>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
राजस्थान में ACB-ED का बड़ा एक्शन, करोड़ों की संपत्ति के मालिक निकले RPSC के पूर्व सदस्य, अफसर और डॉक्टर Thursday 14 March 2024 03:14 AM UTC+00 जयपुर। राजस्थान में बुधवार को जहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक डॉक्टर और एक आबकारी अधिकारी के घर व कार्यालयों की तलाशी ली। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमें राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा व उसके बेटे के घर पर पहुंची। आय से अधिक संपत्ति के मामले में डॉक्टर और आबकारी अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक निकले। एसीबी की टीमें संपत्तियों के जब्त दस्तावेज का आकलन कर रही हैं। उधर, ईडी ने कटारा की आठ संपत्तियों को सीज किया है, जो करोड़ों रुपए की हैं। करोड़ों रुपए की आवासीय व कृषि भूमि के 10 दस्तावेज जब्त
महुवा में चिकित्सक के ठिकानों पर ली तलाशी
यह भी पढ़ें : Rajasthan SI Paper Leak : बेरोजगारों से खिलवाड़ करने वालों के चेहरे पर शिकन तक नहीं, भाई-बहन ने हंसते हुए खिंचाई फोटो
पूर्व आरपीएससी सदस्य कटारा व उसके बेटे की संपत्तियां सीजइधर, आरपीएससी पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बुधवार को डूंगरपुर पहुंची। टीम ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा समेत उनके बेटे की संपत्तियों को अटैच करते हुए सीज किया। ईडी की टीम में 3 से 4 अधिकारी शामिल थे। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से पेपरलीक प्रकरण के आरोपी बाबूलाल कटारा और उसके बेटे दीपेश कटारा की संपत्ति की डिटेल लिस्ट जुटाई। इसके बाद टीम ठिकानों पर पहुंची। ईडी के अधिकारी अस्पताल रोड पर एक भूखंड पर पहुंचे। जहां 1330 वर्ग फीट के वाणिज्यिक भूखंड पर संपत्ति सीज का बोर्ड लगाया। इसके बाद टीम मालपुर में 3 बीघा 3 बिस्वा, 16 बिस्वा और मालपुर में ही 0.2 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीज किया। भाटपुर में एक बीघा 12 बिस्वा कृषि भूमि समेत उसकी पांच प्रॉपर्टी को भी सीज करने की कार्रवाई की गई है। जिनकी बाजार की कीमत करोडों में बताई जा रही है। आरपीएससी पेपरलीक प्रकरण में 9 महीने पहले बाबूलाल कटारा को अजमेर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके भांजे विजय डामोर और ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया था।
आरपीएससी सदस्य डॉ. मंजू शर्मा से दो घंटे तक पूछताछराजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. मंजू शर्मा के एसीबी की जयपुर टीम ने बुधवार को अजमेर में बयान दर्ज किए। आयोग में उनके कक्ष में करीब दो घंटे तक चली पूछताछ में मंजू शर्मा से घूमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत के अधिशाषी अधिकारी(ईओ) घूसकांड प्रकरण से जुड़े सवालों के जवाब मांगे। जानकारी अनुसार डॉ. शर्मा ने एसीबी की ओर से प्रकरण से जुड़े तमाम सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। मंगलवार दोपहर आयोग सदस्य डॉ. संगीता आर्य से भी पूछताछ की गई थी। पड़ताल में सामने आया कि प्रकरण में एसीबी की ओर चार्जशीट पेश की जा चुकी है। चार्जशीट में आयोग सदस्य डॉ. संगीता आर्य व डॉ. मंजु शर्मा का नाम नहीं है लेकिन कोर्ट ने एसीबी को प्रकरण में लोक सेवक की लिप्तता की जांच के आदेश दिए है। कोर्ट के आदेश पर एसीबी ने प्रकरण में पुन: अनुसंधान शुरू किया है।आवश्यकता पर एसीबी पूरक चार्जशीट पेश कर सकती है। शर्मा को 2020 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आरपीएससी सदस्य बनाया। वह आयोग सदस्य बनने से पहले भरतपुर के एम.एस.जे राजकीय कॉलेज में व्याख्याता के पद पर थी। यह भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में फिर फेरबदल, 7 IPS का तबादला, पांच जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले |
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajasthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
