फीसदी बढ़ी हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 10 किलो ही चावल दिए जाएंगे। चावल को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी बेचने पर विचार कर रही है सरकार। वहीं, सरकार पहले से ही आटा 27.50 रुपए प्रति किलोग्राम और दाल (चना) 60 रुपए प्रति किलोग्राम पर बेच रही है।

इन जगहों पर खड़ी होंगी वैन
जयपुर में नेहरू सहकार भवन के अलावा इन चावलों की बिक्री विभिन्न इलाकों में वैन के जरिए की जाएगी। वैन झोटवाड़ा, आरपीए, शास्त्री नगर, निवारू, मालवीय नगर, मानसरोवर, सोडाला, कनकपुरा सहित विभिन्न जगहों पर खड़ी होगी। इन इलाकों में वैन सुबह 11 से शाम 6 बजे तक खड़ी रहेंगी। इस दौरान यह इन इलाकों में घूमती भी रहेंगी।

जयपुर।श्याम नगर थाना पुलिस ने मंगलवार को तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया हैं। पकड़े गए आरोपी पर्ची सट्टे के जरिए राह चलते लोगों को रुपए दुगने करने का झांसा देकर अंगूठी दांव पर लगवाकर ठगी करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने की अंगूठी बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ पूर्व में जयपुर शहर के अलग अलग थानों में 21 प्रकरण दर्ज है।
डीसीपी (दक्षिण) योगेश गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रमेश नायक, जगमोहन और राम गोस्वामी शास्त्री नगर का रहने वाला हैं। आरोपी वाहन से जयपुर शहर में घूमते है और रोड पर तीनों आरोपी अलग अलग जगह खड़े हो जाते है। रमेश नायक स्कूटी के उपर सट्टे की पर्चियां रखकर खड़ा रहता है। यह पर्चियां आरोपी पहले से ही स्वयं बनाकर लिफाफे में पैक करके रखते है। जब कोई व्यक्ति अकेला आता है तो उसे आवाज देकर अपने पास बुलाते है और रुपए डबल करने का झांसा देकर दांव लगाने की कहते है। इसी दौरान आस-पास खड़े अन्य आरोपी राम गोस्वामी और जगमोहन नायक भी रमेश नायक के पास आ जाते है और रुपए दांव पर लगाकर पर्ची निकालते है। अन्य आरोपियों द्वारा अंक बताने वाली पर्ची निकलने पर रमेश नायक उनको डबल रुपए दे देता है। इससे लोग झांसे में आ जाते है और रुपए दांव पर लगा देते है। रुपए नहीं होने पर हाथ में पहनी हुई सोने की अंगूठी को दांव पर लगाकर पर्ची निकलवाते है। जिसमें व्यक्ति द्वारा बताया हुआ अंक नही होने पर अंगूठी हारने की कहकर अंगूठी लेकर चले जाते है।

ठगी की अंगूठी रखकर फाइनेंस कंपनी से लेते है लोन
आरोपी ठगी गई अंगूठी को अपने नाम से मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन प्राप्त कर लेते है। और लोन से प्राप्त रुपयों के आपस में बांट लेते है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने जयपुर के सांगानेर, प्रताप नगर, सोडाला, शास्त्री नगर और वैशाली नगर में आठ वारदात की हैं।

राजधानी में एटीएम हैक कर कस्टमर केयर पर बात करने का झांसा देकर खाते से रुपए निकालने वाली गैंग सक्रिय है। चित्रकूट थाने में गैंग के खिलाफ अलग-अलग लोगों ने तीन प्रकरण दर्ज करवाए हैं। पुलिस ने बताया कि पहला मामला हनुमान वाटिका निवासी निधी दुबे ने दर्ज करवाया। परिवादिया ने बताया कि 4 फरवरी को पति के साथ अजमेर रोड पर प्रिंस रोड स्थित आईसीआईसीआई एटीएम पर रुपए निकलवाने गई। कार्ड मशीन में लगाया तो वह अंदर ही रह गया। करीब पन्द्रह मिनट बाद कार्ड को बाहर निकाला जा सका। रुपए भी नहीं निकले, तभी वहां खड़े दो युवकों ने कस्टमर केयर पर फोन कर शिकायत करने के लिए कहा। परिवादिया ने युवकों द्वारा बताए नंबर पर शिकायत की तो उसे बताया गया कि रात 12 बजे एटीएम ब्लॉक हो जाएगा। रात 12 बजे बाद चार बार में कुल 93500 रुपए बैंक खाते से निकाल लिए।

इसी प्रकार इनके रुपए निकाले


विद्युत नगर स्थित विमल निकुंज निवासी अभय कुमार शर्मा ने चित्रकूट थाने में मामला दर्ज करवाया। परिवादी ने बताया कि 4 फरवरी को आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम पर रुपए निकालने गया। वहां पर डेबिट कार्ड मशीन में चला गया। पैसे भी नहीं निकले। वहां पर एक नोटिस चस्पा था, जिस पर कस्टमर केयर का नंबर लिखा था। उक्त नंबर पर बात की तो सामने वाले ने बताया, वैसे किया तो कार्ड तो निकल गया। परिवादी को कहा कि रात 12 बजे कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। बाद में रात को चार बार में बैंक खाते से 60 हजार रुपए निकल गए। इसी प्रकार जालसाजों ने विद्युत नगर स्थित कृष्णा पथ निवासी अनिल कुमार पंवार के बैंक खाते से 80 हजार रुपए निकाल लिए।

Tanzim Morani Breaks Fast : महीने सरकारी स्कूलों में छात्राओं द्वारा हिजाब पहनकर आने पर भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य के आपत्ति करने के बाद राजस्थान में शैक्षणिक सस्थानों में हिजाब पर पाबंदी लगाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी सरकारी स्कूलों में डे्रस कोड को सख्ती से जारी करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म तय है। जो स्टूडेंट और शिक्षक डे्रस कोड का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, हिजाब पर बैन को लेकर राजधानी जयपुर के शिप्रा पथ थाने के सामने अपने पिता के साथ एक फरवरी से अनशन पर बैठी तंजीम मोरानी ने अनशन तोड़ दिया है। मोरानी ने शिक्षा मंत्री दिलावर से हिजाब पर बैन लगाने को लेकर मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। दिलावर ने सोमवार को ज्यूस पिलाकर तंजीम का अनशन तुड़वाया। इस दौरान विधायक गोपाल शर्मा भी दिलावर के साथ मौजूद थे।

शिक्षा मंत्री ने लिखित में दिया आश्वासन
कश्मीर के लाल चौक में झंठा फहराने के बाद तिरंगा गर्ल के नाम से मशहूर तंजीम ने अनशन तोडऩे के बाद कहा कि शिक्षा मंत्री ने शिक्षण संस्थानों में पूर्ण रूप से हिजाब पर बैन लगाने के लिए लिखित में आश्वासन दिया है। मोरानी ने कहा कि अब मैं हिजाब पर बैन की मांग उठाने के लिए दूसरे राज्यों में जाऊंगी। वहीं, शिक्षा मंत्री का कहना था कि मैं मोरानी और अन्य लोगों को बताना चाहूंगा कि स्कूलों में ड्रेस कोड से संबंधित नियम पहले ही लागू किए जा चुके हैं।

जानें कौन हैं तंजीम मौरानी
गुजरात की रहने वाली तंजीम एक फरवरी से शिप्रापथ थाने के सामने स्कूलों में हिजाब पर बैन लगाने के लिए अपने पिता के साथ अनशन पर बैठी हुई थी। तंजीब मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। वह कश्मीर के लाल चौक पर भी झंडा फहरा चुकी है। हिजाब के खिलाफ आवाज उठाने के चलते तंजीब और उसके पिता को समुदाय के लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा। कई बार उनके खिलाफ फतवे भी जारी हो चुके हैं। यहीं नहीं, पिता-पुत्री को जान से मारने क ी धमकी भी मिल चुकी है।

Patrika Hum Saath Hain campaign : पत्रिका के 'हम साथ हैं' अभियान से प्रेरणा लेकर गौसे आजम फाउंडेशन (जीएएफ) की ओर से झोटवाड़ा स्थित बरकत कॉलोनी चौराहे पर कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान यतीमों, विधवाओं समेत अन्य जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सैफुल्लाह खां अस्दकी ने पत्रिका के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करने से खुदा खुश होता है। रईस खान ने बताया कि हमारा संगठन सभी जाति-धर्म के लोगों की सेवा करने में जुटा हुआ है।

जीएएफ की चीफ ट्रस्टी सबीहा सैफुल्लाह ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करने से जो संतुष्टि मिलती है वो अनमोल है। यह रहे कार्यक्रम में मौजूद इस दौरान फाउंडेशन के महासचिव मोहम्मद ओसामा सैफुल्लाह, राजू दुलारिया, सुवा लाल, मोहम्मद रफीक पेहल, इमरान मंसूरी, आरिफ गौरी, रामकरण, मुकेश भाकरीवाल, नुमान रजा, मुराद खान, रफीक चौहान, अतीकुर्रहमान, असलम खान जैनाण, विपिन कुमार, शोभा चौहान, सुनीता कुमारी, विनीता कुमारी, उल्फत बानो, तोहफन बानो, और जुबैदा बानो समेत अन्य मौजूद रहे।

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